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Monday, March 16, 2026


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UKSSSC:- फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया अभ्यर्थी,परीक्षा में शामिल होने का था प्लान।

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फर्जी दस्तावेज के आधार पर किये थे तीन आवेदन,गाजियाबाद के मोदीनगर का रहने वाला है आरोपी।

देहरादून-

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा से पहले ही एक संदिग्ध अभ्यर्थी का मामला सामने आया है। आरोपी ने न सिर्फ शैक्षिक प्रमाणपत्र बल्कि जाति प्रमाणपत्र,स्थायी निवास प्रमाणपत्र और सेवायोजन विभाग की आईडी तक फर्जी तरीके से तैयार कर तीन अलग-अलग आवेदन किए।

अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल कर भरे थे आवेदन

मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी सुरेंद्र कुमार ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर आवेदन पत्र भरे थे। सभी दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर सुरेंद्र के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बता दें इस परीक्षा का आयोजन 5 अक्टूबर को किया जाना था।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

आरोप है कि सुरेंद्र ने व्यवस्थित तरीके से फर्जीवाड़ा कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। बताया जा रहा है कि आयोग ने पहले ही उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को सख्त किया था, जिसके चलते यह मामला पकड़ में आया। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज ने शिष्टाचार भेंट की।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर उनके मध्य आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री धामी ने महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज का स्वागत करते हुए कहा कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि संत परंपरा ने सदैव राष्ट्र और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संतों का मार्गदर्शन हमें न केवल जीवन मूल्यों से जोड़ता है बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देता है।

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे।

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द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल को 18 नवम्बर को बंद होंगे मद्महेश्वर मुख्य मेला 21 नवम्बर आयोजित होगा।*

• *तृतीय केदारनाथ तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु 6 नवम्बर को बंद होंगे**

उखीमठ/ रुद्रप्रयाग 2 अक्टूबर।
विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23अक्टूबर बृहस्पतिवार भैया दूज के पावन पर्व पर प्रातः 08:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद इसी दिन बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान करेगी। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जारी संदेश में ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट बंद पश्चात पंचमुखी डोली प्रस्थान कार्यक्रम सहित श्री मद्महेश्वर तथा श्री तुंगनाथ जी के कपाट बंद होने की तिथि निश्चित होने प्रसन्नता जतायी। श्रद्धालुओं से अपील की है कपाट बंद होने तक तीर्थस्थलों में दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करें।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल तथा केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण ने पंच केदारों में शामिल मंदिरों के कपाट बंद होने पर शुभकामनाएं दी हैं बताया कि अभी यात्रा निरन्तर गतिमान है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भैयादूज गुरुवार 23 अक्टूबर को कपाट बंद के बाद बाबा केदार की पंचमुखी देव डोली प्रथम पड़ाव रामपुर रात्रि विश्राम को पहुंचेगी। शुक्रवार 24 अक्टूबर रामपुर से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी और शनिवार 25 अक्टूबर गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी।वहीं द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट मंगलवार 18 नवंबर को प्रातः शुभमुहूर्त में बंद हो जायेंगे।श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में रावल गद्दी को साक्षी मानकर वेदपाठी आचार्यों की उपस्थिति में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होने की तिथि तय की गयी। पुजारी शिवशंकर लिंग, वेदपाठी यशोधर मैठाणी वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी, प्रभारी दीपक पंवार, प्रेम सिंह रावत सहित पंचगाई व हकहकूकधारी मौजूद रहे।

कपाट बंद होने के बाद श्री मद्महेश्वर जी की देवडोली 18 नवम्बर को प्रथम पड़ाव गौंडार को पहुंचेगी दूसरे दिन 19 नवम्बर को राकेश्वरी मंदिर तीसरे दिन 20 नवम्बर को गिरिया तथा चौथे दिन शुक्रवार 21 नवम्बर को पंच केदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी इसी दिन मुख्य रूप से मद्महेश्वर मेला भी आयोजित होगा।

तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु गुरुवार 6 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर बंद होंगे।
आज श्री तुंगनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में मठापति रामप्रसाद मैठाणी की उपस्थिति में कपाट बंद होने की तिथि तय हुई।
इस अवसर पर प्रबंधक बलबीर नेगी, चंद्र मोहन बजवाल,पुजारी अतुल मैठाणी अजय मैठाणी, मुकेश मैठाणी,प्रकाश डिमरी, विनोद डिमरी सहित अधिकारी कर्मचारी हक हकूकधारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम अनुसार कपाट बंद होने के बाद 6 नवम्बर श्री तुंगनाथ जी की विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता 7 नवम्बर दूसरे दिन भनकुन तथा शनिवार 8 नवम्बर तीसरे दिन गद्दी स्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी।

हैलीकॉप्टर टिकटों के नाम पर ठगी करने वाले अभियुक्तों को रुद्रप्रयाग पुलिस ने किया गिरफ्तार।

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*सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर डाला गया था हैलीकॉप्टर टिकट दिलाने का लुभावना ऑफर।*

*पीड़ित (यात्री) ने इस लिंक को क्लिक कर ठगों के झांसे में आकर गंवाई लगभग ₹2 लाख की रकम।*

*इस प्रकरण में थाना गुप्तकाशी पर मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस द्वारा ठगी में उपयोग किए गए बैंक खातों सहित विभिन्न मोबाइल नम्बरों पर निगरानी रखते हुए इस ठगी में शामिल रहे 4 व्यक्तियों को किया गया बिहार व उड़ीसा से गिरफ्तार।*

जनपद रुद्रप्रयाग में होने वाली केदारनाथ धाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही साइबर ठग भी एक्टिव हो जाते हैं, वे यात्रियों के केदारनाथ धाम पहुंचने की ललक एवं उनके जानकारी के अभाव का सही ढंग से फायदा उठाते हुए ठगी के कारनामों को अंजाम देते हैं। हालांकि पिछले 2-3 सालों से हैलीकॉप्टर टिकटों की ऑनलाइन बिक्री हेतु आईआरसीटीसी को अधिकृत किया गया है, परन्तु साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर यात्रियों को हैलीकॉप्टर टिकट दिलाने का झांसा देकर किसी न किसी प्रकार से ठग देते हैं, ऐसा ही वाकया इस बार की केदारनाथ धाम यात्रा के शुरुआती दिनों में हुआ। शिकायतकर्ता श्री सूर्यप्रकाश मिश्रा निवासी सूरत, गुजरात ने थाना गुप्तकाशी पर शिकायत दर्ज करायी कि उन्होने फेसबुक पर पवनहंस की साइट देखी जिस पर क्लिक करने से व्हट्सएप पर चैटिंग करते हुए 32 लोगों को टिकट दिलाने की बात फाइनल हुई। सामने वाले व्यक्ति द्वारा अकाउन्ट नम्बर देते हुए रुपयों की भुगतान करने को बताया गया जिस पर इनके द्वारा ₹ 1,91,812 दिए गए खाते में भेजे गये। पैसे देने के बाद भी इनको कोई टिकट उपलब्ध नहीें हुई और न ही पैसे लेने वालों ने इनकी कॉल रिसीव की गई।इनके द्वारा या तो टिकट दिलाने या फिर इनके पैसे वापस करने का अनुरोध किया परन्तु उनको न ही टिकट मिली और न ही पैसे मिले। हताश निराश होकर इनके स्तर से थाना गुप्तकाशी पर मुकदमा दर्ज कराया गया तथा इनके द्वारा किये गये भुगतान, व्हट्सएप चैटिंग इत्यादि का विवरण इत्यादि पुलिस को देकर अपने गन्तव्य को चले गये। चूंकि ठगी के इस प्रकरण में काफी बड़ी धनराशि बैंक खाते में गयी थी और इसके उपरान्त यह राशि अलग-अगल खातों में डाली गयी थी।
थाना गुप्तकाशी पर पंजीकृत मु.अ.सं. 26/2025 धारा 318(4) 61(2) से सम्बन्धित इस अभियोग पर प्रचलित यात्रा अवधि में ही एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने सम्बन्धित विवेचक व साइबर सैल की टीम को इस पर गहनता से कार्य किये जाने, ठगी के उपयोग में आये खाता धारकों सहित सम्बन्धित व्हट्सएप नम्बरों सहित लिंक नम्बरों पर पुलिस के स्तर से कार्य किया गया। साक्ष्य संकलन कर इसमें प्रारम्भिक तौर पर प्रकाश में आये व्यक्तियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को रवाना किया गया। पुलिस द्वारा इनके द्वारा वर्तमान में उपयोग किये जा रहे मोबाइल नम्बरों के आधार पर सर्विलांस व स्थानीय पुलिस की सहायता से इनको गिरफ्तार किया गया है।

*इन गिरफ्तार व्यक्तियों के सम्बन्ध में एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने जानकारी देते हुए बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि को ही एक शिकायत मिली थी कि हैलीकॉप्टर टिकट दिलाये जाने हेतु सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर टिकट बुकिंग के नाम पर ठगी हुई है। इस ठगी के शिकायतकर्ता गुजरात निवासी व्यक्ति थे। साइबर ठगी होने पर सम्बन्धितों द्वारा अलग-अलग खातों में घुमाकर मिलने वाली धनराशि को इससे सम्बन्धित मास्टरमाइन्ड द्वारा निकासी की जाती है, इस सम्बन्ध में थाना गुप्तकाशी और चौकी फाटा पुलिस द्वारा अच्छा कार्य किया गया है, लगभग दो महीने के अन्दर इस केस में ट्रेल यानि एक दूसरे के लिंक को खंगाला गया और इससे सम्बन्धित वास्तविक साइबर अपराधियों तक पुलिस पहुंची है। चेकिंग के पश्चात इनसे 18 बैंक खाते, कुछ मोबाइल इत्यादि मिले हैं। इनके बैंक खातों के विवरण ज्ञात किया गया है। इनमें से 3 लोगों को मयूरगंज उड़ीसा से मास्टरमाइन्ड को नवादा बिहार ।

आकर्षण गुप्ता पुत्र श्री रंजीत प्रसाद निवासी गांव हथ्येरी पो. बिरनामा, थाना पकरीवर्मा, जिला नवादा, बिहार। (उम्र 18 वर्ष)
2- अनन्त कुमार सिंह पुत्र श्री रमेश चन्द्र सिंह निवासी ग्राम व पो. दुग्धा थाना उदला, जिला मयूरगंज, उड़ीसा। (उम्र 25 वर्ष)
3- सौभाग्य शेखर महन्तो पुत्र श्री उमेश चन्द्र महन्तो निवासी ग्राम व पो. दुग्धा, थाना उदला, जिला मयूरभंज, उड़ीसा। (उम्र 26 वर्ष)
4- दौलागोबिन्दा बाघा पुत्र श्री संतोष बाघा निवासी ग्राम गुडापाडा, पो. ऐन्लापाली, जिला बौद्ध, उड़ीसा। (उम्र 24 वर्ष)
गिरफ्तार हुए इन सभी अभियुक्तों को मा. न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

*अभियुक्तों से बरामदगी का विवरण -*
6 मोबाइल फोन सिम कार्ड सहित, 18 संदिग्ध बैंक खाते व 3लाख की धनराशि फ्रीज, एक एटीएम कार्ड बरामद किये गए।

इस बार पुलिस के स्तर से प्रोएक्टिव पुलिसिंग करते हुए साइबर अपराधियों की ढूंढखोज कर उनके अकाउन्ट्स इत्यादि बन्द कराये गये और आगे भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी।*

*अभियुक्तों से बरामदगी का विवरण -*
6 मोबाइल फोन सिम कार्ड सहित, 18 संदिग्ध बैंक खाते व 3लाख की धनराशि फ्रीज, एक एटीएम कार्ड

अगस्त्यमुनि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को लगा है बड़ा झटका ।

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छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को करारी हार, सभी पद निर्दलीय के खाते में

अगस्त्यमुनि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को बड़ा झटका लगा है। इस बार एबीवीपी एक भी पद नहीं बचा सकी और उसके सभी प्रत्याशी हार गए।

अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रियांशु मोहन ने एबीवीपी के लोकेश सिंह राणा को हराया। लोकेश को 468 मत मिले जबकि प्रियांशु को 704 मत हासिल हुए। प्रियांशु ने 236 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। कुल 1211 मतों में से 39 मत अवैध रहे।
उपाध्यक्ष पद पर अभिषेक आर्य ने अपने प्रतिद्वंद्वी शीतल को मात दी। अभिषेख को 686 मत प्राप्त हुए, जबकि शीतल को 396 मत मिले। इस तरह अभिषेक ने 290 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
सचिव पद पर दीपिका ने जीत हासिल की। उन्हें 607 मत मिले जबकि एबीवीपी के हितेश को 540 मत प्राप्त हुए। दीपिका ने 67 मतों के अंतर से बाजी मारी।
सह-सचिव पद पर संजना निर्विरोध निर्वाचित हुईं।
कोषाध्यक्ष पद पर शीतल ने मोनिका को 278 मतों के अंतर से हराया।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) पद पर अंजली और सूरज को मात दी। शीतल को 605 मत मिले, जबकि अंजली को 514 मत और सूरज को अन्य मत प्राप्त हुए। शीतल ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 91 मतों के अंतर से हराया।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद महाविद्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के. सी. दुदपुडी ने सभी विजयी प्रत्याशीयों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने के बाद कहा कि “चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और सभी विजयी प्रत्याशी छात्र हितों के लिए काम करेंगे। यह महाविद्यालय के लोकतांत्रिक वातावरण की विशेषता है कि छात्र अपने प्रतिनिधि चुनते हैं।”

वहीं, छात्र संघ प्रभारी डॉ. राजिन्द्र ने कहा कि “चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। नव निर्वाचित टीम से हमें उम्मीद है कि यह कॉलेज की शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को और गति प्रदान करेगी।”

गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिरला परिसर के चुनाव परिणाम हुए घोषित, AVBP के महिपाल बिष्ट बने छात्र संघ अध्यक्ष,उपाध्यक्ष बने शिवांक नौटियाल,सचिव पद पर अनुरोध पुरोहित की हुई जीत।

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गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव सम्पन्न हुए
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव शनिवार को सम्पन्न हुए और परिणाम की घोषणा देर शाम हुई। छात्रसंघ चुनाव 2025-26 के लिए एबीवीपी के महिपाल बिष्ट, अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए वहीं उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी शिवांश डोभाल को 664 मतों के अंतर से पराजित किया ।

गढ़वाल विश्वविद्यालय में शनिवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया लगभग 3 बजे तक चली। मतदान अवसर के उत्साह के साथ 4601से अधिक छात्रों ने अपने मत का प्रयोग किया। इस दौरान चुनाव समिति समेत डीएसडब्ल्यू बोर्ड, नियन्ता बोर्ड समेत पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने मुस्तैदी के साथ शांतिपूर्ण चुनाव समपन्न करवाने में अपनी भूमिका निभाई। स्वयं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीप्रकाश सिंह ने मतदान स्थल पर पहुंचकर सभी बूथों का जायजा लिया। चुनाव परिणाम की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रो एचसी नैनवाल ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं का धन्यवाद देते हुए चुनाव परिणाम की घोषण की।

छात्रसंघ चुनाव के अध्यक्ष पद पर महिपाल सिंह बिष्ट ने कुल 2584वोट, उपाध्यक्ष पद पर शिवांक नौटियाल ने 2603 वोट, सचिव पद पर अनुरोध पुरोहित ने 2307 वोट, कार्यकारणी सदस्य छात्रा पद पर विदिशा सिंह ने 2504 वोट, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर अनमोल सिंह जायड़ा ने 2430 वोट प्राप्त करते हुए जीत अर्जित की। वहीं छात्रसंघ के कोषाध्यक्ष पद पर आयुष तथा सहसचिव पद पर अभिषेक सिंह, कार्यकारणी सदस्य पीयूष नौटियाल तथा सुधाशु कुमार झा निर्विरोध निर्वाचित हुए। नवनिर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों को रविवार को उनके पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इस चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मयाली रणधार मोटर मार्ग पर बोलोरो वाहन दुर्घटना ग्रस्त,वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित।

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मयाली जखोली मोटर वाहन दुर्घटनाग्रस्त।

 

2 पर गम्भीर चोट और घायलों का किया जा रहा है उपचार।

रुद्रप्रयाग – मयाली जखोली मोटरमार्ग पर राजकीय इंटरकॉलेज मयाली के समीप हुए बोलेरो वाहन दुर्घटना में वाहन चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने से वाहन सड़क की ऊपरी तरफ टकराने से वाहन में बैठे यात्री चोटिल हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन संख्या UK13TA0624 वाहन चालक संतोष कुमार द्वारा बांगर से सवारी भरकर मयाली की तरफ आ रहा था कि मयाली से 01 किलोमीटर पहले वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घायलों को 108 की मदद से उपचार हेतु जखोली अस्पताल ले जाया जा रहा है।

पेपर लीक प्रकरण में अब प्रश्नपत्र हल करने वाली प्रोफेसर सुमन को किया गया निलंबित,पहले से खालिद के संपर्क में थी सुमन,खालिद ने प्रश्नपत्र हल करने के लिए सुमन को किया था प्रेरित।

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देहरादून-Uksssc पेपरलीक मामले में एक और बड़ी कार्यवाही हुई है जिसमें प्रश्न पत्र हल करके भेजने वाली प्रोफेसर सुमन को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गलत नियत से पेपर लीक में भूमिका निभाने को लेकर प्राथमिक दृष्ट्या आरोपी पाया गया है।

दरअसल, 21 सितंबर रविवार को Uksssc स्नातक स्तरीय परीक्षा हुई थी. इस एग्जाम में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र के तीन पेज लीक हुए थे. इस मामले में जहां पहले ही परीक्षा केंद्र में निगरानी के रूप में लापरवाही बरतने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित किया जा चुका है तो वहीं अब मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भी निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन राजकीय महाविद्यालय अगरौड़ा टिहरी गढ़वाल में इतिहास की प्रोफेसर है. परीक्षा केंद्र से खालिद नाम के युवक ने प्रश्न पत्र की फोटो परीक्षा केंद्र से बाहर भेजी थी और इसके बाद यह फोटो असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भेजी गई थी।
यह पाया गया कि सुमन ने प्रश्न पत्र हल किया था और इसका स्क्रीनशॉट प्रशासन को भेजने के बजाय बॉबी पंवार को भेजा था, ताकि यह प्रश्न पत्र वायरल हो जाए. इस मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज भी की जा चुकी है.

असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के निलंबन के दौरान उन्हें उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी में संबद्ध किए जाने के आदेश हुए हैं. आदेश में लिखा गया कि शिक्षक के रूप में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन का यह तृतीय अमर्यादित और अस्वीकार्य है, जिसके कारण राज्य सरकार की भी छवि धूमिल हुई है. इस मामले में उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त होने तक उन्हें निलंबित रखने के भी निर्देश हुए हैं।

पेपरलीक मामले में अब तक असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को लेकर बेरोजगार संघ उन्हें मामला प्रकाश में लाने वाले के रूप में बताता आ रहा है वहीं आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन प्रश्न पत्र बाहर भेजने वाले के संपर्क में पहले से थी और प्रश्न पत्र भेजने वाले खालिद द्वारा सुमन को प्रश्न पत्र हल करने के लिए प्रेरित किया गया था.

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा प्रकरण की जांच एसआईटी करेगी – मुख्य सचिव

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हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे एसआईटी जांच की निगरानी

बीते रविवार को सम्पन्न उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एसआईटी करेगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की जाएगी।

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बुधवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वोपरी है। इसी क्रम में गत रविवार को सम्पन्न परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा कराई जाएगी। उक्त एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से हो इसके लिए यह भी एसआईटी जांच की निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज के द्वारा की जाएगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है। उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है। साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि छात्रों और आमजन का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।
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उत्तराखण्ड ने हासिल की राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी रिपोर्ट ने की पुष्टि।

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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।

*सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:*
• राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
• समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
• आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी “बिमारू” श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखण्ड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
• सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

*सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।*