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Wednesday, March 18, 2026


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बद्रीनाथ केदारनाथ धामों की नित्य पूजाओं की ऑनलाइन बुकिंग शुरू।

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उत्तराखंड-श्री बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के पूजाओं की आन लाइन बुकिंग शुरू हो गई है।आगामी यात्राकाल हेतु श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ धाम में होनेवाली पूजाओं की आन लाईन बुकिंग मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट- www.badrinath-kedarnath.gov.in पर शुरू हो गयी है। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने यह जानकारी दी है।बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुल रहे है। तीर्थयात्री मंदिर समिति की वेबसाइट से श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम में होनेवाली प्रातःकालीन, सांयकालीन, तथा लंबी अवधि की पूजाओं की बुकिंग 30 जून की अवधि तक के लिए बुक कर सकते है।पूजाओं हेतु शुल्क पूर्व की भांति रखा गया है। उसमें कोई भी बढ़ोतरी नही की गयी है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम की पूजाओं में अभिषेक, महाभिषेक पूजा, वेदपाठ, गीता पाठ, विष्णुसहस्त्रनाम पूजा,चांदी आरती, स्वर्ण आरती, गीत गोविंद पाठ शयन आरती शामिल है। इसी तरह भगवान केदारनाथ जी की पूआओं में रुद्राभिषेक पूजा,लघु रूद्राभिषेक महामृत्युंजय पाठ,षोडशोपचार पूजा, शायं कालीन आरती आदि शामिल है। बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम की आनलाइन पूजाओं के निर्धारित रेट मंदिर समिति की वेबसाइट पर देखे जा सकते है।

मंदिर समिति द्वारा पूजाओं की बुकिंग शुरू करते श्रद्धालुओं ने वेबसाइट पर संपर्क शुरू कर दिया है। वेबसाइट पर अभी तक 93 पूजाएं आनलाइन बुक हुई है।श्री बदरीनाथ हेतु कुल 32 महाभिषेक तथा अभिषेक पूजा व केदारनाथ हेतु 61 षोडशोपचार पूजा बुक हुई है।इंटरनेट कार्डिनेटर दीपेन्द्र रावत के अनुसार बदरीनाथ धाम हेतु तीस फीसदी तथा केदारनाथ हेतु बीस फीसदी पूजाये आनलाइन बुक हो रही है।

रुद्रप्रयाग में बारिश का अलर्ट, आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर पर दें जानकारी।

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जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, त्वरित कार्यवाही के लिए तैयार*

मौसम विभाग द्वारा राज्य के अधिकांश जनपदों में अगले दो दिन बारिश, ओलावृष्टि तथा बिजली चमकने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सावधानी बरतने हेतु विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है।
जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड ओर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि वे सभी मौसम के अलर्ट एवं पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए जरूरी सुरक्षा एहतियात बरतें।

जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति अथवा जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। जनता जीपीएस कैमरे द्वारा लोकेशन के साथ संबंधित स्थान की फोटोग्राफ्स तत्काल व्हाट्सएप्प नंबर 8958757335 पर उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, किसी भी संबंधित जानकारी के लिए जनपद के आपातकालीन परिचालन केंद्र का टॉल फ्री नंबर 1077 एवं लैंडलाइन नंबर 01364233727 पर भी संपर्क किया जा सकता हैं।

 

अतुल मॉर्डन पब्लिक हाईस्कूल तिलवाडा का वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमो के साथ बड़े धूमधाम से मनाया गया।।

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तिलवाडा । अतुल मॉडल पब्लिक हाईस्कूल तिलवाडा की स्थापना आज से 21 वर्ष पूर्व 5 मई 2004 को 26 छात्र छात्राओं के प्रवेश से शुरुवात हुई ।प्राम्भिक वर्षो में अतुल मॉडल पब्लिक स्कूल को पांचवी तक अंग्रेजी माध्यम से चलाया गया जिसमें तिलवाडा क्षेत्र के अंर्तगत पड़ने वाले गाँवो ने भी इसमें अपना सहयोग कर अपने पाल्यो का प्रवेश इस विद्यालय में कराया।विद्यालय के स्थापना काल के 21 वर्षों में यंहा से अध्यनरत छात्र छात्राएं ,चिकित्सा के क्षेत्र में ,स्वस्घ्य के क्षेत्र में ,प्रशासनिक व देश की रक्षा में अतुल्य योगदान दे रहे है ।इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र हर वर्ष नवोदय विद्यालय ,सैनिक स्कूल के लिए समय समय पर चयनित होते रहते है ।वर्तमान स्तिथि की अगर बात करे तो पिछले तीन वर्षों से उत्तराखण्ड बोर्ड परीक्षा 25 में हर वर्ष यंहा के 5 से अधिक छात्र छात्राएं निकलते है ।छात्रों की योग्यता केवल पढ़ाई नही बल्कि सांस्कृतिक ,योगा, पेंटिग व खेल कूद में भी जनपद रुद्रप्रयाग में अग्रणीय रहते है ।

आज अतुल मॉडल पब्लिक स्कूल तिलवाडा अपने 21 वर्ष के स्थापना काल मे दूसरी बार अपना वार्षिकोत्सव मना रहा है जिसमे छात्र छात्राओं द्वारा विभिन प्रकार के सामाजिक,आर्थिक, देशभक्ति ,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित कई जनसरोकारों सहित नाट्य दर्शकों के सामने प्रस्तुत किये,
कार्यक्रम के मुख्यातिथि रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी के प्रतिनिधि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष भारतभूषण भट्ट ने शिरकत की ।भारत भूषण भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यालय ने अपने स्थापना काल से ही अनेक आयाम छुए है और जनपद रुद्रप्रयाग ही नही बल्कि उत्तराखण्ड में अग्रणीय विद्यालय के रूप में जाना जाता है यंहा पर अध्यापन कार्य करने वाले सभी शिक्षकों के योगदान से ही आज छात्र आगे बढ़ रहे है।


कार्यक्रम की शुरुवात सरस्वती बन्दना से प्राम्भ किया गया साथ ही छात्र छात्रों द्वारा बाहर से आये सभी आगन्तुको का स्वागत गीत के द्वारा की गई।वार्षिकोत्सव में विद्यालय परिवार व प्रधानाचार्य ललित मोहन रावत द्वारा विद्यालय की पूरी रूप रेखा को सभी आगन्तुको के सामने रखा गया।अतुल पब्लिक स्कूल का हाईस्कूल परीक्षाफल हर वर्ष सत प्रतिशत रहता है और प्रतिवर्ष यहां के छात्र छात्राएं उत्तराखण्ड बोर्ड में मैरिड लिस्ट में अपना स्थान बनाते है ।वर्तमान में इस विद्यालत मे 500 छात्र छात्राएं अध्यनरत है जो नर्सरी कक्षा से लेकर 12 वी कक्षा तक संचालित हो रही है ।वार्षिकोत्सव में छात्र छात्राओं द्वारा समाजिक सरोकारों से लेकर पलायन ,हर दिन ऐसे जिओ,बम बम बोले,गढ़वाली कुमाउनी गीत-जय हो कुमाऊँ जय हो गढ़वाल ,सुन मितवा,लावणी नृत्य,कुमाउनी छोलिया नृत्य,जीतू बगडवाल,हिमांचल नृत्य,पांडव नृत्य में द्रोपती चीरहरण के कार्यक्रम रखे गए है।

विधायक भरत चौधरी ने 136 जरूरतमंद गरीब लोगों को वितरित किये मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के चैक।

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रुद्रप्रयाग तहसील परिसर में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के 136 लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के चैक वितरित किये। चैक वितरण के अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जिन जरूरतमंद लोगों ने आर्थिक सहायता के लिये आवेदन दिया। उसमें विधवा महिला, गरीब आसाय, बीमार, एव गरीब परिवार की बालिकाओं की शादी के लिए कुछ न कुछ आर्थिक मदद करने का प्रयास किया गया है। जरूरतमंद लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि के चैक स्वीकृत होने पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आगे भी जो भी जरूरतमंद पात्र लोग होंगे उनकी कुछ न कुछ मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर जरूरतमंद गरीब, के साथ हमेशा खड़ी रहती है। उनकी हर संभव मदद करने का प्रयास किया जाता है। इस अवसर पर तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी, सभासद सुरेंद्र रावत, विकास डिमरी, जयकृत बिष्ट सहित लाभार्थी गण उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की तैयारी, 9 जिलों को मिले बैलेट पेपर।

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उत्तराखंड-उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी सप्ताह आयोग मतदाता सूची को ऑनलाइन जारी करेगा, जिससे ग्रामीण अपने नाम की जांच कर सकेंगे।

मंगलवार को एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया गया। राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनावों से पहले मतदाताओं को व्यापक रूप से जागरूक करने में जुटा है। पहली बार, हर पंचायत तक मतदाता सूची पहुंचाकर ग्रामीणों को उनके नामों की जांच करने का अवसर दिया गया था। इसके अलावा, प्रदेशभर में मतदाता सूची के संशोधन के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया। अब आयोग पहली बार पंचायतों की मतदाता सूची को ऑनलाइन अपलोड करने जा रहा है।

आयोग के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि एनआईसी के साथ हुई बैठक में तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, “अगले 2-3 दिनों में आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे लोग अपने नामों की पुष्टि कर सकेंगे।”

आयोग ने नौ जिलों के लिए बैलेट पेपर प्रकाशित कराकर भेज दिए हैं। हरिद्वार में फिलहाल चुनाव नहीं होंगे, जबकि शेष तीन जिलों (चम्पावत, उधम सिंह नगर और पौड़ी गढ़वाल) के लिए प्रक्रिया जारी है। पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए सरकार ने अध्यादेश जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। पंचायती राज विभाग इस प्रस्ताव को तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। अध्यादेश लागू होने के बाद, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। इस प्रकार, उत्तराखंड में पंचायत चुनावों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और जल्द ही मतदाताओं को ऑनलाइन सूची देखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, ओबीसी आरक्षण का मुद्दा भी अध्यादेश के माध्यम से सुलझाया जाएगा।

देवप्रयाग के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने की चपेट में आकर देहरादून में तैनात पुलिस जवान की दर्दनाक मौत।

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देवप्रयाग ।देवप्रयाग के तीन धारा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की चपेट में आने से देहरादून में तैनात पुलिस जवान की दर्दनाक मौत हो गई है : अश्वरोही दल में नियुक्त आरक्षी मृतक तनुज सिंह रावत 40 वीं वाहिनी पीएसी में नियुक्त थे और वर्तमान में जनपद देहरादून के अश्वरोही दल सम्बद्ध (अटैच)चल रहे थे । मूल रूप से चमोली के रहने वाले दिवंगत तनुज सिंह रावत 2 साल पहले 2023 में उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हुए थे । सिपाही तनुज सिंह की आकस्मिक निधन पर एसएसपी अजय सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है ।

नाबालिग बालिका के साथ छेडखानी करने तथा उसके बीच बचाव में आये उसके भाई के कान पर धारधार हथियार से वार करने के मामले में कोतवाली रुद्रप्रयाग पर हुआ अभियोग पंजीकृत, अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 02 टीमें की गयी हैं रवाना।

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उक्त घटनाक्रम कल देर सांयकाल को हुआ था घटित, चोटिल हुए बालक को परिजनों द्वारा कराया गया है श्रीकोट अस्पताल में भती।*

आज 08 अप्रैल 2025 को वादी श्री प्रदीप सिंह रावत पुत्र स्व0 श्री भीम सिंह निवासी ग्राम खरगेड़, पो0 सेरा, जिला रुद्रप्रयाग ने कोतवाली रुद्रप्रयाग पर आकर तहरीर दी गयी कि गत दिवस सांयकाल को उनके ही गांव का मकान सिंह पुत्र श्री हुकम सिंह उनकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी कर रहा था तो बीच बचाव में आये उनके पुत्र पर उक्त व्यक्ति द्वारा धारधार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे उसके बायीं तरफ का कान कट गया, परिजनों द्वारा देर रात्रि में ही अपने पुत्र को श्रीकोट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उसका इलाज चल रहा है।
प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली रुद्रप्रयाग पर मु0अ0सं0 24/2025 धारा 118 (2), 3, 4 भारतीय न्याय संहिता तथा 7/8 पोक्सो अधिनियम के तहत नामजद अभियुक्तगण मकान सिंह एवं हुकम सिंह के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही की गयी है।
एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने जानकारी दी है कि कोतवाली रुद्रप्रयाग पर पंजीकृत इस अभियोग से सम्बन्धित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 02 टीमें रवाना की गयी हैं। पुलिस के स्तर से अस्पताल में भर्ती बालक के स्वास्थ्य की जानकारी ली गयी है, जिसका वर्तमान समय में उपचार चल रहा है।

 

सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए यात्रा से एक सप्ताह पहले सभी व्यवस्थाएं पूर्ण की जाए- मुख्यमंत्री

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यात्रा मार्गों में संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।*

*सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से की अपील।*

*सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए हितधारकों के भी लिए जायेंगे सुझाव।

सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए यात्रा शुरू होने से एक सप्ताह पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। यात्रा मार्गों पर पार्किंग की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए जिनके निकट, होटल, धर्मशाला, होमस्टे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। धामों के दर्शन के लिए स्लॉट मैनेजमेंट सिस्टम और बेहतर बनाया जाए। यात्रा मार्गों में संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों के दृष्टिगत यातायात प्रबंधन की बैठक के दौरान दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस द्वारा बेहतर प्लान के साथ कार्य किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा प्रबंधन में पिछले साल जो समस्याएं आई थी उनकी पुनरावृत्ति न हो। जाम की स्थिति वाले स्थानों की रियल टाइम जानकारी सोशल मीडिया पर और अन्य माध्यमों साझा की जाए। पुलिस व प्रशासन के सोशल मीडिया हैंडल्स पर यातायात और मौसम की जानकारी नियमित अपडेट की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों की जानकारी श्रद्धालुओं को गूगल मैप से मिल जाए, इसकी व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि रजिस्ट्रेशन करने के बाद ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आयें, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा के लिए 60 प्रतिशत ऑन लाइन और 40 प्रतिशत ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई। सुव्यवस्थित यात्रा संचालन के लिए यात्रा मार्गों से जुड़े सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय बनाया जाए और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए। सरकार द्वारा चारधाम यात्रा के लिए की गई तैयारियों की जानकारी भी हितधारकों के साथ साझा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा के वैकल्पिक मार्गों को भी सुदृढ़ किया जाए। यात्रा मार्गों पर अस्थाई पार्किंग विकसित करने के लिए भुगतान के आधार पर स्थानीय लोगों से भी संपर्क किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत यात्रा मार्ग पर पुलिस सहायता डेस्क स्थापित किये जाएं। यात्रा मार्गों पर आपदा संभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। यात्रा मार्गों पर आवश्यकतानुसार क्रेश बैरियर लगाये जाएं। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की सघन चैकिंग अभियान चलाया जाए और वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रा मार्गों पर विभिन्न जानकारियों के लिए साइनेज की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। डीजीपी श्री दीपम सेठ ने चारधाम यात्रा को लेकर की गई तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले साल लगभग 48 लाख श्रद्धालुओं ने सकुशल यात्रा की। इस साल की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए 50 थाने, 79 रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, 5850 पुलिस बल, 38 सीजनल (अस्थाई) चौकियां रहेगी। ट्रैफिक के बेहतर प्रबन्धन हेतु तीन प्लान तैयार किए गए जिन्हें वाहनों के दबाव एवं जाम की स्थिति को देखते हुए लागू किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल रेंज के अधीन चारधाम कंट्रोल रूम की स्थापना की गयी है, जिसके प्रभारी एसपी ट्रैफिक देहरादून लोकजीत सिंह रहेंगे। पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था के अधीन पुलिस मुख्यालय स्तर पर चारधाम सेल गठित होगा, जो कि लगातार नियंत्रण एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था करेगा। सम्पूर्ण यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टर में बांटा गया है। चारधाम यात्रा के साथ ही लंबे वीकेंड के लिए भी विस्तृत यातायात प्लान तैयार किया गया है।

डीजीपी ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग के 54 बॉटलनेक्स, 198 दुर्घटना संभावित स्थल, 49 ब्लैक स्पॉट और 66 लैंड स्लाइडिंग क्षेत्रों को पुलिस विभाग ने चिन्हित कर लिया है। जिसमें सम्बन्धित विभाग द्वारा यात्रा से पूर्व समस्त उपाय कर लिए जाएंगे। पिछले साल 113 पार्किंग स्थल चिन्हित थे जिनमें 33295 छोटे और 3554 बड़े वाहनों की व्यवस्था थी। इस साल 17 पार्किंग स्थलों को और चिन्हित किया गया है। कुल 130 चिन्हित पार्किंग स्थलों में 43416 छोटे और 7855 बड़े वाहनों के पार्क की व्यवस्था रहेगी।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री नितेश झा, श्री सचिन कुर्वे, डा. बी.वी.आर पुरुषोत्तम, डा. पंकज पांडेय, श्री बृजेश कुमार संत, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी श्री वी मुरुगेशन, श्री ए पी अंशुमन, आई जी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी श्री नीलेश आनंद भरणे और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सेतु आयोग द्वारा राज्य की गोल्डन जुबली 2050 तक का विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए-मुख्यमंत्री

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*विभागों की पॉलिसी का विस्तृत विश्लेषण किया जाए।*

*राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा संक्षिप्त रिपोर्ट बनाई जाए।*

सेतु आयोग द्वारा राज्य की गोल्डन जुबली 2050 तक का विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए। आगामी 25 सालों में राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास के लिए सुनियोजित प्लान बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जाए। प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य की विकास यात्रा से जोड़ने और राज्य में निवेश के लिए उन्हें प्रेरित करने की दिशा में भी कार्य किये जाएं। सेतु आयोग द्वारा विभागों की पॉलिसी का विस्तृत विश्लेषण किया जाए और विभागों के कार्यों को बेहतर क्रियान्वयन के लिए सहयोग दिया जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सेतु आयोग की नीतिगत निकाय की प्रथम बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेतु आयोग का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सेतु आयोग द्वारा 02 वर्ष का अल्पकालिक, 10 वर्ष का मध्यकालिक और 25 वर्ष की दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि योजना बनाने के साथ ही उनके क्रियान्वयन और अनुश्रवण पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में बागवानी और डेरी क्षेत्र में कार्य की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेतु आयोग के विशेषज्ञों द्वारा इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाए। युवाओं के कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण की दिशा में कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग को विभागों के उत्प्रेरक (कैटलिस) की भूमिका में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा संक्षिप्त रिपोर्ट बनाई जाए, जिससे विभागों को आगे कार्य करने के लिए सही दिशा मिले। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि, बागवानी, पर्यटन, ऊर्जा, औषधीय उत्पादों के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नीति बनाई जा रही है ताकि उनका धरातल पर बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके। इसी का परिणाम है कि सीएम छात्रवृत्ति योजना लागू होने के बाद विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ी है। बेहतर स्वास्थ्य योजनाओं से स्वास्थ्य सुविधाओं में अनेक सुधार हुए हैं, संस्थागत प्रसव में तेजी से वृद्धि हुई है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के उत्पादों की मार्केटिंग बेहतर हो सके। इसके लिए सप्लाई चैन के साथ ही स्थानीय स्तर पर क्लस्टर खेती को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने अब तक आयोग द्वारा किए गए और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित और सशक्त उत्तराखंड की दृष्टि से राज्य की नीति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए विभागों के साथ समन्वय कर उन नीतियों को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन कराना सेतु आयोग का मुख्य उद्देश्य ह,ै जिससे योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिल सके। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य के समग्र विकास के लिए विभागों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की जा रही है। इससे धरातल में योजनाओं की स्वीकार्यता बढ़ेगी और क्रियान्वयन में भी आसानी होगी। तकनीकी का अधिकतम उपयोग, इकोनॉमी और इकोलॉजी में संतुलन और प्रभावी अनुश्रवण किया जाएगा। टाटा ट्रस्ट, बिल गेट्स फाउंडेशन, नैस्कॉम, आई टी सी, महिंद्रा जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर कृषि, उच्च शिक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास, आई टी व अन्य क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की बंजर भूमि को खेती योग्य बनाने, कृषि उत्पादक संगठन, डेयरी क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में कारगर प्रयास किए जा रहे है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने बताया सेतु आयोग का सुचारू रूप से संचालन हो रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य के सामाजिक आर्थिक विकास को सशक्त बनाया है। एक माह के भीतर आयोग के कार्यों के आउटपुट राज्य के भीतर देखने को मिलेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, सलाहकार वित्त हनुमंत पंत, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशाल पराशर, सामाजिक कल्याण भावना सहित आयोग के सदस्य मौजूद रहे।

आगामी केदारनाथ यात्रा को देखते हुए घोड़े खच्चरों में हो रहे इक्वाइन इंफ्लेंजुआ नामक संक्रामक बीमारी को रोकने रुद्रप्रयाग पुलिस ने जनपद की सीमाओं पर बढ़ाई चौकसी।

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किसी भी प्रकार से जनपद रुद्रप्रयाग में न हो अश्ववंशीय पशुओं का प्रवेश जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से जनपद सीमाओं में की जा रही सघन चेकिंग*

रुद्रप्रयाग । आगामी 02 मई 2025 को जनपद में स्थित श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। सामान्यतः श्री केदारनाथ धाम की यात्रा हेतु आने वाले श्रद्धालुगण पैदल, घोड़ा-खच्चर, डण्डी-कण्डी हैलीकॉप्टर इत्यादि के माध्यम से पहुंचते हैं। श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर अश्ववंश यानि घोड़ा-खच्चर का उपयोग भी न केवल श्रद्धालुओं को ले जाने अपितु सामान ढुलाई में भी होता है। वर्तमान समय में जनपद के कुछ क्षेत्रों में घोड़े खच्चरों पर इक्वाइन इंफ्लेंजुआ का संक्रमण होना पाया गया है। यह इन पशुओं में होने वाली एक प्रकार की संक्रामक यानि तेजी से फैलने वाली बीमारी होती है। इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड शासन के स्तर से निर्णय लिया गया है अश्व प्रजाति के पशुओं में इक्वाइन इंफ्लेंजुआ संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही की जानी है। साथ ही बिना स्क्रीनिंग एवं फिटनेस के अश्ववंशीय पशु जनपद रुद्रप्रयाग में न भेजे जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस क्रम में जनपद पुलिस के स्तर से जनपद सीमाओं, बैरियर, व ऐसे स्थल जहां से जनपद में पशुओं का सम्भावित आवागमन हो सकता है, प्रभावी चेकिंग कर जनपद सीमा मेे पहुंच रहे घोड़ा-खच्चरों को वापस भेजा जा रहा है। साथ ही जनपद क्षेत्रान्तर्गत की सीमाओं में आ रहे घोड़ा-खच्चरों की मानीटरिंग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की जा रही है। जनपद पुलिस की सभी से अपील है कि इस संक्रामक बीमारी का उचित उपचार होने व पूर्ण रूप से रोकथाम होने तक जनपद रुद्रप्रयाग की सीमा में अश्ववंशीय पशुओं को लेकर न आयें ताकि आपका पशु भी सुरक्षित रहे।
पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुण्डीर ने पुलिस बैरियरों की चेकिंग कर ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।