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Tuesday, September 29, 2026
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बद्रीनाथ धाम में जमकर हुई बर्फवारी मौसम विभाग का अलर्ट हुआ सही साबित ।  

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बद्रीनाथ धाम में जमकर हुई बर्फवारी मौसम विभाग का अलर्ट हुआ सही साबित ।

बदरीनाथ धाम  /पुष्कर सिंह नेगी

बदरीनाथ धाम में मौसम का बदला मिजाज, मौसम विभाग का चमोली जनपद के उच्च हिमालय छेत्र में बर्फबारी का अलर्ट सच साबित हुआ


बदरीपुरी में हो रही बर्फबारी,बद्रीनाथ मंदिर परिसर से लेकर बस स्टैंड तक जमी बर्फ की एक से डेड इंच तक मोटी बर्फ की सफेद चादर बिछ चुकी है बद्रीनाथ धाम में,आप इन तस्वीरों में देख सकते है ये दुर्लभ नजारे,भू बैकुंठ धाम पूरी तरह बर्फ के आगोश में समाया हुआ है, चारो तरफ सफेद बर्फ ही नजर आ रही है,केसे प्रकृति ब्रह्म मुहूर्त में आसमान से सफेद बर्फ के फाहों से भगवान बदरी विशाल की नगरी को सफेद रंग में रंगती नजर आ रही है,पूरा बद्रीनाथ धाम बर्फबारी के चलते शीतलहर की चपेट में है।

भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान ।

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भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान ।

 

भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा पद्धति व दर्शन मक्कूमठ में होंगे ।

ऊखीमठ! पंच केदारो में तृतीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान हो गयी है! भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के मक्कूमठ आगमन पर श्रद्धांलुओ व ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला !

गुरूवार से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधि – विधान से शुरू होगी! भगवान तुंगनाथ की डोली के मक्कूमठ आगमन पर मेरठ के भक्तों द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया! मंगलवार को ब्रह्म बेला पर भनकुण्ड में विद्वान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये सम्पन्न कर भगवान तुंगनाथ सहित तैतीस देवी – देवताओं का आवाहन किया तथा ठीक 10 बजे प्रातः भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हुई तथा भगवान तुंगनाथ चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों पर ग्रामीणों ने पुष्प, अक्षत्रो से भव्य स्वागत तथा राकेश्वरी नदी पहुंचने पर भगवान तुंगनाथ की डोली सहित विभिन्न देवी – देवताओं के निशाणो ने गंगा स्नान किया! भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंचने पर ग्रामीणों व भक्तों द्वारा लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी तथा अनेक प्रकार की पूजा सामाग्रियो से अर्ध्य लगाकर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की! भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होने पर मठापति राम प्रसाद मैठाणी द्वारा दान की परम्पराओं का निर्वहन किया तथा विद्वान आचार्यों ने अनेक पूजाये सम्पन्न कर आरती उतारी तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल के गर्भगृह में विराजमान हुई! भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ आगमन पर मेरठ निवासी बीरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में 16 सदसस्दीय टीम द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रतिभाग किया! जानकारी देते हुए मन्दिर समिति कार्यधिकारी आर सी तिवारी ने बताया कि अगले वर्ष से भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के मक्कूमठ से कैलाश रवाना होने तथा डोली के कैलाश से मक्कूमठ आगमन पर शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ मन्दिर को भव्य रूप से सजाने की कार्य योजना मन्दिर समिति द्वारा तैयार की जा रही है! वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि मन्दिर समिति शीतकालीन गद्दी स्थलों के व्यापक प्रचार – प्रसार शुरू करने की तैयारी कर रही है जिससे शीतकालीन यात्रा में वृद्धि हो सके!

धूमधाम से मनाया गया राज्य का 22 स्थापना दिवश ।।

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धूमधाम से मनाया गया राज्य का 22 स्थापना दिवश ।।

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य की 22वें स्थापना दिवस को अगस्त्यमुनि के खेल मैदान में धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह, विधायक केदारनाथ श्रीमती शैला रानी रावत, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि श्रीमती अरुणा बेंजवाल, तिलवाड़ा श्रीमती संजू जगवाण, ब्लाॅक प्रमुख अगस्त्यमुनि विजया देवी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य स्थापना दिवस पर खेल विभाग द्वारा विभिन्न विधाओं में खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी व कार्मिकों, महिला स्वयं सहायता समूहों, व ग्राम प्रधानों को उत्कृष्ट कार्य करने पर पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा जनपद के शहीद राज्य आंदोलनकारी यशोधर बेंजवाल की पत्नी श्रीमती उमा देवी बेंजवाल व अशोक कैशिव के भाई मनोज कैशिव को शाॅल ओढ़कर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मार्च फास्ट का आयोजन किया गया।


राज्य स्थापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह ने कहा कि राज्य गठन के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हुए आंदोलनकारियों को शत-शत नमन करते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए उत्तराखंड की प्रगति एवं खुशहाली के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 22 वर्ष पूर्ण हो गए हैं जिसमें सरकार द्वारा निरंतर राज्य की प्रगति के लिए कार्य किया जा रहा है। राज्य की प्रगति के लिए महिलाओं की अहम भूमिका है।
केदारनाथ विधायक श्रीमती शैला रानी रावत ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य गठन के 22 वर्ष पूर्ण हो गए हैं इसके लिए उन्होंने राज्य के निर्माण में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले आंदोलनकारियों को शत-शत नमन करते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड गठन में शहीदों के त्याग एवं बलिदान का ही प्रतिफल है कि हम आज 22वा ंस्थापना दिवस मना रहे हैं । शहीदों के सपनों को पूर्ण करने के लिए राज्य की खुशहाली एवं प्रगति के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। इसमें मातृ शक्ति का महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मा. प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड प्रगति एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर है तथा हर वर्ग के लिए अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उत्तराखण्ड के कुमांऊ व गढ़वाल क्षेत्र में किये गए भूकम्प के झटके महसूस ।

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उत्तराखण्ड के कुमांऊ व गढ़वाल क्षेत्र में किये गए भूकम्प के झटके महसूस ।

नेपाल में भूकम्प का केंद्र ,रिक्टर पैमाने पर 5.7 बताई जा रही है भूकम्प की तीव्रता ।

राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड के आसपास के इलाके में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए।उत्तराखंड में काफी तेज थे भूकंप के झटके, रात 1:57 पर काफी तेज झटके महसूस किए गए। कुमाऊं व गढ़वाल में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। भूकंप के झटके के दौरान लोग घरों से बाहर निकल गए। हालांकि अभी किसी भी क्षेत्र से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। झटका इतना तेज था कि घरों में लगे पंखे और खिड़की के दरवाजे हिलने लगे।

नेपाल में इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई।इसके बाद नेपाल में 3:15 बजे फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। ।भारत में नई दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।इससे पहले 19 अक्टूबर को काठमांडू में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था।नेशनल सेंटर फॉर सेस्मोलोजी के मुताबिक 1.57 बजे आए इस भूकंप का केंद्र नेपाल, मणिपुर था इस भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी।गौरतलब है कि दिल्ली NCR समेत कई इलाकों में भूकंप काफी तेज था। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग देर रात घरों से बाहर निकल आए। रात 1:57 बजे के बाद फिर 3:15 बजे नेपाल में भूकंप आया। इसे 3.6 की तीव्रता पर महसूस किया गया।भारत में भूकंप के पांच जोन, सबसे खतरनाक जोन में है देश का 59 फीसदी इलाका।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को दी बधाई एवं शुभकामना

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राज्य राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को दी बधाई एवं शुभकामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल विहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से आत्मिक लगाव है, आज केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में विकास कार्य संचालित किये जा रहे हैं। हमारे चारधाम, न सिर्फ हमारी आस्था और श्रद्धा के केन्द्र हैं बल्कि हमारी आर्थिकी की बुनियाद भी है। इस वर्ष लगभग 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन के लिए आए। कोरोना काल से पूर्व की तुलना में यह संख्या 35 प्रतिशत अधिक है।
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है। इसका प्रभाव आने वाले समय में प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के रूप में दिखेगा। *प्रदेश में सड़कों के निर्माण में तेजी से कार्य हो रहा है, इसके लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का पूरा सहयोग मिल रहा है। रूद्रपुर एवं रामपुर मुरादाबाद बायपास के निर्माण से प्रदेश के कुमांऊ क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे* ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। और टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे पर केन्द्र सरकार द्वारा सहमति दी जा चुकी है। आज एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में भी हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।
*मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर को प्रदेश के सीमान्त गांव माणा में राज्य के स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा स्थलों के भ्रमण पर जितना व्यय करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत व्यय वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय करने पर व्यय करें। हमारे प्रदेश में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग पर्यटन एवं तीर्थाटन पर आते हैं। उनके द्वारा क्रय किये जाने वाले स्थानीय उत्पादों से हमारे लोगों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही देश व दुनिया में इसकी पहचान भी बनेगी। उन्होंने कहा कि रानीबाग (नैनीताल) स्थित एच.एम.टी. की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखण्ड को प्राप्त होना प्रदेश के लिये डबल इंजन सरकार की एक और बड़ी सौगात है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति मिलेगी तथा हमारे युवा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे*
उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं। इसीलिए हमने युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। भर्तियों में घोटाला करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कारवाई की जा रही है। पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं के आयोजन के लिये हमने उत्तराखण्ड अधीनस्थ आयोग से भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित किया है। वर्तमान में जारी भर्ती कैलेण्डर के अनुसार 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।
हमारी सरकार द्वारा राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन देने के लिए नई खेल नीति लाई गई है। साथ ही “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक तक के निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, संवेदनशीलता और गरीब कल्याण के मंत्र पर चल रही है। ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर जन समस्याओं की सुनवाई हो रही है। समस्याओं के त्वरित निवारण पर बल दिया जा रहा है। लोगों को योजनाओं का सही लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का निराकरण हो, इसके लिए हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के आधार पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 लांच किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है और सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। इसको ध्यान में रखते हुए देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में भी वृद्धि की गई है। हम हिम प्रहरी योजना पर भी काम कर रहे हैं। इसके अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह वाक्य कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा“। प्रधानमंत्री जी का हम पर यह विश्वास हर उत्तराखण्डवासी का सम्मान है। जहाँ इस बात से एक ओर हमें अपने राज्य पर गर्व होता है, तो दूसरी ओर बड़ी जिम्मेदारियों का भी अहसास होता है। हमारी सरकार ने राज्य को 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूलमंत्र अपनाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो का क्या सच देखिये ।

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पौड़ी के बैजरो क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जहाँ एक युवक ग्रामीणों की डर से नदी में छलांग लगाते नजर आ रहा है जिसे बचाने के प्रयास भी किये जा रहे थे, सीओ प्रेम लाल टम्टा ने वारयल वीडियो की पुष्टि की है। बताया कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुवा है जिसमे गांव की एक युवती कुछ साल पूर्व दिल्ली गई थी यहां एक युवक के साथ युवती सम्पर्क में आई और दोनों का आपसी तालमेल बढ़ गया था इसके बाद परिजन युवती को घर ले आये। वहीं जब युवक अपने दोस्त के साथ युवती को उसके गांव से भगाने के लिए पहुँचा और भगाने के जतन भी किये लेकिन आधे रास्ते मे ग्रामीणों ने युवक और उसके दोस्त को घेर दिया जिस पर युवक ने नदी में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि इस दौरान युवक की जान बच गई और पुलिस ने युवती और युवक को उनके परिजनो को सुपुर्द कर दिया है।

उत्तराखण्ड में उपनल/ सविंदा कर्मियों के हितों को लेकर मौन बैठी है सरकार ।

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उत्तराखण्ड सरकार उपनल कर्मचारियों के हक में सुनाए गए हाईकोर्ट के फैसले को क्यो दरकिनार कर रही है ।

उत्तराखण्ड सरकार साल दर साल कर्ज के बोझ तले दबती जा रही है वही न्यायलयों में भारी भरकम फीस  देने में भी गुरेज नही कर रही ।

उपनल कर्मचारियों के हक में सुनाए गए फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई में 20लाख की फीस अदा कर रही सरकार ।

उत्तराखंड में 22000 उपनल कर्मचारी इन दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा सरकार क्यों फैसले से हैरान है जो उनके हितों को चुनौती दे रहे हैं। मामला उपनल कर्मियों के नियमितीकरण और समान काम के समान वेतन से जुड़ा है, जिसके खिलाफ धामी सरकार सुप्रीम कोर्ट में लाखों खर्च कर देश के नामी वकीलों की फौज को खड़ा कर चुकी है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि खराब आर्थिक हालात बताने वाला उत्तराखंड राज्य इन दिनों कर्मचारियों के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक याचिका पर लाखों खर्च कर रहा है। स्थिति यह है कि देश के नामी वकीलों को पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इस केस में हायर किया है, जिन पर हर सुनवाई के दौरान लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह मामला उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों का है जो हाई कोर्ट में समान काम के समान वेतन मामले पर अपने पक्ष में फैसला आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में भी इसको लेकर लड़ने को मजबूर है, इसी मामले पर दूसरी कुछ पुरानी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में गतिमान रही है जिन पर उत्तराखंड सरकार पूरी ताकत के साथ इन मांगों के खिलाफ कोर्ट में लड़ रही है। उपनल कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले पुष्कर सिंह धामी ही कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर नियमावली बनाने के पक्ष में शासन से वार्ता करते रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के नामी वकीलों को हायर करने का अनुमोदन दे दिया।


आरटीआई के जरिए सामने आई जानकारी के अनुसार देश के सबसे बड़े वकीलों में शुमार मुकुल रोहतगी को भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सरकार के पक्ष को मजबूत करने के लिए हायर करने का अनुमोदन किया था। इसके अलावा कर्मचारियों के खिलाफ इसी मामले में सॉलीसीटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता और अभिषेक अत्रे जैसे देश के बड़े वकील सुप्रीम कोर्ट में लड़ रहे हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सरकार मुकुल रोहतगी को 2000000 रुपए प्रति सुनवाई पर अदा कर रही है। अक्टूबर महीने तक मुकुल रोहतगी को 2 सुनवाई के 4000000 रुपए दिए जा चुके हैं। यही नहीं उपनल कर्मियों के मामले पर अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी को 17 लाख 60 हजार का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि सरकार बेरोजगारों के प्रति तानाशाही कर रही है।।

उपनल कर्मचारियों के लिए दिक्कत यह है कि कई कर्मचारी उपनल के जरिए सरकारी विभागों में 12 -12 सालों से काम कर रहे हैं। लेकिन कोई नियमावली और नीति न होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है अब भी इतने सालों में ऐसे कर्मचारी 12000रूपये से ₹15000 महीने पर ही काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि सरकार ने हाल ही में कैबिनेट के दौरान प्रोत्साहन भत्ते देने का जो फैसला लिया इसके आदेश भी किए उस पर भी सरकार ने वित्तीय बोझ के कारण कदम नहीं बढ़ाया। उधर इस मामले को लेकर सरकार में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी कहते हैं कि कुछ याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में गई थी उस पर सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता को जिम्मेदारी दी है जो भी फैसला सुप्रीम कोर्ट देगा, उसे लागू करवाया जाएगा।

, ऐसा नहीं है कि देश में संविदा कर्मियों को पक्का ना किया गया हो, राजस्थान ने इस दिशा में बड़ी संख्या में कर्मियों को पक्का करने का काम किया है। उधर हिमाचल ने भी इसको लेकर नियमावली तैयार की है। ऐसे में बड़ी बात यह है कि सरकार कर्मचारियों को सीधे तौर पर कोई ना तो भरोसा दे पा रही है ऊपर से लाखों रुपए भी कोर्ट में खर्च किए जा रहे हैं।

महिलाओ को स्वरोजगार की और बढ़ाने में अग्रणीय भूमिका निभा रहा है आरसेटी।।

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महिलाओ को स्वरोजगार की और बढ़ाने में अग्रणीय भूमिका निभा रहा है आरसेटी।।

 

रुद्रप्रयाग / देवरियाताल ।।एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों की ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए आरसेटी द्वारा क्षेत्र में निरंतर कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की आर्थिकी और मजबूत बनाया जा सके। इस क्रम में ऊखीमठ ब्लाक के टूरिस्ट विलेज/ देवरियाताल के बेस कैंप सारी में आरसेटी रूद्रप्रयाग द्वारा ग्रामीण महिलाओंं की आजीविका को बढ़ाने के लिए जूट के कैरीबैग, मनीपर्स, लेडीज हैंड बैग, फोल्डर आदि के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण गत 01 नवंबर से शुरू किया गया है। 13 नवंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में समूह की महिलाएं बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।

मास्टर ट्रेनर किरन नेगी द्वारा महिलाओं को जूट के विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। महिलाएं सिलाई मशीन से सिलकर जूट के कैरीबैग, मनीपर्स तैयार करने लग चुकी हैं। प्रशिक्षण को लेकर महिलाएं काफी उत्साहित दिखी। इस दौरान एसबीआई ग्रामीण स्वरोजागार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक के.एस.रावत, सहायक खण्ड विकास जी.एल.आर्य, एलडीएम विवेक कुमार, सहायक निदेशक दुग्ध विकास एस.के. सिंह द्वारा कार्यक्रम में हिस्सा लेकर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया और स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी उनके साथ चर्चा की। कहा कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संबर्धन एवं अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। संस्थान के संकाय सदस्य वीरेन्द्र बर्तवाल द्वारा उद्यमिता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रशिक्षणार्थियों को दी जा रहीं है। मार्केटिंग, लक्ष्य निर्धारण, प्रवाहशाली संचार, व्यवसाय जोखिम उठाना आदि विषयों पर विस्तार से बताया जा रहा है। समूहों की 32 महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं।

पांच दिवशीय मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले का आगाज ।

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पांच दिवशीय मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले का आगाज ।

रुद्रप्रयाग ।जनपद रुद्रप्रयाग का सबसे बड़े मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले का अगस्त्यमुनि खेल मैदान में आज से शुभारंभ हो गया है ।यह मेला आज से शुरू हो कर 11नवम्बर तक चलेगा।

शरदोत्सव एवं कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले का शुभारंभ केदारनाथ विधान सभा की विधायक श्रीमती शैला रानी रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मा. विधायक द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा विकास परक योजनाओं के स्टाॅलों का शुभारंभ कर निरीक्षण भी किया गया।


मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक केदारनाथ श्रीमती शैला रानी रावत ने कहा कि मेले एवं महोत्सव हमारी संस्कृति की पहचान एवं धरोहर हैं, जिसके माध्यम से आपसी मेलजोल के साथ ही भाईचारा भी बढ़ता है वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर आम जन मानस को उपलब्ध होती हैं।

उन्होंने कहा कि मेले एवं त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान हैं इसके संरक्षण के लिए इस तरह के आयोजन किए जाने आवश्यक हैं ताकि आने वाली पीढी भी इनका अनुसरण कर आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि अगस्त्यमुनि मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि विकास मेले के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी अपने उत्पादों को इस मेले में कई महिला समूह द्वारा भी अपने स्टाॅल लगाए गए हैं जिससे उनके उत्पादों की बेहतर बिक्री होगी तथा उन्हें एक नई पहचान के साथ-साथ उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी। इसी दिशा में सरकार मेले एवं त्योहारों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा विभिन्न विभागों द्वारा सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता को उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों द्वारा अपने-अपने विभागों के स्टाॅल लगाए गए हैं जिसके माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

मेले के अवसर पर खेल विभाग द्वारा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ मा. विधायक द्वारा किया गया। पहले दिन तीनों विकास खंडों के ओपन पुरुष वर्ग में बाॅलीबाल एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गय।

अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के स्टाॅल लगाए गए जिसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वजल, वन विभाग, चिकित्सा विभाग, बाल विकास, विद्युत, सैनिक कल्याण, डेयरी, राजस्व, शिक्षा, उद्योग, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न जनपदों से आई महिला समूहों एवं विभिन्न जनपदों से आए उद्यमियों ने अपने स्टाॅल लगाए गए।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला ,EWS आरक्षण पर लगाई मुहर ।।

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला ,EWS आरक्षण पर लगाई मुहर ।।

सामान्य वर्ग के पिछड़े लोगो को 10 प्रतिशत आरक्षण रहेगा लागू ।

2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया ews का 10 प्रतिशत आरक्षण ।

केंद्र सरकार के द्वारा वर्ष 2019 में सविंधान के 103 वें संसोधन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो को सरकारी नोकरी व पढ़ाई में 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी । EWS की वैद्यता के खिलाफ 30 के लगभग याचिकाएं Ews को चुनोती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लगाई गई थी । जिसकी सुनवाई उच्चतम न्ययालय के 5 सदस्यीय सविंधान पीठ के द्वारा सुनवाई को सुना गया ।जिसकी अंतिम सुनवाई 27 अक्टूबर को पूरी हुई और अपने फैसले को सुरक्षित रखा गया ।आज 5 सदस्यीय सविंधान पीठ  जजो के द्वारा न्यायालय में फैसला सुनाते हुए  सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े  लोगो के लिये केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय की मुहर लगा दी ।सविंधान पीठ के 5 जजो में से तीन जजो ने 10 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है ।जिससे ews पर आज  न्ययालय की विधि मुहर भी लग चुकी है जो कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो के लिये अन्य वर्गों की भांति आरक्षण लागू रहेगा ।