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Wednesday, March 18, 2026


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उत्तराखण्ड के चरधामो की यात्रा व्यवस्था का जिम्मा शासन ने चार IAS अधिकारियों को सौंपा।

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देहरादून- ।उत्तराखंड में शीघ्र ही चारधाम यात्रा प्रारंभ होने जा रही है, जिसके लिए शासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड शासन के पर्यटन अनुभाग ने चारधाम यात्रा मार्गों और धामों की स्थलीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने हेतु वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नामित किया है।

मुख्य सचिव के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा के प्रमुख धामों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए निम्नलिखित सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गंगोत्री धाम – सचिव बी०वी०आर०सी० पुरुषोतम निरीक्षण करेंगे।

यमुनोत्री धाम – सचिव नीरज खैरवाल को जिम्मेदारी दी गई है।

बद्रीनाथ धाम – सचिव आर० राजेश कुमार यात्रा व्यवस्था की देखरेख करेंगे।

केदारनाथ धाम – सचिव युगल किशोर पन्त निरीक्षण करेंगे।

यह सभी अधिकारी देहरादून से सड़क मार्ग के माध्यम से संबंधित धामों तक पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इसके तहत सड़कों की स्थिति, पार्किंग सुविधाएं, तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सेवाएं, आपदा प्रबंधन योजना और चिकित्सा व्यवस्थाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

सचिवों द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के आधार पर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे 11 अप्रैल को पूर्वान्ह 11:30 बजे मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर

  1. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इसे देखते हुए सरकार यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को दुरुस्त करने में जुटी है। इस वर्ष सरकार की प्राथमिकता यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

चमोली के आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी को मुख्यालय किया गया अटैच,आबकारी निरीक्षक आराधना रावत को DEO चमोली का दिया गया चार्ज।

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देहरादून- चमोली में तैनात ज़िला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी को आबकारी आयुक्त हरीश चंद्र सेमवाल ने तत्काल प्रभाव से आबकारी मुख्यालय देहरादून अटैच किया हैं।आदेश में आयुक्त ने ज़िला आबकारी अधिकारी के स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया हैं।उधर आबकारी अधिकारी के मेडिकल अवकाश की अवधि तक चमोली में तैनात आबकारी निरीक्षक आराधना रावत को ज़िला आबकारी अधिकारी का चार्ज दिया गया हैं।

वही आबकारी मुख्यालय देहरादून में आज आबकारी कर्मियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि तीन दिनों के भीतर ज़िला आबकारी अधिकारी और अन्य दो कर्मियो के ऊपर की गई कार्यवाही को तत्काल वापस लिया जाये।शिकायत वापस न लेने पर आबकारी कर्मियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य चल रहा है तीव्र गति से,इस समय 270 मजदूर हटा रहे है पैदल मार्ग पर बने हिमखण्डों को। .

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गौरीकुंड।।आगामी 2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। पैदल यात्रा मार्ग को सुचारू बनाने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) के कर्मचारी बर्फ हटाने के कार्य में लगे हुए हैं।

तेज़ी से हो रहा बर्फ हटाने का कार्य डीडीएमए के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वाण ने बताया कि यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने के लिए 270 मजदूरों को तैनात किया गया है। इनमें से 70 मजदूर छोटी लिनचौली से बड़ी लिनचौली तक बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं।जबकि 200 मजदूर नए और पुराने ट्रैक पर बर्फ हटाने में जुटे हैं।उन्होंने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी रास्तों को पूरी तरह से साफ कर दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

कुट्टू के आटे की बिक्री पर धामी सरकार की सख्ती, बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा कुट्टू का आटा, सील पैक में होगी बिक्री।

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देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर से लिए गए कुट्टू के आटे के 06 सैंपल फेल, मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश*

*आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार की खाद्य कारोबारियों को चेतावनी, खुले में कुट्टू का आटा बेचा तो होगी कार्रवाई, उपभोक्ताओं से अपील सील पैक आटा ही खरीदें*

नवरात्रि के दौरान व्रत उपवास में प्रमुखता से उपयोग किए जाने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटी व संदूषित आटे के कारण होने वाली बीमारियों की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर राज्य में कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर नई गाईडलाइन जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता खुले में कुट्टू का आटा नहीं बेच सकेगा। इसका विक्रय केवल सील बंद पैकेटों में ही किया जाएगा। इसके अलावा, पैकेट पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार लेबलिंग नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

*खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, कुट्टू के आटे की पिसाई की तिथि, पैकेजिंग की तिथि और एक्सपायरी डेट पैकेट पर स्पष्ट रूप से अंकित करना जरूरी होगा। इसके अतिरिक्त, हर पैकेट पर विक्रेता की खाद्य लाइसेंस संख्या दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

*खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त नियम*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा और बीज नहीं बेचा जा सकेगा। सभी खाद्य कारोबारियों को खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखना होगा। बिना अनुमति के खुले में कुट्टू के आटे की बिक्री करने पर कडी कार्रवाई की जाएगी।

*मिलावट से बीमार होने की घटनाएं*
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून, हरिद्वार और अन्य जिलों में मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से कई लोग फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से ग्रसित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए सरकार ने पहले से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है।

*संबंधित अधिकारियों को दिए गए कडे निर्देश*
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है कि नए नियमों का कडाई से पालन हो और इसकी नियमित जांच व निरीक्षण किया जाए। यदि कोई भी विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वे केवल सील पैक आटा ही खरीदें और पैकेट पर अंकित निर्माण व एक्सपायरी तिथि, लाइसेंस नंबर और अन्य विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें।

*कुट्टू के आटे के छह सैंपल फेल*
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा कुट्टू के आटे की जांच में कई नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में सघन निरीक्षण और नमूना संग्रहण किये जा रहे हैं। जिसमें कई प्रतिष्ठानों से लिए गए कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच की गई। देहरादून जनपद में मैसर्स लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, विकासनगर से संग्रहित नमूना मिला असुरक्षित। यह कीट व फंगस से विषाक्त पाया गया। ब्लिंक कामर्स प्राइवेट लिमिटेड ऋषिकेश, हरिद्वार जनपद में नटराज एजेंसी, पीठ बाजार, ज्वालापुर और आशीष प्रोविजन स्टोर, खेडी मुबारकपुर, लक्सर से संग्रहित नमूने भी असुरक्षित पाए गए। इनमें मायकोटॉक्सिन विषाक्त पाया गया है। इसके अलावा अनाज मंडी रुडकी स्थित शिवा स्टोर से संग्रहित नमूना अधोमानक मिला। वहीं, जनपद ऊधमसिंहनगर में सिसोना, सितारगंज स्थित जय मैया किराना स्टोर से लिए कुट्टू के आटे के सैंपल में मायकोटॉक्सिन पाया गया। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि इन मिलावटी और असुरक्षित नमूनों को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

*खाद्य कारोबारियों को मिली चेतावनी*
खाद्य संरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे खुले में कुट्टू का आटा न बेचें और केवल सील पैक व मानकों के अनुरूप उत्पाद ही बिक्री के लिए रखें। इसके अलावा, सभी खाद्य विक्रेताओं को खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है।

*उपभोक्ताओं से अपील*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की खरीदारी करते समय विशेष सतर्कता बरतें। केवल सील पैक और वैध लाइसेंस प्राप्त उत्पाद ही खरीदें और पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और लाइसेंस नंबर की जांच अवश्य करें। यदि किसी उपभोक्ता को संदेहास्पद खाद्य उत्पाद मिलता है, तो वह इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कर सकता है।

सीएम के विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करते डीएम सविन ।

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डीएम देहरादून, शहर को आधुनिक बनाने में लवलीन।*

*मा0 सीएम के निर्देश पर डीएम के brainchaild automated parking निर्माण ने पकड़ी गति जल्द मिलेगी सौगात।*

*एक माह के भीतर देहरादून core शहर में दिखेंगे वाहन mechanical racks पर पार्क होते हुए।*

*तिब्बती मार्केट, परेड ग्राउंड आउटर, एवं coronation Hospital सब पर निर्माण चल रहा।*

*माह दिसम्बर में मा0 सीएम ने किया था शिलान्यास*

*जनमानस को सुगम सुविधा जुटाने में जिला प्रशासन तत्पर, ऐन केन स्रोतों से डीएम ने जुटा ही लिया फंड ।*

*डीएम का आईडिया ऑटोमेटेड पार्किंग ने “गागर में सागर” वाली कथन को साबित कर दिखाया। न्यून लागत और उच्चतम प्रतिफल का प्रतिक:*

*अब वाहन प्रेमी शहर देहरादून में ऑटोमेटिक पार्किंग का सुविधा ले सकेंगे।*

*वाहन सुरक्षा हेतु आधुनिक तकनीक से लैस होंगी, ऑटोमेटिक पार्किंग।*

देहरादून। मुख्यमंत्री के विकसित उत्तराखंड की संकल्प को साकार करने में जुटे जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर देहरादून में आम जनमानस को सुगम सुव्यवस्थित सुविधा मुहैया कराने को लेकर जनपद के समस्त क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में *डीएम के brainchaild automated पार्किंग निर्माण ने पकड़ी रफ्तार जल्द ही जनमानस को उसके शौगात मिलने जा रही है। मा0 सीएम ने माह दिसम्बर में शिलान्यास किया था। डीएम ने आधुनिक सुविधा से लैस दो ऑटोमेटेड पार्किंग बनाने का निर्णय लिया हैं। जो कि एक विकसित राज्य की महत्व पूर्ण उपलब्धि हैं। जहां बढ़ती हुई वाहनों की संख्या से पार्किंग की दबाव को दूर करने के लिए। डीएम ने ऑटोमेटिक पार्किंग की नई तरकीब निकली कि कम जगह पर अधिक वाहन आसानी से पार्क हो सकें। यही नहीं उन्होंने पार्किंग के निर्माण हेतु हर स्तर पर कार्यों को तेजी से संपादित करवाते हुए, संबंधितों को युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।
जिसके फल-स्वरुप दो में से एक ऑटोमेटेड पार्किंग बनकर तैयार होने जा रहे हैं, जो कि जल्द ही आम जनमानस को इसका लाभ देने जा रहे हैं।
डीएम देहरादून, शहर को आधुनिकता बनाने में लवलीन। डीएम के brainchaild automated parking निर्माण ने पकड़ी गति जल्द मिलेगी सौगात।एक माह के भीतर देहरादून core शहर में दिखेंगे वाहन mechanical racks पर पार्क होते हुए।
तिब्बती मार्केट, परेड ग्राउंड आउटर, एवं coronation Hospital सब पर निर्माण चल रहा। जनमानस को सुगम सुविधा जुटाने में जिला प्रशासन तत्पर, ऐन केन स्रोतों से डीएम ने जुटा ही लिया फंड।

*डीएम का आईडिया ऑटोमेटेड पार्किंग ने “गागर में सागर” वाली कथन को साबित कर दिखाया। न्यून लागत और उच्चतम प्रतिफल का प्रतिक:अब वाहन प्रेमी शहर देहरादून में ऑटोमेटिक पार्किंग का सुविधा ले सकेंगे। वाहन सुरक्षा हेतु आधुनिक तकनीक से लैस होंगी, ऑटोमेटिक पार्किंग।*

 

वन महकमे में तबादले.. पाँच IFS अधिकारियों के तबादले।

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देहरादून..वन महकमे में तबादले..

पाँच IFS अधिकारियों के तबादले

IFS कपिल लाल को योजना एवं वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी

कपिल लाल से परियोजना एवं सामुदायिक वानिकी हटाया गया।

IFS SP सुबुद्धि को वर्तमान पदभार के साथ अध्यक्ष जैव विविधता बोर्ड की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली।

IFS निशांत वर्मा से योजना एवं वित्तीय प्रबंधन हटा।

होफ कार्यालय से सम्बद्ध IFS सुशांत पटनायक को परियोजना एवं सामुदायिक वानिकी पद पर तैनाती।

IFS सुबोध कुमार काला उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपा बनाये गए।IFS Transfer Orders_0001

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व सौंपे गये ।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व सौंपे गये है।
सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं उनमें श्री हरक सिंह नेगी जनपद चमोली को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, सुश्री ऐर्श्वया रावत रूद्रप्रयाग को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग, श्रीमती गंगा विष्ट जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, श्री श्याम अग्रवाल जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड आवास सलाहकार परिषद, श्रीमती शांति मेहरा जनपद नैनीताल को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, श्री भगवत प्रसाद मकवाना जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, श्री हेमराज विष्ट जनपद पिथौरागढ को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, श्री रामचंन्द्र गौड जनपद चमोली को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, श्री पूरन चंद नैलवाल जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद, श्री रामसुन्दर नौटियाल जनपद उत्तरकाशी उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, श्रीमती सायरा बानो जनपद ऊधम सिंह नगर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग, श्रीमती रेनू अधिकारी जनपद नैनीताल को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, सुश्री रजनी रावत जनपद देहरादून उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, श्री ओम प्रकाश जमदग्नि जनपद हरिद्वार उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, श्री भूपेश उपाध्याय जनपद बागेश्वर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद, श्री कुलदीप कुमार जनपद देहरादून अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद, श्री ऋषि कण्डवाल जनपद पौडी उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, श्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल जनपद टिहरी उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, श्री अजय कोठियाल जनपद टिहरी अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, श्री श्याम नारायण पाण्डे जनपद नैनीताल उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।

चमोली जिले की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष फिर हुई बहाल। प्रशासक पद पर बनी रहेंगी रजनी भंडारी,आदेश हुए जारी।

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चमोली जिले की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष फिर हुई बहाल।

प्रशासक पद पर बनी रहेंगी रजनी भंडारी,आदेश हुए जारी।

आज नैनीताल हाइकोर्ट ने रजनी भंडारी को प्रसासक पद पर बहाल न करने को लेकर किया था पंचायती राज सचिव व जिलाधिकारी चमोली को अवमानना नोटिस जारी।

सीएम धामी के कड़े निर्देश, बख्शे नहीं जाएंगे मिलावटखोर, जांच समिति का गठन, तीन दिन में रिपोर्ट देगी समिति।

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प्रदेशभर में एफडीए के ताबड़तोड़ छापे, अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों में छापे, दो दर्जन दुकानों को नोटिस, बड़ी मात्रा में कुट्टू का आटा किया गया नष्ट*

स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दूषित कुट्टू के आटे से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के प्रकरण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह समिति तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस समिति के अध्यक्ष ताजबर सिंह, अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन होंगे। अन्य सदस्यों में राजेंद्र सिंह रावत, उपायुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, सतर्कता सह अभिसूचना शाखा के अधिकारी तथा महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा नामित दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि समस्त पहलुओं की गहन जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपयुक्त सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है। इससे पहले, 31 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री को दूषित कुट्टू के आटे से बीमार मरीजों से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खाद्य उत्पादों की खरीद में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

*पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटखोरों के खिलाफ मंगलवार को प्रदेशभर में दुकानों और खाद्य गोदामों में छापेमारी की। एफडीए की टीमों ने सभी 13 जनपदों में अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 100 से अधिक सैंपल लिए गए और दो दर्जन से अधिक दुकानों को नोटिस थमाए गए हैं। एफडीए आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत छापेमारी अभियान चलाया गया। राज्य के सभी जनपदों में दूषित कुट्टू के आटे की जांच की गई। आयुक्त ने कहा मिलावटखोरों से सख्ती से निपटेंगे। मिलावटखोरी के खिलाफ जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि कुट्टू के आटे के मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस दौरान दुकानों से कुट्टू के आटे समेत कई वस्तुओं के सैंपल लिए गए हैं। मिलावट की आशंका को देखते हुए कई जनपदों में कुट्टू के आटे को बड़ी मात्रा में नष्ट कर दिया गया। एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी 13 जिलों में छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में लगभग पंद्रह सौ से भी अधिक दुकानों पर छापेमारी की गई है। कई दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दो दर्जन से भी अधिक दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

*दुकानदारों पर नोटिस
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग ने यह स्पष्ट किया कि उन दुकानदारों को कड़ी सजा दी जाएगी, जो मिलावट में शामिल पाए जाएंगे। विभाग ने दुकानदारों से शुद्ध सामग्री बेचने की अपील की और कहा कि किसी भी हाल में मिलावट करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

*देहरादून में 100 किलो आटा नष्ट
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उपायुक्त गढ़वाल आर. एस. रावत और जिला अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में रेसकोर्स, आराघर, धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, आढत बाजार, हनुमान चैक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संजय तिवारी, संतोष कुमार सिंह और सतर्कता अभिसूचना एफ.डी.ए. के जगदीश रतूडी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान 21 प्रतिष्ठानों में कुट्टू का आटा विक्रय हेतु नहीं पाया गया, केवल गोयल आटा चक्की, रेस्ट कैंप में पैक्ड कुट्टू का आटा बिक्री पर था, जिसका नमूना जांच के लिए लिया गया। जांच दल ने करीब 100 किलो दूषित कुट्टू के आटे को जब्त कर कारगी ट्रेचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

*आयुक्त ने ली एफडीए अधिकारियों की बैठक*
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने प्रदेशभर में युद्धस्तर पर हुई छापेमारी की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अभियान लगातार जारी रहे। अभियान को व्यापक बनाकर चलाया जाए। इसी माह चारधाम यात्रा भी शुरू हो रही है। इसलिए यात्रा से संबंधित जनपदों व यात्रा मार्ग पर खास फोकस किया जाए। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*आम जनता से अपील
डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि यह केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम जनता को भी मिलावटखोरों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता की सहायता से ही मिलावटखोरी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोगों को यह समझना होगा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकते हैं। मिलावटखोरी का मामला सिर्फ एक कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सबको मिलकर हल करना है।

धामी सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर के कई स्थानों के नाम बदले।

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(देहरादून)-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में स्थित विभिन्न गांवों, ब्लॉकों और सड़कों के नाम बदलने की घोषणा की। यह नामकरण भारतीय संस्कृति, विरासत और जनभावनाओं के अनुरूप किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह निर्णय लोगों की भावनाओं और देश के महान व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा, “इन नए नामों से लोगों को भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़े महापुरुषों से प्रेरणा मिलेगी।”

स्थानों के नए नामों की सूची

हरिद्वार जिले के ब्लॉकों के नाम परिवर्तन

भगवानपुर ब्लॉक
बहादराबाद ब्लॉक
नारसन ब्लॉक
खानपुर ब्लॉक
रुड़की ब्लॉक
रुड़की नगर निगम

देहरादून जिले के स्थानों के नए नाम

वर्तमान नाम प्रस्तावित नया नाम

औरंगजेबपुर- शिवाजी नगर
गाजीवाली- आर्य नगर
चांदपुर- ज्योतिबा फुले नगर
मोहम्मदपुर जट- मोहनपुर जट
खानपुर कुर्सली- अंबेडकर नगर
इदरीशपुर- नंदपुर
खानपुर- श्री कृष्णपुर
अकबरपुर फाजलपुर- विजयनगर
आसफनगर- देवनारायण नगर
सलेमपुर- राजपूताना शूरसेन नगर

देहरादून नगर निगम एवं अन्य क्षेत्र:

मियांवाला → रामजीवाला
पीरवाला → केसरी नगर
चांदपुर खुर्द → पृथ्वीराज नगर
अब्दुल्लापुर → दक्षनगर
नैनीताल जिले के स्थानों के नाम परिवर्तन
नवाबी रोड → अटल मार्ग
पनचक्की से आईटीआई मार्ग → गुरु गोवलकर मार्ग

उधम सिंह नगर जिले के स्थानों के नाम परिवर्तन

नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी → कौशल्या पूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह फैसला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों को उनके मूल भारतीय नामों से जोड़ने के लिए लिया गया है। साथ ही, यह देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।