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Tuesday, March 17, 2026


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अंकिता भंडारी को मिला न्याय- अंकिता भंडारी हत्या कांड में दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा।

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कोटद्वार ।।

देवभूमि का चर्चित अंकिता भंडारी हत्या 97 में से 47 गवाहों की गवाही और लगभग तीन साल की लंबी सुनवाई के बाद उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को इंसाफ मिल ही गया। इस चर्चित हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए तीनों गुनाहगारों को दोषी करार दिया है। अंकित भंडारी हत्या में दोषियों को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है ।यह मामला सितंबर 2022 से ही विचाराधीन था। इसलिए आज कोर्ट के फैसले पर हर किसी की नजर टिकी रही। फैसले वाले दिन इंसाफ की आस में अंकिता के माता-पिता कोर्ट परिसर पहुंच थे। अंकिता के माता-पिता को इस मामले में इंसाफ की उम्मीद थी। कोर्ट का फैसले आने से पहले अंकिता के पिता ने कहा था कि मुझे उम्मीद है कि उनकी बेटी को न्याय मिल पाएगा। अंकिता के पिता ने कहा कि मैं कोर्ट से यह मांग करूंगा कि इनको मौत की सजा दी जाए।

फैसले से पहले क्या बोले अंकिता के माता-पिता

अंकिता के पिता की आंखों में उनकी बेटी को खोने का गम साफ झलक रहा था। फैसले से ठीक पहले उन्होंने कहा था कि उन्होंने मेरी बेटी को मारा है। इस मामले में उत्तराखंड के लोगों ने उनके साथ दिया है, उसके लिए वह हाथ जोड़कर सभी का अभिनंदन करते हैं। अंकिता की मां ने कहा था कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। अंकिता भंडारी के मर्डर से पूरे देश में काफी रोष था। उत्तराखंड में जगहों-जगहों पर इस मामले में इंसाफ के लिए प्रदर्शन हुए थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।

अंकिता भंडारी हत्याकांड- सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोटद्वार की अदालत ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य सहित तीनों दोषियों को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है।

अदालत ने अभियुक्त पुलकित आर्य को आजीवन कारावास एवं 50,000 जुर्माना, धारा 201 आईपीसी (साक्ष्य नष्ट करना) में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 जुर्माना, धारा 354ए आईपीसी (यौन उत्पीड़न) में 2 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 जुर्माना, धारा 3(1)(क), अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000 जुर्माना, अभियुक्त सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को धारा 302 आईपीसी में कठोर आजीवन कारावास एवं 50,000 जुर्माना धारा 201 आईपीसी में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 जुर्माना, धारा 3(1)(क) में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000 जुर्माना तथा मृतका के परिजनों को 4 लाख का मुआवजा प्रदान करने का भी आदेश दिया है।

रुद्रप्रयाग के नवनियुक्त मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने संभाला कार्यभार, कहा – “विकास और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता

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जनपद रुद्रप्रयाग में नवनियुक्त मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र सिंह रावत ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि विकास को वे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं को गति दी जाएगी और जनता तक इनका लाभ सरलता से पहुँचाया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी राजेद्र सिंह रावत ने अपने प्राथमिक उद्देश्यों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे महिला स्वयं सहायता समूह, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इत्यादि के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्य विकास अधिकारी राजेद्र सिंह रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में चल रहे विकास कार्यों की वे स्वयं हर सप्ताह समीक्षा करेंगे और उनकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुगमता से पहुँचे, इसके लिए वे पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे।

*पूर्व अनुभव से विकास को मिलेगी गति*

विदित हो कि राजेन्द्र सिंह रावत को प्रशासनिक सेवाओं का व्यापक अनुभव प्राप्त है। रुद्रप्रयाग में पदभार ग्रहण करने से पूर्व वे संयुक्त विकास आयुक्त, आयुक्तालय, ग्राम्य विकास विभाग, पौड़ी गढ़वाल के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा वे जनपद चंपावत में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया। उनके नेतृत्व में चंपावत जनपद में बुनियादी ढांचे से लेकर आजीविका संवर्धन तक, सभी क्षेत्रों में ठोस प्रगति दर्ज की गई थी।

 

रिश्वत के नोट निगलने वाले पटवारी, गुलशन हैदर के बारे में विजिलेंस ने दिया नया अपडेट।

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  • देहरादून- बीते दिनों देहरादून के तहसील कालसी को रू0 2000/- रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किये जाने के सम्बन्ध में।” शिकायतकर्ता से मूल निवास प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र बनाने की एवज में पटवारी, गुलशन हैदर द्वारा रू. 2000/- रिश्वत की मांग करने की शिकायत प्राप्त होने पर सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए दिनांक 26/05/2025 को पटवारी, गुलशन हैदर, तहसील कालसी, जनपद देहरादून को रू. 2000/-रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

ट्रैप की कार्यवाही के दौरान अभियुक्त गुलशन हैदर उपरोक्त ने स्वयं को वैद्यानिक कार्यवाही से बचाने के लिए रिश्वत के रूप में ग्रहण की गयी धनराशि रु.2000/- (500/- के 04 नोट) को निगल लिया था। जिस पर ट्रैप टीम द्वारा अभियुक्त को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाकर चैकअप करवाकर रिश्वती नोटों के बरामदगी के प्रयास किये गये व डॉक्टरों की राय पर अभियुक्त का अल्ट्रासाउण्ट व सिटीस्कॅन करवाया गया साथ ही गिरफ्तार अभियुक्त के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाया गया। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होनी अभी शेष है। प्रकरण की आडियो-वीडियो रिकार्डिंग, रिश्वत राशि ग्रहण करने पर अभियुक्त के हाथ धोवन घोल और स्वतंत्र गवाहों के साक्ष्यों/गवाही के आधार पर अभियुक्त गुलशन हैदर, पटवारी के विरूद्ध थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) व धारा 238 भारतीय न्याय संहिता 2023 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया तथा दिनांक 27.5.2025 को अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त का 14 दिन का न्यायिक अभिरक्षा रिमाण्ड स्वीकृत किया गया। वर्तमान में अभियुक्त जिला कारागार देहरादून में निरूद्ध है। कृपया सोशल मीडिया पर अभियुक्त गुलशन हैदर, पटवारी को जमानत पर छोड़ने आदि सम्बन्धी वायरल हो रही खबर भ्रामक व असत्य है। किसी भी खबर का प्रकाशन से पूर्व उसकी पुष्टि करने का कष्ट करें।

धामी कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर।

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  • देहरादून-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आज सचिवालय में संपन्न हो गई है। कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है।

वित्त विभाग के तहत ठेकेदारों की श्रेणी में राशि बढ़ाई गई, ठेके खुलने लिए पारदर्शिता अपनायी जाएगी, स्थानीय स्तर पर ठेकेदार को प्राथमिकता मिले , इसको लेकर नियमावली बदलाव लिए गए है, बैंक गारंटी अब फिजिकल नहीं इवीजी कि माध्यम से होगी

औद्योगिक विकास विभाग की नई नीति को मिली मंजूरी, आगामी 5 सालों के लिए बनाई गई नीति, चार श्रेणी में उद्योगों को किया गया वर्गीकृत, न्यूनतम स्थाई रोजगार की भी की गई व्यवस्था, उद्योग लगाने के लिए प्रदेश को चार वर्गों में किया गया विभाजित

गृह विभाग की विष नियमावली किया गया संशोधन,मिथाई को विष नियमावली में किया गया शामिल

सिंचाई विभाग की बाढ़ सुरक्षा की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी

नियोजन विभाग की नियमावली की तहत सब्सिडी को लेकर बदलाव

कुछ निकायों में नही मिलेगा उघोग लगाने पर सब्सिडी का लाभ

चाय विकास बोर्ड के ढांचे में बदलाव

11 पद किए गए और स्वीकृत

योग नियमावली में भी किया गया संशोधन

योग हब के रूप में कई स्थानों को विकसित करने का लक्ष्य

अटल आयुष्मान योजना और आयुष्मान योजनाओं के तहत जो बैक लॉग अस्पतालों का है उसे भरने के लिए 75 करोड रुपए की मंजूरी कैबिनेट ने दी

देहरादून मेडिकल कॉलेज और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बढ़ती मरीजो के साथ आए तीमारदारों के लिए रहने खाने की व्यवस्था किये जाने को मंजूरी

राज्य लिपिक कर्मचारी नियमावली को मंजूरी

उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन.

स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर प्राथमिकता, अब 10 करोड़ तक के ठेके स्थानीय लोगों को मिलेंगे, सभी अलग अलग श्रेणी के ठेकेदारों के लिए सीमा बढ़ाई गई है.

स्वयं सहायत समूहों को पांच लाख तक के मिलेंगे काम.

टेंडर्स को पारदर्शी बनाने के लिए किया जाएगा पूरी तरह ऑनलाइन, कोर्ट और केंद्र के निर्देशों के मुताबिक निकाले जाएंगे टेंडर्स.

उत्तराखंड में नई औद्योगिक नीति लाने पर कैबिनेट ने लगाई मुहर,

अलग-अलग श्रेणी के उद्योगों के लिए नई नियमावली तैयार होगी. बता दें पुरानी नीति 30 जून 2025 को खत्म हो रही है. धामी कैबिनेट ने सभी श्रेणी के उद्योगों को सब्सिडी देने का फैसला लिया है.

पर्वतीय ज़िलों में लगने वाले उद्योगों को मिलेगी अतिरिक्त सब्सिडी.

उत्तराखंड में मिथाइल अल्कोहल को विष के तौर पर दर्ज किया गया.

उत्तराखंड में बाढ़ सुरक्षा प्रतिवेदन को मिली धामी कैबिनेट की मंजूरी.

उत्तराखंड में चाय विकास बोर्ड में 11 अतिरिक्त पद सृजन पर धामी कैबिनेट की मुहर

उत्तराखंड में योग हब बनाने की तैयारी, हब बनाने वालों को मिलेगी सब्सिडी.

उत्तराखंड में अटल स्वास्थ्य योजना और आयुष्मान योजना में पेमेंट के बैकलॉग को दूर करने के लिए 75 करोड़ की व्यवस्था को मिली धामी कैबिनेट की मंजूरी.

उत्तराखंड में दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में आने वाले तीमारदारों को मिलेगी सस्ती दरों पर रहने खाने की व्यवस्था को मिली धामी कैबिनेट की मंजूरी.

आवेदक को ग्राम पंचायतों की जानकारी न देने पर राज्य सूचना आयोग की सख्ती,दो अधिकारियों पर लगाया जुर्माना,एक को किया निलंबित

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देहरादून- सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी न देने और गुमराह करने पर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सूचना आयोग ने पंचायत विभाग और शिक्षा विभाग के दो लोक सूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही एक लोक सूचना अधिकारी को निलंबित भी कर दिया है।

 

पूरा मामला उधमसिंहनगर के सितारगंज ब्लॉक का है। निखिलेश घरामी नाम के शख्स ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत साल 2019 से ग्राम पंचायत देवीपुरा, डिओड़ी, बिडौरा, गिधौर, खमरिया, खैराना, बलखेड़ा और सिद्धानवदिया में कराए गए विकास कार्यों, खुली बैठकों और निर्णयों से जुड़ी जानकारी मांगी थी. लेकिन पंचायत विभाग के लोक सूचना अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मीनू आर्य ने सूचना देने में टालमटोल की।

जिम्मेदार अधिकारियों ने एक साल तक यह कहा कि जानकारी ग्राम प्रधानों के पास है। जब शिकायतकर्ता को कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की। राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई हुई। जांच में सामने आया कि जानकारी ग्राम प्रधानों के पास नहीं, बल्कि पंचायत सचिव यानी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पास थी। प्रधानों ने भी आयोग को लिखित में बताया कि दस्तावेज सचिव के पास हैं।

आयोग ने पाया कि अधिकारी मीनू आर्य ने जानबूझकर सूचना छिपाई और आवेदक को गुमराह किया। आयोग ने न केवल 25 हजार का जुर्माना लगाया, बल्कि जिला पंचायत राज अधिकारी, उधमसिंहनगर को निर्देश दिए कि मीनू आर्य को निलंबित किया जाए। आदेश का पालन करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं शिक्षा विभाग के एक अन्य लोक सूचना अधिकारी पर भी 25 हजार का जुर्माना लगाया है, जिन्होंने गलत सूचना दी थी।

एन.डी.पी.एस. अधिनियम से सम्बन्धित वर्ष 2023 के एक मामले में गिरफ्तार हुए अभियुक्त को मा0 न्यायालय द्वारा सुनाई गयी सजा।

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रुद्रप्रयाग।।जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से तत्कालीन एसओजी प्रभारी मनोज नेगी (हाल प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग ) के नेतृत्व में दिनांक 04 अक्टूबर 2023 को एस.ओ.जी. और थाना अगस्त्यमुनि पुलिस के स्तर से थाना अगस्त्यमुनि क्षेत्रान्तर्गत कंडारा रोड़ पर अभियुक्त जीतपाल सिंह राणा पुत्र श्री जयवीर सिंह राणा, निवासी ग्राम कांदी, पोस्ट बाड़व, थाना अगस्त्यमुनि, जिला रुद्रप्रयाग को 169 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार कर तत्समय थाना अगस्त्यमुनि पर मु0अ0सं0 39/2023 धारा 08/20 एन.डी.पी.एस.अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित की गयी। विवेचना के उपरान्त विवेचक द्वारा आरोप पत्र मा0 न्यायालय प्रेषित करने के उपरान्त उक्त प्रकरण में मा0 विशेष सत्र न्यायाधीश, स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985) रूद्रप्रयाग की अदालत द्वारा अभियुक्त जीतपाल सिंह राणा उपरोक्त को उसके द्वारा दिनांक 04.10.2023 से दिनांक 30.10.2023 तक जेल में बिताई गई कारावास अवधि तथा 25,000 (पच्चीस हजार रुपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

 

देहरादून के एक ही परिवार के सात लोगो ने दी जान,कार के अंदर मिले शव।

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पंचकूला- कर्ज के बोझ तले दबे उत्तराखंड के परिवार के सात लोगों ने कल रात पंचकूला में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। कार देहरादून नंबर की बताई जाती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों में दंपति, तीन बच्चे और परिवार के बुजुर्ग सदस्य शामिल हैं। दो की पहचान प्रवीन मित्तल और उनके पिता देशराज मित्तल के रूप में हुई है। प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पहले देहरादून में टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया था जो चल नहीं पाया। उसमें उनको भारी घाटा हुआ। इसी कारण परिवार कर्ज में डूब गया था।

उत्तराखंड के एक ही परिवार के सात लोगों ने सोमवार रात पंचकूला में ज़हर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। यह हृदय विदारक घटना क्षेत्र में शोक और सन्नाटे का माहौल पैदा कर गई। मृतकों में दंपती, उनके तीन मासूम बच्चे और परिवार के बुजुर्ग सदस्य शामिल हैं। सभी शव एक कार में पाए गए, जो देहरादून नंबर की थी।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।एक ही परिवार के 7 लोगों द्वारा आत्महत्या के मामले पर डीसीपी पंचकूला हिमाद्री कौशिक ने बताया, “प्रथमदृष्टया लग रहा है कि आत्महत्या का मामला है। मामले की गहन जांच की जाएगी।मृतकों की पहचान हो गई है।

जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना पंचकूला के सेक्टर-27 में घटित हुई। आत्महत्या करने वाला परिवार उत्तराखंड के देहरादून से आया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक प्रवीन मित्तल और उनके पिता देशराज मित्तल परिवार समेत पंचकूला में आयोजित बागेश्वर धाम हनुमंत कथा में भाग लेने आए थे। कथा समाप्त होने के बाद जब वे लौटने लगे, तो उन्होंने यह भयावह कदम उठा लिया। रात 11 बजे डायल 112 पर मिली सूचना, जिसमें बताया गया कि मकान नंबर 1204 के बाहर खड़ी एक कार में कुछ लोग बेसुध हालत में हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार में छह लोग अचेत पड़े हैं। उन्हें तुरंत सेक्टर-26 के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घर के बाहर एक और सदस्य तड़पते हुए मिला, जिसे सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पूर्व देहरादून में टूर एंड ट्रैवल का व्यवसाय शुरू किया था, जो असफल रहा। व्यापार में भारी नुकसान के कारण परिवार गहरे कर्ज में डूब गया था। आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई थी कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया था।इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।स्थानीय लोग और पड़ोसी स्तब्ध हैं।डीसीपी हिमाद्रि कौशिक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है।

भाजपा विधायक आदेश चौहान को 6 महीने जेल की सजा, 2 पुलिसकर्मियों को 1 साल की सजा, सीबीआई कोर्ट ने सुनायी सजा।

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देहरादून- सीबीआई कोर्ट ने हरिद्वार के रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक आदेश चौहान उनकी भांजी दीपिका चौहान के साथ दो इंस्पेक्टर अरविंद रौतेला और दिनेश कुमार को सजा सुनाई है। विधायक आदेश चौहान को 6 महीने की उनकी भांजी दीपिका चौहान को 6 महीने की और दो इंस्पेक्टर राजेंद्र रौतेला और दिनेश कुमार को एक-एक साल की सजा सुनाई गई है ।

उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद हरिद्वार से भारतीय जनता पार्टी के विधायक आदेश चौहान को सीबीआई कोर्ट ने 6 महीने की सजा सुनाई है।

विधायक आदेश चौहान को सीबीआई कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में मारपीट से जुड़े केस में एक साल की सजा सुनाई है. साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को भी सजा सुनाई गई है. विधायक पर भतीजी के पति को पीटने का आरोप था, जिसे सही मानते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.आदेश चौहान हरिद्वार जिले से भाजपा विधायक हैं। विधायक आदेश चौहान पर दोष सिद्ध हो गया है. कोर्ट ने विधायक और भतीजी दीपिका के साथ अन्य चार को दोषी करार दिया है।

मारपीट और झूठे साक्ष्य गढ़ने के आरोप में विधायक आदेश चौहान और उनकी भतीजी को स्पेशल सीबीआई मजिस्ट्रेट ने 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी सजा हुई है, दोनों पर व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप है जिन्हें 1 साल की सजा सुनाई गई है।

बता दें कि वर्ष 2009 में गंगानगर थाने में आदेश चौहान की भतीजी ने पति पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जांच में पाया गया कि आरोप झूठे थे।मामले में तीन पुलिस के कर्मचारी भी शामिल थे. जिसमें एक पुलिस कर्मचारी की पहले ही मौत हो चुकी है. पुलिस के दो जवान दिनेश और राजेंद्र को भी सजा हुई है. पीड़ित मनीष की शिकायत पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौपी थी। दहेज उत्पीड़न के मामले में विधायक के कहने से मारपीट हुई थी. मनीष विधायक की भतीजी दीपिका का पति है।

फिलहाल विधायक और उनकी भतीजी और दोनों इंस्पेक्टर को जमानत मिल गई है।इस मामले में भाजपा विधायक आदेश चौहान ने कहा कि यह उनके परिवार का मामला है और उनकी भांजी के साथ हुए पारिवारिक उत्पीड़न के मामले में वह मामले में शामिल रहे हैं।विधायक ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अब अपील करेंगे। उधर विधायक की भांजी दीपिका ने भी मामले को पारिवारिक बताते हुए फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही। विधायक आदेश चौहान के वकील नीरज कांबोज ने बताया कि इस मामले में विधायक और उनकी भांजी को 6 महीने की सजा हुई है जबकि पुलिसकर्मियों को 1 साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है हालांकि सजा सुनाई जाने के बाद इन्हें जमानत मिल गई।

उत्तराखंड: भ्रष्टाचार पर धामी सरकार की सख्त कार्यवाही,विजिलेंस टीम ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा।

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देहरादून

*उत्तराखंड: भ्रष्टाचार पर धामी सरकार की सख्त कार्यवाही*

*विजिलेंस टीम ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा*

*सीएम धामी के निर्देश पर भ्रष्टाचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, जनता में भरोसा मजबूत*

*धामी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई ने पेश की नई नज़ीर*

उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हल्द्वानी स्थित सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जनपद बागेश्वर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सूबोध शुक्ला (सेवानिवृत्त कर्नल) को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

शिकायतकर्ता ने 1064 टोल फ्री नंबर पर जानकारी दी थी कि वह एक सेवानिवृत्त सैनिक हैं और जिला सैनिक कल्याण विभाग से सेवा विस्तार संबंधी कार्य करवा रहे हैं।

आरोपी अधिकारी ने उनसे काम के बदले ₹50,000 की रिश्वत की मांग की थी।

इस सूचना के बाद विजिलेंस टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।

24 मई 2025 को बागेश्वर के सेना निवृत्त ग्राम रामपुर, तहसील कपकोट निवासी सूबोध शुक्ला को रिश्वत की रकम लेते ही दबोच लिया गया।

उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

शूटर लखपत सिंह रावत पर बनेगी फिल्म “ए बोई बाघ”,बॉलीवुड एक्टर हेमंत पांडे निभाएंगे शिकारी लखपत रावत की भूमिका।

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गैरसैंण- गैरसैंण नगर पंचायत क्षेत्र के ग्वाड़ मल्ला गांव निवासी सेवा निवृत्त प्रभारी उपखंड शिक्षाधिकारी शिक्षक लखपत सिंह रावत व ख्याति प्राप्त शिकारी के प्रारंभ से शिकारी जीवन के जीवन बृतांत पर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हेमंत पांडे फिल्मांकन करेंगे।

जानकारी देते हुऐ शिकारी लखपत रावत ने कहा वह फिल्म बनाने पर अपनी सहमति दे चुके हैं। अपनी बायोग्राफी के लिए वह एक माह पूर्व अनुबंध फर हस्ताक्षर कर चुके हैं। कहा मुम्बई में कार्यरत भुवन टम्टा फिल्म के डायरेक्टर होंगें। कहा फिल्म का फोकस ,एक शिक्षक कैसे एक सफल शिकारी बना और किस प्रकार आदमखोर ने 12 स्कूली बच्चों को अपना निवाला बनया और किन परिस्थितियों में शिकारी लखपत रावत ने आदमखोर बाघों की सही पहचान कर 55 बाघों का शिकार कर पर्वतीय क्षेत्र को गुलदारों से भय मुक्त करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में बोलीवुड एक्टर हेमंत पांडे शिकारी लखपत रावत की भूमिका निभाएंगे। फिल्म यथार्थ सही बने इसके लिए वह भी पिथौरागढ़ क्षेत्र में साथ रहेंगे और आवश्यक निर्देशन भी करेंगे।कहा फिल्म गढ़वाली, कुमाऊनी बोली और हिन्दी भाषा में बनेगी।

लखपत रावत ने बताया कि 2001 में आदिबदरी क्षेत्र में बाघ का बहुत आतंक फैल गया था,इस दौरान बाघ (गुलदार) क्षेत्र के 12 स्कूली बच्चों को निवाला बना चुका था। स्थानीय लोग नरभक्षी गुलदार को मारने की गुहार वन विभाग और तत्कालीन कर्णप्रयाग विधायक रमेश पोखरियाल निशंक से लगा रहे थे। लेकिन शिकारी उपलब्ध नहीं हो रहे थे। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ही शासन प्रशासन व वन विभाग तथा शिक्षा विभाग से लखपत सिंह रावत को बाघ मारने की अनुमति दिलाई थी।