अल्मोड़ा-उत्तराखंड के अल्मोड़ा में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। मार्चुला के पास एक बस खाई में गिर गई है। हादसे में अभी तक 36 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, नैनी डांडा से रामनगर जा रही एक बस आज सुबह खाई में गिर गई। गीत जागीर नदी के किनारे गिरी बस में 36 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी अल्मोड़ा विनीत पाल ने बताया कि 36 यात्रियों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। टीम रेस्क्यू में जुटी है। हादसे में कितने यात्रियों की मौत हुई है, यह रेस्क्यू होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
40 सीटर बस में 55 से ज्यादा सवारियां
बस 40 सीटर थी,बस में 55 से ज्यादा यात्री सवार बताये जा रहे हैं। हादसे के बाद कुछ यात्री खुद ही बस से बाहर निकल आए। कुछ लोग छिटक कर नीचे गिर गए। घायल लोगों ने ही जानकारी दूसरों तक पहुंचाई। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाने का काम किया जा रहा है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी और अल्मोड़ा के संबंधित क्षेत्र के एआरटीओ प्रवर्तन को निलंबित करने के निर्देश दिए। सीएम ने मृतक परिजनों को 4-4 लाख रूपये और घायलों को 1-1 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। आयुक्त कुमाऊं मंडल को घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए गये है। हादसे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इसके साथ ही उन्होंने दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और अल्मोड़ा जिले के संबंधित क्षेत्र के एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना में कोई भी लापरवाही हुई हो तो उस पर कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राहत देने के लिए 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस हादसे की पूरी तरह से जांच होनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे हादसे न हों। इसके लिए कुमाऊं मंडल के आयुक्त को इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच करने के आदेश दिए गए हैं









रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आज भैया दूज के मौके पर पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए गए हैं। सुबह मंदिर में भगवान की समाधि पूजा की गई और उसके बाद 6 बजे गर्भ ग्रह का दरवाजा बंद कर दिया गया। जबकि विधि विधान के साथ 8:30 बजे मंदिर का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। बड़ी संख्या में भक्तों के साथ बाबा केदार की चल विग्रह डोली को केदारनाथ धाम से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना कर दिया गया।
आज डोली रामपुर पहुचेगी। जबकि कल सोमवार को डोली गुप्तकाशी और मंगलवार 5 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पहुंचेगी। जहां भगवान की 6 महीने तक शीतकालीन पूजा अर्चना की जाएगी।










ने उपस्थित पुलिस कार्मिकों को शपथ दिलायी गयी। जनपद की पुलिस लाइन, सभी थाना चौकियों पर राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता बनाये रखने की शपथ दिलाई गई।
सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा देश को हमेशा एकजुट करने के लिए अनेकों प्रयास किये गए, इनके कार्यों को याद करते हुए इनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसीलिए पुलिस बल का यह विशेष कर्तव्य होना चाहिए कि हम पुलिस के अनुशासित बल में नियुक्त रहते हुए राष्ट्र की एकता, अखण्डता को अक्षुण्ण बनाये रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान बनाए रखें।












