उत्तराखंड में 35 विद्यालय होंगे इंटर स्तर पर उच्चीकृत, रुद्रप्रयाग के तीन स्कूल शामिल
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 35 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत करने की मंजूरी दी है। इनमें रुद्रप्रयाग जिले के तीन विद्यालय शामिल हैं। शासन की इस मंजूरी से पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने आसपास ही 12वीं तक की शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के दो और रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के एक विद्यालय का उच्चीकरण किया जाएगा। केदारनाथ क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाड़व और शहीद राजेन्द्र सिंह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालीमठ को इंटर स्तर पर उच्चीकृत करने की स्वीकृति मिली है। वहीं रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरोड़ा को भी इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया जाएगा।
ग्रामीण विद्यार्थियों को सबसे बड़ा लाभ
पहाड़ी क्षेत्रों में हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अक्सर दूर-दराज के विद्यालयों या कस्बों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में इन विद्यालयों का उच्चीकरण होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अपने क्षेत्र के नजदीक ही कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।
यह फैसला केवल विद्यालयों के स्तर में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होने और विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई छोड़ने की संभावनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रदेश के 35 विद्यालयों को मिली मंजूरी
शासनादेश के अनुसार उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के कुल 35 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटर स्तर पर उच्चीकृत करने की स्वीकृति दी गई है। इनमें रुद्रप्रयाग के तीन विद्यालय शामिल हैं। यानी प्रदेश स्तर पर होने वाले इस बड़े फैसले में रुद्रप्रयाग की हिस्सेदारी तीन विद्यालयों की
शिक्षा विभाग की व्यवस्था के तहत विद्यालयों तक पहुंच बढ़ाना और माध्यमिक स्तर पर विद्यालयों को सुदृढ़ करना शिक्षा की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की शिक्षा संबंधी जानकारी में भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट विद्यालयों की पहुंच तथा विद्यालय सुदृढ़ीकरण को प्रमुख उद्देश्यों में रखा गया है। �
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**इस फैसले के बाद बाड़व, कालीमठ और किरोड़ा क्षेत्र के बच्चों के लिए 12वीं तक की शिक्षा का रास्ता स्थानीय स्तर पर और आसान होने की उम्मीद है।









