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Thursday, March 19, 2026


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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में सिटी फॉरेस्ट का किया लोकार्पण।

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1 करोड़ की लागत से बना है सिटी फॉरेस्ट*

एक करोड की लागत से रामपुर रोड स्थित हल्द्वानी में निर्मित सिटी फारेस्ट (नगर वन) का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नगर वन में वृक्षारोपण भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि नगर में निवासरत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होने कहा शहर की भागदौड़ के बीच सिटी फारेस्ट एक ऐसा जगह है जहां सकून मिलेगा। सिटी फारेस्ट में लॉन, बैम्बू हट, चिल्ड्रन पार्क, ओपन एयर जिम, पैदल भ्रमण पथ, साईकिलिंग ट्रेल एवं हाथी सैल्फी पाइंट मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। सिटी फारेस्ट वन विभाग की 7.5 हेक्टेयर भूमि में स्थापित किया गया है।

सिटी फारेस्ट में खैर, शीशम, सागौन, कंजू, अमलताश, यूकेलिप्टस, मौलश्री. छत्यून, बांस, चन्दन, नीम, बेल, पारिजात, पाखड़ आदि वानस्पतिक प्रजातियां हैं। इसके साथ ही नगर वन में बाउण्ड्री वॉल, वृक्षारोपण, लॉन विकास कार्य, चिल्ड्रन पार्क, ओपन जिम, पैदल ट्रेल, रिसेस्प्शन ऐरिया, प्रवेश गेट, पैदल मार्ग, ए०टी०वी० ट्रेल, वाटर टैंक आदि कार्य किया जा रहा है।

सिटी फारेस्ट में कैफेटेरिया, सोविनियर शॉप, वैलनेस ऐरिया, बटरफ्लाई गार्डन, रॉक गार्डन, कैक्टस गार्डन, टेªल्स का विस्तारीकरण एवं कैनोपी वॉकवे भविष्य में प्रस्तावित कार्य किये जायेेंगे।

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*डाॅ. राम प्रकाश ने संभाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार।

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  1. *नवागत सीएमओ ने किया कार्यभार ग्रहण*

*डाॅ. राम प्रकाश ने संभाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार*

*निवर्तमान सीएमओ डाॅ. विमल सिंह गुसाईं को दी भावभीनी विदाई*

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश ने शनिवार को जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार ग्रहण कर लिया। वहीं, संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर स्तानांतरित हुए निवर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विमल सिंह गुसाईं रिलीव हो गए हैं।
शनिवार को नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश ने कार्यालय पहुंच मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी का विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं, निवर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विमल सिंह गुसाईं को भावभीनी विदाई दी गई।
इस अवसर पर सीएमओ डाॅ. राम प्रकाश ने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं का और अधिक बेहतर ढंग से संचालन करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग भले ही भौगोलिक दृष्टि से राज्य के अन्य जनपदों से छोटा है, लेकिन इस जनपद की अपनी अलग तरह की चुनौतियां है। कहा कि सभी के साथ मिलकर समेकित प्रयास कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाएगा।
वक्ताओं द्वारा निर्वमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विमल सिंह गुसाईं के सरल व सहज कार्य व्यवहार की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। कहा कि उनके जैसा सरल व सहज व्यवहार सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए प्रेरणादाई रहा।
अपने संबोधन में डाॅ. विमल सिंह गुसाईं ने सभी कर्मचारियों को और पूर्ण मनोयोग से जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए अपने स्तर पर भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशुतोष, मुख्य फार्मेसी अधिकारी एचएस बिष्ट, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप सिंह रावत, चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मनदीप, फार्मेसी अधिकारी चंद्रमोहन सेमवाल, डीपीएम हिमांशु नौडियाल, हरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल ,जनपद रुद्रप्रयाग के दो निकायों में निर्वाचन की पूरी जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथ।

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*महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल*

*जनपद रुद्रप्रयाग के दो निकायों में निर्वाचन की पूरी जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथ*

आगामी निकाय चुनावों में न केवल महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटों का आरक्षण होगा अपितु जनपद रुद्रप्रयाग में दो नागर निकायों अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा के निर्वाचन संपन्न कराने की पूरी जिम्मेदारी भी महिलाओं के हाथों में ही होगी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी नागर निकाय चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी और सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारी महिलाएं हों। जनपद रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा में इन अधिकारियों को रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है:
अनीता पंवार जिला विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि नगर पंचायत के लिए रिटर्निंग अधिकारी होंगी, जबकि सुनीता अरोड़ा जिला समाज कल्याण अधिकारी, मोनिका चुनेरा, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां सपना तिवाड़ी, सहायक विकास अधिकारी उद्यान, ऊखीमठ सहायक रिटर्निंग अधिकारी होंगी।
इसी तरह नगर पंचायत तिलवाड़ा के लिए मीनल गुलाटी, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग रिटर्निंग अधिकारी जबकि रिंकी कुकरेती सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र शिखा बिंदोला सहायक विकास अधिकारी सहकारिता तथा प्रगति चौहान सहायक विकास अधिकारी सहकारिता को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ज्ञातव्य है कि जनपद रुद्रप्रयाग में कुल 05 नागर निकाय हैं जिनमें से दो नागर निकायों में पहली बार रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में शत-प्रतिशत महिलाओं को नियुक्त किया गया है।

दो आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में हुआ बदलाव,।

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देहरादून

दो आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में हुआ बदलाव,

आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार और श्रीमती विमला गुंज्याल के कार्यक्षेत्र में हुआ बदलाव,

प्रभारी डीजीपी रहे आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार को मिली नई जिम्मेदारी,

एडीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा की मिली जिम्मेदारी,

श्रीमती विमला गुंज्याल को आईजी सतर्कता बनाया गया,

1995 बैच के IPS अधिकारी हैं दीपम सेठ उत्तराखंड के नए DGP।

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दीपम सेठ उत्तराखंड के नए DGP

1995 बैच के IPS अधिकारी हैं दीपम सेठ

कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार से लेंगे चार्ज

शासन ने जारी किए आदेश

अभिनव कुमार ADG L O की जिम्मेदारी देखेंगे

सड़क हादसे में उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार  समेत दो लोगों की मौत हो गई।

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ऋषिकेश 

देर रात दुखद खबर सामने आई ,

सड़क हादसे में उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार  समेत दो लोगों की मौत हो गई।

उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष  त्रिवेंद्र सिंह पंवार  का सड़क दुर्घटना में निधन होने पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक जताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह पंवार जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ।

ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों, समर्थकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

हादसा इंद्रमणि बडोनी चौक ऋषिकेश में हुआ।

जहां एक बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को टक्कर मार दी।

इस दुर्घटना में त्रिवेंद्र सिंह पंवार  सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

घायलों को एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने त्रिवेंद्र पंवार को मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि अन्य लोग भी हादसे के शिकार हुए हैं।

त्रिवेंद्र पंवार एक पूर्व राज्यमंत्री के बेटे की शादी में शामिल होने यहां पहुंचे थे, इसी दौरान यह हादसा हो गया।

26 नवंबर से भूख हड़ताल करेंगे मोहित डिमरी,भूमि कानूनों में हुए संशोधनों को रद्द करने की मांग।

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निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग

देहरादून -मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति संविधान दिवस 26 नवंबर से शहीद स्मारक देहरादून में भूख हड़ताल शुरू करने जा रही है। संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

आज प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मू, निवास भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मजबूत भू-कानून को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। सरकार बजट सत्र में भू-कानून लाने की बात कर रही है, लेकिन किस तरह का भू-कानून सरकार लाएगी, स्थिति स्पष्ट नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं हर बार की तरह भू-माफिया के पक्ष में सरकार कानून लाए आए।

उन्होंने कहा कि 2018 के बाद भूमि कानूनों में हुए सभी संशोधनो को अध्यादेश के जरिये रद्द किया जाय। भूमि कानून की धारा-2 को हटाया जाए। इस धारा की वजह से नगरीय क्षेत्रों में गांवों के शामिल होने से कृषि भूमि खत्म हो रही है। 400 से अधिक गांव नगरीय क्षेत्र में शामिल हुए हैं और 50 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को खुर्द-बुर्द करने का रास्ता खोल दिया गया। साथ ही भूमि कानून के बिल को विधानसभा में पारित करने से पूर्व इसके ड्राफ्ट को जनसमीक्षा के लिए सार्वजनिक किया जाए। निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा और इससे मिले रोजगार को सार्वजनिक किया जाय। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन खरीदी है, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाय। कहा कि मूल निवासियों का चिन्हीकरण होना चाहिए और इस आधार पर 90% नौकरियों और सरकारी योजनाओं में मूल निवासियों की भागेदारी होनी चाहिए।

समिति के महासचिव प्रांजल नौडियाल ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार भू कानून और मूल निवास पर अपनी मंशा साफ करे। मूल निवास की परिभाषा और भू कानून में हुए बदलावों पर सरकार तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करे अन्यथा जनता इन मुद्दों पर समिति के नेतृत्व में सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने को कमर कस चुकी है। महिला मंच की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने कहा की राज्य आंदोलन में महिलाओं ने सर्वोच्च बलिदान देकर इस राज्य के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई और अगर सरकार आंदोलनकारियों के अपेक्षाओं के अनुरूप भू कानून में हुए बदलावों को तुरंत प्रभाव से रद्द नहीं करती है तो महिलाएं समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के विरुद्ध संघर्ष में शामिल रहेगी।

वरिष्ठ राज्य आंंदोहरी मोहन सिंह रावत ने कहा 42 शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देकर इस राज्य के निर्माण का सपना साकार किया, लेकिन आज राज्य की स्थिति बद से बदतर हो गई है। ज़मीन के कानून खुर्द बुर्द किये गए और मूल निवासियों के अधिकार छीने गए।
उन्होंने कहा कि सभी राज्य आंदोलनकारी समिति के साथ खड़े हैं और अगर जल्द ही सरकार ने भू कानून पर अपनी मंशा स्पष्ट नहीं की तो फिर इस भूख हड़ताल में राज्य निर्माण का एक-एक आंदोलनकारी शामिल रहेगा।

मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने एक संस्थान को अवैध रूप से दी गई जमीन के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री की संलिप्तता होने से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि हिमालयीय आयुर्वेदिक योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान को आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के लिए तहसील ऋषिकेश की ग्राम फतेहपुर की करोड़ों रुपए की करीब 20 हैक्टेयर भूमि निःशुल्क दी गई है। जबकि भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 132 में स्पष्ट प्रावधान है कि चारागाह, बंजर, नदी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को व्यावसायिक हित के लिए पट्टे या लीज पर नहीं दी जा सकती है। यह सीधे-सीधे भूमि कानून का उल्लंघन है। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दिया है कि बंजर और नदी श्रेणी की भूमि को संरक्षित किया जाना जरूरी है। इसमें किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि अवैध है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के सगे-सम्बंधी इस संस्थान के ट्रस्टी हैं। अपने प्रभाव के कारण उन्होंने जमीन ली है। यह जमीन तब ली गई, जब तिवारी सरकार थी और भाजपा नेता ने अपने रसूख से जमीन संस्थान के नाम दर्ज करवाई। बाद में भी भूमि संस्थान के नाम दर्ज होती रही है। इस तरह अन्य कई संस्थाओं, स्कूल, हॉस्पिटल, हॉस्टल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी जांच होनी होनी चाहिए।

आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ आयेंगे उत्तराखंड

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आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ आयेंगे उत्तराखंड,

प्रतिनियुक्ति से वापस आयेंगे आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ,

एडीजी एस एस बी में प्रतिनियुक्ति पर है दीपम सेठ,

उत्तराखंड कैडर के आई पी एस अधिकारी है दीपम सेठ,

1995 बैच के आई पी एस अधिकारी है दीपम सेठ,

सूत्रों की माने तो उत्तराखंड के नए डीजीपी होंगे दीपम सेठ,

भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल सर्वाधिक 23814 मत प्राप्त कर विजय रही,कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 5622 मतों से किया पराजित।

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रुद्रप्रयाग-

07-केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन 2024 की मतगणना प्रक्रिया दोपहर करीब 1ः30 बजे समाप्त हो गई। 13 राउंड में चली मतगणना प्रक्रिया के बाद भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को कुल 23814 मत प्राप्त हुए जिसमें ईवीएम के माध्यम से 23130 तथा 684 डाक मतपत्र प्राप्त हुए जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को कुल 18192 मत प्राप्त हुए जिसमें ईवीएम से 18031 तथा 161 डाक मतपत्र से प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा अधिकृत प्रत्याशी आशा नौटियाल ने कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 5622 मतों के अंतर से पराजित किया।इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी त्रिभुवन सिंह चौहान 9311 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे जबकि उत्तराखंड क्रांति दल के प्रत्याशी आशुतोष भंडारी 1314 मतों के साथ चौथे, निर्दलीय प्रत्याशी आरपी सिंह 493 पांचवें तथा पीपीआई (डी) के प्रदीप रोशन 483 मतों के साथ छठे स्थान पर रहे। अंतिम दो स्थान पर रहे प्रत्याशियों से अधिक कुल 834 मत नोटा के पक्ष में रहे। पोस्टल बैलेट के 262 निरस्त मत निरस्त किए गए। कुल ईवीएम के माध्यम से 53513 मत प्राप्त हुए। डाक मतपत्र 1190 तथा विधान सभा उप निर्वाचन 54700 मत प्राप्त हुए।

जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार ने मतगणना सहित पूरी निर्वाचन प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी मतगणना ऑब्जर्वर, मतगणना सुपरवाइजर, मतगणना सहायकों,कार्मिकों,अधिकारी-कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों सहित सभी नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं निर्वाचन प्रक्रिया को संपादित करने में लगे सभी कार्मिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया बंधुओं का भी आभार व्यक्त किया। रिटर्निंग अधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को विजय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया।

इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष चंद्र घिल्डियाल, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

जनता के लिए खुलेगा देहरादून के राजपुर रोड स्थित ‘राष्ट्रपति आशियाना’।

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*जनता के लिए खुलेगा देहरादून के राजपुर रोड स्थित ‘राष्ट्रपति आशियाना’*

*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर जनता के लिए खोलने की तैयारी शुरू*

*राष्ट्रपति सचिवालय में अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने देहरादून पहुंचकर की उच्च स्तरीय बैठक*

देहरादून। देहरादून के राजपुर रोड पर स्थित एतिहासिक राष्ट्रपति आशियाना आगामी अप्रैल माह से आम लोगों के लिए खुल जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों ने देहरादून पहुंच, राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर, आशियाना में जनता के लिए आवश्यक सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर अब देहरादून स्थित 186 साल पुराने, राष्ट्रपति आशियाना को आम लोगों के लिए खोला जा रहा है। 21 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस परिसर का इस्तेमाल अभी राष्ट्रपति बाडीगॉर्ड (पीबीजी) द्वारा किया जा रहा है। परिसर को आम जन के लिए खोलने से पहले आवश्यक तैयारी के लिए शनिवार को आशियाना परिसर में राष्ट्रपति सचिवालय में अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने उच्च स्तरीय बैठक मे उत्तराखंड सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया। तय किया गया कि आम लोग परिसर के मुख्य भवन तक प्रवेश कर सकेंगे। इस दौरान लोगों को राष्ट्रपति आशियाना के साथ ही भारतीय सेना की 251 साल पुरानी रेजीमेंट पीबीजी के इतिहास और इसके 186 साल पुराने अस्तबल से रूवरू होने का भी मौका मिलेगा।
सैर के मध्य लोग परिसर के खूबसूरत बाग, कैफेटिरिया का भी आनंद उठा सकेंगे। बैठक में परिसर को आम जन के लिए खोलने से पहले बिजली, पानी, पार्किंग की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में पीबीजी के सीओ कर्नल अमित बेरवाल, ओएसडी स्वाति शाही के साथ ही उत्तराखंड शासन के सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पांडे, डीएम देहरादून स्वीन बंसल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए। इससे पहले राष्ट्रपति के निर्देश पर हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति नीलायम और मशहोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास को भी आम लोगों के लिए खोला जा चुका है।
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