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Tuesday, March 17, 2026


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टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन पर केंद्र ने मांगी राज्य की सहमति।

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राज्य की सहमति के बाद जल्द शुरु होगा रेललाइन पर काम*

टनकपुर – बागेश्वर रेललाइन पर जल्द काम शुरु हो सकता है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना पर काम शुरु करने के लिए राज्य सरकार से औपचारिक तौर पर सहमति देने को कहा है। राज्य सरकार जल्द इस दिशा में अधिकारिक पत्र केंद्र सरकार को भेजने जा रही है।

प्रस्तावित टनकपुर- बागेश्वर रेललाइन को कुमांउ क्षेत्र में रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में गेम चेंजर प्रोजेक्ट के रूप में देखा रहा है। करीब 170 किमी लंबी इस परियोजना के लिए फाइनल सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब अगले चरण में परियोजना पर राज्य सरकार से विचार विमर्श होना है।काम शुरु करने से पहले केंद्र सरकार ने राज्य से औपचारिक सहमति प्रदान करने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को इस दिशा में शीघ्र औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह टनकपुर – बागेश्वर रेललाइन का धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो रहा है।

कर्णप्रयाग रेल लाइन 2026 तक तैयार होगी
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में रेल नेटवर्क विकसित करने पर तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेललाइन पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, सामरिक महत्व की इस परियोजना का काम 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी तरह टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन बन जाने के बाद, कर्णप्रयाग – बागेश्वर जैसे दो पर्वतीय शहरों को रेल नेटवर्क से जोड़कर, गढ़वाल- कुमांऊ के बीच रेल सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। साथ ही प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून – सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर भी तैयार कर रही है। 81 किमी लंबी देहरादून –सहारनपुर शाकुंभरी देवी मंदिर के रास्ते से होकर गुजरेगी। यह रेललाइन सहारनपुर से देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन तक बिछेगी। इसमें 11 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है

*बागेश्वर – टनकपुर रेललाइन पर काम शुरु करने के लिए समस्त औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही है। इसी तरह ऋषिकेश – उत्तरकाशी और देहरादून – सहारनपुर रेलवे लाइनों की भी फाइनल डीपीआर तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने में पूरा सहयोग प्रदान कर रही है।*

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कल कई जनपदों में स्कूल रहेंगे बंद।

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उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कल कई जनपदों में स्कूल रहेंगे बंद

कल भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट

देहरादून टिहरी हरिद्वार चम्पावत  बागेश्वर ,नैनीताल ,पौड़ी ऊधम सिंह नगर में स्कूल बंद रहेंगे Dist Nainital 5 Aug.School Closing Order

उत्तराखंड में फिर हुए IAS अधिकारियों का ट्रांसफर,शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले की सूची की जारी।

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शासन ने 4 IAS और दो पीसीएस समेत 11 अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल किया है,सचिवालय सेवा में तैनात पांच अधिकारियों के भी दायित्वों में किया फेर बदल।

उत्तराखंड शासन ने एक बार फिर अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। हाल ही में चार आईएएस अधिकारियों की सूची जारी की थी, इसके बाद अब 11 अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है, जबकि आने वाले दिनों में कुछ और तबादला सूची जारी होने की उम्मीद है।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के साथ ही फिर से तबादलों की सूची जारी होने लगी है. राज्य में 2 दिन पहले ही शासन ने 4 IAS अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया था. अब शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले की सूची जारी कर दी है।

प्रदेश में चार आईएएस अधिकारियों के अलावा दो पीसीएस और पांच सचिवालय सेवा के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। साल 2010 बैच के IAS अधिकारी अहमद इकबाल और रंजन राजगुरु का नाम भी सूची में शामिल किया गया है. आईएएस अधिकारी अहमद इकबाल को मौजूदा जिम्मेदारी के साथ ही अपर सचिव आवास, मुख्य कार्यपालक अधिकारी भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण देहरादून की जिम्मेदारी मिली है. इसी तरह रंजन राजगुरु से अपर सचिव बाल विकास महिला कल्याण और निदेशक ICDS के साथ निदेशक महिला कल्याण की जिम्मेदारी वापस ली गई है।

साल 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अनुराधा पाल को अपर सचिव आबकारी विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले अनुराधा पाल पहले आयुक्त आबकारी की जिम्मेदारी देख रही है. साथी दूसरे तमाम विभागों की भी उनके पास जिम्मेदारी मौजूद है।

2016 बैच के ही नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले वह अपर सचिव नियोजन और अपर सचिव मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं. पीसीएस अधिकारी बीएल राणा से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की जिम्मेदारी वापस लेते हुए उन्हें निदेशक ICDS, और निदेशक महिला कल्याण की जिम्मेदारी की गई है।

पीसीएस अधिकारी नरेंद्र सिंह को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय का कुल सचिव बनाया गया है. इससे पहले वह अपर आयुक्त आबकारी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। सचिवालय सेवा के लक्ष्मण सिंह को अपर सचिव बाल विकास विभाग और महिला कल्याण की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

सचिवालय सेवा के कविंद्र सिंह को अपर सचिव संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी मिली है. इसी तरह सचिवालय सेवा के संतोष बडोनी को अपर सचिव शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। लाल सिंह नागरकोठी को बाध्य प्रतीक्षा से वापस जिम्मेदारी में लाते हुए अपर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग और जनगणना की जिम्मेदारी दी गई है। सचिवालय सेवा के महावीर सिंह को सचिव सेवा का अधिकार आयोग की जिम्मेदारी मिली है।

शासन ने चार आईएएस (IAS) अधिकारियों के किये स्थानान्तरण,तैनाती आदेश जारी।

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उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

तबादले के तहत दीपक रामचन्द्र सेट (IAS-2022) को संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी से हटाकर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की बनाया गया है। वहीं राहुल आनन्द (IAS-2022) को रानीखेत से स्थानांतरित कर देहरादून भेजा गया है।

बाध्य प्रतीक्षा में चल रहीं दो अधिकारी सुश्री गौरी प्रभात (IAS-2022) और सुश्री दीक्षिता जोशी (IAS-2022) को भी नई तैनाती दी गई है। गौरी प्रभात को रानीखेत और दीक्षिता जोशी को पौड़ी का संयुक्त मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

 

निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों का पारिश्रमिक दोगुना किया, BLO पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में वृद्धि।

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*निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों का पारिश्रमिक दोगुना किया, BLO पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में वृद्धि*

*आयोग ने EROs और AEROs को मानदेय देने का भी फैसला किया*

*उत्तराखण्ड में लगभग 13 हज़ार बीएलओ, 70 ईआरओ कार्यरत*

*SSR/SR के लिए बीएलओ को दी जाएगी ₹2000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप मे भुगतान की जाएगी।*

देहरादून/ दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कार्मिकों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को दिए जाने वाले वार्षिक पारिश्रमिक को ₹6000 से बढ़ाकर ₹12000 कर दिया है। साथ ही, BLO पर्यवेक्षकों को दी जाने वाली राशि ₹12000 से बढ़ाकर ₹18000 प्रति वर्ष कर दी गई है।

आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य हेतु BLO को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि भी ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 कर दी है। इसके अलावा, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) के रूप में कार्य कर रहे उपजिला मजिस्ट्रेटों (SDMs) को अब ₹30000 वार्षिक मानदेय दिया जाएगा, जबकि सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AEROs) के रूप में कार्यरत तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को ₹25000 वार्षिक दिए जाएंगे। यह पहली बार है जब EROs और AEROs के लिए मानदेय निर्धारित किया गया है।

इससे पहले, आयोग ने बिहार से प्रारंभ होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए BLOs को ₹6000 की अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन राशि देने की मंजूरी भी दी थी।

यह निर्णय निर्वाचन आयोग की उन चुनाव कार्मिकों को पर्याप्त मुआवजा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सटीक मतदाता सूची बनाये रखने, मतदाताओं की सहायता करने और चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र स्तर पर अथक परिश्रम करते हैं।

उत्तराखंड में वर्तमान में लगभग 13000 BLO कार्यरत हैं। वहीं, ERO के रूप में लगभग 70 उपजिला मजिस्ट्रेट नियुक्त हैं, जो मतदाता सूची की तैयारी और निर्वाचन प्रक्रिया को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त।

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रुद्रप्रयाग।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के ग्राम बनोली, विकासखंड सेवापुरी से “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान)” की 20वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा देश के 9 करोड़ 70 लाख किसानों को कुल 20,500 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत रुद्रप्रयाग जनपद में भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री के लाइव प्रसारण को देखा गया। जनपद स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने की। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी, नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि, और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

*विकास भवन से लेकर गांवों तक दिखा उत्साह*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को जनपद के तीनों विकासखंडों की सभी ग्राम पंचायतों में भी लाइव प्रसारण के माध्यम से देखा गया। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, रेशम विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, लाभार्थी गोष्ठियाँ एवं स्टालों की व्यवस्था भी की गई।कृषकों ने पीएम किसान योजना के माध्यम से समय-समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता को एक बड़ी राहत बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। किसानों का कहना है कि यह योजना खेती के लिए समय पर बीज, खाद और अन्य संसाधनों की व्यवस्था में सहायक सिद्ध हो रही है।

*कृषि आधारित समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना ने देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनके समग्र कल्याण की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे इस योजना का समयबद्ध सत्यापन कराते हुए निरंतर लाभ उठाते रहें।

इस अवसर पर कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, मत्स्य निरीक्षक गणेश अग्रवाल, रेशम विभाग के प्रभारी पंकज नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने ग्रामीण स्तर पर योजना के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ योजना से वंचित किसानों के पंजीकरण और सत्यापन की भी व्यवस्था की।

 

अस्थाई तौर पर रुकी हुई केदारनाथ धाम यात्रा आज हुई सुचारु।

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सोनप्रयाग व गौरीकुण्ड के मध्य बाधित चल रहे मार्ग को पैदल आवागमन के लिए किया गया सुचारु।*

*सड़क मार्ग के सुचारु होने तक अतिरिक्त 6 कि.मी. सहित कुल 22 कि.मी. की पैदल यात्रा करनी होगी श्रद्धालुओं को।*

सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड के मध्य सड़क मार्ग बाधित होने के कारण विगत कुछ दिवसों से अस्थाई तौर पर केदारनाथ की यात्रा रुकी हुई थी केवल वापस आ रहे यात्रियों को सुरक्षा बलों की मदद से वैकल्पिक पैदल मार्ग से वापस लाया जा रहा था। आज मुख्य सड़क मार्ग जो कि कुछ हद तक पैदल चलने लायक हो चुका है पर आवागमन हेतु सुचारु होने पर सोनप्रयाग से यात्रियों के ग्रुप को गौरीकुण्ड होते हुए केदारनाथ के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त हुए स्थल पर वाहनों के आवागमन शुरू होने तक श्रद्धालुओं को तकरीबन 22 कि.मी. पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा करनी होगी। बारिश होने की दशा में यहां पर यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवागमन को अस्थाई तौर पर रोका जाएगा। साथ ही यात्रियों से अपील की है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही अपना यात्रा करें। सम्बन्धित कार्यदाई संस्था लो.नि.वि. के स्तर से निरन्तर मार्ग को चौड़ीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

 

त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना आज , सुबह आठ बजे से होगी मतगणना

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त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना आज ,

सुबह आठ बजे से होगी मतगणना

राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जारी होंगे नतीजे

32,580 प्रत्याशियों की मतगणना के बाद खुलेगी किस्मत,

मतगणना को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां पूरी

मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद

मतगणना में 15024 से अधिक कर्मचारियों की लगी ड्यूटी

8926 से अधिक सुरक्षाकर्मी मतगणना के दौरान रहेंगे उपस्थित

चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की धड़कने तेज

12 जिलों में कुल 69.16 फीसदी हुआ मतदान

बारिश के बाद भी मतदाताओं ने बढ़ चढ़ कर किया था मतदान,

मौसम विभाग ने 2 अगस्त तक जारी किया अलर्ट, आम जनता को सतर्क रहने की सलाह।

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उत्तराखंड में मानसून की बरसात का दौर जारी है और प्रदेशवासियों को अभी राहत मिलने के आसार कम ही हैं। मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज भी राज्य के चार पहाड़ी जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि बाकी नौ जिलों में तेज से अति तेज बारिश के साथ गर्जन और बिजली चमकने का अलर्ट जारी है।

मौसम विभाग के अनुसार, गढ़वाल मंडल के देहरादून जिले और कुमाऊं मंडल के नैनीताल, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। शेष जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आगामी तीन दिनों तक,यानी 2 अगस्त तक, प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 31 जुलाई को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों में भी गर्जन और बिजली के साथ तेज बारिश का दौर रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

अगस्त की शुरुआत भी बारिश के साथ ही होगी।

1 अगस्त को पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। बाकी जिलों में तेज बारिश के साथ गर्जन-चमक का दौर जारी रहेगा।

2 अगस्त को भी देहरादून, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। अन्य जिलों में बारिश के तीव्र दौर और गर्जन-चमक की संभावना बनी रहेगी।

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग बाधित, अगले 3 दिनों के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्र।

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उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुण्ड से सोनप्रयाग की तरफ करीब 1.5 किलोमीटर दूरी पर पहाड़ी से सड़क पर बोल्डर्स, मलबा पत्थर आने से मार्ग पूरी तरह से आवागमन के लिए बाधित हो गया है। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने बताया कि मुनकटिया और गौरीकुण्ड के मध्य सड़क मार्ग का करीबन 50 से 70 मीटर हिस्सा पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त है। इस सड़क मार्ग का वैकल्पिक पैदल मार्ग भी टूटा हुआ है। यहां पर मार्ग के सुचारु होने में दो से तीन दिन लगेंगे। उन्होंने केदारनाथ धाम यात्रा पर आ रहे यात्रियों से अपील की है कि वे इन दो-तीन दिनों में किसी अन्य धार्मिक स्थल की यात्रा पूर्ण करें। मार्ग के खुलने की जानकारी दे दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि गौरीकुण्ड की तरफ फंसे यात्रियों को निकाले जाने की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए जंगलों में पैदल मार्ग की सम्भावना को तलाशने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमेें प्रयासरत हैं। वैकल्पिक मार्ग का चयन करते हुए गौरीकुण्ड की ओर फंसे यात्रियों को सुरक्षित सोनप्रयाग की ओर लाया जायेगा।