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Wednesday, June 24, 2026
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₹3.33 करोड़ की लागत से विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग की 2 सड़कों का होगा कायाकल्प।

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वन टाइम मेंटटेन्स के तहत मिली सड़कों के नवीनीकरण की मिली स्वीकृति।
तूना-बौंठा मोटर मार्ग का होगा सुधारीकरण। लंबे समय से जनता की थी सड़क डामरीकरण की मांग।
कैबिनेट भरत चौधरी दी क्षेत्र वासियों को बधाई।
विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के अंतर्गत विकासखण्ड अगस्तमुनि के अंतर्गत तूना बौंठा मोटर मोटर मार्ग का डामरीकरण/सुदृढ़ीकरण का कार्य। ( लम्बाई- 10.50 किमी- लागत- ₹1.85 करोड़) एवं विकासखंड जखोली के अंतर्गत पन्याताल कोट लौंगा मोटर मार्ग का डामरीकरण/सुधारीकरण कार्य। ( लम्बाई- 4.86 किमी- लागत- ₹1.48 करोड़) इन दोनों सड़कों का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत हुआ था। राज्य सरकार द्वारा उक्त सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया है। जिसके रख रखाव डामरीकरण एवं नवीनीकरण के लिए के लिए राज्य सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई गई है। वही सड़कों के लिए धनराशि स्वीकृत होने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि लंबे समय से सड़कें पीएमजीएसवाई के पास थी। लोकनिर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के उपरांत वन टाइम मेन्टेन्स के तहत सड़कों के डामरीकरण के लिये धनराशि उपलब्ध करवाई गई है।। स्थानीय जनता लागतार सड़कों के डामरीकरण व नवीनीकरण की मांग कर रही थी। जल्द कार्य प्रारंभ होगा और आमजन को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी कुशल नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।

आयुक्त गढ़वाल द्वारा की गई श्री केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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स्वच्छता, सुरक्षा एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर, भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश*

*यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, रात्रि आवागमन प्रतिबंधित*

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय तथा आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप द्वारा आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में यात्रा व्यवस्था नोडल अधिकारियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ जिला कार्यालय सभागार रुद्रप्रयाग में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने गढ़वाल आयुक्त महोदय को अब तक की यात्रा संचालन स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेली सेवाओं का उपयोग किया है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी के माध्यम से यात्रा की गई है।

उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, सभी अस्पताल पूर्णतः क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स तैनात है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया गया है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।

यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था की गई है तथा गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड पर महिला एवं पुरुषों के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत, पेयजल, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट एवं शटल सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर द्वारा यात्रा रूट प्लान, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग एवं आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

गढ़वाल आयुक्त ने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, कार्मिकों की पर्याप्त तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से शौचालयों की रेंडम चेकिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने यात्रा से संबंधित भ्रामक खबरों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों को तत्काल अपना पक्ष जारी करने के निर्देश दिए, ताकि अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हेली सेवाओं में टिकटों का निर्धारित दरों पर ही विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि यदि मनमाने तरीके से टिकट बिक्री या वसूली की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ नियंत्रण हेतु विशेष प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

धाम क्षेत्र में फायर ऑडिट कराने तथा सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*जनप्रतिनिधियों से भी लिए सुझाव*
आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुगम संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए तुना-बौंठा मोटर मार्ग के डामरीकरण, तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग निर्माण, शौचालय व्यवस्था तथा प्रमुख मंदिर मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी द्वारा एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया गया।

जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर आयुक्त द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर मार्ग की स्थिति संतोषजनक पाई गई है तथा आवश्यक स्थलों पर सुधार हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।

18 किलोमीटर पैदल मार्ग पर शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने हेतु हर समय सफाई कर्मियों एवं पर्यावरण मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ धाम में अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु ₹5 लाख की धनराशि पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को आवंटित की गई है।

सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर यात्री वाहनों एवं पैदल आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सामग्री के परिवहन को अनुमति दी जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा यात्रियों से संवाद स्थापित करेंगे। मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम तक पैदल निरीक्षण भी प्रस्तावित है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौसम की प्रतिकूलता के कारण हेली सेवाओं में आ रही बाधाओं का संज्ञान लेते हुए हेली कंपनियों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो आवश्यकतानुसार यात्रा को रोका जा सकता है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार 2-3 घंटे के लिए यात्रा रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज भी यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षित एवं सुगम यात्रा संचालन सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, अगस्तमुनि ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, सुलभ इंटरनेशनल से धनंजय पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026: सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब, अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 में इस वर्ष श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की सुदृढ़ एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद यात्रा निरंतर सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है।

दिनांक 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद से लेकर 03 मई 2026 की सायं 5 बजे तक कुल 3,08,085 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं आज एक ही दिन में 23,784 श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया, जो यात्रा प्रबंधन की दक्षता और व्यवस्थाओं की मजबूती को दर्शाता है।

यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन की टीमें 24×7 मुस्तैदी से तैनात हैं। यात्रा मार्ग के प्रत्येक प्रमुख पड़ाव पर पेयजल, चिकित्सा, ठहराव, स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, DDRF, NDRF सहित सभी संबंधित एजेंसियां हाई अलर्ट पर कार्य कर रही हैं।

इसके साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

जिला प्रशासन द्वारा सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह पावन यात्रा सभी के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।

रुद्रप्रयाग में 8वर्षो की सेवा करने के बाद 10 प्रामरी सहायक अध्यापको की सेवा समाप्त

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रुद्रप्रयाग.. जनपद रुद्रप्रयाग में वर्ष 2018 में उत्तराखंड सरकार द्वारा विशिष्ट बीटीसी  के द्वारा बीएड कर चुके अभ्यर्थी को प्रामरी सत्र पर वर्षवार के आधार पर आर्ट व साइंस की विज्ञप्ति जारी कर प्राप्ताँक के आधार पर चयन किया गया था जिन दस सहायक अध्यापको की सेवा समाप्ति हुई है वे सभी भी इस विज्ञप्ति में समलित हुए थे लेकिन इन के शैक्षिक दस्तावेज जाँच करने के पश्चात चयन कमेठी ने इनका चयन रोक दिया था क्यों की ये सभी दस लोग स्नातक सत्र पर 50 प्रतिशत से कम अंक धारक होने के बाद अन्य प्रदेशो से बीएड कर अपनी दावेदारी वर्षवार के आधार पर प्रस्तुत की. बेसिक शिक्षा निमावली में उल्लेखित था की वही व्यक्ति बीएड कर सकता है जो स्नातक में 50 प्रशित अंको के साथ उत्तीर्ण हुआ हो लेकिन इन सभी दस लोगो के स्नातक में 50 प्रतिशत से भी कम अंक थे जिस कारण उनका चयन रोके जाने पर ये सभी कोर्ट की शरण में गये और कोर्ट के अधीन नियुक्ति पाने में सफल हुए..और इन सभी दस लोगो को चयन कमेठी द्वारा न्यायालय के अंतरिम आदेश पर इनका चयन कर इन सभी को स्कूल आवटित किए और नियुक्ति आदेश में न्यायालय के अंतरिम आदेश भी उल्लेखित किया गया ज़ब तक अंतिम आदेश नहीं आता तब तक राजकीय सेवा में बने रह सकते है

आठ वर्षो बाद न्यायालय का अंतिम आदेश आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा ) के द्वारा सेवा समाप्ति काआदेश दिया जारी किया गया

जिन दस अध्यापको की सेवा समाप्ति हुई उनमे 05जखोली ब्लाक, 01अगस्त्यमुनी ब्लाक, 04 ऊखीमठ ब्लाक के सम्मलित है

रुद्रप्रयाग पुलिस को मिली बड़ी सफलता, राजस्थान के दो शातिर चोर हुए गिरफ्तार।

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रुद्रप्रयाग…​कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस ने कोतवाली सोनप्रयाग पर पंजीकृत मु.अ.सं. 08/2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता से सम्बन्धित के विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

*इस मामले में वादिनी हिमाद्री शर्मा निवासी ग्रेटर कैलाश दिल्ली द्वारा कोतवाली सोनप्रयाग पर तहरीर दी गई थी कि दिनांक 23 अप्रैल 2026 को केदारनाथ में भीड़ में किन्हीं अज्ञात द्वारा उनका आईफोन और पर्स चोरी कर लिया गया है। जिस पर पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता की चोरी सम्बन्धी धारा 303 (2) में मुकदमा दर्ज कर विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित की गई थी। गिरफ्तारी के उपरांत इस अभियोग में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 (2) चुराई सम्पत्ति प्राप्त करना की बढ़ोत्तरी की गई है।

*​अभियुक्तों का विवरण -*
1- ​सुनील कुमार पुत्र महाराज, निवासी बगला सवाई राम, थाना कुमेर, जिला भरतपुर, राजस्थान।

2- ​ललित कुमार पुत्र प्रभुदयाल, निवासी भाथपुर, थाना कोट कासिम, जिला अलवर, राजस्थान।

*​पुलिस टीम का विवरण*
1- अपर उपनिरीक्षक योगेश कुमार शर्मा
2- अपर उपनिरीक्षक जावेद अली
3- अपर उपनिरीक्षक कविन्द्र सिंह
4- आरक्षी रोहित सिंह
5- आरक्षी शुभम

अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

*प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान अब तक 3 अलग-अलग मुकदमों में रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से 5 शातिर पॉकेटमार चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।*

 

हंस फाउंडेशन संस्था द्वारा दूरस्थ क्षेत्रो में जगाई जा रही है शिक्षा की अलख.. ग्रामीण क्षेत्रो के गरीब छात्र छात्रों को मिल रही है गुणवता शिक्षा.

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हंस फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ शिक्षा दीन  दुःखियो की मददत के साथ साथ उन दूरस्थ क्षेत्रो में भी अपनी सेवाएं दे रहे है जहां शिक्षा को लेकर पलायन करने के लिए लोग मजबूर हो रखे. माता मंगला व भोले महाराज की दूरदृस्टि सोच से आज करोड़ो देश विदेश वासियो को उनके फाउंडेशन से मददत मिल रही हैं.

हंस फाउंडेशन द्वारा विकास खंड जखोली के ग्राम पंचायत धारकोट के मुनलाइट पब्लिक स्कुल को अपने फाउंडेशन के माध्यम से चला रहे है. हंस संस्था के द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को निशुल्क किताबें यूनिफार्म,फीस व वहां पढ़ाने वाले अध्यापको को स्वयं वेतन भते दिए जाते है जिसे दूरस्थ क्षेत्र के होनहार छात्रों को भी अच्छी शिक्षा मिलने जा रही है

*परम पूजनीय माता मंगला जी और भोले जी महाराज की प्रेरणा से, हंस कल्चरल सेंटर द्वारा संचालित मूनलाइट पब्लिक स्कूल, धारकोट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई पहल*

 

परम पूजनीय माता मंगला जी और भोले जी महाराज की प्रेरणा से हंस कल्चरल सेंटर, नई दिल्ली द्वारा संचालित मूनलाइट पब्लिक स्कूल, धारकोट (रुद्रप्रयाग) आज शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।

30 अप्रैल 2026 को विद्यालय परिसर में अभिभावकों एवं शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उनके सर्वांगीण विकास एवं भविष्य की दिशा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षकों द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति रिपोर्ट अभिभावकों के साथ साझा की गई।

बैठक के दौरान अभिभावकों ने अपने विचार, सुझाव एवं अपेक्षाएँ व्यक्त कीं, जिनका विद्यालय प्रशासन ने गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया। यह संवाद विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक रहा।

हंस कल्चरल सेंटर द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने हेतु विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों का चयन किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उत्कृष्ट शिक्षा का लाभ मिल सके। संस्था न केवल ग्रामीण अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य कर रही है, बल्कि क्षेत्र में पलायन को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि हंस कल्चरल सेंटर द्वारा सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक श्री राजेश कुमार द्वारा किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री दीपक ध्यानी एवं प्रबंधक श्री नागेंद्र सिंह पंवार जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की।

 

*परम पूजनीय माता मंगला जी और भोले जी महाराज की प्रेरणा से, हंस कल्चरल सेंटर द्वारा संचालित मूनलाइट पब्लिक स्कूल, धारकोट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई पहल*

 

परम पूजनीय माता मंगला जी और भोले जी महाराज की प्रेरणा से हंस कल्चरल सेंटर, नई दिल्ली द्वारा संचालित मूनलाइट पब्लिक स्कूल, धारकोट (रुद्रप्रयाग) आज शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।

दिनांक 30 अप्रैल 2026 को विद्यालय परिसर में अभिभावकों एवं शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उनके सर्वांगीण विकास एवं भविष्य की दिशा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षकों द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति रिपोर्ट अभिभावकों के साथ साझा की गई।

बैठक के दौरान अभिभावकों ने अपने विचार, सुझाव एवं अपेक्षाएँ व्यक्त कीं, जिनका विद्यालय प्रशासन ने गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया। यह संवाद विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक रहा।

हंस कल्चरल सेंटर द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने हेतु विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों का चयन किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उत्कृष्ट शिक्षा का लाभ मिल सके। संस्था न केवल ग्रामीण अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य कर रही है, बल्कि क्षेत्र में पलायन को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि हंस कल्चरल सेंटर द्वारा सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक श्री राजेश कुमार द्वारा किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री दीपक ध्यानी एवं प्रबंधक श्री नागेंद्र सिंह पंवार जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की।

धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले – बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

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कैबिनेट के प्रमुख फैसले (एक नजर में)
– बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई
– कुंभ मेले में 1 करोड़ तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक गढ़वाल आयुक्त और उससे अधिक कार्य शासन स्तर से स्वीकृत होंगे
– उद्योग विभाग में दर 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल की गई
– वित्त/राज्यकर विभाग ने आबकारी नीति के तहत 6% दर को अपनाया
– परिवहन विभाग को 250 बसें खरीदने की स्वीकृति दी गई
जीएसटी दर कम होने के चलते 100 की जगह 109 बसें खरीदी जाएंगी
– वन विभाग में संशोधन: वन दरोगा आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी 18 से 25 वर्ष की गई
– डी श्रेणी ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये की गई
– वन क्षेत्र की सीमाओं पर मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी
– उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया जा चुका है
– कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों की मान्यता अब जिला स्तर से होगी
– 9वीं से 12वीं तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी (करीब 52 मदरसे)
– प्रतीक्षा सूची की वैधता एक वर्ष तक रखने का निर्णय
विशेष शिक्षा शिक्षकों की नियमावली को मंजूरी
शैक्षिक संवर्ग नियमावली को मंजूरी
– लोक निर्माण विभाग में पद सृजन प्रस्ताव को मंजूर
– ⁠वर्कचार्ज कर्मियों पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट को दी गई
– डी श्रेणी ठेकेदारों को अब 1.5 करोड़ तक के कार्य मिलेंगे
– मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ाया गया

श्री केदारनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब, पहले सप्ताह में ही 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

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मजबूत व्यवस्थाओं और प्रशासन की मुस्तैदी से सुचारू रूप से संचालित हो रही यात्रा

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 इस वर्ष आस्था, उत्साह और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब बाबा के धाम में उमड़ पड़ा है। यात्रा प्रारंभ होने के सातवें दिन, मंगलवार को 21,134 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए जिससे एक सप्ताह में बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 2,07,452 तक पहुंच गई। यात्रा के प्रथम सप्ताह में ही दो लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो न केवल आस्था की प्रबलता को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का भी प्रमाण है।

जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुआयामी तैयारियां की गई हैं। शासन के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने यात्रा प्रारंभ होने से कई माह पूर्व ही कार्ययोजना तैयार कर विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारा है।

*राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस*

यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक मरम्मत कार्य, सड़क पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी स्वयं रुद्रप्रयाग पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है तथा रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 का स्थलीय जायजा लिया गया था।

*सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था*

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन हेतु 2 सुपर जोन एवं 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की 8 टीमें, फायर सर्विस की 7 टीमें, साथ ही एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड को तैनात किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद सुनियोजित ढंग से व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं, टोकन प्रणाली के माध्यम से अल्प समय में श्रद्धालुओं को बाबा के सहज, सुरक्षित एवं सुगम दर्शन संभव हो पा रहे हैं।

*घोड़ा-खच्चर संचालन में सख्ती और पशु कल्याण पर जोर*

इस वर्ष पैदल मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है। अस्वस्थ या बीमार पशुओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा पशु क्रूरता के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*स्वास्थ्य सेवाएं: हर कदम पर सुरक्षा का भरोसा*

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर अस्थायी चिकित्सा इकाइयां स्थापित की गई हैं, जहां डॉक्टर, अटेंडेंट, दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक हेल्थ चेकअप सेंटर स्थापित किए गए हैं। गंभीर स्थिति में हेलीकॉप्टर के माध्यम से त्वरित रेस्क्यू की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

*बर्फ हटाने और पैदल मार्ग को सुगम बनाने का अभियान*

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने का कार्य कर पैदल मार्ग को पूरी तरह सुगम बनाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है।

*“ग्रीन यात्रा” अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन*

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यात्रा को “ग्रीन यात्रा” के रूप में संचालित किया जा रहा है। सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया गया है तथा कूड़ा प्रबंधन के लिए डस्टबिन एवं कलेक्शन सिस्टम स्थापित किए गए हैं। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है तथा यात्रियों को साफ शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। श्रद्धालुओं को इको फ्रेंडली सामग्री के उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं एवं प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान भी चलाये गए है।

*गैस आपूर्ति एवं खाद्य व्यवस्थाएं सुचारू*

यात्रा हेतु होटल एवं भोजनालयों में एलपीजी गैस की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विशेष व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग भी की गई है, जिससे किसी प्रकार की कमी न हो।

*वोकल फॉर लोकल: स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा*

“वोकल फॉर लोकल” अभियान के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।

*पेयजल, प्रकाश और आधुनिक सुविधाएं*

यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पैदल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर वाटर एटीएम स्थापित किए गए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक पूरे मार्ग पर 600 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, साथ ही 300 से अधिक सोलर लाइटें भी स्थापित की गई हैं, जिससे रात्रि के समय भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो रहा है।

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें तथा आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

रुद्रप्रयाग पुलिस का नशे के सौदागरों पर बड़ा प्रहार, 11 पेटी अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार।

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जनपद रुद्रप्रयाग में प्रचलित चारधाम यात्रा की आड़ में नशे का कारोबार करने वाले सक्रिय हो गए हैं, लेकिन रुद्रप्रयाग पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक अल्टो कार से 11 पेटी अवैध शराब बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर परिवहन में प्रयुक्त अल्टो कार को भी सीज कर दिया है।

सोमवार 27 अप्रैल को एसओजी प्रभारी रंजीत खनेड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक अल्टो कार संख्या यूके 12 एफ 1268 को संदिग्ध मानकर रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर से मैकडॉवेल व्हिस्की की 11 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें 12 बोतल, 48 हाफ और 384 पव्वों का भारी जखीरा मौजूद था।

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान श्रवण कुमार पुत्र रघुनाथ सिंह, निवासी ग्राम कठूड (श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वर्ष 2022 में भी श्रीनगर कोतवाली में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था।

मामले में कोतवाली रुद्रप्रयाग पर अभियुक्त के विरुद्ध मु.अ.सं. 26/2026 धारा 60/72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस टीम में मुख्य रूप से एसओजी प्रभारी रंजीत खनेड़ा, मुख्य आरक्षी मनमोहन सिंह, आरक्षी देवेंद्र सिंह और आरक्षी रविंद्र सिंह शामिल रहे। एसपी रुद्रप्रयाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रचलित यात्रा के दौरान पुलिस की व्यस्तता का फायदा उठाने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और नशे के विरुद्ध यह प्रहार आगे भी जारी रहेगा।

RTI में बीकेटीसी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा -दर्जाधारी राज्यमंत्री ने पत्नी को नियुक्त किया अपना चपरासी !

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*RTI में बीकेटीसी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा*

*दर्जाधारी राज्यमंत्री ने पत्नी को नियुक्त किया अपना चपरासी !*

बीकेटीसी में उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त दर्जा राज्यमंत्री विजय कप्रवाण अपनी पत्नी को अपने साथ अनुचर (चतुर्थ श्रेणी कार्मिक) दिखा कर बारह हजार रूपये प्रतिमाह भुगतान ले रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने उक्त आरोप लगाया,

बीकेटीसी से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि करोड़ों- करोड़ों सनातनियों की आस्था व श्रद्धा के केंद्र बदरीनाथ व केदारनाथ धामों को बीकेटीसी के पदाधिकारियों ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न निगम व बोर्डों में तैनात दायित्वधारियों को सरकारी कार्मिक उपलब्ध नहीं होने की दशा में निजी स्तर पर एक वैयक्तिक सहायक व एक चतुर्थ श्रेणी कार्मिक नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है।

वैयक्तिक सहायक को पंद्रह हजार और चतुर्थ श्रेणी कार्मिक को बारह हजार रूपये प्रतिमाह का प्रावधान किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि बीकेटीसी में जरुरत से ज्यादा अस्थायी कार्मिक नियुक्त हैं।

मगर उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने बीकेटीसी के कार्मिकों को संबद्ध करने बजाय अपने पड़ोस के एक युवक को वैयक्तिक सहायक के रूप में दर्शाया है।

हैरानी की बात यह है कि बीकेटीसी जैसी प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था के उपाध्यक्ष ने सारी नैतिकता ताक पर रख कर अपनी पत्नी को ही अपने साथ चतुर्थ श्रेणी कार्मिक दर्शा कर बारह हजार रूपये प्रतिमाह का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा की शासन ने सरकारी कार्यालय व आवास उपलब्ध नहीं होने की दशा में दायित्वधारियों के लिए पच्चीस हजार रूपये प्रतिमाह का प्रावधान किया है।

बीकेटीसी का मुख्यालय जोशीमठ और कैंप कार्यालय राजधानी देहरादून में स्थित है।

देहरादून कार्यालय में उपाध्यक्ष को भी कक्ष आवंटित है। मगर इसके बावजूद कप्रवाण अपना आवास व कार्यालय रुद्रप्रयाग में दर्शा कर भत्ते के रूप में प्रतिमाह पच्चीस हजार रूपये ले रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि कार्यालय और आवास की व्यवस्था मुख्यालय अथवा कैम्प कार्यालय वाले स्थान में ही हो सकती है।

कप्रवाण ने अपने गृह नगर रुद्रप्रयाग में आवास और कार्यालय दर्शाया हुआ है।

कार्यालय में फर्नीचर इत्यादि भी बीकेटीसी के पैंसे से खरीदा गया।

उन्होंने आश्चर्य जताया कि बीकेटीसी द्वारा मंदिर समिति एक्ट और शासनादेशों का उल्लंघन कर कप्रवाण को लगातार भुगतान किया जा रहा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।