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Tuesday, January 20, 2026


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पद्म श्री अनिल जोशी पर लगे वन भूमि कब्ज़ाने के आरोप,अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में FIR कराने क़ो लेकर आए थे निशाने पर।

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कांग्रेस नेता और अधिवक्ता संदीप चमोली ने की शिकायत।

उत्तराखंड-।

अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली द्वारा पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी पर आरक्षित वन भूमि में अतिक्रमण के आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली द्वारा ISRO-BHUVAN व Google Earth सैटेलाइट साक्ष्यों के साथ आर्केडिया बीट,अशारोड़ी रेंज में HESCO NGO द्वारा अवैध भवन व सड़क निर्माण के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून को शिकायत की गई है।

देश के प्रतिष्ठित पर्यावरणविद्, पद्म भूषण (2020) एवं पद्मश्री (2006) से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, संस्थापक – HESCO (Himalayan Environmental Studies & Conservation Organization) पर देहरादून वन प्रभाग की आर्केडिया बीट,अशारोड़ी रेंज स्थित आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर वर्षों से संस्था संचालित करने, भवनों व सड़कों का निर्माण कराने के अत्यंत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।संदीप चमोली द्वारा बताया गया कि ISRO-BHUVAN सैटेलाइट मानचित्र तथा Google Earth (2011, 2013, 2024 एवं 2025) के तुलनात्मक चित्र यह दर्शाते हैं कि आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर HESCO परिसर का निरंतर विस्तार किया गया है, जो स्पष्ट रूप से Forest Conservation Act, 1927 का उल्लंघन है ।

किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र पर हुआ जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती।

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*उधमसिंह नगर/ब्रेकिंग*

किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र पर हुआ जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती

उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के छोटे पुत्र और रुद्रपुर नगर निगम वार्ड संख्या 39 के पार्षद सौरभ बेहड़ पर देर शाम अज्ञात व्यक्तियों ने किया जानलेवा हमला, हुए घायल

सौरभ बेहड़ को किया गया निजी अस्पताल में भर्ती

आवास विकास क्षेत्र में तीन नकाबपोश युवकों ने सौरभ राज बेहड़ पर किया हमला

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिस सहित राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता पहुंचे मौके पर

आवास विकास चौकी पुलिस घटना की तहकीकात में जुटी

पुलिस टीम खंगाल रही घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज

महापौर ने अस्पताल पहुँचकर जाना घायल पार्षद सौरभ बेहड़ का हाल

मुख्यमंत्री से दूरभाष पर पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ की कराई बात

सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड में IAS व PCS अधिकारियों के कार्यक्षेत्रों में बड़ा बदलाव।

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IAS संवर्ग में प्रमुख स्तर पर बदलाव किए गए ,

वर्ष 2001 बैच के अधिकारी आर. मीनाक्षी सुन्दरम से प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन सहित अन्य अतिरिक्त प्रभार हटाते हुए उन्हें प्रमुख सचिव आवास, आयुक्त आवास एवं मुख्य प्रशासक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है।

IAS शैलेश बगौली को सचिव मुख्यमंत्री, गृह, कारागार, सूचना आदि विभागों के दायित्वों से मुक्त कर सचिव पेयजल बनाया गया है।

IAS सचिन कुर्वे को नागरिक उड्डयन से हटाकर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा आयुक्त स्वास्थ्य नियुक्त किया गया है।

कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी महत्वपूर्ण अदला-बदली की गई है,

जिनमें सहकारिता, आयुष, खाद्य, नियोजन, सैनिक कल्याण, राज्य सम्पत्ति, आपदा प्रबंधन, सचिवालय प्रशासन जैसे विभाग शामिल हैं।

इसके साथ ही राज्य सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।

अरविन्द कुमार पाण्डे को मुख्य विकास अधिकारी, नैनीताल बनाया गया है।

दिनेश प्रताप सिंह को अधिशासी निदेशक, चीनी मिल डोईवाला की जिम्मेदारी दी गई है।

अनिल कुमार शुक्ला को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार भेजा गया है।

दयानन्द को उप मेलाधिकारी, कुम्भ मेला हरिद्वार बनाया गया है।

आकाश जोशी को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी,

राहुल शाह को डिप्टी कलेक्टर उधमसिंहनगर,

संदीप कुमार को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी,

मंजीत सिंह गिल को उप मेलाधिकारी, कुम्भ मेला हरिद्वार

ललित मोहन तिवारी को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ नियुक्त किया गया है।

अगस्त्यमुनि में व्यापारियों के साथ जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक, अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर संशय दूर।

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*चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए एनएच पर की जा रही कार्रवाई सामान्य प्रक्रिया, व्यापारियों ने जताया संतोष*

अगस्त्यमुनि क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग–107 पर अतिक्रमण चिन्हीकरण एवं नोटिस की कार्रवाई को लेकर उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति को दूर करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशों पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यह बैठक अगस्त्यमुनि क्रीड़ा भवन में आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय व्यापारी, व्यापार संघ के पदाधिकारी तथा नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) विभाग द्वारा अगस्त्यमुनि बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हीकरण, नोटिस एवं चालान की प्रक्रिया के बाद व्यापारियों में उत्पन्न हुए संशय को दूर करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने एवं चिन्हीकरण की कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों के क्रम में लगातार की जा रही है, जिसका उद्देश्य चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, विजयनगर सहित संपूर्ण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर समान रूप से की जा रही है। अगस्त्यमुनि बाजार में एनएच टीम द्वारा की गई हालिया कार्रवाई को किसी अन्य घटना से जोड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है, यह पूर्णतः एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका विगत दिनों में हुए किसी भी गतिरोध से कोई संबंध नहीं है।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता, एनएच ओंकार पांडे ने भी व्यापारियों को अवगत कराया कि बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, जिस कारण जेसीबी मशीन बाजार में लाई गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से तत्काल अतिक्रमण तोड़ने की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और नियमानुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्वयं वीडियो कॉल के माध्यम से व्यापारियों से संवाद स्थापित किया और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों एवं जनमानस के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिलाधिकारी द्वारा दी गई स्पष्ट जानकारी के बाद व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया।

अगस्त्यमुनि व्यापार संघ के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच एवं नगर पंचायत द्वारा की जा रही सामान्य प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों में जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उसे इस बैठक के माध्यम से पूरी तरह दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समय रहते संवाद स्थापित कर स्थिति स्पष्ट करना सराहनीय है तथा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में नियमानुसार पर्याप्त समय दिया जाएगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी ने भी बैठक को सफल बताते हुए कहा कि जिलाधिकारी द्वारा स्वयं संवाद कर सभी को आश्वस्त किया गया तथा किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास एवं व्यवस्था सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस त्वरित एवं संवादात्मक बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन जनहित के मुद्दों पर संवेदनशील, पारदर्शी एवं संवाद के लिए सदैव तत्पर है।

बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष अगस्त्यमुनि त्रिभुवन सिंह नेगी, मेला समिति अध्यक्ष हर्षवर्धन बेंजवाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।

मुनि महाराज की डोली पर मुकदमे की खबरें पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई।

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जिलाधिकारी प्रतीक जैन का स्पष्ट संदेश: आस्था का सम्मान, अराजकता पर सख्त कार्रवाई*

*मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन में परस्पर समन्वय, मुनि महाराज की डोलीनिर्बाध पूरी करेगी देवरा यात्रा*

रुद्रप्रयाग ।महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने, हिंसा करने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की गंभीर घटना विगत दिनों सामने आई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का धार्मिक आस्था एवं परंपराओं के प्रति पूर्ण सम्मान है, किंतु कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने तथा अराजकता फैलाने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

घटना के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया था, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए इसमें संलिप्त अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन किसी भी प्रकार से धार्मिक आस्था के विरुद्ध नहीं है, बल्कि मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहा है। कार्रवाई केवल उन तत्वों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने हिंसा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने का प्रयास किया था।

इसी क्रम में दिनांक 16 जनवरी को अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं पंचकोटि के पंच पदान समेत 11 व्यक्तियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाक़ात की और विगत दिवस घटित घटनाक्रम को लेकर चर्चा की। बातचीत के क्रम में स्पष्ट हुआ कि मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन में परस्पर समन्वय है और मुनि महाराज की डोली निर्बाध तरीके से देवरा यात्रा पूर्ण करेगी।

इस घटना के पश्चात कुछ अराजक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा मुनि महाराज जी की डोली पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जो पूरी तरह असत्य एवं निराधार है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की भ्रामक खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि मुनि महाराज जी की डोली पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा डोली को परंपरागत मार्ग से न ले जाकर जबरन क्रीड़ा मैदान के मुख्य गेट से लाया गया तथा पूर्व नियोजित तरीके से गेट को क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद बना हुआ है तथा मंदिर समिति जिला प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट है। जिला प्रशासन मंदिर समिति को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने भी स्पष्ट किया कि मुनि महाराज जी की डोली पर मुकदमा दर्ज होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए शासन के पूर्व निर्देशों के तहत पहले से ही की जा रही है। यह कार्रवाई तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, विजयनगर सहित पूरे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर की जा रही है और इसका इस घटना से कोई संबंध नहीं है।

धार्मिक परंपरा की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – जिलाधिकारी

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अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई थी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं*

*मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान, प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के साथ ही शामिल कुछ ‘रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के ख़िलाफ़ गुंडा एक्ट सहित सभी सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश*

अगस्त्यमुनि नगर में महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन द्वारा मुनि महाराज की डोली को महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक विधिवत एवं परंपरागत मार्ग से प्रवेश कराने के लिए समय रहते सभी प्रबंध पूर्ण कर लिए गए थे।

इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ लेकर जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इन तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची बल्कि नेशनल हाईवे-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। इस कारण स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस प्रशासन को ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों से देवरा यात्रा के मार्ग को लेकर पूर्व में ही वार्ता कर ली गई थी तथा जिस पारंपरिक मार्ग से पूर्वकाल से देवरा यात्रा के दौरान डोली को प्रवेश कराया जाता था, उसी मार्ग पर प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।

इसके बावजूद कुछ तत्वों द्वारा जबरन डोली को क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि के मुख्य द्वार से ले जाने का दबाव बनाया गया तथा इसी उद्देश्य से क्रीड़ा भवन के मुख्य गेट को तोड़ा गया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने, शासकीय सेवकों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने के मामले भी संज्ञान में आए हैं।

जिलाधिकारी ने ऐसे कृत्यों को घोर अनुशासनहीनता एवं कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास बताते हुए संबंधित अधिकारियों को इसमें शामिल कुछ ‘रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के ख़िलाफ़ गुंडा एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा अथवा अव्यवस्था को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनपद के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक पारंपरिक देवरा मार्ग पर विशेष ध्यान दिया गया था। यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, चूना डालकर मार्ग को समतल एवं सुचारु बनाना, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक प्रबंध, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित किया गया था, ताकि देवरा यात्रा श्रद्धा, शांति एवं परंपरागत मर्यादा के अनुरूप सम्पन्न हो सके।

जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखें, प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों या अराजक गतिविधियों से दूर रहें। प्रशासन जनपद में शांति, कानून व्यवस्था एवं धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

 

धामी मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मियों के समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर जताई सहमति , इस निर्णय का लाभ उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मचारियों के मुद्दे पर विशेष रूप से विस्तृत चर्चा हुई और उनके हित में बड़ा निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर सहमति जताई है। इस निर्णय का लाभ उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा निर्णय लेते हुए उपनल कर्मचारी के हक पर मुहर लगाई है.
गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के तहत चीनी मिल बैंकों से ले सकेंगे ऋण, सरकार लेंगी गारंटी

गन्ना विकास में गन्ने का मूल्य विचलन से ₹405 प्रति कुंतल सामान्य प्रजाति के लिए 395 प्रति कुंतल

निर्वाचन विभाग में वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव, सचिव के लिए नई सेवा नियमावली बनाई गई

संस्कृत शिक्षा विभाग उत्तराखंड संस्कृत संस्थाओं किया गया है

विज्ञान प्रतियोघीकी विभाग के तहत अल्मोड़ा और चंपावत के लिए 6-6 पद की स्वीकृति दी गई

ऊर्जा विभाग में 2024-25 एनुअल फाइनेंशियल रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की सहमति बनी

बागवानी मिशन के अंतर्गत NT हैलेट राज्य सहायता 25%

दून विश्वविद्यालय, हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 पद सृजित किए गए हैं

सैनिक कल्याण विभाग में पूर्व में उपनल कार्मिकों की प्रथम चरण में 2015 से 7 हजार तक समान कार्य समान वेतन

न्याय विभाग के तहत विशेष न्यायालय बनाने को लेकर प्रथम चरण में 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे 144 पद सृजित किए जाएंगे, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर में बनाए जाएंगे

उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र सहित करने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल में खेल महाकुंभ में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में इस विधायक स्तर पर ट्रॉफी और ₹1 लाख की धनराशि दी जाएगी, संसदीय स्तर पर ₹2 लाख की धनराशि दी जाएगी, राज्य स्तर पर ₹5 लाख की धनराशि दी जाएगी

ग्रह विभाग की नियमावली में किया गया संशोधन

समान नागरिक संहिता में UCC में संशोधन को लेकर अध्यादेश के रूप मे मंत्रिमंडल के

न्यूनतम अपर सचिव लेवल के अधिकारी बनाने का निर्णय लिया गया है, सब रजिस्टार को अपील का भी अधिकार दिया गया है

पर्यटन विभाग के तहत होम स्टे रोजाना को लेकर स्थानीय निवासी को लाभ देने की व्यवस्था की गई है, पहले ऐसा नहीं था, GST में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा

पर्यटन विभाग में गोबर के उपला और चीड़ की पत्तियों को 50-50% मिक्स करके

नगर पालिका द्वारा टेकओवर किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने किया क्षेत्रीय जनता से संवाद रणकोची धाम से लिया जनकल्याण का संकल्प।

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*चंपावत को दी ₹170.15 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राज्य में फिल्मों की शूटिंग एवं क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने की सराहना।

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*एसोसियेशन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट कर क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान दिए जाने पर जताया आभार*

*राज्य की फिल्म नीति को बताया प्रभावी एवं बेहतर*

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने राज्य में फिल्मों की शूटिंग तथा क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। एसोसियेशन ने कहा कि राज्य में प्रभावी और आकर्षक फिल्म नीति लागू किए जाने से स्थानीय एवं क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को व्यापक लाभ मिल रहा है।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने तथा फिल्मों को अनुदान प्रदान किए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में आकर्षक फिल्म नीति–2024 लागू की गई है। इस नीति में राज्य के स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं तकनीशियनों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों को राज्य में किए गए व्यय का अधिकतम 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री एवं लघु फिल्मों को भी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर का फिल्म महोत्सव एवं फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए भारत सरकार के उपक्रम एनएफडीसी (NFDC) से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें राज्य के सभी स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार, तकनीशियन एवं लाइन प्रोड्यूसर आदि का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराया जाएगा।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के संरक्षक श्री अनुज जोशी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद द्वारा क्षेत्रीय सिनेमा के हित में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में फिल्मों को अनुदान देने हेतु गठित समिति की बैठक में स्थानीय फिल्मों को अनुदान राशि प्रदान की गई, जिसके लिए क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े सभी फिल्म निर्माता एवं निर्देशक राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
श्री जोशी ने राज्य में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई बेहतर फिल्म नीति के सकारात्मक परिणामस्वरूप प्रदेश में स्थानीय फिल्म निर्माण गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री बृजेश भट्ट, महासचिव श्री गंभीर जयाड़ा तथा सदस्य श्री जितेन्द्र पंवार, श्री हरीश नेगी, श्री विजय शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड : विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि, यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरे राज्यों के लिए पेश की मिसाल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद आम लोगों में विवाह पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने एक्ट के मुकाबले विवाह पंजीकरण कराने वालों की प्रतिदिन की औसत संख्या में 24 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और सत्ता में आने के बाद उन्होंने यह संकल्प पूरा किया। मुख्यमंत्री धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को, विशेष रूप से महिलाओं को, समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े प्रावधानों को यूसीसी में शामिल किया गया है। इस कानून के तहत महिला एवं पुरुषों के लिए विवाह की आयु निर्धारित की गई है, वहीं सभी धर्मों में तलाक एवं अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं। यूसीसी के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है।

यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है। वहीं, वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन के औसत पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के तहत प्रतिदिन केवल 67 विवाह पंजीकरण होते थे, जबकि यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। उत्तराखण्ड ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।”