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Sunday, March 15, 2026


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उत्तराखण्ड की 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने मंजूर की रू. 1700 करोड़ रुपये की धनराशि।

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दिल्ली।।*उत्तराखण्ड की 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने मंजूर की रू. 1700 करोड़ रुपये की धनराशि*

*सीएम धामी के प्रयासों से मिली स्वीकृति*

*मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री से की भेंट*

*कृषि, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रभावित अवसंरचना से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, ग्रामीण विकास को गति देने तथा हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित अवसंरचना के पुनर्निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक के दौरान राज्य की 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 1700 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई, जिनकी कुल लंबाई 1228 किलोमीटर होगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदा में प्रदेश की 946 सड़कें और 15 पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनके पुनर्निर्माण के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों वाले पर्वतीय राज्य के लिए यह क्षति अत्यंत चुनौतीपूर्ण है और ऐसी स्थिति में केंद्र से विशेष सहयोग अपेक्षित है, ताकि प्रभावित अवसंरचना का त्वरित पुनर्निर्माण किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने हाल की आपदा से क्षतिग्रस्त लगभग 5900 घरों की मरम्मत के लिए भी उत्तराखण्ड को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं और फसलों को जंगली जानवरों से होने वाली क्षति एक गंभीर चुनौती है।

इस संदर्भ में उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाई.)-डी.पी.आर. योजना के तहत घेराबंदी कार्यों को शामिल किए जाने पर केंद्र सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

साथ ही उन्होंने फसलों की सुरक्षा और उत्पादन वृद्धि के लिए अलग से बजट की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए आगामी पाँच वर्षों तक प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था करने का आग्रह किया।

इस पर केंद्रीय मंत्री ने शीघ्र ही अग्रिम धनराशि आवंटित करने का आश्वासन दिया, जिससे घेराबंदी कार्य व्यापक स्तर पर शुरू किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने पीएम-आरकेवीवाई योजना के अंतर्गत स्वच्छता एक्शन प्लानदृनमामि गंगे क्लीन अभियान हेतु वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत 98 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लिया जाएगा तथा केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

इस अवसर पर सांसद महेन्द्र भट्ट, कृषि एवं किसान कल्याण सचिव देवेश चतुर्वेदी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय और उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग।

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नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास – लोकापर्ण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को विकसित किया गया है। इसी तरह स्मार्ट सिटी मिशन नगर विकास का एक आदर्श नगर विकास के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर मेयर श्री सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त श्रीमती नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

*शिलान्यास*
1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

*लोकापर्ण*
8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।

मुख्यमंत्री ने 142 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र।

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आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कैशलेस उपचार*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है। 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक श्री खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

पौड़ी गढ़वाल जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण तथा आवश्यक कार्रवाई के दिये गये निर्देश ।

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पौड़ी ।।।पौड़ी गढ़वाल जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में प्रमुख सचिव, वन, श्री आर.के. सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय एवं PCF (HoFF) श्री रंजन कुमार मिश्र ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसील पौड़ी के गजल्ड गांव का दौरा किया और गुलदार के हमले में मृत स्वर्गीय राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रमुख वन सचिव ने प्रभावित परिवार को सांत्वना देते हुए मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक भेंट किया।

प्रमुख सचिव ने गजल्ड की घटना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सरकारी तंत्र और जनसहभागिता के संयुक्त तंत्र और आपसी सहयोग में निहित है।

उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आदमखोर गुलदार के निस्तारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उपरांत सत्यखाल गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी वन्यजीव संबंधी शिकायतें सुनीं और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

दौरे के बाद प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विकास भवन में प्रमुख सचिव से भेंट कर मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी न्यूनीकरण हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। इनमें क्षेत्र से परिचित स्थानीय निवासियों को निस्तारण दल में शामिल करने, गुलदार को Tranquilize करने हेतु दो निजी शूटरों की अनुमति देने तथा Pre-Recorded Audio Massages के माध्यम से जनजागरुकता प्रसारित करने की मांगें शामिल थीं। प्रमुख सचिव ने इन बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये।

इसके उपरांत प्रमुख सचिव ने विकास भवन सभागार में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु प्रत्येक रेंज स्तर पर नियमित रूप से प्रभागीय दिवस आयोजित किया जायेगा। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि ‘क्या करें-क्या न करें’ आधारित जनजागरुकता सामग्री तैयार कर शीघ्र वितरित की जाए तथा रेंज एवं वन पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप समूहों के साथ-साथ प्रभागीय स्तर पर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग वन्यजीव गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के लिए किया जाए।

आयुक्त गढ़वाल ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है, जिसमें त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ समुदाय का सतत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनसमुदाय मिलकर कार्य करें तो इस चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए नियमित चारा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पशुपालन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही प्रभावित तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में समय परिवर्तन किया गया है।

इस अवसर पर SSP श्री सर्वेश पंवार, CCF श्री धीरज पांडे, CF श्री आकाश वर्मा, DFO गढ़वाल श्री अभिमन्यु सिंह, DFO लैंसडौन श्री जीवन मोहन दगाड़े, DFO कालागढ़ श्री तरुण एस, ADM श्री अनिल गर्ब्याल, Joint Magistrate दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जंगली जानवरों की गतिविधियों को देखते हुए विद्यालय जाने वाले छात्रों हेतु निःशुल्क वाहन सुविधा शुरू।

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जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग छात्र सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध*

*जंगली जानवरों की गतिविधियों को देखते हुए विद्यालय जाने वाले छात्रों हेतु निःशुल्क वाहन सुविधा शुरू

*जिलाधिकारी के निर्देशों पर 28 गांवों के लगभग 200 विद्यार्थियों के लिए 13 वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित*

जनपद रुद्रप्रयाग के कुछ क्षेत्रों में हाल ही में गुलदार, भालू एवं अन्य जंगली जानवरों की सक्रियता एवं हिंसक गतिविधियों में वृद्धि हुई है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के आने-जाने में सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। जंगली जानवरों की बढ़ती आक्रामकता से अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में असमंजस एवं असुरक्षा महसूस कर रहे थे।

इस गंभीर परिस्थिति पर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन को ज्ञापन प्रस्तुत कर तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने इस विषय पर त्वरित संज्ञान लेते हुए छात्र सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि उन मार्गों और क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए, जहां छात्र-छात्राएं अधिक दूरी पैदल तय कर जंगलों एवं झाड़ीदार क्षेत्रों से होकर विद्यालय जाते हैं। स्थिति सामान्य होने तक ऐसे संवेदनशील मार्गों पर विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों पर तुरंत कार्यवाही की गई। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार चन्द्रनगर क्षेत्र के बाड़व एवं कांदी के विद्यार्थी, गोर्ति एवं बुढना इंटर कॉलेज में पालाकुराली क्षेत्र के विद्यार्थी तथा रा.इ.का. चोपड़ा क्षेत्र के लगभग 08 गांवों के विद्यार्थियों हेतु उक्त प्रस्ताव दिया गया था।

इन सभी के लिए वाहन सुविधा की मांग की गई थी। प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर 28 गांवों के लगभग 200 छात्र-छात्राओं के लिए 13 वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यह व्यवस्था सोमवार से विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्यों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रारंभ करा दी गई है। इस सुविधा के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है।

जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा किए गए इस त्वरित, संवेदनशील एवं निर्णायक कदम के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह महत्वपूर्ण कदम, कठिन परिस्थिति में विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है और अभिभावकों के मन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को मजबूत कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टॉपर छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर रवाना किया।

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*छात्र – छात्राओं से अपनी डायरी में यात्रा अनुभव के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों को भी दर्ज करने को कहा*

*सर्वश्रेष्ठ डायरी लिखने वाले प्रत्येक जनपद के दो- दो मेधावियों को किया जाएगा पुरस्कृत*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।

एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, सचिव श्री रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कुमांऊ मंडल के बाद अब गढ़वाल मंडल में भी हावाई सेवाओं का अध्याय शुरू ।

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– देहरादून ।।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पहाड़ों पर एयर कनेक्टिविटी का संकल्प अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। कुमांऊ मंडल के बाद अब गढ़वाल मंडल में भी हावाई सेवाओं का अध्याय शुरू हो गया है। बीते शनिवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहर देहरादून, टिहरी, श्रीनगर और गौचर के लिए हवाई सेवा की शुरुआत हुई। इन नए रूटों के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के तहत नई 6-सीटर हेली सेवा की शुरुआत की गई है, जो गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहरों को सीधे राजधानी से जोड़ने का काम करेगी। नई हेली सेवा देहरादून से नई टिहरी के कोटी कॉलोनी हेलीपैड, श्रीनगर और गोचर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी तथा इन क्षेत्रों में आवागमन और सुविधाजनक होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इन सेवाओं से न केवल पहाड़ी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यात्रा कर रहे यात्रियों ने बताया कि इस हेली सेवा से न केवल सफर आसान हुआ है, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों के लिए तेज़ आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है।

 

केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने मवधार–चामक सड़क कटिंग कार्य का किया शिलान्यास, ग्रामीणों में खुशी की लहर।

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रूद्रप्रयाग। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के मवधार–चामक सड़क कटिंग कार्य का आज विधिवत शिलान्यास किया गया। स्थानीय विधायक आशा नौटियाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया । लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे स्थानीय ग्रामीणों में आज अपार उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।शिलान्यास के दौरान ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर संतोष जताया। इस सड़क के निर्माण पर 67.10 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि क्षेत्र के लोग पिछले कई वर्षों से इस सड़क के निर्माण की मांग उठा रहे थे। सरकार ग्रामीणों की भावनाओं को समझती है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद 10 से अधिक गांवों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा आवागमन अधिक सरल और सुरक्षित हो सकेगा।।
कार्यक्रम के दौरान अमित प्रदाली, अध्यक्ष तल्ला नागपुर विकास संघर्ष समिति ने भी संबोधित करते हुए बताया कि समिति लंबे समय से इस सड़क के निर्माण के लिए संघर्षरत थी। आज शिलान्यास होने पर उन्होंने खुशी जताई और विधायक आशा नौटियाल का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर चामक गांव के प्रधान दिनेश सेमवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुन नेगी, जिला पंचायत सदस्य समन नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

रुद्रप्रयाग पुलिस का सघन चेकिंग अभियान हो रहा सार्थक : आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों की हो रही धरपकड़।

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*गत दिवस की रात्रि में चेकिंग के दौरान थाना अगस्त्यमुनि क्षेत्रान्तर्गत की गयी 57 पेटी शराब की बरामदगी।

*अभियुक्तों के विरुद्ध किया गया आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज।

*पिछले तीन दिनों में चले अभियान के दौरान अब तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर किये गये हैं 95 चालान, कोटपा अधिनियम के 49 चालान व उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम के 31 चालान।*

रुद्रप्रयाग।
एसपी रुद्रप्रयाग के निर्देशों पर पूरे जनपद में रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जाड़ों के मौसम में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को उनका टास्क आसान सा लगता है, परन्तु रुद्रप्रयाग पुलिस की चेकिंग में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के कृत्यों का पर्दाफाश हो रहा है। *गत दिवस की रात्रि में चेकिंग के दौरान थाना अगस्त्यमुनि पुलिस द्वारा वाहन संख्या UK07AA2062 महिन्द्रा जाइलो में बैठे 2 युवकों के कब्जे से कुल 57 पेटी (684 बोतल) अवैध शराब की बरामदगी की गयी।* गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध थाना अगस्त्यमुनि पर मु0अ0सं0 49/2025 धारा 60 (1), 72 आबकारी अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया है।
अभियुक्तों का विवरण –
1- जीवन भण्डारी पुत्र श्री राम भण्डारी, निवासी गडोरा, जिला चमोली।
2- अमित रावत पुत्र श्री अनुसूइया सिंह, निवासी रौली ग्वाड़, जिला चमोली

इस कार्यवाही के अतिरिक्त *विगत तीन दिवसों में की गयी सघन चेकिंग के दौरान जनपद पुलिस के स्तर से कुल 1027 वाहनों व 3146 व्यक्तियों की चेकिंग की गयी है। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले 95 व्यक्तियों, कोटपा अधिनियम के तहत 49 व्यक्तियों तथा उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम के तहत 31 चालान किये गये हैं।*

 

रूद्रप्रयाग में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में, डीएम ने वन्यजीव सुरक्षा उपायों हेतु 50 लाख की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की*

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गुलदार व भालू से बचाव के लिए संबंधित विभागों को उपलब्ध कराए जा रहे है थर्मल ड्रोन, ट्रैंकुलाइजर एवं अन्य आवश्यक उपकरण*

जनपद रुद्रप्रयाग में गुलदार, भालू एवं अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए अलर्ट मोड अपनाया है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गई है।

इस धनराशि से वन विभाग द्वारा आधुनिक उपकरणों की खरीद की जा रही है, जिससे जंगली जानवरों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा सके। उपकरणों में आधुनिक थर्मल ड्रोन, फॉक्स लाइट, ट्रैंकुलाइज गन, एनआईडस, आधुनिक पिंजरे एवं अन्य सुरक्षा सामग्री शामिल है। इन उपकरणों का उपयोग संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, रेस्क्यू कार्यों तथा आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा।

प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि हाल के दिनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस संबंध में जिला प्रशासन को नए उपकरणों की आवश्यकता से अवगत कराते हुए प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर विगत 28 नवंबर 2025 को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी द्वारा तत्काल स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि आधुनिक उपकरणों के माध्यम से जंगली जानवरों की मूवमेंट को रियल-टाइम ट्रैक किया जा सकेगा जिससे दुर्घटनाओं और हमलों में प्रभावी कमी लाने में सहायता मिलेगी। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, अलर्ट सिस्टम मजबूत करने तथा रेस्क्यू की कार्यक्षमता को हाईली एफिशिएंट बनाया जा सकेगा।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा निरंतर संबंधित विभागों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, जंगली जानवरों की गतिविधियों, नियंत्रण उपायों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत रिपोर्ट ली जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं तथा स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा निर्देशों की लगातार जानकारी दी जाए।

*सावधानी ही सुरक्षा है*

जिला प्रशासन एवं वन विभाग की संयुक्त कार्य योजना का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रण में लाकर स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से बचें तथा किसी भी घटना की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।