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Wednesday, June 24, 2026
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सचिव आयुष ने विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा की; चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण और डिजिटलीकरण हेतु दिए कड़े निर्देश

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देहरादून, :: सचिव आयुष, श्रीमती रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आज आयुष विभाग के महत्वपूर्ण एजेन्डा बिंदुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निदेशक आयुर्वेद डॉ. विजय कुमार जोगदंडे सहित समस्त जनपदों के आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी अधिकारियों और संयुक्त निदेशकों ने प्रतिभाग किया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्राप्त बजट, राष्ट्रीय आयुष मिशन के कार्यों और ‘सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए जारी ₹4 लाख की सीमा के भीतर रिनोवेशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सचिव महोदया ने सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों में रोगी पंजीकरण की व्यवस्था को पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल पर स्विच किया जाए, जिसे आगामी 01 मार्च, 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को प्रतिमाह न्यूनतम 8 चिकित्सालयों का अनिवार्य निरीक्षण करने और दवाओं के स्टॉक रजिस्टरों को नियमित रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए, जिन्हें भविष्य में ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया जाएगा।

विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से सचिव महोदया ने निर्देश दिए कि जिले के समस्त कार्मिकों की गतिविधियों और प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए। औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे फार्मेसियों का नियमित निरीक्षण करें, सैंपल्स एकत्रित करें और अपनी रिपोर्ट को विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें। बैठक में आयुष मानव संसाधन के युक्तिकरण (Rationalization) और उनके नियमित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया ताकि जन-सामान्य को आयुष चिकित्सा सेवाओं का पूर्ण लाभ मिल सके और उपलब्ध विशेषज्ञों की सेवाओं का भी क्षमतानुसार सम्यक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान 10/25 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों, जैसे कि मुनिकीरेती, कोटद्वार, झाझरा, बडकोट और चंबा आदि में उच्चीकरण एवं उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही, आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत 1909 कार्मिकों के प्रशिक्षण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। सचिव महोदया ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में नवीन चिकित्सालयों के निर्माण संबंधी प्रस्तावों के औचित्य और जनपदों द्वारा प्रेषित कार्मिकों के अचल संपत्ति प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की।

उत्तराखंड मे चारधाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही उत्तराखंड शासन आया हरकत मे, चारधाम को जोड़ने वाली सड़को का जायजा लेने पहुंचे लोकनिर्माण विभाग के अपर सचिव : विनीत कुमार

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*यात्रा व्यवस्था के दृष्टिगत अपर सचिव ने किया जनपद का भ्रमण*

*संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के दृष्टिगत आज अपर सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार द्वारा जनपद का एक दिवसीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया जाएगा ताकि श्री केदार बाबा के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जीएमवीएन में वार्ता के दौरान अपर सचिव ने बताया कि जनपद के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति को व्यवस्थित करने हेतु लोनिवि और एनएच के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बताया कि एनएच के तहत डिवीजन श्रीनगर यात्रा रूट के 35 स्थानों पर कार्य चल रहे हैं। बताया कि इनमें 12 स्थानों पर यात्रा से पूर्व कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा जबकि शेष आवश्यक कार्यों को भी दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन उन्हें भी श्री बदरी-केदार यात्रा से पूर्व पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा से पूर्व सभी डेंजर जोन तथा अन्य आवश्यक कार्यों को भी यथाशीघ्र पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी यात्रा से पहले ही संबंधित अधिकारियों को यात्रा मोटर मार्गों पर सांकेतिक साईन बोर्ड, डामरीकरण आदि के कार्य पूरा करने हेतु निर्देशित किया गया है।
उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि श्री बदरी-केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियों को पूर्ण कर लिया जाएगा ताकि यात्रा सुव्यवस्थित ढंग से संचालित  हो सके l

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से गैरसैंण में होगा l

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उत्तराखंड विधानसभा सत्र हुआ आहुत

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से गैरसैंण में होगा

9 मार्च से 13 मार्च तक गैरसैंण में होगा विधानसभा का बजट सत्र

9 मार्च को होगा राज्यपाल का अभिभाषण

10 मार्च को सदन के पटल पर रखे जाएंगे अध्यादेश

10 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण और चर्चा

11 मार्च को धन्यवाद प्रस्ताव पर होगी चर्चा

11 मार्च को ही वित्तीय वर्ष 2026 27 का बजट किया जाएगा प्रस्तुत

12 मार्च को बजट पर होगी सामान्य चर्चा

12 मार्च को ही विभागवार बजट किया जाएगा प्रस्तुत

13 मार्च को बजट पर होगी सामान्य चर्चा

13 मार्च को ही बजट कराया जाएगा पारित

धामी सरकार की उत्तराखण्ड में ट्रांसपोर्ट क्रांति की तैयारी, ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं को मिली रफ्तार, प्राथमिकता पर होगा क्रियान्वयन

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*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की ई0-बी0आर0टी0एस0 की विभिन्न परियोजनाओं की मैराथन समीक्षा*

*देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश में आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क पर मंथन, ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा*

*आईएसबीटी-मसूरी डायवर्जन कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड ई0-बी0आर0टी0एस0 की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देहरादून और हरिद्वार सहित ऋषिकेश क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की प्रगति पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति का प्रस्तुतीकरण किया। सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे को मिली अहम स्वीकृति*
बैठक में जानकारी दी गई कि त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आवश्यक एनओसी/अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। निगम द्वारा स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस हेतु आवेदन भी कर दिया गया है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि पर्वतीय यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक होगी। सचिव ने 30 वर्ष के कंसेशन पीरियड को भविष्य की परियोजनाओं में बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए, ताकि निजी निवेश आकर्षित किया जा सके और परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत हो।

*हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे और पी0आर0टी0 सिस्टम*
हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (डी0डी0यू0 पार्किंग-चण्डी देवी-मनसा देवी एवं मल्टीमॉडल हब) की डी0एफ0सी कराये जाने हेतु अनुरोध बैठक में किया गया। सचिव ने 18.02.2026 की तिथि डी0एफ0सी प्रक्रिया के लिए निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट को पी0पी0पी0 सेल से वेटिंग कराया जाए। हरिद्वार शहर में पी0आर0टी परियोजना के अंतर्गत चार कॉरिडोर प्रस्तावित हैं-
1- सीतापुर से भारत माता मंदिर
2- सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर
3- लालतारा चौक से भूपतवाला
4- गणेशपुरम से डीएवी पब्लिक स्कूल
इस परियोजना में 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं तथा कुल लंबाई 20.73 किमी होगी। यह योजना विशेष रूप से तीर्थ सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

*देहरादून में ई-बीआरटीएस- 31.52 किमी का मेगा कॉरिडोर*
देहरादून शहर में प्रस्तावित ई-बी0आर0टी0एस0 परियोजना के अंतर्गत दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। प्रथम कॉरिडोर आईएसबीटी से रायपुर तक होगा, जिसमें 35 स्टेशन प्रस्तावित हैं और कुल लंबाई 31.52 किमी होगी। बैठक के उपरांत सचिव ने निगम अधिकारियों के साथ प्रथम कॉरिडोर का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर शहर के मुख्य आवागमन मार्गों को कवर करेगा और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगा।

*देहरादून पी0आर0टी0 के तीन कॉरिडोर देहरादून में पी0आर0टी0 परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं-*
1- क्लेमेंटटाउन से बल्लूपुर चौक
2- पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन
3- गांधी पार्क से आईएसबीटी पार्क
निगम द्वारा इन कॉरिडोर की डीपीआर तैयार कर अनुमोदन के अनुरूप कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। सचिव ने निर्देश दिया कि परियोजना को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (ज्व्क्) मॉडल से जोड़ा जाए, जिससे शहरी विस्तार सुनियोजित ढंग से हो सके।

*17 स्टेशन का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण*
बैठक के उपरांत सचिव द्वारा निगम के अधिकारियों के साथ प्रथम कॉरिडोर (आईएसबीटी से मसूरी डायवर्जन, कुल 17 स्टेशन) का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित आईएसबीटी स्टेशन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई, जिसमें अवगत कराया गया कि स्टेशन निर्माण हेतु 0.64 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। संबंधित भूमि का स्वामित्व मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधीन है। इस पर प्रबंध निदेशक ने परियोजना में शामिल विभिन्न शासकीय भूमि को शीघ्र निगम को हस्तांतरित किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ हो सके।

*पार्किंग पॉलिसी और समन्वित विकास पर जोर*
बैठक में सचिव ने उत्तराखण्ड की कार पार्किंग पॉलिसी-2022 का गहन अध्ययन कर भविष्य की सभी शहरी परिवहन परियोजनाओं में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि बिना पार्किंग प्रबंधन के कोई भी ट्रांजिट सिस्टम प्रभावी नहीं हो सकता। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि त्रिवेणी-नीलकंठ रोपवे और हरिद्वार रोपवे परियोजनाएं एडवांस स्टेज में हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। बैठक में उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी0 पाठक, संयुक्त महाप्रबंधक (एचआर) कृष्णा नन्द शर्मा, संयुक्त महाप्रबंधक (एस0एण्ड0टी0) अजय बाबू, संयुक्त महाप्रबंधक (विद्युत) सौरभ शेखर, संयुक्त महाप्रबंधक (सिविल) जयनन्दन सिन्हा, उप-महाप्रबंधक (सिविल) गुरूलाल सिंह, सेक्शन इंजीनियर सर्वेश कुमार तथा सेक्शन इंजीनियर अशोक डोभाल उपस्थित रहे।

*शहरी परिवहन के नए युग की शुरुआत*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि उत्तराखण्ड में शहरी परिवहन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी है। ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की जा रही है। यदि निर्धारित समयसीमा में ये परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। धामी सरकार की यह पहल प्रदेश को आधुनिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित कर सकती है।

*परिवहन नेटवर्क विकसित करने पर फोकस -डॉ आर राजेश कुमार*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को आधुनिक, सुरक्षित और सतत शहरी परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देहरादून और हरिद्वार जैसे तीव्र गति से विकसित हो रहे शहरों में समेकित ट्रांजिट सिस्टम समय की मांग है। रोपवे, पी0आर0टी और ई-बी0आर0टी0एस0 परियोजनाएं न केवल यातायात दबाव कम करेंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन संवर्धन में भी सहायक होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ाई जाएं। निजी निवेश आकर्षित करने, पीपीपी मॉडल को मजबूत करने और तकनीकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड के प्रमुख शहरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का सशक्त नेटवर्क विकसित हो।

उत्तराखंड के चारधामों खुलने कि तिथियां हुई घोषित, ग्यारहवे ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ के कपाट 22अप्रैल सुबह 8बजे खुलेंगे l

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उखीमठ/ रूद्रप्रयाग: 15 फरवरी ।ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 22 अप्रैल को वृष लग्न में प्रात: 8 बजे दर्शनार्थ खुलेंगे।
आज रविवार पूर्वाह्न शिवरात्रि के अवसर पर परंपरानुसार केदारनाथ रावल रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं मंदिर समिति सदस्यों, धर्माचार्यों,जन प्रतिनिधियों वेदपाठियों एवं पंचगाई हकहकूकधारियों, प्रशासन की उपस्थिति में शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में पंचांग गणना के पश्चात कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित हुईl
भगवान श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के केदार प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को भब्य रूप से साढ़े नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया था तथा दानीदाताओं ने भंडारे आयोजित किये सैकड़ो श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में दर्शन किये वातावरण जय श्री केदार के उदघोष के साथ भक्तिमय हो गया।

*श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के कार्यक्रम में उखीमठ पहुंचे श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के अवसर पर सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को शिवरात्रि की शुभकामनाएं दी तथा श्री बदरीनाथ केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा हेतु आमंत्रित किया उन्होंने यात्रा तैयारियों के निर्देश दिए तथा कहा कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा आस्था, परंपरा और आजीविका का समन्वित स्वरूप है, जिसमें हक-हकूकधारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंदिर समिति परंपराओं और अधिकारों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश के कुशल नेतृत्वशील मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु समिति राज्य सरकार एवं प्रशासन के साथ समन्वय से कार्य कर रही है बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे है आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित होते ही अब बीकेटीसी यात्रा तैयारियों को गति देगी।*

वहीं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने कहा कि श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निश्चित होते ही बीकेटीसी ने यात्रा तैयारियां पूरी कर ली है इसी संदर्भ में मंदिर समिति कार्यालयों विश्राम गृहों का निरीक्षण भी चल रहा है।
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बीकेटीसी मीडिया प्रभारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आज पूर्वाह्न शिवरात्रि को शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में संपन्न हुए कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के कार्यक्रम में भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली यात्रा का केदारनाथ पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हुआ। दिनांक श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 18 अप्रैल को भैरवनाथ जी की पूजा अर्चना संपन्न हो जायेगी।भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से 19 अप्रैल को फाटा रवाना होगी, 20 अप्रैल दूसरे पड़ाव गौरीकुंड तथा 21 अप्रैल अप्रैल को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी 22 अप्रैल को प्रात: 8 बजे इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।

वहीं इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम में एम टी गंगाधर मुख्य पुजारी का दायित्व संभालेंगे श्री मदमहेश्वर धाम हेतु शिवशंकर लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ शिवलिंग पूजा व्यवस्था का दायित्व संभालेंगे पुजारी बागेश लिंग अतिरिक्त व्यवस्था में रहेंगे वहीं शिवरात्रि के अवसर पर दानीदाता मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सुशील द्वारा श्री ओंकारेश्वर मंदिर को फूलों से सजाने में सहयोग किया।

आज कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर जिलापंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग ऐश्वर्या रावत, चारधाम यात्रा मुख्य सलाहकार बीडी सिंह उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, प्रह्लाद पुष्पवान, सहित बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, उपजिलाधिकारी अनिल रावत, नगरपंचायत अध्यक्ष कुब्जा पुष्पवान,ब्लाक प्रमुख पंकज शुक्ला श्री केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी संतोष त्रिवेदी, पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत जिलापंचायत सदस्य अमित मैखंडी,प्रीति पुष्पवान,धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, औंकार शुक्ला, यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवान, पूर्व ईओ आरसी तिवारी, फार्मेसी प्रभारी डा हर्षवर्धन बेंजवाल,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी, श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी किशन त्रिवेदी, प्रमोद बगवाड़ी,विपिन तिवारी, जेई विपिन कुमार दफेदार विदेश शैव दीपक पंवार, कुलदीप धर्म्वाण कर्मचारी हकहकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज एवं सैकड़ों श्रद्धालु जन मौजूद रहे।

रुद्रप्रयाग के निवर्तमान पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे का पिथौरागढ़ स्थानांतरण होने पर पुलिस परिवार के द्वारा दिई गयी भावपूर्ण विदाई l

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*कर्मठता और कुशल नेतृत्व की मिसाल – रुद्रप्रयाग पुलिस परिवार ने दी एसपी अक्षय प्रल्हाद कोंडे को भावपूर्ण विदाई।*

आज जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस कार्यालय के प्रांगण में गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जनपद के पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय प्रल्हाद कोंडे के पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के पद पर स्थानांतरण होने पर समस्त पुलिस परिवार द्वारा उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। 7 सितम्बर 2024 को जनपद की कमान संभालने वाले श्री कोंडे ने अपने 1 वर्ष 5 माह और 7 दिनों के कार्यकाल में न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि अपनी कार्यशैली से अधीनस्थों के दिलों में भी अमिट छाप छोड़ी है।

*चुनौतियों को बनाया अवसर – केदारनाथ यात्रा का बेहतरीन प्रबंधन*
श्री कोंडे के नेतृत्व में वर्ष 2024 की केदारनाथ यात्रा का द्वितीय चरण और वर्ष 2025 की सम्पूर्ण केदारनाथ धाम यात्रा सुव्यवस्थित व सुरक्षित ढंग से सम्पन्न हुई। यात्रा प्रबंधन में उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण टोकन सिस्टम रहा, जिसने पीक सीजन के दौरान भी भीड़ को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम बनाया। केदारनाथ धाम की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने हेतु उनके द्वारा लिया गया ऐतिहासिक निर्णय, गुप्तकाशी से केदारनाथ तक मांस-मीट के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध, जनता की भावनाओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। इस अभियान के तहत करीब 380 किग्रा अवैध मांस का विनष्टीकरण कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

*जवानों के अभिभावक के रूप में कार्य*
विदाई के पलों में पुलिस बल के जवानों ने भावुक होते हुए साझा किया कि श्री कोंडे केवल एक कप्तान नहीं, बल्कि एक अभिभावक की भांति रहे। यात्रा मार्ग के दुर्गम पड़ावों केदारनाथ सहित भीमबली और गौरीकुण्ड में पुलिस बल की बुनियादी सुविधाओं, स्थायी आवास और रसद की उपलब्धता के लिए उन्होंने स्वयं कई बार पैदल ट्रैकिंग की। भीषण ठंड और विषम परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाना और मौके पर ही कमियों को दूर करना उनकी कार्यप्रणाली का मुख्य हिस्सा रहा।

*तकनीकी प्रहार – साइबर कम्बैट फोर्स का गठन*
अपराध जगत में तकनीकी सेंधमारी को रोकने के लिए श्री कोंडे ने साइबर कम्बैट फोर्स जैसा नवाचार किया। पुलिस टीम ने स्वयं ग्राहक बनकर ठगों को उनके ही जाल में फंसाया, जिसके परिणामस्वरूप 104 साइबर अपराधियों के मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए और उनके बैंक खाते फ्रीज किए गए। हेलीकॉप्टर टिकटों की कालाबाजारी और ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई ने चारधाम यात्रा की छवि को और अधिक स्वच्छ बनाया।

*विदाई के यादगार पल*

विदाई समारोह के दौरान पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी श्री विकास पुण्डीर ने कप्तान साहब के साथ बिताए चुनौतीपूर्ण लेकिन गौरवशाली पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि कप्तान साहब का अनुशासन और समयबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी। समारोह के अंत में श्री अक्षय प्रल्हाद कोंडे को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। यह विदाई केवल एक पद का हस्तांतरण नहीं, बल्कि एक ऐसे नेतृत्व का सम्मान था जिसने मित्रता, सेवा, सुरक्षा के मंत्र को धरातल पर चरितार्थ किया।

*पुलिस अधीक्षक का सम्बोधन*
पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि उनका कैरियर गोल था कि उनकी इस जिले में नियुक्ति हो, यहां पर नियुक्ति होने से उनके कर्तव्य निर्वहन के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर ट्रैकिंग का मौका भी मिला है। केदारनाथ धाम यात्रा अवधि में हरेक अधीनस्थ पुलिस बल ने पूर्ण मेहनत और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन किया गया है। स्थानान्तरण एक रूटीन प्रक्रिया है तथा सभी को आने वाले अधिकारी के साथ भी इसी प्रकार से पूर्ण मनोयोग के साथ कर्तव्य निर्वहन करने के निर्देश दिये गये।

*समारोह में उपस्थिति*
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी विकास पुण्डीर, प्रतिसार निरीक्षक कैलाश शर्मा, एसएचओ रुद्रप्रयाग सुरेश बलूनी, एसएचओ सोनप्रयाग राकेन्द्र कठैत, एसएचओ गुप्तकाशी राकेश कुमार, एसएचओ अगस्त्यमुनि गुमान सिंह, निरीक्षक एलआईयू मनोज बिष्ट, वाचक ठाकुर सिंह रावत, प्रभारी आशुलिपिक नरेन्द्र सिंह सहित जनपद के समस्त शाखा प्रभारी, थाना प्रभारी एवं पुलिस कार्यालय का स्टाफ मौजूद रहे l

जनपद रुद्रप्रयाग को मिला नया नेतृत्व: नव नियुक्त जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संभाली जनपद की कमानl

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*2018 बैच के आईएएस अधिकारी, तकनीकी दक्षता और परिणामोन्मुख कार्यशैली के लिए है प्रसिद्ध*

जनपद रुद्रप्रयाग के नवनियुक्त जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने आज जिला कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने ट्रेजरी का चार्ज लिया तथा अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण कीं। इस अवसर पर उन्हें पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।

उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी विशाल मिश्रा को केदारनाथ धाम की संवेदनशीलता एवं आगामी चारधाम यात्रा की व्यापक तैयारियों को दृष्टिगत रखते हुए रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वे अपनी परिणामोन्मुख कार्यशैली, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाते हैं।

विशाल मिश्रा इससे पूर्व गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) में प्रबंध निदेशक के रूप में सेवाएं दीं, जहां पर्यटन अवसंरचना एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए। इसके अतिरिक्त वे मिशन निदेशक, जल जीवन मिशन के रूप में भी कार्यरत रहे, जहां पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पूर्व में वे उधम सिंह नगर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अल्मोड़ा जनपद में कोसी नदी पुनरुद्धार जैसी परियोजनाओं में उनके नेतृत्व और तकनीकी दृष्टिकोण की विशेष सराहना की गई।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी विशाल मिश्रा का जन्म 10 जुलाई 1992 को हुआ। वर्ष 2025 के अनुसार उनकी आयु 33 वर्ष है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की उपाधि हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (HBTI), कानपुर से प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में एम.टेक. की डिग्री अर्जित की। आईआईटी कानपुर से शिक्षित, विशाल मिश्रा अपनी परिणामोन्मुख कार्यशैली, तकनीकी समझ और अल्मोड़ा में कोसी नदी पुनरुद्धार जैसी परियोजनाओं के लिए पहचाने जाते हैं।उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि ने अवसंरचना, विकास योजनाओं और सार्वजनिक परियोजनाओं को सटीकता एवं स्पष्टता के साथ समझने की उनकी क्षमता को और मजबूत किया है।

वर्ष 2018 में 26 वर्ष की आयु में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 49 प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उनकी यह उपलब्धि उनकी बौद्धिक क्षमता, समर्पण और कठिन परिश्रम का परिचायक है।

नव नियुक्त जिलाधिकारी ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत जनपद के समग्र विकास, सुशासन, पारदर्शिता तथा आगामी चारधाम यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन हेतु सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त  की l

जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत ग्वेफड़ में मनाया गया जल अर्पण दिवस।

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जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत ग्वेफड़ में मनाया गया जल अर्पण दिवस।
विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप कार्यक्रम में सम्मिलित होकर जल अपर्ण दिवस का किया शुभारंभ।
विकास अगस्तमुनि के अंतर्गत ग्राम पंचायत ग्वेफड़ में जल जीवन जीवन मिशन के तहत गांव में हर घर नल योजना पूर्ण होने के उपरांत हर नल से जल का संचालन होने पर जल अर्पण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भरत सिंह चौधरी सम्मिलित हुये। जल जीवन मिशन के तहत ग्वेफड़ गांव प्रथम फेज-1 में 11 लाख की धनराशि खर्च की गई। एव फेज-2 में 60 लाख की लागत खर्च हुई। 70 लाख की लागत से गांव के लिए पूरी योजना बनकर तैयार होने के उपरांत योजना को कार्यदायी संस्था जल संस्थान द्वारा ग्राम पंचायत ग्वेफड़ को सुपुर्द किया गया। एवं पेयजल योजना का स्वामित्व ग्राम पंचायत को दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान लीला सिह द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया। योजना पूर्ण होने पर पेयजल का सुचारू रूप से चालू होने पर सरकार एवं विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया।इससे पूर्व महिला मंगलदलो एवं स्कूली बच्चों द्वारा जल जीवन मिशन पर कार्यक्रम प्रस्तुत कियेl इस अवसर पर अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई द्वारा कार्य की डीटेल रिपोर्ट रखी गयी। प्रमुख अगस्तमुनि श्रीमती भुवनेश्वरी देवी जी, जिला पंचायत सदस्य पवन कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला रावत, पेयजल योजना के निर्माण से लेकर पेयजल आपूर्ति को लेकर जानकारी साझा की।कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन शुरू की गई थी। जिसके तहत हर घर नल हर नल में जल हर नल में जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। जिसमें प्रथम चरण में सभी घरों में नल लगाये गए है। ओर द्वितीय चरण में स्त्रोत से नल तक पेयजल का संचालन किया जाना है। ग्राम पंचायत ग्वेफड़ में यह कार्य पूर्ण होने के उपरांत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। हर परिवार को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था जल संस्थान को बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य गांव में भी जल्द योजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी ग्राम वासियों को जल संरक्षण एवं जल को व्यर्थ बर्बाद न करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला पंचायत सदस्य श्री पवन कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री शीला रावत उपजिलाधिकारी सोहन सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम नवल कुमार,तहसील प्रवण पांडेय, रेवत सिंह रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री सैन सिंह बिष्ट सुरेंद्र बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड मन्त्रीमंडल मे 6 प्रस्तावो पर लगी मुहर l

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Dhami – कैबिनेट बैठक मे आये 6 प्रस्ताव लगी मुहर

उत्तराखंड सचिवालय मे आज धामी कैबिनेट की एक अहम् बैठक बुलाई गई जिसमे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता आज की कैबिनेट बैठक मे 6 प्रस्ताव पर चर्चा हुई जिनको कैबिनेट ने मंजूरी दे

*कैबिनेट के अहम फैसले*

1 – गृह विभाग के अंतर्गत एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स के लिए 22 नये पदो को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी

2 – श्रम विभाग….
पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लिया गया। कोविड के समय ये प्रस्ताव आया था। उद्योगों को सरप्लस होने पर ही बोनस का प्रावधान किया गया था। अब चूंकि केंद्रीय कानून 1965 का लागू है। राष्ट्रपति भवन भेजा गया था लेकिन नहीं मिला। अब इसे वापस लिया जा रहा है। अब केंद्रीय कानून लागू रहेगा 1965 वाला। सबको बोनस मिलेगा।
3 – ईएसआई डॉक्टर के लिए नियमावली …उत्तराखंड एम्पोलयी स्टेट सर्विस स्कीम 2026 पर मुहर। ईएसआई डॉक्टर के 94 पद होंगे। मेडिकल ऑफिसर के पद पर भर्ती होगी लेकिन पहले प्रमोशन के पद नहीं थे। मेडिकल ऑफिसर के 76, एसिस्टेंट डायरेक्टर के 11, लेवल 12 के 6 पद, एडिशनल डायरेक्टर लेवल 13 के एक पद को मंजूरी मिली

4 -2024 में उत्तराखंड कारागार एक्ट पास हुआ था, जिसमें बार बार अपराध करने वालों को आदतन अपराधी माना गया था। अब आदतन अपराधी को पूर्व के एक्ट के हिसाब से माना जायेगा

5 – वन विभाग में दैनिक श्रमिकों के 893 में से बाकी 589 को भी न्यूनतम वेतनमान दिया जाएगा।

6 – प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य योजना के साथ ही मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना भी चल रही है। तय हुआ कि जब तक केंद्र की योजना 2025-26 तक चलेगी, तब तक मुख्यमंत्री वाली योजना भी जारी रहेगी।

रुद्रप्रयाग में खनन माफिया का खुला खेल! करोड़ों की राजस्व लूट, नदियां हो रही खुर्द बुर्द, अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा काला कारोबार!

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रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड), 11 फरवरी 2026: उत्तराखंड, रुद्रप्रयाग जनपद में खनन माफिया का आतंक चरम पर चल रहा है lअलकनंदा और मंदाकिनी जैसी जीवनदायिनी नदियां अवैध खनन की भेंट चढ़ रही हैं, वहीं सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। सूत्रों और जांच रिपोर्ट्स से खुलासा हुआ है कि जिले में 8 निजी क्रेशर और 4 ई-टेंडरिंग खनन पट्टे चल रहे हैं, लेकिन इनकी आड़ में निर्धारित क्षेत्र और मात्रा से कहीं ज्यादा खनन हो रहा है। नतीजा? नदियां खुर्द-बुर्द हो रही हैं, सड़कें खतरे में हैं, और पर्यावरण का विनाश हो रहा है!

गंगा के उद्गम स्थल के करीब रुद्रप्रयाग में यह काला कारोबार फल-फूल रहा है। जांच में पता चला है कि खनन पट्टों में निर्धारित घन मीटर से अधिक सामग्री निकाली जा रही है, जिससे नदियों का प्रवाह बाधित हो रहा है और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्रेशरों में भंडारण की सीमा से ज्यादा माल रखा जा रहा है, और रॉयल्टी में भारी हेराफेरी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह सब राजस्व विभाग, खनन विभाग, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से संभव हो रहा है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि माफिया दिन-रात मशीनें चलाते हैं, लेकिन अधिकारी आंखें मूंदे रहते हैं। करोड़ों की कमाई में सबका हिस्सा है!

उत्तराखंड में अवैध खनन का यह सिलसिला नया नहीं है। जून 2024 में रुद्रप्रयाग प्रशासन ने अवैध खनन पर बड़ा एक्शन लिया था, जहां एक स्टोन क्रेशर को सीज कर 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन इसके बावजूद कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी जुलाई 2025 में हरिद्वार में गंगा नदी पर अवैध खनन के लिए 48 स्टोन क्रेशर बंद करने के आदेश दिए थे, जो दर्शाता है कि पूरे राज्य में यह समस्या कितनी गंभीर है। एक स्टिंग ऑपरेशन ने उत्तराखंड में माइनिंग माफिया की धमकियों और अवैध गतिविधियों को उजागर किया है, जहां पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे यह सब चल रहा है।

राजस्व की लूट का आंकड़ा चौंकाने वाला है। उत्तराखंड सरकार ने अवैध खनन की निगरानी और रॉयल्टी वसूली को प्राइवेट कंपनियों को सौंपा है, लेकिन इससे समस्या और बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मार्च 2025 में राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मुद्दा उठाया था, जिससे सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। सीपीसीबी की रिपोर्ट में गंगा नदी पर अवैध खनन की पुष्टि हुई है,जो पर्यावरणीय आपदा की ओर इशारा करती है। रुद्रप्रयाग में हाल ही में ऊखीमठ में खनन और राजस्व विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही की, लेकिन यह सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है।

सरकार और प्रशासन को इस माफिया राज को तुरंत रोकना चाहिए, वरना देवभूमि का विनाश तय है। जांच की मांग तेज हो रही है – क्या अब कार्रवाई होगी या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?