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Thursday, June 25, 2026
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उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा बदलाव, गणेश गोदियाल बने नए प्रदेश अध्यक्ष

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ब्रेकिंग — उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा बदलाव, गणेश गोदियाल बने नए प्रदेश अध्यक्ष

प्रीतम सिंह को सौंपी गई अभियान समिति की कमान, चुनावी रणनीति में आएगा नया जोश

डॉ. हरक सिंह रावत संभालेंगे चुनाव संचालन समिति, संगठन में संतुलन साधने की कोशिश

तीनों दिग्गजों की तिकड़ी पर कांग्रेस का भरोसा, मिशन 2027 की तैयारी तेज़

हाईकमान ने दिखाया कड़ा रुख — संगठन में अनुभव और संतुलन दोनों पर फोकस

दिल्ली स्थित लाल किले के समीप हुए कार धमाके के दृष्टिगत राज्य में High Alert जारी।

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*दिल्ली स्थित लाल किले के समीप हुए कार धमाके के दृष्टिगत राज्य में High Alert जारी।*

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके की गंभीरता को देखते हुए *पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड* द्वारा राज्य भर में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के सभी जनपदों में *सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं, संवेदनशील स्थलों, धार्मिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल तथा अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान* के निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी *जिला प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, गश्त एवं चेकिंग बढ़ाने, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की त्वरित सूचना एवं सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग कर कार्रवाई सुनिश्चित* करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जनपदों में *चीता मोबाइल यूनिट्स, पेट्रोल कार्, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) तथा डॉग स्क्वाड को सक्रिय कर दिया गया है।* इनकी टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर सघन तलाशी एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य स्तर पर सभी गतिविधियों की निगरानी पुलिस मुख्यालय कंट्रोल रूम से की जा रही है।

पुलिस महानिदेशक ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर दें।

राज्य पुलिस पूर्ण सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।

मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

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*मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित*

*उत्तराखण्ड की रजत जयंती के मौके पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित हुआ दो दिवसीय समारोह*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, नागरिक पुलिस/फायर सर्विस तथा एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड की धुन पर शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर राज्य का मान बढ़ाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी है और राज्य के विकास के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमें नया राज्य देने के साथ ही विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा और मजबूती दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों और योजनाओं का नियोजन कर राज्य को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि उत्तराखण्ड राज्य आज देश की अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। राज्य की विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है और कृषकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान तथा मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड भी मिला है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला योजना और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। भू-कानून लागू कर भू-माफिया पर अंकुश लगाया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक श्री अनिल नौटियाल, थराली विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी, रानीखेत विधायक श्री प्रमोद नैनवाल, कपकोट विधायक श्री सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी श्री ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री श्री रामचंद्र गौड़, श्री हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री गणेश शाह, श्री संदीप रावत, ब्लॉक प्रमुख गैरसैंण श्रीमती दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट सुश्री प्रियंका नेगी, पूर्व कर्णप्रयाग विधायक एवं राज्य आंदोलनकारी श्री सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री श्री अरुण मैठाणी, श्री विनोद कनवासी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपलब्धियों को सराहते हुए, भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया

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वर्ष 2047 वाले उत्तराखंड के लिए रास्ता तय करते हुए बिना इंतजार आगे बढने की अपील

केंद्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग का भरोसा दिया, 8260 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास –लोकार्पण

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, रजत जयंती पर्व के मुख्य समारोह में लिए रविवार को देहरादून पहुंचे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 8260 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास – लोकार्पण किया। उन्होने उत्तराखंड की गत 25 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए, अगले 25 वर्षो के लिए रोडमैप के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
एफआरआई परिसर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गढ़वाली – कुमांऊनी में प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, नौ नवंबर का दिन उत्तराखंड वासियों की लंबी तपस्या का फल है। ये दिन प्रत्येक उत्तराखंडवासी को गर्व का अहसास कराता है। प्रधानमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही, सभी आंदोलनकारियों को भी नमन किया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 25 साल पहले केंद्र में अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने, जिन उम्मीदों, आकांक्षाओं के बीच उत्तराखंड राज्य का निर्माण किया आज वो सभी सपने पूरे हो रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड से अपने लगाव को व्यक्त करते हुए कहा कि, जब वो अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर यहां आते थे तो पहाडों पर रहने वाले भाई -बहनों का संघर्ष और परिश्रम उन्हें प्रेरित करता था, यहां बिताए दिनों ने उन्हें उत्तराखंड की सामर्थ से परिचय कराया। इसी भरोसे के साथ उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के बाद कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का होगा। अब उनका ये भरोसा और भी दृढ़ हो गया है कि इस वक्त उत्तराखंड के उत्कर्ष का कालखंड चल रहा है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 25 साल पहले, जब नया- नया उत्तराखंड बना था तो उस वक्त कई चुनौतियां थी, राज्य के संसाधन सीमित थे, बजट भी छोटा था, आय के स्रोत भी कम थे। तब ज्यादातर जरूरतें केंद्रीय सहायता से पूरी होती थीं। लेकिन आज, तस्वीर पूरी तरह बदली हुई है। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले उत्तरखंड का बजट सिर्फ 04 हजार करोड़ रुपए था, जो आज बढ़कर एक लाख करोड़ के पार चला गया है। 25 साल में राज्य का बिजली उत्पादन, चार गुना बढ़ा, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है। राज्य गठन के समय छह महीने में चार हजार यात्री ही हवाई सेवाओं का इस्तेमाल कर पाते थे, आज यहां अकेले एक दिन में चार हजार से अधिक यात्री हवाई सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। इन 25 वर्षों में इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 10 से ज्यादा बढ़ी है। तब राज्य में एक मेडिकल कॉलेज था, जो आज 10 हो चुके हैं। 25 साल पहले राज्य का वैक्सीन कवरेज 25 प्रतिशत भी नहीं, आज हर गांव वैक्सीन कवरेज के दायरे में है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने रविवार को ही समारोह स्थल पर, कई युवाओं, उद्यमियों से बात की है, वो सभी राज्य की प्रगति को लेकर उत्साहित और आशांवित हैं। इससे साफ है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक, अपने योगदान से भारत को विकसित देश की पंक्ति शामिल करने के लिए तैयार है। उन्होंने रविवार को शुरु किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं, उत्तराखंड की विकास यात्रा को गति देने का काम करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सेब-कीवी के किसानों को अब डिजिटल करैंसी में अनुदान दे रही है। इस आधुनिक तकनीकी से आर्थिक मदद की ट्रैकिंग संभव है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का कनेक्टिवी से गहरा नाता है। राज्य में इस समय दो लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऋषिकेश – कर्णप्राग रेल परियोजना प्रगति पर है, दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेस वे तैयार हो चुका है। गौरीकुंड – केदारनाथ, गोविंदघाट- हेमकुंड साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। ये सभी परियोजनाएं उत्तराखंड में विकास को नई गति दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने गत 25 वर्षों में विकास की लंबी यात्रा तय की है, लेकिन अब राज्य को अगले 25 वर्ष का रोडमैप तय करना है। इसके लिए राज्य को जहां चाह – वहां राह के मूलमंत्र अपनाना होगा। इसलिए अपने लक्ष्यों पर चर्चा के लिए नौ नवंबर से बेहतर दिन और क्या होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अगर ठान ले तो अगले कुछ ही वर्षों में खुद को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के तौर पर स्थापित कर सकता है। यहां के पवित्र मंदिर, आश्रम, योग को ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। यहां हर विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र विकसित किए जाने की जरूरत है। इसी तरह वाइब्रेंट विलेज को छोटे- छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब पयर्टक यहां होमस्टे के घरेलू माहौल में डुबके, चुटकानी, रोट, अरसा और झंगोरा की खीर खाएंगे तो तो फिर दूसरी- तीसरी बार भी यहां आना चाहेंगे। इसलिए उत्तराखंड को अपने अंदर छुपी हुई संभावना पर फोकस करना होगा। हरेला, फुलदेई, भिंटोली जैसे त्यौहारों से पयर्टकों को जोड़े जाने की जरूरत है। इसी तरह नंदादेवी, जौलजीवी, बागेश्वर उत्तरायणी, देवीधुरा, श्रावणी और बटर फेस्टिवल जैसे जीवंत मेलों में यहां की आत्मा बसती है। इसके लिए यहां वन डिस्ट्रिक – वन फेस्टिवल के जरिए उत्तराखंड को विश्व मानचित्र पर लाया जा सकता है।

उन्होंने उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म शुरु करने के लिए उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा का सर्दियों में आने वाले पयर्टकों की संख्या बढ़ने से आर्थिकी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा आदि कैलाश में आयोजित हाई ऑल्टीट्यूट मैराथन और आदि कैलाश प्रक्रिमा रन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि तीन साल पहले तक आदि कैलाश में साल में दो हजार से कम पर्यटक आते थे, आज यह संख्या बढ़कर 30 हजार हो चुकी है। इसी तरह बाबा केदार के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी 17 लाख तक पहुंच चुकी है। उत्तराखंड में ईको टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म विकास की नई ऊंचाई छू सकता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड अब फिल्म डेस्टिनेशन बन चुका है, राज्य की नई फिल्म नीति से यहां शूटिंग आसान हो गई है। इसी तरह उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेश के रूप में विकसित हो रहा है। वेड इन इंडिया मुहिम का लाभ उठाने के लिए उत्तराखंड का आलीशान सुविधाओं के साथ कुछ डेस्टिनेशन विकसित करने होंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद वोकल फॉर लोकल मुहिम से जुड़ रहे हैं। राज्य के 15 कृषि उत्पादों को जीआई टैग मिला है। बेडू फल और ब्रदी घी को हाल के दिनों में जीआई टैग मिलना गौरव की बात है। इसी तरह हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, उत्तराखंड के उत्पादों को एक मंच पर ला रहा है। डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए उत्तराखंड के उत्पाद ग्लोबल मार्केट में जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक की विकास यात्रा में कई रुकावटें आई, लेकिन भाजपा सरकार ने मजबूत संकल्प के साथ इन बाधाओं को दूर किया।
प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने यूसीसी को गंभीरता से लागू करते हुए, दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल प्रस्तुत की है। इसी तरह राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी, दंगा नियंत्रण कानून से भी राष्ट्रहित को लेकर साहसिक नीति अपनाई है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में प्रदेशवासियों को पुन: शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य स्थापना की रजत जयंती से उत्तराखंड विकास की नई उंचाई छूते हुए, गर्व के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि, देश जब देश आजादी का 100 साल मानएगा, तब उत्तराखंड किस ऊंचाई पर होगा, हमें यह रास्ता चुनना है। इसलिए इंतजार किए बिना, हमें अपने रास्ते पर चल पड़ना होगा, भारत सरकार इस यात्रा में हमेशा उत्तराखंड सरकार के साथ खड़ी रहेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन, वंदे मातरम के संबोधन के साथ की।

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“विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के मंत्र पर चल रहा उत्तराखंड – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस रजत जयंती पर्व की बधाई देने के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करते हुए कहा कि ये हम सभी उत्तराखंडवासियों का सौभाग्य है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें यशस्वी प्रधानमंत्री जी का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रों में भी कहा गया है…”राजा धर्मस्य कारणम्”.. यानि राजा ही धर्म का कारण और रक्षक होता है, जब राजा धर्मपरायण होता है, तब राज्य में सबका कल्याण होता है। ये सूत्र वाक्य आदरणीय प्रधानमंत्री जी, के दिव्य, प्रेरणादायी और कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व का साक्षात प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी तीनों सेनाओं ने ऑपरेशन सिन्दूर में दुश्मन को कड़ा सबक सिखाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा पुष्पित – पल्लवित उत्तराखंड, वर्ष 2047 तक “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के मंत्र पर चलते हुए, एक समृद्ध और आत्मनिर्भर प्रदेश बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। साथ ही प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादाई नेतृत्व में उत्तराखंड ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, G-20 सम्मेलन की बैठकों सहित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजनों द्वारा भी बदलते उत्तराखंड की सुनहरी तस्वीर विश्व पटल पर प्रस्तुत की है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि केदारनाथ त्रासदी, सिलक्यारा टनल हादसा, जोशीमठ भूधंसाव या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रधानमंत्री जी ने संवेदनशीलता के साथ उत्तराखंड की जनता का साथ दिया है। प्रधानमंत्री जी के इसी स्नेहपूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन से उत्तराखंड कठिनाइयों से उबरकर एक नई शक्ति, नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ आज आगे आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के साथ – साथ राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, पारंपरिक पहचान और डेमोग्राफिक संतुलन को संरक्षित रखने के लिए भी कार्य कर रही है। इसी क्रम में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, मदरसा बोर्ड की समाप्ति जैसे कार्यों से उत्तराखंड एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों के साथ ही उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन करते हुए, प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देने के साथ दी।

इस मौके पर राज्यपाल ले. ज. (से.नि.) श्री गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी, राज्यसभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

पहाड़ी बोली, पहाड़ी टोपी, पीएम का हर अंदाज पहाड़ी ,रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में उत्तराखंड से गहरा कनेक्ट कर गए पीएम नरेंद्र मोदी।

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*इससे पहले अपने किसी भाषण में पीएम ने नहीं बोली इतनी अधिक गढ़वाली कुमाऊनी*

*लोक पर्वों से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र*

सिर पर पहाड़ी टोपी और भाषण में जगह-जगह गढ़वाली कुमाऊनी बोली। उत्तराखंड के रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर अंदाज पहाड़ीपन से घुला-मिला दिखा। उन्होंने गढ़वाली कुमाऊनी के कई-कई वाक्य बोले। वो भी कई बार। अक्सर प्रधानमंत्री उत्तराखंड के कार्यक्रमों में पहाड़ी बोली-भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, मगर आज के भाषण में उन्होंने जितनी गढ़वाली कुमाऊनी बोली, उतनी कभी नहीं बोली थी। ये ही वजह रही, कि उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बार और भी गहरा कनेक्ट महसूस किया।

प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत की और कहा-देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली। अपने भाषण के बीच में प्रधानमंत्री ने जब फिर से गढ़वाली में बोलना शुरू किया, तो इसने लोगों को और रोमांचित कर दिया। प्रधानमंत्री बोले-पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया।

रुद्रप्रयाग के भीरी के पास मैक्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त, वाहन में सवार 8 लोगो मे 2 की मौके पर ही मौत।

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*रुद्रप्रयाग के भीरी के पास मैक्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त, जिला प्रशासन की तत्परता से घायलों को तत्काल मिली राहत*

*दुर्घटना में दो की मृत्यु, चार घायल

रुद्रप्रयाग। सायं 06ः30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम, रुद्रप्रयाग को दूरभाष के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि भीरी के पास एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में गिर गया। वाहन में कुल 06 लोग सवार थे। सूचना प्राप्त होते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, रुद्रप्रयाग द्वारा तत्काल 108 एम्बुलेंस एवं पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना किया गया।

मौके पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह विष्ट सहित पुलिस व स्थानीय प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया। सभी घायलों को तुरंत उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन मक्कू से रुद्रप्रयाग की ओर आ रहा था। हादसे में दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जबकि चार व्यक्ति घायल हुए हैं, जिनमें से दो को अगस्त्यमुनि में प्राथमिक उपचार के उपरांत छुट्टी दे दी गई है, वहीं अन्य दो घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में जारी है।

मृतक व्यक्तियों का विवरण –

1. विकास पुत्र श्री राम, निवासी बिजनौर (उ.प्र.) – वाहन चालक

2. शिशपाल पुत्र श्री फूल सिंह, उम्र 45 वर्ष, निवासी बिजनौर (उ.प्र.)

घायल व्यक्तियों का विवरण –

1. टिप्पू पुत्र श्री जगराम सिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी बिजनौर (उ.प्र.)

2. सुनील पुत्र श्री रामकुमार, उम्र 32 वर्ष, निवासी बिजनौर (उ.प्र.)

3. जौनी कुमार पुत्र श्री ऋषिपाल सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी बिजनौर (उ.प्र.)

4. सुनील कुमार पुत्र श्री लीलापथ सिंह, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम जवलपुर

जिला प्रशासन द्वारा दुर्घटना की जानकारी प्राप्त होते ही आपदा नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित किया गया।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं मृतकों के परिजनों को शीघ्र आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 नवंबर को उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती कार्यक्रम में करेंगे शिरकत।

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₹8260 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 नवम्बर को उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती पर एफआरआई देहरादून में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। इस अवसर पर *प्रधानमंत्री एक स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे तथा समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे*

*राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के इस अवसर पर प्रधानमंत्री ₹8260 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे*। ये परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित हैं।

प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें अमृत (AMRUT) योजना के अंतर्गत देहरादून जलापूर्ति कवरेज, पिथौरागढ़ में विद्युत सबस्टेशन, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र, तथा हल्द्वानी स्टेडियम (नैनीताल) में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान प्रमुख हैं।

*इसके साथ ही प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं — सोंग बांध पेयजल परियोजना (देहरादून) और जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना (नैनीताल) का शिलान्यास करेंगे*। सोंग बांध परियोजना देहरादून को प्रतिदिन 150 एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराएगी, जबकि जमरानी परियोजना सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन में सहायक होगी।

इसके अतिरिक्त जिन अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय की स्थापना, नैनीताल में अत्याधुनिक डेयरी संयंत्र, तथा विद्युत सबस्टेशन परियोजनाएं शामिल हैं।

उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर रजत जयंती के उपलक्ष में रुद्रप्रयाग के राज्य आंदोलनकारियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित।

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जिलाधिकारी एवं विधायक रुद्रप्रयाग ने राज्य आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मानित किया*

*लोक संस्कृति और आंदोलन की झलक दिखाते सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां*

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जनपद रुद्रप्रयाग में रजत जयंती सप्ताह बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज, 8 नवम्बर 2025 को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में राज्य आंदोलनकारियों का भव्य सम्मान समारोह जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर राज्य निर्माण में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को स्वयं जिलाधिकारी प्रतीक जैन सहित पूरे जिला प्रशासन द्वारा अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ढोल-दमाऊ की पारंपरिक धुनों के साथ राज्य आंदोलनकारियों के स्वागत से हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के गायन से हुई। तत्पश्चात जिलाधिकारी एवं राज्य आंदोलनकारियों ने दीप प्रज्वलित कर राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए तीन महान आंदोलनकारियों — अशोक कैशिव, यशोधर बेंजवाल एवं राय सिंह बांगरी — के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।

जीजीआईसी अगस्त्यमुनि की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके उपरांत जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने राज्य आंदोलनकारियों एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा “हम सब आज उत्तराखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह अवसर उन सभी आंदोलनकारियों को नमन करने का है जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से यह राज्य अस्तित्व में आया। आज उत्तराखंड अपने विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है — चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन या आधारभूत संरचना का क्षेत्र हो, हर दिशा में प्रदेश प्रगति कर रहा है।”

उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद, जिसका गठन राज्य बनने से तीन वर्ष पूर्व सन् 1997 में हुआ था, बीते 25 वर्षों में विकास की नई मिसाल बना है। जनपद में वर्तमान में 634 प्राथमिक विद्यालय, 193 जूनियर हाई स्कूल, 151 माध्यमिक विद्यालय, 5 विश्वविद्यालय, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थान, तथा जिला अस्पताल सहित अनेक पीएचसी संचालित हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद बाबा केदारनाथ जी की तपोभूमि होने के कारण धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, और यह क्षेत्र राज्य की आर्थिक प्रगति में विशेष भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2025 की यात्रा में 17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। साथ ही तुंगनाथ, मद्महेश्वर व कार्तिकस्वामी की यात्राओं में भी लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। जिससे स्थानीय जनमानस की आर्थिकी में निरंतर वृद्धि हुई है। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों और नागरिकों को राज्य की रजत जयंती की शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी एवं जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने सभी राज्य आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र व फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा उत्तराखंड की लोकसंस्कृति एवं राज्य आंदोलन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिन्होंने समूचे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी मदन सिंह कोटवाल द्वारा भी अपना संस्मरण साझा किया गया।

कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी कमल सिंह जगवाण, इंद्र सिंह, मदन सिंह कोटवाल, विजय राम सेमवाल, विधायक भरत चौधरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, राज्य आंदोलनकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनमानस उपस्थित रहे।

 

बधाणीताल-भुनालगांव मोटर मार्ग निर्माण: जिलाधिकारी प्रतीक जैन के आश्वासन से जगी उम्मीदें, ग्रामीणों ने स्थगित किया अनशन।

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जिलाधिकारी ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंच कर तीन दिनों में फॉरेस्ट क्लियरेंस हेतु फाइल शासन को भेजने का दिया आश्वासन*

*शासन एवं भारत सरकार स्तर पर त्वरित कार्यवाही का भरोसा, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का जताया आभार*

बधाणीताल से भुनालगांव मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर कुछ दिनों से बांगर क्षेत्र के ग्रामीण लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे थे। ग्रामीणों के इस आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए आज जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, विधायक भरत चौधरी, प्रभागीय वनाधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि “मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा भी मुझे एवं डीएफओ को इस प्रकरण पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर पर भी यह मामला गंभीरता से लिया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि बधाणीताल से भुनालगांव तक नौ किलोमीटर लंबा मोटर मार्ग निर्माण कार्य वर्ष 2021 से विधिवत प्रक्रिया में है, जिसमें लगभग आठ किलोमीटर वन भूमि एवं एक किलोमीटर सिविल भूमि आती है। इस मार्ग के निर्माण में लगभग 1271 पेड़ (बांज, बुरांश एवं अन्य प्रजातियां) प्रभावित होंगी। एनजीटी एवं वन विभाग के नियमों के अनुसार जितने क्षेत्र में मार्ग निर्माण होगा, उतनी ही भूमि पर वृक्षारोपण भी अनिवार्य है।

इसी क्रम में वन विभाग, राजस्व विभाग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण के बाद साढ़े तीन हैक्टेयर भूमि का चयन कर लिया गया है, जिस पर वृक्षारोपण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि “कल प्रभागीय वनाधिकारी चयनित भूमि का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, जो एक औपचारिक प्रक्रिया है। इसके पश्चात तीन दिनों के भीतर मोटर मार्ग निर्माण हेतु प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि “शासन स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर एक माह के भीतर यह फाइल भारत सरकार को फॉरेस्ट क्लियरेंस हेतु भेजी जाएगी। साथ ही भारत सरकार से यह अनुरोध भी किया जाएगा कि तीन माह के भीतर फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्रदान की जाए।”

जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग की डीपीआर तैयार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, ताकि फॉरेस्ट क्लियरेंस मिलते ही निर्माण कार्य बिना किसी विलंब के शुरू किया जा सके।

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि “यह मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि इस क्षेत्र को शीघ्र सड़क मार्ग से जोड़ा जाए। मैं स्वयं इस कार्य की प्रगति पर निगरानी रखूंगा ताकि कोई विलंब न हो।”

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, अतः शासन एवं जिला प्रशासन दोनों ही स्तरों से भारत सरकार को फाइल पर शीघ्र कार्यवाही करने का आवाहन किया जाएगा।

जिलाधिकारी के आश्वासन के उपरांत ग्रामीणों ने उनका आभार व्यक्त करते हुए अपना आमरण अनशन स्थगित किया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिव लाल आर्य, केदार सिंह रावत एवं गैणू लाल ने जूस पीकर अनशन समाप्त किया।

 

राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का उद्घाटन “उत्तराखंड की पहचान है* *वीरता और समर्पण से -मुख्यमंत्री।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा कर राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान के लिये सभी का अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीरभूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।

*मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ*

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

*सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता है-मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है और आज भारत में सभी जरूरी सैन्य उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया।
सम्मेलन में जनपद नैनीताल की 31 तथा ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

*“वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण”-सैनिक कल्याण मंत्री*

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के लिए गर्व और भावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि ने देश को अनेक वीरता पदक विजेता दिए हैं, परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीर, जो सदैव हमारी प्रेरणा हैं।

उन्होंने कहा कि आज की वीर नारियों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का पंचम धाम, सैन्य धाम का शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में छात्रावास निर्माण हेतु गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास शीघ्र किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक श्री बंशीधर भगत, श्री रामसिंह कैड़ा, डॉ. मोहन बिष्ट, राज्यसभा सांसद श्री महेन्द्र भट्ट, मेयर श्री गजराज बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरम्वाल, जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री श्री नवीन वर्मा, श्री सुरेश भट्ट, श्री अनिल कपूर (डब्बू), श्री शंकर कोरंगा, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।