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Tuesday, September 22, 2026
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मुख्यमंत्री ने की कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा,कुंभ से संबंधित सभी तैयारियां, अक्टूबर माह तक पूरी हो : मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो।

मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री मदन कौशिक, विधायक श्री आदेश चौहान, विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट, विधायक श्रीमती अनुपमा रावत, विधायक श्री रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, श्री आरके सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, सचिव श्री नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भाजपा की नीति–रीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोग, पौड़ी से हुआ बड़ा राजनीतिक जुड़ाव

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देहरादून

*भाजपा की नीति–रीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोग, पौड़ी से हुआ बड़ा राजनीतिक जुड़ाव*

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री धामी के कुशल व दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रभावशाली नीतियों से हुए प्रभावित*

*बलवीर रोड स्थित भाजपा मुख्यालय में ली गई भाजपा की सदस्यता*

*पार्टी की सदस्यता के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की मुलाकात*

बीजेपी की नीतियों से प्रेरित होकर विभिन्न वर्गों से जुड़े 25 से अधिक प्रमुख जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनसेवियों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

*मुख्यमंत्री ने सभी का पार्टी में स्वागत करते हुए देश – प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने को किया प्रेरित*

भाजपा में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से ये रहे शामिल
1- श्रीमती हिमानी नेगी (नगर पालिका अध्यक्ष, पौड़ी)
2- श्री केशर सिंह नेगी (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, पौड़ी)
3- श्री प्रदीप असवाल (सभासद, नगर पालिका पौड़ी)
4- श्रीमती सुमित्रा देवी (सभासद, नगर पालिका पौड़ी)
5- श्री दिनेश नेगी (सभासद, नगर पालिका पौड़ी)
6- श्री सूरज सिंह (सभासद, नगर पालिका पौड़ी)
7- श्री शुभम (सभासद, नगर पालिका पौड़ी)
8- श्री दीपक कुकसाल (पूर्व प्रमुख, पौड़ी)
9- श्री संजय पटवाल (ज्येष्ठ प्रमुख, पौड़ी)
10- श्री वीरेंद्र तोपाल (पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख, पौड़ी)
11- श्री रघुवीर (क्षेत्र पंचायत, पौड़ी)
12- श्री मकान सिंह (पूर्व सभासद, पौड़ी)
13- श्री भास्कर तोमर (क्षेत्र पंचायत, पौड़ी)
14- श्री अरविंद (क्षेत्र पंचायत, पौड़ी)
15- श्री धीरज (प्रधान, पिसौली)
16- श्री रविंदर कुमार (पूर्व प्रधान, सिंडी)
17- श्री मोहन सिंह (प्रधान, भेंटा)
18- श्री मुकेश (सरपंच, बैंजवाड़ी)
19- श्री अनूप (पूर्व सरपंच, च्यूंचा)
20- श्री भूपेंद्र नवानी (व्यापार सभा, पौड़ी)
21- श्री सतपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता)
22- श्री आलोक (ठेकेदार संघ, पौड़ी)
23- श्री सुभाष (ठेकेदार संघ, पौड़ी)
24- श्री अनुराग (समाजसेवी)
25- श्री मनवर सिंह (वन पंचायत अध्यक्ष, कामारगढ़)

ओवर रेट पर बेची जा रही शराब, ठेकों से की जा रही शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की नींद खुलने का नाम नहीं l

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देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम की यात्रा मार्ग पर जहां लाखों श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन के लिए कठिन चढ़ाई चढ़ते हैं, वहीं एक अलग ही कारोबार फल-फूल रहा है। शराब माफिया ने केदार घाटी के ठेकों को अपना अड्डा बना लिया है। यहां सरकारी दरों से कई ज्यादा ओवर रेटिंग हो रही है, जबकि कई जगहों पर अवैध शराब की खुली सप्लाई चल रही है।

स्थानीय यात्रियों, दुकानदारों और कुछ श्रद्धालुओं की शिकायतों के अनुसार:
– विजय नगर, काकड़ा गाड़ और ऊखीमठ के आसपास स्थित अधिकांश शराब ठेकों में एक बोतल व्हिस्की या बीयर की कीमत MRP से कई ज्यादा वसूली जा रही है।
– कई ठेकेदार बिना बिल के नकद में शराब बेच रहे हैं और घटिया शराब की सप्लाई भी कर रहे हैं।
– पर्यटक सीजन में मांग बढ़ने का फायदा उठाकर माफिया काला बाजारी कर रहे हैं, जबकि गरीब घोड़े-खच्चर वाले और स्थानीय मजदूरों को भी इस लूट का सामना करना पड़ रहा है।

एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां ठेके वाले कहते हैं कि यात्रा का सीजन है, माल ढोकर लाना पड़ता है, इसलिए रेट ज्यादा हैं ।लेकिन असल में यह सब माफिया और कुछ ठेकेदारों, अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है। पुलिस दिखावे के लिए कभी-कभी छापेमारी करती है, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे सोए हुए हैं।

हाल के महीनों में रुद्रप्रयाग पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के कई मामले पकड़े हैं – नेपाली मूल के तस्करों से बोतलें बरामद हुईं, गौरीकुंड में दो नेपाली गिरफ्तार हुए, लेकिन लाइसेंस प्राप्त ठेकों में हो रही ओवर रेटिंग और और अवैध सप्लाई पर कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

उत्तराखंड सरकार ने 2025 में नई आबकारी नीति लागू की, जिसमें धार्मिक स्थलों के आसपास शराब बिक्री पर रोक और ओवर-रेटिंग पर लाइसेंस रद्द करने जैसे प्रावधान हैं, लेकिन केदार घाटी में इन नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।

सवाल यह है:
– आबकारी विभाग के अफसरों की नींद कब खुलेगी?
– क्या केदारनाथ यात्रा सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए है या शराब माफिया के लिए भी सुनहरा अवसर ?
– मुख्यमंत्री धामी जी का “नशा मुक्त देवभूमि” का संकल्प यहां कितना लागू हो रहा है?

पुलिस को समय समय पर शराब के ठेकों में काम कर रहे लोगों का सत्यापन भी करना चाहिए, आम आदमी इनसे उलझना नहीं चाहता। कई बार इनसे ओवर रेट पर सवाल करने पर ये हाथापाई करने पर उतर जाते हैं। पूरी केदार घाटी में शराब माफिया का ये खेल केदार घाटी की पवित्रता को धूमिल कर रहा है।

स्थानीय लोग और श्रद्धालु अब तत्काल जांच, ठेकों की कीमतों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो केदार घाटी की पवित्रता पर शराब माफिया की काली छाया और गहराती जाएगी। देवभूमि की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को बचाने की जिम्मेदारी अब प्रशासन पर है।

जनता के द्वार पहुंची रुद्रप्रयाग पुलिस: चौकी प्रभारी घोलतीर ने ग्राम सारी में चौपाल लगाकर ग्रामीणों

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पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा “पुलिस आपके द्वार” की भावना को चरितार्थ करते हुए जन-संवाद कार्यक्रमों में तेजी लाई जा रही है। इसी क्रम में आज, चौकी प्रभारी घोलतीर, उपनिरीक्षक सूरज कंडारी द्वारा ग्राम सभा सारी में ग्रामीणों के साथ एक विस्तृत चौपाल का आयोजन किया गया।

​गौरतलब है कि हाल ही में राजस्व पुलिस (पटवारी पुलिस) क्षेत्र से नियमित पुलिस क्षेत्र में सम्मिलित की गई 16 ग्राम सभाओं में सुरक्षा और सामंजस्य स्थापित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
​चौपाल के मुख्य बिंदु-
• ​साइबर अपराध से बचाव: ग्रामीणों को वर्तमान में बढ़ रहे डिजिटल फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग और लुभावने लिंक्स से सावधान रहने के प्रति जागरुक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
• ​नशा मुक्ति अभियान: ड्रग्स फ्री देवभूमि के संकल्प को दोहराते हुए पुलिस ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी सूचना गुप्त रूप से पुलिस को दें।
• ​सड़क सुरक्षा: पहाड़ी मार्गों पर यातायात नियमों के पालन, हेलमेट/सीटबेल्ट के प्रयोग और ओवरलोडिंग से बचने के निर्देश दिए गए।
• ​नियमित पुलिसिंग से परिचय: चूंकि यह क्षेत्र नया-नया नियमित पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आया है, इसलिए ग्रामीणों को पुलिस की कार्यप्रणाली, एफआईआर प्रक्रिया और आपातकालीन नम्बरों की जानकारी दी गई ताकि उनके मन से पुलिस का भय दूर हो और विश्वास बढ़े।

​चौकी प्रभारी सूरज कंडारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर है। राजस्व क्षेत्र से नियमित पुलिस में हस्तांतरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है। ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

 

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर 7–8 फरवरी को केदारपुरी में संयुक्त निरीक्षणl

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर 7–8 फरवरी को केदारपुरी में संयुक्त निरीक्षण*

*जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने विभिन्न विभागों को सौंपे दायित्व, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत नामित नोडल अधिकारी*

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा वर्ष 2026 के सफल संचालन तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दिनांक 07 फरवरी से 08 फरवरी 2026 तक श्री केदारनाथ धाम (केदारपुरी) में विभिन्न व्यवस्थाओं एवं कार्यों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग, केदारपुरी एवं गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक की समस्त व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा, ताकि यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर लिए जाएं।

जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत एवं तहसीलदार ऊखीमठ को यात्रा मार्ग पर स्थित समस्त दुकानों का निरीक्षण एवं चिन्हीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड गुप्तकाशी को पैदल यात्रा मार्ग की मरम्मत, बेंच, कूड़ादान, डण्डी-कण्डी काउंटर, तप्तकुण्ड आदि कार्यों के लिए आंगणन गठित कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने को कहा गया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को यात्रा रूट की सुरक्षा, आपदा पूर्व तैयारी तथा संवेदनशील वृक्षों के कटान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि रुद्रप्रयाग को रुद्रप्रयाग से गौरीकुण्ड तक सड़क मार्ग का निरीक्षण करने को कहा गया है।

विद्युत वितरण खण्ड रुद्रप्रयाग को विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण, जल संस्थान को जल, प्याऊ, चरियां एवं स्टैंड पोस्ट की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को डंडी-कंडी काउंटर (गौरीकुण्ड) एवं यात्रा व्यवस्थाओं के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रीपेड काउंटरों का निरीक्षण एवं चिन्हांकन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत को यात्रा मार्ग की साफ-सफाई, ट्रेचिंग ग्राउंड एवं कूड़ादान व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी/सोनप्रयाग को सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस चेक पोस्ट सुदृढ़ करने को कहा गया है।

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को घोड़े-खच्चरों के संचालन एवं उनके मेडिकल परीक्षण, उप प्रभागीय वनाधिकारी को वन भूमि संबंधी निरीक्षण, जिलापूर्ति अधिकारी को रहने एवं खाने की व्यवस्था, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत केदारनाथ को पंचायत स्तरीय साफ-सफाई एवं कूड़ादान व्यवस्था, तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य सुविधाएं, मेडिकल कैंप एवं चेकअप पोस्ट की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्षेत्रीय प्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम को आवासीय एवं टेंट व्यवस्था तथा सुलभ इंटरनेशनल को यात्रा मार्ग की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उक्त सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण एवं निगरानी हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान अपने विभाग से संबंधित समस्त सूचनाओं सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

साथ ही, पैदल यात्रा मार्ग के निरीक्षण के उपरांत सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों से संबंधित विस्तृत कार्ययोजना, समस्त औपचारिकताओं एवं अभिलेखों सहित, तीन दिवस के भीतर यात्रा व्यवस्था सेल को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना होगा।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का रुद्रप्रयाग जनपद दौराl

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*कमेड़ा में लगा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बहुउद्देशीय शिविर, 35 में से 20 समस्याओं का मौके पर समाधान, शेष पर समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश*

*अब आम जनमानस की शिकायत नहीं भटकेगी, शिविरों में मिलेगा समाधान- डॉ. आर. राजेश कुमार*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आम जनमानस तक केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेशभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनपद का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन के कुशल नेतृत्व में जनपद की 27 न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 05 फरवरी 2026 को न्याय पंचायत सतेराखाल के अंतर्गत ग्राम कमेड़ा में “प्रशासन गांव की ओर” बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।

*स्टॉलों का निरीक्षण, लाभ मौके पर देने के निर्देश*
प्रभारी सचिव ने शिविर स्थल पर पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को तत्काल लाभ पहुंचाना है।

*एक ही स्थान पर मिली योजनाओं की सुविधा*
शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर), राजस्व विभाग, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, पूर्ति विभाग सहित अनेक विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

*पेंशन, आयुष्मान और प्रमाण पत्र की सेवाएं मौके पर*
शिविर में वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, आधार से संबंधित सेवाएं, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, समान नागरिक संहिता पंजीकरण, राशन कार्ड ई-केवाईसी, एलपीजी केवाईसी, स्वरोजगार एवं आजीविका योजनाओं सहित अनेक सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को एक ही स्थान पर प्रदान किया गया, जिससे उन्हें विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

*जनसुनवाई में सामने आईं 35 समस्याएं*
शिविर के दौरान आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा कुल 35 समस्याएं रखी गईं। इनमें से 20 समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

*पेयजल, सड़क और बिजली की समस्याएं प्रमुख*
ग्रामीणों ने तल्ला नागपुर पेयजल पंपिंग योजना से पर्याप्त जलापूर्ति न होने, कमेड़ा के आंतरिक क्षेत्रों में पेड़ों से घरों को नुकसान की आशंका के कारण पेड़ कटान, खराल तोक से क्यार्क तक पैदल मार्ग निर्माण, सड़क मरम्मत, सोलर लाइट स्थापना, राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, आवास, सड़क डामरीकरण, पेयजल व्यवस्था, मुआवजा और गौशाला से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। ग्राम प्रधान ऊषा देवी ने खराल, चांदियूं एवं गढ़धार क्षेत्र को नगर पालिका में सम्मिलित न करने का अनुरोध किया। वहीं ग्रामीण उमाशंकर सेमवाल ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।

*मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रभारी सचिव*
इस अवसर पर प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है और वे मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में यहां उपस्थित हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन समस्याओं के समाधान के लिए समयसीमा निर्धारित की गई है, उनका निस्तारण तय समय में सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

*ग्रामीणों से भी फॉलोअप की अपील*
प्रभारी सचिव ने ग्रामीणों से भी आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान का नियमित फॉलोअप लेते रहें और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर प्रशासन को अवगत कराएं। शिविर में जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान कमेड़ा ऊषा देवी, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, एसडीओ फॉरेस्ट देवेंद्र पुंडीर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, अधिशासी अभियंता लोनिवि इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, तहसीलदार प्रणव पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*अब शिकायत नहीं भटकेगी, शिविरों में मिलेगा समाधान- डॉ. आर. राजेश कुमार*
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से सरकार आम जनता के बीच सीधे पहुंच रही है। इन बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य यह है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध ढंग से किया जाए। आज शिविर में अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया है और शेष समस्याओं के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा दी गई है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि तय समय में समाधान हो। सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है और यही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।

3.56 करोड़ की पेंटिंग मात्र 3 महीनों में उखड़ गई: गोरपा-कुरछोला मोटर मार्ग के बुरे हाल, ठेकेदार-विभाग की लापरवाही पर सवाल

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रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड में स्थित गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला मोटर मार्ग के हालात एक बार फिर सुर्खियों में हैं। यह 22 किलोमीटर लंबा ग्रामीण मार्ग, जो पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग के तहत आता है, स्थानीय ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभाग की कथित लापरवाही के कारण यह अब बदहाल हो चुका है।

दिसंबर 2025 में इस मार्ग पर 3.56 करोड़ रुपये की लागत से सड़क की पेंटिंग का काम पूरा किया गया था। मात्र कुछ महीनों के भीतर ही यह निवेश व्यर्थ साबित हो रहा है। जगह-जगह पेंटिंग उखड़ चुकी है, सड़क की सतह टूट-फूट गई है, गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में मार्ग का अस्तित्व ही संकट में दिखाई दे रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और काम में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। बारिश के मौसम में भी सड़क पर पानी जमा होने और ड्रेनेज की कमी से समस्या और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद मार्ग की स्थिति पहले से भी बदतर हो गई है, जिससे दैनिक आवागमन, स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीजों की एम्बुलेंस और कृषि उत्पादों की ढुलाई में भारी परेशानी हो रही है।

यह मार्ग रुद्रप्रयाग जिले के सिलगढ़ पट्टी के कई गांवों को जोड़ता है और पहले भी मानसून में बंद होने या भूस्खलन जैसी समस्याओं का सामना कर चुका है। विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोग जांच, दोषियों पर कार्रवाई और तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर ठेकेदारों पर ब्लैक लिस्टिंग या पेनल्टी की कार्रवाई की मांग उठती है, लेकिन क्या इस बार विभाग गंभीरता से कदम उठाएगा? यह देखना बाकी है। ग्रामीणों की शिकायत है कि सरकारी योजनाओं के तहत करोड़ों खर्च होने के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहते हैं।

रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे NH के मानकों को ताक पर रखकर हो रही अवैध कटिंग, NH के अधिकारियों ने साधी है चुप्पी।

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रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे NH के मानकों को ताक पर रखकर हो रही अवैध कटिंग, NH के अधिकारियों ने साधी है चुप्पी।

यह कटिंग न केवल नेशनल हाईवे के निर्धारित मानकों (जैसे हाईवे से निर्धारित दूरी, पर्यावरणीय बफर जोन, सड़क सुरक्षा नियम आदि) को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है, बल्कि इससे हाईवे की संरचना को खतरा, सड़क किनारे मिट्टी का कटाव, धूल-प्रदूषण और दुर्घटना का जोखिम बढ़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से NH की सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है, साथ ही स्थानीय पर्यावरण और जल स्रोतों पर गहरा असर पड़ रहा है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) या संबंधित NH अधिकारियों की ओर से 19/01/2026 को कटिंग रोकने के लिए नोटिस भेजा गया था, बाबजूद इसके कटिंग अभी भी धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी इसे विभागीय मिलीभगत या लापरवाही मान रहे हैं।

एनएच अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण नहीं आया है, जिसे लेकर लोग नाराज हैं। क्षेत्र में पहले भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए गए हैं, जैसे दिसंबर 2025 में तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि बाजारों में पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया था, लेकिन हाईवे किनारे की अवैध कटिंग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।

स्थानीय निवासी मांग कर रहे हैं कि एनएच विभाग तत्काल जांच करे, मानकों का पालन सुनिश्चित करे और दोहरे मापदंड को खत्म किया जाए। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो हाईवे की सुरक्षा और पर्यावरण को गंभीर खतरा हो सकता है, खासकर हिमालयी क्षेत्र में जहां भूस्खलन जैसी घटनाएं पहले से आम हैं।

प्रशासन से अपेक्षा है कि वह जल्द इस मुद्दे पर संज्ञान ले और आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि हाईवे के मानकों की रक्षा हो सके और स्थानीय लोगों का विश्वास बना रहे।

ऐसे मामलों में तत्काल जांच, खनन गतिविधियों पर रोक, मशीनरी जब्ती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि नेशनल हाईवे की सुरक्षा और आसपास के पर्यावरण को बचाया जा सके। यह सिर्फ तिलवाड़ा की समस्या नहीं, बल्कि पूरे रुद्रप्रयाग जिले में अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन एवं परेड ग्राउंड में फहराया राष्ट्रीय ध्वज।

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परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित।*

*परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।*

*परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट रहीं।*

 

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

*राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।

राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

*गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-*

1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।
2-श्री मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।
3-श्री अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।
4-श्री राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

*गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित श्री राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-*

1-श्री यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
2-श्री नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
3-श्री देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
4-श्री भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।
5-श्री सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।
6-श्री सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून।
                     

गुलाबराय मैदान में धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस।

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*जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली*

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान से गूंजा समारोह*

77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम गुलाबराय मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी प्रतीक जैन कार्यक्रम में शामिल रहे।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम ध्वजारोहण किया। तत्पश्चात 6वीं ग्रेनेडियर बटालियन रुद्रप्रयाग के बैंड की मधुर धुनों के बीच उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन द्वारा राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। इसके उपरांत पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों ने मुख्य अतिथि को सलामी दी तथा जिलाधिकारी द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया।

परेड में पुलिस टुकड़ियों, एनसीसी कैडेट्स, एसडीआरएफ, जिला पूर्ति विभाग, जिला कृषि विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का ध्यान आकर्षित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं जनपदवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए राष्ट्रनिर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि देश अमृतकाल की ओर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मा० मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना तथा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” महाअभियान जैसी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं वोकल फॉर लोकल जैसे विजन जमीनी स्तर पर साकार हो रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी सुदृढ़ करने हेतु कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही आरसेटी के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस विभाग, डीडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभागों के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 जनवरी को महामहिम राज्यपाल द्वारा रुद्रप्रयाग जनपद को ‘स्टेट बेस्ट इलेक्ट्रोरल प्रैक्टिसेज अवॉर्ड–2026’ से सम्मानित किया गया, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को बधाई दी गई।

जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को देश का भविष्य बताते हुए अनुशासन, परिश्रम, नवाचार और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लेने को प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं पुलिस जवानों द्वारा देश की अनेकता में एकता, सैन्य शौर्य एवं उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में उत्तराखंड से प्रतिभाग करने वाले एकमात्र छात्र रोहन सिंह राणा को जिलाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। वहीं, रुद्रनाथ महोत्सव में प्रशासन को सहयोग हेतु नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत द्वारा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। परेड में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टुकड़ियों को भी पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेंद्र गोस्वामी, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, उप वन संरक्षक रजत सुमन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनमानस उपस्थित रहे।