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Tuesday, September 29, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने की केंद्रीय संचार मंत्री से भेंट, राज्य में संचार सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा।

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दिल्ली

*मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय संचार मंत्री से भेंट, राज्य में संचार सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा*

*मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री से नैनीताल शहर में जाम से मुक्ति तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये नैनीताल नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित डाकघर को अन्यत्र शिफ्ट करने का किया अनुरोध*

*मुख्यमंत्री ने राज्य में 4G सैचुरेशन स्कीम के अन्तर्गत अवशेष टावरों की स्थापना हेतु बी.एस.एन.एल. को निर्देश देने तथा राज्य में संचार व्यवस्था से वंचित क्षेत्रों में भी टावर लगाकर संचार व्यवस्था से आच्छादित किए जाने का केंद्रीय संचार मंत्री से किया अनुरोध*

*राज्य सरकार द्वारा 481 टावरों की स्थापना के लिये भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की गई है पूर्ण*

सांदर के ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग के कार्यालय में लगाए ताले।

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रुद्रप्रयाग। नगर मुख्यालय के नजदीकी गांव सांदर के ग्रामीणों ने लोनिवि द्वारा गांव में सड़क बनाने के दौरान क्षतिग्रस्त किए सम्पर्क मार्ग, गौशाला और पुश्तों का निर्माण न करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने लोनिवि दफ्तर में तालाबंदी की। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने लोनिवि कार्यालय में विरोध-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही मांग पूरी न होने पर दोबारा तालाबंदी की चेतावनी दी। बाद में अधिकारियों के मौके पर जाकर निरीक्षण कर कार्यवाही का भरोसा देने के बाद ग्रामीण शांत हुए।

गुस्साए ग्रामीणों ने लोनिवि कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर की नारेबाजी

शुक्रवार को सांदर गांव के प्रधान भूपेंद्र जगवाण ने नेतृत्व में ग्रामीणों ने जागतोली स्थित लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन किया। विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। जबकि दफ्तर में ताले जड़ दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में सांदर गांव में सड़क निर्माण किया गया जिससे ग्रामीणों के कई सम्पर्क मार्ग, पुश्ते, खेत, दीवार और गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गए। कई बार कहने के बाद भी विभाग द्वारा कोई सुध नहीं ली गई जिस कारण मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। साथ ही कहा कि तहसील से सांदर गांव के लिए सड़क काटी गई किंतु शुरूआत से ही सड़क काफी तंग है। यहां आवाजाही में जान जोखिम डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। जबकि गांव में सड़क काफी चौड़ी है। सड़क का न तो आज तक चौड़ीकरण किया और न ही डामरीकरण जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। सड़क कटिंग से गांव में ग्रामीणों के क्षतिग्रस्त गौशालाएं, पुश्ते, खेत, दीवार के निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ग्राम प्रधान भूपेंद्र जगवाण ने कहा कि इस बावत कई बार विभाग के साथ ही प्रशासन एवं सीएम पोर्टल तक शिकायतें कर चुके हैं किंतु कोई सुनने वाला नहीं है जिस कारण ग्रामीणों को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। जबकि पूर्व में विधायक द्वारा भी विभाग को वर्ष 2023 में सड़क के द्वितीय स्टेज के डामरीकरण के साथ ही गांव में क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों के लिए लिए होने वाले काम के लिए आंगणन बनाने के निर्देश दिए गए थे किंतु इस पर भी विभाग ने कुछ कार्यवाही नहीं की।

ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खांकरा में डम्पर व स्कूटी की टक्कर में तीन लोग घायल।

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रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर खांकरा बैंड के पास एक स्कूटी दुर्घटना में तीन लोग गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि स्कूटी की एक डंपर से टक्कर हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस, डीडीआरएफ एवं स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए बेस अस्पताल श्रीनगर भेज दिया गया है।

दुर्घटना में तीनों घायलों को बेस चिकित्सालय श्रीनगर भेजा

जानकारी के अनुसार गुरुवार सांय 6:22 मिनट पर एक स्कूटी की विपरीत दिशा से आ रहे डंपर से टक्कर हो गई जिससे स्कूटी में सवार दो लोग गंभीर घायल हो गए। जबकि एक को सामान्य चोट है। आपदा प्रबंधन एवं पुलिस द्वारा तीनों घायलों को 108 आपातकालीन सेवा से बेस चिकित्सालय भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों के साथ ही कोतवाली पुलिस, डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दो लोग गंभीर घायल है। एक सामान्य है। तीनों को बेस अस्पताल श्रीनगर भेजा गया है।

अतिथि देवो भव: के भाव के साथ ऑपरेशन मुस्कान के तहत श्रद्धालुओं को सहारा देती मित्र पुलिस।

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केदारनाथ।।प्रचलित श्री केदारनाथ यात्रा में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा जनपद के विभिन्न यात्रा पड़ावों पर ड्यूटीरत सभी पुलिस कार्मिकों को निर्देश दिये गये हैं कि, जनपद पुलिस के “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत श्रद्धालुओं की यथासम्भव मदद की जाये। श्री केदारनाथ धाम सहित पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं के बिछड़ जाने पर उनको मिलाये जाने, किसी प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या महसूस होने पर उनको प्राथमिक उपचार देकर नजदीकी चिकित्सा इकाई तक पहुंचाये जाने, उनकी खोई हुए वस्तुयें जैसे बैग, मोबाइल एवं अन्य जरूरी सामग्री ढूंढकर वापस दिलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिस क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस अतिथि देवो भव: के भाव के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है। तथा निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्यों के साथ हर जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद कर रही है।

गौरीकुण्ड से लेकर श्री केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा काफी दुर्गम है। इस दुर्गम पैदल यात्रा करने के बाद अक्सर श्रद्धालु थक हार कर चूर हो जाते हैं। आज दिनांक 26.06.2024 को जयपुर (राजस्थान) से श्री केदारनाथ के दर्शन हेतु आयी श्रद्धालु हंसाकंवर जो कि श्री केदारनाथ के दर्शन के दौरान मूर्छित हो गयी थी। ऐसी स्थिति में ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक सुनील कुमार द्वारा मानवता का परिचय देते हुए श्रद्धालु को भीड़ से अलग किया गया तथा उनको अपनी पीठ पर उठाकर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र ले गये जहां पर श्रद्धालु का उपचार कराने के उपरान्त श्री केदार के सुगम दर्शन करवाये गये। पुलिस के स्तर से मिलने वाली इस मदद से श्रद्धालु तथा उनके परिजन खुशी से अभिभूत हो गये तथा उनके द्वारा पुलिस का कोटि-कोटि आभार प्रकट किया गया।

 

अस्पताल में नाबालिक के साथ छेड़छाड़ करने वाला आरोपी गिरप्तार।

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श्रीनगर ।।श्रीनगर गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली श्रीनगर में दिए शिकायती पत्र में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी 12 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ अस्पताल का कर्मचारी बताकर जांच के बहाने गलत हरकत व छेड़छाड़ की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह द्वारा प्रकरण नाबालिग बालिका से सम्बन्धित होने के कारण अपराध की गम्भीरता व संवेदनशीलता को देखते हुये तत्काल प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर को टीम गठित कर अभियुक्त को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस टीम द्वारा अस्पताल के कर्मियों का सत्यापन करने के पश्चात प्रकाश में आया कि यह व्यक्ति अस्पताल का कर्मचारी न होकर कोई बाहरी व्यक्ति है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में भी उस व्यक्ति की स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस द्वारा कई अन्य सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद आरोपी की हुलिये के आधार पर पहचान कर अभियुक्त मौहल्ला एजेंसी निवासी मंयक गैरोला को बांसवाड़ा श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक होशियार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुनील सिंह रावत, उपनिरीक्षक रमेश जयाड़ा, महिला उपनिरीक्षक प्रेमा काण्डपाल, कांस्टेबल मुकेश आर्या व दीपक कुमार शामिल रहे।

पिकप वाहन की चपेट में आने से मां बेटे की मौत।

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अल्मोड़ा- लमगड़ा विकासखंड के गोली मोहर जाने वाली सड़क पर बड़ा सड़क हादसा हो गया है। दरअसल, पिकअप के पहिए की चपेट में आने से महिला और उसके मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के संबंध में पुलिस को सूचना दी गई,सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा भरकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम दन्या के बलसूना निवासी गीता देवी (पत्नी आन सिंह) अपने पांच साल के बेटे को लेकर अपनी बड़ी बहन दुर्गानगर निवासी कविता फर्त्याल (पत्नी मनोज सिंह फर्त्याल) के साथ अपने मायके गौलीमहर जा रही थी। तीनों लमगड़ा से पिकअप संख्या (UK 01सीए1276) में सवार थे। लमगड़ा-गौलीमहर सड़क पर तीखी ढलान में गीता और उसका बेटा अचानक दरवाजे से बाहर छिटककर पिकअप के पिछले टायर के नीचे आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया पिकअप का दरवाजा कैसे खुला यह जांच का विषय बन गया है। इस घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मासूम को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों में कोहराम है।

टिहरी हिट एंड रन मामला, खण्ड विकास अधिकारी देवी प्रसाद चमोली पर गिरी गाज।

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टिहरी- कार से लोगो को रौंदने के बाद 3 लोगो की मौत पर , खण्ड विकास अधिकारी देवी प्रसाद चमोली को ग्राम्य विकास आयुक्त ने किया निलंबित,।कल जाखणी धार के खंड विकास अधिकारी देवी प्रसाद चमोली के द्वारा अपने निजी वाहन से 5 लोगों को रौंद दिया था जिसमें 3 लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी जिसको लेकर पुलिस ने खंड विकास अधिकारी देवी प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आज न्यायालय में पेश किया और पेश करने के बाद न्यायालय ने 14 दिन की हिरासत में रखते हुए जेल भेज दिया जिसका संज्ञान आयुक्त ग्राम विकास उत्तराखंड पौड़ी ने लिया और निलंबित कर दिया

निलंबित रहने के दौरान देवी प्रसाद चमोली को सिर्फ प्रतिकर भत्ता देय होगा,

शिक्षा विभाग में बम्पर स्थानांतरण सूची हुई जारी।

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देहरादून।।उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम-2017 की धारा-16 के प्राविधानानुसार स्थानान्तरण सत्र 2024-25 हेतु गठित विभागीय स्थानान्तरण समिति की संस्तुति तथा उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम-2017, शासनादेश संख्या/30/xxx- 2/2018-30(13)2017 दिनांक 06 फरवरी 2018, शासनादेश संख्या-1/130236/xxx (2)/2023/E-33080 कार्मिक व सतर्कता अनुभाग-2, दिनांक 15.06.2023, शासनादेश संख्या-198739 / xxx(2)/2023/E-33080 कार्मिक व सतर्कता अनुभाग-2, दिनांक 14 मार्च 2024, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड के पत्रांक/विविध/ 2116-22/स्था0 बैठक / 2024-25 दिनांक 02.05.2024, निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, उत्तराखण्ड, देहरादून के पत्रांक / प्रा०शि०-दो (5)/784-2024/1344-46/2024-25 दिनांक 04 मई 2024 एवं वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम-2017 धारा-07, 08 एवं 09 में निहित व्यवस्था के कम में गढ़वाल मण्डलान्तर्गत विद्यालयों / कार्यालयों में कनिष्ठ सहायक पद (वेतनमान 21700-69100, लेवल-3) पर कार्यरत निम्नांकित कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र में अनिवार्य स्थानान्तरण के मानकानुसार स्तम्भ-4 में अंकित तैनाती स्थल पर स्थानान्तरित किया जाता है।

भगवान कार्तिकेय स्वामी मंदिर पहुंचा तमिलनाडु से आये 165 यात्रियों का दल।

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रुद्रप्रयाग। कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। लम्बे समय से प्रयासों में जुटी कार्तिकेय मंदिर समिति को बड़ी कामयाबी मिली है। तमिलनाडु बदरी-केदार कार्तिक स्वामी एक्सप्रेस ट्रेन से 165 यात्रियों का दल मंगलवार को कार्तिक स्वामी पहुंचा। इस दौरान यात्री दल ने कार्तिक स्वामी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। दल ने क्रौंच पर्वत स्थित कार्तिक स्वामी पहुंचने पर खुशी जताई और इसे यादगार पल बताया। इधर, कार्तिक स्वामी के आधार शिविर कनकचौरी में कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी एवं समिति के सदस्यों ने यात्री दल का फूल मालाओं के साथ ही ढोल दमाऊ एवं भंकोरों की ध्वनियों के साथ स्वागत किया।

मुख्य सचिव ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के दिए निर्देश।

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देहरादून।।मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएस ने आम जनता के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अत्यन्त सरल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को प्रमाण पत्र हेतु इधर उधर न भटकना पड़े। श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भारत सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे स्कूल में दाखिला लेने,विधवा पेंशन प्राप्त करने, जीवन बीमा की राशि प्राप्त करने आदि के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए कभी कभी परिवार जालसाजों के झांसे में आकर मोटी धनराशि के बदले जाली प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते हैं तथा बाद में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जन्म मृत्यु पंजीकरण की भारत सरकार की अधिकारिक वेबसाइट से बहुत सी मिलती जुलती जाली वेबसाइट के मामले भी संज्ञान में आए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आम जनता से भी अपील की है कि जनता इस प्रकार के जालसाजों से सचेत रहे तथा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार से ही संपर्क करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जन्म -मृत्यु पंजीकरण के फर्जी मामलों की रोकथाम तथा आम जनता हेतु पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा एक नया सुदृढ़ पोर्टल (dc. crsorgi.gov.in) लॉंच कर दिया गया है। इसके माध्यम से परिवार का कोई भी सदस्य पोर्टल पर अपनी आईडी बनाकर परिवार में होने वाले जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए घर बैठे ही आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसे केवल एक ईमेल एवं एक मोबइल नंबर की आवश्यकता होगी। आवेदन पश्चात् आवेदक किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिती को भी देख सकता है। सम्बंधित रजिस्ट्रार द्वारा आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों से संतुष्ट होने पर आवेदन को स्वीकार कर लिया जाता है तथा डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। जारी किये गए इस डिजिटल प्रमाण पत्र की एक प्रति आवेदक द्वारा दिए गए ईमेल आई डी पर भी तत्काल ही उपलब्ध हो जाती है, जिसे वह किसी भी समय डाउनलोड कर उसका उपयोग कर सकता है। मुख्य सचिव द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चूँकि यह कार्य आम जनता के लिए ही है अतः जनता के बीच इसका उचित प्रचार प्रसार आवश्यक है, जिसके लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में चल रहे जन्म -मृत्यु पंजीकरण कार्य की सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा की।बैठक में प्रमुख सचिव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनगणना निदेशक, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य निदेशालय, पंचायती राज, राजस्व विभाग, शहरी विकास, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल, अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार आदि के अधिकारी भी उपस्थित रहे।