देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम की यात्रा मार्ग पर जहां लाखों श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन के लिए कठिन चढ़ाई चढ़ते हैं, वहीं एक अलग ही कारोबार फल-फूल रहा है। शराब माफिया ने केदार घाटी के ठेकों को अपना अड्डा बना लिया है। यहां सरकारी दरों से कई ज्यादा ओवर रेटिंग हो रही है, जबकि कई जगहों पर अवैध शराब की खुली सप्लाई चल रही है।
स्थानीय यात्रियों, दुकानदारों और कुछ श्रद्धालुओं की शिकायतों के अनुसार:
– विजय नगर, काकड़ा गाड़ और ऊखीमठ के आसपास स्थित अधिकांश शराब ठेकों में एक बोतल व्हिस्की या बीयर की कीमत MRP से कई ज्यादा वसूली जा रही है।
– कई ठेकेदार बिना बिल के नकद में शराब बेच रहे हैं और घटिया शराब की सप्लाई भी कर रहे हैं।
– पर्यटक सीजन में मांग बढ़ने का फायदा उठाकर माफिया काला बाजारी कर रहे हैं, जबकि गरीब घोड़े-खच्चर वाले और स्थानीय मजदूरों को भी इस लूट का सामना करना पड़ रहा है।
एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां ठेके वाले कहते हैं कि यात्रा का सीजन है, माल ढोकर लाना पड़ता है, इसलिए रेट ज्यादा हैं ।लेकिन असल में यह सब माफिया और कुछ ठेकेदारों, अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है। पुलिस दिखावे के लिए कभी-कभी छापेमारी करती है, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे सोए हुए हैं।
हाल के महीनों में रुद्रप्रयाग पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के कई मामले पकड़े हैं – नेपाली मूल के तस्करों से बोतलें बरामद हुईं, गौरीकुंड में दो नेपाली गिरफ्तार हुए, लेकिन लाइसेंस प्राप्त ठेकों में हो रही ओवर रेटिंग और और अवैध सप्लाई पर कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
उत्तराखंड सरकार ने 2025 में नई आबकारी नीति लागू की, जिसमें धार्मिक स्थलों के आसपास शराब बिक्री पर रोक और ओवर-रेटिंग पर लाइसेंस रद्द करने जैसे प्रावधान हैं, लेकिन केदार घाटी में इन नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
सवाल यह है:
– आबकारी विभाग के अफसरों की नींद कब खुलेगी?
– क्या केदारनाथ यात्रा सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए है या शराब माफिया के लिए भी सुनहरा अवसर ?
– मुख्यमंत्री धामी जी का “नशा मुक्त देवभूमि” का संकल्प यहां कितना लागू हो रहा है?
पुलिस को समय समय पर शराब के ठेकों में काम कर रहे लोगों का सत्यापन भी करना चाहिए, आम आदमी इनसे उलझना नहीं चाहता। कई बार इनसे ओवर रेट पर सवाल करने पर ये हाथापाई करने पर उतर जाते हैं। पूरी केदार घाटी में शराब माफिया का ये खेल केदार घाटी की पवित्रता को धूमिल कर रहा है।
स्थानीय लोग और श्रद्धालु अब तत्काल जांच, ठेकों की कीमतों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो केदार घाटी की पवित्रता पर शराब माफिया की काली छाया और गहराती जाएगी। देवभूमि की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को बचाने की जिम्मेदारी अब प्रशासन पर है।










