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Wednesday, June 24, 2026
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बम बम भोले के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खुले द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट

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*श्री ओंकारेश्वर मंदिर से गोण्डार होते हुए दिव्य धाम पहुंची बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली, श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले कपाट*

पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में विख्यात भगवान श्री मद्महेश्वर जी मंदिर के कपाट आज श्रद्धा, आस्था एवं सनातन परंपराओं के मध्य विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के पावन अवसर पर पूरा धाम “हर-हर महादेव” और भगवान मद्महेश्वर के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली कल रात्रि विश्राम गोण्डार में करने के उपरांत आज प्रातः गोण्डार गाँव से पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों एवं भक्तिमय वातावरण के बीच धाम के लिए रवाना हुई। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं भक्ति देखने को मिली। प्रातः लगभग 10:45 बजे उत्सव डोली मद्महेश्वर धाम पहुंची, जहां मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कपाट खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

मुख्य पुजारी श्री शिव शंकर लिंग सहित वेदपाठियों द्वारा पूजा संपन्न होने के पश्चात लगभग 11 बजे जैसे ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, पूरा धाम शिवमय वातावरण में डूब गया। इस दौरान उपस्थित लगभग 1135 श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर के प्रथम दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

कपाटोद्घाटन अवसर पर मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया। यात्रा मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए थे।

हिमालय की गोद में स्थित श्री मद्महेश्वर धाम अपनी दिव्यता, आध्यात्मिक आभा एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विशेष पहचान रखता है। कपाट खुलने के साथ ही अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

कपाटोद्घाटन के दौरान मंदिर समिति सदस्य प्रहलाद पुष्पवान, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, प्रधान गोंडार अनूप पंवार,पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवानंद पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की हुंकार रैली, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन,ADM के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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रुद्रप्रयाग..सोमवार 18 मई 2026 को प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर पूरे प्रदेश के 13 जिलों में शिक्षकों का धरना प्रदर्शन रैली थी जिसके क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ का भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली निकाली गई जो की बेला तिराहा बैंड से रैली निकालने के उपरान्त जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में बैठक हुई इस रैली में टीईटी की अनिवार्यता को वापस लेने , 17140 की वसूली बंद करने, त्रिस्तरीय कैडर लागू करने , 5400 ग्रेड पे वालों को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने, प्रत्येक विद्यालय में अंग्रेजी का अध्यापक नियुक्त करने , लिए पुरानी पेंशन बहाल करने, अस्पतालों में ओपीडी की सुविधा लागू करने के लिए , मंडल कैडर चाहने वालों को मंडल कैडर करवाने, आदि 13 सूत्रीय ज्ञापन/ मांग पत्र श्रीमान जिला अधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री व माननीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया ! इस विशाल हुंकार रैली में संगठन के जिला अध्यक्ष लखपत सिंह लिंगवाल , महामंत्री डॉ. राधेलाल उत्तरांचली, संगठन के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष श्री दलेबसिंह राणा जी व प्रान्तीय संयुक्त मन्त्री श्री हेमन्त भट्ट आदि के नेतृत्व में सैकड़ों -शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। इसी क्रम में 29 मई को पूरे प्रदेश की हुंकार रैली और धरना निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा देहरादून के कार्यालय में हुंकार रैली एवं धरना दिया जाएगा ! और सभी ने कहा कि टीईटी की नोटिफिकेशन डेट लागू होने के बाद टीईटी करना तो ठीक है पर नोटिफिकेशन डेट लागू होने (23 अगस्त 2010) से काफी पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता संविधान और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है ! इसमें भारत सरकार व माननीय सर्वोच्च न्यायालय को पुनः विचार करना चाहिए। इस रैली में सैकड़ो जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जनपद रुद्रप्रयाग के शिक्षक – शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया ।

चारधाम यात्रा के बीच रुद्रप्रयाग में आबकारी विभाग का बड़ा अभियान, 69 लीटर अवैध शराब बरामद.

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लगातार कार्रवाई कर रहा आबकारी विभाग, जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 142 से अधिक बार की गई छापेमारी की कार्रवाई*

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद रुद्रप्रयाग में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री रमेश बंगवाल के मार्गदर्शन में विभाग की टीम लगातार जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान संचालित कर रही है।
चारधाम यात्रा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आबकारी विभाग द्वारा जनपद के तीनों विकासखंडों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यात्रा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री, तस्करी अथवा भंडारण को रोका जा सके।
अभियान के तहत अब तक करीब 69 लीटर अवैध शराब बरामद की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत 96 हजार रुपये से अधिक है। विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई करते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 142 से अधिक छापेमारी की कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है। विभाग की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
जिला आबकारी अधिकारी रमेश बंगवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 8 अप्रैल से लेकर 17 मई तक लगातार अभियान चलाया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों एवं अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की टीमें लगातार होटल, ढाबों, दुकानों, यात्रा मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं। इसके अलावा पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।

 

नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी गाथा है, जो आज भी हर भारतीय को ऊर्जा और गौरव से भर देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना, जनजातीय विकास मिशन और अन्य योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अटल आवास योजना के अंतर्गत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा आवास निर्माण सहायता बढ़ाई गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए सरकार हर स्तर पर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक रूद्रपुर श्री शिव अरोरा,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, मेयर श्री विकास शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक पूर्व विधायक श्री प्रेम सिंह राणा,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति मौजूद थे।

श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर मार पिटाई के वायरल वीडियो का रुद्रप्रयाग पुलिस ने लिया संज्ञान।

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वीडियो के आधार पर चिन्हीकरण की कार्यवाही करते हुए मारपीट की घटना में शामिल 3 घोड़ा-खच्चर संचालकों के विरुद्ध शान्ति भंग के तहत की गयी कार्यवाही, सभी को मा0 न्यायालय के समक्ष किया जा रहा पेश।*

*निकट भविष्य में ये केदारनाथ यात्रा पर अश्वों का संचालन न कर सकें, इनके अश्व संचालन विषयक लाइसेन्स के निरस्तीकरण की रिपोर्ट की गयी है प्रेषित।*

जनपद में प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा सकुशल ढंग से संचालित हो रही है। ऐसे में गत दिवस एक वायरल वीडियो संज्ञान में आया जिसमें देखा जा सकता है कि केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर कुछ घोड़ा-खच्चर संचालक आपस में लाठी डण्डों से एक दूसरे के साथ मारपीट करने पर उतारू हो रखे हैं।
एसपी रुद्रप्रयाग ने इस वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की तस्दीक करने तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग सहित पैदल यात्रा मार्ग पर अवस्थित चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। निर्गत निर्देशों के क्रम में चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड द्वारा अथक प्रयासों से पूछताछ इत्यादि करके गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव क्षेत्रान्तर्गत से 3 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा पूछताछ में स्वीकार किया गया कि इनके घोड़े आपस में टकरा गए थे, जिस कारण इनमें आपस में विवाद हो गया था और इनके द्वारा आपस में मारपीट कर ली गयी थी। इनके द्वारा किये गये इस प्रकार के कृत्य से प्रचलित यात्रा व्यवस्था के दौरान आवगमन कर रहे यात्रियों में भय व्याप्त हुआ तथा इनके द्वारा शान्ति भंग की गयी। चौकी गौरीकुण्ड पुलिस द्वारा इन सभी के विरुद्ध धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (शान्ति भंग) के तहत कार्यवाही कर सक्षम मा. न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही इन सभी के अश्व संचालन करने सम्बन्धी लाईसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट सम्बन्धित विभाग को प्रेषित की गयी है।

*आपस में मारपीट करने वाले व्यक्तियों का विवरण -*

1. राकेश कुमार पुत्र श्री हरिराम निवासी ग्राम घूनी थाना घाट जिला चमोली
2. मनीष कुमार पुत्र श्री रमेश राम निवासी पिथौरागढ़
3. विजय कुमार पुत्र श्री रघुवीर लाल, निवासी बड़ेथ, जिला रुद्रप्रयाग

 

 

राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर सम्राट होटल के निकट पत्थर गिरने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त, जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग की संवेदनशीलता से घायलों को मिला त्वरित उपचार

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राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर सम्राट होटल के निकट शुक्रवार को श्रीनगर की ओर जा रहा वाहन संख्या UK17 TA 1470 अचानक पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना में वाहन चालक सहित एक दंपति कुल तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों को हल्की चोटें आई हैं तथा उपचार हेतु उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चलते वाहन के ऊपर अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट परिवहन विभाग की टीम के साथ निकट क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान राहगीरों द्वारा उन्हें दुर्घटना की सूचना दी गई।

सूचना प्राप्त होते ही एआरटीओ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घायलों की स्थिति का जायजा लिया। घायल यात्रियों को उपचार की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने एंबुलेंस की प्रतीक्षा करना उचित नहीं समझा तथा मानवीय संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय देते हुए विभागीय वाहन से स्वयं तीनों घायलों को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया, जहां उनको उपचार उपलब्ध कराया गया है।

घटना के दौरान जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग का मानवीय एवं संवेदनशील स्वरूप स्पष्ट रूप से देखने को मिला। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा द्वारा पूर्व से ही सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्हीं निर्देशों के क्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

 

तिलवाड़ा पेयजल योजना के लिए 39.86 करोड़ स्वीकृत। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने जताया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार

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रुद्रप्रयाग.. रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगरपंचायत तिलवाडा में लम्बे समय पेयजल की किलत बनी हुई थी, क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चौधरी के अथक प्रयासों से आख़िरकार उत्तराखंड सरकार के द्वारा 40करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गईं.

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा SASCI कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹39.86 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने पर कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने समस्त क्षेत्रीय जनता की ओर से मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मंत्री चौधरी ने कहा कि तिलवाड़ा क्षेत्र में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय से क्षेत्र के हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। यह योजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘हर घर जल’ मिशन को मुख्यमंत्री धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तेजी से धरातल पर उतार रही है। डबल इंजन सरकार अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है।

मंत्री ने क्षेत्रीय जनता की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सरकार का हर कदम जनहित को समर्पित है।

श्री केदारनाथ धाम पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, श्रद्धालुओं से किया संवाद, स्वच्छता एवं सुगम यात्रा व्यवस्था पर दिया विशेष जोर

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श्री केदारनाथ धाम पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंबाबा केदार के दर्शन कर पुनर्निर्माण कार्यों एवं यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

*अतिथि देवो भव की भावना से कार्य करने एवं धाम में स्वच्छता बनाए रखने की अपील की

मा० राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) शनिवार को श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार के दिव्य दर्शन कर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखण्ड के सतत विकास की कामना की।

मा० राज्यपाल ने अत्यंत अल्प समय में ही बाबा के दर्शन किए, जिससे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। उनके आगमन के दौरान एक पल के लिए भी श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु नहीं रोका गया तथा पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। राज्यपाल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की सराहना की।

अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने मुख्य रूप से श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनके यात्रा अनुभव जाने तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य एवं आध्यात्मिक अनुभूति का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों एवं समस्याओं को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुचारू, सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने हेतु पूरे वर्षभर सभी विभाग, स्थानीय लोग, प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सेवा से जुड़े लोग निरंतर मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्तराखंडी एवं यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति का इस यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान है। यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि सेवा, समर्पण एवं आस्था का अभियान है। उन्होंने कहा कि “यह चरण सेवा और समर्पण का है तथा हम सभी का दायित्व है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं आध्यात्मिक यात्रा अनुभव प्राप्त हो।”

राज्यपाल ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सहित समस्त चारधाम क्षेत्र की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बनाए रखने हेतु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधना एवं स्वच्छता दोनों के लिए धैर्य, अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बाबा केदार की यह पावन भूमि स्वच्छता, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि इस धाम को स्वच्छ, सुंदर एवं पवित्र बनाए रखें।”

राज्यपाल ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु किए जा रहे विकास कार्यों एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं का एक ही उद्देश्य है कि यात्रा शुभ, सुव्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि आज बाबा केदार से संपूर्ण मानवता, सनातन संस्कृति, प्रत्येक भारतीय एवं प्रत्येक उत्तराखंडी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौहार्द एवं सफलता की प्रार्थना की गई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं को अवश्य खरीदें, जिससे स्थानीय लोगों एवं छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड वर्षभर चारधाम यात्रा की प्रतीक्षा करता है और यह यात्रा यहां की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है।

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से श्री केदारनाथ धाम एवं चारधाम यात्रा में आकर यहां की दिव्यता, भव्यता एवं अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “यहां की आध्यात्मिक अनुभूति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव केवल देवभूमि उत्तराखंड में ही संभव है।”

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से केदारनाथ धाम एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित धाम न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखता है।”

इस दौरान राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राज्यपाल को धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों तथा श्रद्धालुओं हेतु की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धाम में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी विभाग निरंतर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

राज्यपाल ने मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भी भेंट की, जहां पारंपरिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां पहुंचते ही मन आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान शिव की दिव्यता का अनुभव होता है।”

उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सेवा दलों से “अतिथि देवो भव” की भावना के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं यात्रा को निरंतर सुचारू बनाए रखने का आग्रह किया।

इस अवसर पर श्री केदार सभा के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती, विनीत पोस्ती, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी/यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्णा त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों संग की सड़क-पुलों की समीक्षा, बोले- गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय पर हों पूरे काम*

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रुद्रप्रयाग, 5 मई 2026:* कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने मंगलवार को अपने कैम्प कार्यालय, रुद्रप्रयाग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में मंत्री ने जनपद में निर्माणाधीन सभी सड़कों व पुलों की प्रगति रिपोर्ट तलब की और एक-एक कार्य की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं तय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

श्री चौधरी ने कहा, “विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।”

उन्होंने लंबित पड़े कार्यों में तेजी लाने, भूमि संबंधी अड़चनों को प्राथमिकता पर दूर करने और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

मंत्री ने दोहराया कि क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें और पुल केवल आवागमन के साधन नहीं, बल्कि पहाड़ के आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार की रीढ़ हैं।

बैठक में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

1. रुद्रप्रयाग: मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की सड़कों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
2. समय पर हों गुणवत्तापूर्ण काम: मंत्री चौधरी ने पीएमजीएसवाई-पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को दी हिदायत
3. रुद्रप्रयाग में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक।

आयुक्त गढ़वाल एवं आईजी गढ़वाल ने केदारनाथ धाम में व्यवस्थाओं का लिया व्यापक स्थलीय जायजा

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सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित यात्रा हेतु प्रशासन मुस्तैद, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को और भी अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय एवं पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप द्वारा आज श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धाम क्षेत्र पर संचालित व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान आयुक्त एवं आईजी ने श्रद्धालुओं एवं तीर्थ पुरोहितों से सीधे संवाद कर यात्रा संबंधी कठिनाइयों एवं सुझावों की जानकारी ली और मौके पर ही उनके समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा शासन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।

आयुक्त ने बाबा केदार के दर्शन हेतु लागू टोकन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित एवं कतारबद्ध तरीके से ही दर्शन कराए जाएं। बिना टोकन पर्ची के किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अराजकता को सख्ती से रोका जाए तथा इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती निरंतर सुनिश्चित रखी जाए।

स्वच्छता व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देते हुए आयुक्त ने शौचालयों की नियमित सफाई, पेयजल की उपलब्धता तथा पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने एवं धाम क्षेत्र में हो रही बर्फबारी के चलते फिसलन वाले स्थानों पर नियमित रूप से बर्फ हटाने के भी निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आईजी गढ़वाल ने धाम क्षेत्र एवं यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण प्रणाली तथा आपातकालीन सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त द्वारा हेली सेवाओं की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया तथा हेलिपैड पर यात्रियों की सुविधा, संचालन व्यवस्था एवं सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, आवास, भोजन एवं गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता का भी जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सेवाएं निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि मौसम की परिस्थितियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। प्रशासन द्वारा सभी विभागों के समन्वय से यात्रा को निर्बाध एवं सुरक्षित बनाए रखने हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज एवं संतोषजनक यात्रा अनुभव प्राप्त हो, जिसके लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता एवं समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।