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Friday, March 27, 2026


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केदारनाथ पैदल मार्ग हुआ दुरुस्त, तीर्थ यात्रियों ने जताया मुख्यमंत्री धामी का आभार।

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*15 दिन बाद पैदल आवाजाही कर केदारनाथ धाम पहुंचे यूपी, गुजरात और हरियाणा के तीर्थ यात्री,*

*31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग त्रासदी के कारण हो गया था बंद,*

*260 मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद बनाया गया पैदल मार्ग,*

*आपदा से 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था 19 किलोमीटर पैदल मार्ग,*

केदारनाथ पैदल मार्ग को मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद दुरुस्त कर लिया गया गया, जिससे 15 दिन बाद पैदल चलकर यूपी, गुजरात और हरियाणा से कुछ तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। 260 मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद पैदल मार्ग को बनाया गया है। वहीं प्रशासन से मिल रहे सहयोग पर केदारनाथ धाम पहुंच रहे तीर्थ यात्रियों ने आभार जताया है।

बता दें कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई त्रासदी के कारण जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद सबसे पहली प्राथमिकता के तहत पैदल मार्ग से तीर्थ यात्राओं को सुरक्षित निकाला गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और डीएम सौरभ गहरवार के नेतृत्व में चले रेस्क्यू अभियान में हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता को हेली सेवा के साथ पैदल आवाजाही से उनकी जान को बचाया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग को तेजी के साथ दुरुस्त करने की चुनौती थी। इस चुनौती को भी जिला प्रशासन ने पार पा लिया है।

आपदा से 19 किलोमीटर पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। तेजी से काम होने के चलते अब पैदल मार्ग के एक-दो जगहों पर ही परेशानी बनी है, जहाँ पर सुरक्षा जवान तीर्थ यात्रियों को रास्ता पार करवा रहे हैं। ऐसे में पैदल चलकर धाम पहुंच रहे देश के विभिन्न राज्यों के भक्तों में भी ख़ुशी देखने को मिल रही है। केदारनाथ धाम पहुंचे तीर्थ यात्रियों ने कहा कि पैदल मार्ग दुरुस्त हो गया है, लेकिन एक-दो स्थानों पर अभी भी दिक्कत है। जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग की ओर से अच्छी व्यवस्थाएं मिल रही हैं।


अब तक 10 लाख 93 हजार 632 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इन दिनों 150 से 200 के करीब तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। हेली सेवाओं के साथ ही पैदल चलकर भी बाबा के भक्त धाम पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैदल मार्ग के डेंजर वाली जगहों पर सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं, जो भक्तों को सुरक्षित यात्रा करवा रहे हैं।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द पैदल मार्ग को और अधिक दुरुस्त किया जाए, जिससे ज्यादा संख्या में भक्त बाबा केदारनाथ के धाम पहुंच सके। पैदल मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में लोनिवि गुप्तकाशी के मजदूर मार्ग का ट्रीटमेंट करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग – गौरीकुण्ड राजमार्ग को भी दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। यहां भी जल्द ही वाहनों की आवाजाही आई शुरू हो जाएगी। एनएच विभाग की मशीने और मजदूर रात दिन राजमार्ग को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।

लिनचोली रेस्क्यू में 3 और शब मिले, अब तक केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से 6 शब बरामद हो चुके।

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर 15 अगस्त देर सायं लिंचौली में सर्च अभियान के दौरान खोज कर रही टीम को तीन शव मिले हैं। एनडीआरफ के जवानों ने मलबे से शवों को बरामद किया है। आज शुक्रवार को शवों की शिनाख्त होने की उम्मीद है। जबकि इसके बाद पंचनामा भरते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया जाएगा।

बीती 31 जुलाई को केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से हजारों यात्री विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे। रेस्क्यू के दौरान पैदल मार्ग से केदारनाथ तक 12 हजार 900 से अधिक यात्री और स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया गया था। साथ ही तीन शव भी बरामद किए गए थे। अब, 15 दिन बाद लिंचौली में मलबे से तीन और शव बरामद हुए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि तीन शव देर शाम को बरामद हुए थे। आज शुक्रवार को शवों को लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संभावना जताई कि क्षेत्र में अभी और शव मिल सकते हैं।

लैंसडौन-जयहरीखाल मोटर मार्ग में पर कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी , कार चालक की हुई मौत।

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अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार! कार चालक की हुई मौत।

कोटद्वार (उत्तराखंड)-16 अगस्त

लैंसडौन-जयहरीखाल मोटर मार्ग में झारापानी के निकट एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना में कार चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई।

गुरूवार की शाम करीब पांच बजे हरेंद्र सिंह असवाल पुत्र मेहरबान सिंह निवासी ग्राम लिंगवाणा ऑल्टो कार से जयहरीखाल से लैंसडौन के लिए रवाना हुए। झारापानी के निकट कार अनियंत्रित होकर सो मीटर खाई में गिर गई।

कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद अकरम ने बताया की दुर्घटना के दौरान हरेंद्र सिंह के साथ उनकी पत्नी किरण असवाल भी सवार थीं। दोनों को ग्रमाीणों व पुलिस की मदद से लैंसडौन कैंट चिकित्सालय भर्ती करवाया गया।

उपचार के दौरान हरेंद्र सिंह को गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई है। जबकि पत्नी किरण असवाल को हल्की चोट आई है। पुलिस की ओर से मृतक का स्वजनों की मौजूदगी में पंचनामा भर पीएम के लिए शव को कोटद्वार के बेस अस्पताल में भेज दिया गया है

उत्तराखण्ड में आयुष्मान योजना से हटाये गए 27 हॉस्पिटल,इन सभी 27 अस्पतालों को इस संबंध में जारी किया नोटिस।

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उत्तराखंड (देहरादून) ।।राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रेडियोलॉजी यूनिट स्टोर में लगी आग के बाद स्वास्थ्य प्राधिकरण एक्टिव हो गया है। मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड 27 ऐसे अस्पताल, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है उनको नोटिस जारी किया है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ वीएस टोलिया ने इन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर आयुष्मान कार्ड पर नए मरीजों के इलाज पर रोक लगा दी है।

दरअसल, आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ के लिए इस योजना में 293 सरकारी और निजी अस्पताल रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इन सभी अस्पतालों में से कई अस्पताल ऐसे हैं जिनके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है. ऐसे में इन सभी अस्पतालों को स्वास्थ्य प्राधिकरण में नोटिस जारी करते हुए इन अस्पतालों के सूचीबद्धता को अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया है. स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 24 जुलाई को सूचीबद्ध अस्पतालों को पत्र भेजकर फायर एनओसी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके 27 अस्पतालों ने इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ाया, एनओसी जमा नहीं कराई है. ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 27 अस्पतालों की सूचीबद्धता को अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया है. राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ वीएस टोलिया ने बताया अस्पतालों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम होने चाहिए. ऐसे में जब तक ये 27 सूचीबद्ध अस्पताल फायर एनओसी जारी नहीं कर देते तब तक सूचीबद्धता को बहाल नहीं किया जाएगा।

इन अस्पतालों की सूचीबद्धता अस्थायी निरस्त:

➡️कृष्ण हास्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर, यूएसनगर।

➡️महाजन हास्पिटल, रुद्रपुर।

➡️महाराजा अग्रसेन चेरिटेबल हास्पिटल, रुद्रपुर

➡️ओजस हास्पिटल ज्वालापुर, हरिद्वार।

➡️चारधाम हास्पिटल, देहरादून।

➡️पेनासिया हास्पिटल धर्मपुर, देहरादून।

➡️श्रीराम आईकेयर एंड नर्सिंग होम, रुद्रपुर।

➡️स्पंदन हार्ट सेंटर, ऋषिकेश।

➡️स्पर्श हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा।

➡️देवकीनंद हास्पिटल, काशीपुर।

➡️डॉ. कोहली लेप्रोस्कोपिक मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल, ऋषिकेश।

➡️जोशी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेलाकुई।

➡️लाइफलाइन सुपर स्पेशियलिटी एंड केजीएन मेडिकल सेंटर, रानीपुर।

➡️पैगिया हास्पिटल, काशीपुर।

➡️पेनासिया हास्पिटल, ऋषिकेश।

➡️प्रज्ञा हास्पिटल एंड पेरामेडिकल कॉलेज, झबरेड़ा कस्बा।

➡️प्रयास हास्पिटल, खटीमा।

➡️सहोता सुपरस्पेशियलिटी एंड न्यूरो ट्रामा सेंटर, यूएसनगर।

➡️डॉ. केकेबीएम सुभारती अस्पताल, देहरादून।

➡️आनंद हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा।

➡️देवभूमि हास्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर, हरिद्वार।

➡️डॉ. टूरना सर्जिकल हास्पिटल, सितारगंज।

➡️गोविंद हास्पिटल, जोगीवाला।

➡️स्वास्तिक हास्पिटल , काशीपुर।

➡️तपन हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर खटीमा।

➡️नवीन आई हास्पिटल, रुड़की।

➡️नेत्रम आई केयर, देहरादून।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में किया ध्वजारोहण ।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना दी। उन्होंने देश की आजादी एवं मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले महानायकों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों के सपनों के अनुरूप देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। आज भारत समर्थ, समरस एवं शक्तिशाली भारत के रूप में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में हम सबको अपना योगदान देना है। उत्तराखंड इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जारी एसडीजी रिपोर्ट में उत्तराखण्ड ने सतत विकास लक्ष्यों की कसौटी पर खरा उतरते हुए पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

देर रात को श्रीनगर (श्रीकोट) में पानी के टैंकर ने महाराष्ट्र की पांच महिला यात्रियों को कुचला, दो की मौके पर ही मौत, तीन गम्भीर रूप से घायल।

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श्रीकोट।।

श्रीनगर के श्रीकोट क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हुआ है यहां एक वाटर टैंकर ने महाराष्ट्र की 5 महिलाओ को कुचल डाला इस हादसे में अब तक दो महिलाओ की मौत हो चुकी है जबकि 3 महिलाएं गंभीर रूप से घायल है घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने बताया की वाटर टैंकर ने पहले एक गाय को कुचला और फिर महिलाओ को कुचल डाला, इस हादसे में घायल 3 महिलाओ को बेस अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है टैंकर के नीचे दबी महिलाओ को स्थानीय लोगो ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला लेकिन इनमे एक महिला ने मौके पर ही दम तोड दिया जबकि दूसरी महिलाएं ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया जबकि तीन घायल महिलाओ को स्थानीय लोगो ने काफी मशक्कत के बाद टैंकर के नीचे से बाहर निकाला, जिनका उपचार बेस अस्पताल में डॉक्टर कर रहे हैं बताया जा रहा की सभी महिलाए बद्रीनाथ से दर्शन करने के बाद श्रीनगर में रुकी हुई थी कुछ देर सड़क किनारे बैठी महिलाओ को वाटर टैंकर ने कुचल डाला वहीं वाटर टैंकर चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया है बताया जा रहा है की टैंकर चालक के पास वाहन का इंश्योरेंस भी नही है।

देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता-मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब हम आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह घटना किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में सहयोगी बने हैं। देश विभाजन के समय हुई दर्दनाक हिंसक घटनाओं ने मानवता को ही शर्मसार नहीं किया बल्कि हिंसा का वह अमानवीय तांडव कभी न भरने वाला घाव दे गया, जिसकी टीस आज भी हमें महसूस होती है। यह दिवस हमारी भावी पीढ़ी को इतिहास की उस विभीषिका से परिचित कराता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पिछले वर्ष रूद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होने विभाजन का दंश झेलने वालों की स्मृति भी विभाजन विभीषिका स्मृति स्मारक बनाये जाने की घोषणा की थी जिस पर कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाजन की विभीषिका को इतिहास का काला अध्याय तथा दुनिया का सबसे बडा विभाजन बताते हुऐ कहा कि लाखों लोगों ने अपनी जान गवाकर विभाजन के साथ विस्थापना का दर्द झेला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947, 1971 के बाद आज फिर बांगलादेश की घटना लोगों के लिये पलायन के लिये मजबूर कर रही है। आज हम सबको बांगलादेश के हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की चिन्ता करनी है। किन्तु देश में छोटी छोटी घटनाओं पर विरोध करने तथा मानवाधिकार का रोना रोने वाले न जाने कहां खो गये हैं, वे सीन से ही गायब हो गये हैं। यह अवसर सजग और सतर्क रहने के साथ ऐसे ढोंगियों से सतर्क रहने का भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन का पीड़ा झेलने वालों ने अपनी प्रबल इच्छा शक्ति तथा कौशल के बल पर देश व प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय है। उन्होने दिखाया है कि प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर क्या कुछ नहीं किया जा सकता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका से संबंधित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति श्री विश्रवास डाबर, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, उद्यमी राकेश ओबेराय तथा अपने बचपन में विभाजन की विभीषिका का सामना करने वाले डॉ कुलदीप दत्त, तथा किशन लाल बिज ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल, श्री अनिल गोयल, श्री संतोश नागपाल, श्री डी.एस.मान, श्री नीरज कोहली सहित बडी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुडे लोग तथा समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

देश आजादी की 78 वर्षीय गांठ मनाने की तैयारी में वही उत्तराखंड का वीर सपूत कैप्टन दीपक सिंह के शहीद होने की खबर से परिवार जनों में कोहराम मचा हुआ है।

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डोडा में आतंकियों से मुठभेड़ में उत्तराखंड का एक और लाल शहीद
-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैप्टन दीपक की शहादत को किया नमन
-देहरादून में रेसकोर्स में रहता है कैप्टन दीपक का परिवार, पसरा मातम
देहरादून: जम्मू-कश्मीर के डोडा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी में उत्‍तराखंड का एक जवान बलिदान हो गया। वहीं, इस मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य भूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूत कैप्टन दीपक सिंह को नमन किया है। उन्होंने कहा कि माँ भारती की सेवा में उनका ये बलिदान सदैव युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार करता रहेगा। उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। कैप्टन दीपक का परिवार दून के रेसकोर्स में रहता है। कैप्टन दीपक 13 जून 2020 को सेना में कमीशन हुए थे। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दून लाया जाएगा। कैप्टन दीपक एक जांबाज अफसर के अलावा हाकी के भी शानदार खिलाड़ी थे। इधर, कैप्टन दीपक के शहीद होने की खबर मिलने के बाद से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है।

केदारनाथ धाम की यात्रा को जाने वाले क्षतिग्रत कुंड मोटर पुल का सुधारीकरण कार्य चल रहा है तीव्रगति से,वैकल्पिक यातायात के लिए वेलीब्रिज का किया जा रहा है निर्माण।

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रुद्रप्रयाग।।श्री केदारनाथ धाम यात्रा के मुख्य पड़ाव कुंड में मंदाकिनी नदी के तेज बहाव के चलते क्षतिग्रस्त हुए कंुड पुल के अबडमेंट आधार को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। पुल के आधार की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की एक पूरी इकाई प्रयास कर रही है। उधर, विकल्प के तौर पर बेली ब्रिज का प्रस्ताव भी तैयार कर इस पर भी कार्य शुरू कर दिया गया है।
मानसून सीजन में केदार घाटी में हो रही भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। नदी के लगातार तेज बहाव के चलते श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग के बेहद महत्वपूर्ण पुल कुंड के आधार को क्षति पहुंची है। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने स्थलीय निरीक्षण कर पुल की सुरक्षा के हर संभव प्रयास करने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग को दिए थे। इसी क्रम में अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह ने पुल के आधार को मजबूत करने के लिए कंक्रीट दीवार का निर्माण करने योजना तैयार की। मौके पर तैनात कनिष्ट अभियंता पुष्कर सिंह बिष्ट ने बताया कि दो दिनों में नदी के बहाव को पुल के आधार पर न्यूनतम करने के लिए बोल्डर एवं मिट्टी का सहारा लिया गया है। वहीं दूसरी ओर से पोकलैंड की सहायता से रास्ता तैयार कर आधार पर कंक्रीट की दीवार देकर पुल को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि गुरुवार तक कंक्रीट की दीवार देने का कार्य पूर्ण हो जाएगा नदी का बहाव अत्यधिक तेज न हुआ तो एक हफ्ते के भीतर पैदल यात्रियों के लिए पुल खोला जा सकता है।
वहीं विकल्प के तौर पर पुल से बैराज की ओर 10 मीटर की दूरी पर बेली ब्रिज स्थापित करने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। करीब 70 मीटर स्पाम का पुल तैयार होकर शुरू होने में एक महीने का समय लग सकता है। जिसके बाद इस मार्ग को यात्रियों एवं स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। तब तक लोगों को वैकल्पिक मार्गों से होकर ही जाना पड़ेगा।

 

मुख्यमंत्रीश्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ एम.ओ.यू.किए गए हस्ताक्षरित ।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किए गए। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सचिव शैलेश बगोली ने ब्रिटिश उच्चायोग से डिप्टी हाई कमिश्नर सुश्री कैरोलीन रौवेट के साथ चिवनिंग स्कॉलरशिप एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के गवर्नमेंट पार्टनरशिप हेड श्री संतोष अनंथपुरा के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के साथ ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के एम.ओ.यू. होने से राज्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित होगा। इससे राज्य के उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को नया अनुभव मिलेगा। यह राज्य को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर नई योजनाओं का संचालन कर रही है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के बाद युवा खाली न बैठें, इसके लिए अनेक कार्ययोजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास का प्रशिक्षण एवं सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के भी निशुल्क कोर्स चलाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ छात्रो को नवाचार से भी जोड़ा जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में संस्कार और नवाचार अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सतत रूप से राज्य के मानवीय संसाधनों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है और इस दिशा में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में 35 विश्वविद्यालय हैं। 5 लाख से अधिक विधार्थी राज्य में उच्च शिक्षा ग्रहण कर कर रहें हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों को टॉप रैंकिंग में लाने के लिए कार्य कर रही है। बच्चों के शैक्षिक स्तर को भी बढ़ाया जा रहा है। अगले वर्ष तक राज्य के पांच विश्वविद्यालय देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालय में शामिल हो, इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि चिवनिंग उत्तराखण्ड स्कॉलरशिप का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्र के गरीब मेधावी छात्रों को विशेष रूप से छात्राओं को वैश्विक अवसर प्रदान करते हुए उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय एवं शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत एवं चिवनिंग स्कॉलरशिप के लिए अर्हता धारित करने वाले 05 छात्रों को प्रतिवर्ष स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययन के लिए ब्रिटेन के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में भेजा जाएगा। इससे उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को न सिर्फ वैश्विक मापदण्डों के अनुसार कार्य करने का अनुभव होगा, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता का भी विकास होगा। इस स्कॉलरशिप के अंगर्तत अध्ययन हेतु चयनित छात्र-छात्राओं को ब्रिटेन में 01 वर्ष के अध्ययन के पश्चात अपने राज्य के विकास के लिए कार्य करना अनिवार्य होगा। इस प्रस्तावित सहयोग एवं समझौते के तहत इसका बराबर व्ययभार चिवनिंग एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

स्प्रिंगबोर्ड इंफोसिस अपने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर सी.एस.आर. के तहत शिक्षकों के लिए आई०टी० आधारित निशुल्क प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं छात्रों हेतु निशुल्क कोर्स उपलब्ध कराएगा। पाठ्यक्रमों का चयन एन.ई.पी. अंतर्गत ऐक्षिक कोर्स के रूप में भी किया जाएगा। इसका प्रयोग कर शिक्षक अपने संस्थान के छात्रों के लिए माइक्रोसाइट्स बना सकते हैं और विशेष रूप से चयनित सामग्री प्रदान कर सकते हैं। इसके माध्यम से छात्रों हेतु लेटेस्ट इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी के कोर्स सुलभ होंगे, जिनकी निरंतर मॉनीटरिंग और छात्र प्रगति को डैशबोर्ड के माध्यम से देखा जा सकता है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा श्री शैलेश बगौली, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अंजू अग्रवाल, उप निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ममता, सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉक्टर दीपक कुमार पांडे एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।