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Monday, September 28, 2026
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अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA), उत्तराखण्ड की 11वी जनपद एवं अर्न्तविभागीय समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया।

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देहरादून।अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्रोतों, नौलों – धारो और नदियों के संरक्षण एवं उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए बेहतर एवं प्रभावी कार्य योजनाएं बनाकर शासन को भेजें। सभी जिले एवं विभाग बेस्ट प्रैक्टिस अपनाते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण हेतु लघु एवं दीर्घ कालीन नीतियों पर कार्य करें। उन्होंने कहा संबंधित क्षेत्र के अत्यधिक महत्वपूर्ण, जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण को शीर्ष प्राथमिकता में रखते हुए कार्य किए जाएं।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि चिन्हित किए गए जल स्रोतों एवं नदियों का जिओ – हइड्रोलॉजिकल अध्ययन करवा कर उसकी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को जिलों के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए अमृत सरोवर के ग्राउंड वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सारा से संबंधित कार्य योजनाओं में किसी तरह की दिक्कत आने पर तुरंत शासन में संबंधित विभाग को अवगत करवाया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी सहयोग से जल संरक्षण के कार्य को करें।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सारा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जियो – टैगिंग अनिवार्य रूप की जाए। उन्होंने कहा सूखाग्रस्त क्षेत्रों में भू-जल रिचार्ज के दृष्टिगत प्रस्तावित कार्यों को तेज़ी से अमल में लाया जाए । वर्षा आधारित सहायक नदियों / धाराओं की उपचार योजनाओं का निरूपण वैज्ञानिक विधि से किया जाए। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जल स्रोतों का सतत् रूप से अनुरक्षण सामुदायिक सहभागिता से सुनिश्चित किया जाए।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (SARRA) श्रीमती नीना ग्रेवाल ने बैठक में बताया कि राज्य में ग्राम स्तर पर 5421 जल स्रोतों, विकासखण्ड स्तर पर 929 क्रिटिकल सूख रहे जल स्रोत, एवं जनपद स्तर पर 292 सहायक नदियों / धाराओं की उपचार गतिविधियां संचालित हैं। इस प्रकार कुल 6350 चिन्हित जल स्रोत का उपचार कार्य गतिमान है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण अभियान 2024 के अंतर्गत 2.51 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी को रिचार्ज करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष लगभग 2.38 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी को रिचार्ज कर लिया गया है।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जिला समिति द्वारा निरूपित योजनाओं में 50 प्रतिशत SARRA द्वारा प्रदत अंश के रूप में दिया जायेगा व शेष 50 प्रतिशत सम्बन्धित कार्यदायी संस्था / विभागों द्वारा कन्वर्जेंस के माध्यम से वित्त पोषण से किया जायेगा। क्रिटिकल जल स्रोतों का रिचार्ज जोन / क्षेत्र, जियो- हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन उपरांत ही निर्धारित किया जायेगा। उन्होने बताया कि क्रिटिकल जल स्रोतों के चिन्नीकरण एवं उसके उपचार हेतु सारा द्वारा पेयजल निगम, जल संस्थान, सिंचाई , लघु सिंचाई, वन विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जल संस्थान एवं जल निगम द्वारा पेयजल आपूर्ति हेतु मह्त्वपूर्ण चिन्हित लगभग 500 जल स्रोतों, जिनमे विगत वर्षों में जल प्रवाह 50 प्रतिशत से भी कम हो चुका है, ऐसे जल स्रोतों के उपचार हेतु स्प्रिंगशेड विकास के कार्य, वैज्ञानिक अवधारणा के अनुरूप किए जाने हेतु जल निगम, जल संस्थान एवं वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु SARRA द्वारा भी convergence हेतु आवश्यक धनराशि विभागों को उपलब्ध करायी जायेगी.

इस अवसर पर अपर सचिव नमामि बंसल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के जिला अधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड में महिला सुरक्षा का तंत्र और होगा मजबूत ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पांच सदस्यीय कमेटी गठित: आशा नौटियाल

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश महिला मोर्चा ने जताया आभार

अपराधियों के खिलाफ होगी सख्त से सख्त कार्रवाई

29 अगस्त देहरादून:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिलाओं के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में गंभीरता पूर्वक काम कर रहे हैं। उनके निर्देश पर डीआईजी कानून व्यवस्था पी रेणुका देवी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है ।

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कमेटी गठित करने के निर्देश देने पर आभार जताया है उनका कहना है कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए संजीदगी के साथ में काम कर रही है। महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए और प्रभावी कदम क्या उठाये जा सकते हैं इसके लिए डीआईजी कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है इससे साफ है कि कमेटी महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार को सिफारिश देगी और उसके आधार पर महिलाओं की सुरक्षा को और सशक्त किया जाएगा।

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि इससे सरकार की संवेदनशीलता प्रदर्शित होती है सरकार महिलाओं को सुरक्षा को लेकर कितनी गंभौर है । प्रदेश में महिला सुरक्षा के तंत्र को और सशक्त बनाया जा सके। इस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है । उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ना सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस कर रही है बल्कि महिला अपराध को रोकने की दिशा में और कठोर कदम उठाने का प्लान तैयार कर रहीं है।

उनका कहना है कि इसके लिए कमेटी का गठन किया है यह एक सराहनीय कदम है क्योंकि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करना चाहती है साथ ही महिला अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कठोर कार्रवाई करना चाहती है उसे दिशा में सरकार ने डीआईजी कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है।

परिश्रम के आगे चट्टान भी छोटी हो जाती है अगस्त्यमुनि ब्लाक के समीरण भट्ट ने वन विभाग के रेंजर के बाद पुलिस उपाधीक्षक पद भी किया हासिल।

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रुद्रप्रयाग ।। PCS परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही पांच अभ्यर्थी ने अलग अलग विभागों।में चयन पा कर जनपद रूदप्रयाग  का नाम रोशन किया है इन्ही में। एक समीरन भट्ट है जिन्होंने पुलिस उपाधीक्षक पड़ पर चयन।हो कर परिवार ही नही बल्कि गांव गली से लेकर जनपद का नाम रोशन किया है समीरण भट्ट हाल में वन विभाग में रेंजर के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।

रूद्रप्रयाग निवासी समीरण भटट ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर सफलता हासिल की। इसी क्रम में रूद्रपयाग के समीरण भटट् पुत्र शिव प्रसाद भटट् ग्राम. गुनाउॅ पो0ओ0 तिलवाड़ा जिला रूद्रप्रयाग वर्तमान पता रूद्रप्रयाग, हितडांग के निवासी है। के द्धारा पुलिस उपाधीक्षक पद पर प्रदेश में 7वीं रैकं सामान्य में हासिल कर जनपद का नाम रोशन ही नहीं किया बल्कि अपने माता पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। समीरण भटट इससे पहले भारतीय वन सेवा में भी वर्तमान समय में वन विभाग के रेंजर के पद पर भी प्रशिक्षण ले रहे है। और एक बार फिर से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनाती मिलने पर घर परिवार व जिले में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
समीरण भटट् ये श्रेय अपने माता पिता और अपने गुरूजी लोगों को देते हैं तो वहीं उनकी माता श्रीमती लक्ष्मी भटट् जी का कहना है कि आगे वहीं व्यक्ति जाता हैं जो अपने माता पिता और गुरू का सम्मान करता है। वह हमेशा सफलता की उंचाईयों पर पहॅूचता है। परिवार के संस्कार बच्चों पर एैसे पडे कि वर्तमान समय में समीरण की माता जी जूनियर हाईस्कूल रौठीया भरदार में प्रधानाअध्यापिका के पद पर तैनात है। पिताजी शिवप्रसाद भटट उत्तराखण्ड ग्रामीण बैकं से प्रबन्धक के पद से रिटायर है। जबकि समीरण भटट की तीन बहिन तीनों सरकारी सेवा में तैनात है। जो दो बडी बहिनें बैेक में एक बहिन सर्जन के पद पर छोटा भाई एनडीए खण्डकवाशला में प्रशिक्षु के पद पर है। शिव प्रसाद भटट् के होनहार बच्चों ने जनपद का ही नाम रोशन नहीं किया है। पूरे भारत का नाम रोशन किया है। शिक्षा ,दीक्षा. समीरण भटट् की प्राथमिक शिक्षा गुरूराम राय तिलणी से शुरू हुई और 6 से 12 वीं तक शिक्षा गुरूनानक एकेडमी देहरादून में हुई ,उसके बाद उनके द्धारा पन्तनंगर से बीटैक उसके बाद आई आई टी भुवनेश्वर से क्लाइमेट सांइस की शिक्षा प्राप्त की ,वर्तमान समय में उनके द्धारा भारतीय वन सेवा में भी रेंजर के पद पर धारवाड कर्नाटक में प्रशिक्षण ले रहे हैं और एक बार फिर से उनके जीवन में नयी खुशी मिल गयी है।अब वे उत्तराखण्ड़ लोकसेवा आयोग द्धारा पुलिस उपाधीक्षक के पद पर चुने गये है।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रैनफाल की तकनीकि संस्थानों से अध्ययन कराये जाने के दिये निर्देश।

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भूस्खलन से संबंधित चेतावनी प्रणाली की जाय विकसित*

*सभी अधिकारी आपदा की चुनौतियों का आपसी समन्वय से करें सामना*

*आपदा प्रभावितों की मदद करना हमारी जिम्मेदारी-मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों एवं वीडिया क्रांन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री से सभी जिलाधिकारियों से जनपदों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को वरूणावत भूस्खलन क्षेत्र के तकनीकि अध्यनन् के लिए आई.आई.टी रूड़की एवं टी.एच.डी.सी. से सहयोग के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में पूर्व में हुए अध्ययनों का भी संज्ञान लिया जाए ताकि लैंडस्लाइड जोन के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने जानकीचट्टी के आसपास के क्षेत्रों के उपचार एवं विस्तारीकरण के कार्यों में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार करने तथा बरसात समाप्त होते ही सड़क मरम्मत सहित अन्य पुर्ननिर्माण योजनाओं पर तेजी से कार्य किए जाने के लिए टेण्डर प्रक्रिया अविंलब प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग के मरम्मत के साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रेनफाल की स्थिति की भी तकनीकि संस्थानों से अध्यनन कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले पुर्ननिर्माण कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने भूस्खलन से संबंधित चेतावनी प्रणाली को विकसित किये जाने तथा आपदा की चुनौतियों का आपसी समन्वय से सामना किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपदा मद में धनराशि की सीमा बढ़ाये जाने से निर्माण कार्य बेहतर ढंग से हो सकेंगे। आपदा पीड़ितो की सहायता एवं पुननिर्माण कार्यों के लिए धनराशि की कमी न होने देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के कारण विकास कार्य प्रभावित न हो इस दिशा में भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने 7-8 जुलाई को सितारंगज टनकपुर बनबसा तथा तराई भाबर के क्षेत्रों में दशकों बाद भारी मात्रा में पानी जमा होने तथा बाढ़ की स्थिति पैदा होने की स्थिति के भी अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने जल निकासी प्रणाली तथा ड्रेनेज सिस्टम को और प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की जिलाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों की तुरंत मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। हम आपदा को रोक तो नहीं सकते है, लेकिन उसके प्रभाव को पीड़ितो की मदद कर कम कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से वृक्षारोपण की रिपोर्ट तैयार करने तथा अमृत सरोवरों की स्थिति की भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। सभी कार्य धरातल पर दिखाई दे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर में भी भारी वर्ष की संभावना के दृष्टिगत सभी अधिकारी सतर्क रहे तथा वर्षा के बाद होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार किये जाने के निर्देश दिए।

सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में आपदा की स्थिति, राहत, पुनर्वास तथा पुर्ननिर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा मद में हुई धनराशि वृद्धि से क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों, आवासीय भवनों, मूलभूत सेवाओं को सुचारू किये जाने तथा वृहद योजनाओं को भी पुननिर्मित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय रोहिला, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु,, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव श्री आर. राजेश कुमार, श्री एस.एन.पाण्डेय, श्री रविनाथ रामन, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, बी.आर.ओ के अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

30 अगस्त को रिलीज होगी उत्तराखंड में निर्मित फिल्म मीठी- मां कु आशीर्वाद।

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रूडकी।। उत्तराखंड के खानपान पर बनी फिल्म मीठी- माँ कु आशीर्वाद 30 अगस्त को प्रदेश के कई सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रुड़की में देहरादून रोड स्थित एक होटल में फ़िल्म से जुड़े निर्माता निर्देशक व कलाकारों ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया।
फ़िल्म के निर्देशक कांता प्रसाद ने बताया कि फिल्म एक लड़की की कहानी है जिसे अपनी माँ की पाक कौशल और उत्तराखंड की समृद्ध खाद्य परम्पराओं की विरासत मिली है और इस फिल्म में उत्तराखंडी भोजन और लोगों के बीच संबंध को दर्शाया गया है।उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड और यूपी के अलग अलग शहरों में हुई है। इस फिल्म में मुख्य अभिनेत्री मेघा खुगशाल व मुख्य अभिनेता मोहित घिल्डियाल होंगे। इसके साथ ही फिल्म के गानों में आवाज इंडियन आइडल फेम पवनदीप राजन और विवेक नौटियाल ने दी है। इसके साथ ही कई स्थानीय कलाकारों ने इस फिल्म में कार्य किया है। फ़िल्म की अभिनेत्री मेघा खुगशाल ने बताया कि इस फिल्म को 30 अगस्त को प्रदेश के कई सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खान पान और परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए और आने वाली पीढ़ी को इससे जोड़कर रखने के लिए फिल्म को जरूर देखें। मुख्य अतिथि सचिन गुप्ता ने कहा कि अच्छी बात है कि उत्तराखंड में अब कोई फिल्म बनाई गई है जिससे प्रदेश की खानपान और यहां की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही फिल्म स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देगी।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024’ के लिये चयनित होने पर शिक्षिका कुसुमलता गड़िया को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी बधाई।

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देहरादून

*शिक्षिका कुसुमलता गड़िया को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी बधाई

*कहा, नेशनल टीचर्स अवार्ड मिलना प्रदेश के लिये गौरव की बात

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वीणा (चमोली) में शिक्षिका है कुसुमलता गड़िया,

राजवाशी ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024’ के लिये चयनित होने पर दे रहे बधाई और शुभकामनाएं,

शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षिका गड़िया के प्रयास प्रशांसनीय एवं अनुकरणीय है,

उनके नवाचारी प्रयासों ने छात्रों में सृजनात्मक सोच विकसित की साथ ही शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा भी मिली है,

उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा 2021 के परिणाम घोषित, नायब तहसीलदार आशीष जोशी रहे टॉपर।

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उत्तराखंड- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2021 मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है. रिजल्ट के अनुसार 289 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. इनमें 10 डिप्टी कलेक्टर और 10 सीओ समेत अन्य पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. इसके साथ ही आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा 2024 का परिणाम भी घोषित किया है।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस परीक्षा 2021 का फाइनल परिणाम घोषित कर दिया है. नायब तहसीलदार के लिए हाल ही में चयनित होकर तैनाती पाने वाले आशीष जोशी टॉप पर रहे हैं. उधर दूसरी तरफ लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा 2024 का भी परिणाम घोषित कर दिया है।

चमोली के नंदानगर में वाहन दुर्घटनाग्रस्त,एक की मौत 5 घायल।

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चमोली।चमोली जनपद के नंदानगर में नंदानगर -थराली मोटरमार्ग पर बाँजबगड़ इण्टर कॉलेज के पास एक टैक्सी वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।वाहन में सवार पाँच लोग घायल हो गये,जबकि एक की हॉयर सेंटर ले जाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई।बाक़ी घायलों को सीएचसी नंदानगर में प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया हैं।

स्थानीय लोगो का कहना हैं कि सीएचसी नंदानगर से अगर घायल बीरेन्द्र को एम्बुलेंस मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी,क्योंकि वीरेंद्र को साँस लेने में दिक्क्त आ रही थी,परिजनों ने आरोप लगाया कि 108 एंबुलेंस के लिए भी फ़ोन लगाने पर भी उन्होंने दो घंटों का समय लगने की बात कही,जिसके बाद मरीज़ की जान बचाने के लिए परिजन प्राइवेट गाड़ी से ही ज़िला अस्पताल गोपेश्वर के लिए निकले,नंदप्रयाग के पास भी बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण देरी हुई,जिसके बाद प्राइवेट गाड़ी से ही घायल को उपज़िला अस्पताल कर्णप्रयाग ले जाया गया,जहां डाक्टरों के द्वारा वीरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ थाना नंदानगर घाट क्षेत्र मे बांजबगड़ इंटर कॉलेज के पास वाहन संख्या UK-11-TA-1816 (बुलेरो) वाहन सड़क से अचानक अनियत्रिंत होकर खाई में गिरने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया।जिसमें सवार 6 लोग घायल हो गये,घायलो को पुलिस और स्थानीय लोगो की मदद से से सीएचसी नंदानगर में भर्ती करवाया गया,जिनमें से एक घायल की स्थिति को गंभीर देखते हुये डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हॉयर सेंटर के लिए रैफ़र कर दिया।बताया जा रहा हैं कि गंभीर रूप से घायल वीरू पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी ग्राम घूनी उम्र 37 वर्ष की रास्ते में ही मौत हो गई,उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग पहुँचने पर डाक्टरों ने उक्त को मृत घोषित कर दिया।

जोशीमठ में रोक के बाउजूद हो रहे पक्के निर्माण कार्य के चलते धंसी रोड,प्रसाशन ने मौके पर जाकर रुकवाया कार्य।

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जोतिर्मठ (चमोली)- जोशीमठ नगर छेत्र में भू धंसाव आपदा के बाद जनवरी 2023 से सभी तरह के पक्के निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन के आदेशों के तहत रोक लगी हुई है,बाबजूद इसके नगर छेत्र के सुनील वॉर्ड में औली रोड के ठीक नीचे एक जगह पर पक्के निर्माण कार्य चलने की बात सामने आई है, जिसके चलते औली रोड भी धंसने लगी है, फिलहाल जोशीमठ प्रशासन द्वारा मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुई तहसील प्रशासन की एक टीम आज मौके पर सुनील औली रोड पर चल रहे इस निर्माण कार्य और धंसी सड़क का जायजा लेने भेजी, बताया जा रहा है की इस प्रकरण पर प्रशासन द्वारा आज संबधित निर्माण कार्य कर रही संस्था का कार्य फिलहाल बंद करा दिया गया है,और आगे की कार्यवाही जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी, बताया गया कि इस छेत्र में औली रोड भी धंस गई है,संबंधित निर्माण कार्य करने वाली संस्था द्वारा औली रोड के नीचे खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसके चलते जोशीमठ औली रोड पर सुनील के समीप बड़ी दरार आ गई है, और सड़क का एक हिस्सा नीचे धसने लगा है, इधर मामला सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में सामने आने के बाद एसडीएम जोशीमठ चंद्र शेखर वशिष्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन की टीम को सुनील औली रोड पर चल रहे निर्माण कार्य और औली रोड धंसने की स्थिति का जायजा लेने मौके पर भेजा है, प्रशासन की टीम के साथ राजस्व विभाग जोशीमठ सहित सुनील गांव के स्थानीय लोगों सहित जन प्रतिनिधियों और संबंधित निर्माण कार्य कर रही संस्था के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे,स्थानीय लोगों की माने तो यदि समय रहते इस औली रोड पर सुरक्षात्मक उपाय नही किए गए तो इस प्वाइंट पर भू धंसाव के साथ साथ दुर्घटना का खतरा बना हुआ है,वही सड़क से सटे एक बड़े बोल्डर के गिरने का भी बड़ा खतरा मंडरा सकता है, फिलहाल इस धंसी सड़क के किनारे से ही छोटे बड़े वाहन जोखिम के साथ आवाजाही कर रहे हैं,

उत्तराखंड में 6 आईएएस अधिकारियों व 3 PCS अधिकारियों के हुए स्थानांतरण।

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देहरादून-उत्तराखंड में मंगलवार 27 अगस्त को 6 आईएएस के तबादले हुए हैं. अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और पौड़ी के संयुक्त मजिस्ट्रेट को बदला गया है। वहीं वेटिंग पर बैठे तीन आईएसएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा देहरादून के तीन पीसीएस अधिकारियों को भी बदला गया है।