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Monday, March 16, 2026


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अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने जनपद के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण।

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*तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भारत सरकार की अंतरमंत्रालयीय टीम ने हवाई सर्वे कर लिया क्षति का विस्तृत जायजा*

*जिलाधिकारी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनपद में हुयी विभिन्न परिसंपत्तियों की क्षति से टीम को अवगत कराया*

*टीम ने तालजामण, उछोला, स्यूर बांगर सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्र में हो रहें भू-धसाव का किया हवाई सर्वे*

*टीम ने बड़ेथ में आपदा प्रभावित स्थानीय निवासियों से बात कर आपदा से हुयी क्षति की जानकारी ली*

*प्रभावितों के जान–माल को हुए नुकसान की समीक्षा कर सरकार को जल्द भेजेंगे रिपोर्ट

बसुकेदार ।। केंद्र सरकार द्वारा जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए गठित उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने मंगलवार को जनपद के तहसील बेसुकेदार क्षेत्र अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया।
टीम के निरीक्षण का उद्वेश्य आपदा के कारण हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना रहा।
टीम के सदस्य कल देर शाम अगस्तमुनि हेलीपेड पहुंचे जहां जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा उनका स्वागत किया गया। तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा टीम को जिला कार्यालय सभागार में जनपद में आपदा के दौरान परिसंपत्तियों को हुए नुकसान तथा जन हानि से सम्बंधित आंकड़ों की विस्तृत जानकारी दी गई।
आज प्रातः टीम द्वारा बड़ेथ तक सड़क मार्ग से आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा स्थानीय लोगों, प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से क्षति और पुननिर्माण कार्यों के आंकलन की जानकारी ली गयी।

टीम ने आपदा में प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और स्थानीय प्रभावित लोगों के साथ ग्राम बड़ेथ में बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की। स्थानीय लोगों ने टीम के समक्ष अपनी समस्याएं रखी तथा उनके निराकरण किए जाने का अनुरोध किया। आपदा प्रभावित लोगों ने उनके मकानों,फसलों और व्यवसायों सहित विभिन्न परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी दी तथा टीम से क्षेत्र में हेलीपैड निर्माण, पुनर्वास, भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने, रोजगार, पुर्नस्थापन और परिस्थिति क्षतिपूर्ति (मुआवजा) स्वास्थ्य सुविधाएं आदि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों ने आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। साथ ही, उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पुनर्वास कार्यों, प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता, राशन व चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था तथा सड़क मार्गों को शीघ्र खोलने के प्रयासों की सराहना की।
टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के साथ हवाई सर्वे कर आपदा से प्रभावित क्षेत्रों छैनागाड़,तालजमण, बगड़तोक,जौला, डुंगर भटवाड़ी, स्यूर आदि की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया, निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा बुनियादी ढाँचे की क्षति, सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों, बिजली एवं जल आपूर्ति लाइनों को हुए नुकसान के आकलन के साथ साथ कृषि, फसलों, पशुधन और स्थानीय आजीविका के अन्य साधनों को हुए नुकसान का जायज़ा लिया। टीम ने निरीक्षण के दौरान आपदा के समय की गई भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रयों की उपलब्धता जैसे राहत बचाव कार्यों की जानकारी भी ली।

अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर रहें संयुक्त सचिव भारत सरकार डॉ.आर. प्रसन्ना ने कहा कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति का आकलन करना है ताकि भारत सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों की योजना शीघ्र बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के जान–माल को हुए नुकसान की जानकारी स्थानीय प्रशासन के माध्यम से ली जा रही है। टीम द्वारा किए गए हवाई सर्वेक्षण, स्थलीय निरीक्षण एवं प्रशासन से हुई विस्तृत चर्चा से प्राप्त जानकारी को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की बहाली तथा दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
टीम प्रभावितों के मकान , आजीविका, जमीनों, फसलों आदि परिसंपत्तियों को हुए नुकसान से संबंधित रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी तथा उसके बाद राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि यह निरीक्षण आपदा प्रबंधन और प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों की प्रमुख समस्याओं के निराकरण हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी लोगो को दी उन्होंने इस क्षेत्र की प्रमुख मांग हेलीपैड निर्माण हेतु बड़ेथ के पास मिनी स्टेडियम को हेलीकॉप्टर लैंडिंग हेतु विकसित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने छैनागाड़ में गुमशुदा लोगों की तलाश करने हेतु खोज बचाव कार्यों में तेजी से कार्य करने का आश्वासन दिया, उन्होंने बताया कि मा० मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के मुआवजे की राशि को 2 लाख से बड़ा कर 05 लाख कर दिया गया है और प्रभावितों को मुआवजा देने का कार्य निरंतर गतिमान है, उन्होंने स्थानीय लोगों की मांग पर अधिकारियोंको प्रभावित क्षेत्रों में पुनः क्षति का आकलन करने तथा भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, उन्होंने तालजामण तक वैकल्पिक मार्ग बस्टी से सुचारू करने के कार्य की जानकारी दी,उन्होंने कहा कि टीम अपनी सिफारिशों की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिस पर सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीम का यह दौरा आपदा के बाद पुनर्निर्माण और जन जीवन बहाली सुनिश्चित करने तथा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों का हिस्सा है। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने मानसून काल के दौरान जनपद में हुई आपदा से क्षति तथा पुनर्वास कार्यों हेतु 1850 करोड रुपए का प्रस्ताव समिति के सम्मुख रखा है।

टीम का नेतृत्व संयुक्त सचिव भारत सरकार आर. प्रसन्ना ने किया तथा टीम के अन्य सदस्य निदेशक वित्त शैलेश कुमार,मुख्य अभियंता पंकज सिंह, उपनिदेशक विकास सचान, मोहित पूनिया प्रमुख सलाहकार (ULMMC)उपस्थित रहे।

 

छेनागाड़ आपदा: 11वें दिन भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन, लापता 8 लोगों की तलाश में जुटी टीमें।

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जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के छेनागाड गांव में 28 अगस्त की रात आई भीषण दैवीय आपदा के बाद से लापता 8 लोगों की तलाश 11वें दिन भी जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीआरडीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। राहत एवं बचाव कार्य में ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों की भी मदद ली जा रही है।
सोमवार आज के दिन भी रेस्क्यू टीमें मैनुअल सर्चिंग के साथ-साथ जेसीबी मशीनों के माध्यम से मलबे को हटाकर जमीन की गहराई तक खुदाई कर रहीं हैं, ताकि लापता लोगों का कोई सुराग मिल सके। प्रशासन ने खोजबीन को और तेज करते हुए मैन्यूली उपयोग होने वाले संसाधनों के साथ-साथ तकनीकी मदद को भी अभियान में जोड़ा है।जिससे लापता लोगो की खोजबीन की जा सके।वहीं, लोक निर्माण विभाग द्वारा आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके छेनागाड मार्ग को दोबारा सुचारु करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जब तक सभी लापता व्यक्तियों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा।

 

रुद्रप्रयाग विधुत विभाग की घोर लापरवाही आई सामने, बिना अनुबंध के विद्युत विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों से तीन माह से विधुत लाइनों पर कराया जा रहा है कार्य।

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बिना अनुबंध के विद्युत विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं मिला तीन माह से मानदेय।

 

आखिर दूसरे के घरों में रोशनी बांटने वालों के घरों में कबतक रहेगा अंधेरा।

विद्युत विभाग रुद्रप्रयाग की कार्यप्रणाली पर कुछ सवाल जो हमेशा अनुउत्तरीत ही रहते।

 

तिलवाडा ।।अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड, उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड रुद्रप्रयाग के 33/11केवी उपसंस्थान जखोली में बिना अनुबन्ध के कार्यरत 14 श्रमिकों को माह जून 2025 से माह अगस्त 2025 तक तीन माह से अभीतक वेतन न मिलने से अपने परिवार के भरण पोषण के लिए चिंचित हैं।

सबसे बड़ी मजेदार बात यह है कि न आउटसोर्स ठेकेदार ने बताया और न विद्युत विभाग ने की अनुबन्ध जून 2024 में समाप्त हो गया जिससे 14 कर्मियों को माह जुलाई 2024 का भुगतान नही हुआ क्योंकि अगला अनुबन्ध अगस्त 2024 में हुआ जिसे कार्यालय अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड, उत्तराखण्ड पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड रुद्रप्रयाग के पत्रांक संख्या 1557/वि0वि0ख0रुद्र0/दिनाँक 08/09/2025 में 33/11केवी उपसंस्थान जखोली के अंतर्गत कार्यरत ठेकेदार के माध्यम से कार्यायोजित कार्मिकों को माह जुलाई 2024 का अनुबंध उपलब्ध करवाने के सम्बंध में पत्र के माध्यम से बताया गया है कि सम्बंधित उपसंस्थान में कार्योजित अनुबन्धित कार्मिकों द्वारा माह जुलाई 2024 के वेतन भुगतान हेतु इस कार्यालय से अनुरोध किया जा रहा है।

सबसे बड़े सवाल विद्युत विभाग की कार्यशैली पर उठते हैं-

1- जबआउटसोर्स का अनुबन्ध किसी फर्म या ठेकेदार से हुआ ही नही  तो इन 14 कार्मिकों से किस आधार पर जून 2025 से आज दिनाँक तक कार्य लिया गया।

2- यदि बिना अनुबन्ध के कार्य कर रहे कार्मिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती तो जिम्मेदारी किसकी थी।

3- विद्युत विभाग यदि मना करता है कि अनुबन्ध इस अविधि का नही हुआ क्योंकि जून 2025 से आज तक भी अनुबन्ध नही हुआ है तो बिना किसी अनुबन्ध या आज्ञापत्र के इस 3 माह की अविधि का वेतन कैसे निकलेगा।

4- अनुबन्ध अविधि में भी आउटसोर्स कर्मियों के पास सुरक्षा के लिए कोई ड्रेस, जूता यहां तक कि हर समय प्रयोग होने वाला प्लास भी नही दिया जाता, क्यो बिना सुरक्षा उपायों के इन कार्मिकों की जिन्दगियों से क्यो खिलवाड़ किया जा रहा है।

नशे के खिलाफ़ जीरो टॉलरेंस – चमोली पुलिस का दमदार प्रहार, 07.11 ग्राम अवैध स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार।

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नशे के खिलाफ़ जीरो टॉलरेंस – चमोली पुलिस का दमदार प्रहार, 07.11 ग्राम अवैध स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार 07/09/2025 को चौकी गौचर प्रभारी उ0नि0 मानवेंद्र सिंह गुसाईं के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सिदोली मोटर मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की सघन चैकिंग की जा रही थी। इस दौरान एक स्कूटी संख्या UK 11B 3772 सवार युवक पुलिस की नज़र में आया। रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 07.11 ग्राम अवैध स्मैक (अनुमानित मूल्य ₹71,000/-) बरामद हुई।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान –अक्षय कुमार के रुप में की गयी है।

बरामद अवैध स्मैक के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली कर्णप्रयाग में *मु0अ0सं0–49/25, धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट* में अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियुक्त को मा० न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

छेनागाड़ में लगातार जारी है सर्च एवं रेस्क्यू अभियान, जेसीबी मशीन द्वारा मलवा एवं बड़े बोल्डरों को हटाने का कार्य जारी।

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दबी हुई दुकानों से सामग्री प्राप्त, अभी तक कोई शव बरामद नहीं*

*मुख्य स्लाइड जोनों में सड़क मार्ग को जेसीबी/पोकलैंड से किया जा रहा दुरुस्त*

*प्रभावित क्षेत्र तक सड़क मार्ग सुचारु करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी*

आपदा प्रभावित क्षेत्र छेनागाड़ में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन दलों सहित अन्य बचाव एजेंसियों द्वारा लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। दुर्गम एवं विषम परिस्थितियों के बावजूद राहत-बचाव टीमें पूरी मजबूती के साथ ग्राउंड जीरो पर तैनात हैं और लापता व्यक्तियों की तलाश हेतु अथक प्रयासरत हैं।

कल से प्रशासन द्वारा छेनागाड़ क्षेत्र में जेसीबी मशीन को सर्च अभियान में लगाया गया है। मलवे के बीच दबे हुए हिस्सों की गहन छानबीन की जा रही है। बड़े-बड़े बोल्डरों एवं चट्टानों को हटाने का कार्य लगातार जारी है, जिससे रेस्क्यू कार्य में गति आई है।

सर्च अभियान के दौरान कुछ दबी हुई दुकानों में से खुदाई कर सामग्री प्राप्त हुई है, हालांकि अभी तक कोई भी शव रिकवर नहीं हो पाया है। राहत-बचाव दल निरंतर प्रयास कर रहे हैं और लापता व्यक्तियों की खोज के लिए दिन-रात कार्यरत हैं।

साथ ही प्रभावित क्षेत्र तक सड़क मार्ग को सुचारु करने हेतु जेसीबी व पोकलैंड मशीनें लगातार कार्यरत हैं। विशेषकर मुख्य स्लाइड जोन्स में जहाँ सड़क मार्ग वॉश आउट हो गया है, वहाँ जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। सड़क मार्ग खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है ताकि अन्य मशीनरी प्रभावित क्षेत्रों तक शीघ्र पहुँच सकें और बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि – छेनागाड़ क्षेत्र में खोज, बचाव एवं राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देना है। प्रभावित क्षेत्र में जेसीबी तैनात की गई है, साथ ही सड़क मार्गों को शीघ्र सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आवश्यक मशीनरी, राहत सामग्री एवं रेस्क्यू टीमें तुरंत प्रभावित गाँवों तक पहुँच सकें। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि गुमशुदा लोगों का शीघ्र पता लगाया जाए तथा प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।”

 

नाम परिवर्तन कर हिन्दू लड़कियों को फंसाने एक और मामला आया सामने,पहचान छुपा कर किया विवाह,संगीन आरोपों में मोनीस उर्फ मनीष गिरफ्तार।

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उधमसिंह नगर- उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक महिला से धोखाधड़ी, जबरन धर्म परिवर्तन, दहेज उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोपों के चलते एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोनिस के रूप में हुई है, जिसने वैवाहिक वेबसाइट पर खुद को मनीष चौधरी के नाम से प्रस्तुत कर एक हिंदू युवती से शादी की थी।

पुलिस के अनुसार, मोनिस पुत्र इरशाद अहमद, मूल रूप से मेरठ का निवासी है और वर्तमान में दिनेशपुर क्षेत्र के जयनगर स्थित गायत्री विला में रह रहा था। उसने दिसंबर 2024 में एक वैवाहिक पोर्टल पर फर्जी पहचान के जरिए खुद को मनीष चौधरी, पुत्र अमित चौधरी बताकर विवाह किया। शादी हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई थी।शादी के बाद पीड़िता को पता चला कि उसका पति न केवल मुस्लिम है, बल्कि वह पहले से एक मुस्लिम महिला से विवाहित भी है। आरोप है कि मोनिस और उसके परिवार ने विवाह के बाद पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया और उसे जबरन मांसाहार कराने की कोशिश की।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोप है मोनिस और उसके परिजनों ने दहेज के रूप में 2 लाख रुपये नकद, एक कार और सोने के गहनों की मांग की। जब उसने इन मांगों का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और गालियां दी गईं। 21 फरवरी को आरोपी और उसके परिजनों ने उसे घर से निकाल दिया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।पुलिस की पूछताछ में मोनिस ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि वैवाहिक वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को हिंदू युवक मनीष चौधरी बताया और लड़की को धोखे में रखकर शादी की।

मामले में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दिनेशपुर थाना क्षेत्र के जयनगर स्थित गायत्री विला से मोनिस को गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (धोखेबाजी कर यौन संबंध बनाना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक रजनी गोस्वामी को सौंपी गई है

गुनाऊ गांव के मयंक वशिष्ट बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट ।

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तिलवाडा।कड़ी मेहनत व लग्न से जनपद रुद्रप्रयाग विकास अगस्त्यमुनि ग्राम गुग्नाऊं निवासी श्री गिरीश चंद्र वशिष्ठ और श्रीमती सुशीला वशिष्ठ जी के पुत्र मयंक वशिष्ठ बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट।मयंक न केवल अपने माता पिता व गांव का नाम रोशन किया बल्कि पूरे जनपद के नाम भी रोशन किया है इस प्रकार की प्रतिभाएं अन्य युवाओं के लिए भी प्रेणादायक होते है अब तक जनपद रुद्रप्रयाग 2 तीन वर्षों के अंतराल में 10 से अधिक आर्मी आफ़िशर नियुक्त हुए है।

मयंक के पिताजी भारतीय सेना से सेवानिवृत हैं और माताजी गृहणी हैं। आपकी कड़ी मेहनत और लगन ने आपके सपने को साकार किया। हमें आपकी उपलब्धि और राष्ट्र सेवा करने की इच्छा पर गर्व है। एक सैन्य अधिकारी के रूप में आपका चयन आपकी बहादुरी और देशभक्ति का प्रमाण है।

 

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने बजीरा गांव के समीप हो रहे भुस्खलन का किया निरीक्षण।

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जखोली।।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड जखोली में ममणी बजीरा जखोली मोटर मार्ग पर बजीरा गाँव के समीप हो रहे भू-धसाव का विधायक भरत सिंह चौधरी ने स्थलीय निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों क़ो मौके पर ही भू-धसाव के रोकथाम के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर ट्रीटमेंट करवाने के निर्देश दिए गए। भारी बरसात के कारण सड़क के नीचे से भू-धंसाव हो रहा है। जिससे सड़क भी बाधित है साथ ही ऊपर के परिवारों को भी उससे खतरा हो रहा है। विधायक भरत सिंह चौधरी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इसके रोकथाम के लिए स्थायी कार्य योजना तैयार कर भू-धंसाव क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार, ग्राम प्रधान विजया देवी, मंडल अध्यक्ष श्री मेहरबान सिंह रावत, निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भंडारी पूर्व प्रधान श्री धूम सिंह राणा, महावीर सिंह राणा हरीश पुंडीर, संजयपाल नेगी आदि लोग उपस्थित रहे।

भुनालगांव में भालू का हमला: दो महिलाएं घायल,तुंरत हेली के माध्यम से लाया गया अगस्तमुनि जिला अस्पताल किया जाएगा भर्ती*

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रुद्रप्रयाग ।।आज सुबह भुनालगांव क्षेत्र में रीछ ने दो महिलाओं पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में गांव की निवासी बुरांसी देवी पत्नी स्व. मदन सिंह एवं शशि देवी पत्नी कुंवर सिंह (दोनों निवासी ग्राम भुनालगांव) गंभीर रूप से घायल हो गईं।हमले के दौरान रीछ ने दोनों महिलाओं के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे भारी मात्रा में रक्तस्राव हुआ। स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत घटना की सूचना PHC बक्सीर को दी गई।सूचना मिलते ही PHC बक्सीर की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार एवं मरहम-पट्टी प्रदान की गई। शशि देवी की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।प्राथमिक उपचार के बाद दोनों महिलाओं को हेली सेवा के माध्यम से अगस्तमुनि लाया गया जहां से एम्बुलेंस के माध्यम आए दोनों महिलाओ को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भर्ती किया जा रहा है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राम प्रकाश द्वारा बताया गया कि दोनों महिलाओ को PHC बक्सीर के प्राथमिक उपचार दिया गया जिसके बाद दोनों घायल महिलाओ को हेलीकॉप्टर के माध्यम आए अगस्तमुनि लाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया है ।जहां डॉक्टरों की टीम दोनों घायलों का इलाज करेगी टीम को पहले ही अलर्ट मोड़ पर रखा गया हैं

 

उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग।

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आपदा प्रबंधन विभाग ने इस वर्ष मानसून के दौरान हुई क्षति की प्रतिपूर्ति तथा भविष्य में अवस्थापना संरचनाओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग की है।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने ने बताया कि इस वर्ष प्राकृतिक आपदा से लोक निर्माण विभाग तथा सार्वजनिक सड़कों को लगभग 1163.84 करोड़, सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों को लगभग 266.65 करोड़, ऊर्जा विभाग को 123.17 करोड़, स्वास्थ्य विभाग की परिसम्पत्तियों को लगभग 4.57 करोड़, विद्यालयी शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 68.28 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 9.04 करोड़, मत्स्य विभाग को 2.55 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग को 65.50 करोड़, शहरी विकास को 04 करोड़, पशुपालन विभाग को 23.06 तथा अन्य विभागीय परिसम्पत्तियों को 213.46 करोड़ तथा इस प्रकार सभी राजकीय विभागों को कुल लगभग 1944.15 करोड़ की सीधे तौर पर क्षति हुई है। इस प्रकार वर्ष 2025 में हुई आपदा से क्षति के लिये उत्तराखण्ड राज्य को कुल 5702.15 करोड़ की धनराशि की मांग की गई है, ताकि इस धनराशि से आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत/पुनर्प्राप्ति/पुनर्निर्माण कराया जा सके।

विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से वर्ष 2025 में 01 अप्रैल, 2025 से 31 अगस्त, 2025 के मध्य कुल 79 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, 115 लोग घायल हुए हैं तथा 90 लोग लापता हैं। कुल 3953 छोटे तथा बड़े पशुओं की मृत्यु हुई है। कुल 238 पक्के भवन ध्वस्त हुए हैं, 02 कच्चे भवन ध्वस्त हुए हैं, 2835 पक्के भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 402 कच्चे भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त बहुत बड़ी मात्रा में व्यवसायिक भवन, दुकानें/होटल/होमस्टे, रेस्टोरेंट तथा अन्य संरचनायें क्षतिग्रस्त हुई हैं।