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Saturday, September 26, 2026
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आरवीएनएल ने बनाई भविष्य की राह, सबसे लंबी रेल सुरंग में बड़ी कामयाबी : केंद्रीय रेल मंत्री

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ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक कुल 125 किमी लंबी रेल परियोजना*

*भारत में सबसे लंबी सुरंग उत्तराखंड के देवप्रयाग सौड़ से जनासु तक 14.49 किमी का हुआ ब्रेकथ्रू*

 

भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग का आज सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हो गया है। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह उत्तराखंड की 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना से जुड़ी है। यह रेल परियोजना 105 किलोमीटर सुरंग के अंदर बनी है। इसमें ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक कुल 16 सुरंग हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से सुरंग स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से सुरंग की जानकारी ली। केंद्रीय रेलवे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सुरंग के सफल ब्रेकथ्रू पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को बधाई दी। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है और जल्द ही इस रेल लाइन पर संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह (देवप्रयाग सौड़ से जनासु तक) 14.57 किलोमीटर लंबी रेलवे सुरंग उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि  पूरे भारत में सबसे लंबी सुरंग है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर यह पहली बार है जब देश के पहाड़ी इलाकों में रेल सुरंग बनाने के लिए टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कहा कि 9.11 मीटर व्यास वाली इस सिंगल-शील्ड रॉक टीबीएम ने काम में जो तेजी और सटीकता दिखाई है, वह वैश्विक स्तर पर एक नया मापदंड स्थापित करती है। रेल मंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना उत्तराखंड के ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।  रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर सात घंटे से घटकर सिर्फ दो घंटे का हो जाएगा। यह हर मौसम में दूरदराज के इलाकों तक पहुंच आसान करेगा और उत्तराखंड में पर्यटन व आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। यह चार धाम रेल परियोजना को पूरा करने की दिशा में भी बड़ा कदम है। इस उपलब्धि के साथ आरवीएनएल ने भारत के सबसे मुश्किल इलाकों में आधुनिक निर्माण तकनीक में अपनी मजबूत जगह बनाई है। यह सफलता न सिर्फ एक सुरंग की कहानी है, बल्कि एक नए, मजबूत और कनेक्टेड भारत की शुरुआत है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सुरंग उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक अहम भूमिका निभाएगी। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई गति देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा और गति मिली है। देवप्रयाग-सोड़ से श्रीनगर जनासु तक की यह सुरंग तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि है और यह दिखाती है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हम विकास के कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे भी हो चुका है जल्द ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।इस मौके पर केबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी श्री मयूर दीक्षित, आरवीएनएल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्‍टर श्री प्रदीप गौर, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट श्री दीपक राम चंद्र शेट, जीएम उत्तर रेलवे श्री अशोक कुमार वर्मा, प्रबंधक निदेशक श्री भानु प्रकाश, मुख्य परियोजना प्रबंधक आरवीएनएल श्री अजित यादव, जीएम आरवीएनएल श्री सुमित जैन सहित अन्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सिलक्यारा टनल हुई ब्रेकथ्रू ,लगभग 1384 करोड़ लागत की इस परियोजना से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किमी होगी कम।

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*मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सिलक्यारा टनल हुई ब्रेकथ्रू।*

*लगभग 1384 करोड़ लागत की इस परियोजना से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किमी होगी कम।*

*2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे।*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सफल हुआ था सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान।*

*बाबा बौखनाग मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा, रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 1384 करोड़ लागत की डबल लेन की इस सुरंग परियोजना की लंबाई 4.531 किलोमीटर है। सुरंग निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर न केवल उन्नत इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की। यह घटना तकनीकी और मानवीय संकल्प की वास्तविक परीक्षा थी, सभी ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने समस्त रेस्क्यू टीम, रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सहयोगी संस्थाओं का भी इस अभियान को सफल बनाने में आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलक्यारा अभियान पर पूरी दुनिया की नजरें थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के पूर्ण सहयोग के चलते राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलता पूर्वक संचालित किया। इस रेस्क्यू अभियान में देश और दुनिया में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे मजदूरों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, इससे हमारा हौसला बढ़ा।

*बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए घर से भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे मुख्यमंत्री।*

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। बौखनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए देहरादून स्थित अपने घर से मुख्यमंत्री भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं सिल्क्यारा अभियान के दौरान कैम्प कर रेस्क्यू अभियान की निरंतर निगरानी और निर्देशन किया था। रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था।

मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जब सुरंग के मुख पर बाबा बौखनाग को विराजमान किया, तभी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। उस समय उन्होंने बाबा बौखनाग का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी। आज मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने से संकल्प भी पूरा हुआ है और श्रद्धालु भी बाबा बौखनाग का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल निर्माण के दौरान 12 नवम्बर को अचानक हुए भूस्खलन में 41 श्रमिक इस सुरंग में फँस गए थे। उस समय देशभर से लोग इन श्रमिकों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। उस अँधेरी सुरंग में, जहाँ उम्मीद की किरणें भी धूमिल हो रही थी, बाबा बौखनाग ने पहाड़ों के रक्षक के रूप में शक्ति और विश्वास का संचार किया।

*मुख्यमंत्री घोषणा*

1. सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग के नाम पर किये जाने की कार्यवाही की जायेगी।

2. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गेंवला-ब्रह्मखाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया जायेगा।

3. बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा।

4. स्यालना के निकट हेलीपैड का निर्माण किया जायेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टमटा, विधायक श्री सुरेश चौहान, श्री दुर्गेश्वर लाल, श्री संजय डोभाल, प्रबंध निदेशक एन.एच.आई.डी.सी.एल डॉ. कृष्ण कुमार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एसपी श्रीमती सरिता डोभाल, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारीगण उपस्थित थे।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन- नीरगड्डू से शिवपुरी तक की मुख्य सुरंग हुई आरपार।

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ऋषिकेश-ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के पैकेज वन के एक हिस्से की मुख्य सुरंग आरपार (ब्रेक थ्रू) हो गई है। करीब 10 किमी लंबी सुरंग खुदाई कार्य दो हिस्सों में किया जा रहा है। इस सुरंग में चार ब्रेक थ्रू (दो ब्रेक थ्रू मुख्य टनल व दो ब्रेक थ्रू निकासी टनल में) होने हैं। जिनमें से दो ब्रेक थ्रू हो चुके हैं। सुरंग का एक हिस्से की निकासी व मुख्य सुरंग आरपार हो चुकी है। दूसरा हिस्सा भी इस वर्ष के अंत तक पूर्ण हो जाएगा।परियोजना की पहली सुरंग ढालवाला से शिवपुरी तक है। जिसकी कुल लंबाई करीब 10 किमी है। इस सुरंग का खुदाई कार्य दो हिस्सों में किया जा रहा है। जिसमें एक हिस्सा ढालवाला से नीरगड्डू है। जिसकी लंबाई करीब पांच किमी है। दूसरा हिस्सा नीरगड्डू से शिवपुरी तक का है। जिसकी लंबाई करीब 5.2 किमी है। मंगलवार दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे इस हिस्से की मुख्य सुरंग भी आरपार की गई।ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनने वाली यह सबसे लंबी सुरंग है। आरवीएनएल अधिकारियों ने बताया कि सुरंग की खुदाई का कार्य मई 2021 में शुरू किया गया था। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना में कुल 17 सुरंगें हैं। जिनमें कुल 42 ब्रेक थ्रू होने हैं। अब तक 35 ब्रेक थ्रू हो चुके हैं।

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि वे केवल एक प्रशासनिक मुखिया नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा को समझने वाले संवेदनशील जनसेवक भी हैं।

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देहरादून

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि वे केवल एक प्रशासनिक मुखिया नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा को समझने वाले संवेदनशील जनसेवक भी हैं।

देर रात्रि कैबिनेट बैठक के उपरांत जब मुख्यमंत्री सचिवालय से निकल रहे थे, तभी उन्होंने टिहरी जनपद से आए रघुनन्दन प्रसाद पाण्डेय को देखा, जो उनसे मिलने की आशा में वहाँ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला (फ्लीट) रुकवाया और स्वयं पाण्डेय से जाकर भेंट की।

उन्होंने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित सचिव को आवश्यक निर्देश दिए।

पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों से हो रहे पलायन की समस्या से अवगत कराते हुए सुझाव भी दिए।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पलायन को रोकने हेतु ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है और जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक विकास की रोशनी पहुँचाना है।

मुख्यमंत्री ने रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय और उनके साथियों के रूकने की व्यवस्था करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये।

धामी कैबिनेट की बैठक हुई खत्म,आज कैबिनेट में आए 25 विषय।,

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देहरादून

कैबिनेट बैठक हुई खत्म,।कैबिनेट में आए 25 विषय,

1 कृषि विभाग

कीवी नीति को मिली मंजूरी,
2031 तक कीवी का कुल क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा, उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा,
2 कृषि विभाग

मुख्यमंत्री सूक्ष्म खादी उद्यम उन्नयन योजनाएं में मिलेगी सब्सिडी,

फूड प्रोसेसिंग से संबंधित योजना होगी, 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी
3 कृषि विभाग

सेब की फसल की तुड़ाई पर अहम निर्णय हुआ,
स्टोरेज को लेकर हुआ अहम निर्णय,
स्टोरेज पर मिलेगी सब्सिडी, व्यक्ति को 50 प्रतिशत, समूह को 70 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी,
4 ड्रेगन फूड की खेती को मिलेगा बढ़ावा,

5

मोटे अनाज को मिलेगा बढ़ावा,
एकत्रीकरण के लिए महिला समूह को मिलेगा अच्छा दाम,

 

6
संस्कृत शिक्षा विभाग

ब्लॉक में एक गांव को चिन्हित किया जाएगा,
संस्कृत सिखाने का होगा काम,
एक शिक्षक होगा तैनात,

 

7 पेयजल विभाग

अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के बजट में हुई बढ़ोतरी,

8 वित्त विभाग

आवासीय कालोनियों के कॉमन एरिया को लेकर हुआ अहम निर्णय,

प्रमोटर और वेलफेयर एसोसिएशन के बीच सौदा होने पर स्टांप शुल्क में मिलेगी छूट

9 सूचना विभाग

यू शर्क और यू कॉस्ट को लेकर हुआ अहम निर्णय,

दोनों को होगा एकीकरण,

10
खाद्य सुरक्षा विभाग में नियमावली में संशोधन,

कुछ पदों के बदले गए नाम

 

11बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होंगे चिह्नित,

 

12उत्तराखंड प्राइवेट सुरक्षा अधिनियम में संशोधन,

पहले प्राइवेट सुरक्षा लिखना जरूरी नहीं था, अब लिखना जरूरी होगा,

13 माध्यमिक शिक्षा विभाग की योजना पर मिली सहमति,

1 से 12 तक बच्चों को निशुल्क पुस्तक मिलेगी,

14 महिला औद्योगिक और निवेश नीति को जून तक बढ़ाया गया,

पहले मार्च तक ही यह नीति लागू थी

15 पुनर्निर्माण और पुनःप्राप्ति योजना में बजट को बढ़ाया गया ,

जिला अधिकारी को 20 लाख ओर कमिश्नर को 5 करोड़ तक की वित्तीय पावर दी गई,

उत्तराखंड स्टेट मिलेट्स पॉलिसी 2026 को भी मिली मंजरी

16।संस्कृत शिक्षा विभाग के तहत प्रत्येक जनपद में एक संस्कृत ग्राम घोषित किए जाने को मंजूरी

17 वित्त विभाग के तहत लेखा संवर्ग के अलग – अलग विभाग के कर्मचारी लेखा विभाग के अंतर्गत ही आएंगे

18 आवास विकास परिषद में 19 पदों स्वीकृत थे जिन्हें बढ़ाकर 30 पद किए जाने को मंजूरी

19 समान नागरिक संहिता के अंतर्गत अब सब रजिस्टार विवाह एवं तलाक भी कर सकेंगे

बधानीताल में दो दिवसीय सांस्कृतिक पर्यटन एवं वैशाखी मेले का समापन।

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विधायक भरत चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया दूसरे दिवस पर मेले का शुभारंभ।
विधायक भरत सिंह चौधरी ने बधानीताल में विधायक निधि 5 लाख की लागत से मेला परिसर में शैड निर्माण का किया लोकार्पण।
लोक गायिका वीरेंद्र राजपूत व अंजली खरे गानों पर जमकर थिरके लोग।
बधानीताल में दो दिवसीय सांस्कृतिक पर्यटन एवं वैशाखी मेले 2 दिवसीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेले का आयोजन किया गया। समापन दिवस के अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने विधायक निधि 5 लाख की लागत से कला मंच एव शैड लोकार्पण कर क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि इसके निर्माण से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बरसात में जो दिक्कत होती वो नही होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की जो सबसे बड़ी मांग थी, बरसीर-बधानिताल सड़क डामरीकरण का 26 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य गतिमान है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 में विकासखंड जखोली में 50 सड़कें स्वीकृत हुई है,जिन पर आने वाले समय मे शीघ्र शुरू होगा। इसके साथ ही बधानिताल को एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा। इसके लिए 1.5 करोड़ की डीपीआर शासन में भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत होने पर इसमें इसका कायाकल्प होगा। इस मौके पर उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के 3 सालों में शिक्षा, सड़क, संचार सहित अन्य क्षेत्रों में किये गए विकास कार्यों का ब्यौरा जनता के सामने रखा। मेले के सफल आयोजन के लिए समिति को बधाई दी।वही कार्यक्रम में मेले के अध्यक्ष श्री मोर सिंह धीरवान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वही मेले में लोक गायिक वीरेंद्र फल्या खोला की बिंद्रा,रामदेई राजपूत द्वारा कॉलेज की छोरी, अंजली खरे द्वारा मैं धारा कु पानी वालो तू देहरादून रहन वाली मन लगी मेरु पिंगली साड़ी मा ने अपने गानों व जागर, सहित अन्य गानों की प्रस्तुति दी। जिन पर स्थानीय लोग जम कर थिरके। इस मौके प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा श्री वाचस्पति सेमवाल, महावीर पंवार, मण्डल अध्यक्ष भाजपा श्री मेहरबान रावत, कुलेन्द्र राणा, सम्पूर्णनन्द सेमवाल, ओमप्रकाश बहगुणा भूपेंद्र भण्डारी, नरेंद्र रौथाण, संजय राणा सजंयपाल नेगी,सरबीर मेंगवाल , अनिल सेमवाल सहित लोग उपस्थित रहे।

मानवता के उत्थान में चिकित्सकों की अहम भूमिकाः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा

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’अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश का 5वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न’*

*’केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश के 5वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की’*

*’दीक्षांत समारोह एक विशेष अवसर है जो छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देता हैः श्री जेपी नड्डा’*

*‘‘सरकार ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर केंद्रित है जो न केवल उपचारात्मक हो बल्कि निवारक, उपशामक और पुनर्वासिक भी हो’’*

*‘‘देश भर में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 101 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एमबीबीएस सीटों में 130 प्रतिशत और पीजी सीटों में 138 प्रतिशत की वृद्धि हुई है’’*

*’कई स्वास्थ्य सुविधाओं का हुआ उद्घाटन, जिनमें आयुष विभाग में एकीकृत चिकित्सा, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पीईटी स्कैन मशीन, रेडियोलॉजी विभाग में पीएसीएस सुविधा और बाल चिकित्सा देखभाल में उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र शामिल हैं’*

*’एम्स ऋषिकेश मरीजों को रोबोटिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी जैसे उन्नत चिकित्सा उपचार प्रदान कर रहा हैः श्री पुष्कर सिंह धामी’*

*’दीक्षांत समारोह में 434 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई’*

 

ऋषिकेशः केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए, श्री जेपी नड्डा ने कहा कि ‘दीक्षांत समारोह एक विशेष अवसर है जो छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देता है।’ उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।

श्री जेपी नड्डा ने देश भर के एम्स संस्थानों की चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘इस सदी की शुरुआत तक, भारत में केवल एक एम्स था, वहीं आज, देश में 22 एम्स संचालित हो रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश ने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के कारण स्वास्थ्य संस्थानों के बीच एक अद्वितीय पहचान बनाई है।उन्होंने नागरिकों के लिए विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर केंद्रित है जो न केवल उपचारात्मक हो बल्कि निवारक, उपशामक और पुनर्वासिक भी हो।’

स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए, श्री नड्डा ने कहा, ‘‘आज, देश भर में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं जो स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 101 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और अब देश भर में कुल 780 मेडिकल कॉलेज हैं। एमबीबीएस सीटों में 130 प्रतिशत और पीजी सीटों में 138 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसी तरह, पैरामेडिक्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए, 157 नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मेडिकल कॉलेजों के साथ सह-स्थित होंगे।’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स ऋषिकेश की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने हेलीकॉप्टर और ड्रोन सेवाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए 309 गंभीर मरीजों को बचाया। वहीं टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग करके राज्य के दूरदराज और अल्पसेवित क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने में देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बना। श्री नड्डा ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए छात्रों को करुणा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने काम को बिना किसी स्वार्थ के करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक एमबीबीएस छात्र पर 30-35 लाख रुपये खर्च करती है, उन्होंने नए डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे अपने पेशेवर करियर की शुरुआत में अधिक जिम्मेदारियां उठाएं। इस आयोजन के दौरान श्री नड्डा ने संस्थान की चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाने के लिए कई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें आयुष विभाग में एकीकृत चिकित्सा, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पीईटी स्कैन मशीन, रेडियोलॉजी विभाग में पीएसीएस सुविधा और बाल चिकित्सा देखभाल में उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र शामिल हैं।

समारोह के दौरान, श्री नड्डा ने एमबीबीएस, डीएम, एमएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग और बीएससी संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान कार्यक्रमों के 10 मेडिकल छात्रों को स्वर्ण पदक और डिग्री प्रदान की। दीक्षांत समारोह में कुल 434 छात्रों को डिग्री दी गई, जिनमें 98 एमबीबीएस छात्र, 95 बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग छात्र, 54 बीएससी संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान छात्र, 109 एमडी/एमएस/एमडीएस छात्र, 17 एमएससी नर्सिंग छात्र, 1 एमएससी मेडिकल संबद्ध छात्र, 12 मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ छात्र, 40 डीएम/एमसीएच छात्र और 8 पीएचडी छात्र शामिल थे।

*’पिछले 10 साल में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से हुआ है विस्तार- मुख्यमंत्री’*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक कार्य हुए हैं। पिछले 10 साल में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। देशभर में एम्स की स्थापना करना हो, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 को लागू करना हो, आयुष्मान भारत योजना हो या फिर मेडिकल कॉलेजों में सीटों में बढ़ोतरी करना हो, अनेक योजनाओं एवं नीतियों केे माध्यम से भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई उंचाई प्रदान की गई है। उत्तराखंड में स्वास्थ सेवाओं के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने पर उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया।

*’हेली एंबुलेंस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उड़ान देने का किया कार्य।’*

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा सेंटर में पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम और सेंटर फॉर एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स का लोकार्पण होने से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज एम्स ऋषिकेश में अत्याधुनिक मेडिकल जांच और उपचार की व्यवस्था के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम द्वारा विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज किया जा रहा है। इस संस्थान में अब रोबोटिक सर्जरी, घुटनों के प्रत्यारोपण की सुविधा, उन्नत न्यूरोसर्जरी और रेडिएशन थेरेपी जैसी सेवाएँ भी संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यहां पर हेली एंबुलेंस की शुरुआत कर उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई उड़ान देने का कार्य किया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उधम सिंह नगर जनपद में एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी तेज गति के साथ चल रहा है।

*’उत्तराखण्ड की 05 हजार से अधिक ग्राम सभाएं टी.बी मुक्त हो चुकी हैं।’*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया। टेलीमेडिसिन नेटवर्क और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जनता को सस्ती दवाइयां और आवश्यक इलाज उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। सरकारी अस्पतालों में 207 पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा भी निःशुल्क दी जा रही है। अभी तक 29 लाख लोगों की निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच की जा चुकी हैं। राज्य में 14 लाख से अधिक लोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 05 हजार से अधिक ग्राम सभाएं टी.बी मुक्त हो चुकी हैं। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत नये अस्पतालों का संचालन भी किया जायेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, लोकसभा सांसद श्री अजय भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्वास्थ मंत्री डॉ धन सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, श्री बृज भूषण गैरोला, अध्यक्ष एम्स ऋषिकेश प्रो. सिमरन नंदी, निदेशक प्रो. मीनू सिंह, प्रो. जया चतुर्वेदी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

तहसील दिवस में आम जनमानस द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करें अधिकारी- मुख्य विकास अधिकारी

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रुद्रप्रयाग।।जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. जीएस खाती की अध्यक्षता में विकासखंड जखोली के सभागार में *तहसील दिवस* आयोजित हुई। इस अवसर पर फरियादियों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित सात समस्याएं दर्ज की गई। दर्ज समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
*तहसील दिवस* में बलवीर सिंह नेगी ग्राम बजीरा ने अनुसूचित गांव में पेयजल लाईन, भूपेंद्र सिंह भंडारी ने ललूडी वार्ड में कूड़ेदानों की व्यवस्था के अलावा सफाई व्यवस्था के संबंध में समस्याए रखी।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने 58 लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के चैक वितरित किए। जिसमें विधवा महिला, गरीब, बीमार एवं गरीब परिवार की बालिकाओं के विवाह हेतु चेक के माध्यम से आर्थिक सहायता वितरित की गई।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि के चैक स्वीकृत होने पर विधायक ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आगे भी जो जरूरतमंद पात्र लोग होंगे उनकी कुछ न कुछ मदद सरकार द्वारा की जाएगी की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर जरूरतमंद गरीब के साथ हमेशा खड़ी रहती है। उनकी हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जाता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रीष्म ऋतु में वनाग्नि की रोकथाम हेतु अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें जिससे वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के साथ ही कम समय में नियंत्रित किया जा सके।
*तहसील दिवस* के अवसर पर उप जिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया, तहसीलदार बलवीर लाल, खंड विकास अधिकारी कमल सिंह पंवार, के अलावा मत्स्य, वन, जल-संस्थान, जल-निगम, समाज कल्याण, आबकारी, उद्यान, पशुपालन, पीएमजीएसवाई, चिकित्सा, बाल विकास, खंड शिक्षा, जलागम सहित विभिन्न विभागों अधिकारी एवं फरियादी उपस्थित रहे।

 

नरकोटा में बलोनो कार के अंदर मिला मृत अवस्था मे अज्ञात शव।

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ऋृषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग 58 पर नरकोटा के पास रेलवे टनल के सामने राजमार्ग पर एक लाल रंग की बैलीनो ंकार काफी दिनों से खड़ी हो रखी हैं। गाड़ी पूरी तरह से बंद हैं। गांडी का नम्बर डीएल 8सीएयू 5661 है। गाड़ी के आस पास काफी बदबू आने पर लोगों को जब यह महसूस हुआ तो गाड़ी के अन्दर झांक कर देखा तो गाड़ी के अन्दर एक डेढ बाडी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहॅूच गयी हैं और पुलिस द्धारा एक्सपर्ड को पौड़ी से बुला दिया गया है। अब एक्सपर्ड के द्धारा ही गाड़ी को खोला जायेगा और पूरी जांच परख कर जानकारी जुटाकर कहां की ये गाडी हैं कौन इसको चला रहा है कितने दिन से ये गाडी इस स्थान पर खड़ी है।

*आज प्रातः काल रुद्रप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत नरकोटा के पास खड़े वाहन में मिले अज्ञात व्यक्ति की हुई शिनाख्त।*

*मृतक की पहचान नार्थ वेस्ट दिल्ली निवासी अनूप के रूप में हुई है।*

आज प्रातःकाल जनपद रुद्रप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत स्थित स्थान नरकोटा के पास रेलवे प्रोजेक्ट के तहत कार्यदायी संस्था मेघा कम्पनी के प्रतिनिधि द्वारा सूचित किया गया कि नरकोटा सड़क पर एक लाल रंग की बलेनो कार नम्बर डीएल 8 सीएयू 5661 में अज्ञात शव है। इस सूचना पर तत्काल कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुण्डीर सहित अधीनस्थ पुलिस बल के मौके पर पहुंचने पर घटनास्थल को सुरक्षित कराने के साथ ही नजदीकी जनपद पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर से फील्ड यूनिट की फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन सहित आवश्यक कार्यवाही करने के बाद शव को पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही हेतु जिला चिकित्सालय भिजवाया गया है।
उक्त घटनाक्रम में जनपद पुलिस के स्तर से एसएचओ रुद्रप्रयाग द्वारा तात्कालिक रूप से प्रारम्भिक जांच की गयी, उक्त वाहन के पंजीकरण नम्बर के आधार पर जानकारी ज्ञात हुई तो उक्त से मिले मोबाइल नम्बर के आधार पर किसी महिला द्वारा कॉल रिसीव कर उक्त वाहन को कार 24 डॉट कॉम के माध्यम से तकरीबन सालभर पहले बेचा जाना बताया गया। इस पर उक्त महिला द्वारा कार 24 डॉट कॉम को इस बाबत सूचना दी गयी, जिस पर मृतक के घर से उसके भाई ने सम्बन्धित जांचकर्ता एसएचओ कोतवाली रुद्रप्रयाग से सम्पर्क स्थापित किया गया। जिनके द्वारा इस वाहन के चालक को उनका खुद का सगा भाई होना बताया गया तथा कुछ दिनों पूर्व मृतक का अपने परिवार के दो चचेरे भाईयों के साथ दिनांक 10 अप्रैल 2025 को दिल्ली से उत्तराखण्ड के कौशानी क्षेत्रान्तर्गत भ्रमण पर जाना बताया गया। तथा दिनांक 12 अप्रैल 2025 को रुद्रप्रयाग के आस-पास अपने चचेरे भाईयों को अपने वाहन से उतार दिया तथा उनको बताया गया कि तुम लोग चले जाओ वह स्वयं ही बाद में दिल्ली आ जायेगा। यह सूचना भी 12 तारीख को इन चचेरे भाईयों ने घर पर दे दी थी कि अनूप ने उनको रास्ते में ही उतार दिया है। उक्त वाहन का दिनांक 12 अप्रैल 2025 को साढ़े तीन बजे करीब जनपद की जवाड़ी चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर मुख्य बाजार रूद्रप्रयाग की ओर से आगे श्रीनगर की ओर जाना पाया गया है। परिजनों (भाई) से हुई वार्ता के अनुसार मृतक के परिजन अपने घर दिल्ली से रुद्रप्रयाग की ओर चल दिये हैं। परिजनों द्वारा बताये गये विवरण के तथा वाहन में मिले मृतक के आधार कार्ड के अनुसार मृतक की पहचान अनूप सिंह पुत्र श्री ओमप्रकाश, निवासी सुल्तानपुर रोड़, नार्थ वेस्ट दिल्ली के रूप में हुई है। उक्त वाहन में 02 शराब की बोतलें (लगभग खाली दशा में), गिलास, नमकीन इत्यादि बरामद हुई हैं। साथ ही वाहन का एसी खुला हुआ था लगातार एसी खुले होने के कारण वाहन चलने की दशा में न होने के कारण रिकवरी वैन की मदद से वाहन का उक्त स्थल से हटाया गया है। परिजनों के जनपद में पहुंचने पर की जाने वाली अग्रिम कार्यवाही का विवरण अलग से साझा किया जायेगा।

 

भारतीय जनता पार्टी रुद्रप्रयाग के द्वारा सविंधान निमार्ता डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती को बड़े धूमधाम से मनाया गया।

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रुद्रप्रयाग : आज भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जनपद रुद्रप्रयाग में डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती को बड़ी धूमधाम से मनाया। भाजपा जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग एवं सभी मंडल मुख्यालय तथा मंडलों के सभी बूथों पर पर डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया गया। अगस्त्यमुनि ,ऊखीमठ, जखोली में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई। तदोपरांत सभी कार्यक्रमों के अंत में मिष्ठान वितरण का आयोजन भी किया गया । जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने भाजपा जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में डॉ.भीमराव अंबेडकर के चित्र पर दीपक प्रज्वलित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान उन्होंने डॉ.आंबेडकर के व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार थे। उनके सिद्धांतों और मार्गदर्शन से समाज में व्यापक परिवर्तन आया। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान हेतु समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें डॉ. आंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। इस दौरान रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने भाजपा जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने समाज के कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान एवं समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक समरसता, एकता और मानवाधिकारों के लिए समर्पित उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने उखीमठ मंडल में कार्यक्रम में शिरकत करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने शोषितों, वंचितों और महिलाओं के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे समावेशी एवं समतावादी समाज के निर्माण हेतु आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि सामाजिक असमानता के उन्मूलन हेतु आपके द्वारा दिया गया योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।

निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने जखोली मुख्यालय में उनकी प्रतिमा को माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक न्याय के योद्धा और दलितों, शोषितों एवं वंचितों के सशक्त स्वर बाबा साहब के विचार हमारे मार्गदर्शक हैं। शिक्षा, समानता और न्याय के बल पर सामाजिक क्रांति की नींव रखने वाले बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी आजीवन वंचितों के अधिकारों के लिए कटिबद्ध रहे। इस दौरान राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने उखीमठ मुख्यालय में कार्यक्रम में शिरकत करते हुए बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित संविधान की रचना कर उन्होंने भारत की महान लोकतांत्रिक विरासत को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज निर्माण की दिशा में बाबासाहेब के विचार आज भी हम सभी को प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस दौरान कार्यक्रम में अलग-अलग मंडलों में निवर्तमान जिला अध्यक्ष महावीर सिंह पवार, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय कप्रवान ,वाचस्पति सेमवाल, दिनेश उनियाल, शकुंतला जगवान ,पूर्व राज्य मंत्री दिनेश बगवाड़ी ,अशोक खत्री, बीना बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत विक्रम पटवाल, प्रदेश कार्य समिति सदस्य विक्रम कंडारी, जिला महामंत्री विनोद देवशाली, अध्यक्ष नगर पंचायत गुप्तकाशी विश्वेश्वरी देवी ,अध्यक्ष नगर पंचायत तिलवाड़ा विनीता देवी, ओमप्रकाश बहुगुणा, भूपेंद्र भंडारी, अरुण चमोली, सविता भंडारी,प्रदीप राणा, गजेंद्र चौधरी, राजेंद्र लाल, मुकीम अहमद, अरविंद गोस्वामी, विकास डिमरी,जिला मीडिया प्रभारी सतेन्द्र बर्त्वाल, सुनील नौटियाल, अजय सेमवाल,चन्द्रमोहन सेमवाल, अनूप सेमवाल,मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र रावत सहित सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष तथा भाजपा के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।