रुद्रप्रयाग में दो दिवसीय जनपद स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का समापन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं सम्मानित
रुद्रप्रयाग। संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और समृद्ध परंपराओं की अमूल्य धरोहर है। इसे जन-जन तक पहुंचाने और दैनिक जीवन से जोड़ने के लिए सरकार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह बात कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, रुद्रप्रयाग में आयोजित दो दिवसीय जनपद स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता के समापन समारोह में कही।
उत्तराखंड संस्कृत संस्थान, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता के समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मंत्री चौधरी ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है, ताकि नई पीढ़ी इस भाषा के महत्व को समझे और इससे जुड़े।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित होने वाली इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, प्रतिभा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों से संस्कृत भाषा को अधिक रुचिकर एवं व्यवहारिक बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले ऐसे आयोजन भाषा और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश जमलोकी, पीटीए अध्यक्ष प्रवीन सेमवाल, एसएमसी अध्यक्ष बबीता उनियाल, शशि पुरोहित, प्रकाश पांडे सहित शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।









