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Monday, March 16, 2026


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उत्तराखंड में बड़े स्तर पर आईएएस व पीसीएस अफ़सरों के हुए तबादले,लिस्ट हुई जारी.44 अधिकारी हुए इधर से उधर।

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उत्तराखंड में बड़े स्तर पर आईएएस व पीसीएस अफ़सरों के हुए तबादले,लिस्ट हुई जारी.44 अधिकारी हुए इधर से उधर।

गौरव कुमार होंगे चमोली के नए जिलाधिकारी, वर्तमान जिलाधिकारी संदीप तिवारी को भेजा गया निदेशक समाज कल्याण हल्द्वानी के पद पर।

ललित मोहन बने ज़िलाधिकारी नैनीताल।

सोनिया को बनाया गया हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष।

अशोक कुमार बने जिलाधिकारी पिथौरागढ़।

श्रीमती आकांक्षा को बागेश्वर जिले की जिम्मेदारी ।

UKSSSC ने नकल प्रकरण के बाद स्नातक स्तर की परीक्षा रद्द की, SIT जांच के बाद अब होगी CBI जांच

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा को रद्द कर दिया है
परीक्षा के दौरान नकल और गड़बड़ी के मामले सामने आने के बाद आयोग ने यह बड़ा फैसला लिया है।

परीक्षा रद्द करने की मांग लगातार राज्यभर के युवाओं द्वारा उठाई जा रही थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि कई परीक्षा केंद्रों पर नकल के संगठित प्रयास किए गए, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को न्याय का भरोसा दिलाया था। उन्होंने कहा था कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने अब इस मामले की सीबीआई जांच के लिए संसुति भेज दी है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच हो सके।

आयोग का कहना है कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की जाएगी।

इस घटनाक्रम से राज्यभर के अभ्यर्थियों में जहां एक ओर निराशा है, वहीं कई युवा अब यह उम्मीद जता रहे हैं कि सीबीआई जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

केदारनाथ में विवाद: मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरोध में उतरे पंडे-पुरोहित, दी आंदोलन की चेतावनी।

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केदारनाथ-  बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरोध में उतरे केदार सभा के पुरोहित,नही हटाए जाने पर आंदोलन की दी चेतावनी।केदार सभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बद्रीकेदार मंदिर समिति के अध्य्क्ष हेमंत द्विवेदी को हटाने की रखी मांग,आंदोलन की दी चेतावनी।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम से बड़ी खबर सामने आई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ अब केदार सभा के पंडे-पुरोहित खुलकर विरोध में उतर आए हैं।

पंडे-पुरोहितों का आरोप है कि समिति अध्यक्ष द्विवेदी मंदिर की परंपराओं और नियमों की अनदेखी कर रहे हैं तथा धाम की व्यवस्थाओं में मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं में बिना सलाह के बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय पुजारियों और सेवायतों में गहरी नाराजगी है।के

केदार सभा के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि हेमंत द्विवेदी को तत्काल उनके पद से नहीं हटाया गया, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। सभा का कहना है कि उन्होंने प्रशासन और सरकार को अपनी मांगों से अवगत करा दिया है, लेकिन यदि शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन के तहत केदारनाथ धाम में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गौरतलब है कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पूरे चारधाम की व्यवस्थाओं का संचालन करती है, और समिति अध्यक्ष का पद धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और समिति इस बढ़ते विवाद को कैसे सुलझाती है, क्योंकि मामला सीधे केदारनाथ धाम की आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है।

जनपद रुद्रप्रयाग में शिक्षा व्यवस्था बदहाल – 95% विद्यालय मुखियाविहीन, शिक्षक संघ ने उठाया बड़ा सवाल

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रुद्रप्रयाग।
एक ओर सरकार गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जनपद रुद्रप्रयाग की शिक्षा व्यवस्था का सच यह है कि यहां 95 प्रतिशत से अधिक विद्यालय बिना मुखिया के संचालित हो रहे हैं। विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और प्रवक्ताओं के अभाव ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है।
रिक्त पदों का भयावह आंकड़ा

सहायक अध्यापक (LT) — स्वीकृत 786 | कार्यरत 656 | 130 पद रिक्त

महिला संवर्ग (LT) — स्वीकृत 22 | 5 पद रिक्त

प्रवक्ता संवर्ग — स्वीकृत 701 | कार्यरत 342 | 359 पद रिक्त

प्रधानाध्यापक (पुरुष) — स्वीकृत 27 | 26 पद रिक्त

प्रधानाध्यापिका (महिला) — स्वीकृत 01 | 1 पद रिक्त

प्रधानाचार्य — स्वीकृत 76 | कार्यरत 5 | 71 पद रिक्त

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज – दोनों में प्रधानाचार्य का पद रिक्त

मिनिस्ट्रियल कर्मचारी — स्वीकृत 203 | कार्यरत 167 | 36 पद रिक्त

राजकीय शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आलोक रौथान ने कटाक्ष करते हुए कहा,
> “सरकार की नीतियों में गुणवत्ता परक शिक्षा की बातें तो खूब लिखी जाती हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जनपद के अधिकांश विद्यालय मुखियाविहीन हैं। क्या बिना कप्तान के कोई टीम मैच जीत सकती है? फिर बिना प्रधानाचार्य के विद्यालयों से गुणवत्ता की उम्मीद करना क्या न्यायसंगत है?”
जिला मंत्री शंकर भट्ट ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा,

> “आज तक अधिकतर विद्यालयों में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं, लेकिन विभाग ने अर्धवार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ-साथ मिनिस्ट्रियल, चतुर्थ श्रेणी और स्वच्छता का कार्य भी करने को बाध्य हैं। ऐसी अव्यवस्थित प्रणाली शिक्षा की गुणवत्ता को कैसे सुधार पाएगी?”

संरक्षक नरेश कुमार भट्ट जी ने स्पष्ट कहा कि प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया जानबूझकर लंबित रखी जा रही है।

> ” जिला उपाध्यक्ष शीशपाल पंवार ने कहा कि हम लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार और विभाग का मौन गहरी साज़िश की ओर संकेत करता है। ग्रामीण अंचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रखना क्या नियोजित लापरवाही नहीं है?”

संयुक्त मंत्री दीपक नेगीने कहा कि “यदि रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर नहीं भरा गया तो शिक्षक संघ जनांदोलन को मजबूर होगा। यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि जनपद के हर बच्चे के भविष्य का है।”

जिला प्रवक्ता अजय भट्ट ने कहा कि जब शिक्षक प्रशासनिक काम करेंगे, सफाई भी देखेंगे, रिकॉर्ड भी बनाएंगे और मुखिया भी नहीं होगा — तो शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधरेगी?
क्या सरकार इस वास्तविकता को स्वीकार कर ठोस कदम उठाएगी, या फिर ‘गुणवत्ता शिक्षा’ का नारा केवल पोस्टरों और भाषणों तक सीमित रहेगा?

> रुद्रप्रयाग इंतज़ार में है — शिक्षा को ‘प्रणाली’ नहीं, ‘प्राथमिकता’ बनाने का।

मुख्यमंत्री धामी का विजन, ‘‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’’ को साकार बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर,

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नशा बेचने, फार्मा पदार्थों में मिलावट करने वालों पर अब संगीन धारा में ऑन द स्पॉट दर्ज होगा मुकदमा,*

*जिला प्रशासन का नशा मुक्त दून के लिए महा आगाज, नशे के सौदागरों, पैडलरों पर शिकंजा कसने की तैयारी,*

*चिन्हित उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मास लेवल टेस्टिंग के लिए जिला प्रशासन ने की 06 हजार टेस्ट किट क्रय।*

*पब्लिक के लिए हेल्पलाइन नंबर, डेडिकेटेड सेल बनाने की कवायत शुरू*

*स्कूलों में गठित एंटी ड्रग्स समिति को डीएम ने सीधे एसटीएफ से लिंक करवाने के दिए निर्देश*

*स्वास्थ्य विभाग को ड्रग्स टेस्टिंग किट क्रय करने हेतु मौके पर ही फंड की स्वीकृति,*

*शैड्यूल निर्धारित, शैक्षिक संस्थानों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, मौके पर होगी ड्रग्स टेस्टिंग।*

*नशे के सौदागर, दवा मिलावट खोरों पर प्रशासन की नजर, राजधानी में नशा तस्करों के लिए नही कोई जगह – डीएम*

*देहरादून

मा0 मुख्यमंत्री के विजन ‘‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’’ के संकल्प को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावी रणनीति तैयार कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक हुई। जिसमें नशीले पदार्थो के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विभागों को समन्वय बनाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करते हुए नशीले पदार्थो की रोकथाम हेतु सघन जांच की जाए। सभी मेडिकल स्टोर पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिलाधिकारी ने सीएमओ को पर्याप्त संख्या में ड्रग्स टेस्टिंग किट खरीदने और स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से सभी सरकारी, गैर सरकारी कॉलेज, यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों में वृहद स्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। इसके लिए डीएम ने स्वास्थ्य महकमे को मौके पर ही फंड स्वीकृत किया। डीएम ने कहा कि प्रत्येक माह नियमित रूप से एंट्री ड्रग्स गतिविधियों की समीक्षा की जाए। जिलाधिकारी की पहल पर जिला स्तर से पब्लिक हेल्पलाइन नबंर, डेडिकेटेड सेल बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में गठित एंटी ड्रग्स समिति को सीधे एसटीएफ से लिंक करवाने के निर्देश भी दिए है, ताकि एंटी ड्रग्स गतिविधियों का त्वरित कम्यूनिकेशन हो सके।

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को रायवाला ओल्ड एज होम को शीघ्र नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को सभी नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने और स्थानीय स्तर पर तैनात पटवारी व पुलिस से संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट लेने को कहा। जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास एवं नशा के संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने, निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी को सक्रिय करने, समितियों के नाम की सूची उपलब्ध कराने, नशीले पदार्थो के अवैघ कारोबार की सूचना देने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर के माध्मय से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 और एनसीवी मानस पोटर्ल का व्यापक प्रचार प्रसार कराने और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए। ताकि नशे के अवैघ करोबार को जड़ से खत्म किया जा सके।

जिलाधिकारी ने मादक पदार्थो की डिमांड एवं सप्लाई चौन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी औषधि नियंत्रक सहित सभी प्रर्वतनकारी संस्थाओं को मिलकर काम करते हुए प्रवाभी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्षो का विशलेषण करते हुए मादक पदार्थो के कारोबार में सलिप्त नेटवर्क और लिंकेज का पता लगाया जाए। सड़कों पर यातायात नियमों की चौकिंग के दौरान ड्रग्स टेस्टिंग भी की जाए। मादक पदार्थों के प्रचलन को रोकने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाए। आशा वर्कर, सेविका, सहायिका के माध्यम से गांव-गांव तक नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचने के लिए जागरूक किया जाए। प्रत्येक नागरिक को मानस हेल्पलाइन नंबर एवं पोर्टल की जानकारी हो, ताकि कोई भी नागरिक इस अवैध कारोबार के बारे में आसानी से प्रशासन को सूचना दे सके।

बैठक में डीएफओ मंयक गर्ग, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जय भारत सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरी, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश कुमार शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र कुमार जोशी, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, तहसीलदार कालसी सुशीला कोठियाल सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

 

जवाड़ी बाईपास पर बने पुल की एप्रोच रोड़ क्षतिग्रस्त होने के कारण मार्ग यातायात संचालन हेतु हुआ अवरुद्ध।

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रुद्रप्रयाग। देर रात्रि में हुई बारिश के चलते जवाड़ी बाईपास पुल की एक तरफ की एप्रोच रोड़ क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां पर से केदारनाथ हाईवे की तरफ होने वाला आवागमन पूर्ण रूप से बन्द हो गया है। इस बार के मानसूनी सीजन में यह सड़क जमीन धंसने के कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है।
पुल के एप्रोच रोड़ के दुरुस्त होने व मार्ग के सुचारु होने तक तक तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ व केदारघाटी के लिए वाहनों का आवागमन कस्बा रुद्रप्रयाग से बेलनी पुल होते हुए संचालित कराया जा रहा है व साथ ही केदारनाथ धाम आने वाले यात्री वाहनों को टिहरी-चिरबटिया-मयाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग का प्रयोग करने हेतु भी सूचित किया जा रहा है।
पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने इस बाधित हुए स्थल का जायजा लेकर अवगत कराया गया है कि जनपद मुख्यालय कस्बा रुद्रप्रयाग से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को सुगम आवागमन हेतु अतिक्रमण मुक्त रखे जाने सहित मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग में भी वाहनों को किसी भी दशा में खड़ा न किए जाने हेतु निरीक्षक यातायात व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश,आरोपी वकील ने कहा सनातन धर्म का नही चलेगा अपमान।

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नई दिल्ली-सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक वकील ने CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की. घटना के समय CJI गवई एक मामले की सुनवाई कर रहे थे. तभी एक वकील अचानक से जजों की सीट के पास गया और अपना जूता उतारकर चीफ जस्टिस बीआर गवई पर इसे फेंकने की कोशिश की. हालांकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे रोक लिया और पकड़कर बाहर ले गए. बाहर जाते-जाते शख्स नारा लगा रहा था कि ‘सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’।

CJI के बयान से नाराज था शख्स

बताया जा रहा है कि आरोपी वकील खजुराहो के जवारी मंदिर से जुड़े मामले में CJI की ओर से की गई टिप्पणी से नाराज था. बता दें कि 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी कि मध्य प्रदेश के खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति का पुनर्निर्माण किया जाए. हालांकि सीजेआई गवई ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. उन्होंने इसे प्रचार के लिए की गई याचिका बताया था।

याचिका पर टिप्पणी करते हुए सीजेआई गवई ने कहा था कि जाइए और भगवान से कहिए कि वो इस मामले में खुद कुछ करें. अगर आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के बहुत बड़े भक्त हैं, तो प्रार्थना करिए और थोड़ा मेडिटेशन करिए. आरोपी वकील कथित तौर पर उनकी इसी टिप्पणी से नाराज था. इस टिप्पणी पर उस समय भी विवाद उठा था, जिसके बाद सीजेआई ने सफाई दी थी कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।

क्या है मामला

दरअसल, जावरी मंदिर मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर का एक हिस्सा है. मंदिर समूह के पूर्वी हिस्से में स्थित इस विष्णु मंदिर में चतुर्भुज यानी चार भुजाओं वाले भगवान विष्णु की मूर्ति है. मूर्ति में धड़ का हिस्सा नहीं है यानी मूर्ति खंडित अवस्था में है. यह मूर्ति सदियों से इसी तरह मंदिर में विराजमान है. यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट द्वारा इसे संरक्षण भी मिला हुआ है।

पिछले महीने राकेश दलाल नाम के व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मांग की थी कि भगवान विष्णु की मूर्ति का सिर टूटा हुआ है, इसलिए इसके पुनर्निर्माण की आवश्यकता है. CJI गवई ने इससे इनकार करते हुए कहा था कि यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकार क्षेत्र में है. ये एक पुरातात्विक खोज है, ASI ऐसा करने की अनुमति देगा या नहीं, इसमें कई मुद्दे हैं. ऐसे में यदि आप शैव धर्म के विरोधी नहीं हैं तो आप वहां जाकर पूजा कर सकते हैं. वहां एक बहुत बड़ा शिवलिंग है, जो खजुराहो स्थित सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है।

रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, 5 पक्के भवन किए गए ध्वस्त ।

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जनपद रुद्रप्रयाग में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए आज एक बड़े स्तर का अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत तिलवाड़ा बाजार एवं अगस्त्यमुनि बाजार क्षेत्र में 5 पक्के अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भगत सिंह फोनिया की मौजूदगी में तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। तहसीलदार रुद्रप्रयाग प्रणव पांडे ने बताया कि आज चलाए गए इस अभियान के अंतर्गत मुख्य मार्गों पर किए गए पक्के अतिक्रमणों को हटाया गया है। यह कार्रवाई आगामी सड़क चौड़ीकरण कार्य को ध्यान में रखते हुए की गई, ताकि सड़क निर्माण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके और आमजन को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि दोनों बाजार क्षेत्रों में कुछ भवन स्वामियों को पूर्व में मुआवजा राशि प्रदान की जा चुकी थी, किंतु उसके बावजूद उन्होंने विभाग को कब्जा नहीं सौंपा था। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 5 भवनों का कब्जा एनएच विभाग को विधिवत रूप से दिलवाया, जिससे अब संबंधित क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भगत सिंह फोनिया ने कहा कि अतिक्रमण किसी भी क्षेत्र के विकास में बाधा बनता है, और प्रशासन ऐसी प्रवृत्तियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

 

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के 1983 राजस्व गांवों को नियमित पुलिस क्षेत्राधिकार में सम्मिलित किये जाने का लिया निर्णय।

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देहरादून-उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के 1983 राजस्व गांवों को नियमित पुलिस क्षेत्राधिकार में सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय के आदेश तथा पूर्व मंत्रिमंडलीय निर्णयों के अनुरूप राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने के उदे्श्य से राज्य सरकार द्वारा आज राज्य के 1983 राजस्व गांवों को अब नियमित पुलिस क्षेत्राधिकार में सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से जनपदों के ग्रामीण एवं सीमांत इलाकों में अब सीधे नियमित पुलिस व्यवस्था लागू हो जायेगी, जिससे अपराधों पर नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, और न्याय की उपलब्धता सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश की कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से जनता की सुरक्षा एवं विश्वास में वृद्धि होगी, जिससे एक सुरक्षित और स्वच्छ सामाजिक वातावरण बनेगा। साथ ही पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनेगी।

चमोली जिले को मिली शिक्षा और खेल की दोहरी सौग़ात ज्योतिर्मठ के रविग्राम में बनेगा मिनी स्टेडियम, सवाड़ गाँव को मिला केंद्रीय विद्यालय।

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चमोली, गढ़वाल सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के प्रयासों से चमोली जिले को शिक्षा और खेल क्षेत्र में बड़ी सौग़ात मिली है। जिले को एक ओर जहाँ ज्योतिर्मठ के रविग्राम में मिनी स्टेडियम की स्वीकृति प्राप्त हुई है, वहीं दूसरी ओर सैन्य बाहुल्य क्षेत्र सवाड़ गाँव में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को भी हरी झंडी मिल गई है।

ज्योतिर्मठ में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए पाँच करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जल्द जारी की जाएगी। यह राशि केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री मनसुख भाई मांडविया से सांसद बलूनी के आग्रह पर स्वीकृत की गई है।

इसी तरह देवाल ब्लॉक के सवाड़ गाँव में लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की जा रही थी। हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय पर खुशी जताई और सांसद बलूनी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

सवाड़ गाँव का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध सहित देश के सभी बड़े सैन्य अभियानों में यहाँ के वीर सपूतों ने अपनी शहादत दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गाँव को केंद्रीय विद्यालय की सौग़ात मिलना उन शहीदों के सम्मान का प्रतीक है और यह शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम साबित होगा।

आलम सिंह, जो विद्यालय की स्थापना के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे, ने कहा कि “सांसद बलूनी ने हमारे वीर शहीदों का सम्मान किया है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होगा।”

इन दोनों परियोजनाओं की मंजूरी से चमोली जिले में शिक्षा और खेल दोनों ही क्षेत्रों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।