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Wednesday, June 24, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामना।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली पर्व की शुभकामनाएं दी है। होली पर्व की पूर्व संध्या पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंग और उल्लास के त्योहार के साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हर्षाेल्लास के वातावरण में मनाया जाने वाला यह पर्व सामाजिक समरसता तथा एकता की भावना को भी सुदृढ़ बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का ही त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की जीवंतता तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति का यह महत्वपूर्ण पर्व प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का भी संदेश देता है। यही नहीं होली के अवसर पर होने वाले विभिन्न आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के भी सशक्त माध्यम बनते हैं।

होली का यह पर्व प्रदेश में समृद्धि और उन्नति के रंग लेकर हम सबके जीवन में और अधिक सुख-शांति के साथ सभी का जीवन सफलता के नये रंगों से रंगायमान हो इसकी भी मुख्यमंत्री ने भगवान बद्रीविशाल और बाबा केदार से कामना की है।

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी एक्शन मोड में, गौरीकुंड घोड़ापड़ाव तक किया स्थलीय l

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जिलाधिकारी के नेतृत्व में समस्त प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया यात्रा मार्ग पर तैयारियों का जायजा*

यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ व सुगम बनाने हेतु विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक पूर्ण करने के दिए निर्देश*

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा तैयारियों को युद्धस्तर पर गति दी जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने आज रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए घोड़ापड़ाव तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी यात्रा मार्ग का विस्तृत जायजा लिया तथा अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 की स्थिति का अवलोकन करते हुए भू-स्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों जैसे बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी तिराहा, बड़ासू, खुमेरा, मैंखंडा, रामपुर एवं मुनकटिया आदि संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने, सिंकिंग जोन एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर आवश्यक ट्रीटमेंट व सुरक्षा कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व किसी भी स्थिति में सड़क पर अवरोध नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अतिक्रमण हटाने एवं बाजार क्षेत्रों में अवैध कब्जों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मार्ग पर चट्टानों में फंसे पत्थरों को हटाने, आवश्यक पैचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर तथा सौंदर्यीकरण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने को कहा।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर कार्य हेतु शासन स्तर से धनराशि की आवश्यकता है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को कार्यशैली सुधारने की चेतावनी देते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

स्च्छता व्यवस्था के अंतर्गत जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण, पर्याप्त मोबाइल टॉयलेट्स की उपलब्धता, नियमित साफ-सफाई एवं जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मार्ग के महत्वपूर्ण स्थलों पर सोलर लाइट लगाने को भी कहा।

 

निरीक्षण के दौरान सीतापुर पार्किंग का भी जायजा लिया गया। पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवा संचालन स्थलों पर मैकेनिक, कैंटीन, शौचालय एवं पुलिस चेकपोस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा हेतु बैरिकेडिंग तथा विश्राम के लिए आवश्यक स्थानों पर बेंच लगाने के भी निर्देश दिए गए।

 

जिलाधिकारी ने गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का निरीक्षण कर यात्रियों हेतु चेंजिंग रूम, शौचालय एवं साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। घोड़ापड़ाव तक निरीक्षण कर उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन श्री केदारनाथ धाम यात्रा को ग्रीन, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक तथा बड़े कार्य 30 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर, उपजिलाधिकारी उखीमठ अनिल रावत, अधिशासी अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, तहसीदार उखीमठ रमेश सिंह, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ आशीष रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आर पी नैथानी, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने चम्पावत को दी ₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात.

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माँ पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन अवसर पर 5 योजनाओं का लोकार्पण और 4 महत्वपूर्ण योजनाओं का किया शिलान्यास।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला-2026 का भव्य शुभारंभ के अवसर पर जनपद चम्पावत के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए कुल 7454.74 लाख (74.54 करोड़ रुपये) की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनता को समर्पित किया।

*₹64.95 करोड़ की लागत से 5 योजनाओं का किया लोकार्पण*

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, जनजातीय कल्याण और पर्यटन को मजबूती देने वाली पाँच प्रमुख योजनाओं का लोकार्पण किया जिसमें चलथी नदी पर दो लेन सेतु टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर चलथी नदी के ऊपर ₹5014.00 लाख की लागत से निर्मित 690 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड मोटर सेतु का लोकार्पण, ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा एवं राजी जनजाति के उत्थान हेतु ग्राम खिरद्वारी में ₹60 लाख की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय भवन, ₹659 लाख की लागत से राजकीय पशु प्रजनन फार्म, नरियाल गाँव (चम्पावत) के विकास कार्यों के प्रथम चरण तथा गुरु गोरखधाम में ₹271.39 लाख से विकसित पर्यटक अवस्थापना सुविधाएं तथा श्यामलाताल क्षेत्र को ईको-टूरिज्म हब बनाने हेतु ₹490.94 लाख के लेक फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों का लोकार्पण सामिल है।

*₹9.59 करोड़ की 4 योजनाओं का हुआ शिलान्यास*

मुख्यमंत्री द्वारा 959.49 लाख की 04 नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई जिसमें चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधायक निधि से स्वीकृत ₹498.50 लाख के विभिन्न जनोपयोगी निर्माण कार्य के साथ ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तहसील बाराकोट के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य (लागत ₹302.50 लाख), मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत ब्रिडकुल (न्दपज पिथौरागढ़) द्वारा एड़ी मेला स्थल, कालूखान का सौंदर्यकरण कार्य (लागत ₹81.50 लाख), नगर पंचायत बनबसा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में ₹76.90 लाख की लागत से बनने वाले पार्क का शिलान्यास सामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ चम्पावत को एक आदर्श जनपद बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई ये योजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और आवागमन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। माँ पूर्णागिरि का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ें।

पिलखी पीएचसी का सीएचसी में किया गया उच्चीकरण, घनसाली को मिली विकास योजनाओं की सौगात‘

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*‘मुख्यमंत्री ने घनसाली में किया 41.21 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास‘*

*‘पिलखी पीएचसी का सीएचसी में किया गया उच्चीकरण, घनसाली को मिली विकास योजनाओं की सौगात‘*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जनपद टिहरी के घनसाली में 41.21 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 13.43 करोड़ रूपए की 03 योजनाओं का लोकार्पण एवं 27.78 करोड़ रूपए की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उच्चीकरण किये जाने का भी शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल हेतु भूमि दान करने वाले कृष्णा गैरोला एवं उनके परिवार को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है उनका कार्य रुकना नहीं चाहिए और उनका शीघ्र लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश सरकार पहाड़ों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो संसाधनों की कमी भी दूर की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है। नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और शीघ्र की घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं व्यवस्थित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय इंद्रमणी बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए क्षेत्र की प्रमुख मांगों पर प्राथमिकता से कार्य किये जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और अवैध अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने पिलखी बेलेश्वर क्षेत्र में उप-चिकित्सालय स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि उन्हें सौंपें गये ज्ञापन में शामिल योजनाओं को भी मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए घनसाली को 30 बेड अस्पताल, तीनगढ़ में पुनर्वास, बालगंगा पुल हेतु धनराशि स्वीकृति, विद्यालय भवन निर्माण एवं बिजलीघर शिलान्यास जैसे कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र की 37 सूत्रीय मांगें भी रखीं, जिनमें अखोडी का उच्चीकरण, थाती भटवाड़ा में बाढ़ सुरक्षा कार्य, धमातोली हाईस्कूल का इंटर कॉलेज में उच्चीकरण, ब्लॉक मुख्यालय में मिनी स्टेडियम, कोठार-सौड़ सड़क निर्माण तथा गेंवली बुद्धकेदार व पिंडवाड़ में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापना प्रमुख रही।

मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण की गई योजनाओं में पीएमजीएसवाई की धमातोली से घनसाली अखोड़ी मोटर मार्ग वाया चांजी मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, नागेश्वर सौड से गोना वाया सरकंडा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा विकासखंड भिलंगना के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कोट विशन में भवन का पुनः निर्माण कार्य शामिल है।

जबकि शिलान्यास की गई योजनाओं में विश्व बैंक द्वारा पोषित यू-प्रिपेयर योजना के अन्तर्गत घनसाली में हनुमान मन्दिर के समीप 50 मीटर इण्टरमीडियेट लेन स्टील गर्डर मोटर सेतु का निर्माण कार्य, विकास खण्ड भिलंगना के अन्तर्गत तहसील बालगंगा के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य विकास खण्ड भिलंगना के अन्तर्गत तहसील बालगंगा के अवासीय भवन का निर्माण कार्य, विकासखण्ड भिलगना के गंगी में स्वास्थ्य उपकेन्द्र गंगी का निर्माण कार्य तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्चीकरण का निर्माण कार्य शामिल है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, राज्यमंत्री (उपाध्यक्ष) हस्तशिल्प व हथकरघा वीरेंद्र दत्त सेमवाल, ब्लॉक प्रमुख राजीव कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष घनसाली आनंद बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष चमियाला गोविंद सिंह राणा, सीएमओ डॉ श्याम विजय, अनुसूचित आयोग सदस्य सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए संकल्पबद्ध है सरकार – मुख्यमंत्री

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नंदा गौरा योजना के तहत 33 हजार से अधिक बेटियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंची राशि*

*एक क्लिक के जरिए 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपए की धनराशि का हुआ हस्तातंरण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1,45,93.00 (एक अरब पैंतालीस करोड़ तिरान्नबे लाख रुपए) की धनराशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन्म के समय बेटा- बेटी के बीच होने वाले भेदभाव को समाप्त करते हुए, कन्या जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार नंदा गौरा योजना संचालित कर रही है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपए और बेटी के 12वीं पास करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक 3,77,784 (तीन लाख सत्तर हजार सात सौ चौरासी ) बालिकाओं को कुल 11,68,49.00 रुपए (ग्यारह अरब अडसठ करोड़ उनपचास लाख ) की धनराशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन दे रही है, साथ ही शिक्षित होने के बाद रोजगार के लिए भी बेटियों को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसके बाद अब सरकारी सेवाओं में उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है, इससे सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति ज्यादा बेहतर हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लखपति दीदी योजना के जरिए भी प्रदेश की आम महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन देने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए, समाज में लैंगिक असमानता को दूर करने के लक्य्द प्राप्त करने में सफल रही है।

इस मौके पर विभागीय मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि, इस वर्ष लाभांवित होने वाली बालिकाओं में 5913, नवजात हैं, जबकि शेष 27338 को 12वीं पास करने पर यह धनराशि मिली है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस मौके पर सचिव श्री चंद्रेश कुमार, विभागीय निदेशक श्री बंशीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी कम्रचारी उपस्थित हुए।

तिलवाड़ा बाजार में जिलाधिकारी के निरीक्षण का असर, सड़क से मलवा हटाने का कार्य हुवा तेज

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*जिलाधिकारी द्वारा चारधाम यात्रा से पूर्व जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु अतिक्रमण व मलवा हटाने के दिए है निर्देश*

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा तैयारियों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में कल जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा द्वारा तिलवाड़ा बाजार क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया था।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि से हटाए गए अतिक्रमणों की स्थिति का जायजा लिया तथा सड़क पर पड़े मलवे को तत्काल हटाने के निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों को दिए थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि चारधाम यात्रा से पूर्व किसी भी स्थिति में सड़क पर अवरोध की स्थिति नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आज तिलवाड़ा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य के अंतर्गत सड़क पर पड़े मलवे को जेसीबी मशीनों के माध्यम से हटाने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सड़क पूर्ण रूप से आवागमन हेतु सुचारु रहे तथा जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

 

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*केदारनाथ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने ली समीक्षा बैठक; ऑपरेशन क्रैक डाउन में तेजी लाने के निर्देश।*

आगामी केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन और जनपद की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, सुश्री नीहारिका तोमर द्वारा जनपद के पुलिस उपाधीक्षकों एवं समस्त थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन/ऑफलाइन) में आयोजित इस बैठक में यात्रा तैयारियों, सत्यापन अभियान और जन शिकायतों के निस्तारण पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।

1. केदारनाथ यात्रा-2026 की पूर्व तैयारियाँ – आगामी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दृष्टिगत, यात्रा मार्ग पर तैनात होने वाले पुलिस बल की आवासीय व्यवस्थाओं की थाना/चौकी वार समीक्षा की गई। एसपी ने निर्देश दिए कि अतिरिक्त संसाधनों और आवास की आवश्यकताओं के सम्बन्ध में समय रहते जिला प्रशासन से पत्राचार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं भी क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए तथा अवगत कराया कि आगामी दिनों में उनके द्वारा भी भ्रमण किया जायेगा।

2. ऑपरेशन क्रैक डाउन एवं बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन – सुरक्षा के दृष्टिगत जनपद में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैक डाउन की समीक्षा करते हुए पाया कि अब तक 1058 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया जा चुका है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे सत्यापित व्यक्तियों का डाटा सुरक्षित रखें। संदिग्धों की पहचान के लिए आईसीजेएस और नैटग्रिड जैसे पोर्टलों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपराधिक तत्व की पहचान तत्काल हो सके।

3. जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण – सीएम हेल्पलाइन पोर्टल और जनपद स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए एसपी ने कड़े निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयावधि के भीतर और गुणवत्तापरक ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग प्रबोध कुमार घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी विकास पुण्डीर, प्रतिसार निरीक्षक, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार एवं जनपद के समस्त कोतवाली प्रभारी उपस्थित रहे।

*सोशल मीडि

मुख्यमंत्री के निर्देश – सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा के लिए बनेगी एसओपी

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देहरादून…मख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर, 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना के साथ ही हाल के समय में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान – सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए, उन्होंने एसएसपी देहरादून को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष श्री राम सिंह चौहान, महामंत्री श्री मुकेश बहुगुणा एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

तिलवाड़ा बाजार में जिलाधिकारी का स्थलीय निरीक्षण, एनएच पर हो रहे कार्यों का लिया जायजा,अतिक्रमण व मलवा हटाने के सख्त निर्देश, चारधाम यात्रा से पूर्व जाम की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर.

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*राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर अतिक्रमण पर कड़ा रुख:से बाहर सामग्री रखने पर होगी चालानी कार्यवाही.

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा द्वारा आज तिलवाड़ा बाजार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित कार्यों, अधिग्रहित भूमि से हटाए गए अतिक्रमण तथा सड़क पर पड़े मलवे की स्थिति का गहनता से अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तिलवाड़ा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन को सुगम बनाने हेतु कार्य प्रगति पर है तथा इसका मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन भू-स्वामियों को पूर्व में अधिग्रहित संपत्तियों का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, वे तत्काल प्रभाव से अधिग्रहित भूमि से अपना स्वामित्व हटाएं। साथ ही जिन भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, उनका मलवा यथाशीघ्र हटाया जाए, जिससे मार्ग बाधित न हो।

उन्होंने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण एवं मलवा हटाने से आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान वाहनों के आवागमन हेतु पर्याप्त चौड़ाई उपलब्ध हो सकेगी। इससे पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई है, जिसमें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए है।

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई दुकानदार अथवा व्यवसायी अपनी दुकान की निर्धारित सीमा से बाहर एनएच की भूमि पर अस्थायी सामग्री अथवा अन्य सामान रखता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नगर पंचायत के माध्यम से चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण एवं मलवा हटाने की कार्यवाही से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही खाली कराई गई भूमि का उपयोग पार्किंग, यात्रियों के विश्राम हेतु बेंच स्थापना तथा अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए भी किया जा सकेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुव्यवस्थित यात्रा का अनुभव प्राप्त हो।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं और तिलवाड़ा बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

 

बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिलl

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*बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामि

*मां चंडिका महावन्याथ में सीएम धामी ने की पूजा-अर्चना, क्षेत्रीय विकास हेतु की महत्वपूर्ण घोषणाएं*

*दिवारा यात्रा पर उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का दोहराया संकल्प*

*महत्वपूर्ण घोषणाएं—*

*1. मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराया जाएगा।*

*2. तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा की गई।*

जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि अंतर्गत ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम मां चंडिका मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में भाग लिया तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां चंडिका का आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उनका माल्यार्पण कर अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री के आगमन के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा क्षेत्र में स्टॉल स्थापित कर आमजन को राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा लाभान्वित किया गया।

*जनसमूह को किया संबोधित*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं की सराहना की तथा प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस महायज्ञ में सम्मिलित होकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मां चंडिका से सभी की कुशलता तथा उत्तराखंड राज्य की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल को धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताते हुए कहा कि 20 वर्षों के बाद आयोजित यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि किसी भी देवस्थान पर जाना मात्र संयोग नहीं होता, बल्कि इसे ईश्वरीय आह्वान और आशीर्वाद के रूप में देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आयोजन में जनसहभागिता को अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन ही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। ये आयोजन न केवल समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो उठे। उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वे भी बड़े-बुजुर्गों के साथ ऐसे आयोजनों में सम्मिलित होते थे, जहां सभी एक-दूसरे की खुशहाली की कामना करते थे। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सनातन संस्कृति की रक्षा और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान समय को सांस्कृतिक, सामाजिक और सहयोग की दृष्टि से स्वर्णिम काल बताते हुए कहा कि भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को विशेष सम्मान प्राप्त हो रहा है।

वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर में हुए व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज ‘दिव्य एवं भव्य केदार’ का स्वरूप सभी के सामने है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों की सफलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को समृद्ध राज्य बनाने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्णतः संकल्पित है। देवभूमि के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-निरोधक प्रावधानों सहित विभिन्न सख्त कानूनी उपाय लागू किए गए हैं। राज्यभर में 12 हजार से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है, जिसे उन्होंने देवभूमि की पवित्रता की रक्षा का अभियान बताया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समूचे राष्ट्र में (समान नागरिक संहिता) समान कानून लागू करने वाला अग्रणी राज्य बनकर उभरा है और राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास तथा सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

*मुख्यमंत्री घोषणाएं*

मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु निम्न महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं—

1. मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

2. तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा की गई।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने लाटा बाबा विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत किए जाने हेतु परीक्षण कराकर नियमावली के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही इस अवसर पर आशा नौटियाल, विधायक केदारनाथ, द्वारा क्षेत्र की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने उक्त मांगों पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन प्रदान किया।

*20 वर्षों बाद आयोजित हो रही है दिवारा यात्रा*

मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होकर लगभग 26 गांवों के भ्रमण पर रही। यह यात्रा 20 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान वीरों देवल, संगूड़, नैणी पौण्डार, क्यार्क बरसूड़ी, पाली, बष्टी, डुंगर, बड़ेथ, पाटियू, भटवाड़ी, जोला, उच्छोला, मथ्यागांव, बक्सीर, भुनालगांव, डांगी, खोड, स्यूर, डडोली, खाटली किमाणा, दानकोट, कौशलपुर, अरखण्ड, डालसिंगी, हाट, नैली कुंड, रयांसू सहित विभिन्न गांवों का भ्रमण किया गया।

यात्रा के अंतर्गत बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा आयोजित होगी तथा 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ यह महावन्याथ यात्रा सम्पन्न होगी और मां अपने दिव्य स्थल पर विराजमान होंगी।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष रितु नेगी, ब्लॉक प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महायज्ञ समिति अध्यक्ष डॉ. आशुतोष भंडारी, महासचिव मदन मोहन डिमरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप वन संरक्षक रजत सुमन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।