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Sunday, March 15, 2026


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 129 वें एपिसोड को आम जन एवं विद्यार्थियों के साथ सुना।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 129 वें एपिसोड को आम जन एवं विद्यार्थियों के साथ सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का “मन की बात” देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचार हर नागरिक में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मन की बात” के माध्यम से देश के कोने-कोने से जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है और अनेक उत्कृष्ट कार्यों से देश प्रेरणा लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज सेवा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका जैसे विषयों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से भी इस कार्यक्रम की सीखों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अवसर पर सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, नैनीताल सरिता आर्या रामनगर दीवान सिंह बिष्ट लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट,मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध:मुख्यमंत्री।

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*सेमलडाला खेल मैदान का विस्तारीकरण होगा : मुख्यमंत्री*

*राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण और अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह का निर्माण होगा*

*ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग का नाम नंदा-सुनंदा मार्ग होगा*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सेमलडाला पीपलकोटी में 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्रीविशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है तथा देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

*इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग में पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग को बदलकर नंदा-सुनंदा मार्ग रखे जाने तथा राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण एवं अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह की घोषणा की।*

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार,अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

विधायक भरत चौधरी ने किया ₹2.63 करोड़ की लागत से आश्रम से घरडा मखेत मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य का किया शुभारंभ।

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राज्य योजना के तहत 3.15 किमी सड़क का होगा विस्तारीकरण/ डामरीकरण।
जखोली विकास खण्ड में राज्य योजना के तहत स्वीकृत आश्रम से घरडा मखेत मोटर मार्ग के कोटि तक विस्तारीकरण एवं डामरीकरण कार्य का शुभारंभ स्थानीय विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा किया गया। 3.16 किमी लंबी इस सड़क का 2.63 करोड़ की लागत से डामरीकरण एवं विस्तारीकरण किया जाएगा। स्थानीय जनता द्वारा सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही थी। सड़क के डामरीकरण के शुभारंभ के अवसर पर स्थानीय जनता द्वारा विधायक भरत चौधरी का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। एवं स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों ने उनका अभिवादन करते हुए सड़क डामरीकरण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। वही सड़क डामरीकरण के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित विधायक भरत चौधरी ने जनता को बधाई देते हुए कहा कि जनता की जो अपेक्षा और उम्मीद उनसे की गई थी उसको पूरा किया गया। जल्द ही पुल का निर्माण भी किया जाएगा। जिससे बरसात में आवाजाही में क्षेत्र वासियों को दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा क्षेत्र के विकास के लिये समर्पित रही है। आज निरन्तर क्षेत्र में विकास कार्य संचालित हो रहे है। उन्होंने कहा कि जो सड़कें डामरीकरण से वंचित रह गई है, उनका भी शीघ्र डामरीकरण किया जाएगा। अवसर पर उन्होंने जनता की समस्याओं को भी सुना एवं उनका समाधान करने के लिए भी आश्वस्त किया। अवसर पर पूर्व बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री वाचस्पति सेमवाल, प्रधान घरडा रामेश्वरी देवी, प्रधान मखेत रेखा देवी, लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता संजीव सैनी, मंडल अध्यक्ष भाजपा श्री मेहरवान रावत, भूपेंद्र भंडारी , संजय राणा, प्रदीप पंवार, संजपाल नेगी, सुरवीर रावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में पारदर्शिता सर्वोपरि, सभी अधिकारी अलर्ट मोड में कार्य करें” – अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया।

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*“मेहनती अभ्यर्थियों को मिले उनकी मेहनत का पूरा फल, परीक्षा व्यवस्था को वीआईपी ड्यूटी की तरह संपादित करें”*

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया द्वारा आज जनपद रुद्रप्रयाग का दौरा किया गया, जहां उन्होंने जिलाधिकारी प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आयोग द्वारा आगामी समय में प्रस्तावित परीक्षाओं को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुचारू रूप से संपन्न कराना रहा।

बैठक में अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया ने स्पष्ट किया कि मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराई जाएं तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी परीक्षा आयोजन को लेकर अलर्ट मोड में रहकर कार्य करें।

अध्यक्ष ने परीक्षा केंद्रों के चयन को लेकर निर्धारित मानकों एवं एसओपी के अनुरूप विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोग की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक परीक्षा केंद्र राजकीय विद्यालयों में ही बनाए जाएं, जिससे व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले सड़क मार्ग दुरुस्त हों, केंद्र में बाउंड्री वॉल अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो, मोबाइल टावर परीक्षा केंद्र के अत्यधिक समीप न हों ताकि जैमर संचालन में कोई समस्या न आए। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति सुचारू, जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था, शौचालयों की समुचित सुविधा एवं अन्य मानवीय मानकों का पूर्ण ध्यान रखा जाए।

बैठक में जिलाधिकारी प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारियों के साथ परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऊपरी स्तर से लेकर निचले स्तर तक सभी को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व मानते हुए संपादित किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अध्यक्ष मर्तोलिया ने निर्देश दिए कि परीक्षा से एक दिन पूर्व ही संबंधित उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारी परीक्षा केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण करें, ताकि किसी भी प्रकार की कमी शेष न रहे। उन्होंने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले ही केंद्रों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों में ऑब्जर्वर की नियुक्ति केवल शासकीय सेवा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों में से ही की जाए, किसी भी स्थिति में निजी व्यक्ति को यह जिम्मेदारी न दी जाए।
अध्यक्ष ने कहा कि आयोग की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश के मेहनती अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत का पूरा और सही परिणाम मिले।

इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित होटल, ढाबा एवं अन्य प्रतिष्ठानों की परीक्षा से पूर्व चेकिंग सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षा संचालन को वीआईपी ड्यूटी के रूप में लिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।

बैठक में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए।

 

धामी कैबिनेट बैठक में कुल 11 विषय पर चर्चा हुई और कैबिनेट की मुहर लगी

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देहरादून। धामी सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक में 11 विषयों पर कैबिनेट द्वारा अपनी मंजूरी दी गई । कैबिनेट के इन फैसलों से आम जनता , किसान, कलाकार, कर्मचारी और औद्योगिक क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य में अब नेचुरल गैस सस्ती होगी क्योंकि सरकार ने उसकी दरों में कमी करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी दी प्रमुख सचिव और मीनाक्षी सुंदरम और सचिव आर राजेश कुमार ने ।

*कैबिनेट बैठक में कुल 11 विषय पर चर्चा हुई और कैबिनेट की मुहर लगी*

वित्त विभाग नेचुरल गैस पर वेट की दर 20 प्रतिशत से 5 प्रतिशत की गई।

*कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग*

आपदा प्रभावित क्षेत्र से रॉयल डेलेसिस सेब का दाम किया गया तय

*संस्कृति विभाग*
कलाकारों को मिलने वाली मासिक पेंशन को बढ़ा दिया गया, अब 6 हजार कर दिया गया है पहले 3 हजार थी।

*आवास विभाग*
लो रिस्क बिल्डिंग इसको अब इन पैनल आर्किटेक्ट के द्वारा पैनल करवा सकते हैं। अब यह जरूरी नहीं है कि आपको प्राधिकरण के पास ही जाना पड़े।

औद्योगिक विकास विभाग
में लॉज में ग्राउंड कवरेज बढ़ाया गया।

वास एवं रेशा विकास परिषद
तकनीकी प्रवृत्ति के स्टाफ को पहले उपनल से लिया जाता था लेकिन अब खुले है बाजार या फिर आउटसोर्सिंग से लिया जाएगा।

*वित्त विभाग*
वर्ग 4 कर्मचारियों के रूप में अगर काम किया है उसके बाद अगर वह परमानेंट हो गए हैं तो उन्हें पेंशन भुगतान की जाएगी।

*चिकित्सा*
आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजना को शत प्रतिशत इंश्योरेंस मोड में संचालित किया जाएगा।

गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में संचालित किया जाएगा जिसमें 5 लाख से नीचे वाले क्लेम इंश्योरेंस मोड में होंगे।
बकाया पूरा राज्य सरकार वहन करेगी।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य समान वेतन संविदा दैनिक वेतन, नियत वेतन और प्रबंधन समिति के माध्यम से जो रखे गए हैं जो बैकलॉग है उनके लिए समान कार्य समान वेतन के लिए कैबिनेट ने अब उसे उप समिति को रेफर कर दिया है।

 

1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।

2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।

3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।

प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।

भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।

भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।

05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है

 

6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।

7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।

8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।

 

10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।

11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।

 

इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।

 

 

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को अर्पित की श्रद्धांजलि।

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मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर किया उत्साहवर्धन*

*केन्द्र में प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों एवं वीर नारियों के कल्याण की गतिविधियों का भी किया अवलोकन*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों एवं वीर नारियों के कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन भी किया।

कुमाऊं रेजीमेंट मुख्यालय के अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य अधिकारियों एवं सैनिकों के परिवारजनों से भी भेंट की। सैनिकों एवं अग्निवीरों के संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारतीय सेना पहले से अधिक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनी है। आज हमारी सेना दुश्मनों की गोलियों का जवाब गोलों से देकर देश की सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों तथा अमर बलिदानियों के आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन एवं आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि वीर परिवारों को हर स्तर पर सम्मान, सुरक्षा और संबल मिल सके।

पर्यटन विकास को नई दिशा: “बधाणीताल को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, सौन्दर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास”

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जिलाधिकारी प्रतीक जैन के प्रयासों से संवर रहा बधाणीताल, पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति”*

*“स्थानीय सहभागिता के साथ पर्यटन संवर्धन: बधाणीताल विकास कार्यों का भव्य शुभारंभ”*

रुद्रप्रयाग। राज्य सेक्टर (वर्ष 2025-26) के अंतर्गत पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण योजना के तहत जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली स्थित बधाणीताल के सौन्दर्यीकरण एवं विकास कार्यों (स्वीकृत लागत रु० 336.52 लाख) का शिलान्यास कार्यक्रम मंगलवार को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत द्वारा संयुक्त रूप से विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम से पूर्व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जनपद के शीर्ष प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों का पारंपरिक ढंग से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत ग्लास हाउस, कैफेट एरिया, रैलिंग एवं फुटपाथ, बहुउद्देशीय मंच तथा ताल का सौन्दर्यीकरण किया जाना है, जिससे बधाणीताल को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। इन कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनमानस द्वारा स्थानीय मातृशक्ति के साथ बढ़ाणीताल की परिक्रमा भी की गई। इस अवसर पर धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि बधाणीताल प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है और यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि जनपद के दूरस्थ एवं प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर सुदृढ़ पहचान दिलाई जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

जिलाधिकारी द्वारा बधाणीताल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना करते हुए पर्यटन संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि बधाणीताल क्षेत्र का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी अत्यंत प्राचीन और विशिष्ट है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए ताल में मछलियों को दाना भी खिलाया और क्षेत्र को स्वच्छ व संरक्षित बनाए रखने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बधाणीताल को केंद्र में रख कर इस संपूर्ण बांगर क्षेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर लाना हमारा लक्ष्य है जिस हेतु इस क्षेत्र में नए ट्रैकिंग मार्गो को विकसित करने का लक्ष्य है यहां पर होम स्टे आदि से लोगों की आजीविका संवर्धन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यहां के गांवों के आंतरिक मार्गों को भी सुदृढ करने हेतु आवश्यक कार्य बजट आदि किया जा रहा है

उन्होंने कहा कि मयाली-बधाणीताल सड़क मार्ग पर भी निरंतर कार्य प्रगति पर है तथा शीघ्र इस सड़क मार्ग को सुचारु किया जाएगा जिससे इस क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा।

उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल सिंह रावत, पूर्व भाजपा जिलाअध्यक्ष रुद्रप्रयाग महावीर पंवार,जिला पंचायत सदस्य गयाड़ू लाल, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन रुद्रप्रयाग के जिला अध्यक्ष लखपत सिंह लिंगवाल व महामंत्री पद राधेलाल उत्तरांचली हुए निर्वाचित।

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रुद्रप्रयाग। राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के त्रिवार्षिक अधिवेशन पर शिक्षकों के हितों पर सरकार व शिक्षकों के समस्याओं व अधिकारों को लेकर को लेकर चर्चा की गयी।जिसमे 97 प्रतिशत संगठन से जुड़े 97 प्रतिशत अध्यापकों ने भाग लिया साथ ही वर्तमान परिपेक्ष में शिक्षा से सम्बंधित समसामयिक गति विधियों को सभी के सम्मुख रखा गया। छात्रों के पठन- पाठन से लेकर अध्यापकों के हितों को अपने अपने विचार रखे । साथ ही प्रति दिन वर्ष के अंतराल में राजकीय जूनियर हाईस्कूल संगठन के चुनाव भी संम्पन कराए गए जिसमे अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशी व महामंत्री पद पर तीन शिक्षकों ने चुनाव लिया ।अध्यक्ष पद पर लखपत सिंह लिंगवाल को 131 मत और भूपेंद्र बर्त्वाल को 84 मत हासिल हुए है जिसमें लखपत लिंगवाल ने 47 मतों से निर्वाचित हुए है वही महामंत्री पद राधे लाल को 87,सुंदर लाल 67 व समरजीत कुंवर को 61 मत मिले है।राधे लाल ने अपने निकटतम प्रत्याशी सुंदर लाल को 20 वोटो से हरा कर महामंत्री के पद पर निर्वाचित हुए है ।

घंडियाल महाराज मंदिर समिति थाती बडमा के कालीचरण रावत बने अध्यक्ष, अनुसुया नेगी सचिव*

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रूद्रप्रयाग। जनपद रूद्रप्रयाग के विकास खंण्ड जखोली के अंतर्गत थाती बडमा में प्रत्येक पाँच वर्ष के अतंराल में आयोजित होने वाली पाँच दिवसीय जात दिनांक तीन जनवरी वर्ष दो हजार छब्बीस से दिनांक सात जनवरी दो हजार छब्बीस की तैयारियां जोर पकडने लगी है इधर ग्रामीणों ने घंडियाल महाराज की जात को लेकर महत्वपूर्ण समिति का गठन कर सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री कालीचरण रावत को अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा गया है सचिव पद पे युवा पूर्व सैनिक अनुसुया नेगी, कोषाध्यक्ष सज्जन रावत, सह सचिव गजेन्द्र रावत, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र रावत, जनसंपर्क अधिकारी प्रीतम रावत सहित सदस्य पद पे प्रदीप रावत, रविद्रं सिंह,योगेंद्र रावत, भूवेन्दर रावत, कैलाश रावत, संदीप रावत, आदि को समिति में स्थान मिला है इधर ग्रामीण थाती बडमा वाशियों ने जात की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बननाने हेतु उप समितियां भी बनाने का प्रस्ताव समिति को दिया जिससे घंडियाल महाराज जात को भव्य बनाया जाय वहीँ संरक्षक की भूमिका में श्री मदन सिंह नेगी,जयेद्र सिंह रावत, दिघपाल सिंह रावत, बिक्रम सिंह रावत त्रिलोक सिंह रावत, सत्ये सिंह रावत ई. विशम्बर रावत,सुखदेव रावत, जोत सिंह रावत, भगवान सिहं रावत,कर्ण सिंह रावत, ईश्वर सिंह रावत, दीपक रावत, आदि सहयोग करेगें समिति के अध्यक्ष पद ग्रहण के बाद कालीचरण रावत ने समिती के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुये बताया कि श्री घंडियाल महाराज पट्टी बडमा के अंतर्गत हर गाँव के ईष्ट देव हैं और इस जात में समस्त क्षेत्रीय जनता का सहयोग हम सभी के लिए गौरव का विषय है साथ ही कहा कि जात स्थल काफी रमणीक स्थल के मध्य होने के फलस्वरूप घंडियाल महाराज जात में भक्तों की तादात में अत्यधिक बढोतरी होने की संभावना है घंडियाल महाराज गर्भ गृह तक भक्तों हेतु सुविधा जनक पहुँच मार्ग बनाया जायेगा जो कि अत्यंत हर्ष का विषय है साथ ही घंडियाल महाराज जात के दौरान मयाली _गुप्तकाशी मोटर मार्ग एवं विजयनगर -थाती बडमा मोटर मार्ग को भी पेच अप कराने हेतु विभाग को सूचित किया जायेगा क्योंकि जात में वाहनों की आवाजाही में काफी बढोत्तरी रहती है बाहर से आने वाले व्यापारियों को सुरक्षित दुकानें आवांटन करना भी एक चुनौती रहती है भण्डारे के लिए पांण्डाल व्यवस्था पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना मंदिर समिति के समक्ष चुनौती है जिसको चरणबद्ध तरीके से किया जाना है बैठक में श्री घंडियाल महाराज मंदिर को दो कुंतल फूलों से सजाया जायेगा श्री घंडियाल महाराज चल विग्रह डोली को ग्राम सेम बडमा से घंडियाल भक्तों के जनसमुदाय के साथ ढोल बाजे के साथ चार किमी पैदल यात्रा से जात स्थल थाती बडमा त्यौंणा परिसर में लाकर मंदिर में घंडियाल महाराज पाँच दिवस के लिए विराजमान होकर भक्तों को महायज्ञ में दर्शन देगें बैठक में महिला मंगल दल थाती बडमा का सहयोग जात में अतिउत्साहित देखने को मिल रहा है बैठक में पुष्कर सिंह रावत, आशीष सिंह, राजनारायण सिंह, शेर सिंह, दुर्गा सिंह, बासुदेव सिंह बीजपाल सिंह , अमन रावत आदि उपस्थित रहे

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डाॅक्टरों के नाम एक और बड़ी उपलब्धि।

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उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े बोन ट्यूमरों में से एक बड़े बोन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया
ऽ वरिष्ठ कैंसर सर्जन डाॅ अजीत तिवारी के अथक प्रयासों से मरीज का पैर बचाया गया
ऽ श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कैंसर सर्जरी विभाग के डाॅक्टरों को दी बधाई
देहरादून। उत्तराखंड में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून के चिकित्सकों ने हड्डी के कैंसर (ऑस्टियोसारकोमा) से पीड़ित एक मरीज का अब तक के सबसे बड़े बोन ट्यूमरों में से एक बड़े बोन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालते हुए मरीज़ का पैर बचाने में सफलता प्राप्त की है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कैंसर सर्जरी विभाग के डाॅक्टरों की टीम को बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं।
श्री महंत इन्दिरेश के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डाॅ अजीत तिवारी ने जानकारी दी कि एक मरीज को ऑस्टियोसारकोमा नामक गम्भीर ह्डडी का कैंसर था। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विस्तृत जांच और बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) चर्चा के बाद चिकित्सकों ने लिंब-सेल्वेज सर्जरी करने का निर्णय लिया। ट्यूमर का आकार बहुत बड़ा होने के कारण पैर काटने (अम्प्यूटेशन) की संभावना काफी अधिक थी, जिससे यह सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण बन गई।
इससे पहले उन्होंने कई बड़े कैंसर अस्पतालों में परामर्श लिया, जहां उन्हें बताया गया कि बीमारी अत्यधिक फैल चुकी है और सर्जरी संभव नहीं है, इसलिए केवल कीमोथेरेपी ही विकल्प है।
सर्जरी से पहले मरीज को डॉ. रचित आहूजा एवं डॉ. देबंजन (रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट) की देखरेख में नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी दी गई, जिससे बीमारी को नियंत्रित करने में सहायता मिली।
इसके पश्चात लिंब-प्रिजर्विंग कैंसर सर्जरी की सहायता से ट्यूमर को पूरी तरह निकालते हुए पैर को सुरक्षित रखा गया। यह जटिल सर्जरी डॉ. अजीत कुमार तिवारी (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. शिफा (हड्डी रोग विशेषज्ञ) एवं डॉ. निशिथ गोविल (ऑन्को एनेस्थीटिस्ट) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। सभी टांके हटाए जा चुके हैं और मरीज अब बिना सहारे चलने लगा है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी उत्तराखंड में उन्नत कैंसर उपचार की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। चिकित्सकों ने इस उपलब्धि के लिए परम पूज्य श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज, माननीय चेयरमैन श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, के निरंतर मार्गदर्शन, आशीर्वाद एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। यह मामला उत्तराखंड में लिंब-प्रिजर्विंग बोन कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है और गंभीर बोन कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए आशा की नई किरण है।