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Tuesday, March 17, 2026


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धाम में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त, तीर्थ- पुरोहितों ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत।

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घोड़े- खच्चरों का आंशिक संचालन शुरू, डंडी- कंडी संचालक भी मुस्तैद*

*सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर जताया आक्रोश*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा सुचारू रूप से चल रही है एवं सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। लेकिन कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए सोशल मीडिया पर अफवाह फैला कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। धाम के तीर्थ पुरोहितों ने इसपर आक्रोश जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है। उन्होंने धाम एवं यात्रा के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बाबा केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का स्वागत किया है।

वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश पोश्ती ने मीडिया के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं 30 हजार यात्री प्रतिदिन आराम से यहां रह सकते हैं। मंदिर समिति, स्थानीय व्यापारी, तीर्थ पुरोहित समाज और प्रशासन एवं पुलिस श्रद्धालुओं की सुविधांए सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। अब घोड़े- खच्चरों का संचालन भी दोबारा शुरू हो गया है। खास बात यह है कि टोकन सिस्टम लागू होने से श्रद्धालुओं के दर्शन भी आराम से हो रहे हैं।

*घोड़े खच्चरों का आंशिक संचालन शुरू*

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर संचालित हो रहे घोड़े- खच्चरों के स्वास्थ में अब सुधार आने लगा है। ट्रायल एवं स्वास्थ जांच के बाद शनिवार शाम में करीब 350 घोड़े- खच्चरों को यात्रा पर भेजा गया, जबकि रविवार को करीब 800 स्वस्थ घोड़े- खच्चरों को यात्रा मार्ग पर भेजा गया। हालांकि घोड़े- खच्चर मालिकों को हिदायद दी गई है कि बीमारी का कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत जांच के लिए घोड़ों को डॉक्टर के पास लाएंगे। उधर डंडी- कंडी संचालक भी मुस्तैदी से अपना कार्य कर रहे हैं। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन 1000 से 1200 श्रद्धालु डंडी- कंडी से धाम पहुंच रहे हैं, जबकि लगभग 1000 डंडी- कंडी एवं पिट्ठू संचालक खाद्य एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति में जुटे हुए हैं। इस कठिन समय में जिला पंचायत की निगरानी में डंडी -कंडी संचालक यात्रा प्रबंधन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं और सभी का यही कहना है कि यात्रा संचालन में कोई कमी नहीं आने देंगें।

क्रौंच पर्वत पर गूंजेगा आस्था का शंखनाद: आगामी 18 मई को श्री कार्तिक स्वामी मंदिर में होगा 108 शंखों का पूजन, दक्षिण भारत के शिवाचार्य होंगे शामिल।

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रुद्रप्रयाग जनपद स्थित दिव्य और पौराणिक क्रौंच पर्वत पर अवस्थित भगवान श्री कार्तिक स्वामी मंदिर एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है। आगामी 18 मई 2025 को मंदिर परिसर में 108 बालमपुरी शंखों की पूजा और हवन का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग और मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इस बार इसमें तमिलनाडु के छह प्रतिष्ठित मंदिरों के शिवाचार्यगण विशेष रूप से भाग लेंगे। इनमें माईलम एथेनम, कूनमपट्टी एथेनम, कौमारा मुत्त एथेनम, श्रृंगेरी मुत्तू सहित अन्य प्रमुख पीठों के आचार्य शामिल हैं। वे वैदिक विधियों के अनुसार शंख पूजन, हवन और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। यह आयोजन जहां एक ओर धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ करेगा, वहीं उत्तर और दक्षिण भारत की आध्यात्मिक एकता को भी प्रकट करेगा।
इस भक्ति पर्व की अगली कड़ी में 28 मई से 4 जून तक भगवान श्री कार्तिक स्वामी की बसुधारा यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें भगवान बद्रीविशाल के धाम तक विशेष अनुष्ठानों के साथ भगवान की यात्रा होगी।
इसके पश्चात 5 जून से 15 जून तक मंदिर प्रांगण में ‘विश्व कल्याण महायज्ञ’ का आयोजन किया जाएगा। यह 11 दिवसीय यज्ञ पर्यावरण शुद्धि, वैश्विक शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ संपन्न होगा। 14 जून को एक भव्य जल कलश यात्रा निकाली जाएगी,यज्ञ का समापन 15 जून को पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा।

 

आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जारी।

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*देहरादून*

*उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल*

*25 IAS समेत 38 अफसरों के प्रभार बदले, अभिषेक रूहेला बने शिक्षा महानिदेशक*

प्रदेश सरकार ने देर रात बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 25 और प्रांतीय सेवा के 12 व सचिवालय सेवा के एक अधिकारी के प्रभारों में फेरबदल कर दिया है।

कुछ अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को वित्त, कार्मिक एवं सतर्कता, कृषि उत्पादन आयुक्त के पद से मुक्त करते हुए मुख्य स्थानिक आयुक्त, मुख्य निवेश आयुक्त दिल्ली के साथ ही तीनों ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

अपर सचिव अभिषेक रूहेला को शिक्षा महानिदेशक बनाया गया है।

झरना कमठान को इस दायित्व से मुक्त करते हुए अपर सचिव वित्त की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमुख सचिव आर के सुधांशु को वर्तमान विभागों के साथ वित्त, कृषि उत्पादन आयुक्त, निदेशक एवं अध्यक्ष उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम का प्रभार दिया गया है।

प्रमुख सचिव एल फैनई को वर्तमान दायित्व के साथ अवस्थापना विकास आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली गृह के साथ अब कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी भी देखेंगे।

सचिव विद्यालय शिक्षा रविनाथ रमन से आयुष व आयुष शिक्षा का दायित्व लेकर सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी को दिया गया है।

सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार से सचिव राजस्व परिषद एवं आयुक्त का प्रभार वापस ले लिया गया है।

सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम को निदेशक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से राज्य संपत्ति और निदेशक ऑडिट दिया गया है।

राज्य संपत्ति की जिम्मेदारी सचिव रणवीर सिंह चौहान देखेंगे।

बाध्य प्रतीक्षा में रहे सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी को नियोजन का प्रभार दिया गया।

सचिव कौशल विकास सी. रविशंकर अब वन का प्रभार देखेंगे।

अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल को महानिदेशक निबंधन आयुक्त कर की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

अपर सचिव सहकारिता सोनिका आयुक्त कर, महानिरीक्षक निबंधक व मेलाधिकारी कुंभ का दायित्व देखेंगी।

अपर सचिव ऊर्जा रंजना राजगुरू को आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद व संचालक चकबंदी की भी जिम्मेदारी दी गई,

अपर सचिव देव कृष्ण तिवारी अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भी होंगे।

हरिद्वार के डीएम कर्मेंद्र सिंह से मेलाधिकारी कुंभ हटा दिया गया है।

टिहरी के डीएम मयूर दीक्षित को उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है।

अपर सचिव शहरी विकास गौरव कुमार से समाज कल्याण एवं आयुक्त दिव्यांग जन का पद लेकर अपर सचिव रवनीत चीमा को सौंपा गया है।

चीमा पशुपालन व मत्स्य से मुक्त हो गई हैं।

अपर सचिव प्रकाश चंद निदेशक समाज कल्याण के पद से मुक्त हो गए हैं।

संयुक्त मजिस्ट्रेट नैनीताल वरुणा अग्रवाल को मुख्य विकास अधिकारी टिहरी बनाया गया है।

संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी अनामिका को मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल की जिम्मेदारी दी गई है।

 

PCS transfer may 25

भारत-पाकिस्तान में सीजफायर लागू,संघर्ष विराम,विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

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नई दिल्ली-भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम 5 बजे से सीजफायर लागू हो गया है। विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अपनी शर्तों पर इस सीजफायर के लिए सहमति दी है।

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि भारत और पाकिस्तान के बीच आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख अपनाया है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम को संघर्ष विराम हो गया है। भारतीय सेना की ओर से दिए जा रहे मुंहतोड़ जवाब के चलते बैकफुट आए पाकिस्तान की पहल पर भारत संघर्ष विराम के लिए राजी हुआ है। दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम की पुष्टि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने आज दोपहर 3:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को फोन किया। उनके बीच यह सहमति बनी कि दोनों पक्ष भारतीय मानक समयानुसार 17:00 बजे से ज़मीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। आज दोनों पक्षों को इस सहमति को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य संचालन महानिदेशक 12 मई को 12:00 बजे फिर से बात करेंगे।’

नैनीताल दुष्कर्म केस में बुलडोजर एक्शन की तैयारी,आरोपी को दिया गया नोटिस।

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नैनीताल-12 साल का मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी 73 साल के मोहम्मद उस्मान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण (एनडीडीए) ने अब मोहम्मद उस्मान के घर को अवैध निर्माण की श्रेणी में लेते हुए उसे ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में प्राधिकरण ने उसे नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। बता दें कि इससे पहले नैनीताल नगर पालिका की ओर से मोहम्मद उस्मान के भवन पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किया गया था,लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद उस नोटिस को वापस ले लिया गया था।अदालत ने स्पष्ट किया था कि किसी भी आरोपी के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई, जो कानून की प्रक्रिया से इतर हो,उसे रोका जाना चाहिए। अदालत के हस्तक्षेप के बाद नैनीताल नगर पालिका ने तत्काल अपना नोटिस निरस्त कर दिया था।हालांकि अब जिला विकास प्राधिकरण ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अवैध निर्माणों की जांच के बाद नए सिरे से कार्रवाई की पहल की है। मोहम्मद उस्मान के भवन के साथ-साथ शहर में सौ वर्ग गज से कम क्षेत्र में बने 24 अन्य भवन स्वामियों को भी नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण ने सभी भवन स्वामियों से सात कार्य दिवसों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

एनडीडीए सचिव विजय नाथ शुक्ल ने बताया कि यह एक नियमित अभियान का हिस्सा है, जिसमें अवैध निर्माणों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाती है। वहीं, मोहम्मद उस्मान के मामले को लेकर शहर में जन आक्रोश और मीडिया की सक्रियता के चलते प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।मोहम्मद उस्मान का भवन बिना अनुमति के निर्मित हुआ है और वहां पर भवन उपविधियों का पालन नहीं किया गया है। निर्माण स्थल पर निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भवन की नक्शा पास नहीं कराया गया। इसीलिए यह भवन अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है. इसी आधार पर नोटिस जारी किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। भवन स्वामी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया है और यदि वह वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है तो नियमानुसार भवन गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि नैनीताल के जाने माने ठेकेदार मोहम्मद उस्मान पर एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का गंभीर आरोप है. पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। यह मामला सामने आने के बाद शहर भर में आक्रोश फैल गया था और मोहम्मद उस्मान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठी थी। इस घटना के सामने आने के बाद नैनीताल नगर पालिका ने भी आरोपी मोहम्मद उस्मान के घर को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया था। नैनीताल नगर पालिका को नोटिस को मोहम्मद उस्मान के वकील ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि नैनीताल नगर पालिका ने नोटिस देने में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया था। सुनवाई के दौरान नैनीताल नगर पालिका ने हाईकोर्ट में अपनी गलती मानी थी और नोटिस को वापस ले लिया था। हालांकि अब नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण ने फिर से नोटिस जारी किया है।

राज्य सिविल सेवा परीक्षा 11 मई को, जनपद रुद्रप्रयाग में बनाए गए 6 परीक्षा केंद्र।

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*परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर परिधि में लागू रहेगी धारा-163

*अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों के साथ की बैठक, परीक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य सिविल/अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2024 की प्रारंभिक (वस्तुनिष्ठ प्रकार) परीक्षा आगामी 11 मई, रविवार को संपन्न कराई जाएगी। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने जिला मुख्यालय में परीक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रधानाचार्यों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं, ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक एकल सत्र में आयोजित की जाएगी।

जनपद रुद्रप्रयाग में कुल 06 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 1284 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा की शांति, गोपनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक पुरुष व एक महिला कांस्टेबल, सेक्टर मजिस्ट्रेट, तथा दो-दो सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।अपर जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में धारा-163 लागू रहेगी। इस अवधि में परीक्षा केंद्र की परिधि में पाँच या अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, हॉकी स्टिक, खुखरी, तलवार, या अन्य धारदार हथियार, पटाखे, बम एवं ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग एवं प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के निकटवर्ती मार्गों या पैदल रास्तों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं की जाएगी, और न ही कोई व्यक्ति ऐसा करने का प्रयास करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा-23 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, सूचना विभाग समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

 

अवांछित गतिविधियों पर रुद्रप्रयाग पुलिस की सघन चेकिंग एवं प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही निरन्तर जारी।

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लगभग 16 कि.ग्रा. मटन के साथ 02 नेपाली महिलाओं को पकड़ा गया, महिलाओं के विरुद्ध चालानी कार्यवाही करने के साथ ही सारे मांस का किया गया विनष्टीकरण।*

*यात्रा मार्ग व यात्रा पड़ावों पर मांस व शराब का परिवहन करने वालों पर पुलिस कर रही ताबड़तोड़ कार्यवाही।*

एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने इस वर्ष की श्री केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व पुलिस तैयारियों के दौरान व यात्रा ड्यूटी हेतु भेजे जाने वाले पुलिस बल की ब्रीफिंग तिथि को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिये गये थे कि इस बार की यात्रा में मांस व शराब का परिवहन करने वालों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए प्रभावी कार्यवाही की जानी है। निर्गत निर्देशों के क्रम में जनपद पुलिस के स्तर से इस ओर सतर्क दृष्टि रखते हुए इस प्रकार के अवांछित कृत्यों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में आज कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान 02 नेपाली महिलाओं क्रमशः माया पत्नी युवराज निवासी फागोटी गांव पालिका कालिकोट नेपाल तथा मिट्ठू पत्नी रमेश शाही निवासी ग्राम कुल्टी गांव पालिका जिला कालिकोट नेपाल (हाल निवास सोनप्रयाग) के कब्जे से छोटे-छोटे थैलों में पैक किया हुआ तकरीबन 16 कि.ग्रा. मटन बरामद किया गया। इनके द्वारा यह मटन रुद्रप्रयाग से ले जाया गया तथा इसका उपयोग स्वयं के डेरों व आस-पास के होटलों में सप्लाई किया जाना था। इनके खिलाफ पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत चालान की कार्यवाही की गई तथा इनके कब्जे से बरामद मटन को जब्त कर एक गड्डे में डालकर व उसके ऊपर आवश्यकतानुसार फिनाइल इत्यादि डालकर विनष्टीकरण करने की कार्यवाही की गयी।
बताते चलें कि केदारनाथ धाम यात्रा के प्रारम्भ होने के पहले 09 दिवसों में पुलिस के स्तर से अलग-अलग दिवसों में 41 किग्रा मटन के विनष्टीकरण की कार्यवाही की गयी है। वहीं 211 बोतल अवैध शराब की बरामदगी कर 04 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं। पुलिस के स्तर से नशे के विरुद्ध व यात्रा मार्ग पर मांस ले जाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही निरन्तर जारी है।

सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों की कमीशन की भूख नही हो पा रही पूरी , नैनीताल में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई ,विजिलेंस ने नैनीताल के मुख्य कोषाधिकारी और एकाउंटेंट को एक लाख से अधिक की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार।

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नैनीताल-

नैनीताल जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा और उनके कार्यालय में कार्यरत एकाउंटेंट बसंत कुमार जोशी को 1 लाख 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों को नैनीताल स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से उस समय पकड़ा गया, जब वह शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ले रहे थे।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता, जो कि न्यायालय नैनीताल में कार्यरत है, ने सतर्कता अधिष्ठान में यह शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी और उसके पांच अन्य साथियों की एसीपी (Assured Career Progression) लगनी थी। इसके लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें दो सदस्यों ने पहले ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए थे, परंतु तीसरे सदस्य मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा जानबूझकर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। शिकायतकर्ता को बताया गया कि जब तक प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये की रिश्वत नहीं दी जाती, तब तक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। मुख्य कोषाधिकारी के निर्देश पर एकाउंटेंट बसंत कुमार जोशी ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसे कार्यालय बुलाया और सौदे को अंतिम रूप दिया गया।

शिकायतकर्ता जब कार्यालय जाकर बसन्त कुमार जोशी से मिला तो उसके द्वारा बताया गया कि सीटीओ साहब का कहना है कि आप लोगों का 5-6 लाख का एरियर बन रहा है और आप 6 लोग हो और वे प्रत्येक व्यक्ति के 50-50 देने को कह रहे है। जिसमें शिकायतकर्ता से 1.20,000 रूपये लेकर हस्ताक्षर करने की बात तय हो गयी।

इस शिकायत जांच से प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी द्वारा निरीक्षक के नेतृत्व में तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया। सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आज अभियुक्त दिनेश कुमार राणा पुत्र रामपाल सिंह मुख्य कोषाधिकारी, नैनीताल निवासी सैनिक स्कूल के पीछे नैनीताल व अभियुक्त बसन्त कुमार जोशी पुत्र जगदीश प्रसाद जोशी निवासी गैस गोदाम रोड हल्द्वानी को शिकायतकर्ता से 1,20,000 रूपये रिश्वत लेते हुये मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय नैनीताल से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

बदरी-केदार व अधीनस्थ मंदिरों में यात्री सुविधाओं के लिए होंगे ठोस प्रयास: विजय कप्रवाण

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रुद्रप्रयाग। भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नव नियुक्त उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार, संगठन और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कहा कि, उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका बखूबी निर्वहन करेंगे। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार जिला मुख्यालय पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कप्रवाण ने कहा कि श्रीदरीनाथ व श्रीकेदारनाथ सहित अन्य अधीनस्थ मंदिरों के प्रचार-प्रसार के साथ ही वहां यात्री सुविधाओं की बेहतरी के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। बदरी-केदार की ग्रीष्मकाल के साथ ही शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों से यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, जिसे ध्यान में रखते हुए दोनों धाम में सरल व सुलभ यात्रा व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में एक-एक यात्री का ध्यान रखा जा रहा है और ज्यादा से ज्यादा भक्त दर्शन कर सके, इसके लिए कर्मचारी कृतसंकल्प हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरी रखते हुए ही काम किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री ओमप्रकाश बहुगुणा ने किया।इस मौके पर बाल आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष महवीार पंवार, वाचस्पति सेमवाल, जिला उपाध्यक्ष अरूण चमोली, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सविता भंडारी, मीडिया प्रभारी संतेंद्र बर्त्वाल, निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य शीला रावत, चंद्रमोहन सेमवाल, युवा मोर्चा के गढ़वाल संयोजक विकास डिमरी, नगर मंडल अध्यक्ष व सभासद सुरेंद्र रावत, घनश्याम पुरोहित, विक्रम नेगी, पार्वती गोस्वामी, शालिनी गोस्वामी, विक्रांत खन्ना आदि थे।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सोनप्रयाग पहुंच कर पशु प्रबंधन व्यवस्थाओं एवं यात्रा व्यवस्थाओं का किया धरातलीय निरीक्षण।

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रूद्रप्रयाग

*कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सोनप्रयाग पहुंच कर पशु प्रबंधन व्यवस्थाओं एवं यात्रा व्यवस्थाओं का किया धरातलीय निरीक्षण*

*मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से घोड़ों-खच्चरों में फैले इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस की रोकथाम हेतु किए जा रहे इंतजाम की ली जानकारी*

*सरकार की ओर से 32 हजार रुपये का दिया जाएगा मुआवजा ,प्रत्येक केंद्र पर एक एमआरपी के अंतर्गत 15 सदस्यीय टीम रहेगी तैनात ,अब तक 16,000 घोड़े-खच्चरों की हो चुकी स्क्रीनिंग*

*सचिव पशुपालन डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम को इस संबंध में एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तत्काल जारी करने के दिए निर्देश*

*मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों से किया अनुरोध—झोलाछाप और नीम हकीम से रहें सावधान, विभागीय डॉक्टरों से ही कराएं इलाज*