14.6 C
Dehradun
Sunday, March 15, 2026


Home Blog Page 7

मुख्यमंत्री ने किया क्षेत्रीय जनता से संवाद रणकोची धाम से लिया जनकल्याण का संकल्प।

0

*चंपावत को दी ₹170.15 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राज्य में फिल्मों की शूटिंग एवं क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने की सराहना।

0

*एसोसियेशन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट कर क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान दिए जाने पर जताया आभार*

*राज्य की फिल्म नीति को बताया प्रभावी एवं बेहतर*

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने राज्य में फिल्मों की शूटिंग तथा क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। एसोसियेशन ने कहा कि राज्य में प्रभावी और आकर्षक फिल्म नीति लागू किए जाने से स्थानीय एवं क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को व्यापक लाभ मिल रहा है।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने तथा फिल्मों को अनुदान प्रदान किए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में आकर्षक फिल्म नीति–2024 लागू की गई है। इस नीति में राज्य के स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं तकनीशियनों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों को राज्य में किए गए व्यय का अधिकतम 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री एवं लघु फिल्मों को भी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर का फिल्म महोत्सव एवं फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए भारत सरकार के उपक्रम एनएफडीसी (NFDC) से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें राज्य के सभी स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार, तकनीशियन एवं लाइन प्रोड्यूसर आदि का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराया जाएगा।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के संरक्षक श्री अनुज जोशी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद द्वारा क्षेत्रीय सिनेमा के हित में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में फिल्मों को अनुदान देने हेतु गठित समिति की बैठक में स्थानीय फिल्मों को अनुदान राशि प्रदान की गई, जिसके लिए क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े सभी फिल्म निर्माता एवं निर्देशक राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
श्री जोशी ने राज्य में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई बेहतर फिल्म नीति के सकारात्मक परिणामस्वरूप प्रदेश में स्थानीय फिल्म निर्माण गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री बृजेश भट्ट, महासचिव श्री गंभीर जयाड़ा तथा सदस्य श्री जितेन्द्र पंवार, श्री हरीश नेगी, श्री विजय शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड : विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि, यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड।

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरे राज्यों के लिए पेश की मिसाल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद आम लोगों में विवाह पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने एक्ट के मुकाबले विवाह पंजीकरण कराने वालों की प्रतिदिन की औसत संख्या में 24 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और सत्ता में आने के बाद उन्होंने यह संकल्प पूरा किया। मुख्यमंत्री धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को, विशेष रूप से महिलाओं को, समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े प्रावधानों को यूसीसी में शामिल किया गया है। इस कानून के तहत महिला एवं पुरुषों के लिए विवाह की आयु निर्धारित की गई है, वहीं सभी धर्मों में तलाक एवं अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं। यूसीसी के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है।

यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है। वहीं, वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन के औसत पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के तहत प्रतिदिन केवल 67 विवाह पंजीकरण होते थे, जबकि यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। उत्तराखण्ड ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।”

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वदेशी संकल्प दौड़ का किया शुभारंभ।

0

*युवाओं को स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान*

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको नमन किया। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को उन्होंने सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत का संदेश देश की मजबूत नींव के लिए युवाओं को हमेशा प्रेरित करता रहेगा ।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने वोकल फॉर लोकल के संदेश को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियान सबको मिलकर आगे बढ़ाने होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, अनुशासन अपनाने, शिक्षा-कौशल विकास पर जोर देने तथा राष्ट्र कर्तव्यों का पालन करने का विशेष आह्वान किया।इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, भाजपा के संगठन मंत्री श्री अजेय कुमार पार्टी पदाधिकारी एवं भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।

सूचना का अधिकार जन सशक्तिकरण और पारदर्शी शासन का मजबूत आधार- मुख्यमंत्री।

0

आरटीआई अधिनियम के तहत सराहनीय कार्य करने वाले लोक सूचना तथा अपीलीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आरटीआई अधिनियम (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में आरटीआई अधिनियम के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने जिन अधिकारियों को सम्मानित किया उनमें जिलाधिकारी बागेश्वर श्रीमती आकांक्षा कोंडे (तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार), श्री अभिनव शाह मुख्य विकास अधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी श्री आयुष अग्रवाल, लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड के उपसचिव डॉ. प्रशांत, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा श्री एस.एस. चौहान, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अनु सचिव श्री राजन नैथानी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, पिथौरागढ़ श्री ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामनगर वन प्रभाग श्रीमती कमला शर्मा, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा, से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से श्री लियाकत अली खान और जिला विकास अधिकारी हरिद्वार श्री वेद प्रकाश शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है। इस अधिनियम ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा कि इस क़ानून ने प्रत्येक नागरिक को शासन की नीतियों, निर्णयों और कार्यप्रणाली को समझने, प्रश्न पूछने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शासन व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ऑनलाइन पोर्टल, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और जन-सुनवाई जैसे माध्यमों ने शासन और जनता के बीच संबंध को और मजबूत बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी शासन व्यवस्था की दिशा में सतत कार्य कर रही है। राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है और अधिकांश सरकारी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को जानकारी और सेवाओं की उपलब्धता में सुगमता आई है। मुख्यमंत्री ने आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल और आयोग की हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय प्रक्रिया और भी सुलभ हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य सूचना आयोग में 13 लाख से अधिक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं, जो आयोग की दक्षता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक अधिकारों की रक्षा में प्रशंसनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही इसके उपयोग में जिम्मेदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में इस अधिनियम का दुरुपयोग देखा गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग उन सूचनाओं को अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करे जिनकी बार-बार मांग की जाती है, ताकि नागरिकों को स्वतः जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बढ़े।

इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त श्रीमती राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त श्री देवन्द्र कुमार आर्य, श्री दलीप सिंह कुंवर, श्री कुशलानन्द, उत्तराखण्ड अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की।

0

देहरादून

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की*

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है।

साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

राजस्व क्षेत्र से लापता चल रही दो महिलाओं को पुलिस ने किया सकुशल बरामद।

0

​रुद्रप्रयाग: जनपद की पुलिस ने महिला सम्बन्धी अपराधों और उनकी सुरक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता दोहराते हुए दो अलग-अलग राजस्व क्षेत्रों से गुमशुदा हुई महिलाओं को सकुशल बरामद कर लिया है। चौकी जखोली पुलिस के कुशल प्रयासों से इन दोनों महिलाओं को उनके परिजनों तक पहुंचाया गया है।
​राजस्व क्षेत्र बुढना से सम्बन्धित अपराध संख्या 01/25 (धारा 140(3) भारतीय न्याय संहिता) के तहत एक महिला के गुमशुदा रहने व ​राजस्व क्षेत्र कोट बांगर से सम्बन्धित अपराध संख्या 02/25 (धारा 140(3) भारतीय न्याय संहिता) के तहत एक युवती की गुमशुदगी दर्ज होने पर इन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसपी रुद्रप्रयाग के निर्देशन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही की। चौकी प्रभारी जखोली, अपर उपनिरीक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कड़ी मेहनत और सूचना तंत्र के आधार पर दोनों गुमशुदाओं को क्रमशः दिनांक 07.01.2026 व दिनांक 08.01.2026 को बरामद कर ढूंढ निकाला गया। ​बरामदगी के बाद दोनों महिलाओं को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया और विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरान्त उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
​पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने कहा है कि – “जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजस्व क्षेत्रों से गुमशुदगी के इन दोनों मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिलाओं को सकुशल बरामद किया है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पीड़ितों को न्याय दिलाना और उनके परिजनों की चिंताओं को दूर करना है। आगे भी इसी प्रकार से संवेदनशीलता के साथ महिला सम्बन्धी अपराधों पर त्वरित गति से कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”

 

राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम होगा अब स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी।

0

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल अमल-शासनादेश हुआ जारी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों ने पेश की संवेदना और दोस्ती की मिसाल।

0
  • बणसू, जाखधार निवासी स्व. उपेंद्र रावत की आकस्मिक मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उठाने आगे आया नवोदय एलुमनाई संगठन*

*नवोदय विद्यालय एसोसिएशन ने उठाई स्व उपेंद्र के परिवार की जिम्मेदारी*

*दो लाख, 27 हजार रुपए आपसी सहयोग से जुटा कर परिवार को सौंपा चेक*

उत्तराखंड के जवाहर नवोदय विद्यालयों के पूर्व छात्रों के संगठन उत्तराखंड जवाहर नवोदय विद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन (UKJNAA) ने सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और आजीवन मित्रता का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संगठन ने जवाहर नवोदय विद्यालय, रुद्रप्रयाग के दिवंगत पूर्व छात्र स्व. उपेंद्र रावत की आकस्मिक मृत्यु के पश्चात उनके परिवार को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने की ठोस जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ली है।

गौरतलब है कि बणसू, जाखधार निवासी स्व. उपेंद्र रावत की असामयिक मृत्यु से उनका परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया था। इस कठिन समय में UKJNAA के पूर्व छात्रों ने आपसी सहयोग से दो लाख 27 हजार की धनराशि एकत्रित कर परिवार को चेक के माध्यम से सौंपी, जिससे परिवार को तत्काल राहत मिल सके। इस अवसर पर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह, नवल किशोर जगवान, सतवीर, नवप्रभात उपेंद्र के परिवार से मिलने पहुंचे थे।

*शिक्षा से लेकर रोजगार तक, हर स्तर पर सहयोग का संकल्प*

संगठन द्वारा केवल एकमुश्त आर्थिक सहायता तक ही सीमित न रहते हुए यह निर्णय भी लिया गया कि स्व. उपेंद्र रावत के दोनों बच्चों की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा का पूरा खर्च तथा उनकी छोटी बहन की पढ़ाई की जिम्मेदारी पूर्व छात्र स्वयं वहन करेंगे, ताकि परिवार के बच्चों की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।

इसके अतिरिक्त, UKJNAA ने दिवंगत उपेंद्र रावत की पत्नी एवं उनके भाई के लिए उपयुक्त रोजगार की व्यवस्था कराने का भी आश्वासन दिया है, जिससे परिवार आत्मनिर्भर बन सके। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

*नवोदय केवल विद्यालय नहीं, आजीवन परिवार है*

इस अवसर पर *UKJNAA के अध्यक्ष सत्यदीप शाह* ने कहा नवोदय विद्यालय हमें केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि जीवन भर निभने वाले रिश्ते और जिम्मेदारी का भाव भी सिखाता है। उपेंद्र हमारे साथी, हमारे भाई थे। उनके असमय जाने के बाद उनके परिवार को अकेला छोड़ देना नवोदय संस्कारों के खिलाफ है। संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि उनके बच्चों की शिक्षा, परिवार की आजीविका और भविष्य सुरक्षित रहे।

वहीं *UKJNAA की महासचिव अंचला असवाल* ने कहा यह सहयोग केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक परिवार द्वारा दूसरे परिवार का हाथ थामने का भाव है। नवोदय के पूर्व छात्र संकट की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। स्व. उपेंद्र रावत के परिवार को यह भरोसा दिलाया गया है कि वे कभी अकेले नहीं हैं।

*पूर्व छात्रों की एकजुटता बनी मिसाल*

बणसू, जाखधार के ग्राम प्रधान सुबोध सिंह राणा सहित अन्य कई ग्रामीण इस मौके पर पूर्व छात्रों से मिलने पहुंचे थे, उन्होंने कहा कि UKJNAA द्वारा उठाया गया यह कदम यह दर्शाता है कि नवोदय विद्यालयों से निकले छात्र आज भी सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग हैं और आपसी एकजुटता के साथ समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पहल न केवल जरूरतमंद परिवार के लिए संबल बनी है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा है कि संवेदना और सहयोग से कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। छात्रों के इस प्रयास को नवोदय विद्यालय के शिक्षकों ने भी स्वागत योग्य बताते हुए अपना सहयोग दिया।

मुख्य सचिव ने सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों के क्रम में यथोचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

0

*देहरादून 08 जनवरी, 2026
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में मा. उच्चतम न्यायालय के द्वारा आवारा पशुओं के सम्बन्ध में दिए गए निर्देशों के क्रम में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों के क्रम में यथोचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल स्थानों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आवारा गौवंशों को रखने के लिए कांजीहाउस तैयार किए जाएं एवं उनके संचालन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा सभी बस स्टेशनों एवं रेलवे स्टेशनों एवं आसपास आवारा पशुओं एवं गौवशों को स्थानीय निकायों की सहायता से यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने इन पशुओं को स्थानीय लोगों द्वारा गोद लेने के लिए प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही। पालतू जानवर रखने वालों के लिए ‘क्या करें, क्या न करें‘ एसओपी तैयार की जाए।

इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अपर सचिव श्री विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*