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Tuesday, March 17, 2026


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आज की धामी कैबिनेट में 20 प्रस्तावों पर लगी मुहर।

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देहरादून

धामी कैबिनेट बैठक हुई खत्म

बैठक में कुल 20 प्रस्तावों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

ऊर्जा विभाग में यूपीसीएल में T&D घाटे की कैसे दूर किया जा सके इसकी पॉलिसी को मिली स्वीकृति

सचिवालय प्रशासन में आपदा को लेकर मुख्यमंत्री राहत कोष की नियमावली में संशोधन कर प्रस्ताव को मिली मंजूरी

पशुपालन विभाग में पोल्ट्री फर्म्स के माध्यम से 3 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, 35 कमर्शियल फर्म बनाई जाएगी, 30 फर्म अन्य बनाई जाएगी

गोवंश को गौशाला में रखने के लिए नई नीति लाई गई है, पशुपालन विभाग नोडल के रूप में भी काम करेगा, गौशाला निर्माण के लिए जिलाधिकारी स्वकृति प्रदान कर सकेंगे, पहले शासन स्तर पर की जाती थी

वित्त विभाग 2016 में संयुक्त आयुक्त की सेवा नियमावली का अनुमोदन किया गया

किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत, उत्तराखंड किशोर न्याय अधिनियम 2025 नियमावली बनाई गई , महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के

स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी बनाने के निर्देश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए थे, जिसका मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन दिया गया है

मुख्यमंत्री एकल स्वरोजगार योजना के तहत, 2000 महिला लाभार्थियों को योजना का मिलेगा लाभ, जिसमें ₹2 लाख तक की अधिकतम कार्य योजना स्वीकृत की जाएगी, महिला द्वारा शुरू गए किए गए व्यवसाय में 75% की सब्सिडी सरकार देगी, 25% महिला खुद व्यय करेगी।

कार्यक्रम और कार्यान्वयन मुख्य समन्वयक को विभाअध्यक्ष घोषित करने का निर्णय लिया गया

Msme विभाग में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री रोजगार अतिशयुष को मर्ज करने का निर्णय लिया गया

पर्यटन विभाग में तपोवन कुंजापुरी मंदिर में रोपवे निर्माण के लिए नई पॉलिसी को मिली मंजूरी

पर्यटन विभाग में NHML 50 रोपवे परियोजना की आवश्यकता को लेकर

गृह विभाग में फायर सर्विस को लेकर 12 मीटर से कम 12 मीटर से अधिक सभी के लिए एक मानक थे, अब अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं

वित्त विभाग में जमीनों की रजिस्री के लिए अब वीडियो केवाईसी के माध्यम से रजिस्ट्री कराई जा सकती है

न्यू पेंशन स्कीम कें तहत UKSSSC और लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकाली जाएगी उसी को माना जाएग

बी०एड० की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले रुदप्रयाग के एक और फर्जी शिक्षक को 05 वर्ष का कठोर कारावास के साथ 15000 रूपये का अर्थदण्ड की सजा

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रुद्रप्रयाग।।जनपद रूदप्रयाग में तैनात फर्जी शिक्षक त्रिलोक सिंह कठैत पुत्र भगत सिंह द्वारा अपनी बी०एड० की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी प्राप्त की गई। शिक्षा विभाग के एस०आई०टी एवं विभागीय जॉच के अनुसार उक्त शिक्षक की बी०एड की डिग्री का सत्यापन कराया गया जिस पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से जॉच आख्या प्राप्त हुई जिसमे उक्त फर्जी शिक्षक के द्वारा विश्वविद्यालय से कोई भी बी०एड० वर्ष 1993 की डिग्री जारी नही हुई पायी गई। शासन स्तर से एस०आई०टी जाँच भी कराई गई थी। जिसके आधार पर शिक्षा विभाग रूद्रप्रयाग द्वारा उपरोक्त शिक्षक के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। फर्जी शिक्षक को तत्काल निलम्बित कर बर्खास्त किया गया तथा माननीय सी० जे०एम० न्यायालय जनपद रुद्रप्रयाग के समक्ष विचारण हुआ।
बृहस्पतिवार को विद्वान माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री अशोक कुमार सैनी के न्यायालय द्वारा उपरोक्त फर्जी शिक्षक त्रिलोक सिह कठैत पुत्र भगत सिंह को फर्जी बी०एड० की डिग्री के आधार पर छल व कपट से नौकरी प्राप्त करने के संबंध मे दोषी करार पाते हुए अभियुक्त त्रिलोक सिंह कठैत को धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अन्तर्गत 05 वर्ष का कठोर कारावास की सजा तथा 10000 (दस हजार रूपये) रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया एवं जुर्माना अदा ना करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। तथा धारा 471 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अन्तर्गत दोषसिद्ध पाते हुए 02 वर्ष का कठोर कारावास व 5000 (पाँच हजार रूपये) रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया एवं जुर्माना अदा ना करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतना होगा। दोषसिद्ध शिक्षक त्रिलोक सिह कठैत को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर दण्डादेश भुगतने हेतु जिला कारागार पुरसाड़ी, (चमोली) भेजा गया।
उक्त मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी विद्वान अभियोजन अधिकारी श्री प्रमोद चन्द्र आर्य द्वारा की गई है।

 

टेंडर कमेटी से मेयर और पालिकाध्यक्षों को हटाने का निर्णय वापस,सीएम धामी ने प्रतिनिधि मण्डल के अनुरोध पर दिया आदेश।

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देहरादून-टेंडर कमेटी से निकायों के अध्यक्षों को बाहर किये जाने के फैसले को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मेयर और पालिकाध्यक्षों के अनुरोध पर वापस ले लिया है। बुधवार देर शाम इस सम्बंध में मेयर और पालिकाध्यक्षों के प्रतिनिधि मण्डल ने सीएम धामी से मुलाकात की जिसके बाद सीएम ने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने के आदेश दे दिये।

बता दें तीन दिन पूर्व जारी शासनादेश में निकायों की टेंडर कमेटी से मेयर और अध्यक्षों को बाहर करने का आदेश दिया गया था। नये शासनादेश में शासन ने निकायों में होने वाले निर्माण कार्यों, सामग्री खरीदने सहित अन्य कार्यों के लिए समितियों का गठन करते हुए शासनादेश जारी किया था। इसके अनुसार समितियों में संबंधित निकायों के नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे जबकि मुख्य कोषाधिकारी या कोषाधिकारी इसके सदस्य होंगे। इसमें मेयर व नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्षों को शामिल नहीं किया गया। सरकार इस निर्णय से प्रदेश भर में निकायों के अध्यक्षों में असंतोष व्याप्त था। बुधवार शाम इसे लेकर रूद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और टेंडर कमेटी से मेयर और अध्यक्षों को बाहर करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की। प्रतिनिधि मण्डल ने कहा कि नये शासनादेश से निकायों के जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन हुआ है। साथ ही इससे निकायों में विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। प्रतिनिधि मण्डल की मांग पर सीएम धामी ने टेंडर समिति से निकाय अध्यक्षों को हटाने के निर्णय को वापस लेने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिये।

इसके साथ ही प्रतिनिधि मण्डल ने सीएम धामी से निकायों के कार्यक्षेत्र की अनुसूची में शामिल नये कार्यों भूमि उपयोग, नगर नियोजन, जल आपूर्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र में शामिल करने की मांग की। प्रतिनिधि मण्डल ने कहा कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को नगर निकायों को हस्तांतरित नहीं किये जाने से जमीनी स्तर पर कार्य करने में समस्याएं उत्पन्न हो रही है। साथ ही सरकार की सरलीकरण संतुष्टीकरण व समाधान की योजना को सफल बनाने में भी अड़चनें आ रही है। सीएम धामी ने इस मामले में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। सीएम से मिलने वालों में मसूरी की चेयरमैन मीना सकलानी,गोपेश्वर के चेयरमैन संदीप रावत, डोईवाला के नरेन्द्र नेगी, हरबटपुर की चेयरमैन नीरू देवी आदि भी शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह को सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने पर लगाई फटकार।

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नई दिल्ली-मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है. कल ही मुख्य न्यायाधीश बने बी.आर गवई ने मंत्री से कहा है “जाइए और माफी मांगिये, थोड़ी तो समझदारी दिखाइए”. इसके साथ ही मंत्री की टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से असंवेदनशील और अस्वीकार्य बताया है. इसके साथ ही कोर्ट ने कई और फैसले मंत्री के खिलाफ दिये हैं। देश के नए मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई ने कड़े शब्दों में मंत्री विजय शाह को फटकार लगाई है. उन्होंने सीधे तौर पर मंत्री से कहा है कि अपने बयान पर माफी मांग कर समझदारी दिखाएं. बता दे इसे पहले हाईकोर्ट ने मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिये थे. जिसके बाद उन्होंने आपराधिक कार्यवाही शुरू करने वाले निर्देश पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है, साथ ही कहा है कि ऐसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को हमेशा अपने शब्दों पर संयम रखना चाहए. लेकिन उन्होंने इस बात का खयाल नहीं रखा, वो भी उस समय जब देश में संवेदनशील दौर चल रह है. और ये मामला तो केवल राजनीति ही नहीं बल्कि सैन के सम्मान से भी जुड़ा हुआ है. अपने फैसले से कोर्ट ने बता दिया है कि इस तरह के मामले में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बता दें कि मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पाकिस्तानियों और आतंकवादियों की बहन कह दिया था, जिस बयान का विरोध चारों तरफ हो रहा है. सिर्फ विपक्ष ही नहीं, सेना के कई पूर्व अधिकारियों कै साथ-साथ बीजेपी के भी कुछ सदस्य हैं जिन्होंने अपने मंत्री के बयान की खुल कर आलोचना की है।

बधाणीताल के सौंदर्यीकरण एव विकास के लिए ₹3.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति।

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बधानीताल पर्यटक स्थल का होगा कायाकल्प।
बधाणीताल के सौंदर्यीकरण एव विकास के लिए ₹3.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति।
विकास खण्ड जखोली के अंतर्गत रुद्रप्रयाग जिले के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल में से एक बधाणीताल के सौंदर्यीकरण एव विकास के लिए ₹3.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्तीय स्वीकृति प्रदान होने पर रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आभार व्यक्त किया।
14 अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बधाणीताल पर्यटन एवं विकास मेले में आकर बधाणीताल को एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ मिलकर बधाणीताल के सौंदर्यीकरण एवं विकास का खाका तैयार किया और डीपीआर तैयार कर शासन में स्वीकृति के लिए भेजी गई। शासन स्तर से बधाणीताल के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए ₹3.36करोड़ की स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹134.60 लाख जारी किये गए। बधाणीताल के सौंदर्यीकरण का कार्य कार्यदायी संस्था ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि बधाणीताल जिले का एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। लम्बे समय से इसके सौंदर्यीकरण की मांग थी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनता की इस मांग को पूरा किया गया है। जल्द ही इसका कार्य शुरू होगा। बधाणीताल एक खूबसूरत पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा और क्षेत्र के स्थानीय लोगों को बड़ा रोजगार का साधन बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा की बरसीर-बधाणीताल के लिए ₹26 करोड़ की लागत से डामरीकरण/सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिससे की आने वाले समय में पर्यटकों को सुगम यातायात का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार क्षेत्र के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रही है।

मुख्य सेवक संवाद के तहत युवक एवं महिला मंगल दलों के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद

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*सेवा, संस्कृति और स्वावलंबन के लिए मंगल दलों का योगदान सराहनीय- मुख्यमंत्री*

*मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 05 हजार रूपये की जायेगी।*

*मंगल दलों को आत्मनिर्भर बनाने और ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नीति बनाई जायेगी।*

*मंगल दलों को डिजिटल मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जायेगा।*

*राज्य स्तर पर पोर्टल बनाकर युवा और महिला मंगल दलों को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्य सेवक संवाद के तहत प्रदेशभर से आए युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 04 हजार रूपये से बढ़ाकर 05 हजार रूपये की जायेगी। मंगल दलों को आत्मनिर्भर बनाने और ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नीति बनाई जायेगी। मंगल दलों को डिजिटल मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य स्तर पर एक पोर्टल बनाया जायेगा, जिससे प्रत्येक युवा और महिला मंगल दल को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल दलों द्वारा सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मंगल दल उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवक एवं महिला मंगल दल प्रदेश की सामाजिक चेतना को मजबूत करने, लोक परंपराओं को संजोने और गांव-गांव में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय मंगल दल ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हैं और जनजागरूकता अभियानों में भी आगे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मंगल दलों को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगल दलों को स्वरोजगार के लए 50 हजार रूपये से 3.5 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा मंगल दल स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत 5 करोड रूपये, मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलकूद एवं स्वास्थ्य संवर्धन योजना के अन्तर्गत 2 करोड़ रूपये से अधिक, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 60 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अन्तर्गत 10 करोड़ रूपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। युवाओं को तकनीकि और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए पं० दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 21 करोड़ रूपये से अधिक का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है और स्थानीय मेलों व पर्वों के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

*मंगल दलों के सुझाव*

उत्तरकाशी के आजाद डिमरी ने कहा कि मंगल दलों को मिलने वाली राशि 04 हजार रूपये से बढ़नी चाहिए। बागेश्वर की खृष्टि कोरंगा ने कहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके इसके लिए ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर होने विली विभिन्न बैठकों में मंगल दलों को भी शामिल किया जाना चाहिए। चम्पावत की मोनिका ने कहा कि जनहित में महत्वपूर्ण जानकारियों एवं सूचनाओं के लिए पोर्टल बनाया जाना चाहिए। चमोली के सुरजीत सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्राम स्तर पर मंगल दलों को डिजिटल प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। हरिद्वार के मनोज चौहान ने कहा कि योग और फिटनेस पर को राज्य में अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर विधायक श्री सुरेश गड़िया, पीएमजीएसवाई राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री शिव सिंह बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव री अमित सिन्हा, सचिव श्री एस.एन.पाण्डेय, निदेशक युवा कल्याण श्री प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

रुद्रप्रयाग: भटवाड़ी सुनार के स्यालसौड़ में बहुउद्देश्यीय पार्किंग का भूमि पूजन, तीर्थयात्रियों और स्थानीयों को मिलेगी बड़ी सुविधा।

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जनपद रुद्रप्रयाग के भटवाड़ी सुनार स्थित स्यालसौड़ क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। लंबे समय से पार्किंग की समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आने-जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए आज राहत का मार्ग प्रशस्त हुआ। क्षेत्र की विधायक श्रीमती आशा नौटियाल द्वारा बहुउद्देश्यीय पार्किंग के निर्माण कार्य के शुभारंभ हेतु भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा 93.30 लाख रुपये की लागत से इस पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। यह पार्किंग न केवल स्थानीय लोगों की पार्किंग संबंधी समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को भी अत्यंत लाभ पहुंचाएगी। क्षेत्र में जाम की समस्या से निपटने के लिए यह परियोजना एक अहम कदम साबित होगी।

*सरकार कर रही है जनहित में कार्य: विधायक आशा नौटियाल*

भूमि पूजन के अवसर पर संबोधित करते हुए केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनता की सुविधा और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “केदारनाथ यात्रा को सफल और सुगम बनाने हेतु सरकार द्वारा सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। भटवाड़ी सुनार के स्यालसौड़ में बनने वाली यह बहुउद्देश्यीय पार्किंग भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।विधायक ने आश्वासन दिया कि यह पार्किंग जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में यातायात की व्यवस्था बेहतर होगी और बार-बार लगने वाले जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
इस मौके पर ग्रामीण निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता नीलम गुलाटी ने कहा कि पार्किंग निर्माण के लिए 93.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं और विभाग इस कार्य को गुणवत्तापूर्वक एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे आगामी यात्रा सीजन में इसका उपयोग शुरू हो सके।

*स्थानीयों में दिखा उत्साह*

भूमि पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। स्थानीय जनता में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने विधायक और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पार्किंग लंबे समय से क्षेत्र की आवश्यकता थी, जो अब पूरी होने जा रही है।कार्यक्रम में बड़ी सख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

गौरीकुण्ड में तीन पेटी अवैध शराब के साथ एक नेपाली महिला हुई गिरफ्तार।*

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बिना शारीरिक श्रम किये ही नशाखोरी के धन्धे में उतरकर मोटा मुनाफा कमाने का था इरादा।*

*पुलिस की सुरागरसी व चेकिंग के आगे शराब तस्कर महिला के इरादे हुए नाकामयाब।*

एसपी रुद्रप्रयाग द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में चौकी गौरीकुण्ड पुलिस द्वारा सुरागरसी पतारसी व सघन चेकिंग के दौरान एक नेपाली महिला कल्पना पत्नी प्रेम बहाुदर निवासी नेपालगंज जिला बांके नेपाल राष्ट्र हाल निवासिनी गौरीकुण्ड के कब्जे से तीन पेटी (36 बोतल) शराब की बरामदगी की गयी है। इस महिला के विरुद्ध कोतवाली सोनप्रयाग पर आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पूछताछ में इस महिला द्वारा बताया गया कि उसका इरादा लायी गयी इस शराब की एक बोतल को निर्धारित मूल्य से ऊंचे दामों में बेचकर बिना शारीरिक श्रम किये ही ठीक-ठाक पैसा कमाने का था, ताकि उसे मेहनत मजदूरी न करनी पड़े।

जनपद पुलिस के स्तर से अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध कार्यवाही निरन्तर जारी है। प्रचलित यात्रा अवधि में जनपद पुलिस के स्तर से आबकारी अधिनियम के तहत कुल 05 मुकदमे दर्ज कर 247 बोतल शराब की बरामदगी की गयी है तथा 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चरों की वापसी: इक्वाइन इन्फ्लुएंजा से राहत के बाद आज 3,410 घोड़े-खच्चर हुए रवाना।

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*पशुपालन विभाग एवं प्रशासन की सतर्कता से बीमारी पर नियंत्रण*

*यात्रा मार्ग पर 3 स्थानों पर बनाए गए हैं पशु जांच केन्द्र*

केदारनाथ धाम की यात्रा में घोड़े-खच्चरों के संचालन पर लगी रोक अब धीरे-धीरे हटाई जा रही है। इक्वाइन इन्फ्लुएंजा वायरस डिज़ीज (EIVD) के चलते यात्रा में इन पशुओं के उपयोग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन अब पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन की सतर्कता और सक्रिय निगरानी के चलते हालात में सुधार आने लगा है।

पशुपालन विभाग द्वारा कुछ दिन पहले दो घोड़े-खच्चरों को ट्रायल बेस पर यात्रा मार्ग में भेजा गया था। यह ट्रायल सफल रहा और इसमें शामिल पशुओं में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से यात्रा मार्ग पर जांच रिपोर्ट में नकारात्मक पाए गए पशुओं की आवाजाही की अनुमति देना शुरू कर दिया है।

रविवार के दिन विभाग द्वारा पूरी सतर्कता के साथ कुल 1,670 घोड़े-खच्चरों को यात्रा के लिए रवाना किया गया। वहीं, सोमवार को शाम 5 बजे तक 3,410 घोड़े-खच्चरों ने यात्रियों को गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक पहुंचाया।

पशुपालन विभाग ने बताया कि सभी पशुओं की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और केवल स्वस्थ एवं पूरी तरह फिट घोषित पशुओं को ही यात्रा मार्ग पर भेजा जा रहा है। विभाग की टीम यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। यात्रा मार्ग पर भी 3 स्थानों पर पशु जांच केंद्र बनाए गए हैं, जिससे घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।

जिला प्रशासन और केदारनाथ यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी पशुपालन विभाग के सहयोग से हालात पर नजर रखे हुए हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गड्डा चौकी बॉर्डर पोस्ट पर एस.एस.बी. अधिकारियों व जवानों से की भेंट, लिया सीमा सुरक्षा का जायजा

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*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गड्डा चौकी बॉर्डर पोस्ट पर एस.एस.बी. अधिकारियों व जवानों से की भेंट, लिया सीमा सुरक्षा का जायजा*

*“किसी भी हथियार से अधिक ताकतवर — राष्ट्रीय एकता”- मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 57 वाहिनी, सशस्त्र सीमा बनबसा का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (एस.एस.बी.) के अधिकारियों एवं जवानों से भेंट कर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने एस.एस.बी. जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान देश की शान हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाएं, हमारे सुरक्षाबलों की सहायता से पूरी तरह अभेद हैं, और इनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने सीमा चौकियों की अवस्थापना सुविधाएं, संचार व्यवस्था, गश्त की व्यवस्था तथा जवानों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक सुधारों हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को “प्रथम गांव” की संज्ञा दी है, जो राष्ट्र की सीमाओं और संस्कृति की पहली पहचान हैं। इन गांवों और सीमाओं की रक्षा में जुटे सभी जवानों का उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों से वार्ता भी की, उनकी समस्याओं, अनुभवों और ज़मीनी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते हुए हाल ही में हुए पहलगाम हमले को कायरतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुँहतोड़ जवाब हमारी सेना और सुरक्षाबलों ने दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय देशवासियों ने सामूहिक एकता और राष्ट्रवाद का परिचय दिया है—जो किसी भी हथियार से अधिक शक्तिशाली है।
मुख्यमंत्री ने सभी सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए राष्ट्र सेवा में उनके समर्पण को नमन किया।

इस दौरान डीआईजी एसएसबी अमित शर्मा, जिलाधिकारी चंपावत नवनीत पांडे, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन भदोरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति सहित एसएसबी के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।