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Sunday, March 15, 2026


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राज्यपाल ने हिमालयी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सैन्य-नागरिक-समाज के समन्वित दृष्टिकोण पर दिया बल।

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*लोक भवन देहरादून 07 जनवरी, 2026

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) द्वारा आज क्लेमेंट टाउन, देहरादून में *“फोर्टिफाइंग द हिमालयाजः ए प्रोएक्टिव मिलिट्री-सिविल-सोसाइटी फ्यूजन स्ट्रेटजी इन द मिडिल सेक्टर”* विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में प्रतिभाग किया गया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालय केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि एक जीवंत रणनीतिक प्रणाली है, जहाँ भू-आकृति, आधारभूत संरचना, जनसंख्या, शासन और सैन्य क्षमता निरंतर परस्पर क्रिया में रहती हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि मध्य सेक्टर को परंपरागत रूप से अपेक्षाकृत शांत माना जाता रहा है, किंतु वर्तमान परिस्थितियाँ सतत सतर्कता और पूर्व तैयारी की मांग करती हैं। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र, विशेष रूप से भारत-चीन सीमा के मध्य सेक्टर में, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सैन्य, नागरिक प्रशासन और समाज के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने कहा कि समकालीन सुरक्षा चुनौतियाँ अब केवल प्रत्यक्ष  सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हाइब्रिड वारफेयर, ग्रे-जोन गतिविधियों, द्वि-उपयोगी आधारभूत संरचना, और सीमा क्षेत्रों में निरंतर दबाव जैसे कारकों से भी आकार ले रही हैं। ऐसे परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्रों की दीर्घकालिक सुरक्षा केवल सैन्य तैयारियों से नहीं, बल्कि नागरिक प्रशासन, स्थानीय समुदायों और प्रौद्योगिकी के साथ प्रभावी समन्वय से सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने सीमावर्ती गांवों को राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि स्थानीय समुदाय केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सीमाई सुरक्षा के सहभागी और बलवर्धक हैं। उन्होंने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ जैसे कार्यक्रम सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ जनसंख्या स्थिरता, लॉजिस्टिक मजबूती और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी राष्ट्रीय उपस्थिति को भी सुदृढ़ करते हैं।

राज्यपाल ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़कें, सुरंगें, पुल, हवाई संपर्क और दूरसंचार सुविधाएँ परिचालन तत्परता के अनिवार्य घटक हैं। उन्होंने चारधाम परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह न केवल तीर्थाटन और आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाती है, बल्कि रणनीतिक गतिशीलता और सुरक्षा तैयारियों को भी मजबूती प्रदान करती है।

उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ड्रोन, उन्नत निगरानी प्रणालियाँ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्लेटफॉर्म परिस्थितिजन्य जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया में सहायक हैं, किंतु तकनीक नेतृत्व, विवेक और संस्थागत मजबूती का विकल्प नहीं हो सकती।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन का सीधा संबंध परिचालन क्षमता से है। पर्यावरणीय क्षरण से न केवल जीवन और आजीविका प्रभावित होती है, बल्कि लॉजिस्टिक्स, संचार और आपदा प्रबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा आवश्यकताओं के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।

अपने संबोधन के समापन पर राज्यपाल ने कहा कि हिमालयी सीमाओं की वास्तविक शक्ति शांत तैयारी, संस्थागत समन्वय और सामाजिक विश्वास में निहित है। जब सैन्य बल, नागरिक प्रशासन और समाज एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब हिमालयी सीमाएँ अधिक सुदृढ़, स्थिर और सुरक्षित बनती हैं।

*सीमांत क्षेत्रों में सामुदायिक एवं अवसंरचनात्मक विकास पर फोकस किया जा रहा है- मुख्यमंत्री*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा सैन्य नागरिक से जुड़े विषय पर सेमिनार का होना अति महत्वपूर्ण है। कहा कि सेमिनार से निकले सुझाव हमारी सामरिक नीति को सुदृढ़ बनाने में सहायक एवं हिमालयी क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित जनसंख्या जैसी चुनौतियों को देखते हुए सेना, नागरिकों, सिविल प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय होना आवश्यक है। हिमालयी क्षेत्रों में सीमाओं के आस-पास निवास करने वाले नागरिक देश की सबसे बड़ी शक्ति है, जो वास्तव में देश के आँख और कान बनकर राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम योगदान निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा करना सेना के साथ साथ प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सीमांत गांव माणा जैसे दूरस्थ और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने ही माणा को देश के अंतिम गांव की जगह देश के प्रथम गांव बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और नागरिकों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

जीओसी-इन-सी, सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने मध्य क्षेत्र के बॉर्डर की चुनौतियों, नागरिक समाज के सशक्तीकरण और तकनीक के अपग्रेडेशन के साथ ही अवसंरचनात्मक विकास के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर राजदूत अशोक के. कांथा (सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर अंशुमान नारंग (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) सहित संबंधित उपस्थित थे।

रुद्रप्रयाग में रुद्रनाथ महोत्सव 2026 का रंगारंग कार्यक्रमो के साथ शुभांरभ,7 से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा शीतकालीन रुद्रनाथ महोत्सव।

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जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर सांस्कृतिक रैली का किया शुभारंभ*

जनपद रुद्रप्रयाग के पौराणिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक रुद्रनाथ महोत्सव 2026 का आज भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर नगर क्षेत्र में आयोजित भव्य सांस्कृतिक रैली ने जनमानस का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आयोजित रैली पेट्रोल पंप तिराहा से प्रारंभ होकर गुलाबराय मैदान तक निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, महिला मंगल दल, युवा मंगल दल, स्थानीय कलाकार एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रैली के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक परिधानों एवं सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।

रैली के दौरान ढोल-दमाऊ, रणसिंगा एवं मसकबीन जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों में भगवान शिव के रुद्र अवतार सहित जनपद की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव चित्रण किया गया, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि रुद्रप्रयाग नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत आयोजित यह रुद्रनाथ महोत्सव 7 से 13 जनवरी 2026 तक गुलाबराय मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसे शीतकालीन महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शीतकालीन यात्रा के अंतर्गत बड़ी संख्या में पर्यटक जनपद में पहुंच रहे हैं तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए रुद्रनाथ महोत्सव को शीतकालीन पर्यटन से जोड़कर आयोजित किया गया है, ताकि पर्यटकों को जनपद की लोक संस्कृति, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराया जा सके। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले स्टॉलों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

उन्होंने रैली की सराहना करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं, महिलाओं, स्थानीय कलाकारों एवं नागरिकों की व्यापक सहभागिता से महोत्सव का शुभारंभ अत्यंत भव्य एवं सफल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी सात दिनों तक यह महोत्सव पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए उत्साह, संस्कृति और आनंद का केंद्र बना रहेगा।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय सिलगढ महोत्सव का समापन, लोकगायक किशन महिपाल के गानों पर झूमी जनता।

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विधायक भरत चौधरी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत ने रिबन काटकर किया मेले का शुभारंभ।
विकासखंड जखोली के अंतर्गत राजकीय इंटर कालेज तैला के पुराने परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सिलगढ महोत्सव का समापन लोकगायक किशन महिपाल के रंगारग कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। समापन दिवस पर मुख्य अतिथि रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
वही कार्यक्रम में मेले के अध्यक्ष श्री देवेंद्र भण्डारी द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया। वही कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा मेले के सफल आयोजन के लिए समिति को बधाई दी। साथ ही उन्होंने मेले के लिए 2 लाख आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
इसके साथ ही उन्होंने सिलगड क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी से क्षेत्र की जनता को अवगत कराया गया। साथ उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जो भी मूलभूत समस्याएं है, उनका समाधान किया जाएगा। मेले के स्थानीय स्तर पर आयोजित होने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। मेले में उपस्थित विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मेले आयोजित होने से महिलाओं को एक बड़ा मंच प्रदान हो रहा है। जो महिलाओं को आगे बढ़ाने की एक अच्छी पहल है। मेला समिति को आगे हर प्रकार का सहयोग देने के लिए आस्वस्त किया।
मेले में लोकगायक किशन महिपाल द्वारा जय बद्रीविशाल, घुगुति, फ़्यूल्डया, सयाली भम्पाली, हिंवाली का डंडा काँठा, सहित कहि प्रस्तुति देकर जनता को झूमने पर मजबूर किया। कार्यक्रम में स्थानीय लोक गायक विजय पंत व आरती रावत ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति देकर जनता का खूब मनोरंजन किया। इसके साथ मेले में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

रंगारंग कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय सिलगढ महोत्सव का हुआ आगाज, रुद्रप्रयकविधायक भरत चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया मेले का शुभारंभ।

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प्रथम दिवस पर महिला मंगल दल एवं स्कूली बच्चों दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति।
विकासखंड जखोली के अंतर्गत राजकीय इंटर कालेज तैला के पुराने परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सिलगढ महोत्सव का रंगारग कार्यक्रमों के साथ शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस पर मुख्य अतिथि रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वही मेले के प्रथम दिवस पर क्षेत्र की महिला मंगलदल एवं स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
वही कार्यक्रम में मेले के अध्यक्ष श्री देवेंद्र भण्डारी द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया मेले लिए आर्थिक सहयोग की मांग की। वही कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा मेले के आयोजन के लिए समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 2018 में सिलगढ मेले का शुभारंभ किया गया था। जो अब निरन्तर बड़ा स्वरूप ले रहा है। जो कि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने का कि मेले हमारे संस्कृति के धौतक है। ये हम सभी को आपस मे जोड़े रखते है। और हमारी संस्कृति की मुख्य पहचान है। मेले के स्थानीय स्तर पर आयोजित होने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। स्थानीय उत्पादों को बढावा मिलेगा। उन्होंने मेले में लगे सरकारी विभागों से स्टालों का निरीक्षण किया एवं जनता को जानकारी लेकर सरकार की योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तैला वाडधार मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 1.98 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके बनने से सिलगढ, बडमा, और बांगर क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय तक आवाजाही करने में आसानी होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लस्तर बाँया नहर निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, ₹110 की डीपीआर बनकर शासन को भेजी गई है।इसके साथ ही उन्होंने सिलगड क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी से क्षेत्र की जनता को अवगत कराया गया। साथ उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जो भी मूलभूत समस्याएं है, उनका समाधान किया जाएगा। इसके साथ मेले में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भाजपा श्री भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री वाचस्पति सेमवाल, जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहगुणा, मंडल अध्यक्ष श्री विनोद कण्डारी , मेला संरक्षक ओम प्रकाश बहुगुणा, यशवीर चौहान, सौकार कैंतुरा, प्रधान तैला, दीपा पंवार, मेहरबान नेगी सहित के क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

गुलाबराय मैदान में विधायक चैंपियनशिप ट्राफी का शुभारंभ। विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया खेल प्रतियोगिता शुभारंभ।

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रुद्रप्रयाग। युवा कल्याण, शिक्षा विभाग एवं खेल विभाग के समन्वयक से खेल महाकुंभ 2025-25 का विधानसभा स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्राफी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी ने झंडा रोहण के उपरांत मुख्य अतिथि के रूप में सलामी लेकर,एवं मशाल दौड़ के साथ शुरू किया। यह प्रतियोगिता 2 जनवरी से 6 जनवरी तक गुलाबराय मैदान में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं का आगे लाना है। इससे पहले इसका न्याय पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें चयनित प्रतिभागियों को विधानसभा स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्राफी में प्रतिभाग कर रहे है। इसमें अंडर-14 बालिका एव बालक वर्ग व अंडर-19 बालिका एवं बालिका वर्ग में एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो वालीबॉल एवं पिट्ठू खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा। जिसमें प्रथम पुरस्कार हर खेल में ₹500 द्वितीय पुरस्कार ₹400 एवं तृतीय पुरस्कार ₹300 का प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी सांसद चैंपियनशिप ट्राफी में प्रतिभाग करेंगे और सांसद चैंपियनशिप के बाद राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी में प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन का उद्देश्य हमारी सरकार का स्थानीय स्तर पर ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना है। जिससे वो आगे बढ़ सके। खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य रही है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों का हौसलाअफजाई करते हुए सभी को शुभकामनाएं दी। इसके साथ अंडर-19 बालिका वर्ग में 600 मीटर दौड़ में प्रथम, द्वितीय एव तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिलापंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत , जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ऋतु नेगी नगर पालिका अध्यक्ष श्री संतोष रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण, खण्ड विकास अधिकारी श्री सुरेश शाह , युवा कल्याण अधिकारी वृहद जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

लघु सिंचाई व जल स्रोत संगणना को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन।

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संगणना से जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति आएगी सामने: मुख्य विकास अधिकारी*

बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में लघु सिंचाई विभाग द्वारा आयोजित सातवीं लघु सिंचाई, द्वितीय जल निकाय, प्रथम वृहद एवं मध्यम सिंचाई तथा प्रथम स्प्रिंग जनगणना के संबंध में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि संगणना का उद्देश्य जिले में उपलब्ध लघु, मध्यम एवं वृहद सिंचाई संरचनाओं, विभिन्न जल निकायों तथा प्राकृतिक जल स्रोतों (स्प्रिंग्स) का सटीक, अद्यतन एवं विश्वसनीय डाटा तैयार किया जाना है।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि संगणना कार्य शासन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे जिले में उपलब्ध जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति सामने आती है। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं का सशक्तिकरण होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाय। उन्होंने कहा कि स्प्रिंग संगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सूखते जलस्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सातवीं लघु सिंचाई संगणना, कृषि क्षेत्र में जल उपयोग, सिंचाई क्षमता, जल उपलब्धता एवं भविष्य के संसाधन प्रबंधन का सटीक आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मी निर्धारित प्रपत्रों में भौतिक सत्यापन के आधार पर पूर्णतः सही एवं अद्यतन आंकड़े संकलित करें, क्योंकि आंकड़ों की शुद्धता ही भविष्य की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आधारशिला है। उन्होंने वन क्षेत्र में वन्यजीवों के खतरे को देखते हुए संगणना के लिए वन विभाग को संबंधित विभागों के साथ समन्वय के निर्देश दिए।
कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर एवं अपर सहायक अभियंता लघु सिंचाई संगणना देहरादून राहुल कुमार शर्मा ने डेटा संकलन की पद्धति, जल निकायों के वर्गीकरण, जल स्रोतों की पहचान सहित फील्ड सर्वे की गुणवत्ता बनाए रखने से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने भौगोलिक स्थिति अंकित करने तथा ऑनलाइन पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा प्रविष्टि की भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि देव ऋषि एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा संगणना का फील्ड कार्य संपादित किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने सातवीं लघु सिंचाई संगणना और जल निकायों की गणना के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले लघु सिंचाई संगणना ऐप की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, ताकि भूजल और सतही जल स्रोतों के साथ-साथ सभी जल निकायों से संबंधित डेटा को डिजिटल रूप से एकत्र किया जा सके।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मोहन लाल आर्य, परियोजना अधिकारी उरेड़ा राहुल पंत, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, सहायक अभियंता सिंचाई प्रवीण डुंगरियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री के अधिकारियों को सख्त निर्देश -राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर करें सख्त कार्रवाई।

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नववर्ष के दृष्टिगत पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को लेकर पुख्ता व्यवस्थाएं हों, चैकिंग के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय : मुख्यमंत्री*

*यातायात प्रबंधन, रात्रिकालीन गश्त एवं अतिक्रमण हटाने पर विशेष फोकस*

*प्रदेश में स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्ति एवं शीतकालीन यात्रा प्रबंधन के लिए ठोस व्यवस्था के निर्देश।

Dehradun ।30 दिसम्बर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रदेश में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों और आगन्तुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस द्वारा नियमित रात्रिकालीन गश्त की जाए। पुलिस के उच्चाधिकारी भी कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नव वर्ष 2026 के अवसर पर आवागमन को सुगम बनाने, पर्यटकों की सुविधा, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आपराधिक कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों, अधिक आवागमन तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। नव वर्ष के अवसर पर सभी जनपदों में यातायात प्रबंधन के साथ मूलभूत सुविधाओं तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था, वाहनों के अनियंत्रित संचालन तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने पर विशेष निगरानी के साथ ही शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा एवं आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि चैकिंग के नाम पर आम जनता एवं पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में जिन स्थानों पर सड़कों पर अतिक्रमण की समस्याएं आ रही हैं, उन्हें सख्ती से हटाया जाए। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन तथा एमडीडीए टास्क फोर्स बनाकर सड़कों से निरंतर अतिक्रमण हटायें। अन्य जनपदों में भी जहां सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या है, इस पर निरंतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर होटल और रिसार्ट्स में भी फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को देखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की घटना की स्थिति में पुलिस 5 मिनट के अन्दर मौके पर पहुंच जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केन्द्रों की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट एवं शीतकाल के दृष्टिगत अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिए जाने तथा प्लास्टिक मुक्ति के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस मुहिम में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों के साथ ही आम लोगों से भी सहयोग लिया जाए।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर एवं सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव श्री धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक श्री वी. मुरूगेशन, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, शासन एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से आईजी कुमांऊ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज रतूड़ा में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव कार्यक्रम,विधायक भरत सिंह चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ।

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रुद्रप्रयाग।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड अगस्तमुनि के अंतर्गत पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज रतूड़ा में वार्षिकोत्सव मुख्य अतिथि के विधायक भरत सिंह चौधरी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य डी०एस भंडारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही विद्यालय के क्रियाकलापों का ब्यौरा जनता के सामने रखा। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी सभी छात्रों से मुखातिब होते हुए उनको भविष्य में देश और समाज के लिए बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करें और उसमें में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करें। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज एआई का दौर बड़ी तेजी से चल रहा है। बच्चों को इसकी अच्छाई का इस्तेमाल अपने पढ़ाई में करना है। और शिक्षकों को इसकी अच्छाई एवं इसके दुष्परिणाम के बारे में बच्चों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विधानसभा क्षेत्र में बच्चों को बेहतर और एक समान शिक्षा के अवसर प्राप्त हो इसके लिए प्रयास किये जा रहे है। वही उन्होंने कहा कि विद्यालय में 30 लाख की लागत से साइंस लैब का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। 10 लाख की लागत से विद्यालय में मंच निर्माण पर और प्रार्थना स्थल पर टाइल्स का कार्य पूर्ण हो चुका है। 1 लाख की लागत से विद्यालय में कंप्यूटर चैयर उपलब्ध करवाई गई। विद्यालय की मांग पर स्कूल में सजा-सज्जा और साउंड सिस्टम के लिए उन्होंने 2 लाख देने की घोषणा की। वही कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उन्होंने विद्यालय परिवार को बधाई दी। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये एवं मेधावी छात्रों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री संतोष रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री परमेन्द्र बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन सिंह, सरला खंडूरी, भूपेंद्र कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

केदारपुरी में दिसम्बर माह में बर्फ़बारी न होने से पर्यावरणविंत चिंतित ।

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रुद्रप्रयाग- दिसंबर माह को गुजरने में अब कुछ ही दिन का समय शेष बचा हुआ है, लेकिन अभी तक धाम में बर्फ नहीं गिरी है। पिछले वर्षों तक इन दिनों धाम में 5 फीट से अधिक तक बर्फ गिरी रहती थी, लेकिन इस बार धाम तो दूर पहाड़ियों पर भी बर्फ नहीं दिखाई दे रही है। अक्सर इन दिनों केदारपुरी चारों ओर से बर्फ से ढकी रहती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया है. धाम में दिसंबर माह में बर्फ गिरी ही नहीं है। हालांकि धाम में ठण्ड अधिक बढ़ गयी है और धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य भी बंद होने लगे हैं और मजदूर वापस लौट रहे हैं। केदारनाथ धाम में ठण्ड से तालाब भी जम गए हैं तो बिना बर्फ के सूखी पहाड़ी दिखाई दे रही है. यहां तक की कल तक जिन पहाड़ियों में झरने की तरह पानी बहता था, वहां अब सूखा सा पड़ा है।

केदारनाथ धाम में बर्फबारी नहीं हो रही है,लेकिन कोरी ठंड का प्रकोप अधिक हो गया है। धाम के बर्फ विहीन होने से निर्माण कार्य में जुटे मजदूर भी परेशान हैं. रात के समय धाम का तापमान माइनस 10 डिग्री तक जा रहा है, जबकि सुबह के समय धूप भी बहुत देर से आ रही है, जिस कारण निर्माण कार्यों को करना मुश्किल हो गया है। धाम में इन दिनों 80 से 100 के करीब ही मजदूर हैं, जो पाइप लाइन बिछाने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा 2013 की आपदा में ध्वस्त हुए रामबाडा–केदारनाथ पुराने पैदल मार्ग पर भी कार्य जारी है. धाम में सीमेंट के कोई कार्य नहीं हो पा रहे हैं. ठंड का प्रकोप इतना है कि मजदूर अब धीरे–धीरे नीचे सोनप्रयाग लौटने लगे हैं।

केदारनाथ धाम में बर्फबारी नहीं होने से पर्यावरण विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इस बार दिसंबर माह खत्म होने को है और अभी तक धाम में बर्फ नहीं गिरी है। बर्फ विहीन पहाड़ियों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हिमालय के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। आने वाले समय में इसके और भी अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हिमालय क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण कार्य होने से ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जिसको लेकर सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को धरातल पर कार्य करने की जरूरत है।

जखोली के सुदूरवर्ती भौंर क्षेत्र के विद्यालय को मा० मुख्यमंत्री की सौगात, जर्जर भवन की होगी मरम्मत, शिक्षा विभाग की मिली धनराशि।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन की त्वरित कार्रवाई, विभाग से प्रस्ताव मिलते ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय भौंर के लिए 14 लाख की धनराशि की जारी*

*छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि, भौंर विद्यालय भवन व किचन मरम्मत कार्य शीघ्र होगा शुरू*

मा० मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के सुदूरवर्ती क्षेत्र भौंर के निरीक्षण के दौरान क्षेत्रवासियों द्वारा राजकीय प्राथमिक विद्यालय भौंर के जर्जर एवं क्षीर्ण भवन तथा किचन की मरम्मत का मामला संज्ञान में लाया गया था। स्थानीय लोगों ने विद्यालय की दयनीय स्थिति से अवगत कराते हुए बच्चों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए तत्काल मरम्मत हेतु धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया था।

मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर विद्यालय की जर्जर स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया तथा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा शिक्षा विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

शिक्षा विभाग द्वारा तत्परता दिखाते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय भौंर के भवन एवं किचन की मरम्मत हेतु 14 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया गया। प्रस्ताव प्राप्त होते ही जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, सुविधा एवं भविष्य को प्राथमिकता देते हुए बिना विलंब किए संबंधित विभाग को 14 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर उपलब्ध करा दी है।

इस त्वरित निर्णय से विद्यालय भवन एवं किचन की मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। जिलाधिकारी की इस संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों में प्रसन्नता का माहौल है।

क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि शासन-प्रशासन की यह तत्परता सुदूरवर्ती क्षेत्रों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।