पांच दिवसीय महोत्सव में लोक संस्कृति के रंगों से सजा जागतोली, विद्यालयों व महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ऊखीमठ। नन्दा अष्टमी के पावन अवसर पर जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, कलाकारों और महिला मंगल दलों ने लोकगीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनोहारी झलक प्रस्तुत की।
महोत्सव का शुभारंभ केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने मुख्य अतिथि, राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने अति विशिष्ट अतिथि तथा भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 
मुख्य अतिथि विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ऐसे महोत्सव स्थानीय लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को मजबूती देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नन्दा अष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित दशज्यूला महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने कहा कि दशज्यूला की पावन धरती महान विभूतियों की जन्म एवं कर्मस्थली रही है। उन्होंने महोत्सव को क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
महोत्सव अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। महासचिव कालिका काण्डपाल ने दशज्यूला क्षेत्र की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। महोत्सव की अध्यक्षता प्रधानाचार्य गांधीयन ने की, जबकि संचालन राजेन्द्र काण्डपाल, वीरेन्द्र बर्त्वाल और नमिता काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं महिला मंगल दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणों एवं काश्तकारों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
पांच दिवसीय महोत्सव को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है। महोत्सव के माध्यम से जहां स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिल रहा है,









