असम बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया उत्तराखंड रेडक्रास, जुटाए ₹63 हजार
देहरादून। असम में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए उत्तराखंड रेडक्रास ने मानवीय पहल करते हुए आर्थिक सहायता जुटाई है। भारतीय रेडक्रास सोसायटी की उत्तराखंड राज्य शाखा की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष डोनेशन ड्राइव चलाया गया।
राज्य चेयरमैन ओंकार बहुगुणा और राज्य मैनेजिंग कमेटी की पहल पर शुरू किए गए अभियान के तहत कुमाऊं मंडल में दीपक पाठक और गढ़वाल मंडल में अजय सेमवाल ने समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। अभियान के पहले चरण में उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और चमोली की जिला रेडक्रास इकाइयों के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहयोग जुटाया।
मंगलवार को तीनों जिलों से एकत्रित 63 हजार रुपये की सहायता राशि भारतीय रेडक्रास सोसायटी की असम राज्य शाखा को भेजी गई। असम रेडक्रास के राज्य चेयरमैन ए.के. हजारिका ने उत्तराखंड रेडक्रास की पहल की सराहना करते हुए राज्य शाखा, मैनेजिंग कमेटी और सहयोगी जिला इकाइयों का आभार जताया।
उत्तराखंड रेडक्रास की इस पहल को मानवता, सेवा और आपसी सहयोग की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। आपदा की घड़ी में देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक मदद पहुंचाने की यह पहल रेडक्रास के मूल सिद्धांतों को मजबूती देती है। संकट के समय भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का संदेश इस अभियान के जरिए सामने आया है।
असम बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया उत्तराखंड रेडक्रास, जुटाए ₹63 हजार
चोपता पॉलीटेक्निक भवन निर्माण की वनभूमि निस्तारण पर क्षेत्रवासियों ने जताया विधायक आशा नौटियाल का आभार।
विगत 12 वर्षों से लटका था मामला, भवन निर्माण की राह हुई आसान।
रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर क्षेत्र के चोपता स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के भवन निर्माण को लेकर पिछले लगभग 12 वर्षों से लंबित वनभूमि संबंधी प्रकरण के निस्तारण पर क्षेत्रवासियों ने विधायक आशा नौटियाल का आभार व्यक्त किया है। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान चोपता के भवन निर्माण के लिए आवश्यक भूमि से संबंधित वनभूमि पत्रावली लंबे समय से लंबित होने के कारण भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। जिसके लिए विधायक आशा नौटियाल द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं शासन स्तर पर लगातार पैरवी की तथा वनभूमि से जुड़ी औपचारिकताओं के निस्तारण के लिए निरंतर प्रयास किए। जिसके परिणामस्वरूप लगभग 12 वर्षों से लंबित वनभूमि संबंधी समस्या का समाधान होने से अब पॉलीटेक्निक संस्थान के भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 
तल्लानागपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमित प्रदाली ने इस लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान कराने के लिए विधायक आशा नौटियाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक के प्रयासों से वर्षों से अटकी विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ी है। विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। कहा कि स्थायी भवन बनने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अर्जुन नेगी, जिला पंचायत सदस्य गंभीर बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण बर्तवाल, संघर्ष समिति अध्यक्ष अमित प्रदाली, हर्ष लाल, दलवीर नेगी, दुर्गा करासी, सीता देवी, मनबर सिंह आदि थे।
रुद्रप्रयाग के अर्णव ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, सिंगापुर में एक करोड़ के पैकेज पर चयन
तिलवाडा । जनपद रुद्रप्रयाग के सुदूरवर्ती सुरसाल गांव निवासी अर्णव शौर्य बिष्ट ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। आईआईटी मुंबई से पीएचडी पूरी करने के बाद अर्णव का चयन अमेरिका की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी ग्लोबलफाउंड्रीज के सिंगापुर कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद पर हुआ है। उन्हें करीब एक करोड़ रुपये सालाना पैकेज मिला है।
पहाड़ से निकलकर हासिल की अंतरराष्ट्रीय पहचान
अर्णव की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में रहकर पूरी की। उनके पिता राजकीय इंटर कॉलेज चौरिया भरदार में प्रधानाचार्य हैं, जबकि माता माता प्राथमिक विद्यालय रामपुर में प्रधानाध्यापिका हैं। शिक्षा के माहौल वाले परिवार में पले-बढ़े अर्णव ने बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीरता दिखाई।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा तिलवाड़ा में हुई। इसके बाद उन्होंने विद्या मंदिर सुमाड़ी से हाईस्कूल तथा विद्या मंदिर बेलनी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने एनआईटी श्रीनगर से बीटेक, आईआईटी रुड़की से एमटेक और इसके बाद आईआईटी मुंबई से पीएचडी की।
शोध और तकनीकी क्षेत्र में बनाई पहचान
उच्च शिक्षा के दौरान अर्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित की। पीएचडी पूरी करने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी में काम करने का अवसर मिला। ग्लोबलफाउंड्रीज के सिंगापुर कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद पर उनका चयन पहाड़ के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
करीब एक करोड़ रुपये के वार्षिक पैकेज पर चयन होने से परिवार, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिचितों ने अर्णव की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे रुद्रप्रयाग के लिए गौरव का क्षण बताया।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
अर्णव शौर्य बिष्ट की कहानी पहाड़ के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने छोटे से गांव से निकलकर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शिक्षा हासिल की और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
अर्णव की उपलब्धि यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और सही दिशा में निरंतर प्रयास से पहाड़ का युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकता है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ रुद्रप्रयाग और पूरे उत्तराखंड में गर्व का माहौल है।
पीएम पोषण योजना में लापरवाही पर छह विद्यालयों से स्पष्टीकरण
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत बच्चों को दिए जा रहे पके-पकाए भोजन की निगरानी के लिए संचालित ऑटोमैटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने समीक्षा की। समीक्षा में छह विद्यालयों द्वारा भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या की गलत सूचना एसएमएस के माध्यम से भेजे जाने का मामला सामने आया। इस पर संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पीएम पोषण योजना के तहत प्रत्येक कार्यदिवस भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की वास्तविक संख्या संस्थाध्यक्ष अथवा पीएम पोषण प्रभारी द्वारा एसएमएस के माध्यम से दर्ज की जाती है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि छह विद्यालयों ने पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष भोजन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या की त्रुटिपूर्ण सूचना भेजी।
इनमें ऊखीमठ विकासखंड का राजकीय इंटर कॉलेज नारायणकोटी, जखोली का जनता जूनियर हाईस्कूल विनोधारा तथा अगस्त्यमुनि विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिल्ला, प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर, प्राथमिक विद्यालय बौठा धनपुर और राजकीय इंटर कॉलेज कमसाल शामिल हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्रुटिपूर्ण सूचना के लिए जिम्मेदार प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी दी जाए। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना की नियमित समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है, इसलिए डाटा फीडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक माह सात तारीख तक पीएम पोषण का डाटा फीडिंग कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कराने, नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की स्थिति स्पष्ट करने तथा वास्तविक रूप से भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या के आधार पर ही डाटा दर्ज करने के निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उप शिक्षा अधिकारियों को योजना की लगातार समीक्षा और निरीक्षण करने के साथ ही निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पका-पकाया भोजन बच्चों को उपलब्ध कराने के लिए पूरी जवाबदेही से कार्य करने को कहा।
लच्छीवाला में लोड वाहन से टकराई कार, दो की मौत की सूचना; पांच घायल
देहरादून। हरिद्वार नेशनल हाईवे पर लच्छीवाला स्थित मणिमाई मंदिर के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार की लोड वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार दो लोगों के हताहत होने की सूचना है, जबकि पांच अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और राहत दल को सूचना दी तथा घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
नोट: मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
रुद्रप्रयाग में 930 भोजनमाताओं को पीएम पोषण योजना का प्रशिक्षण
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत जिले की 930 भोजनमाताओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिले के सभी 27 संकुल केंद्रों में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य भोजनमाताओं को उनके कार्य एवं दायित्वों के प्रति दक्ष बनाना तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना रहा।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) एवं जिला परियोजना अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर सीआरपी के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भोजन के सुरक्षित भंडारण, साप्ताहिक भोजन मेन्यू, आपातकालीन प्रबंधन और स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग की जानकारी दी गई।
भोजनमाताओं को खाना पकाने से पहले आवश्यक सावधानियां बरतने, लोहे की कड़ाही के महत्व, खाद्य अपव्यय रोकने तथा विद्यार्थियों में भोजन से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान भोजनमाताओं ने अपने अनुभव और समस्याएं साझा कीं। अधिकारियों ने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को विद्यालयों में व्यवहार में लाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सीआरपी कोऑर्डिनेटर, प्रधानाध्यापकों एवं योजना प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की समीक्षा, बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश
रुद्रप्रयाग। मानसून के बीच जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों को लेकर कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने केदारनाथ यात्रा, सड़क मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लिया।
मंत्री ने लंबे समय से बंद और बाधित सड़क मार्गों को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर मलबा आने की स्थिति में इंपैनल मशीनों को बिना देरी प्रभावित स्थान पर भेजा जाए, ताकि यातायात जल्द बहाल हो सके।
उन्होंने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने और मशीनरी व उपकरणों की लोकेशन की अद्यतन जानकारी रखने को भी कहा। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ और क्यूआरटी टीमों की उपलब्धता तथा राहत-बचाव संसाधनों की भी समीक्षा की गई।
अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा में जलभराव पर भी चर्चा
बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर मंत्री ने स्थायी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि मानसून के दौरान स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी न हो।
बैठक में पेयजल, बिजली, सिंचाई नहरों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आयुष अस्पतालों सहित आपदा से प्रभावित सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का समयबद्ध आकलन कर पुनर्स्थापना कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करते हुए आमजन और यात्रियों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नौवीं कक्षा मे पढ़ने वाली छात्रा को परिजनों द्वारा मोबाइल फोन न देने पर उठाया आत्मघाती कदम..
जखोली के मरंगांव में 14 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड जखोली के मरंगांव में रविवार को एक 14 वर्षीय किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम भणज, विकासखंड अगस्त्यमुनि निवासी कुमारी स्वाति (14) इन दिनों पढ़ाई के लिए अपने ननिहाल मरंगांव आई हुई थी। वह राजकीय इंटर कॉलेज तैला सिलगढ़ में कक्षा नौवीं की छात्रा थी।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह उसके नाना-नानी चारापत्ती लेने और बकरियां चुगाने के लिए जंगल गए थे। इसी दौरान किशोरी घर पर अकेली थी। करीब 11 बजे जब उसकी नानी घर लौटी और स्वाति को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। घर के अंदर देखने पर किशोरी पंखे से लटकी हुई मिली।
घटना की सूचना तत्काल पुलिस चौकी मयाली एवं मयाली-मयकंडी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेज दिया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार, घटना के पीछे मोबाइल फोन न दिए जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
कैबनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के प्रयासों से पश्चिमी भरदार में विकास को मिली रफ्तार, पुल के लिए ₹6.36 करोड़ और पेयजल योजना के लिए ₹85 लाख स्वीकृत।
रुद्रप्रयाग। पश्चिमी भरदार क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति मिली है। सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर भरदारी गाड़ में पुल निर्माण के लिए ₹6.36 करोड़ तथा क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना के NPV के लिए ₹85 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में निर्मित सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर सेमलता और डूंगरा के मध्य भरदारी गाड़ में प्रस्तावित पुल का निर्माण लंबे समय से धनराशि के अभाव में लंबित था। पुल न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी।
क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने सरकार में मंत्री बनने के बाद इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को पुल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विचलन के माध्यम से ₹6.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पुल निर्माण से क्षेत्र के आवागमन को बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना भी वन विभाग की स्वीकृति के कारण लंबित चल रही थी। योजना को आगे बढ़ाने के लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को NPV के रूप में ₹85 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है और योजना का कार्य सितंबर माह से शुरू किए जाने की तैयारी है। योजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी भरदार क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को गति देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सेमलता–डूंगरा पुल का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही पेयजल योजना को भी शीघ्र धरातल पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी भरदार सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।
देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर ग्रीष्म कालीन राजधानी भराड़ीसैण में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फहराया तिरंगा, बच्चों ने दी देशभक्ति प्रस्तुतियां।
- चमोली…भराड़ीसैण। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैण में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देश की आन-बान-शान को नमन किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम स्थल देशभक्ति के रंग में रंग गया। कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भराड़ीसैण को विकसित और सुविधासंपन्न बनाने के लिए अवस्थापना विकास के कार्य निरंतर गतिमान हैं। क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही अन्य आवश्यक संसाधन भी जुटाए जाएंगे, ताकि भराड़ीसैण का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने भराड़ीसैण परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान राष्ट्रभक्ति, विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुखता से देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री ने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सभी से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक अनिल नौटियाल, प्रमुख श्रीमती दुर्गा देवी, सतीश लखेड़ा, अरुण मैठाणी, टीका प्रसाद मैखुरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं विद्यालयों के छात्र-छात्राऐ व अधिकारीगण उपस्थित रहे।












