रुद्रप्रयाग जिले में बारिश के कारण हाइवे में जगह जगह हो रहा है भूस्खलन ।।
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिले में बारिश के कारण बद्रीनाथ हाईवे के जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। पिछले कई दिनों से जहां सिरोबगड़ में राजमार्ग बंद हो रहा था, वहीं हाईवे के कई जगहों पर भूस्खलन होने लगा है। आज दोपहर बारह बजे सम्राट होटल के पास पहाड़ी दरकने से राजमार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर गिरा है, जिसे साफ करने के लिए एनएच विभाग की मशीने जुटी हुई हैं। यहां पर राजमार्ग 4 घंटे से बंद पड़ा है, जिस कारण राजमार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हैं, जो राजमार्ग के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश के बावजूद एनएच विभाग बद्रीनाथ राजमार्ग पर कटिंग का कार्य कर रहा है, जिस कारण लोगों को घंटों जाम का सामना भी करना पड़ रहा है।
Breaking News- ऋषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग एक बार फिर हुआ बाधित ।
रुद्रप्रयाग । ऋषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग एक बार फिर हुआ बाधित । नरकोटा से एक किलो मीटर पीछे सम्राट होटल के पास चट्टान टूट कर सड़क पर आ गिरी है ।
जाम में फंसे है सैकड़ो वाहन ।
देहरादून जिले के दो बड़े अधिकारियों का हुआ तबादला।
देहरादून –देहरादून जिले के दो बड़े अधिकारियों का किया गया तबादला ।
महुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा एक्शन लिया है और दो बड़े अधिकारीयो का तबादला कर दिया है । देहरादून जिले के जिलाधिकारी , एसएसपी का तबादला कर दिया है और नये अधिकारियों के नियक्ति के आदेश भी शासन द्वारा जारी किए गए हैं ।
अपर सचिव सोनिका को देहरादून जिलाधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है । वही निवर्तमान जिलाधिकारी आर राजेश कुमार को बाध्य सूची में रखा गया है । एसएसपी जन्मेजय खंडूरी को एसएसपी से हटाकर पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी की दी गई जिम्मेदारी।
दिलीप सिंह कुंवर को बनाया गया देहरादून का एसएसपी।

जिला पंचायत अब खुद संचालित करना चाहती है केदारनाथ यात्रा की प्रीपेड व्यवस्था।
जिला पंचायत रुद्रप्रयाग को वर्ष 2013 की आपदा में परिसंम्पतियो के नुकसान अब तक नही मिला मुआवजा ।।4 करोड़ रुपये का हुआ था जिलापंचायत रुद्रप्रयाग को नुकसान ।
केदारनाथ यात्रा में गौरीकुंड से संचालित होने वाले घोड़े, खच्चर ,डंडी की प्रीपेड व्यवस्था पूर्व की भांति खुद करना चाहती है जिलापंचायत।
2013 से प्रीपेड का संचालन कर रही प्राइवेट कम्पनी ।जिला पंचायत रुद्रप्रयाग की समस्याओं को लेकर प्रभारी मंत्री व पंचायतीराज मंत्री से की मुलाकात ।
रुद्रप्रयाग जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन्त तिवारी ने देहरादून मे जिला प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा और पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात की। उन्होंने मुख्य रूप से केदारनाथ यात्रा वर्ष 2012 से पूर्व की भंाति जिला पंचायत को प्रीपेड व्यवस्था वापस सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा जिले में संचालित हो रही विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ यात्रा में प्रीपेड व्यवस्था को बाहरी राज्यो की निजी कम्पनियों को सौंपा गया है ।जबकि यह व्यवस्था वर्ष 2013 से पूर्व जिलापंचायत रुद्रप्रयाग स्वयम किया करती थी ।जिससे यात्रा से जिलापंचायत को अच्छी आमदनी प्राप्त होती थी ।लेकिन निजी कम्पनी को प्रीपेड व्यवस्था जाने से जिलापंचायत को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है ।
इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2013 की आपदा मे क्षतिग्रस्त हुई जिला पंचायत की परिसम्पतियो 4 करोड़ रुपये नुकसान आंकलन का भुगतान अभी तक नही हुआ ।जबकि आपदा ग्रस्त हुई पेयजल ,विधुत,गढ़वाल विकास निगम आदि कहि विभागों को नुकसान की भरपाई स्वयम उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया गया था ।लेकिन जिला पंचायत की 4 करोड़ नुकसान पत्रावली शासन को भेजी गयी थी। लेकिन शासन ने आज तक जिला पंचायत रूद्रप्रयाग को एक भी पैसा उन सम्पतियों का नहीं दिया है ।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में जिलापंचायत को जो भी नुकसान हुआ है इसमें उस समय के अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों जबाबदेहि बनती थी। उनकी कमी के कारण जिला पंचायत 2013 की आपदा का पैसा नहीं मिल पाया। आने वाले समय मे जिलापंचायत की आय बढ़ाने के लिये केदारनाथ यात्रा रूट पर बारिश से बचने के लिए आवश्यकतानुसार रेन सेल्टर बनाने तथा जिला पंचायत अध्यक्ष का आवास निर्माण सहित कहि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दोनों कैबिनेट मंत्रियों से वार्ता हुई ।
स्कूली छात्र जान जोखिम में डालकर कर रहे गदेरों को पार।

चमोली-उत्तराखंड के पहाड़ी हिस्सो में आफत बन कर बरस रहा है । पहाड़ो में हो रही भारी बारिश के कारण यहां जन जीवन पूरी तरह से अस्त ब्यस्त हो गया है वीडियो आप देख सकते है किस तरह से स्कूल के बच्चे और स्थानीय लोग उफनते गदेरे को पार कर रहे थोड़ी सी चूक हुई नहीं कि गदेरे में बहना का खतरा बना हुआ है दरसअल ये स्कूल के बच्चे अपने गाव घुड़साल से सैकोट स्कूल तक इस तरह से जान जोखिम में डाल कर स्कूल पहुंच रहे है l
2016 में आयी आपदा के कारण यहां बना पैदल पुल बह गया था जिसके बाद आज भी 5 वर्ष बीत जाने के बाद यहां के लोगों को निराशा ही हाथ लगी है।
नवनियुक्त जिला अधिकारी डॉ सौरभ गहरवार ने किया पदभार ग्रहण।
टिहरी – जनपद के नवनियुक्त जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार द्वारा आज जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल का पदभार ग्रहण करने के साथ ही कोषागार डबल लॉक का चार्ज ग्रहण किया गया।
2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार इससे पूर्व संयुक्त मजिस्ट्रेट तहसील गंगोलीहाट, सीडीओ पिथौरागढ़, सीडीओ हरिद्वार के पद पर रहकर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
इससे पूर्व सीडीओ टिहरी गढ़वाल मनीष कुमार, एडीएम रामजी शरण शर्मा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा सरकारी फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने की नई पहल ।
रुद्रप्रयाग – हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा प्रदेश के सरकारी व्यय पर अंकुश लगाने के लिये मुख्यसचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे । सरकारी फिजूलखर्च को कम करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं बस में सवार हो कर जनता दरबार मनसुना पहुंचे ।जिसको नई पहल कर के रूप में देखा जा रहा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की कार्यशैली जनता को काफी प्रभावित कर रही है। एक ओर जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार तो वहीं दूसरी ओर जन समस्याओं के निराकरण के लिए डीएम लगातार प्रयास कर रहे हैं। गुरुवार को डीएम मयूर दीक्षित ने ऐसी पहल शुरू की जो प्रदेशभर के लिए प्ररेणास्रोत बनी है। मनसूना में होने वाले सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में डीएम ने बस की व्यवस्था कराई और अफसरों के साथ स्वयं बस में सवार होकर मनसूना पहुंचे।
सरकारी फिलूखर्चे पर अंकुश लगाने के साथ ही बिना वजह बड़ी संख्या में सरकारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल सराहनीय है। सुबह कलक्ट्रेट से जब डीएम मनसूना कार्यक्रम के लिए प्रस्थान करने लगे तो, कलक्ट्रेट परिसर में बस देखकर सभी हैरान हो गए। पहले डीएम स्वयं बस में सवार हुए और बाद में एक एक कर सभी अफसर बस में बैठे। करीब 3 दर्जन से अधिक अफसरों के साथ डीएम मनूसना पहुंचे। इस तरह की अनोखी पहल पहली बार देखने को मिली। जिससे जनता, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में खुशी है। उन्होंने कहा कि यह जिलाधिकारी की अलग सोच है जिसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। जहां अक्सर जिले के शीर्ष अफसरों को मंहगी और आलीशान गाड़ियों में बैठने का शोक रहता है वहीं जिलाधिकारी की यह पहल समाज में अलग संदेश देगी।
सेना में भर्ती होने वाले युवाओं को अब नही करना होगा इंतजार ।।
अग्निवीर सेना भर्ती रैली 19 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक कोटद्वार में गढ़वाल के सभी जनपदों के अग्निवीरो की भर्ती होगी कोटद्वार में ।
कोटद्वार/उत्तराखण्ड के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिये अब लम्बा इंतजार नही करना पड़ेगा । कोटद्वार में 19 अगस्त से 31 अगस्त तक अग्निवीर भर्ती की जायेगी ।भर्ती में शामिल होने वाले सभी युवाओं को सेना की वेबसाइड पर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा ।
‘ जिसकी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सेना की वेबसाइट के माध्यम से शुरू हो गई है. गढ़वाल क्षेत्र के सभी जिलों के लिए भर्ती रैली 19 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक कोटद्वार में होगी…
उपजिलाधिकारी ने भर्ती प्रक्रिया में भर्ती के नाम पर होने वाली ठगी और लेनदेन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाने को कहा. उन्होंने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार कैमरों एवं खुफिया माध्यम से निगरानी करने को भी कहा. उत्तराखंड एक सैन्य बहुल प्रदेश है, जहां बडी संख्या में युवा सेना में अपना करियर तलाशते हैं।
जर्जर राजकीय प्राथमिक विद्यालय चोपड़ा दे रहा है हादसों को न्यौता ।
रुद्रप्रयाग- जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली के राजकीय प्राथमिक विद्यायल चोपड़ा (सिलगढ़ ) की स्थिति जर्जर हो रखी है । विद्यालय की चारो दीवार व लेंटर कहि जगह से फटा हुआ ।जिससे यहां पर पठन पाठन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।यहां पढ़ने वाले छात्र छात्रों को सुबह अपने कक्ष कक्षा में बैठने से पहले कमरों में भरे पानी को बाहर निकालना पड़ता है ।स्थिति ऐसी है जब बच्चे पढ़ते हैं तो उनके किताबो के ऊपर बरसात का पानी टपकता रहता है । लेकिन कार्यलयों में बैठे मठाधीशों को इन विद्यालयों की स्थिति नही दिखती है ।कि ऐसे विद्यालयों कैसे पठन पाठन होगा । सरकारे भले ही सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के दावे करती है लेकिन धरातल पर विद्यालयों की स्थिति कुछ और ही दिखती है ।चोपड़ा के जनप्रतिनिधि व अविभावक कहि बार जर्जर विद्यालय की स्थिति से अवगत करा चुके हैं ।लेकिन आज तक चोपड़ा को नया भवन नही मिल पाया है ।अविभावकों का कहना है कि गांव के विद्यालयों में उन्ही लोगो के बच्चे पढ़ रहे हैं जो गरीब है ।जिनकी आय अच्छी है वो सभी पलायन करके बाजारों व महानगरों में जा चुके हैं ।सरकारी तंत्र की लापरवाह कार्यप्रणाली से विद्यालयों में छात्र संख्या गिर रही है।और धीरे धीरे विद्यालय बन्द हो रहे हैं ।ऐसे जर्जर विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के अविभावकों एक चिंता लगी रहती है की पाल्यो के साथ कभी कोई अनहोनी न हो ।

















