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Sunday, March 15, 2026


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गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन एवं परेड ग्राउंड में फहराया राष्ट्रीय ध्वज।

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परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित।*

*परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।*

*परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट रहीं।*

 

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

*राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।

राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

*गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-*

1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।
2-श्री मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।
3-श्री अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।
4-श्री राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

*गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित श्री राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-*

1-श्री यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
2-श्री नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
3-श्री देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
4-श्री भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।
5-श्री सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।
6-श्री सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून।
                     

गुलाबराय मैदान में धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस।

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*जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली*

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान से गूंजा समारोह*

77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम गुलाबराय मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी प्रतीक जैन कार्यक्रम में शामिल रहे।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम ध्वजारोहण किया। तत्पश्चात 6वीं ग्रेनेडियर बटालियन रुद्रप्रयाग के बैंड की मधुर धुनों के बीच उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन द्वारा राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। इसके उपरांत पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों ने मुख्य अतिथि को सलामी दी तथा जिलाधिकारी द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया।

परेड में पुलिस टुकड़ियों, एनसीसी कैडेट्स, एसडीआरएफ, जिला पूर्ति विभाग, जिला कृषि विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का ध्यान आकर्षित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं जनपदवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए राष्ट्रनिर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि देश अमृतकाल की ओर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मा० मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना तथा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” महाअभियान जैसी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं वोकल फॉर लोकल जैसे विजन जमीनी स्तर पर साकार हो रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी सुदृढ़ करने हेतु कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही आरसेटी के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस विभाग, डीडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभागों के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 जनवरी को महामहिम राज्यपाल द्वारा रुद्रप्रयाग जनपद को ‘स्टेट बेस्ट इलेक्ट्रोरल प्रैक्टिसेज अवॉर्ड–2026’ से सम्मानित किया गया, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को बधाई दी गई।

जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को देश का भविष्य बताते हुए अनुशासन, परिश्रम, नवाचार और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लेने को प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं पुलिस जवानों द्वारा देश की अनेकता में एकता, सैन्य शौर्य एवं उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में उत्तराखंड से प्रतिभाग करने वाले एकमात्र छात्र रोहन सिंह राणा को जिलाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। वहीं, रुद्रनाथ महोत्सव में प्रशासन को सहयोग हेतु नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत द्वारा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। परेड में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टुकड़ियों को भी पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेंद्र गोस्वामी, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, उप वन संरक्षक रजत सुमन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनमानस उपस्थित रहे।

 

DGRE के पूर्वानुमान के बाद रुद्रप्रयाग में बर्फवारी/हिमस्खलन की आशंका, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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*डेंजर लेवल–2 में रखा गया जनपद रुद्रप्रयाग, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील

Defence Geoinformatics Research Establishment (DGRE), चंडीगढ़ द्वारा दिनांक 26 जनवरी, 2026 को सायं 05:00 बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार 26 जनवरी से 27 जनवरी 2026 की सायं 05:00 बजे तक जनपद रुद्रप्रयाग सहित अन्य ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी एवं हिमस्खलन (Avalanche) की संभावना व्यक्त की गई है। DGRE द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग को Danger Level–2 श्रेणी में रखा गया है।

पूर्वानुमान के अनुसार अधिक बर्फबारी की स्थिति में ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन (अवलांच) की घटनाएं घटित होने की आशंका बनी हुई है। इसे दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय निवासियों, यात्रियों, पशुपालकों एवं पर्वतीय क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

जिला प्रशासन ने जनसामान्य से निम्न सावधानियां अपनाने का आग्रह किया है—

1. दिन एवं रात के समय अपने आसपास के क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी/हिमस्खलन की स्थिति की नियमित जानकारी लेते रहें।

2. बर्फ गिरने या हिमस्खलन की स्थिति में अत्यंत आवश्यक होने पर ही आवागमन करें, अन्यथा ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें।

3. घरों, अस्थायी आवासों एवं गौशालाओं की छतों पर अत्यधिक बर्फ जमा न होने दें, समय-समय पर सफाई करते रहें।

4. बर्फीले क्षेत्रों में चलते समय फिसलन एवं बर्फ खिसकने की स्थिति पर विशेष नजर रखें।

5. यदि किसी कारणवश अत्यधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रह रहे हों, तो एक-दो दिन के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित एवं निचले स्थानों पर चले जाएं।

6. जिन स्थानों पर पूर्व में हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, उन क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें।

जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन/आपदा परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग से संपर्क करें।

 

रुद्रप्रयाग पुलिस के नाम बड़ी उपलब्धि: पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल को मिलेगा ‘सराहनीय सेवा पदक’ (MSM)

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रुद्रप्रयाग ।।जनपद रुद्रप्रयाग के लिए आज का दिन अत्यन्त हर्ष और गौरव का क्षण लेकर आया है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस 2026 से पूर्व देश भर के पुलिस बलों एवं पैरामिलिट्री फोर्सेज के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पदकों की घोषणा की गई है। इस प्रतिष्ठित सूची में जनपद रुद्रप्रयाग में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (Dy.SP) श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल का नाम भी शामिल है।
​श्री घिल्डियाल को उनकी विशिष्ट और समर्पित सेवाओं के लिए सराहनीय सेवा पदक (Meritorious Service Medal – MSM) से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
​कर्तव्यनिष्ठा और अनुभव का सम्मान- ​श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने अपने सेवाकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और जन-सेवा में अनुकरणीय कार्य किया है। उनकी इसी कार्यकुशलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें इस उच्च सम्मान हेतु चयनित किया है।
​इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, श्री अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने हर्ष व्यक्त करते हुए श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।
​एसपी रुद्रप्रयाग ने अपने संदेश में कहा: “श्री घिल्डियाल को मिला यह पदक उनकी वर्षों की मेहनत और ईमानदारी का प्रतिफल है। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरी रुद्रप्रयाग पुलिस के लिए गौरव की बात है। इससे पुलिस बल के अन्य कर्मियों को भी उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।”
​जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुलिस उपाधीक्षक महोदय को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

रैतौली के पास अनियंत्रित होकर नदी किनारे गिरा ट्रक, राहत एवं बचाव कार्य जारी।

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रूद्रप्रयाग।  ।आज देर शाम रुद्रप्रयाग पुलिस कन्ट्रोल रूम स्थित 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि कोतवाली रुद्रप्रयाग के अन्तर्गत रैंतोली पेट्रोल पंप के समीप एक वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गहरी खाई में गिर गया है।
​सूचना मिलते ही चौकी जवाड़ी, कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस और हाईवे पेट्रोल की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए SDRF और DDRF की टीमों को भी तत्काल सूचित कर मौके के लिए रवाना किया गया।
​अत्यधिक अंधेरा और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शुरुआत में स्थिति का आकलन करने में कठिनाई आई।
​मौके पर मौजूद पुलिस बल द्वारा किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान एक व्यक्ति जो कि अचेत अवस्था में है को बरामद कर पहाड़ी से ऊपर मुख्य मार्ग तक लाने का कार्य किया जा रहा है। ​अंधेरे के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तत्परता से जारी है। अन्य संभावित घायलों या जनहानि के सम्बन्ध में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इस दुर्घटना में वाहन संख्या UK 14 CA 3347 ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में नदी किनारे जा गिरा है।जिसमे ट्रक चालक ने घटना स्थल पर ही तोड़ा दम।

 

 

अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध रुद्रप्रयाग पुलिस की कार्रवाई; 16 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ एक नेपाली मूल का अभियुक्त हुआ गिरफ्तार।

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*बर्फबारी के बीच उपजी ठंडक को दूर करने चला था, इस बीच पुलिस ने कर दिया गिरफ्तार।*

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद में अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत थाना अगस्त्यमुनि पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को अवैध अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है।
गत दिवस 23 जनवरी 2026 को पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और चेकिंग पर तैनात थी। मुखबिर की सूचना और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर मयाली तिराहे से आगे बैंड पर एक व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 16 बोतल अंग्रेजी शराब (मैकडॉवल व्हिस्की नं. 1) बरामद हुई।

​अभियुक्त का विवरण – युवराज सिंह पुत्र राणा बहादुर सिंह निवासी ग्राम मडावई चार, डिलीकोट, जिला कालीकोट, नेपाल हाल तिलवाड़ा।

​अभियुक्त के विरुद्ध थाना अगस्त्यमुनि पर मु.अ.सं. 07/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून में अमर उजाला द्वारा आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुम्भ के कार्यक्रम में किया प्रतिभाग।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून में अमर उजाला द्वारा आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुम्भ के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ अन्य ज्योतिष आचार्यों को भी सम्मानित किया गया।


मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्राचीन और दिव्य ज्ञान में छिपे वैज्ञानिक रहस्यों को आम लोगों तक पहुंचाने का अद्भुत प्रयास है। इस पहल से निकलने वाला निष्कर्ष मानव जीवन और सामाजिक समस्याओं के निराकरण के साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए सार्थक मार्गदर्शन प्रदान होगा। उन्होंने कहा भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है बल्कि ये गहरे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, चिंतन और शोध का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा ज्योतिष भारत का अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। ऋषि-मुनि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थे, वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक भी थे। आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए, महर्षि पराशर ने ज्योतिष शास्त्र को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया, वराहमिहिर ने खगोल, भृगु मुनि ने भविष्य कथन और कालगणना की परंपरा को समृद्ध किया। आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उन्हीं घटनाओं के मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व ग्रह-नक्षत्रों की गति, समय-चक्र, मानव जीवन और प्रकृति के गहन अध्ययन कर प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा अब नासा भी मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान के द्वारा बहुत सी भौगोलिक घटनाओं को भली प्रकार समझा जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र भौतिक जीवन, आध्यात्मिक चेतना और दैविक व्यवस्था, इन तीनों के बीच संतुलन स्थापित करता है। ज्योतिष शास्त्र हमें ये सिखाता है कि मानव जीवन और ब्रह्मांड एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। सूर्य, चंद्रमा और ग्रह केवल आकाशीय पिंड मात्र नहीं हैं बल्कि वे समय-चक्र, प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन की प्रवृत्तियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कारक भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया भर में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का व्यापक अध्ययन किया जा रहा है। ज्योतिष जैसे पवित्र ज्ञान को पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के सम्मुख रखा जाए, ताकि ये जनकल्याण का माध्यम बने। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति, दर्शन, ज्ञान और विज्ञान से परिचित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा एक ओर भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की है। आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना भी करने जा रहे हैं। हमने राज्य में ज्योतिष विद्या को बढ़ावा देने के लिये उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का भी गठन किया है। जिससे हमारी युवा पीढ़ी प्राचीन भारतीय ज्ञान और विज्ञान को समझे और इसका लाभ उठाकर अपनी जीवन यात्रा को निर्देशित कर सके।

इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष श्री कमल घनसाला, संपादक अमर उजाला श्री अनूप बाजपेई एवं ज्योतिषाचार्य मौजूद थे ।

विधायक भरत चौधरी ने जरूरतमंद गरीब लोगों को वितरित किये मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के चैक।

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रूद्रप्रयाग।जखोली तहसील परिसर में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के जरूरतमंद गरीब लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के चैक वितरित किये। विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 23.30 लाख धनराशि के 327 चैक स्वीकृत किये गए है। जिसमे जखोली तहसील में 146 चैक स्वीकृत थे। जिसमें 54 लाभार्थियों को चैक वितरण किये गए। तीनों तहसील रुद्रप्रयाग, बसुकेदार एवं जखोली तहसील में जो लाभार्थी थे उनको चैक वितरण किया गया है।इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जिन जरूरतमंद लोगों ने आर्थिक सहायता के लिये आवेदन दिया। उसमें विधवा महिला, गरीब आसाय, बीमार, दिव्यांग एव गरीब परिवार की बालिकाओं की शादी के लिए कुछ न कुछ आर्थिक मदद करने का प्रयास किया गया है। जरूरतमंद लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि के चैक स्वीकृत होने पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आगे भी जो भी जरूरतमंद पात्र लोग होंगे उनकी कुछ न कुछ मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर जरूरतमंद गरीब, के साथ हमेशा खड़ी रहती है। उनकी हर संभव मदद करने का प्रयास किया जाता है। इस अवसर पर इस अवसर पर भाजपा जखोली मण्डल अध्यक्ष मेहरवान सिंह रावत,एसडीएम जखोली भगत सिंह फोनिया,नायब तहसीलदार दूर्गा सिंह रावत,कानूनगो राजेन्द्र सिंह रावत, पूर्व प्रधान विजेन्द्र सिंह मेवाड़, भाजपा नेता संजयपाल नेगी,पूर्व प्रधान डॉ संजय राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य भटवाड़ी सुरेश लाल सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए मैदान से लेकर पहाड़ी जिलों में कल सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश।

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मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जनपद देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, उधमसिंह नगर,पिथौरागड़ ,टिहरी और रुद्रप्रयाग में खराब मौसम और बर्फबारी के कारण स्कूलों में कल रहेगी छुट्टी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में प्रशासनिक अधिकारियों को किया संबोधित।

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*विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में भूमिका निभाएगा विकसित उत्तराखंड का विजन*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस दो दिवसीय शिविर के माध्यम से, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ठोस, व्यवहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान उत्तराखण्ड के समग्र विकास से जुड़े सभी प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। जिससे राज्य के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यवहारिक और समयबद्ध दिशा निर्धारित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक राज्य समान रूप से विकसित हो। इसके लिए उत्तराखण्ड को भी अपने संसाधनों, क्षमताओं और विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की एक स्पष्ट और दीर्घकालिक दिशा तय करनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “विकसित भारत” का संकल्प किसी एक सरकार, किसी एक कार्यकाल या किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, जिसमें भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, सामरिक तथा सांस्कृतिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प निहित है। इस विज़न की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे मानव केंद्रित, समावेशी और सतत बनाया गया है। विकसित भारत का अर्थ एक ऐसे भारत का निर्माण है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों, जहाँ शासन व्यवस्था पारदर्शी, संवेदनशील और जन-केंद्रित हो।

*प्रशासनिक तंत्र की भूमिका*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन और अंतिम सफलता तक प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और दक्षता ही ये तय होती है। इसलिए इस विज़न को साकार करने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारे प्रशासन को न केवल तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा, बल्कि प्रत्येक नीति, निर्णय और योजना को ‘लक्ष्य आधारित’ एवं ‘जन-केंद्रित’ दृष्टि से लागू करना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग अपने कार्यों को केवल आदेश देने या मीटिंग करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दायरे में आने वाले प्रत्येक कार्य को नवाचार, पारदर्शिता, समयबद्ध और परिणाम केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तत्परता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करें। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। इसका अर्थ केवल योजनाएं और नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ये ये देखना होगा कि हमारी योजनाओं और नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए हमें, किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की वास्तविक कसौटी तय करेंगे।

*टीम उत्तराखंड की तरह कार्य करें*
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के नाते हमारे सामने कुछ विशेष चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन इन्हीं चुनौतियों के भीतर अनेकों अवसर छिपे हुए हैं। यदि हम अपनी नीतियों और योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालें, तो उत्तराखण्ड इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित कर देश में विकास को नई दिशा दे सकता है। इसके लिए हमें तय करना होगा कि वर्ष 2047 में हमारा राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुँचना चाहिए। साथ ही साथ विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर विजन 2047 को साकार करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आगामी पच्चीस वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें “सोलो प्लेयर” वाली मानसिकता से ऊपर उठकर निकलकर “टीम उत्तराखंड” के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस स्थान से आपने अपनी सेवा शुरु की है वहां के विकास पर विशेष ध्यान दें, साथ ही जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाली जनसमस्याओं को डायरी में नोट करते हुए, उनके निराकरण करें।

*विकसित उत्तराखण्ड की नींव*
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक एवं नवाचार और जन केंद्रित सतत एवं संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है। सुशासन का अर्थ केवल नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं बल्कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो और हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि हमें ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके शासन को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही ये भी सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ और सीमांत गाँवों तक भी पहुँचे। इसके साथ ही, हमारी नीतियों और योजनाओं के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। आपदा प्रबंधन को हमें विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।

*निर्धारित करें आउटपुट और आउटकम*
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रत्येक योजना का स्पष्ट आउटपुट और आउटकम निर्धारित करना होगा। केवल रुपया व्यय हो जाना ही किसी योजना की सफलता का पैमाना नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपका प्रत्येक निर्णय केवल आज को प्रभावित नहीं करता, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा भी तय करता है। बतौर प्रशासनिक अधिकारी आपके निर्णय, कार्य और नीतियों से जनता के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, वही भविष्य में आपकी वास्तविक पहचान बनेंगे। इसलिए अपने दायित्वों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का अवसर मानकर निभाएँ। उन्होंने कहा कि कभी कभी देखने में आता है कि जनता की बात अनसुनी रह जाती है, कभी लालफीताशाही कार्यों में देरी लाती है ये स्थितियाँ प्रशासन पर जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की ये यात्रा लंबी है, यदि हमारी दिशा सही रहेगी, हमारी नीति स्पष्ट रहेगी, हमारी नीयत साफ रहेगी और हमारा संकल्प अडिग रहेगा तो हम अपने लक्ष्य को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।

*संबोधन में बाद भी मंथन में शामिल हुए सीएम*
सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उद्घाटन सत्र के बाद भी काफी देर तक शामिल हुए। प्रथम सत्र में संबोधन के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच के नीचे हॉल की प्रथम पंक्ति में बैठ गए। इस दौरान मंच पर विभिन्न विषयों पर मंथन और संवाद चलता रहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी इस दौरान हॉल में बैठकर, परिचर्चा को सुनते रहे, साथ ही संवाद के प्रमुख बिंदुओं और सुझावों को नोट भी करते रहे।

इस अवसर पर सेतु आयोग के सीईओ श्री शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग से प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल, आईएएस अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ मौजूद थे।