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Saturday, September 26, 2026
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सेतु आयोग द्वारा राज्य की गोल्डन जुबली 2050 तक का विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए-मुख्यमंत्री

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*विभागों की पॉलिसी का विस्तृत विश्लेषण किया जाए।*

*राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा संक्षिप्त रिपोर्ट बनाई जाए।*

सेतु आयोग द्वारा राज्य की गोल्डन जुबली 2050 तक का विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए। आगामी 25 सालों में राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास के लिए सुनियोजित प्लान बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जाए। प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य की विकास यात्रा से जोड़ने और राज्य में निवेश के लिए उन्हें प्रेरित करने की दिशा में भी कार्य किये जाएं। सेतु आयोग द्वारा विभागों की पॉलिसी का विस्तृत विश्लेषण किया जाए और विभागों के कार्यों को बेहतर क्रियान्वयन के लिए सहयोग दिया जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सेतु आयोग की नीतिगत निकाय की प्रथम बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेतु आयोग का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सेतु आयोग द्वारा 02 वर्ष का अल्पकालिक, 10 वर्ष का मध्यकालिक और 25 वर्ष की दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि योजना बनाने के साथ ही उनके क्रियान्वयन और अनुश्रवण पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में बागवानी और डेरी क्षेत्र में कार्य की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेतु आयोग के विशेषज्ञों द्वारा इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाए। युवाओं के कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण की दिशा में कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग को विभागों के उत्प्रेरक (कैटलिस) की भूमिका में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा संक्षिप्त रिपोर्ट बनाई जाए, जिससे विभागों को आगे कार्य करने के लिए सही दिशा मिले। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि, बागवानी, पर्यटन, ऊर्जा, औषधीय उत्पादों के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नीति बनाई जा रही है ताकि उनका धरातल पर बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके। इसी का परिणाम है कि सीएम छात्रवृत्ति योजना लागू होने के बाद विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ी है। बेहतर स्वास्थ्य योजनाओं से स्वास्थ्य सुविधाओं में अनेक सुधार हुए हैं, संस्थागत प्रसव में तेजी से वृद्धि हुई है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के उत्पादों की मार्केटिंग बेहतर हो सके। इसके लिए सप्लाई चैन के साथ ही स्थानीय स्तर पर क्लस्टर खेती को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने अब तक आयोग द्वारा किए गए और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित और सशक्त उत्तराखंड की दृष्टि से राज्य की नीति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए विभागों के साथ समन्वय कर उन नीतियों को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन कराना सेतु आयोग का मुख्य उद्देश्य ह,ै जिससे योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिल सके। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य के समग्र विकास के लिए विभागों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की जा रही है। इससे धरातल में योजनाओं की स्वीकार्यता बढ़ेगी और क्रियान्वयन में भी आसानी होगी। तकनीकी का अधिकतम उपयोग, इकोनॉमी और इकोलॉजी में संतुलन और प्रभावी अनुश्रवण किया जाएगा। टाटा ट्रस्ट, बिल गेट्स फाउंडेशन, नैस्कॉम, आई टी सी, महिंद्रा जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर कृषि, उच्च शिक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास, आई टी व अन्य क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की बंजर भूमि को खेती योग्य बनाने, कृषि उत्पादक संगठन, डेयरी क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में कारगर प्रयास किए जा रहे है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने बताया सेतु आयोग का सुचारू रूप से संचालन हो रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य के सामाजिक आर्थिक विकास को सशक्त बनाया है। एक माह के भीतर आयोग के कार्यों के आउटपुट राज्य के भीतर देखने को मिलेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, सलाहकार वित्त हनुमंत पंत, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशाल पराशर, सामाजिक कल्याण भावना सहित आयोग के सदस्य मौजूद रहे।

आगामी केदारनाथ यात्रा को देखते हुए घोड़े खच्चरों में हो रहे इक्वाइन इंफ्लेंजुआ नामक संक्रामक बीमारी को रोकने रुद्रप्रयाग पुलिस ने जनपद की सीमाओं पर बढ़ाई चौकसी।

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किसी भी प्रकार से जनपद रुद्रप्रयाग में न हो अश्ववंशीय पशुओं का प्रवेश जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से जनपद सीमाओं में की जा रही सघन चेकिंग*

रुद्रप्रयाग । आगामी 02 मई 2025 को जनपद में स्थित श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। सामान्यतः श्री केदारनाथ धाम की यात्रा हेतु आने वाले श्रद्धालुगण पैदल, घोड़ा-खच्चर, डण्डी-कण्डी हैलीकॉप्टर इत्यादि के माध्यम से पहुंचते हैं। श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर अश्ववंश यानि घोड़ा-खच्चर का उपयोग भी न केवल श्रद्धालुओं को ले जाने अपितु सामान ढुलाई में भी होता है। वर्तमान समय में जनपद के कुछ क्षेत्रों में घोड़े खच्चरों पर इक्वाइन इंफ्लेंजुआ का संक्रमण होना पाया गया है। यह इन पशुओं में होने वाली एक प्रकार की संक्रामक यानि तेजी से फैलने वाली बीमारी होती है। इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड शासन के स्तर से निर्णय लिया गया है अश्व प्रजाति के पशुओं में इक्वाइन इंफ्लेंजुआ संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही की जानी है। साथ ही बिना स्क्रीनिंग एवं फिटनेस के अश्ववंशीय पशु जनपद रुद्रप्रयाग में न भेजे जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस क्रम में जनपद पुलिस के स्तर से जनपद सीमाओं, बैरियर, व ऐसे स्थल जहां से जनपद में पशुओं का सम्भावित आवागमन हो सकता है, प्रभावी चेकिंग कर जनपद सीमा मेे पहुंच रहे घोड़ा-खच्चरों को वापस भेजा जा रहा है। साथ ही जनपद क्षेत्रान्तर्गत की सीमाओं में आ रहे घोड़ा-खच्चरों की मानीटरिंग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की जा रही है। जनपद पुलिस की सभी से अपील है कि इस संक्रामक बीमारी का उचित उपचार होने व पूर्ण रूप से रोकथाम होने तक जनपद रुद्रप्रयाग की सीमा में अश्ववंशीय पशुओं को लेकर न आयें ताकि आपका पशु भी सुरक्षित रहे।
पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुण्डीर ने पुलिस बैरियरों की चेकिंग कर ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को दिए निर्देश: जनसेवाओं में सुधार, सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति व वन अग्नि नियंत्रण पर दिया जाए विशेष जोर।

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*मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में पब्लिक सर्विस डिलीवरी, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, पेयजल आपूर्ति बनाये रखने और वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान दें। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से सभी जिला अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाय। जनपदों में खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग की जाए। बरसात से पहले रिवर ड्रेजिंग और नालों की सफाई की का कार्य पूर्ण किया जाए। जन शिकायतों का जल्द समाधान हो इसके लिए नियमित जनता दरबार, तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों का आयोजन किया जाए और ब्लॉक स्तर तक नियमित बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाए। वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा की दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जनपदों में कंट्रोल रूम पूर्ण रूप से सक्रिय रखे जाएं। यात्रा के दौरान सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान और श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी नियमित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण भी करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में 15 दिन के अंदर सभी सड़के गड्ढा मुक्त हो जाएं। जिलाधिकारी अपने जनपदों की मुख्य समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम बनाकर समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए की एक ही स्थान पर 3 साल से अधिक समय से तैनात कार्मिकों के ट्रांसफर की जल्द कार्यवाही की जाए। ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत जनपदों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, आवश्यकता पड़ने पर पेयजल टैंकरों की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी अंशुमन,उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर श्री दीपक रावत और सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय राजमार्ग 107 के अंतर्गत तिलवाडा में आये दिन देखने को मिल रहा है घण्टो तक जाम।

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रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग तिलवाडा बाजार में आए दिन जाम से जूझना पड़ रहा है राहगीरों को।


तिलवाडा ।राष्ट्रीय राजमार्ग 107 के अंतर्गत नगर पंचायत तिलवाडा के मुख्य बाजार में आने जाने वाले लोगो को घण्टो जाम से जूझना पड़ रहा है ।वर्ष 2016 में रुद्रप्रयाग गौरीकुंड मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत डबल लेन की घोषणा किई गयी ।लेकिन विभागीय विषमता के कारण स्थानीय बाजारों में मार्ग को 24 मीटर चौड़ीकरण में रखा गया ।स्थानीय लोगो के द्वारा आंदोलन कर के 14 मीटर सड़क को अपनी सहमति दी गई ।लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग रूद्रप्रयाग की उदासीनता के कारण तिलवाडा बाजार के 20 प्रतिशत भवन स्वामियों को आठ वर्षों से भवन का मुआवजा नही दिया गया और जिन भवन स्वामियों को मुआवजा दिया भी गया है उस खाली भूमि पर अभी तक सड़क का निर्माण नही हो पाया है तिलवाडा बाजार में आये दिन घण्टो जाम लगता है लेकिन प्रशासन इस कि सुध नही ले पा रहा ।जाम से केवल आने जाने वाले ही प्रभावित नही हो रहे बल्कि यंहा व्यापार कर रहे व्यापारी भी वर्षो से प्रभावित हो रहे है ।जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग व पुलिस अधीक्षक का रोजना इस मार्ग से आना जाना हो रहा है इन लोगो की सड़क पर वीआईपी व्यवस्था होने से उस समय सड़क तो खाली हो जाती है लेकिन आम लोगो रोजना जाम से जूझना पड़ रहा है उत्तराखण्ड के चार धामो में आगामी मई माह यात्रा प्राम्भ होने जा रही है जिसप्रकार से तिलवाडा, रामपुर ,सिल्ली बाजारों में सड़क की स्थिति बनी हुई है देश विदेश आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी इस बार भी जाम की स्थिति से जूझना पड़ेगा।
केदारनाथ यात्रा का शुरू होने को केवल चार सप्ताह से भी कम समय रहेगा गया है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग रुद्रप्रयाग (सिल्ली) कुम्भकर्णीय नींद में सोया हुआ है तिलवाडा बाजार गंगोत्री,यमनोत्री,बद्रीनाथ व केदारनाथ यात्रा का मुख पड़ाव है लेकिन इस बाजार सड़क स्थिति बहुत खराब हो रखी है सभी भवन स्वामियों को भवन का प्रतिकार नही मिलने से भवन स्वामी भी भवन खाली नही कर पा रहे है ।जो जमीन खाली हो गई है उसपर कार्यदाहि संस्था निर्माण नही कर पा रहा है । बाजार के चारो तरफ धूल धकड़ व गन्दगी अम्बार भी इस बार यात्रियों को देखने को मिलेगा ।
आये दिन तिलवाडा में लग रहे जाम को भी अब जिला प्रशासन अनदेखा करते हुए नजर आ रहा है ।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा तैयारियों के दृष्टिगत यात्रा सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक।

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यात्रा से संबंधित व्यवस्था को करें दुरुस्त*

*श्री केदारनाथ धाम यात्रा तैयारियों के दृष्टिगत यात्रा सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक*

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में विशेष महत्व रखने वाली श्री केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष 2 मई 2025 से विधिवत रूप से आरंभ हो रही है। विश्व प्रसिद्ध यह यात्रा आस्था, श्रद्धा और प्रकृति की प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन हेतु यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा को सफल, सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए शासन और प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव युगल किशोर पंत ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यात्रा से पूर्व समस्त कार्य पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शौचालय, पार्किंग, कूड़ा निस्तारण, सड़क मरम्मत, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य, भोजन एवं विश्राम हेतु नियमित निरीक्षण एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी तीर्थयात्री यात्रा के दौरान असुविधा का अनुभव न करे और वह बाबा केदारनाथ से दिव्य अनुभूति और सकारात्मक यादें लेकर लौटें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे सभी विभागीय कार्यों का समन्वयपूर्वक संचालन करें ताकि किसी प्रकार का ‘मिस कोऑर्डिनेशन’ न हो और यात्रा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा एवं प्रगति की जानकारी लेने हेतु संस्कृति एवं भाषा विभाग के सचिव तथा केदारनाथ यात्रा के प्रभारी सचिव युगल किशोर पंत दो दिवसीय दौरे पर जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे। पहले दिन उन्होंने केदारनाथ मंदिर परिसर, यात्रा मार्ग तथा पड़ाव स्थलों का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं जैसे आवास, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, स्वास्थ्य केंद्र आदि की भौतिक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दूसरे दिन उन्होंने जिला कार्यालय सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐेसे में सभी विभाग आपसी समन्वय और तत्परता के साथ अपने कार्यों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से करें ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा ना हो।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. जीएस खाती ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा मार्ग की निगरानी और व्यवस्थाओं की देखरेख हेतु सिरोबगड़ से लेकर सोनप्रयाग तक एक जोनल मजिस्ट्रेट, सात सेक्टर एवं सात सब मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी मार्ग की सफाई, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, आपदा प्रबंधन, यातायात संचालन और यात्री सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के ठहराव हेतु गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के टेंट, होटलों एवं प्री-फेब्रिकेटेड संरचनाओं में आवास की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त खाद्यान्न आपूर्ति हेतु विभिन्न पड़ावों पर गोदाम स्थापित किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर कार्यरत घोड़ा-खच्चरों के लिए पेयजल, विश्राम, भोजन एवं रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन पशुओं की चिकित्सा जांच के लिए चिकित्सकों की विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम यात्रा काल के दौरान लगातार पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करेगी, जिससे किसी प्रकार की पशुजन्य बीमारियों से बचा जा सके। जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त थीं, वहाँ मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कुछ भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट कार्य किया जा चुका है, जबकि शेष स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। यात्रा मार्गों को रात में भी सुरक्षित बनाने हेतु सोलर स्ट्रीट लाइट्स एवं बैटरी युक्त सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। जिससे ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर कुल 19 चिकित्सा इकाइयां स्थापित की गई हैं। जहां पर चिकित्सकों की तैनाती की गई है जो 24 घंटे तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंसों की तैनात की गई हैं, जो आपातकालीन स्थिति में त्वरित सेवा देने के लिए तैयार रहेंगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, उप जिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल, भगत सिंह फोनिया, अधिशासी अभियंता डीडीएमए विनय झिंक्वाण, लोनिवि इंद्रजीत बोस, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, परियोजना प्रबंधक उरेड़ा राहुल पंत, जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशुतोष सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में 12 मई को होगा भव्य पूजा समारोह, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे पर्यटन सचिव।

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कार्तिक स्वामी मंदिर, उत्तर भारत का एकमात्र मंदिर जहाँ भगवान कार्तिकेय बालक रूप में विराजमान*

रुद्रप्रयाग जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल क्रौंच पर्वत पर स्थित भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में इस वर्ष भी एक विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। 12 मई को मंदिर परिसर में 108 बालमपुरी शंख पूजा और हवन का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस भक्ति और आस्था से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विकास परिषद उत्तराखंड, जिला प्रशासन और मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।कार्यक्रम की विशेष बात यह है कि इसमें तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों, माईलम एथेनम, कूनमपट्टी एथेनम, कौमारा मुत्त एथेनम और श्रृंगेरी मुत्तू आदि के शिवाचार्य शामिल होंगे। सभी शिवाचार्यगण विशेष पूजा-अर्चना, शंख पूजन और हवन अनुष्ठान संपन्न कराएंगे।
कार्तिक स्वामी मंदिर, उत्तर भारत का एकमात्र मंदिर है जहाँ भगवान कार्तिकेय बालक रूप में विराजमान हैं।

आयोजन से पहले रविवार को पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने स्वयं कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और पर्यटन विभाग के अधिकारियों तथा मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। सचिव पर्यटन ने स्पष्ट किया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाएं।उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन को विशेष स्वरूप में किया जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकें। सचिव सचिन कुर्वे ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

 

उत्तराखंड की मुख्य सूचना आयुक्त बनी पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी।

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देहरादून-0

बीती 31 मार्च को उत्तराखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद आईएएस राधा रतूड़ी को शासन ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं।राधा रतूड़ी को उत्तराखंड का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया हैं।जिसके आदेश शासन की ओर से जारी कर दिए गए हैं।

बता दें कि बीतें इसी सप्ताह को शासन की ओर से पूर्व आईपीएस अधिकारी दलीप सिंह कुंवर को शासन ने सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी थी।अब शासन के द्वारा रिक्त मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर भी राधा रतूड़ी को नियुक्त कर दिया हैं।जबकि वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट पूर्व से ही सूचना आयुक्त के पद को अकेले ही संभाल रहें थे।लंबे समय से आयोग में रिक्त मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्तों के पदो में नियुक्ति न होने के कारण सूचना आयोग में लंबित मामलों के निस्तारण में दिक्कतें हो रही थी।हालांकि अभी भी दो आयुक्तों के पद आयोग में रिक्त हैं,और जल्द ही दौनो पदो के भरें जाने की भी संभावना हैं,जिसके बाद विधिवत आयोग में सुनवाई का कार्य शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी रामनवमी की बधाई।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनवमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी है। रामनवमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम हमारी आस्था के प्रतीक हैं, उनका आदर्श चरित्र हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री राम का व्यक्तित्व धैर्य, मर्यादा, त्याग, तपस्या, नैतिक आचरण, सदाचार व परोपकार से युक्त गुणों का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री राम ने स्वयं ब्रह्मस्वरुप होते हुए भी मानव रूप में हम सभी के कल्याण के लिए अवतार लिया तथा आदर्श व सद्चरित मनुष्य का जीवन कैसा होना चाहिए इस का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने जीवन में आई तमाम कठिनाईओं का सामना जिस आदर्शता के साथ किया वह मानव समाज के लिए सदैव प्रेरणा देने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें मर्यादा पुरूषोतम भगवान श्री राम के व्यक्तित्व को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिये। राम नवमी का पावन पर्व हम सबके जीवन में सुख शांति व समृद्धि लाए इसकी भी मुख्यमंत्री ने कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभाव को विभागीय दायित्व सौंपे गये है

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभाव को विभागीय दायित्व सौंपे गये है। सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा निम्न प्रकार से महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं –
1. बलवीर घुनियाल उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
2. सुरेन्द्र मोघा उपाध्यक्ष, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड
3. भुवन विक्रम डबराल उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
4. सुभाष बर्थवाल उपाध्यक्ष, राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद
5. पुनीत मित्तल उपाध्यक्ष, नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद
6. गिरीश डोभाल उपाध्यक्ष, प्रदेशीय मौन परिषद
7. गीताराम गौड उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद
8. डा. जयपाल उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति
9. देशराज कर्णवाल उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजनाएं एवं अनुश्रवण समिति
10. अजीत चौधरी उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य किसान आयोग।
11. प्रताप सिंह पंवार उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड
12. जगत सिंह चौहान उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति
13. गीता रावत अध्यक्ष, राज्य स्तरीय सतर्कता समिति
14. शंकर कोरंगा उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद
15. महेश्वर सिंह महरा उपाध्यक्ष, चाय विकास सलाहकार परिषद
16. सरदार मनजीत सिंह सह अध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति
17. नवीन वर्मा उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद्
18. अशोक नबयाल उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद

4 मई से प्रारम्भ होने जा रही केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने, केदारनाथ धाम पहुंचे यात्रा प्रभारी सचिव युगल किशोर पंत।

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पुनर्निर्माण कार्यों, पैदल मार्ग, पार्किंग, पंजीकरण केंद्र और श्रद्धालु सुविधाओं का किया निरीक्षण*

*केदारनाथ यात्रा मार्ग में जमी बर्फ शीघ्रातिशीघ्र हटाने के दिए निर्देश*

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में विशेष महत्व रखने वाली श्री केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 2 मई 2025 से आरंभ होने जा रही है। बाबा केदार के दर्शन को लेकर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष इस यात्रा में सम्मिलित होते हैं। यात्रा को सफल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा को लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा और प्रगति की जानकारी लेने हेतु संस्कृति एवं भाषा विभाग के सचिव तथा केदारनाथ यात्रा के प्रभारी सचिव युगल किशोर पंत ने केदारनाथ धाम और यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव युगल किशोर पंत केदारनाथ मंदिर परिसर भी पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के चारों ओर चल रहे पुनर्निर्माण तथा सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं ताकि यात्रा आरंभ होने से पहले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने मंदिर के आसपास तथा गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को मार्ग पर जमी बर्फ और मंदिर परिसर की बर्फ को शीघ्रातिशीघ्र हटाने के सख्त निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव केदारनाथ युगल किशोर पंत ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित सीतापुर और सोनप्रयाग की पार्किंग स्थलों का भी दौरा किया। इन स्थलों पर उन्होंने वाहनों की पार्किंग व्यवस्था, बिजली, पानी की उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति, साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण जैसी जनसुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं यात्रियों के अनुकूल और मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने आधिकारियो को निर्देश दिए कि यात्रा के समय किसी भी श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग समय पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान सचिव संस्कृति एवं भाषा विभाग युगल किशोर पंत ने गौरीकुंड क्षेत्र में स्थित गौरी माई मंदिर और तप्त कुंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने इन धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया कि इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी सुव्यवस्थित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को एक बेहतर अनुभव प्राप्त हो। इस दौरान उन्होंने सोनप्रयाग स्थित पंजीकरण केंद्र का भी दौरा किया। वहां उपस्थित अधिकारियों से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, काउंटर की संख्या, स्टाफ की उपलब्धता और तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भीड़ के समय यात्रियों को कतारों में लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए पर्याप्त काउंटर और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए।