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Wednesday, June 24, 2026
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सतेराखाल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद

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जनपद रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा के दौरान अवैध मदिरा की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों तथा जिला आबकारी अधिकारी रमेश बंगवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी टीम ने सतेराखाल बाजार में बड़ी कार्रवाई की।

आबकारी निरीक्षक आनंद चौहान के नेतृत्व में टीम द्वारा सतेराखाल बाजार स्थित एक व्यक्ति के घर की नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर से 11 अध्दे और 49 पव्वे मैकडॉवल व्हिस्की अवैध रूप से बरामद की गई।

बरामद अवैध अंग्रेजी शराब के संबंध में आरोपी के विरुद्ध मौके पर ही आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस अभियान में उप आबकारी निरीक्षक मधुर कुमार, आबकारी सिपाही रीना प्रधान, किरण प्रधान, सुंदरलाल तथा चंद्रिका भी मौजूद रहे।

आबकारी निरीक्षक आनंद चौहान ने बताया कि जनपद में अवैध मदिरा के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए विभाग भविष्य में भी समय-समय पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।

 

नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में प्रशासन, पुलिस एवं सिख समुदाय के प्रबुद्ध जनों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण समाधान, निहंग सिख निकले पंजाब.

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नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में प्रशासन, पुलिस एवं सिख समुदाय के प्रबुद्ध जनों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण समाधान*

*सभी निहंग सिख यात्री सुरक्षित एवं शांतिपूर्वक अपने गंतव्य के लिए रवाना*

*श्री हेमकुंड साहिब यात्रा एवं चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील*

नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून 2026 को गुरुद्वारे के सेवादारों एवं वहां पहुंचे कुछ निहंग सिख यात्रियों के मध्य उत्पन्न हुए विवाद का समाधान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण ढंग से कर लिया गया है। सफल वार्ता एवं आपसी संवाद के उपरांत सभी निहंग सिख यात्री गुरुद्वारा परिसर से नीचे उतरकर शांतिपूर्वक अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं।

ज्ञातव्य है कि विवाद के उपरांत कुछ निहंग सिख यात्री गुरुद्वारे की छत पर चले गए थे तथा उन्होंने छत तक पहुंचने वाले मार्ग को बंद कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। इस दौरान आज पंजाब एवं पोंटा साहिब से आए सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मध्यस्थता करते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया, जिसके फलस्वरूप गतिरोध समाप्त हो गया।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन घटना के बाद से ही लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था तथा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर तैनात रहीं। उन्होंने बताया कि सफल संवाद के चलते कुछ निहंग यात्री पूर्व में ही नीचे आ गए थे, जबकि शेष यात्री आज वार्ता के बाद शांतिपूर्वक नीचे उतरकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच हेतु विस्तृत इंक्वायरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिससे विवाद के कारणों एवं परिस्थितियों का निष्पक्ष आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्री हेमकुंड साहिब यात्रा एवं चारधाम यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संचालित रखना है। उन्होंने आमजन से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन द्वारा निहंग सिख यात्रियों के साथ लगातार संवाद एवं समन्वय स्थापित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में तीन निहंग सिख यात्री नीचे आ गए थे, जबकि आज पंजाब से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मध्यस्थता किए जाने के बाद शेष यात्रियों ने भी शांतिपूर्वक नीचे उतरकर स्थान छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच की जाएगी तथा विवाद के कारणों एवं घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण करने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर पंजाब एवं पोंटा साहिब से आए प्रतिनिधिमंडल के बाबा गग्गड़ जी तथा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति नगरासू के सेवादार बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि सभी पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप विवाद का समाधान निकल आया। उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी निहंग सिख यात्री शांतिपूर्ण ढंग से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं।

जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि जनपद में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा एवं चारधाम यात्रा पूर्णतः सामान्य एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है। प्रशासन ने सभी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा अपुष्ट जानकारी को प्रसारित न करें।

 

नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा, सेवादार को बनाया बंधक, इंटरनेट बंद कर्णप्रयाग विवाद की आंच नगरासू पहुंची, गुरुद्वारे में 24 घंटे से गतिरोध जारी

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रुद्रप्रयाग। जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में बीते 24 घंटे से जारी गतिरोध गंभीर रूप ले चुका है। पंजाब से आए कुछ हथियारबंद निहंग सिंहों ने शनिवार शाम गुरुद्वारे में हंगामा शुरू करते हुए परिसर पर कब्जा जमा लिया और प्रबंधक/सेवादार को बंधक बना लिया। रविवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

🔸घटना कैसे शुरू हुई..

पुलिस के अनुसार, 16 जून को हेमकुंड साहिब में मत्था टेककर लौट रहे कुछ निहंग सिंहों का कर्णप्रयाग बाजार में वाहन पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया गया था। इस घटना में हुई “एकतरफा कार्रवाई” के विरोध में रविवार को धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था, जिसके लिए निहंगों ने नगरासू गुरुद्वारा प्रबंधन से सहयोग मांगा था। आरोप है कि अपेक्षित सहयोग न मिलने और प्रबंधन द्वारा कर्णप्रयाग मामले में आपत्ति दर्ज न करने से नाराज निहंगों ने शनिवार शाम गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया।

🔸तोड़फोड़, मारपीट और छत पर चढ़ाई…

बताया जा रहा है कि निहंगों ने सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की, गुरुद्वारे में लगे कुछ सूचना पट्ट हटा दिए और तोड़फोड़ की। इसके बाद वे प्रबंधक/सेवादार को साथ लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस के मुताबिक निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे पारंपरिक शस्त्र हैं। छत से कुछ पत्थर फेंके जाने की भी खबर है, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

🔸प्रशासन की कोशिशें, बातचीत बेअसर…

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, पीएसी और आईटीबीपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को घेर लिया। रविवार सुबह जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन निहंगों ने वार्ता से इनकार कर दिया। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर भी मौके पर स्थिति नियंत्रित करने में जुटी हैं। पुलिस-प्रशासन निहंगों को बाहर निकालने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी गतिरोध बरकरार है।

🔸एहतियाती कदम…

– नगरासू सहित रुद्रप्रयाग और श्रीनगर क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद, ताकि अफवाह न फैले
– चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील क्षेत्रों में BNSS धारा 163 लागू, जो 27 जून तक प्रभावी रहेगी — बिना अनुमति सभा, प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक
– अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और आईटीबीपी के जवान तैनात

आज की कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्ताव पर लगी मुहर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई। बैठक में शिक्षा, उपनल कर्मचारियों, चारधाम यात्रा, पर्यटन, कृषि, पशुपालन और कारागार विभाग समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले :
1. उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी।

2. उपनल कर्मचारियों के समान कार्य-समान वेतन की कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 की गई।

3. मिडिल ईस्ट संकट के चलते बढ़ी बिटुमेन कीमतों को लेकर पीडब्ल्यूडी के लिए व्यवस्था बनाने का फैसला।

4. उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का निर्णय, साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक।

5. आबकारी विभाग में होलोग्राम दोहराव की स्थिति में दोहरा कर नहीं लगेगा।

6. सेलाकुई स्थित सगंध एवं हर्बल केंद्र में मिलावट जांच सुविधा विकसित होगी, पांच पद स्वीकृत।

7. अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली आयोजन को मंजूरी।

8. उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन को स्वीकृति।

9. कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को मंजूरी।

10. राज्य आंदोलनकारियों एवं आश्रितों को भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन के लिए एक बार राहत।

11. चारधाम यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चरों के लिए 5 प्रतिशत बीमा सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

12. एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु गौवंश आधारित पायलट परियोजना को मंजूर..

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के प्रयासों से जखोली के पूर्वी बांगर क्षेत्र को मिली ₹4.02 करोड़ की सौगात

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रुद्रप्रयाग। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी के अथक प्रयासों से रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विकास खण्ड जखोली के सुदूरवर्ती पूर्वी बांगर क्षेत्र में “छेनागाड़-बक्शीर-खोड़ मोटर मार्ग” के अवशेष 4.75 किमी हिस्से के डामरीकरण हेतु राज्य योजना के अंतर्गत ₹4.02 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा इस सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही थी। कच्ची सड़क होने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन पूर्णतः बाधित हो जाता था, जिससे गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों एवं बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

सड़क डामरीकरण की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्वीकृति के उपरांत अब शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के बक्शीर, खोड़, डांगी, भुनालगांव सहित आसपास के गांवों को बारहमासी सड़क की सुविधा उपलब्ध होगी।

इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार पहाड़ के अंतिम गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। और इस दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

केदारनाथ त्रासदी की 13वीं बरसी: क्या हमने हिमालय की चेतावनी सुनी?

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— नरेश भट्ट
आज 17 जून है। ठीक 13 वर्ष पहले, 2013 की इसी तारीख ने उत्तराखंड के इतिहास पर एक ऐसा घाव छोड़ा, जो आज भी हरा है। केदारनाथ धाम की घाटी में आई भीषण आपदा ने न केवल हजारों जिंदगियाँ छीनीं, बल्कि यह भी उजागर कर दिया कि हिमालय जैसे संवेदनशील भू-भाग पर मानवीय लापरवाही कितनी घातक हो सकती है।
2013 की उस भयावह रात में अतिवृष्टि, अचानक आई बाढ़ और लगातार भूस्खलन ने मंदाकिनी घाटी को तबाही के सैलाब में बदल दिया। अनुमान है कि चार हजार से अधिक लोग—श्रद्धालु, स्थानीय निवासी, कर्मचारी—इस आपदा की भेंट चढ़ गए। सड़कों, पुलों, घरों, होटलों और संचार व्यवस्थाओं का ढांचा मिनटों में ढह गया। यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं थी; यह चेतावनी थी—विकास और आस्था के नाम पर प्रकृति की सीमाओं को लांघने की।
13 साल बाद आज केदारनाथ फिर से जीवंत है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, व्यवस्थाएं बेहतर दिखती हैं, मार्ग सुगम हुए हैं। लेकिन इसी के साथ यात्रियों की संख्या क्षमता से अधिक, और निर्माण गतिविधियों का दबाव भी लगातार बढ़ा है। कुछ वर्षों में जहां कुछ लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं अब यह संख्या दहाई लाख पार कर चुकी है। प्रश्न यह है—क्या यह वृद्धि पर्यावरणीय संतुलन के साथ हो रही है?
हिमालय भूगर्भीय रूप से युवा और अत्यंत संवेदनशील है। ढलानों पर भारी कंक्रीट, नदी-किनारे संरचनाएं, अनियंत्रित कटान और कचरा—ये सब मिलकर जोखिम को कई गुना बढ़ाते हैं। जलवायु परिवर्तन ने चुनौती और गंभीर कर दी है; अतिवृष्टि की तीव्रता और अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में यदि केदारनाथ धाम की वहन क्षमता (Carrying Capacity) वैज्ञानिक ढंग से तय नहीं की गई, तो अगली आपदा की पटकथा अनजाने में फिर लिखी जा सकती है।
यह भी याद रखना चाहिए कि आपदा प्रबंधन केवल आपदा के समय की कार्रवाई नहीं है। यह पूर्व चेतावनी प्रणाली, नदी-स्तर और मौसम निगरानी, सुरक्षित निकासी मार्ग, और स्थानीय समुदाय की भागीदारी का समन्वय है। 2013 ने सिखाया कि सूचना और तैयारी के अभाव में नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। आज तकनीक हमारे पास है—जरूरत है इच्छाशक्ति और नियमों के निष्पक्ष पालन की।
केदारनाथ आस्था का केंद्र है, पर आस्था का अर्थ प्रकृति से संघर्ष नहीं, सह-अस्तित्व है। विकास आवश्यक है, पर वह संवेदनशील, सीमित और टिकाऊ होना चाहिए। नियम सभी के लिए समान हों—चाहे वह छोटा स्थानीय निर्माण हो या बड़ा व्यावसायिक ढांचा। पारदर्शिता और जवाबदेही से ही विश्वास बनेगा।
13वीं बरसी पर श्रद्धांजलि केवल मौन से नहीं, संकल्प से दी जानी चाहिए—कि हिमालय की चेतावनी को अनसुना नहीं करेंगे। केदारनाथ को सुरक्षित रखना केवल एक धाम को बचाना नहीं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा है।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा फेम इंडिया मैगजीन की ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सूची में शामिल

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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, नवाचारपूर्ण कार्यशैली एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जनपद रुद्रप्रयाग एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। फेम इंडिया मैगजीन द्वारा जारी “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” की प्रतिष्ठित सूची में उन्हें देश के शीर्ष 50 उत्कृष्ट जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल जनपद रुद्रप्रयाग बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।

देशभर के लगभग 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों के कार्यों, प्रशासनिक दक्षता और प्रदर्शन के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर यह चयन किया गया है। फेम इंडिया ने एशिया पोस्ट सर्वे एजेंसी के साथ मिलकर विशेषज्ञों की राय, जमीनी रिपोर्ट, मीडिया विश्लेषण तथा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह निष्पक्ष सर्वेक्षण सम्पन्न किया।

सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता एवं नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता तथा विकासोन्मुख सोच जैसे दस प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। इन्हीं मानकों के आधार पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ‘कुशल प्रबंधक’ श्रेणी में प्रमुख स्थान प्रदान किया गया है।

जनपद रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी नियुक्त होने के बाद श्री मिश्रा ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, यात्रा प्रबंधन और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व हेलीपैड सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए तथा हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं लागू कीं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने स्थानीय महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की। केदारनाथ हेलीपैड क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के लिए विक्रय केंद्र स्थापित कर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया तथा तीर्थाटन से स्थानीय आजीविका को जोड़ने का अभिनव प्रयास किया।

अपने अब तक के कार्यकाल में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रशासनिक दक्षता, संवेदनशील नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और नवाचारपूर्ण सोच के माध्यम से जनसेवा की एक नई मिसाल स्थापित की है। उनकी यह उपलब्धि जनपद के प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणास्रोत होने के साथ-साथ प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

IAS डॉ. सौरभ गहरवार को मिली अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

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उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत, पूर्व जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग व टिहरी गढ़वाल और वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार को अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. गहरवार को यह जिम्मेदारी दिए जाने के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-

पूर्व पदस्थापना: इससे पूर्व वे प्रबंध निदेशक (MD) सिडकुल (SIDCUL) और महानिदेशक (DG) उद्योग के पद पर कार्यरत थे।

चिकित्सकीय पृष्ठभूमि: आईएएस बनने से पहले उन्होंने बीएचयू से एमबीबीएस (MBBS) और एम्स, दिल्ली से एमडी (MD Radio Diagnosis) किया है।

सेवाभाव: बतौर जिलाधिकारी रहते हुए भी वे अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके अक्सर अस्पतालों में मरीजों का मुफ्त अल्ट्रासाउंड व इलाज करने के लिए खासे चर्चित रहे हैं। उनकी यह नई नियुक्ति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में काफी अहम मानी जा रही है। आप इस तरह के और अधिक प्रशासनिक आदेश उत्तराखंड शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

ऊखीमठ नगर पेयजल योजना की स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री धामी एवं विधायक आशा नौटियाल का जताया आभार

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केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऊखीमठ नगर पंचायत-पिंगलापानी पेयजल योजना की 2578 लाख रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर नगर एवं क्षेत्रवासियों ने ख़ुशी व्यक्त की। ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना की स्वीकृति हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल का आभार व्यक्त किया। आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने कहा कि लंबे समय से ऊखीमठ नगर क्षेत्र को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है । इस योजना की स्वीकृति से न केवल नगर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए स्थायी समाधान भी सुनिश्चित हो सकेगा। इससे क्षेत्रवासियों को सुचारू एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित एवं विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ नगर पेयजल योजना की स्वीकृति क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति है, जो क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विधायक ने क्षेत्रवासियों द्वारा व्यक्त किए गए स्नेह, विश्वास एवं आभार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण के लिए उनका संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्रत्येक जनसमस्या के समाधान हेतु निरंतर प्रयास सतत जारी रहेंगे।
इस अवसर पर महिला आयोग सदस्य दर्शनी पंवार,मंडल अध्यक्ष दलवीर नेगी,सभासद बलबीर सिंह,पूजा देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत सिंह,प्रधान सुलेखा देवी,किसान मोर्चा अध्यक्ष संदीप पुष्पवान,दुर्गा देवी,देवेंद्र प्रसाद,योगेन्द्र नेगी,जगदीश लाल,चंद्रमोहन उखियाल,सोहन सिंह आदि थे।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रुद्रप्रयाग विधानसभा के आपदा प्रभावित पूर्वी बांगर क्षेत्र के गांवों का किया दौरा, सुनीं जनसमस्याएं: त्वरित समाधान के दिए निर्देश

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रुद्रप्रयाग,…

कैबिनेट मंत्री एवं विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत सिंह चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के अंतर्गत उच्छोला, माथ्यागांव, भुनालगाँव, बक्शीर, डांगी, खोड़, अरखुंड, दानकोट, किमाणा एवं रायड़ी गांवों का सघन क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर स्थानीय जनता से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

*जनता से आत्मीय संवाद*
मंत्री श्री चौधरी का ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से भव्य स्वागत किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने देवतुल्य जनता, वरिष्ठ नागरिकों, मातृशक्ति, पूर्व सैनिकों एवं युवा साथियों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री ने कहा कि जनता के बीच आकर उनकी पीड़ा को समझना और उसका समाधान करना ही उनका प्रथम दायित्व है।

*ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख समस्याएं*
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष पेयजल लाइन की मरम्मत, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों का सुधारीकरण, उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, सिंचाई गूलों की मरम्मत तथा वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण समस्याएं रखीं। महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित सुझाव भी दिए।

*मौके पर दिए समाधान के निर्देश*
मंत्री श्री चौधरी ने अधिकांश समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु मौके पर उपस्थित जल संस्थान, लोनिवि, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा में किया जाए। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*मुख्यमंत्री धामी जी के विजन पर कार्य*
इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र पर कार्य करते हुए सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

*जनता का विश्वास ही ऊर्जा*
मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ऊर्जा है। वे जनता के सेवक के रूप में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर समर्पित रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर साथ में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठेत जिला पंचायत उपाध्यक्ष ऋतु नेगी , भाजपा वरिष्ठ नेता श्री वाचस्पति सेमवाल , मंडल अध्यक्ष श्री विनोद कंडारी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे