चार्ज अधिकारियों को प्रक्रिया, दायित्व और तकनीकी पहलुओं की दी गई जानकारी
रुद्रप्रयाग। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार से जिलाधिकारी कार्यालय सभागार रुद्रप्रयाग में शुरू हुआ। 22 एवं 23 सितंबर को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने उपस्थित चार्ज अधिकारियों को जनगणना कार्य से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को गंभीरता और विस्तार से समझने तथा प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में तहसीलदार, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस दौरान जनगणना कार्य की प्रक्रिया, अधिकारियों के दायित्व और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जनगणना निदेशालय की ओर से संयुक्त निदेशक संजीव कुमार तथा मास्टर ट्रेनर नितीश रावत एवं गौरव पुरोहित प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए जनगणना कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
1100 से अधिक CCTV कैमरों की पड़ताल के बाद लाखों की चोरी का खुलासा
टिहरी पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, चोरी के आभूषण और हिमाचल से चुराई बाइक बरामद; तीसरा आरोपी जम्मू फरार
नई टिहरी। नरेन्द्रनगर क्षेत्र में बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने के आभूषण चोरी करने के मामले का टिहरी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 1100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी के साथ हिमाचल प्रदेश से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। घटना में शामिल तीसरा आरोपी जम्मू फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना की गई है।
पुलिस के अनुसार चार सितंबर को नरेन्द्रनगर के वार्ड नंबर दो, दीवान लॉज निवासी सौरभ धमान्दा ने तहरीर दी थी कि अज्ञात चोरों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर सोने के आभूषण चोरी कर लिए। मामले में कोतवाली नरेन्द्रनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के खुलासे के लिए एसएसपी टिहरी श्वेता चौबे के निर्देशन में पुलिस और CIU की टीमें गठित की गईं। टीमों ने टिहरी, ऋषिकेश, रानीपोखरी, देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर, अंबाला, यमुनानगर, सोलन, हल्द्वानी समेत विभिन्न क्षेत्रों में 1100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान हुई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी मोटरसाइकिल को ऋषिकेश के नटराज चौक के पास छोड़कर फरार हो गए थे।
तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान शहनवाज, जाहिद उर्फ अतीक और मौ. रफीक के रूप में की। पुलिस को 20 सितंबर को सूचना मिली कि आरोपी नटराज चौक के पास छोड़ी गई मोटरसाइकिल लेने पहुंचे हैं। इसके बाद देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर वन विभाग चौकी के पास फ्लाईओवर पर घेराबंदी कर शहनवाज और जाहिद उर्फ अतीक को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक सितंबर को हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित धर्मपुर से मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसी बाइक से चंडीगढ़, हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए नरेन्द्रनगर पहुंचे और चार सितंबर को बारिश व घने कोहरे का फायदा उठाकर बंद मकान में चोरी की। इसके बाद चोरी का माल बेचने के लिए वे विभिन्न शहरों में घूमते रहे, लेकिन माल नहीं बेच सके।
लाखों के आभूषण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हार, कान के सूई-धागा, मांग टीका, महिला अंगूठी, नथ, तीन मंगलसूत्र, झुमके और कुण्डल समेत चोरी किए गए आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा सोलन से चोरी की गई मोटरसाइकिल तथा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहनी गई लाल टोपी और काली रंग की Puma अंकित टी-शर्ट भी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, देहरादून और टिहरी गढ़वाल में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहनवाज (26) निवासी चालोग, थाना बनी, जिला कठुआ, जम्मू और जाहिद उर्फ अतीक (21) निवासी ढोडला जदरेली, जम्मू के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपी मौ. रफीक (लगभग 28 वर्ष), निवासी ढोडला बन्सौली, जिला कठुआ, जम्मू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जम्मू भेजी गई है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
692 आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 सितंबर से होगा ‘आंगन का मिलन’ मंत्री रेखा आर्या ने रुद्रप्रयाग में तैयारियों की समीक्षा..
रुद्रप्रयाग। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को रुद्रप्रयाग में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विभाग के अनुसार, जिले के तीनों विकासखंडों के 692 आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम को पोषण माह के साथ समन्वित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लाभार्थियों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में महालक्ष्मी किट, बाल एवं महिला पोषण, मेरी सहेली सेनेटरी नैपकिन, नंदा गौरा योजना और अनुपूरक पोषाहार जैसी योजनाओं की जानकारी के साथ पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी बताई जाएगी। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रदर्शन भी होगा।
मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए कार्यक्रम के दौरान उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विभागीय योजनाओं और नवीन सूचनाएं भी उपलब्ध हैं।
केदारनाथ यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान… 15.19 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन, प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं पर बढ़ाई निगरानी
रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष नए कीर्तिमान की ओर बढ़ रही है। अब तक 15,19,321 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
केदारनाथ धाम पहुंच रहे तीर्थ यात्रियों के लिए जिला प्रशासन की ओर से आवास, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ यात्रियों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
चीरबासा में मार्ग सुधार कार्य तेज
मानसून के कारण प्रभावित क्षेत्रों में मार्ग सुधार और सुरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। चीरबासा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त मार्ग के सुधार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी से पैदल मार्ग की निगरानी
केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन द्वारा मार्ग की स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
15 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी केदारनाथ यात्रा अब 15.19 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन के साथ नए पड़ाव की ओर बढ़ रही है।
पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर सातवें दिन भी धरना जारी.
राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने धरना स्थल पर पहुंचकर दिया आश्वासन, बोले—सामूहिक प्रयास से शासन स्तर पर होगी प्रभावी पैरवी
15 दिन में शासनादेश जारी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और स्थानीय ग्रामीणों का समर्थन मिल रहा है।
रविवार को राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को क्षेत्र की आवश्यकताओं से जुड़ा बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे तथा शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।
आंदोलनकारियों ने कहा कि ऊखीमठ समेत आसपास के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पीएचसी पर निर्भर है। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग, श्रीनगर अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर करना पड़ता है। ऐसे में पीएचसी का उच्चीकरण होने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और क्षेत्रवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव की ओर से 15 दिन के भीतर पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में शासनादेश जारी नहीं होता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांग के संबंध में समयबद्ध शासनादेश चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों की मूलभूत आवश्यकता है और पीएचसी का उच्चीकरण क्षेत्र के व्यापक जनहित से जुड़ा मुद्दा है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि शासन स्तर से निर्धारित समय सीमा के भीतर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
नन्दा अष्टमी पर जागतोली दशज्यूला महोत्सव का रंगारंग आगाज
पांच दिवसीय महोत्सव में लोक संस्कृति के रंगों से सजा जागतोली, विद्यालयों व महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ऊखीमठ। नन्दा अष्टमी के पावन अवसर पर जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, कलाकारों और महिला मंगल दलों ने लोकगीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनोहारी झलक प्रस्तुत की।
महोत्सव का शुभारंभ केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने मुख्य अतिथि, राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने अति विशिष्ट अतिथि तथा भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 
मुख्य अतिथि विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ऐसे महोत्सव स्थानीय लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को मजबूती देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नन्दा अष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित दशज्यूला महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने कहा कि दशज्यूला की पावन धरती महान विभूतियों की जन्म एवं कर्मस्थली रही है। उन्होंने महोत्सव को क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
महोत्सव अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। महासचिव कालिका काण्डपाल ने दशज्यूला क्षेत्र की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। महोत्सव की अध्यक्षता प्रधानाचार्य गांधीयन ने की, जबकि संचालन राजेन्द्र काण्डपाल, वीरेन्द्र बर्त्वाल और नमिता काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं महिला मंगल दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणों एवं काश्तकारों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
पांच दिवसीय महोत्सव को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है। महोत्सव के माध्यम से जहां स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिल रहा है,
DIET रुद्रप्रयाग के प्रवक्ता सूरज सिंह ने UGC-NET उत्तीर्ण कर बढ़ाया संस्थान का गौरव.
रुद्रप्रयाग…
शिक्षा शास्त्र विषय में जून 2026 की परीक्षा पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए अर्जित की पात्रता
रुद्रप्रयाग। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), रतूड़ा के प्रवक्ता सूरज सिंह ने जून 2026 में आयोजित UGC-NET की शिक्षा शास्त्र (Education) विषय की परीक्षा उत्तीर्ण कर संस्थान और जनपद का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि के साथ उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवश्यक पात्रता भी अर्जित कर ली है।
उनकी सफलता पर DIET रुद्रप्रयाग के प्राचार्य, प्रवक्ताओं, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों में खुशी का माहौल है। संस्थान के प्राचार्य ने सूरज सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, अनुशासन, लगन और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सूरज सिंह की सफलता अन्य शिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है और इससे उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा मिलती है।
सूरज सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए निरंतर अध्ययन, ज्ञान को अद्यतन रखना और आत्म-विकास आवश्यक है।
DIET रुद्रप्रयाग परिवार ने सूरज सिंह को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अनुबंध पत्र नहीं हुआ तो भी नहीं रुकेगा उपनल कर्मचारियों का वेतन.
शासन ने स्पष्ट की स्थिति, पूर्व व्यवस्था के अनुसार वेतन-मानदेय भुगतान जारी रखने के निर्देश
देहरादून, 17 सितंबर। उत्तराखंड में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर शासन ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन उपनल कर्मचारियों के अनुबंध पत्र अभी तक संपादित नहीं हुए हैं, उनका पूर्व अनुमन्य वेतन एवं मानदेय केवल अनुबंध पत्र न होने के आधार पर नहीं रोका जाएगा।
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव युगल किशोर पंत की ओर से 17 सितंबर को जारी पत्र में कहा गया है कि अनुबंध संपादित नहीं करने वाले उपनल कर्मचारियों के पूर्व अनुमन्य वेतन/मानदेय के भुगतान की पूर्व व्यवस्था, अर्थात उपनल के माध्यम से भुगतान, यथावत लागू रहेगी।
कुछ विभागों में वेतन रोकने के आदेश का मामला आया सामने
शासन के पत्र में कहा गया है कि विभिन्न विभागों से उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के अनुबंध से संबंधित सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं। इसी दौरान शासन के संज्ञान में आया कि कुछ विभागों द्वारा पात्र वेतनमान में न्यूनतम महंगाई भत्ते सहित उपनल कर्मचारियों के अनुबंध पत्र हस्ताक्षरित नहीं होने की स्थिति में वेतन आहरण नहीं किए जाने संबंधी आदेश जारी किए जा रहे हैं।
शासन ने इस स्थिति को उचित नहीं माना है और स्पष्ट किया है कि केवल अनुबंध पत्र संपादित नहीं होने के आधार पर पहले से अनुमन्य वेतन अथवा मानदेय का भुगतान रोका जाना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में चल रही प्रक्रिया
शासन ने अपने पत्र में जनहित याचिका संख्या 116/2018, कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य में उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा पारित निर्णय का भी उल्लेख किया है। इसी के अनुपालन में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा 3 फरवरी 2026 को जारी शासनादेश के तहत विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों और संबंधित मूल नियुक्ता विभागों के बीच अनुबंध की स्थिति की जानकारी निर्धारित प्रारूप में मांगी गई थी।
अब विभागों से अनुबंध संबंधी विवरण शासन को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विभागों को कार्रवाई के निर्देश
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव ने संबंधित विभागों को 3 फरवरी 2026 के शासनादेश के क्रम में प्रस्ताव-02 के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के इस स्पष्टीकरण से उन उपनल कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है, जिनके अनुबंध पत्र अभी संपादित नहीं हुए हैं और इस वजह से उनके वेतन आहरण को लेकर विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि अनुबंध प्रक्रिया लंबित होने मात्र से पूर्व निर्धारित वेतन-मानदेय की भुगतान व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
आपदा प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री भरत चौधरी…. किमाना, खाटली और रायड़ी में ग्रामीणों से मिले, अधिकारियों को त्वरित राहत के निर्देश
रुद्रप्रयाग। कैबिनेट मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने विकासखंड जखोली के आपदा प्रभावित किमाना, खाटली, रायड़ी सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आपदा से हुए नुकसान की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल योजनाओं और पैदल रास्तों का शीघ्र आकलन तैयार करने को कहा। मंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव जल्द तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजे जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू किए जा सकें।
भरत चौधरी ने अधिकारियों से आपदा प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी बनाए रखने और ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
इस दौरान तहसीलदार बसुकेदार प्रवण पाण्डेय, भाजपा नेता ओम प्रकाश बहुगुणा, मंडल अध्यक्ष विनोद कंडारी, दरम्यान जखवाल, यशवीर चौहान, प्रदीप रावत, विपिन रौथान, जगदीश नेगी, विनोद मैठाणी, सज्जन भंडारी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 1 अक्टूबर को काला दिवस रुद्रप्रयाग में होगी विशाल रैली, प्रदेशभर के कर्मचारियों से पहुंचने का आह्वान
रुद्रप्रयाग । पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। मोर्चे की प्रांतीय कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तय करते हुए 1 अक्टूबर को प्रदेशभर में काला दिवस मनाने तथा रुद्रप्रयाग में विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संगठन के प्रदेशभर के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। संगठन ने सभी जनपदों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से रुद्रप्रयाग पहुंचकर रैली को सफल बनाने का आह्वान किया।
मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 1 अक्टूबर को काला दिवस के माध्यम से कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि आंदोलन को प्रदेश के प्रत्येक जनपद तक पहुंचाया जा रहा है। रुद्रप्रयाग की रैली को सफल बनाने के लिए सभी जनपदों के पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि काला दिवस कर्मचारियों की पीड़ा और उनकी मांग का प्रतीक होगा। उन्होंने प्रदेशभर के कर्मचारियों से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पूरण फर्स्वाण ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
रुद्रप्रयाग में तैयारियां शुरू
जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अंकित रौथान ने कहा कि प्रस्तावित रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए जनपद स्तर पर तैयारियां शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
मंडलीय अध्यक्ष शंकर भट्ट, मंडल मंत्री राजीव उनियाल और मंडलीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश रावत ने भी रैली को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां और जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही।
ऑनलाइन बैठक में प्रदेश सचिव माखन लाल शाह, प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फर्स्वाण, जिला मंत्री देहरादून अभिषेक नवानी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
संगठन ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से 1 अक्टूबर के काला दिवस कार्यक्रम में भाग लेने और रुद्रप्रयाग की विशाल रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर












