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Tuesday, March 17, 2026


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आठ वर्षीय बालक को गुलदार ने मार डाला|

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बसुकेदार तहसील के बष्टा गांव की घटना से दहशत में लोग

रुद्रप्रयाग। बसुकेदार तहसील के बष्टा गांव में गुलदार ने आठ वर्षीय बच्चे को निवाला बना दिया। बताया जा रहा है कि गांव के पास ही प्राकृतिक जल स्रोत के पास गुलदार ने बालक को मार डाला। खबर मिलते ही प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। जहां शव को कब्जे लेकर पीएम की कार्रवाही की जा रही है। इधर, घटना से गांव और सम्पूर्ण क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों ने की गुलदार को नरभक्षी घोषित करते हुए शीघ्र पकड़ने की मांग

जानकारी के अनुसार जखोली विकास खंड के बष्टा गांव में बुधवार को आरुष पुत्र मनमोहन सिंह अपने भाई अभिषेक के साथ गांव के पास ही जल स्रोत में नहाने के लिए गए। गांव के करीब दो सौ मीटर दूर प्राकृतिक जलस्रोत में पहले से ही घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक आरुष पर हमला कर दिया। साथ में छोटे भाई अभिषेक ने जब अपने सामने घटना देखी तो वह बदहवाश होकर घर की ओर भागा और चिल्लाते हुए परिजनों को घटना की जानकारी दी। रोने चिल्लाने की आवाजें सुनते ही पूरा गांव घटना स्थल की ओर दौड़ पड़ा, किंतु जब तक मौके पर गुलदार से आरुष को छुड़ाया जाता तब, तक काफी देर हो गई और गुलदार के हमले में आरुष की मौत हो गई।

घटना की खबर मिलते ही प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की टीम गांव पहुंची

घटना की खबर मिलते ही प्रशासन, वन विभाग व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की। उप जिलाधिकारी परमानंद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नियमानुसार पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी। गुलदार को पकड़ने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इधर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश महामंत्री वीरेन्द्र बुटोला ने वन विभाग व प्रशासन से तत्काल नरभक्षी गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने के साथ ही ग्रामीणों का जीवन सुरक्षित करने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना से पूरे गांव में लोग दहशत में है। ऐसे में गुलदार को तत्काल पकड़ा जाए।

बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह का हुआ स्थानांतरण|

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देहरादून। करीब 10 सालों से श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी का कार्यभार संभाल रहे बीडी सिंह का शासन द्वारा स्थानांतरण कर दिया गया। हालांकि उनके स्थानांतरण को लेकर काफी समय से चर्चा की जा रही थी किंतु बीकेटीसी में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जा रहा था।

बीती रात उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सेवाएं दे रहे 33 आईएफएस अफसरों की स्थानांतरण सूची जारी की। तबादला सूची में बदरी-केदार मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह का नाम भी शामिल है। बीडी सिंह को उपनिदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क देहरादून के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। शासन द्वारा उन्हें चारधाम यात्रा समाप्ति तक बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी का कार्य देखने का भी निर्णय लिया गया।

सिंचाई विभाग की लापरवाही से सिंचित भूमि हुई बंजर ।।

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भूधंसाव से शीशों-बंदरतोली सिंचाई नहर के अस्तित्व पर खतरा
तीन सौ मीटर हिस्से में नहीं हो पा रही पानी की सप्लाई
सिंचित भूमि बंजर होने के कगार पर पहुंची
किसानों ने खेतों में बोया मंडुवा, झंगोरा ।

रुद्रप्रयाग (तिलवाडा)जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ पट्टी के शीशों, बंदरतोली, पंद्रोला गांव की 1100 नाली भूमि की सिंचाई करने वाली पांच किमी लंबी शीशों-बंदरतोली सिंचाई नहर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। मंदाकिनी नदी से हो रहे कटाव के चलते नहर का तीन सौ मीटर हिस्सा भूधंसाव में आ गया है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में काश्तकारों की सिंचित भूमि बंजर होने के कगार पर पहुंच चुकी है। जिन खेतों में इन दिनों धान की रोपाई होनी थी, वहां काश्तकारों ने मंडुवा व झंगोरा बोया है।70 के दशक में लस्तर नदी से बनाई गई शीशों-बंदरतोली नहर का निर्माण किया गया था। इस नहर से शुरूआती समय में दो सौ नाली भूमि की सिंचाई की गई। बाद में सिंचित भूमि का दायरा बढ़ता गया और बीते वर्ष 1100 नाली भूमि की सिंचाई होती रही। लेकिन इस बार, भूधंसाव के चलते सिंचाई नहर कई माह से 300 मीटर जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिस कारण खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पॉलीथिन लगाकर जैसे-तैसे पानी को खेतों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन यह नाकाफी हो रहा है, जिस कारण खेत बंजर होने के कगार पर पहुंच गए हैं। विभाग को कई बार अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा व ग्राम प्रधान सुरवीर खत्री का कहना है कि

क्षेत्रीय क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, पूर्व ग्राम प्रधान एवं सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश बहुगुणा, ग्राम प्रधान शिंशो सुरबीर खत्री का कहना है कि 2013 की आपदा में मन्दाकिनी नदी के कटाव से सूर्यप्रयाग कंडाली मुसाडुंग मोटर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया था जिस कारण कई दिनों तक यातायात बाधित रहा और तब आज तक नहर ठीक नही हो पाई जबकि सिंचाई मंत्री महाराज जी व जिला प्रसाशन से कई बार मांग की गई है । उनका कहना था कि बिना पाइप के इस नहर को नही चलाया जा सकता है ।

कौडियाला के पास कार दुर्घटनाग्रस्त ।

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ऋषिकेश– मेरठ से  केदारनाथ के दर्शन करने जा रहे तीर्थयात्रियों की कार कौडियाला में दुर्घटना ग्रस्त हो कर नदी में समा गयी ।घटना आज सुबह की बतायी जा रही है ।सूचना मिलते पुलिस व
SDRF की टीम मौके पर पहुंची और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आज सुबह एसडीआरएफ को पुलिस चौकी ब्यासी से सूचना मिली कि कौड़ियाला के पास एक गाड़ी गिर गयी है। सूचना पर SDRF पोस्ट बयासी से रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंच कर रेस्क्यू टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अत्यधिक विषम परिस्थतियों में रोप की सहायता से खाई में उतर कर नदी के किनारे तक पहुँच बनाते सर्चिंग कि गई ,जिस दौरान टीम को नदी किनारे गाड़ी की नम्बर प्लेट,कैरी बैग,मोबाइल व आधार कार्ड मिले जिससे ये अनुमान लगाया कि गाड़ी नदी में गिर गयी है। नदी का जलस्तर बढ़ा होने व बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण पोस्ट ढ़ालवाला से डीप डाविंग टीम को भी मौके पर बुलाया गया। उक्त दोनों टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। प्राप्त आधार कार्ड पर पंकज शर्मा नाम अंकित है। पंकज शर्मा के परिजनों से संपर्क करने पर कार में चार लोग सवार होने की बात कही गयी ।जो मेरठ से केदारनाथ दर्शन करने के जा रहे थे ।परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में निम्न लोग सवार होने बताए जा रहे हैं ।
1. पंकज शर्मा पुत्र ओम प्रकाश शर्मा निवासी शास्त्री नगर मेरठ उम्र 52 वर्ष
2. गुलवीर जैन पुत्र दर्शन लाल जैन निवासी शास्त्री नगर मेरठ उम्र 40 वर्ष
3. नितिन पुत्र राजेश निवासी शास्त्री नगर मेरठ उम्र 25 वर्ष व
4. हर्ष गुर्जर पुत्र संजय निवासी काजीपुर मेरठ उम्र 19 वर्ष
उक्त अल्टो कार से केदारनाथ दर्शन के लिए गए थे जो आज वापस आ रहे थे। सभी के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मौके पर एसडीआरएफ की दोनों टीम, स्थानीय पुलिस, जल पुलिस द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है।


बद्रीनाथ नेशनल हाइवे पुरसाडी में क्षतिग्रस्त ।

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चमोली– उत्तराखंड मे मानसून के दस्तक देने से चमोली जिले में कही जगह बारिश ने तबाही मचायी हुई है । जिले में कई जगह भूस्खलन होने की खबरें हैं, आ रही है ।बद्रीनाथ राषटीय राजमार्ग पुरसाडी में 50मीटर सड़क का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है जिससे आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो रखी है । इसके के अलावा भारी बरसात की वजह से कर्णप्रयाग सुभाष नगर पैदल मार्ग पर मलवा आने से बंद हो गया है, जबकि कर्णप्रयाग बदरीनाथ नेशनल हाईवे उमट्ठाधार के पास पहाड़ी से मलबा आने से दो पोकलैंड मशीन दबी हैं, जबकि आईटीआई में कहि भवनों में बरसात का पानी घुसा है और जगह जगह रास्ते में लोग फंसे बताए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा जगह जगह पुलिस के जवान तैनात कर रखे है। जिले में किन किन स्थानों पर बरसात के कारण नुकसान हुआ है।इसके लिये आपदा प्रबन्धन विभाग की टीम जानकारी लेने में जुटी है।

केदारनाथ धाम में स्थापित हुआ ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम|

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केदारनाथ धाम में ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम हुआ स्थापित
जल्द ही मोबाइल पर मिलेगी मौसम की जानकारी
आईआईटी कानपुर से लिया गया सहयोग

रुद्रप्रयाग- अब, केदारनाथ में मौसम की पलपल की जानकारी मिलने लगी है। मंदिर के पीछे मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखला की तलहटी पर ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम (एडब्लसूएस) को स्थापित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों से केदारनाथ में ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम स्थापित किया गया है। उन्होंने आईआईटी कानपुर के प्रो. इंद्रसेन से निरंतर संपर्क कर इस वेदर सिस्टम को स्थापित कराया है। बीते दो दिन से केदारनाथ में तापमान, बारिश की संभावना, आद्रता की जानकारी मिल रही है। अभी मौके पर जाकर मौसम से जुड़े सभी डेटा की रीडिग़ ली जा रही है। लेकिन एक सप्ताह के भीतर केदारपुरी क्षेत्र में मौजूद लोगों के पास केदारनाथ मौसम का पलपल की जानकारी मोबाइल पर भी मिलने लगेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि केदारनाथ में ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम स्थापित होने से वहां के मौसम के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान मिलने से जरूरी व्यवस्थाएं करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही बरसाती सीजन व अन्य मौकों पर केदारनाथ यात्रा के संचालन को लेकर पहले से ही निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके अलावा चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और हेलीकॉप्टर संचालन में भी मदद मिलेगी।

आपदा प्रभावितों ने सरकार से की शीघ्र विस्थापन की मांग ।।

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चमोली। पुष्कर सिंह नेगी

चमोली जिले की उर्गम घाटी के तल्ला बडगिंडा तोक के आपदा प्रभावितों ने सरकार से गुहार लगाई है कि 44 आपदा प्रभावित परिवारों का शीघ्र विस्थापन किया जाय । ग्रामीण दो साल से गांव के पास के ही विश्वकर्मा मंदिर में शरण लिये हुए है। सोमवार को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर 21 जुलाई तक विस्थापन की मांग की है कहा शीघ्र विस्थापन की कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण विश्वकर्मा मंदिर परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
उर्गम के जिला पंचायत सदस्य सूरज कुमार शैलानी, ग्राम प्रधान मिंकल देवी का कहना है कि 2013 की आपदा में उर्गम घाटी के तल्ला बडगिंडा तोक के नीचले भाग में भूस्खलन होना शुरू हो गया था। जिससे यहां निवास कर रहे 44 परिवारों को यहां से विस्थापित किये जाने की बात की जा रही थी, लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी अभी तक विस्थापन की कार्रवाई पूरी नहीं हो पायी है। उनका कहना है कि गांव के नीचे से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण अब यहां के परिवारों ने गांव को छोड़कर दो साल से नजदीक के ही विश्वकर्मा मंदिर में अपना आशियाना बनाया है। जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन से मांग कर रहे है कि शीघ्र ही ग्रामीणों को विस्थापित किया जाए अन्यथा आपदा प्रभावितों को मजबूरन विश्वकर्मा मंदिर परिसर में ही धरना देने को विवश होना पडेगा। यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं मानता है तो आमरण अनशन भी शुरू किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर डॉक्टर पर कार्यवाही ।।

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चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के कड़े निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाह नर्सिंग अधिकारी एवं चिकित्साधिकारी निलम्बित कर दी है। राजकीय महिला चिकित्सालय हल्द्वानी में गर्भवती महिला का अस्पताल गेट के बाहर प्रसव होने की घटना पर स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। जिस पर विभाग ने निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , कुमाऊं मंडल की अध्यक्षता में विशेषज्ञ चिकित्सकों की चार सदस्यीय समिति गठित की। विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने तत्काल प्रभाव से नर्सिंग अधिकारी दीप्ति रानी का निलंबन कर दिया जबकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ0 दिशा बिष्ट के निलंबन की संस्तुति शासन को की गई है। प्रकरण में नागरिक चिकित्सालय खटीमा के सीएमएस को भी तलब कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।