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Sunday, March 15, 2026


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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुरूक्षेत्र,हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में किया प्रतिभाग।

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हरियाणा- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुरूक्षेत्र, हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो दिव्य उपदेश प्रदान किया, वही श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में मानवता का शाश्वत ज्ञान बनकर पूरे विश्व को दिशा दिखा रहा है। इस भूमि से धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित हुआ। इस भव्य महोत्सव के माध्यम से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उन्होंने हरियाणा सरकार एवं स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है। यह एक ऐसा दिव्य प्रकाशपुंज है, जिसमें मनुष्य के आचरण, चिंतन, कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और जीवन व्यवहार का अद्वितीय संकलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही गीता का अनुसरण करते हैं। पहले गीता के सार के कथनों के माध्यम से समझते थे, वे अपने प्रत्येक निर्णय, कर्म और जीवन के हर मोड़ पर गीता के उपदेशों को अपने मार्गदर्शक के रूप में रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए किया गया कार्य ही सबसे बड़ा धर्म है। यह संदेश उन्हें सदैव प्रेरणा देता है कि व्यक्तिगत लाभ, स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर निष्काम भाव से समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता की सेवा करना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में भौतिकता की दौड़ में जब मानव जीवन जटिल और तनावपूर्ण हो गया है, ऐसे समय में गीता का संदेश और भी अधिक प्रासांगिक हो गया है। गीता के 18 अध्याय हमें किसी न किसी योग की शिक्षा अवश्य देते हैं। गीता में बताए गए सभी सूत्र जीवन को संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और उच्चतम नैतिक आदर्शों के अनुरूप बनाने का शाश्वत मार्गदर्शन देते हैं। गीता की इसी सार्वभौमिकता के कारण आज विश्व के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में गीता पर शोध हो रहे हैं। आज दुनियाभर में श्रीमद्भगवद्गीता को लीडरशिप, मैनेजमेंट और आत्मशांति के ग्रंथ के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। गीता से हमें न केवल जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, बल्कि जीवन की प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा भी प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन गीता के श्लोकों के पाठ को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया है। उत्तराखंड में एक सख्त दंगारोधी कानून भी बनाया है। 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर,अवधेशानन्द जी महाराज, कुमार ऋषि, जैन समाज, स्वामी लोकेश मुनि, बाबा भूपेन्द्र, कपिल पुरी जी महाराज एवं अनेक संतगण मौजूद थे।

500 करोड़ के एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर,46 लोगों को बनाया आरोपी।

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देहरादून- 500 करोड़ के LUCC घोटाले में CBI ने 46 आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, 2 अभिनेताओं के नाम भी शामिल- एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी) के 500 करोड़ के घोटाले में सीबीआई/एसीबी देहरादून ने 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। सोसायटी के सदस्यों के खिलाफ प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग,उत्तरकाशी, बागेश्वर और नैनीताल जिले में 18 मुकदमे दर्ज हैं। घोटाले में एक जून 2024 को तृप्ति नेगी की ओर से कोतवाली कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल में दी लिखित शिकायत के आधार पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।

एलयूसीसी नाम की कंपनी ने प्रदेशभर के लोगों से करोड़ों रुपए ठगे थे। अब सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। छोटी-छोटी जमा योजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाली लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी यानी एलयूसीसी और उसके 46 कारिंदों के खिलाफ सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

इनमें कंपनी के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता श्रेयस तलपड़े व आलोक नाथ भी शामिल हैं। इस मामले में सितंबर में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मुदकमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। इससे पहले राज्य पुलिस इस प्रकरण में कुल 18 प्राथमिकियां दर्ज कर चुकी है, जिनमें से 10 में चार्जशीट स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है।

एलयूसीसी ने उत्तराखंड में साल 2019 में काम शुरू किया था। एक के बाद एक कई जिलों में शाखाएं खोल दी गईं। इनके सहारे लोगों से उनकी छोटी-छोटी बचत का पैसा लिया गया और उन्हें मोटे ब्याज का लालच दिया गया। कई एजेंट इन कार्यालयों में रखे गए। करोड़ों जब इकट्ठा हो गए तब एकाएक कंपनी के कार्यालय बंद होने लगे। इनके एजेंट से पता किया गया तो उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में परेशान लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई।

पहली प्राथमिकी कोटद्वार कोतवाली में स्थानीय निवासी महिला तृप्ति नेगी की शिकायत पर पिछले एक जून को दर्ज की गई। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में एक के बाद एक कई शिकायतें आईं, जिनपर पुलिस ने कुल 18 प्राथमिकियां दर्ज कीं। इसके बाद इसकी जांच सीबीसीआईडी से भी कराई गई।

मामले में प्रदेशभर में महिलाओं ने आंदोलन लिया। देहरादून में सीएम आवास कूच भी किया गया था। सीबीसीआईडी और पुलिस ने कुल 10 प्राथमिकियों में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। अब पिछले दिनों हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसी क्रम में सीबीआई देहरादून शाखा ने इस प्रकरण में कोटद्वार कोतवाली की प्राथमिकी को आधार बनाते हुए यह प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें बाकी प्राथमिकियों के तथ्यों और आरोपियों के नामों को शामिल किया गया है।

राज्य में खोली थीं 35 शाखाएं

यूएलसीसी ने उत्तराखंड में 35 शाखाएं खोली थीं। जिसमें लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया। विदेश में सोना, तेल, रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मुनाफे का भी लालच दिया गया। कुछ लोगों की निवेश की गई राशि परिपक्व होने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं लौटाया गया। पूर्व में इस मामले में पुलिस कुछ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

गृहमंत्री से मिले थे चार सांसद

उत्तराखंड में सामने आए एलयूसीसी चिटफंड घोटाले के मामले में उत्तराखंड के चार सांसद बीती 24 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। उन्होंने घोटाला करने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। दिल्ली में हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट और टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात की थी। हालांकि इससे पहले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुमति दे चुके थे।

राज्यपाल ने किया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तकों का विमोचन।

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*पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा (हिंदी-अंग्रेजी) पुस्तक की लेखिका संभावना पंत द्वारा किया गया है संकलन*

*यह पुस्तक दर्शाती है किः- दादा के आदर्शों, माता की विनम्रता और एक सैनिक पिता के दृढ़ अनुशासन से कैसे तैयार हुआ एक पुष्कर- राज्यपाल*

*मैंने जीवन में यह कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ बनूंगा, लेकिन मेरे जीवन में यह जीवंत ऊष्मा जरूर थी कि मैं कुछ करुंगा- मुख्यमंत्री*

*राजभवन देहरादून 27 नवम्बर, 2025

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) द्वारा आज राजभवन में देवभूमि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर केंद्रित युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित पुस्तकों पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा और Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas पुस्तक का विमोचन किया गया।

पुस्तक के विमोचन के अवसर पर श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य श्री प्रमोद कृष्णम जी महाराज (संभल), परमार्थ निकेतन ऋषिकेश स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज और पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री भगत सिंह कोश्यारी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पुस्तकों का प्रकाशन प्रभात पब्लिकेशन और रूपा पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।

राज्यपाल ने पुस्तक की लेखिका संभावना पंत को साधुवाद देते हुए कहा कि बेटियां भगवान का स्वरूप होती हैं। उनके लेखन कला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने नाम संभावना के अनुरूप काम भी किया है।

उन्होंने कहा कि किस तरह से इन पुस्तकों में लेखिका ने प्रशंसनीय काम किया है कि पहाड़ के संघर्षों से जूझता बालपन, दादाजी श्री खेम सिंह जी के आदर्शों को आत्मसात करता हुआ एक युवक, माता की विनम्रता व शालीनता की शिक्षा और एक सैनिक पिता के दृढ़ता, कर्तव्य परायणता और अनुशासन में तपकर कैसे तैयार हुआ एक पुष्कर।

राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बड़े-बड़े ऐतिहासिक काम हुए हैं। उत्तराखण्ड राज्य आज प्रत्येक क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में राज्य में विकास कार्यों के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किये जा रहे हैं। अपने कार्यों से मुख्यमंत्री ने प्रदर्शित किया है कि वे एक फ्रंटलाइन लीडर हैं। राज्य में बड़ी-बड़ी आपदाओं चाहे सिलक्यारा हो, जोशीमठ हो या धराली से थराली, सभी जगह उन्होंने सबसे पहले प्रभावित लोगों के बीच में पहुंचकर उनकी पीड़ा पर मरहम लगाने का काम किया। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और दृढ़ निर्णय लिए हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपादित हुए हैं। उनके अंदर अनुशासन भी है, विनम्रता भी और करुणा भी। लेखिका द्वारा लिखित यह पुस्तक उनके इन कीर्तियों का सम्मान करती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अपने संबोधन में अपने बचपन के पगडंडियों और गाड़- गदेरों के अनुभवों को संक्षिप्त रूप में साझा किया गया। उन्होंने भावुक होकर अपनी माता जी के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि एक सैनिक की पत्नी होने के नाते किस तरह से उन्होंने पहाड़ के जीवन को जिया। उन्होंने कहा कि मैनें जीवन में यह कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ बड़ा बनूंगा, लेकिन मेरे जीवन में ये जीवन्त ऊष्मा जरूर थी कि मैं समाज के लिए कुछ अच्छा करुंगा। उन्होंने पुस्तक विमोचन में पधारे सभी महानुभावों, प्रकाशकों और पुस्तक की लेखिका संभावना पंत को धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में और राज्य में आज भारत की एकता और अखंडता, उसके प्राचीन सांस्कृतिक गौरव और रीति-नीति को पोषित – पल्लवित करने तथा युवाओं, महिलाओं और समाज की मुख्यधारा से वंचित समुदायों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने हेतु जो कार्य माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में हो रहे हैं उसी तरह के कार्य मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे हैं।

इस अवसर पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कर्तव्य परायणता की प्रशंसा करते हुए कहा कि धामी जी समाज की, राष्ट्र की और देश- काल की वास्तविकताओं के अनुरूप निर्णय लेते हैं और कार्य करते हैं। उन्होंने लेखिका संभावना पंत को उनके इस लेखन कार्य के लिए साधुवाद दिया।

पुस्तक की लेखिका संभावना पंत ने पुस्तक के सार को संक्षिप्त रूप में व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के व्यक्तिगत गुणों, उनके आचरण और दूरदर्शी सोच को प्रतिबिंबित करती है। इस पुस्तक में मुख्यमंत्री जी के दादाजी, पिताजी और माताजी के उन संघर्षों को भी बयां किया गया है जिनके सानिध्य में पुष्कर सिंह धामी पले-बढ़े। पुस्तक में मुख्यमंत्री जी के युवा अवस्था से लेकर राज्य के मुख्य सेवक के शीर्ष पद तक पहुंचने की गाथा भी है तथा उनकी नेतृत्वशीलता, दृढ़ता, विनम्रता और कर्मठता का भी समावेश है। उन्होंने पुस्तक को समर्पित करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों, महानुभावों और जनमानस को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल व श्रीमती कल्पना सैनी, विधायक श्रीमती सविता कपूर व श्री बृजभूषण गैरोला, पदमश्री बसंती बिष्ट, टपकेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख श्री किशन गिरी जी महाराज सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी गण और जनमानस उपस्थित रहे।

देवभूमि सीएससी सेंटर पर जिला प्रशासन ने जड़ा ताला; निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमियता।

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केंद्र पर निर्वाचन संबंधी पाए गए दस्तावेज; पूछने पर जानकारी नहीं बता पाए देवभूमि सीएससी के संचालक अब्दुल वसीम व आसिफ

केंद्र पर नहीं पाई गई रेट लिस्ट; और ना ही प्रमाण पत्रों की पंजिका का विवरण; अग्रिम आदेशों तक केंद्र संचालन किया बंद

उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी; तहसीलदार सुरेंद्र देव के नेतृत्व में जिला प्रशासन की कार्रवाई

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सीएससी सेंटर में चल रहा है छापेमारी अभियान; अनियमितता पाए जाने पर लगेगा ताला

देहरादून दिनांक 27 नवंबर 2025, (सू वि) जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने सहारनपुर रोड माजरा अवस्थित देवभूमि सीएससी सेंटर में औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी व तहसीलदार सदर सुरेंद्रदेव के नेतृत्व में की गई।
जिला प्रशासन द्वारा अनियमितता पाए जाने पर देवभूमि सीएससी सेंटर को सील करते हुए केंद्र पर ताला जड़ दिया है। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर अनियमिताएं पाई गई थी पाई गई ।
जनसेवा केंद्र पर निर्वाचन संबंधी दस्तावेज पाए गए पूछने पर जानकारी नहीं बता पाए देवभूमि सीएससी के संचालक अब्दुल वसीम व आसिफ।
अब्दुल वसीम के नाम से संचालित हे देवभूमि सीएससी सेंटर आईडी 2756 23770017 को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। केंद्र पर रेट लिस्ट नहीं पाई गई, और ना ही प्रमाण पत्रों की पंजिका का विवरण उपलब्ध था। जिला प्रशासन द्वारा अग्रिम आदेशों तक केंद्र का संचालन बंद कर दिया है।जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सीएससी सेंटर में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है सेंट्रो पर अनियमितता पाए जाने पर ताला लगेगा।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा केंद्र में संचालित विभिन्न सेवाओं, अभिलेखों, लेन-देन विवरणों तथा सेवा शुल्क आदि की गहन जांच की गई। जांच में कई अनियमितताएं, नियमों का अनुपालन न होना एवं सेवा प्रदायगी में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। केंद्र संचालक द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिए जाने एवं अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर प्रशासन ने देवभूमि सीएससी सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन-सेवा से जुड़े किसी भी केंद्र पर अनियमितता, उपभोक्ता शोषण या पारदर्शिता का अभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जनहित सर्वाेपरि है, और सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन निरंतर सघन निरीक्षण अभियान जारी रखेगा।” इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

मानव–वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने और घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने के प्रस्ताव को धामी कैबिनेट ने मंजूरी दी।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट बैठक संपन्न हुई, जिसमें कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। पर्यावरण संरक्षण का लेखा-जोखा 2024-25 विधानसभा पटल पर रखा जाएगा। अभियोजन विभाग के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए 46 नए पद सृजित किए गए। ऊर्जा विभाग की प्रतिवेदन रिपोर्ट 2023-24 को भी विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई।

श्रम विभाग के दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 में संशोधन किया गया है। महिला कर्मकारों को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए महिला कर्मकारों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। मानव–वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने और घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी।

देहरादून शहर में मेट्रो नियो परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है, जबकि तकनीकी शिक्षा विभाग का प्रस्ताव अगली बैठक में लाया जाएगा। शिक्षा विभाग के दो प्रस्ताव कैबिनेट द्वारा खारिज किए गए हैं, जिन्हें पुनः परीक्षण के बाद आगे लाया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ’’बिल लाओ-इनाम पाओ’’ योजना के विजेताओं को किया पुरस्कृत, कुल 1888 विजेताओं ने जीते योजना के तहत पुरस्कार, ईवी कार से लेकर माइक्रोवेब तक शामिल

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में ’’बिल लाओ-इनाम पाओ’’ योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 के बीच संचालित इस योजना के तहत कुल 1888 उपभोक्ताओं ने पुरस्कार जीते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि योजना में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना, एक नया दृष्टिकोण और एक नई ऊर्जा प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरु “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना राज्य सरकार का एक एक नवाचार था, जिसके द्वारा सरकार ने जनभागीदारी को राजस्व संग्रहण से जोड़ने का प्रयास किया। आज तीन वर्षों में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना ने लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जनता में ये समझ बनी है कि प्रदेश के विकास में प्रत्येक बिल एक योगदान है। योजना आज जहां एक ओर उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बनी है, वहीं उपभोक्ता एवं व्यापारी वर्ग के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को ’’प्रोत्साहन’’ और ’’प्रॉफिट’’ के साथ ही ’’प्रोटेक्शन’’ भी मिला है। राज्य सरकार भी इसी क्रम में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में ’’राजकोषीय अनुशासन’’ को मजबूती से स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि राज्य ’’राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल’’ रहा है। इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, हाल ही में जारी ’’अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’’ की रिपोर्ट में उत्तराखंड को ’’देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों’’ में स्थान दिया गया है। इसके साथ ही ’’सतत विकास लक्ष्यों’’ के राष्ट्रीय सूचकांक में भी ’’उत्तराखंड पूरे देश में शीर्ष स्थान’’ पर है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब जनता सरकार पर भरोसा करती है, और सरकार भी जनता के साथ पारदर्शी तरीके से व्यवहार करती है तो विकास की गति अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रत्येक खरीददारी पर बिल मांगकर लेनदेन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने में सहयोग प्रदान करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि योजना के तहत 90 हजार उपभोक्ताओं ने 270 करोड़ रुपए मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ प्रतिभाग किया। आयुक्त कर सोनिका ने बताया कि योजना के तहत कुल 1888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 17 माह तक 1500 प्रति माह मासिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस मौके पर विधायक सरिता कपूर, प्रमुख सचिव आरके सुधांधु, आयुक्त कर सोनिका, अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

पुरस्कारों का विवरण
02 ईवी कार, 16 मारुति आल्टो के- 10 कार, 20 ईवी स्कूटर, 50 बाइक, 100 लैपटॉप, 200 स्मार्ट टीवी, 500 टैबलेट, 1000 माइकोवेब
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ग्रीन बिल्डिंग का कार्य अगले 6 माह में पूर्ण किया जाए: मुख्य सचिव

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3 शिफ्ट में कराया जाए कार्य*

*जिलाधिकारी देहरादून को लगातार मॉनिटरिंग के दिए निर्देश*

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की उच्च स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।

मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट सिटी का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट था। मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्य अगले 6 माह में पूर्ण कराए जाने हेतु जिलाधिकारी / सीईओ स्मार्ट सिटी को निर्देशित किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को भी 3 शिफ्ट में कार्य कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में प्रत्येक कार्य की टाईमलाईन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चलायी जा रही 30 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का कार्य परिवहन निगम द्वारा किया जाए। उन्होंने वीएमडी (एलईडी स्क्रीन) एवं पर्यावरण सेंसर को नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को आईटीडीए के अंतर्गत ही संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी श्री सविन बंसल, अपर सचिव डॉ. इकबाल अहमद, एमडी परिवहन श्रीमती रीना जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*

दिव्यांगता कोटे से फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर उत्तराखंड शिक्षा विभाग में नौकरी पाने 51 शिक्षकों को भेजा गया नोटिस।

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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने वाले 51 शिक्षकों पर गाज गिरनी है.. शिक्षा विभाग ने राज्य के ऐसे 51 शिक्षकों को नोटिस जारी किया है,जिन पर दिव्यांग के फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी पाने का आरोप है। खास बात यह है कि शासन ने इसके लिए एक कमेटी भी गठित कर दी है,जो की प्रमाण पत्रों के फर्जी रूप से तैयार होने और अपात्र लोगों को नौकरी दिए जाने का पूरा लेखा-जोखा तैयार करेगी।

फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने के मामले उत्तराखंड में यूं तो पहले भी सुनाई देते रहे हैं,लेकिन इस बार मामला दिव्यांगता कोटे से फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी पाने का है. खास बात यह है कि शिक्षा विभाग में यह मामला 2022 में ही सामने आ गया था,जिसके बाद भी प्रकरण पर संबंधित शिक्षकों से न तो जवाब ही लिया गया और न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई। हैरत की बात यह है कि इस मामले की जानकारी शिक्षा विभाग को भी भेजी जा चुकी थी और मेडिकल बोर्ड भी जांच के बाद 51 शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी करार दे चुका था, लेकिन न तो शिक्षा विभाग ने इस पर गंभीरता दिखाई और न ही स्वास्थ्य विभाग ने यह जानने की कोशिश की कि आखिरकार यह फर्जी प्रमाण पत्र कैसे बना दिए गए?

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ दफ्तर स्तर पर मेडिकल बोर्ड गठित होता है, जो प्रमाणपत्र के लिए संस्तुति करता है और इसी के आधार पर अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। करीब 2 साल बाद यह मामला एक बार फिर तब चर्चाओं में आया है, जब न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने जनहित याचिका के आधार पर शिक्षा विभाग से उन 51 शिक्षकों की सूची मांगी है,जिनके प्रमाण पत्र पूर्व में फर्जी पाए गए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी आनन-फानन में ऐसे शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर इस पर उनका जवाब मांगा है। बड़ी बात यह भी है कि इनमें ऐसे शिक्षक भी हैं, जो अब प्रधानाध्यापक बन चुके हैं और करीब 1991 में शिक्षा विभाग में भर्ती हुए थे। जबकि इनमें ऐसे शिक्षकों का भी नाम है, जिनकी भर्ती 2019-20 में हुई है. माध्यमिक शिक्षा के निदेशक मुकुल सती कहते हैं कि उनकी तरफ से ऐसे शिक्षकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अब इन शिक्षकों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।उधर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ही अध्यक्षता में एक कमेटी भी शासन ने गठित कर दी है, जो कि इस पूरे मामले को बारीकी से देखेगी। जिन 51 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी बताए गए हैं, उनमें शिक्षकों की सबसे ज्यादा संख्या टिहरी जिले में है। इसके अलावा देहरादून और पौड़ी के अलावा उत्तरकाशी में भी यह शिक्षक तैनात है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यह पूरा मामला तब सामने आया है जब प्रकरण पर शिकायत की गई और जनहित याचिका भी दायर की गई। उधर शिक्षकों के अलावा बाकी संवर्ग और बेसिक शिक्षा में भी ऐसे ही फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी पाने वालों की स्थिति क्या है, यह कोई नहीं जानता। ऐसे में ऐसे फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने वालों के लिए बड़े स्तर पर जांच की जरूरत भी महसूस की जा रही है,ताकि इस पूरे खेल का सभी संवर्गों से खुलासा हो सके।

टिहरी में यात्रियों से भरी बस खाई में गिरी, पांच की मौत, कई घायल।

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उत्तराखंड के टिहरी जिले में बड़ा हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि कुंजापुरी के पास गुजरात के श्रद्धालुओं की बस खाई में गिर गई. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. इस हादसे में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हुई. 23 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे है, जिन्हें पास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

फिलहाल जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार इस हादसे में पांच लोगों के मरने की सूचना है. मौत का आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका है. बताया जा रहा है कि बस में सवार सभी लोग गुजरात और दिल्ली से कुंजापुरी दर्शन करने के लिए जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में कुंजापुरी से पहले ये हादसा हो गया.ऋषिकेश से कुंजापुरी की दूरी करीब 23 किमी है.

फिलहाल जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार बस में 28 लोग सवार थे. बस संख्या Uk07pa 1769 हिंडोलाखाल के पास करीब 70 मीटर गहरी खाई में गिरी है. सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार पोस्ट ढालवाला, पोस्ट कोटि कॉलोनी व SDRF वाहिनी मुख्यालय से SDRF की कुल पांच टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की जा चुकी है. एएसपी जेआर जोशी टिहरी गढ़वाल ने हादसे में पांच लोगों के मरने की पुष्टि की है.कुछ यात्री गुजरात और कुछ दिल्ली के बताए जा रहे हैं, अभी पुलिस जांच कर रही है. हादसे के बाद कुछ लोग इधर-उधर छिटक गए हैं.-एएसपी जेआर जोशी,

गुरु तेगबहादुर शहीदी दिवस के अवसर पर होने वाला अवकाश अब 24 नवंबर के स्थान पर 25 नवंबर को होगा।

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