रुद्रप्रयाग। मानसून के बीच जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों को लेकर कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने केदारनाथ यात्रा, सड़क मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लिया।
मंत्री ने लंबे समय से बंद और बाधित सड़क मार्गों को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर मलबा आने की स्थिति में इंपैनल मशीनों को बिना देरी प्रभावित स्थान पर भेजा जाए, ताकि यातायात जल्द बहाल हो सके।
उन्होंने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने और मशीनरी व उपकरणों की लोकेशन की अद्यतन जानकारी रखने को भी कहा। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ और क्यूआरटी टीमों की उपलब्धता तथा राहत-बचाव संसाधनों की भी समीक्षा की गई।
अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा में जलभराव पर भी चर्चा
बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर मंत्री ने स्थायी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि मानसून के दौरान स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी न हो।
बैठक में पेयजल, बिजली, सिंचाई नहरों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आयुष अस्पतालों सहित आपदा से प्रभावित सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का समयबद्ध आकलन कर पुनर्स्थापना कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करते हुए आमजन और यात्रियों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






