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Tuesday, March 17, 2026


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उत्तराखंड में रोजगार के लिए मारामारी,बीटेक-बीएड-पीएचडी डिग्री धारक बनीं आंगनबाड़ी सहायिका।

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हल्द्वानी- उत्तराखंड में बेरोजगारी की स्थिति क्या है,इसका अंदाजा आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिका का नियुक्ति पत्र पाने वालों युवाओं को देख कर लगाया जा सकता है। हल्द्वानी में आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिका के नियुक्ति पत्र वितरण किए गए. जहां आंगनबाड़ी सहायिका और वर्कर का नियुक्त पाने वालों में बीएड, बीटेक, मास्टर डिग्री और पीएचडी धारक भी शामिल हैं,जिन्हें बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नियुक्ति पत्र दिया।हल्द्वानी के ब्लॉक कार्यालय में नैनीताल जिले के करीब 300 आंगनबाड़ी सहायिका और वर्करों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया. जहां बतौर मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने पहुंचकर अपने हाथों से नव नियुक्त सभी आंगनबाड़ी सहायिका और वर्करों को नियुक्ति सौंपा। नियुक्ति पाने वालों में कई लोग ऐसे थे जिन्होंने बड़ी-बड़ी डिग्रियां की हुई थी। जिन्होंने महज 8 हजार रुपए प्रतिमाह के मानदेय वाले इस पद के लिए अपनी एमए-बीटेक तक की डिग्री कुर्बान कर दी।

उमा कोरंग, नवनियुक्त आंगनबाड़ी सहायिका
ने कहा कि मैंने बॉटनी से एमएससी की है। अब मैं आंगनबाड़ी सहायिका बनी हूं. सहायिका बनने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

पूनम आर्या, नवनियुक्त आंगनबाड़ी सहायिका ने कहा कि,मैंने कंप्यूटर साइंस से एमएससी की है. सेवाभाव के मकसद से आंगनबाड़ी में कार्य करने के लिए आवेदन किया था। अब मुझे नियुक्ति पत्र मिला है और नियुक्ति पत्र पाकर मुझे काफी खुशी मिल रही है।

बता दें कि बाल विकास विभाग ने इसके लिए न्यूनतम अर्हता मात्र इंटरमीडिएट यानी 12वीं पास रखा था, लेकिन आवेदकों की शैक्षिक योग्यता चौंकाने वाली है. आवेदकों में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, बीटेक, बीए, एमएससी पीएचडी उपाधि वालों ने आवेदन किया था. जहां उनके योग्यता और विभागीय आवश्यकता के अनुसार पद की नियुक्ति पत्र दी गई है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि डिजिटल के दौर में अब आंगनबाड़ी केंद्र को भी डिजिटल किया जा रहा है। आंगनबाड़ी नियुक्ति में बड़ी संख्या में बीएससी, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी महिलाएं पहली बार इस क्षेत्र में आई हैं. ऐसे में अब उनको आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बच्चों का सेवा करने का मौका मिलेगा।

धामी कैबिनेट बैठक हुई खत्म ,बैठक में कुल 3 प्रस्तावों पर लगी मुहर।

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कैबिनेट बैठक हुई खत्म

बैठक में कुल 3 प्रस्तावों पर लगी मुहर

डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

सहकारिता विभाग में उपनिबंधक ऑडिट लेवल 11 का पद चर्चित किया गया है, अब से ऑडिट किया जाएगा, जिला स्तर पर ब्लॉक स्तर पर ऑडिट करेंगे

पर्यटन विभाग में बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत आईएसबीटी में दीवारों पर बद्रीनाथ धाम से संबंधित चित्र यानी मुनिर्यल वर्क किया जाएगा

पशुपालन विभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गए दी जाती थी 90% सब्सिडी के साथ, डेयरी विभाग में गंगा राज योजना अब दोनों योजनाओं को आपस में मर्ज करने पर सहमति बनी है, लेकिन सब्सिडी मिलने का प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।

पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी के 429 पद रिक्त है भर्ती प्रक्रिया प्रशिक्षण की अवधि 2 वर्ष है, प्रशिक्षण की अवधि को घटकर 1 साल किया गया

केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी गधेरे के पास पहाड़ी से मलवा आने से दो लोगो की मौत और तीन अन्य घायल।

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*केदारनाथ धाम यात्रा पैदल मार्ग अपडेट

 

केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर आज जंगलचट्टी गधेरे के पास समय 11ः20 बजे करीब ऊपर पहाड़ी से मलबा पत्थर आने के कारण इस क्षेत्र में आवागमन कर रहे यात्री/डण्डी/कण्डी संचालक इसकी चपेट में आ गये थे।
इस घटनाक्रम की सूचना पर चौकी जंगलचट्टी पर नियुक्त पुलिस बल तथा डी.डी.आर.एफ. द्वारा इस मलबा पत्थर की चपेट में आकर नीचे खाई में गिरे लोगों का रेस्क्यू कर ऊपर लाया गया।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार 3 व्यक्तियों को चोटें आयी हैं, जिनमे से एक महिला को हल्की चोटें तथा 02 पुरूषों को गम्भीर चोटें आयी हैं, इनको गौरीकुण्ड के लिए रैफर किया गया है। इसके अतिरिक्त 02 व्यक्ति मृत हुए हैं। सभी के नाम पते की जानकारी ज्ञात की जा रही है।
इस स्थल पर पुलिस सुरक्षा के बीच यात्रियों का आवागमन कराया जा रहा है।

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में 3000(तीन हजार )से अधिक आपत्तियों का आज होगा निस्तारण।

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पंचायतो में आज जारी होगा आरक्षण प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन।

12 जिलों में मिली है 3000 से अधिक आपत्तियां,ग्राम पंचायत,क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतो में आरक्षण की स्थिति आज हो जाएगी स्पष्ट।

देहरादून जिले में 302,अल्मोड़ा में 294, पिथौरागढ़ जिले में 277, चंपावत जिले में 337,पौड़ी में 354 रुद्रप्रयाग में 90, चमोली में 213, उत्तरकाशी में 283 और टिहरी जिले में 297 मिली थी आपत्तियां।

अग्रिम आदेशों तक सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम जाने वाली पैदल यात्रा की गयी है स्थगित।

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*जंगलचट्टी के पास गधेरे में मलबा पत्थर आने पर पैदल मार्ग हुआ बाधित।*

*अग्रिम आदेशों तक सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम जाने वाली पैदल यात्रा की गयी है स्थगित।*

अब से कुछ देर पहले प्राप्त सूचनानुसार जंगलचट्टी के पास निरन्तर हो रही भारी बारिश के कारण गधेरे में मलबा पत्थर आने के कारण केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग आंशिक रूप से बाधित हो गया है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार मलबा पत्थर की चपेट में आने के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु होने तथा 02 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुरूप इस पूरे सप्ताह के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जिस क्रम में निरन्तर बारिश हो रही है। जंगलचट्टी में मार्ग बाधित होने तथा सम्पूर्ण पैदल मार्ग के अनेकों स्थल जो कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र हैं, एहतियातन व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को अग्रिम आदेशों तक सोनप्रयाग से स्थगित कर दिया गया है। केवल जंगलचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे यात्रियों को पुलिस सुरक्षा के बीच नीचे की ओर भिजवाया जा रहा है।
जनपद पुलिस की श्री केदारनाथ धाम आ रहे श्रद्धालुओं से अपील है कि वे जहां पर हैं, वहीं पर सुरक्षित रहें तथा आस-पास के निकटवर्ती स्थलों पर होटल इत्यादि में स्टे करें।

रुद्रप्रयाग हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त के जांच के आदेश, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई*

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*रुद्रप्रयाग हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त के जांच के आदेश, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई*

*सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा को पूर्ण रूप से बंद रखने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश*

*हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए “कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर” की होगी स्थापना*

सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी। चार धाम में लगे सभी हेली ऑपरेटरों एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटरों के साथ बैठक के बाद ही पुनः हेली सेवा को सुचारु किया जाएगा। राज्य में अब हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय और सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में एक कॉमन “कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर” की स्थापना की जाएगी, जिसमें डीजीसीए, आपदा विभाग, सिविल एविएशन, यूकाडा, हेली आपरेटर कम्पनी के अधिकारियों की तैनाती होगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक के दौरान दिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह उत्तराखंड की अध्यक्षता में एक समिति गठित किए जाने के निर्देश दिए। जिसमें डीजीसीए, यूकाडा, नागरिक उड्डयन विभाग भारत सरकार, ATC के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में रहेंगे। यह समिति जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानक प्रचालन नियमावली का प्रारूप बनाएगी। समिति अपनी रिपोर्ट सितंबर माह से पूर्व प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने आगामी समय के लिए प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एडमिनिस्ट्रेटिव एंड टेक्निकल एसओपी (administrative and technical Standard Operating Procedure) तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के संबध में उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा आम जन के जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी कीमत में जिंदगियों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हीं पायलटों को अनुमति दी जाएगी जिनका उच्च हिमालय क्षेत्रों में हेली उड़ाने का दीर्घकालीन अनुभव होगा। उन्होंने कहा डीजीसीए द्वारा निर्धारित गाइडलाइन को और सख्त बनाया जाए, जिसका अनुपालन शत प्रतिशत किया जाए। मुख्यमंत्री ने हिमालय क्षेत्रों में अधिक संख्या में मौसम पूर्वानुमान के अत्याधुनिक उपकरण लगाने के भी निर्देश दिए, जिससे मौसम की और सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग को दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से संपर्क कर उनके पार्थिव शरीर को संबंधित राज्यों में भेजने की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नागरिक उड्डयन समीर कुमार सिन्हा, डीजीसीए (DGCA) के महानिदेशक फैज अहमद किदवई , सचिव शैलेश बगौली, सचिव सचिन कुर्वे, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, सीईओ युकाडा सोनिका, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ( एएआईबी) के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान45 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

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केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार*

पवित्र केदारनाथ धाम की यात्रा ने इस वर्ष भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक महज 45 दिनों में ही 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा न केवल तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की बेहतर व्यवस्थाओं और सरकार की सूझबूझ का भी प्रमाण है।

केदारनाथ धाम में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से बाबा के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस वर्ष जिस गति से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, वह अभूतपूर्व है। इस यात्रा के सफल संचालन के पीछे शासन और प्रशासन की सतर्कता और योजनाबद्ध कार्यशैली का अहम योगदान रहा है। सरकार द्वारा इस बार यात्रा के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। पैदल मार्ग से लेकर सड़क मार्ग तक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

इस बार यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी गई। अनेक मेडिकल पोस्ट और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए, साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और हेली सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया। सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई। नियमित रूप से यात्रा मार्ग की सफाई और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई, जिससे धाम की पवित्रता बनी रही।

यात्रा की सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने केदारनाथ यात्रा को सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता और अधिकारियों की सतत निगरानी के चलते इस बार की यात्रा अब तक की सबसे सफल यात्राओं में से एक बनकर उभरी है।

विधायक ने बताया कि यात्रा से जुड़े हजारों लोगों के रोजगार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। होटल व्यवसाय, खच्चर सेवा, दुकानदारी, वाहन सेवा जैसे क्षेत्रों में तीव्र आर्थिक गतिविधियां देखी जा रही हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह से श्रद्धालु आस्था और श्रद्धा के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं, उससे यह तय है कि इस बार की यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगी। 45 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना अपने आप में यह दर्शाता है कि सरकार की तैयारियां और व्यवस्थाएं पूरी तरह सफल रही हैं।

 

श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सवारी ढोने पर दो एंबुलेंस की गई सीज।

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सोनप्रयाग।।हरिद्वार से गौरीकुंड के लिए 14 जून को दो एम्बुलेन्स एक साथ हूटर बजाते हुए तेजी से सोनप्रयाग बाजार से गौरीकुण्ड की तरफ जा रही थी, चूंकि पुलिस के पास यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की दिक्कत परेशानी सम्बन्धित सूचना भी नहीं थी। किसी भी प्रकार की दिक्कत परेशानी या असामान्य सूचनाओं पर जनपद के सभी विभाग आपसी समन्वय व तालमेल से कार्य करते हैं। एम्बुलेन्स जैसी अनिवार्य व आवश्यक सेवा यातायात जाम में न फंसने पाये, पुलिस के स्तर से शटल सेवा मार्ग पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है। स्थानीय स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग इन एम्बुलेन्स के बारे में बेखबर था, क्योंकि ऐसी कोई भी इमरजेन्सी सूचना उन तक भी नहीं आयी थी। शक के आधार पर पुलिस की चेकिंग में पाया गया कि इन दोनों एम्बुलेंस में अवैध रूप से सवारी बिठाकर गौरीकुण्ड ले जाई जा रही थी। पूछताछ में चालकों द्वारा बताया गया कि हरिद्वार से लग्जरी/ AC एम्बुलेंस बुक कर सवारी लेकर आए थे। दोनो एम्बुलेंस से तत्काल प्रभाव से सवारियों को उतरवाकर इन एम्बुलेन्स को मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत सीज कर दिया गया है।

*एम्बुलेंस नम्बर*
1.RJ 14 PF 2013
2.UK 08 PA 1684

 

गुलदार के हमले से दहशत में आए ग्रामीणों ने मयाली में चक्का जाम कर विरोध प्रकट किया, जनता के विरोध के आगे प्रशासन के हाथ पैर फूले ।

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2:00 बजे दिन बाद डीएफओ रुद्रप्रयाग के मौके पर पहुंचने से ग्रामीणों ने किया यातायात बहाल

मयाली /नखोली ।।10 जून 2025 को 4 माह के अंतराल पर 3 महिलाओं की मौत गुलदार के द्वारा किये हमले से आक्रोशित जन समुदाय ने आज सुबह से मयाली बाजार में चक्काजाम कर दिया। आंदोलनरत ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों के द्वारा स्पष्ट कहा गया कि दिनांक 25 फरवरी 2025 को श्रीमती सर्वश्वरी देवी पत्नी श्री इन्द्रदत्त ग्राम देवल अपना निवाला बनाने के बाद गुलदार को गोली मारने के आदेश मिले पर देवल गावं से लगे खरियाल गावं में बसंती देवी पत्नी श्री राजेंद्र प्रसाद व खरियाल गावं से लगे लम्ब्वाड गावं श्रीमती गीता देवी पत्नी श्री अनिल सिंह व इसी गावं से लगे मयाली गावं में श्रीमती ललिता देवी पत्नी श्री प्रकाश काला व कल की घटनास्थल के गावँ मखेत में श्रीमती दीपा देवी पत्नी श्री अषाढ़ सिंह व मखेत के नजदीकी गावं महरगावं में कार्तिक सिंह पुत्र किशन सिंह व मखेत गावं के नजदीकी गावं अनीश सिंह पुत्र स्व0 महावीर सिंह ग्राम ढुमकी पर गुलदार द्वारा हमला किया गया इसी क्षेत्र में 2 किलोमीटर के रेडियस पर 8 घटनाएं होना अपने आप में सवाल खड़े करती है।

आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि देवल में जब महिला की मौत गुलदार के हमले से हुई तो वन विभाग द्वारा अपने कर्तव्य की इतिश्री करने के लिए एक गुलदार को पकड़ा गया और यह कहा गया कि यही वह आदमखोर गुलदार है तो इसी गावं से लगे मखेत गावं के आश्रम तोक में कल 10 जून 2025 महिला की गुलदार के हमले से मौत और 30 मई को आश्रम से लगभग 7 किलोमीटर दूर श्रीमती रूपा देवी की मौत आदमखोर गुलदार ने नहीं की तो किसने की। यदि वन विभाग यह तर्क देता है की महिलाएं झुककर खेत में काम कर रही थी और गुलदार को आसान शिकार लगा तो सभी महिलाएं खेत में काम करती हैं ऐसे में सभी को अपना निवाला बनाने में देर नहीं लगने वाली। क्यों वन विभाग इन गुलदारों के आतंक को बढ़ावा दे रहा है नहीं दे रहा तो इतनी घटनाएं होने के बाद भी आदमखोर घोषित करने और गोली मारने के आदेश क्यों नहीं दिए जा रहे। दूसरी तरफ श्रीमती रूपा देवी के बेटे का कहना है की ग्राम देवल में भाजपा के कार्यकर्ता होने के चलते उसी समय गुलदार को शूट आउट करने मिले वही मखेत क्षेत्र में भाजपा के कार्यकर्ता होने के चलते उसी समय गुलदार को घटना के 5 घंटे के अंदर मार दिया गया पर मेरी माँ को भी गुलदार ने हमलाकर मारा है मेरी माँ के हत्यारे गुलदार को गोली मारने के आदेश न देना मेरे साथ सौतेला व्यवहार किया गया।

सुबह से मोर्चे पर डटे आक्रोशित ग्रामीणों के साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख चैन सिंह पंवार, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र पंवार, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कवीन्द्र सिंदवाल, श्री वासुदेव टैक्सी यूनियन अध्यक्ष हरीश सिंह पुंडीर व उत्तराखण्ड आंदोलनकारी हयात सिंह राणा, महिला मंगल दल अध्यक्ष मयाली, सरोज काला, सुनीता देवी, विजय लक्ष्मी देवी, पुनिता काला, जगदेश्वरी देवी, कल्पेश्वरी देवी आदि सैकड़ों ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात पाने के लिए प्रदर्शन स्थल मयाली बाजार प्रतीक्षालय में सड़क को जाम कर दिया और उनकी मांग थी की विकासखंड जखोली में बाघ की घटनाओं को रोकने के लिए गुलदार को गोली मारने के आदेश सरकार के द्वारा दिए जाएँ।

धरनास्थल पर क्षेत्रीय विधायक के न पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा अपना रोष जताया गया और बहुत देर तक किसी जबाबदार अधिकारी के न पहुंचने पर डीएफओ रुद्रप्रयाग, वन मंत्री सुबोध उनियाल और रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी का पुतला दहन किया गया। गुलदारों की संख्या बढ़ने से और आदमखोर गुलदारों को इस क्षेत्र में छोड़े जाने के आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए जिसपर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही कारण है कि गुलदारों के द्वारा लगातार हमला करना और मौत के घाट उतारने का साहस पूर्व में की गयी घटनाओं से ही बनता है इन गुलदारों को इस क्षेत्र से हटाने के लिए लोग सड़क पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन स्थल पर डीएफओ रुद्रप्रयाग सुश्री कल्याणी के पहुँचने पर और प्रदर्शनकारियों को वन विभाग की तरफ से घटनास्थल क्षेत्र के गावों में लगातार विभागीय शूटरों की उपस्थिति का आश्वाशन लिखित में देने पर चक्काजाम को खोला गया।

धामी कैबिनेट की बैठक हुई खत्म, शिक्षा से सम्बंधित विषयो पर नही आया कोई फैसला।

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देहरादून-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज बुधवार को राज्य सचिवालय में सम्पन्न हो गयी। कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों के कई प्रस्तावों पर गहनता के साथ चर्चा हुई,कई प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगाई है।

कैबिनेट के निर्णय

हाई कोर्ट के निर्देशानुसार बागेश्वर में खनन को लेकर बढ़ाया जाए निरिक्षण जिसके तहत 18 पद बढ़ाये गए।

उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिसिमन 2012 के तहत आसान बैराज से भट्टा फाल तक बाढ़ को रोकने के लिए 5 निर्माण कार्यों को मंजूरी।

pwd के 5 गेस्ट हाउस भवनों को मॉनिटइज़ करने के लिए PPP मोड में देने को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

कृषि और कृषि कल्याण विभाग में 46 पद सृजित।

आबकरी अधिनियम के तहत महिला एवं बाल विकास को दिया जाने वाले 1 प्रतिशत सेस को इस्तेमाल करने के लिए नियमावली बनाई गयी।