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Tuesday, June 16, 2026
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जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा फेम इंडिया मैगजीन की ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सूची में शामिल

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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, नवाचारपूर्ण कार्यशैली एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जनपद रुद्रप्रयाग एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। फेम इंडिया मैगजीन द्वारा जारी “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” की प्रतिष्ठित सूची में उन्हें देश के शीर्ष 50 उत्कृष्ट जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल जनपद रुद्रप्रयाग बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।

देशभर के लगभग 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों के कार्यों, प्रशासनिक दक्षता और प्रदर्शन के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर यह चयन किया गया है। फेम इंडिया ने एशिया पोस्ट सर्वे एजेंसी के साथ मिलकर विशेषज्ञों की राय, जमीनी रिपोर्ट, मीडिया विश्लेषण तथा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह निष्पक्ष सर्वेक्षण सम्पन्न किया।

सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता एवं नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता तथा विकासोन्मुख सोच जैसे दस प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। इन्हीं मानकों के आधार पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ‘कुशल प्रबंधक’ श्रेणी में प्रमुख स्थान प्रदान किया गया है।

जनपद रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी नियुक्त होने के बाद श्री मिश्रा ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, यात्रा प्रबंधन और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व हेलीपैड सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए तथा हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं लागू कीं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने स्थानीय महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की। केदारनाथ हेलीपैड क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के लिए विक्रय केंद्र स्थापित कर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया तथा तीर्थाटन से स्थानीय आजीविका को जोड़ने का अभिनव प्रयास किया।

अपने अब तक के कार्यकाल में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रशासनिक दक्षता, संवेदनशील नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और नवाचारपूर्ण सोच के माध्यम से जनसेवा की एक नई मिसाल स्थापित की है। उनकी यह उपलब्धि जनपद के प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणास्रोत होने के साथ-साथ प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

IAS डॉ. सौरभ गहरवार को मिली अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

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उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत, पूर्व जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग व टिहरी गढ़वाल और वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार को अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. गहरवार को यह जिम्मेदारी दिए जाने के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-

पूर्व पदस्थापना: इससे पूर्व वे प्रबंध निदेशक (MD) सिडकुल (SIDCUL) और महानिदेशक (DG) उद्योग के पद पर कार्यरत थे।

चिकित्सकीय पृष्ठभूमि: आईएएस बनने से पहले उन्होंने बीएचयू से एमबीबीएस (MBBS) और एम्स, दिल्ली से एमडी (MD Radio Diagnosis) किया है।

सेवाभाव: बतौर जिलाधिकारी रहते हुए भी वे अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके अक्सर अस्पतालों में मरीजों का मुफ्त अल्ट्रासाउंड व इलाज करने के लिए खासे चर्चित रहे हैं। उनकी यह नई नियुक्ति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में काफी अहम मानी जा रही है। आप इस तरह के और अधिक प्रशासनिक आदेश उत्तराखंड शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

ऊखीमठ नगर पेयजल योजना की स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री धामी एवं विधायक आशा नौटियाल का जताया आभार

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केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऊखीमठ नगर पंचायत-पिंगलापानी पेयजल योजना की 2578 लाख रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर नगर एवं क्षेत्रवासियों ने ख़ुशी व्यक्त की। ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना की स्वीकृति हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल का आभार व्यक्त किया। आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने कहा कि लंबे समय से ऊखीमठ नगर क्षेत्र को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है । इस योजना की स्वीकृति से न केवल नगर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए स्थायी समाधान भी सुनिश्चित हो सकेगा। इससे क्षेत्रवासियों को सुचारू एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित एवं विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ नगर पेयजल योजना की स्वीकृति क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति है, जो क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विधायक ने क्षेत्रवासियों द्वारा व्यक्त किए गए स्नेह, विश्वास एवं आभार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण के लिए उनका संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्रत्येक जनसमस्या के समाधान हेतु निरंतर प्रयास सतत जारी रहेंगे।
इस अवसर पर महिला आयोग सदस्य दर्शनी पंवार,मंडल अध्यक्ष दलवीर नेगी,सभासद बलबीर सिंह,पूजा देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत सिंह,प्रधान सुलेखा देवी,किसान मोर्चा अध्यक्ष संदीप पुष्पवान,दुर्गा देवी,देवेंद्र प्रसाद,योगेन्द्र नेगी,जगदीश लाल,चंद्रमोहन उखियाल,सोहन सिंह आदि थे।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रुद्रप्रयाग विधानसभा के आपदा प्रभावित पूर्वी बांगर क्षेत्र के गांवों का किया दौरा, सुनीं जनसमस्याएं: त्वरित समाधान के दिए निर्देश

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रुद्रप्रयाग,…

कैबिनेट मंत्री एवं विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत सिंह चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के अंतर्गत उच्छोला, माथ्यागांव, भुनालगाँव, बक्शीर, डांगी, खोड़, अरखुंड, दानकोट, किमाणा एवं रायड़ी गांवों का सघन क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर स्थानीय जनता से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

*जनता से आत्मीय संवाद*
मंत्री श्री चौधरी का ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से भव्य स्वागत किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने देवतुल्य जनता, वरिष्ठ नागरिकों, मातृशक्ति, पूर्व सैनिकों एवं युवा साथियों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री ने कहा कि जनता के बीच आकर उनकी पीड़ा को समझना और उसका समाधान करना ही उनका प्रथम दायित्व है।

*ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख समस्याएं*
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष पेयजल लाइन की मरम्मत, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों का सुधारीकरण, उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, सिंचाई गूलों की मरम्मत तथा वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण समस्याएं रखीं। महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित सुझाव भी दिए।

*मौके पर दिए समाधान के निर्देश*
मंत्री श्री चौधरी ने अधिकांश समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु मौके पर उपस्थित जल संस्थान, लोनिवि, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा में किया जाए। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*मुख्यमंत्री धामी जी के विजन पर कार्य*
इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र पर कार्य करते हुए सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

*जनता का विश्वास ही ऊर्जा*
मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ऊर्जा है। वे जनता के सेवक के रूप में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर समर्पित रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर साथ में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठेत जिला पंचायत उपाध्यक्ष ऋतु नेगी , भाजपा वरिष्ठ नेता श्री वाचस्पति सेमवाल , मंडल अध्यक्ष श्री विनोद कंडारी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे

 

बम बम भोले के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खुले द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट

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*श्री ओंकारेश्वर मंदिर से गोण्डार होते हुए दिव्य धाम पहुंची बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली, श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले कपाट*

पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में विख्यात भगवान श्री मद्महेश्वर जी मंदिर के कपाट आज श्रद्धा, आस्था एवं सनातन परंपराओं के मध्य विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के पावन अवसर पर पूरा धाम “हर-हर महादेव” और भगवान मद्महेश्वर के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली कल रात्रि विश्राम गोण्डार में करने के उपरांत आज प्रातः गोण्डार गाँव से पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों एवं भक्तिमय वातावरण के बीच धाम के लिए रवाना हुई। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं भक्ति देखने को मिली। प्रातः लगभग 10:45 बजे उत्सव डोली मद्महेश्वर धाम पहुंची, जहां मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कपाट खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

मुख्य पुजारी श्री शिव शंकर लिंग सहित वेदपाठियों द्वारा पूजा संपन्न होने के पश्चात लगभग 11 बजे जैसे ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, पूरा धाम शिवमय वातावरण में डूब गया। इस दौरान उपस्थित लगभग 1135 श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर के प्रथम दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

कपाटोद्घाटन अवसर पर मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया। यात्रा मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए थे।

हिमालय की गोद में स्थित श्री मद्महेश्वर धाम अपनी दिव्यता, आध्यात्मिक आभा एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विशेष पहचान रखता है। कपाट खुलने के साथ ही अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

कपाटोद्घाटन के दौरान मंदिर समिति सदस्य प्रहलाद पुष्पवान, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, प्रधान गोंडार अनूप पंवार,पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवानंद पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की हुंकार रैली, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन,ADM के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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रुद्रप्रयाग..सोमवार 18 मई 2026 को प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर पूरे प्रदेश के 13 जिलों में शिक्षकों का धरना प्रदर्शन रैली थी जिसके क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ का भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली निकाली गई जो की बेला तिराहा बैंड से रैली निकालने के उपरान्त जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में बैठक हुई इस रैली में टीईटी की अनिवार्यता को वापस लेने , 17140 की वसूली बंद करने, त्रिस्तरीय कैडर लागू करने , 5400 ग्रेड पे वालों को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने, प्रत्येक विद्यालय में अंग्रेजी का अध्यापक नियुक्त करने , लिए पुरानी पेंशन बहाल करने, अस्पतालों में ओपीडी की सुविधा लागू करने के लिए , मंडल कैडर चाहने वालों को मंडल कैडर करवाने, आदि 13 सूत्रीय ज्ञापन/ मांग पत्र श्रीमान जिला अधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री व माननीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया ! इस विशाल हुंकार रैली में संगठन के जिला अध्यक्ष लखपत सिंह लिंगवाल , महामंत्री डॉ. राधेलाल उत्तरांचली, संगठन के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष श्री दलेबसिंह राणा जी व प्रान्तीय संयुक्त मन्त्री श्री हेमन्त भट्ट आदि के नेतृत्व में सैकड़ों -शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। इसी क्रम में 29 मई को पूरे प्रदेश की हुंकार रैली और धरना निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा देहरादून के कार्यालय में हुंकार रैली एवं धरना दिया जाएगा ! और सभी ने कहा कि टीईटी की नोटिफिकेशन डेट लागू होने के बाद टीईटी करना तो ठीक है पर नोटिफिकेशन डेट लागू होने (23 अगस्त 2010) से काफी पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता संविधान और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है ! इसमें भारत सरकार व माननीय सर्वोच्च न्यायालय को पुनः विचार करना चाहिए। इस रैली में सैकड़ो जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जनपद रुद्रप्रयाग के शिक्षक – शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया ।

चारधाम यात्रा के बीच रुद्रप्रयाग में आबकारी विभाग का बड़ा अभियान, 69 लीटर अवैध शराब बरामद.

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लगातार कार्रवाई कर रहा आबकारी विभाग, जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 142 से अधिक बार की गई छापेमारी की कार्रवाई*

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद रुद्रप्रयाग में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री रमेश बंगवाल के मार्गदर्शन में विभाग की टीम लगातार जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान संचालित कर रही है।
चारधाम यात्रा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आबकारी विभाग द्वारा जनपद के तीनों विकासखंडों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यात्रा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री, तस्करी अथवा भंडारण को रोका जा सके।
अभियान के तहत अब तक करीब 69 लीटर अवैध शराब बरामद की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत 96 हजार रुपये से अधिक है। विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई करते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 142 से अधिक छापेमारी की कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है। विभाग की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
जिला आबकारी अधिकारी रमेश बंगवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 8 अप्रैल से लेकर 17 मई तक लगातार अभियान चलाया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों एवं अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की टीमें लगातार होटल, ढाबों, दुकानों, यात्रा मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं। इसके अलावा पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।

 

नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी गाथा है, जो आज भी हर भारतीय को ऊर्जा और गौरव से भर देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना, जनजातीय विकास मिशन और अन्य योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अटल आवास योजना के अंतर्गत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा आवास निर्माण सहायता बढ़ाई गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए सरकार हर स्तर पर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक रूद्रपुर श्री शिव अरोरा,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, मेयर श्री विकास शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक पूर्व विधायक श्री प्रेम सिंह राणा,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति मौजूद थे।

श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर मार पिटाई के वायरल वीडियो का रुद्रप्रयाग पुलिस ने लिया संज्ञान।

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वीडियो के आधार पर चिन्हीकरण की कार्यवाही करते हुए मारपीट की घटना में शामिल 3 घोड़ा-खच्चर संचालकों के विरुद्ध शान्ति भंग के तहत की गयी कार्यवाही, सभी को मा0 न्यायालय के समक्ष किया जा रहा पेश।*

*निकट भविष्य में ये केदारनाथ यात्रा पर अश्वों का संचालन न कर सकें, इनके अश्व संचालन विषयक लाइसेन्स के निरस्तीकरण की रिपोर्ट की गयी है प्रेषित।*

जनपद में प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा सकुशल ढंग से संचालित हो रही है। ऐसे में गत दिवस एक वायरल वीडियो संज्ञान में आया जिसमें देखा जा सकता है कि केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर कुछ घोड़ा-खच्चर संचालक आपस में लाठी डण्डों से एक दूसरे के साथ मारपीट करने पर उतारू हो रखे हैं।
एसपी रुद्रप्रयाग ने इस वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की तस्दीक करने तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग सहित पैदल यात्रा मार्ग पर अवस्थित चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। निर्गत निर्देशों के क्रम में चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड द्वारा अथक प्रयासों से पूछताछ इत्यादि करके गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव क्षेत्रान्तर्गत से 3 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा पूछताछ में स्वीकार किया गया कि इनके घोड़े आपस में टकरा गए थे, जिस कारण इनमें आपस में विवाद हो गया था और इनके द्वारा आपस में मारपीट कर ली गयी थी। इनके द्वारा किये गये इस प्रकार के कृत्य से प्रचलित यात्रा व्यवस्था के दौरान आवगमन कर रहे यात्रियों में भय व्याप्त हुआ तथा इनके द्वारा शान्ति भंग की गयी। चौकी गौरीकुण्ड पुलिस द्वारा इन सभी के विरुद्ध धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (शान्ति भंग) के तहत कार्यवाही कर सक्षम मा. न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही इन सभी के अश्व संचालन करने सम्बन्धी लाईसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट सम्बन्धित विभाग को प्रेषित की गयी है।

*आपस में मारपीट करने वाले व्यक्तियों का विवरण -*

1. राकेश कुमार पुत्र श्री हरिराम निवासी ग्राम घूनी थाना घाट जिला चमोली
2. मनीष कुमार पुत्र श्री रमेश राम निवासी पिथौरागढ़
3. विजय कुमार पुत्र श्री रघुवीर लाल, निवासी बड़ेथ, जिला रुद्रप्रयाग

 

 

राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर सम्राट होटल के निकट पत्थर गिरने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त, जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग की संवेदनशीलता से घायलों को मिला त्वरित उपचार

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राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर सम्राट होटल के निकट शुक्रवार को श्रीनगर की ओर जा रहा वाहन संख्या UK17 TA 1470 अचानक पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना में वाहन चालक सहित एक दंपति कुल तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों को हल्की चोटें आई हैं तथा उपचार हेतु उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चलते वाहन के ऊपर अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट परिवहन विभाग की टीम के साथ निकट क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान राहगीरों द्वारा उन्हें दुर्घटना की सूचना दी गई।

सूचना प्राप्त होते ही एआरटीओ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घायलों की स्थिति का जायजा लिया। घायल यात्रियों को उपचार की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने एंबुलेंस की प्रतीक्षा करना उचित नहीं समझा तथा मानवीय संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय देते हुए विभागीय वाहन से स्वयं तीनों घायलों को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया, जहां उनको उपचार उपलब्ध कराया गया है।

घटना के दौरान जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग का मानवीय एवं संवेदनशील स्वरूप स्पष्ट रूप से देखने को मिला। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा द्वारा पूर्व से ही सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्हीं निर्देशों के क्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की गई।