रुद्रप्रयाग। जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में बीते 24 घंटे से जारी गतिरोध गंभीर रूप ले चुका है। पंजाब से आए कुछ हथियारबंद निहंग सिंहों ने शनिवार शाम गुरुद्वारे में हंगामा शुरू करते हुए परिसर पर कब्जा जमा लिया और प्रबंधक/सेवादार को बंधक बना लिया। रविवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
🔸घटना कैसे शुरू हुई..
पुलिस के अनुसार, 16 जून को हेमकुंड साहिब में मत्था टेककर लौट रहे कुछ निहंग सिंहों का कर्णप्रयाग बाजार में वाहन पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया गया था। इस घटना में हुई “एकतरफा कार्रवाई” के विरोध में रविवार को धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था, जिसके लिए निहंगों ने नगरासू गुरुद्वारा प्रबंधन से सहयोग मांगा था। आरोप है कि अपेक्षित सहयोग न मिलने और प्रबंधन द्वारा कर्णप्रयाग मामले में आपत्ति दर्ज न करने से नाराज निहंगों ने शनिवार शाम गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया।
🔸तोड़फोड़, मारपीट और छत पर चढ़ाई…
बताया जा रहा है कि निहंगों ने सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की, गुरुद्वारे में लगे कुछ सूचना पट्ट हटा दिए और तोड़फोड़ की। इसके बाद वे प्रबंधक/सेवादार को साथ लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस के मुताबिक निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे पारंपरिक शस्त्र हैं। छत से कुछ पत्थर फेंके जाने की भी खबर है, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
🔸प्रशासन की कोशिशें, बातचीत बेअसर…
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, पीएसी और आईटीबीपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को घेर लिया। रविवार सुबह जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन निहंगों ने वार्ता से इनकार कर दिया। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर भी मौके पर स्थिति नियंत्रित करने में जुटी हैं। पुलिस-प्रशासन निहंगों को बाहर निकालने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी गतिरोध बरकरार है।
🔸एहतियाती कदम…
– नगरासू सहित रुद्रप्रयाग और श्रीनगर क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद, ताकि अफवाह न फैले
– चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील क्षेत्रों में BNSS धारा 163 लागू, जो 27 जून तक प्रभावी रहेगी — बिना अनुमति सभा, प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक
– अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और आईटीबीपी के जवान तैनात







