केदारनाथ धाम से वापस आते हुए एक वृद्ध माता जी अपने परिजनों से बिछड़ गयी थी, यह माता जी गौरीकुण्ड शटल पार्किंग में ड्यूटीरत उप निरीक्षक रमेश चन्द्र बेलवाल एवं आरक्षी सुशील कुमार को काफी परेशान हालत में मिली। इनके साथ केवल इसी बात का फायदा यह रहा कि यह हिन्दी भाषा समझ पा रही थी और कुछ-कुछ शब्द बोल पा रही थी। परन्तु इनके परिजन कहॉं रह गये होंगे स्पष्ट बता पाने में असमर्थ थी। पुलिस टीम द्वारा इनसे आराम से बात कर इनको वहां पर उपलब्ध दुकान से खाने का चाय बिस्किट दिये गये। पुलिस टीम अब इनके परिजनों की तलाश में जुट गयी, अपने स्तर से सूचना को चौकी सहित निकटवर्ती पुलिस खोया पाया केन्द्रों पर दी गयी। शटल पार्किंग तक आ रहे लगभग हरेक यात्री से पूछताछ के उपरान्त ऐसे यात्रियों का समूह आया, जिनसे ये माता जी बिछड़ गयी थी। ये लोग अपनी स्थानीय भाषा में एक दूसरे से बात करने लगे, जिसका सार यही था कि तुम कहॉ से यहॉं तक आ गयी हो, हम तो कबसे रास्ते भर में ढूंढने में लगे हैं। खैर जो भी हो आपसी मिलन होने के बाद सबके चेहरे पर सुकून तो था ही साथ ही पुलिस टीम के लिए ढेर सार प्यार और आशीष वचन भी
जनपद ररद्रप्रयाग पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान श्रद्धालुओं के चेहरे पर सुकून और राहत दे जा रहा है।











