रुद्रप्रयाग-व्यापारियों द्वारा तय कार्यक्रम से रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में जीएसटी के सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम किया जाना था ।लेकिन पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान व्यापारी भी दो दड़ो में नजर आते दिखे ।भाजपा व कांग्रेस के समर्थित व्यापारियों सरकार के खिलाफ नारे बाजी में आपस में ही उलझते नजर आए । जबकि जीएसटी से सभी का नुकसान होता दिख रहा है । व्यापारियों द्वारा कहा गया कि विरोध पार्टी का नही बल्कि जीएसटी का हो रहा है जीएसटी के खिलाफ हम सभी व्यापारियों को एक जुट हो कर इसका विरोध करना चाहिये ।दिन प्रति दिन जीएसटी की जा रही बेताशा वृद्वि से आम जन तक को नुकसान हो रहा है । जिसका विरोध किया जाना सभी के हित में हैं।
उत्तराखण्ड उद्योग व्यापार मंडल के निर्देशों पर गुरुवार को जिलेभर में जीएसटी के सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इस बीच रुद्रप्रयाग नगर में जैसे ही व्यापारी पुतला दहन और प्रदर्शन करने लगे तो नारेबाजी के दौरान ही कई भाजपा के पक्ष में तो कई कांग्रेस के पक्ष में बंटे दिखे। कांग्रेसी विचारधारा के व्यापारियों ने इस प्रदर्शन और पुतला दहन को केंद्र, राज्य सरकार के साथ जीएसटी के विरोध में बताया तो भाजपा समर्थित व्यापारियों ने इसे व्यापारियों के हित में जीएसटी सर्वे के खिलाफ आंदोलन बताया। व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष अंकुर खन्ना एवं नगर अध्यक्ष चन्द्रमोहन सेमवाल, हरि सिंह बिष्ट ने कहा कि व्यापारियों द्वारा जीएसटी सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम था किंतु इसमें कुछ व्यापारी कांग्रेसी मानसिकता के चलते इसके सरकार के खिलाफ आंदोलन बताने लगे। वहीं व्यापारी राय सिंह बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, संतोष रावत, प्रशांत डोभाल आदि ने कहा कि जीएसटी को व्यापारियों पर थोपने वाली केंद्र और राज्य सरकार ही है इसलिए व्यापारियों ने केंद्र और राज्य की सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया।
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