विधानसभा में 228 पदों पर बैकडोर से हुई भर्तियों में कुछ वक्त पहले खूब बवाल हुआ था ,विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एसआईटी का गठन किए जाने के बाद इन सभी पदों को निरस्त कर दिया गया था ,
जिसके बाद नौकरी से हाथ गवाने वाले लोगों द्वारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया , हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इन नियुक्तियों के पक्ष में फैसला सुनाया लेकिन डबल बेंच ने एक बार फिर से उन्हे निरस्त कर दिया ,जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी हाई कोर्ट के इस फैसले पर एसएलपी दाखिल की गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी तदर्थ कर्मियों को करारा झटका दिया है , इन सभी तदर्थ कर्मियों की नियुक्ति 2016 से 2021 के बीच हुई थी










