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Wednesday, March 18, 2026


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रुद्रपयाग गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग बंद ।

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रुद्रपयाग गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग बंद ।
रुद्रप्रयाग ।जनपद में देर रात से लगातार हो रही बारिस से राष्ट्रीय राजमार्ग 109 तहसील ,नोलापानी व रामपुर गगतल के पास चटटान टूटने से अवरुद्ध हो रखी है ।दोनों छोर पर वाहनों की लम्बी लम्बी लाइन होने के कारण सैकड़ो लोग सड़कों पर फंसे है । वही कल से कोटद्वार में शुरू हुई अग्निवीर भर्ती के लिये रुद्रप्रयाग के युवा में जा रहे हैं ।जो सुबह से वाहनों व सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं ।

देहरादून में लगातार हो रही बारिस ने रायपुर में मचाई तबाही ।

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राजधानी देहरादून में भारी बारिश से तबाही देखने को मिली है। आपदा कंट्रोल रूम देहरादून में सुबह तड़के 3 बजे जानकारी मिली कि रायपुर स्थित ग्राम सर खेत में बादल फट गया है।  लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मार्ग मालदेवता पर बाधित मिला। वाहन के किसी सूरत में आगे न जाने की सूरत में टीम द्वारा बिना वक़्त गवाये तत्काल पैदल ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।
घटनास्थल पर पहुंचकर ज्ञात हुआ कि बादल फटने के कारण नदी एवं कुवा खाला में अत्यधिक पानी आने से ग्राम सरखेत में कुछ मकानों में पानी घुस आया।SDRF टीम द्वारा ग्राम सरखेत में फंसे सभी लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित कर दिया गया है । किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई है। चार-पांच किलोमीटर आगे कुछ लोग रिसॉर्ट में पनाह लिए हुए है,जिन्हें रेस्क्यू करने हेतु टीम जा रही है ।
इधर घटना की सूचना मिलने के बाद कैबिनेट मंत्रीगणेश जोशी के ने समस्त कार्यक्रम स्थगित कर घटनास्थल पर पहुँच गए हैं। चूँकि, सरखेत (मालदेवता) क्षेत्र में भारी बारिश एवं बादल फटने से अत्यधिक नुक़सान हो गया है लिहाज़ा आज पूरे दिन गणेश जोशी आपदाग्रस्त क्षेत्र में ही रहेंगे और राहत-बचाव कार्यों को मोनिटर करेंगे।

इधर शिक्षा अधिकारी देहरादून ने  समस्त प्रधानाचार्य राoइoकाo राoउoमाoवि0,राo प्राo विo,रा0 जूनियर, अशासकीय शासकीय विदयालय (जूनियर /माध्यमिक )/ निजी विदयालय / आंगनवाडी केंद्र को निर्देशित किया है की ज़िला अधिकारी देहरादून के द्वारा प्राप्त निर्देशों के क्रम में भारी वर्षा के दृष्टिगत आज दिनांक 20-08-2022 को समस्त शिक्षण संस्थान पूर्णतः बंद रहेंगे। साथ ही यदि किसी विदयालय में आज परीक्षा होनी हो तो उस स्थिति में विदयालय बंद नही रहेगा।

देवरियाताल मेले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की झांकिया रही आकर्षण का केंद्र ।

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  1. रुद्रप्रयाग -दो साल लगातार कोविड के कारण जनपद में किसी भी मेले का आगाज नही हो पाया है ।रुद्रप्रयाग में पर्यटक की दृष्टि से अनेकों ऐसे स्थान है जहां क्षेत्रीय जनता के द्वारा अपनी परम्परा व बोली भाषा व संस्कृति के अनुसार मेलो का आयोजन होता है।

विकासखण्ड उखीमठ का देवरियताल मेला मद्दमेश्वर घाटी का प्रसिद्ध मेला हुआ करता है जो कि वर्षो से क्षेत्र के लोग भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर यंहा पर

लगाते है ।देवरियताल मेले में स्थानीय लोगो के साथ देश व प्रदेश से अनेकों लोग इस पर्यटक स्थल पहुंचते हैं ।देवरियताल पर्यटन की दृष्टि से  उत्तराखण्ड में अपनी  अलग पहचान  रखता है ।इस स्थान पर पर्यटकों का साल भर आना जाना होता है । इस स्थान की प्राकृतिक छटा पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती रहती है । आज देवरियताल मेले में तीन गांवों के द्वारा श्री कृष्ण भगवान की झांकिया मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र रही है ।

ऊखीमठ की महिला मंगल दल एवं स्कूली छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक का देर शाम तक समा बांधे रखा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य पर तीस लोगों को सम्मानित भी किया गया।

देवरियाताल महोत्सव में विधायक प्रतिनिधि भाजपा जिला महामंत्री अनूप सेमवाल, मेला समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भटट, मेलाधिकारी एसडीएम जितेन्द्र वर्मा, नगर पंचायत ऊखीमठ अध्यक्ष विजय राणा, हेमा पुष्पाण ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मेले में भूतनाथ मंदिर सारी, नागराजा मंदिर गेड मनसूना एवं ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ क्षेत्र से पहुंची भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां चार किमी खड़ी चढ़ाई पार करने के बाद देवरियाताल पहुंची। श्रीकृष्ण की तीनों झांकियों के साथ विभिन्न पारंपरिक परिधानों में पहुंची महिलाओं ने मांगल गीतों एवं भजनों के साथ देवरियाताल की परिक्रमा कीएजो भक्तों के आकर्षक का केन्द्र रही।इस दौरान भक्तों के जयकारों से क्षेत्र का पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

 

देवरियाताल में आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि अनूप सेमवाल ने कहा कि यह मेला क्षेत्रीय लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। जिसके संरक्षण के लिए सभी लोगों को आगे आने की जरूरत है।

मेलाध्यक्ष चंडी प्रसाद भटट ने कहा कि दो वर्षो तक कोविड के चलते मेला स्थगित रहाएलेकिन इस मेले को भव्य रूप दिया गया।कहा कि नाग देवता के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्वार किया जाएगा प्रयास किया जाएगा।ताल की सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने की मांग की। मेलाधिकारी एसडीएम ने कहा कि संस्कृति विभाग के तहत मेले को मनाया जा रहा है।कहा कि संवेदनशील स्थान होने के कारण वन विभाग के सहयोग से देवरियाताल की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए प्लास्टिक उन्मूलन किया जा रहा है।

उत्तराखंड संस्कृति विभाग के कलाकारों के साथ.साथ महिला मंगल दल एवं युवक मंगल दल एवं स्कूली छात्रों की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इस दौरान गायक सौरभ मैठाणी ने तू रेंदी मां भजन एवं जागर गायिका रामेश्वरी भटट की जागर ने भक्तों को झूमने पर मजूबर कर दिया। जिला प्रशासन एवं वन विभाग के सहयोग से रिसाइकल कंपनी ने यात्रा मार्ग पर क्यू आर कोड से प्लास्टिक निस्तारण से प्लास्टिक कूडा एकत्रित किया।

इस अवसर पर मेला सचिव चन्द्रमोहन उखियाल व प्रकाश रावतए आचार्य कृष्णानंद नौटियालएबबलू जंगलीएजिपंस विनोद राणाएसारी प्रधान मनोरमा देवीएसंदीप पुष्पाणए जीएस भटटएव्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव भटटएमनोज नेगीएसदानंद भटट समेत कई सैकडों भकतजन उपस्थित थे।

भोले के धाम में भी धूमधाम से मनायी जा रही श्री कृष्ण जन्माष्टमी।

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करदारधाम में भक्तों व मंदिर समिति द्वारा निकाली गयी श्रीकृष्ण भगवान की रथ की झांकी ।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शोभा रथ की झांकिया केदारनाथ मंदिर परिसर से ले कर केदारनाथ गोलचौक तक निकाली ।
केदारनाथ ।ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान भोले के दरबार मे भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर केदारनाथ धाम में देश-विदेश से आये श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय तीर्थ -पुरोहित समाज और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और अन्य भक्त जनों ने भगवान बासुदेब श्रीकृष्ण की रथ यात्रा की झांकियों में शामिल हुए । रथ यात्रा मंदिर परिसर से ले कर गोलचौक तक निकली और फिर वापस मंदिर परिसर में समाप्त हुई। इस अवसर पर भगवान केदारनाथ में भगवान बासुदेव के जयकारों के साथ पूरी केदारपुरी गुंजयमान हो गयी ।ऐसा लग रहा था जैसा पूरी मथुरा नगरी केदारनाथ में विराजमान हो गयी है ।
भगवान श्रीकृष्ण की रथ यात्रा को पालकी में सजाकर सैकड़ो भक्तों के साथ झांकी निकली। इस रथ यात्रा की शोभा भगवान केदारनाथ धाम में देखने लायक थी जिनकी तस्बीरें हम अपने देश -विदेश के दर्शकों को दिखा रहे हैं। इस अवसर केदार सभा के अध्यक्ष ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सभी देश वासियों को शुभकानाएं संदेश देते खुशहाली की कामना की है।

हिमालय क्षेत्र में बसा जोशीमठ क्या इतिहास बन कर रह जायेगा ।

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हिमालय क्षेत्र में बसा जोशीमठ क्या इतिहास बन कर रह जायेगा ।

चमोली /जोशीमठ – उच्च हिमालय क्षेत्रो में लगातार हो रहे भूधसाव से कई बसावटों के ऊपर संकट खड़ा हो रहा है ।
क्या ऐसी स्थिति में उत्तराखंड का खूबसूरत शहर जोशीमठ इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगा, क्या बद्रीनाथ का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव जोशीमठ खत्म हो जाएगा? यह बात हम इसलिए कह रहे हैं। क्योंकि, बीते दिनों से इस शहर से आ रही खबरें इस बात की तरफ इशारा कर रही हैं और उसके बाद जिला प्रशासन ने शासन को जो पत्र भेजा है उसके बाद इन बातों को और बल मिलने लगा है दरअसल उत्तराखंड के चमोली जिले के खूबसूरत शहर जोशीमठ में लगातार मकान दरक रहे हैं आलम यह है कि ऐसा एक दो मकानों में नहीं बल्कि पूरे शहर में देखने के लिए मिल रहा है शासन ने एक टीम शहर का सर्वेक्षण करने के लिए भी भेजी है जिसके बाद यह साफ हो पाएगा कि आखिरकार यह क्यों हो रहा है लेकिन पहाड़ों का इतिहास देखकर यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाला समय जोशीमठ के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।

जिला प्रशासन ने लगातार जोशीमठ शहर में हो रहे भू-धंसाव को लेकर उत्तराखंड शासन को पत्र लिखा है। प्रशासन के इस पत्र पर उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए अपर सचिव आपदा प्रबंधन जितेंद्र कुमार सोनकर की अध्यक्षता में एक टेक्निकल टीम गठित की थी।

इस टेक्निकल टीम में आईआईटी रुड़की, इसरो, जीएसआई, सर्वे ऑफ इंडिया और आपदा प्रबंधन के अधिकारी टीम में शामिल हैं। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जोशीमठ में भू-धंसाव क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक और भू-तकनीकी सर्वेक्षण अगले तीन दिन तक करेगी। यह टीम 20 अगस्त को जोशीमठ में स्थलीय निरीक्षण करके वापस लौटेगी। जिस पर रिपोर्ट तैयार करके शासन को दी जाएगी।
-ये टीम अब जोशीमठ पहुंच चुकी है। जिलाधिकारी चमोली की रिपोर्ट के आधार पर जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव के बाद शासन ने एक उच्चस्तरीय टीम से वैज्ञानिक अध्ययन के लिए लिए गठित की थी। आज विभिन्न क्षेत्रों से आये सर्वेक्षण के लिए वैज्ञानिकों की टीम जोशीमठ पहुंची और सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है। टीम ने आज मारवाड़ी, विष्णुप्रयाग जाकर अलकनंदा नदी के कटाव वाले क्षेत्र को देखा, इसके बाद गांधीनगर, एटी नाला सहित आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया।

जोशीमठ में लगातार हो रहे भू-धंसाव को लेकर शासन द्वारा गठित की गई जांच के अध्यक्ष आपदा अपर सचिव जितेंद्र कुमार सोनकर को बनाया गया है जितेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि जोशीमठ में स्थलीय निरीक्षण और सर्वे का काम शुरू हो चुका है और जल्दी वह खुद भी इसलिए निरीक्षण के लिए जोशीमठ जाएंगे जिसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को पेश की जाएगी।
आपदा प्रबंधन के अपर मुख्य कार्य अधिकारी पीयूष रौतेला ने कहा हमारी टीम ने आज मारवाड़ी विष्णुप्रयाग से अलकनंदा नदी के कटाव और भू-धंसाव वाला क्षेत्र देखा है। उन्होंने कहा अलकनंदा नदी से काफी कटाव हो रहा है। नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा यहां भी काफी भू-धंसाव हो रहा है। जोशीमठ शहर में निर्माण अधिक हो रहा है। पानी की निकासी भी सही तरीके से नहीं रही है। जोशीमठ शहर के आसपास काफी दरारे भी आई है। इसके अलावा टीम के सदस्य एटी नाला सहित आसपास के क्षेत्रों में गए। अब टीम औली और सुनील गांव जाकर वहां की स्थिति का भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। अगले तीन दिन तक टीम रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी।
-दरअसल, केवल पर्यटन के दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी जोशीमठ में हो रहा भू-धसाव बेहद खतरनाक है क्योंकि जोशीमठ में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस आइटीबीपी का एक बड़ा बेस कैंप है। तो वहीं, इसके अलावा जोशीमठ शहर बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा का भी मुख्य पड़ाव भी है।

फ़िल्म फेस्टिवल के लिये लघु पाताल ती का चयन ।।

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फ़िल्म फेस्टिवल के लिये लघु पाताल ती का चयन ।।

 

भारत की ओर से इस फिल्म फेस्टिवल के लिये एक मात्र लघु फिल्म पाताल ती के चयन से फिल्म निर्माता ही नहीं बल्कि जनता में भी फिल्म की सफता को लेकर भारी उत्साह है। इससे पूर्व भी इस ने फिल्म ने बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी खूब धूम मचाई है।
जनपद रुद्रप्रयाग के युवाओं के प्रयास से सुदूरवर्ती पर्वतीय जीवन दर्शन पर बनाई गई लघु फिल्म ‘पताल ती’ दुनिया के प्रतिष्ठित मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए चयन हुआ है।
फिल्म निर्माताओं ने बताया कि मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 26 अगस्त से 2 सितंबर के बीच होने जा रहा है।
बता दें कि इससे पूर्व यह फिल्म बुसान इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (Busan International Short Film Festival) के लिए चुनी गई थी। जहां फिल्म को खूब सराहा गया व फिल्म काम्पटीशन मे चौथा स्थान प्राप्त करने में सफल रही। अब बुसान की सफलता के बाद यह फिल्म इटली के डेल्ला लेसिनिया फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई है, जो 19 से 28 अगस्त तक इटली के वेरोना शहर में होगा। उसके बाद यह फिल्म मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 30 अगस्त 2022 को दिखाई जाएगी। फिल्म निर्माताओं ने बताया कि 44वें मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के कॉम्पिटिशन में इस वर्ष फीचर फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों के लिए 40 फिल्मों का चयन हुआ है, जिसमें 12 फीचर फिल्म, 10 डॉक्यूमेंट्री फिल्म और 18 शॉर्ट फिल्मों को चुना गया है. इस वर्ष इस कॉम्पिटिशन में भारत से एक मात्र शॉर्ट फिल्म पताल-ती का चयन हुआ है।
रुद्रप्रयाग जनपदवासी फिल्म के निर्माता-निर्देशक संतोष रावत सिनोमेटोग्राफर बिट्टू रावत, एक्सिक्यूटिव प्रोड्यूसर गजेन्द्र रौतेला और उनके बेटे कैमरामैन दिव्यांशु रौतेला की अथक मेहनत से ये उत्तराखंड ही नही देश के लिये ये गौरवपूर्ण क्षण मिला है । फिल्म की सफलता के लिये जनपद रुद्रप्रयाग सहित उत्तराखंड वासी प्रार्थना कर रहे है।
फिल्म को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खिया बटोर रहे रुद्रप्रयाग के युवा फिल्म निर्माताओं ने बताया कि वर्ल्ड प्रीमियर और इटालियन प्रीमियर के बाद इस वर्ष इस कम्पिटीशन में भारत से एक मात्र हमारी फिल्म पताळ-ती का चयन हुआ है।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये दून मेडिकल कॉलेज में कैथ लेब का शिलान्यास ।

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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये दून मेडिकल कॉलेज में कैथ लेब का शिलान्यास ।

दिल के रोगियो को मिलेगी कैथ लेब से सुविधाएं।

देहरादून ।उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी गई है, एक तरफ दून मेडिकल कॉलेज में दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब का शिलान्यास हुआ है तो दूसरी तरफ इलाज को लेकर कुछ नए फैसले भी लिए गए हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण फैसले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लिए गए हैं, दून मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कैथ लैब का शिलान्यास किया है जिसके बाद राज्य में दिल के मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा हो सकेगी। आपको बता दें कि लंबे समय से राज्य में दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब की जरूरत महसूस की जा रही थी, ऐसे मरीजों के लिए सरकारी कैथ लैब ना होने के कारण लोगों को प्राइवेट अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा था जिससे लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही थी लेकिन अब गरीब परिवार से जुड़े लोगों को यही इलाज मुफ्त में मिल सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से न केवल दिल के मरीजों के लिए कुछ खास सहूलियत शुरू की गई है तो वहीं कुछ फैसले भी लिए गए हैं जिसमें अब मेडिकल विश्वविद्यालय के स्तर पर एक 6 महीने का कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिसमें लोग अपनी जीवनशैली को मेडिकली बेहतर करने के लिए इस कोर्स को कर सकेंगे। उधर दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आप अटल आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले लोगों को एक वाउचर पर हस्ताक्षर के जरिए इसकी पुष्टि करनी होगी ताकि इससे निजी अस्पतालों में अटल आयुष्मान योजना के तहत उन पर सरकारी धन खर्च होने का रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा उतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने अब फैसला लिया है कि प्रदेश में यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसका मुफ्त इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जाएगा भले ही उसके पास आयुष्मान कार्ड मौजूद हो या नहीं।

केदारनाथ यात्रा में पांच हेली सेवाओ पर जुर्माना व 3 माह उड़ान भरने पर रोक ।

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तीन हेली सेवाओं ने नही रखा था उड़ान का ब्यौरा ।

दो हेली सेवाओं ने डीजीसीए के नियमो का किया उलंघन ।

केदारनाथ – ग्यारवें जोतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम को गुप्तकाशी से सेरसी तक 10 हेली सेवाएं यात्रा सीजन में अपनी सेवाएं देते हैं ।लेकिन कई हेली कम्पनियों ऐसी भी है जो डीजीसीए के मानकों की अनदेखी करते रहते हैं ।31मई को थंबी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हेलिकॉप्टर से बहुत बड़ा हादसा होने से बचा था हेलीकॉप्टर लेंडिंग के समय जमीन से टकराकर 270 डिग्री तक घूम गया था । इन सभी घटनाओं को देखते हुए डीजीसीए ने तीन हेली कम्पनियों के द्वारा उड़ानों का ब्यौरा न रखने पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा पांच पांच लाख रुपये का अर्थ दण्ड रुपये का जुर्माना व डीजीसीए द्वारा दो हेली कम्पनियों पर नियमो की अनदेखी पर तीन माह उड़ान भरने की रोक लगा दी है ।

अग्निवीर के लिए प्रमाण पत्र बनाने को तहसील में उमड़ी युवाओं की भीड़।

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रुद्रप्रयाग-तहसील रुद्रप्रयाग में इन दिनों युवाओं को अग्निवीर भर्ती से पहले प्रमाण पत्रों के लिए अग्नि परीक्षा देनी पड़ रही है। प्रदेश में पहली बार होने जा रही अग्निवीर भर्ती के लिए इन दिनों जहां युवाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं युवाओं को जरूरी प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए तहसील के चक्कर काटने को मजबूर होने पड़ रहा है।
रुद्रप्रयाग तहसील में सुबह से ही युवाओं की खासी भीड़ देखने को मिल रही है। युवा सुबह ही जाति, स्थाई, पर्वतीय आदि प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए तहसील पहुंच रहे हैं। युवाओं के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती चरित्र प्रमाण पत्र को लेकर आ रही है। युवाओं द्वारा भर्ती के लिए प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं गढ़वाल मंडल के 7 जिलों में कुल 63360 आवेदन हुए हैं। ऐसे में युवाओं को अपने प्रमाण पत्रों के लिए और अधिक मशक्कत करनी पड़ रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया अग्निपथ योजना का शुभारंभ ।

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कोटद्वार -मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कोटद्वार के दौरे पर आज अग्नीपथ योजना का शुभारंभ एक भव्य कार्यक्रम में शुभारंभ किया है । इस अवसर पर सर्वप्रथम भारत के प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी गई| 19 अगस्त से कोटद्वार में गढ़वाल मंडल की अग्निपथ योजना में युवाओं की भर्ती प्रकिया भी शुरू होने जा रही है ।
अग्नीपथ योजना के इस भव्य आगाज के दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे, इस दौरान भारी संख्या में पूर्व सैनिक जोश खरोश के साथ अपने सैन्य ड्रेस में उपस्थित होकर अग्निवीर योजना को प्रोत्साहित करते हुए दिखे।

कार्यक्रम के दौरान शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया|
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वीर भूमि के रूप में है उन्होंने कहा कि इस अग्निपथ योजना से देश को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत अनुशासित युवा मिलेंगे। ऐसे ही युवा नए भारत की नींव रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में भर्ती होने का सपना रखने वाले उत्तराखंड के युवाओं के लिए यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।सरकार ने तय किया है कि अग्निपथ योजना के तहत सेना में सेवा देने वाले युवाओं को सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास व उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें पुलिस, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन व चारधाम यात्रा प्रबंधन सेवाओं में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। प्रदेश सरकार इसके लिए जल्द नियमावली जारी करेगी।