शासन ने स्पष्ट की स्थिति, पूर्व व्यवस्था के अनुसार वेतन-मानदेय भुगतान जारी रखने के निर्देश
देहरादून, 17 सितंबर। उत्तराखंड में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर शासन ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन उपनल कर्मचारियों के अनुबंध पत्र अभी तक संपादित नहीं हुए हैं, उनका पूर्व अनुमन्य वेतन एवं मानदेय केवल अनुबंध पत्र न होने के आधार पर नहीं रोका जाएगा।
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव युगल किशोर पंत की ओर से 17 सितंबर को जारी पत्र में कहा गया है कि अनुबंध संपादित नहीं करने वाले उपनल कर्मचारियों के पूर्व अनुमन्य वेतन/मानदेय के भुगतान की पूर्व व्यवस्था, अर्थात उपनल के माध्यम से भुगतान, यथावत लागू रहेगी।
कुछ विभागों में वेतन रोकने के आदेश का मामला आया सामने
शासन के पत्र में कहा गया है कि विभिन्न विभागों से उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के अनुबंध से संबंधित सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं। इसी दौरान शासन के संज्ञान में आया कि कुछ विभागों द्वारा पात्र वेतनमान में न्यूनतम महंगाई भत्ते सहित उपनल कर्मचारियों के अनुबंध पत्र हस्ताक्षरित नहीं होने की स्थिति में वेतन आहरण नहीं किए जाने संबंधी आदेश जारी किए जा रहे हैं।
शासन ने इस स्थिति को उचित नहीं माना है और स्पष्ट किया है कि केवल अनुबंध पत्र संपादित नहीं होने के आधार पर पहले से अनुमन्य वेतन अथवा मानदेय का भुगतान रोका जाना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में चल रही प्रक्रिया
शासन ने अपने पत्र में जनहित याचिका संख्या 116/2018, कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य में उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा पारित निर्णय का भी उल्लेख किया है। इसी के अनुपालन में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा 3 फरवरी 2026 को जारी शासनादेश के तहत विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों और संबंधित मूल नियुक्ता विभागों के बीच अनुबंध की स्थिति की जानकारी निर्धारित प्रारूप में मांगी गई थी।
अब विभागों से अनुबंध संबंधी विवरण शासन को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विभागों को कार्रवाई के निर्देश
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव ने संबंधित विभागों को 3 फरवरी 2026 के शासनादेश के क्रम में प्रस्ताव-02 के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के इस स्पष्टीकरण से उन उपनल कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है, जिनके अनुबंध पत्र अभी संपादित नहीं हुए हैं और इस वजह से उनके वेतन आहरण को लेकर विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि अनुबंध प्रक्रिया लंबित होने मात्र से पूर्व निर्धारित वेतन-मानदेय की भुगतान व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।

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