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Sunday, March 15, 2026


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माल्टा महोत्सव में जिलाधिकारी ने किया महिला समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण।

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माल्टा से बने उत्पादों को शीतकालीन यात्रा से जोड़ने के दिए निर्देश

जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित माल्टा महोत्सव किसानों को प्रोत्साहित करने, माल्टा आधारित उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कृषकों, स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों को मंच प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

महोत्सव के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिलाओं से संवाद कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे माल्टा से बने उत्पादों की जानकारी ली तथा उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की सराहना की। जिलाधिकारी ने स्वयं माल्टा से बने विभिन्न उत्पादों खटाई आदि का स्वाद भी लिया।

इस अवसर पर ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत कार्यरत उन्नति स्वायत सहकारिता नारी, उमंग स्वायत सहकारिता मक्कुमठ, जीवन ज्योति स्वायत सहकारिता देड़ा एवं उन्नति स्वायत सहकारिता कोतमा की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। महिला समूहों द्वारा माल्टा जूस, स्क्वैश, जैम, कैंडी सहित अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों द्वारा खूब सराहा गया।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतकालीन यात्रा के दौरान प्रमुख मंदिरों एवं पर्यटन स्थलों के आसपास माल्टा से बने उत्पादों के विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और महिला समूहों की आय में वृद्धि हो।

इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे आयोजनों से एक ओर जहां माल्टा के प्रचार-प्रसार को बल मिलता है, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का स्थायी साधन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा महिला समूहों को आगे भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

माल्टा महोत्सव जैसे आयोजनों से स्थानीय किसानों, महिला समूहों एवं उद्यमियों को लाभ पहुंचने के साथ-साथ जनपद की आर्थिकी को मजबूती मिल रही है, जो आत्मनिर्भर रुद्रप्रयाग की दिशा में एक सार्थक कदम है।

रुद्रप्रयाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका के दृष्टिगत विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन समय में अस्थायी परिवर्तन।

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*छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

जनपद रुद्रप्रयाग भौगोलिक दृष्टि से वन क्षेत्रों से आच्छादित एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रति संवेदनशील जनपद है। वर्तमान में शीतऋतु के कारण दिन की अपेक्षा रात्रि की समयावधि अधिक होने से वन्यजीवों की गतिविधियां समय से पूर्व प्रारम्भ हो रही हैं। ऐसे में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की संभावना बनी हुई है।

इसी क्रम में यह भी संज्ञान में आया है कि जनपद के कतिपय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों तक पहुंचने के मार्ग वन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जिससे छोटे बच्चों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर जोखिम उत्पन्न हो सकता है। संभावित खतरे को दृष्टिगत रखते हुए तथा छात्रहित एवं लोकहित में जनपद प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-34 की उपधारा (ड) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश निर्गत किया गया है कि जनपद अन्तर्गत अवस्थित समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं गैर-शासकीय विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में माह दिसम्बर, 2025 की अवधि में पठन-पाठन कार्य प्रातः 09:15 बजे से पूर्व एवं अपरान्ह 03:00 बजे के पश्चात संचालित नहीं किया जाएगा।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी, रुद्रप्रयाग तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी/बाल विकास अधिकारी, रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ समस्त विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि जनपद के किसी भी विद्यालय अथवा आंगनबाड़ी केन्द्र में उक्त आदेश की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिला प्रशासन ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं जनसामान्य से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल सूचित करें।

 

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के संकल्प के तहत तैला (जखोली) में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर।

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मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेश में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग की 27 न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज, तैला (तहसील जखोली) में बहुउद्देशीय शिविर/ प्रशासन गाँव की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन द्वारा की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे पहुँचाना, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित करना तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा।

*विद्यालय निरीक्षण एवं विद्यार्थियों से संवाद*

कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज तैला परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों पर संवाद किया तथा वर्चुअल क्लास रूम, शौचालय, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मिड-डे मील का भोजन स्वयं ग्रहण कर गुणवत्ता का आकलन किया, तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में लैब निर्माण हेतु एस्टीमेट उपलब्ध कराने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

*विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी*

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल एवं प्रदर्शनी लगाई गई, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मौके पर ही पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया। शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायती राज/ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य शिविर, राजस्व विभाग, आजीविका मिशन सहित अन्य विभागों ने स्टॉल लगाकर सहभागिता की।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए।

*जनसुनवाई में रखी गईं स्थानीय समस्याएं*

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने लगभग 100 से अधिक समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिनमें से अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने क्षेत्र के अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए मंदिरों के प्रचार-प्रसार के अभाव में श्रद्धालुओं की कम संख्या की समस्या रखी तथा क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन से जोड़ने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मसाणपानी जलस्रोत (धारा) तक लगभग 200 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत की मांग पर खंड विकास अधिकारी जखोली को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जखोली क्षेत्र में पेयजल समस्या एवं पेयजल लाइन निर्माण में आ रही बाधाओं पर जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारी को क्षेत्र का निरीक्षण कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

कुरछोला क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को शीघ्र शिक्षक तैनाती के निर्देश दिए। वहीं अर्जुन बैंड से कुरछोला तक सड़क निर्माण शीघ्र प्रारंभ किए जाने का आश्वासन भी दिया गया।

ग्राम पंचायत टाट के क्षतिग्रस्त पंचायत भवन की मरम्मत के संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों द्वारा जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए आबादी के आसपास झाड़ी कटान की मांग पर वन विभाग को तत्काल टीम भेजकर कार्य कराने के निर्देश दिए गए।

आधार कार्ड निर्माण में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि रोस्टर के अनुसार प्रत्येक गांव में ब्लॉक स्तर की टीम द्वारा कैंप लगाकर आधार कार्ड बनाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त लंबित सड़क मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया।

*45 दिनों तक चलेंगे उद्देश्यपरक शिविर*

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने अपने संबोधन में कहा कि मा० मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार 45 दिनों तक ऐसे उद्देश्यपरक शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके गांव-क्षेत्र में जाकर सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में आकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखें।

जिलाधिकारी ने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन जनपद के समग्र विकास एवं जनहित से जुड़ी प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।

शिविर में क्षेत्र पंचायत प्रमुख विनीता चमोली, जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी जखोली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद भास्कर, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाट, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनल गुलाटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि।

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भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का दिन है विजय दिवस*

रुद्रप्रयाग ।।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण श्री दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

विधायक भरत चौधरी ने किया अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में ₹68 लाख की लागत से निर्मित कक्षा-कक्षों का किया लोकार्पण।।

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रुद्रप्रयाग।।
अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में पीएम श्री योजना के अंतर्गत ₹68 लाख की लागत से निर्मित कक्षा-कक्षाओं के लोकार्पण कर विद्यालय को समर्पित किया। इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा विद्यालय में निरंतर छात्र संख्या निरंतर बढ़ रही, जिससे कमरों की नितांत आवश्यक थी, इसके लिए पीएम श्री योजना के अंतर्गत धनराशि स्वीकृत की गई और उसका निर्माण पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के साथ गुणवत्ता परक शिक्षा मिले इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को निरंतर बेहतर के लिए निरंतर कार्य जारी है। विगत 5 सालों में बोर्ड परीक्षाओं में निरंतर जनपद अग्रणी रहा है।आगे भी शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए निरंतर कार्य जारी रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया पीएम श्री योजना के अंतर्गत कक्षा-कक्षों के धनराशि स्वीकृत की गई थी। भवन निर्माण का कार्य को कार्यदायी संस्था द्वारा तय समय पर पूरा कराया गया है। जिन विद्यालयों में भवनों की कमी थी उनके लिए धनराशि स्वीकृत कर उन विद्यालयों में कार्य प्रारंभ किये गए है।
वही कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश जमलोकी द्वारा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय में कक्षा-कक्षाओं के निर्माण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर पीटीए अध्यक्ष पार्वती गोस्वामी, एसएमसी के अध्यक्ष प्रवीण सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता अनिवार्य : ऋतु खंडूड़ी

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देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका : डॉ. निशंक*

– *स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान*

– *पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन*

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

*जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’*

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।

*उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय*

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।

*स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान*

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

*सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति*

इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एसएसपी दून की सर्जिकल स्ट्राइक, 90 लाख की स्मैक के साथ 2 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार।

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देहरादून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह पर करारा प्रहार किया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चल रही सघन रात्रि चेकिंग के दौरान थाना कालसी पुलिस ने करीब 90 लाख रुपये की 300 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कालसी क्षेत्र में कोटी रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे दो युवकों को रोका गया। तलाशी में उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी स्मैक को मध्य प्रदेश से तस्करी कर लाए थे, जिसे वे पहाड़ी जनपदों में स्थानीय तस्करों को बेचने की फिराक में थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है। देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” विजन की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

विकसित भारत @ 2047 की दिशा तय करता संवाद – पीआरएसआई के 47वें राष्ट्रीय सम्मेलन में स्वास्थ्य, संचार, मीडिया और शिक्षा पर गहन मंथन।

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देहरादून। भारत को वर्ष @ 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी संवाद, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था, जिम्मेदार मीडिया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सबसे अहम आधार बताया गया। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन “2047 तक भारत को किस तरह विकसित किया जा सकता है” विषय पर आयोजित विचार-विमर्श में प्रशासन, मीडिया, शिक्षा और जनसंचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब नीतियों के साथ-साथ उनका प्रभावी संप्रेषण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

सम्मेलन का दूसरा दिन विचारों के आदान-प्रदान, अनुभवों की साझेदारी और भविष्य की रणनीतियों को तय करने का सशक्त मंच बना। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी प्रगति, डिजिटल गवर्नेंस और जनभागीदारी को मजबूती देने में जनसंचार की भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक निर्णायक होगी।

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*पहले सत्र में* स्वास्थ्य, विज्ञान और सूचना पर फोकस
दूसरे दिन के पहले सत्र में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी तथा यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने अपने विचार रखे। *सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव कंडवाल ने मॉडरेटर के रूप में किया।*

*इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार* ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और दुर्गम राज्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सेवाएं एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई हैं। इन माध्यमों से अब विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।

*अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने* कहा कि सुशासन की सफलता प्रभावी, पारदर्शी और संवेदनशील संचार पर निर्भर करती है। सरकार की योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनकी सही और समय पर जानकारी जनता तक पहुंचे। उन्होंने डिजिटल सूचना प्रणाली और सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंपर्क को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने उत्तराखंड के 25 वर्ष के विकास की तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन लगातार बढ़ा है। अकेले चारधाम में इस साल 50 लाख से भी अधिक श्रद्धालु आए हैं। चारधाम के अलावा आदि कैलास, जागेश्वर धाम और कैंची धाम के साथ ही मानस मंदिरमाला को भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल लगभग सात-आठ करोड़ पर्यटक पहुंच रहे हैं। अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय और जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शिता और मार्गदर्शन में अब पहाड़ों में रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की 35 नीतियां तैयार की गयी हैं। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

*यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा कि* विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान विकसित भारत की आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं को वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान संचार के माध्यम से शोध को समाज से जोड़ा जाना चाहिए। यह नवाचार को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*सत्र के मॉडरेटर संजीव कंडवाल ने कहा कि* मीडिया, शासन और समाज के बीच संवाद की कड़ी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिम्मेदार, तथ्यपरक और संतुलित पत्रकारिता से ही लोकतंत्र मजबूत होता है और जनविश्वास कायम रहता है।

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*दूसरे सत्र में* मीडिया, शिक्षा और लोकतंत्र पर संवाद
सम्मेलन के दूसरे सत्र में लोक सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, सीआईएमएस कालेज के चेयरमैन ललित जोशी, एनडीटीवी नई दिल्ली के सीनियर एडिटर डा. हिमांशु शेखर, न्यूज 18 के एडिटर अनुपम त्रिवेदी तथा आईआईएमसी नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. सुरभि दहिया ने सहभागिता की।

*इस सत्र में डा. नितिन उपाध्याय ने कहा कि* सूचना का प्रभावी प्रसार शासन की सफलता की कुंजी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं और नीतियों को तेजी और पारदर्शिता के साथ आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संचार प्रणाली को समय के अनुरूप लगातार अपडेट करना आवश्यक है।

*एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि* शिक्षा और मीडिया का समन्वय समाज को जागरूक और सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल शिक्षा में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को शामिल करना जरूरी है, ताकि युवा राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। उन्होंने युवा वर्ग को नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा देश के विकास में बड़ी बाधा है।

*डॉ. हिमांशु शेखर ने* डिजिटल युग में फेक न्यूज़ को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सूचना की विश्वसनीयता बनाए रखना है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्य, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों के साथ काम करने का आह्वान किया।

*वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि* मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। खबरों की गति के साथ-साथ उनकी सटीकता और प्रभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसंचार के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन संभव है।

*डॉ. सुरभि दहिया ने कहा कि* संचार शिक्षा का उद्देश्य केवल पेशेवर तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाना होना चाहिए। छात्रों को डिजिटल स्किल्स, नैतिक पत्रकारिता और सामाजिक समझ के साथ प्रशिक्षित करना समय की मांग है।

*संवाद से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना*
सम्मेलन के दूसरे दिन यह स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि विकसित भारत @ 2047 का लक्ष्य केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रभावी संवाद, जिम्मेदार मीडिया, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही हासिल किया जा सकता है। पीआरएसआई का यह राष्ट्रीय सम्मेलन विचारों के आदानदृप्रदान और भविष्य की दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

जोंडला, अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार का सफल रेस्क्यू, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस।

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रुद्रप्रयाग।बीते रोज 13 दिसंबर 2025 को रात्रि लगभग 10 बजे वन विभाग की टीम द्वारा जोंडला, अगस्त्यमुनि क्षेत्र के समीप एक गुलदार (तेंदुआ) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू एवं ट्रैपिंग की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से बनी दहशत का माहौल समाप्त हुआ है तथा स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

उल्लेखनीय है कि लगभग एक माह पूर्व जोंडला (पाला मल्लि ग्राम) क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्युदर घटना में गुलदार की संलिप्तता की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके पश्चात वन विभाग द्वारा मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सतत निगरानी, गश्त एवं तकनीकी निगरानी उपाय लागू किए गए।

वन विभाग की टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए सभी निर्धारित मानक कार्यविधियों (SOPs) एवं वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन किया गया। रणनीतिक योजना के तहत पिंजरा स्थापित कर गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके फलस्वरूप 13 दिसंबर की रात्रि गुलदार को सुरक्षित तरीके से ट्रैप कर रेस्क्यू कर लिया गया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति नहीं हुई। पकड़े गए गुलदार को आवश्यक परीक्षण एवं आगे की कार्रवाई हेतु सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द किया गया है, ताकि विशेषज्ञों द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं तथा अफवाहों से बचें।

वन विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया है कि क्षेत्र में आगे भी निरंतर निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के 7 सड़कों के लिए ₹78.39 करोड़ की मंजूरी।

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विधायक भरत सिंह चौधरी ने केंद्र व राज्य सरकार का किया धन्यवाद ज्ञापित

रुद्रप्रयाग ।।विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4, बैच-I में जहाँ केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को 1700 करोड़ स्वीकृत किये है, इसी योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के 7 मोटर मार्गों के निर्माण के लिए ₹78.39 करोड़ स्वीकृत हुये है। इन सड़कों की स्वीकृति मिलने पर रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने पीएमजीएसवाई फेज-4 में विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग की 58 सड़कें स्वीकृत हुये है, जिसमें प्रथम बैच में 7 सड़कों के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है। जल्द ही सभी सड़कों का कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में व माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।
निम्न मोटर मार्ग के लिये धनराशि स्वीकृत की गई है।
1– विकासखण्ड जखोली में जवाड़ी बाई पास से मल्यासु कोटली बांसी मोटर मार्ग। ( लम्बाई-14.925 किमी, लागत- 24.95 करोड़)
2-विकासखण्ड जखोली में वीराणगाँव जाखाल मोटर। (लम्बाई-8.025 किमी, लागत- ₹12.63 करोड़)
3- विकासखण्ड जखोली में कुटमन पुल से उच्छना मोटर मार्ग।
( लम्बाई-8.65 किमी, लागत-₹ 14.03 करोड़)
4-विकासखण्ड जखोली में तिलवाड़ा सौराखाल मोटर मार्ग किमी-8 से अन्द्रीया डांग (घेंघड़ ) मोटर मार्ग। (लम्बाई-4.85 लागत- ₹7.77 करोड़)
5- विकासखण्ड अगस्तमुनि में केदारनाथ राष्ट्रीयराज मार्ग से सांदर मोटर मार्ग। ( लम्बाई- 2.85 किमी, लागत- ₹4.39 करोड़)
6-विकासखण्ड अगस्तमुनि में खांकरा छाती खाल मोटर मार्ग के किमी-2 से मरगांव मोटर मार्ग। ( लम्बाई- 4.85 किमी, लागत- ₹7.56 करोड़)
7- विकासखण्ड अगस्तमुनि में खांकरा मोलखा खाल मोटर मार्ग के किमी-17 से कमोल्डी मोटर मार्ग। (लम्बाई- 5.025 किमी लागत- ₹ 7.04 करोड़)