27.2 C
Dehradun
Tuesday, September 29, 2026
Home Blog Page 143

जंगलों में आग लगाने वालों पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई, मौके से पकड़े गए तीन लोगों पर मुकदमा।

0

जंगलों में आग लगाने वालों पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई, मौके से पकड़े गए तीन लोगों पर मुकदमा*

*इस वर्ष कुल 19 मुकदमें दर्ज, 3 मुकदमें नामजद, 16 मुकदमो में जाॅच गतिमान

जनपद में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग लगातार प्रयासरत है। विभाग ने जंगल में वनाग्नि को बुझाने के लिए अलग- अलग टीमें गठित की हैं। वहीं आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। शुक्रवार को तीन लोगों को जंगल में आग लगाने पर मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

प्रभागीय वनाधिकारी, रुद्रप्रयाग के नेतृत्व में गठित वनाग्नि सुरक्षा दल द्वारा नरेश भट्ट पुत्र मोलाराम भट्ट को जंगल में आग लगाते हुए तडियाल गांव, तहसील-जखोली से मौके पर पकड़ा गया। अभ्युक्त का कहना है कि बकरियों को नयी घास हेतु उसने जंगल में आग लगायी। मौके पर वन क्षेत्राधिकारी, दक्षिणी जखोली द्वारा अपराधी को हिरासत में लेकर जेल भेजने की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 के अन्तर्गत वन अपराध दर्ज किया गया। वहीं उत्तरी जखोली के डंगवाल गांव में हेमन्त सिंह पुत्र उदय सिंह एवं भगवती लाल पुत्र चंदरू लाल को जंगल में आग लगाते हुए मौके पर पकड़कर जेल भेजा गया।

प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग अभिमन्यु ने बताया कि जंगल में आग लगाने अपराधियों के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अपराध दर्ज कर दण्डित किया जाएगा। अपराधियों को पकड़ने के लिये प्रभाग स्तर पर वनाग्नि सुरक्षा दल गठित किया गया है। अभी तक इस वर्ष कुल 19 मुकदमें दर्ज किये गये है जिसमें से 3 मुकदमें नामजद है तथा 16 मुकदमो में जांच गतिमान है। वनाग्नि क्रू-स्टेशन एवं मोबाईल क्रू-स्टेशन के द्वारा वनाग्नि नियंत्रण किया जा रहा है साथ ही उडनदस्ता दल द्वारा समस्त रेंजों में सेटेलाईट, कैमरों एवं दूरबीन के माध्यम से अपराधियों को पकड़ने का कार्य किया जा रहा है। वनाग्नि रोकथाम वन विभाग के प्रयासों के साथ-साथ जन सहभागिता एवं जनभागीदारिता आवश्यक है।
वनाग्नि सुरक्षा दल में उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेन्द्र सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी पवन नेगी, उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह, उप वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी जखोली केसी नैनवाल, वन आरक्षी सुरजन सिंह नेगी तथा अन्य सदस्य मौजूद थे।

रुद्रप्रयाग पुलिस की एस.ओ.जी. ने 6.21 ग्राम स्मैक के साथ युवक को किया गिरफ्तार।

0

*”युवक को रुद्रप्रयाग में नशा तस्करी करना पड़ा भारी”*

*”रुद्रप्रयाग पुलिस की एस.ओ.जी. ने कर दी गिरफ्तारी”*

*”6.21 ग्राम स्मैक के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ा 01 तस्कर”*

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी के प्रभावी पर्यवेक्षण में रुद्रप्रयाग पुलिस की एस.ओ.जी ने नशे के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त अखिलेश बगवाड़ी पुत्र मोहन बगवाड़ी निवासी ब्लाॅक रोड अगस्त्यमुनि जनपद रुद्रप्रयाग को 6.21 ग्राम स्मैक (अनुमानित कीमत ₹ 62100) के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध थाना अगस्त्यमुनि पर एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर उसे मा0 न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
नशीले व मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरुद्ध जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस का अभियान निरन्तर जारी है।

*पुलिस टीम का विवरण*
1- निरीक्षक मनोज नेगी एस.ओ.जी. रुद्रप्रयाग
2- आरक्षी कृष्णानन्द एस.ओ.जी. रुद्रप्रयाग
3- आरक्षी रविन्द्र एस.ओ.जी. रुद्रप्रयाग
4- आरक्षी अर्जुन एस.ओ.जी. रुद्रप्रयाग
5- आरक्षी विनय एस.ओ.जी. रुद्रप्रया

 

चारधाम को लेकर एस ओ पी जारी*सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा का लक्ष्य, 50 जगह होगी तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच:- डॉ आर राजेश कुमार*

0

बद्री-केदार में स्थित अस्पतालों के लिए उपकरणों की खरीद शुरू, मेडिकल रिलीफ प्वाइंट में स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती
-11 भाषाओं में जारी की गई एसओपी, अन्य राज्यों के डॉक्टर भी दे सकेंगे अपनी सेवायें
-यात्रा मार्गों पर जगह-जगह स्थापित होंगे हैल्थ एटीएम, टेलीमेडिसन की भी मिलेगी सुविधा

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की तैयारियां युद्वस्तर पर शुरू हो गई हैं। आगामी 10 मई को गंगोत्री-यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2024 की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए हरसंभव तरीके से प्रयासरत् है। पर्यटन विभाग की बेबसाइट लाइव हो गई है। इसमें हैल्थ पैरामीटर का कॉलम रखा गया है। जिसमें यात्री अपनी हैल्थ से सबंधित पूरी जानकारी भरेंगे तो उन्हें जरूरत के समय इलाज में आसानी रहेगी।

*बद्री-केदार में स्थित अस्पतालों के लिए उपकरणों की खरीद शुरू*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा इस बार तीर्थयात्रियो को यात्रा मार्ग पर पहले से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। राज्य सरकार का विशेष फोकस बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहत्तर बनाने पर है। इन दोनों जगहों में स्थापित किये गये अस्पतालों के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त उपकरणों की खरीद शुरू हो गई है। जल्द उपकरण अस्पतालों में पहुंच जायेंगे।

*11 भाषाओं में तैयार की गई एसओपी*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए एसओपी 11 भाषाओं में तैयार की गई है। तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विेभाग ने हिंदी, अंग्रेजी के साथ गुजराती, मराठी, तेलगू समेत नौ स्थानीय भाषाओं में मानक प्रचलन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर बाहरी राज्यों को भेज दी है। उन्होंने अवगत कराया कि बाहरी राज्यों को एसओपी भेज दी गई है। जिससे दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं अपनी भाषाओं में स्वास्थ्य संबंधित दिशा-निदर्शों का पालन कर सकें।

*यात्रा मार्गाे पर 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाये गये हैं। इन स्क्रीनिंग प्वाइंट को रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ ही रखा गया है। इसमें तीर्थयात्रियों की उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित 28 पैरामीटर की जांच की जायेगी। इसमें हंस फांउडेशन की टीम भी मद्द कर रही है।

*अन्य राज्यों के डॉक्टर से अपील*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि चारधाम यात्रा में उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों के भी डॉक्टर अपनी सेवायें देने को इच्छुक रहते हैं। इसलिए इस बार सभी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर चारधाम यात्रा में कार्यकरने को इच्छुक डॉक्टरों के संबध में जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही राज्य की डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टॉफ की तैनाती यात्रा शुरू होने से पूर्व हो जायेगी।

*मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती भी*
तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल रिलीफ प्वाइंट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इस बार इनकी स्थिति पहले की अपनेक्षा और बेहत्तर की गई है। डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टॉफ के साथ ही यहां पर आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती भी की जायेगी। इसके साथ ही मेडिकल रिलीफ प्वाइंट में दवाओं का स्टॉक, ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य सामान सहित सभी जरूरी उपकरण मौजूद रहेंगे। प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट में चिकित्सकों के साथ ही लगभग आधा दर्जन प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ तैनात किया गया है। वहीं सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सों के साथ ही एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है।

*तीर्थयात्रियों को महत्वपूर्ण सलाह*
स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी में यात्रियों को सलाह दी कि कम से कम सात दिन के लिए चारधाम यात्रा की योजना बनाएं। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में पैदल चढ़ते समय प्रत्येक एक से दो घंटे के बाद 5 से 10 मिनट तक विश्राम करें। यात्रा के लिए गरम कपड़े, बारिश से बचाव के लिए रेनकोट, छाता, स्वास्थ्य जांच के लिए पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर साथ में रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री जरूरी दवा और डॉक्टर का नंबर अपने पास रखें। यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, चक्कर आना, उल्टी आने पर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या मेडिकल रिलीफ में प्राथमिक उपचार लें।

*केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस*
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग को विशेष फोकस है। विगत वर्ष यहां 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट के साथ ही दो पीएचसी सेटर भी स्थापित किये गये थे। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों को हेल्थ एटीएम की सुविधा भी मिलेगी। विगत वर्ष की तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड और माधव चिकित्सालय नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम की स्थापना के निर्देश दिये गये हैं। डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की प्रयाप्त व्यवस्था है।

*यात्रा मार्गों पर स्थापित होंगे हैल्थ एटीएम*
स्वास्थ्य सचिव ने डॉ आर राजेश कुमार ने अवगत कराया कि यात्रा मार्गों पर हैल्थ एटीएम स्थापित होंगे। सभी जिलों के सीएमओ, सीएमएस केा इस संबध में निर्देशित कर दिया गया है। हेल्थ एटीएम में ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा आदि की जांच की जाएगी। हेल्थ एटीएम में कार्य करने वाले तकनीकि स्टॉप को प्रशिक्षण दिया गया है।

*टेलीमेडिसन की भी सुविधा*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा तीर्थयात्रियों के लिए टेलीमेडिसन सेवा की भी सुविधा रखी गई है। स्वास्थ्य संबधी गंभीर परिस्थिति उत्पन्न होने पर यह यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके द्वारा किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह प्राप्त की जा सकती है। जिससे बीमारी का तुंरत उपचार शुरू हो सकेगा।

*श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा मार्ग पर ऐसे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गयी है जो कि हृदय संबंधी रोगों के उपचार और निदान में पारंगत हों। उन्होंने कहा कि हम चारधाम यात्रा को पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित हैं। यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डाक्टर, स्टाफ, आक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गयी है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने चारधाम यात्रा ड्यूटी में तैनात होने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों को पूर्ण सेवाभाव और मनोयोग से यात्रियों की स्वास्थ्य जांच व सहयोग करने की अपील की।

 

चमोली का लाल देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद।।

0

चमोली।।जनपद चमोली के विकासखण्ड नारायणबगड ग्राम चिरखुन के 20 गढ़वाल रायफल तैनात जवान कीरत सिंह की जम्मू कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गए है कीरत सिंह का  अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण मोत हो गयी है ।गढ़वाल राइफल का जवान इन दिनों जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर तैनात थे।।

आगामी श्री केदारनाथ यात्रा में संचालित होने वाले घोड़े- खच्चरों के यात्रा मार्ग पर रात्री विश्राम पर प्रतिबंध ।

0

यात्रा मार्ग में घोड़े- खच्चरों के रात्री विश्राम पर प्रतिबंध*

*जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने किया श्री केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक पैदल निरीक्षण*

*संबंधित विभागों को दिए यात्रा मार्ग पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश*

*नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान एवं कार्रवाई के निर्देश*

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने श्री केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक यात्रा मार्ग का पैदल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं तैयारी का जायजा लिया। यात्रा मार्ग पर सेंचुरी एरिया एवं वन क्षेत्र में घोड़े- खच्चरों की लीद से घास के मैदान एवं वन संपदा को हो रही क्षति पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने पूरे यात्रा मार्ग में घोड़े- खच्चरो के रात्रि विश्राम को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही संवेदनशील एवं डेंजर जोन में किसी भी हाल में दुकान एवं फड़ न लगने देने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने सोमवार को श्री केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए संबंधित एजेंसियों से प्रगति रिपोर्ट जानी। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर गोल चबूतरे, मंदाकिनी एवं सरस्वती घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों के अलावा अन्य निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए आगामी यात्रा से पहले सभी प्राथमिक सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। इसके साथ ही आस्था पथ, वाटर एटीएम सहित अन्य कार्य भी यात्रा शुरू होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद गौरीकुंड तक यात्रा मार्ग का पैदल निरीक्षण कर बिजली- पानी, स्ट्रीट लाइट, रेन शेड, रेलिंग एवं मार्ग से जुड़े सभी कार्य यात्रा शुरू होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।

जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर घोड़े- खच्चरों की लीद से घास के मैदान एवं वन संपदा को हो रही क्षति की भरपाई एवं सेंचुरी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गौरीकुंड से लेकर श्री केदारनाथ धाम स्थित घोड़ा पड़ाव तक घोड़े- खच्चरों के रात्री विश्राम पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही टेंट या दुकानों की आड़ में भी घोड़े- खच्चरों को यात्रा मार्ग पर रुकने की अनुमति नहीं होगी। बताया कि माननीय न्यायालय ने सेंचुरी क्षेत्रों में घास के मैदानों का दोहन किसी भी हाल में न होने देने के आदेश दिए हैं। ऐसे में श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर घोड़े- खच्चर एवं उनके मालिकों द्वारा अवैध रूप से नियमों का उल्लंघन कर वन संपदा के दोहन को रोकने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है। इस वर्ष से घोड़े- खच्चर केवल घोड़ा पड़ावों पर ही विश्राम कर सकेंगे। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले घोड़े- खच्चर मालिकों एवं व्यवसाइयों पर भारी जुर्माना एवं लाइसेन्स रद्द करने तक की कार्रवाई का प्रावधान रखा जाएगा। जिलाधिकारी ने घोड़े- खच्चरों एवं उनके मालिकों की सुविधा के लिए छोटी लिंचोली के समीप घोड़ा पड़ाव बनाने का प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश लोनिवि को दिए हैं। ताकि अवैध जगहों के स्थान पर प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे सुविधाजनक स्थानों पर घोड़े- खच्चर रह सकें।

जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवाड़ एवं राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रोजगार की दृष्टि से महत्पूर्ण स्थानों को चिह्नित करते हुए दुकान एवं टेंट के लिए प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संवेदनशील एवं डेंजर जोन चिन्हित करने के निर्देश देते हुए सभी स्थानों पर साईनेज लगाने एवं ऐसे स्थानों पर किसी भी हाल में दुकान एवं फड़ न लगने देने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए। पैदल निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं एवं अन्य अधिकारी- कर्मचारियों के साथ मिलकर प्लास्टिक की बोतल सहित अन्य प्लास्टिक कचड़ा भी एकत्रित करना शुरू किया। स्वच्छता अभियान के दौरान गौरीकुंड तक करीब 50 किलो कुड़ा एकत्रित कर कलेक्शन सेंटर में लाया गया। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिकारी को सुलभ इंटरनेशनल के साथ मिलकर गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक वृहद स्वच्छता अभियान चलाते हुए सभी प्लास्टिक कचड़ा गौरीकुंड कलेक्शन सेंटर पहुंचाने के निर्देश देते हुए नियमित प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

 

उत्तराखंड के इतिहासकार यशवंत सिंह कठोच को मिला पद्मश्री।

0

*पौड़ी*

*उत्तराखंड के इतिहासकार यशवंत सिंह कठोच को मिला पद्मश्री*

*डॉ. कठोच पौड़ी जनपद के मांसों गांव के है मूल निवासी*

उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. यशवंत सिंह कठोच को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया है। डॉ कठोच ने 33 वर्षों तक शिक्षक के रूप में सेवाएं दी हैं इसके साथ ही वह इतिहास एवं पुरातत्व के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे हैं। डॉ. कठोच पौड़ी जनपद के एकेश्वर विकासखंड स्थित गांव के मूल निवासी हैं। उन्होंने 1974 में आगरा विवि से प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति तथा पुरातत्व विषय में विवि में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष 1978 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के गढ़वाल हिमालय के पुरातत्व पर शोध ग्रंथ प्रस्तुत किया और विवि ने उन्हें डीफिल की उपाधि से नवाजा। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने 33 साल सेवाएं दीं। वर्ष 1995 में वह प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। डॉ कठोच वर्तमान में भी अपने मूल गाँव मांसों और पौड़ी दोनों जगहों पर निवास करते है।

BHEL के गोदाम में लगी भीषण आग,काबू करने में जुटा दमकल विभाग।

0

चमोली- ।।

उत्तराखंड में गर्मी का सीजन शुरू होते ही आग लगने की घटनाओं में इजाफा होना शुरू हो गया है। जहां एक तरफ जंगलों में आग धधक रही है वहीं कई जगहों पर आग लगने की अन्य घटनाएं भी प्रकाश में आई हैं। वहीं अब…उत्तराखंड में चमोली के सोनला में बदरीनाथ हाईवे के पास मंगलवार को भेल के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई है। गोदाम में आग लगने की सूचना मिलते ही चमोली पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गयी हैं।

चमोली की सभी फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में लगी हैं।रुद्रप्रयाग से भी वाहन मंगाया गया है। साथ ही जल संस्थान के टैंकर भी लगे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम का कहना है कि अभी फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है।

उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षा परिणाम 30अप्रैल को होगा जारी।

0

रामनगर।उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद बोर्ड की 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल को सुबह 11:30 मिनट पर उत्तराखंड बोर्ड के सभापति की उपस्थिति में परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा, बता दें कि इस बार उत्तराखंड बोर्ड में दसवीं में 116823 जबकि 12वीं में 94914 परीक्षार्थी शामिल थे।

Vo.-उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद बोर्ड की 10 वी और 12 का परिषापरिणाम 2024 का परीक्षाफल 30 अप्रैल को 11.30 बजे बोर्ड रामनगर उत्तराखंड बोर्ड मुख्यालय में घोषित किया जायेगा। इस दिन अंक सुधार द्वितीय का परीक्षाफल भी जारी किया जाएगा। बोर्ड के सभापति महावीर सिंह बिष्ट इस परीक्षा परिणाम की घोषणा रामनगर उत्तराखंड बोर्ड में स्थित एनेक्सी भवन में करेंगे। इस साल यह परीक्षायें 27 फरवरी से शुरू होकर 16 मार्च को तक चली थी,जिसमे 2024 में इस बार 10वीं और 12वीं में कुल 201737 परीक्षार्थीयो ने परीक्षा दी है, जिसमे 10वी में 116823 परीक्षार्थी, जबकी 12वी में 94914 परीक्षार्थी शामिल थे,इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में 156 सवेंदनशील जबकी 6 अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे,
परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य 27 मार्च से 10 अप्रैल तक चला था।
उत्तराखण्ड  विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद कुमार सिमल्टी ने बताया कि हमारी 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल को सुबह 11:30 पर सभापति की उपस्थिति में जारी किया जाएगा जिसको लेकर हमारे द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है।

रुद्रप्रयाग-ग्वेफड़-भुनका मोटरमार्ग पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से 24 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत।

0

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया है. इस हादसे में 24 साल के युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका खाई से एसडीआरएफ (आपदा संकट मोचन बल) की टीम ने रेस्क्यू किया और हॉस्पिटल में भर्ती कराया.

पुलिस के मिली जानकारी के अनुसार हादसा रविवार देर रात का बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि रुद्रप्रयाग-ग्वेफड़-भुनका मोटरमार्ग पर वाहन संख्या यूके07टीबी8937 रुद्रप्रयाग की तरफ से आ रहा था. तभी बीच रास्ते में भुनका के पास ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण खो गया और वाहन बेकाबू होकर सीधे खाई में जा गिरा.

हादसे की जानकारी पुलिस को सुबह लगी. बताया जा रहा है कि सुबह स्कूल जा रहे बच्चों को खाई में कार गिरी हुई दिखी. उन्होंने इसके बारे में ग्रामीणों को बताया, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम खाई में उतरी और वाहन सवार लोगों का रेस्क्यू किया.

पुलिस ने बताया कि वाहन में दो लोग सवार थे, जिसमें से एक की मौत हो चुकी थी. मृतक की शिनाख्त 24 साल के प्रीतम सिंह निवासी भुनका के रूप में हुई है, जबकि 35 साल के सूरज सिंह निवासी भुनका गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला हॉस्पिटल रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया गया है. एसडीआरएफ टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन से शव निकालकर स्ट्रेचर के माध्यम से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया और जिला पुलिस के सुपुर्द किया. पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है.

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया श्री केदारनाथ धाम का निरीक्षण।

0

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया श्री केदारनाथ धाम का निरीक्षण*

*पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए कि समीक्षा*

*निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए*

मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने सोमवार को श्री केदारनाथ धाम पहुँचकर पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अस्था पथ, गेस्ट हाउस, मंदाकिनी- सरस्वती घाट, म्यूजियम, केदारनाथ मंदिर परिसर, शिव उद्यान, हॉस्पिटल सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए तय डेडलाइन से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 09:30 बजे हेलिकॉप्टर से हैलीपैड पर पहुचें। मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार ने उनका स्वागत किया। हैलीपैड से उतरते ही उन्होंने केदारनाथ घाटी की जानकारी लेना शुरू कर दिया। उन्होंने जिलाधिकारी एवं लोनिवि के अधिकारियों से वर्तमान में गतिमान पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के समाने बन रहे भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित एजेंसियों एवं जिलाधिकारी से भवनों का उद्देश्य पूछा वहीं सभी एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी को अधिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रेन शेल्टर, मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए पूरे क्षेत्र में क्या व्यवस्थाएं और सुविधा दी जाएगी उसकी जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामाग्री की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने समस्त अधिकारियों, कर्मचारी एवं निर्माण एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सभी के साझा समन्वय से कठिन परिस्थितियों के बीच बेहतरीन कार्य हो रहा है इसे आगे भी जारी रखते हुए समय पर सभी कार्य पूरे किए जाएं। वहीं उन्होंने निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उनका हालचाल जाना एवं उनका विशेष ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कारगर टोकन सिस्टम, जूते- चप्पल के रख- रखाव की व्यवस्था, जैविक एवं अजैविक कूड़े के निस्तारण की कारगर व्यवस्था बनाने एवं लागू करने के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिए। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने एवं यात्रा सुगम- सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा। करीब 11:30 बजे मुख्य सचिव वीआईपी हैलीपैड से देहरादून के लिए रवाना हुई।