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Saturday, March 21, 2026


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चमोली के सारकोट गांव के हवलदार बसुदेव सिंह परोडा एक्सरसाईज क्लोजिंग के दौरान हुए ब्लास्ट में शेल्टर की चपेट में आने से हुए शहीद।

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गैरसैंण-ग्रीष्मकालीन राजधानी के विधानसभा परिसर भराडीसैंण के नजदीकी सारकोट गांव के हवलदार बसुदेव सिंह परोडा ने लद्दाख क्षेत्र के लेह में सीमाओं की रक्षा के दौरान हुए ब्लास्ट में अपना स्वरूप सर्वोच्च बलिदान दिया है।घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छाई हुई है,वहीं परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।शहीद का अंतिम संस्कार सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक घाट पर किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार 16 अगस्त को बंगाल इंजीनियरिंग की 55 रेजिमेंट के 30 वर्षीय हवलदार बसुदेव सिंह परोडा लद्दाख क्षेत्र के लेह में तैनात थे,इस दौरान एक महत्वपूर्ण एक्सरसाईज क्लोजिंग के दौरान हुए ब्लास्ट में गिरे शेल्टर की चपेट में आने से बसुदेव शहीद हो गये. वहीं घटना में एक जेसीओ ओर दो जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गये थे।

इधर घटना की सूचना मिलने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।एक तरफ पत्नी नेहा बिलख-बिलख कर रो रही है, वहीं दूसरी तरफ पैरालिसीस बिमारी से बिस्तर पर पड़ी मां माहेश्वरी देवी को बेटे के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से बेहोश पड़ी हैं।5 वर्षीय बेटा परीक्षित मां को रोता देख खुद भी रोने लगता है,वहीं 2 वर्षीय नन्हा ॠषभ घर में एकाएक लगी भीड़ और रोने की आवाजों से सहमा हुआ है।चार भाइयों बहनों में सबसे छोटे बसुदेव सबके लाडले थे।अप्रैल माह में छुट्टी काटकर गए थे और दीपावली पर घर आने की बात कही थी। बसुदेव के दो बड़े भाइयों में जगदीश और सतीश प्राइवेट नौकरी करते हैं,जबकि बहन बैसाखी देवी विवाहित हैं. पिता हवलदार फते सिंह सेना से रिटायर होने के बाद नाती-पोतों के साथ अपना जीवन बीता रहे थे,लेकिन असमय बेटे की मौत की सूचना ने उन्हें हिला कर रख दिया है।गम के आंसुओं को किसी तरह छुपा कर वह परिवारजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

जीआईसी मरोड़ा से इंटर की पढ़ाई करने वाले वसुदेव बचपन से ही पढ़ाई के साथ ही खेल में भी अब्बल रहे थे,जिनकी शहादत की सूचना से बचपन के साथी ओर शिक्षकगण भी सदमे में हैं।पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि शहीद बसुदेव का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक घाट मोटूगाड में किया जाएगा।उपजिला अधिकारी गैरसैंण संतोष पांडेय ने बताया कि शहीद सैनिक की अंत्येष्टि पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ की जाएगी।शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर लेफ्टिनेंट अवतार सिंह की सैन्य टीम सोमवार सुबह 8बजे सारकोट पंहुचेगी।

बहन बैसाखी देवी इस घटना की सूचना मिलने के बाद से ही सदमे की स्थिति में है, उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि रक्षाबंधन पर जिस भाई को बचपन से ही राखी बांधते आयी है,आज नियति ने ऐसा कुचक्र रचा की ठीक रक्षा बंधन के दिन ही भाई का पार्थिव शरीर घर में लाया जाएगा तो, वो कैसे उसको देख पाएगी।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को– 10% क्षैतिज आरक्षण को राज्यपाल ने दी मंजूरी।

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देहरादून।।राज्यपाल ने राज्य आंदोलनकारियों के 10% क्षैतिज आरक्षण अधिनियम मंजूर कर दिया हैं। जिसके बाद राज्य आंदोलनकारियों में हर्ष की लहर है। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि हम सभी पिछले 11-वर्षों से संघर्षरत थे। अधिनियम हस्ताक्षर होने पर मुख्यमन्त्री व राज्यपाल के द्वारा हमारे सभी राज्य आंदोलनकारी परिजनों के लियॆ रक्षा बन्धन का उपहार हैं। यें सभी राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का परिणाम हैं। इस अधिनियम के हस्ताक्षर होने से 10-हजार राज्य आंदोलनकारी परिवारों को लाभ मिलेगा।
10% क्षैतिज आरक्षण एक्ट पर आरक्षण होने के लियॆ हमारे सभी राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का परिणाम हैं। अब जल्द सभी भर्तियों हेतु शासनादेश जारी हो जाएं। हमारा संघर्ष रंग लाया यें मुख्यमन्त्री के प्रयास व राज्यपाल के इस कदम ने सभी मातृशक्ति को रक्षाबंधन का उपहार हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने भेंट की।

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देहरादून।।मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक में शानदार खेल के प्रदर्शन के लिए लक्ष्य सेन को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन पेरिस ओलंपिक पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन में कांस्य पदक मैच तक पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आगामी खेलों में पूरे समर्पण से अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। राज्य सरकार और प्रदेश की जनता आपके साथ है। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्य के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति होती है, तो उस कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।

इस अवसर पर लक्ष्य सेन की माताजी श्रीमती निर्मला सेन एवं पिताजी श्री के.डी सेन तथा उत्तराखंड बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव श्री बी.एस मनकोटी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में चारधामों से आये तीर्थ पुराहितों, पदाधिकारियों, होटल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टस और व्यापार मण्डल के साथ की बैठक ।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में चारधामों से आये तीर्थ पुराहितों, पदाधिकारियों, होटल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टस और व्यापार मण्डल के साथ बैठक की । इस अवसर पर चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा और स्थानीय लोगों की आजीविका के सबंधित विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए उत्तराखण्ड आते हैं। इस यात्रा का सकुशल संचालन हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिस तेजी से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, सरकार द्वारा इसको ध्यान में रखते हुए अवस्थापना सुविधाओं में विकास के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। चारधाम यात्रा से जुड़े हितधारकों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री से यात्रा के सफल संचालन और अन्य पहलुओं के दृष्टिगत विभिन्न मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चैकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा एवं यात्रा को सुगम और सुचारू बनाने के लिए इसका सरलीकरण किया जायेगा। अन्य प्रदेशों से आने वाले प्राइवेट वाहनों पर ग्रीन कार्ड / ट्रिप कार्ड की अनिवार्यता की मांग पर उन्होंने परिवहन विभाग को इसका समाधान करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली चारधाम यात्रा के लिए तैयारी वर्तमान चारधाम यात्रा के समाप्त होते ही तत्काल प्रारम्भ कर दी जायेगी। सभी जनपदों के यात्रा से सम्बन्धित जिला अधिकारी अपने-अपने स्तर पर सभी स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक एवं परामर्श करेंगे। इसके बाद उच्च स्तर पर परामर्श करने के उपरान्त अगली चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए रणनीति पूर्व में ही तैयार कर ली जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनोत्री धाम में मास्टर प्लान के अन्तर्गत खरसाली से रोपवे के कार्य में तेजी लायी जायेगी। पालीगाढ़ से जानकीचट्टी तक चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़कों के चौड़ीकरण के लिए मॉनीटरिंग कमेटी से क्लीयरेंस हो गयी है एवं शीघ्र ही इसका कार्य भी संपन्न किया जायेगा। वर्तमान में गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिए बन रहे मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि मदुरई से चलने वाली कार्तिकेय एक्सप्रेस की तर्ज पर गंगोत्री, यमुनोत्री, हनौल में महासू देवता का एक सर्किट बनाते हुए गंगा-यमुना एक्सप्रेस के नाम से एक स्पेशल ट्रेन संचालित की जायेगी। यमुनोत्री में जल्द हेली सेवा के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यात्रा प्राधिकरण में चारधाम यात्रा के सुगम संचालन के लिए जो भी निर्णय लिये जायेंगे, वे सभी स्टेक होल्डर्स से व्यापक विचार-विमर्श एवं आम सहमति के आधार पर ही लिये जायेंगे।

इस अवसर पर चाराधाम यात्रा से जुडे़ विभिन्न स्टेक होल्डर्स ने अपने सुझाव दिये। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों ने इस बैठक के लिए मुख्यमंत्री का अभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने चारधाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर इतने विस्तार से उनके साथ बैठक की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सुझावों पर विचार कर यात्रा का सकुशल संचालन किया जायेगा । उन्होंने गढ़वाल कमिश्नर को निर्देश दिये कि 15 दिन अन्तराल में चारधाम यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाए।

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए उन्हें ध्यान में रखते हुए कार्य किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के सफल संचालन के लिए सरकार को जितने अधिक फीडबैक मिलेंगे, व्यवस्थाओं में उतना अधिक सुधार होगा।

वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। चारधाम यात्रा जिस तेजी से बढ़ रही है, भविष्य के लिए यात्रा को और सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य कर रही है।

ग़ैरसैण मानसून सत्र में अधिकारियों को बिस्तरे की व्यवस्था करेंगे मासाब,गैरसैंण बीईओ का लैटर हुआ वायरल ।

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गैरसैण-

उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से 23 अगस्त तक भराडीसैण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा,सत्र में प्रतिभाग करने को लेकर बड़ी संख्या में नेता और बड़े अधिकारी ग़ैरसैण पहुँचेंगे।ऐसे में स्थानीय प्रशासन के द्वारा अधिकारियों को गैरसैण में रहने और खाने की व्यवस्थाओं को दूरस्त किया जा रहा हैं।इसी बीच खंड शिक्षा अधिकारी गैरसैण का एक आदेश सोसल मीडिया पर वाईरल हो रहा हैं,जिसमें की बीईओ के द्वारा गैरसैण के सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्यों को सत्र के दौरान अधिकारियों की व्यवस्थाओं के लिए दो जोड़ी बिस्तरो की व्यवस्था करने के आदेश दिये गये हैं।पत्र में यह भी लिखा हैं की विगत वर्षों की भाँति व्यवस्था करनी होगी,यानी पहले भी ऐसा होता रहा हैं,लेकिन बिस्तरो का भुगतान किस मद से किया जाएगा,इसका कोई उल्लेख नहीं हैं,जिससे अध्यापक अपने आप को असहज महसूस कर रहें हैं,भाकपा मालें के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने ने बीईओ का वाईरल पत्र अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर टिप्पणी लिखी हैं।उन्होंने लिखा कि अफ़सरों के पहाड़ चढ़ने का बोझ भी शिक्षकों के ऊपर ही आया हैं,लिखा कि पहले सुना था,जनगणना से लेकर सरकारी योजनाओं का कार्य सरकारी अध्यापकों के ही ज़िम्मे होता था,लेकिन अब बिस्तरो की व्यवस्था शिक्षकों के ज़िम्मे दे दी हैं लेकिन वह किस मद से बिस्तरो के भुगतान की व्यवस्था करेंगे,इसको लेकर शिक्षा विभाग के द्वारा स्पष्ठ नहीं किया गया हैं।

बाद में वायरल आदेश की सोशल मीडिया पर वायरल से खड़ शिक्षाधिकारी गैरसैण के द्वारा पूर्व आदेश को निरस्त कर नए आदेश में कार्यलय लिपिक की त्रुरटी बस कह कर पला झाड़ दिया।

 

 

धामी कैबिनेट की बैठक हुई खत्म,कई फैसलों पर लगी मुहर, 5600 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी।

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देहरादून-

सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 4 दिन के भीतर आज दूसरी बार कैबिनेट की गई। इस बैठक में आठ अहम मसलों पर चर्चा के बाद फैसलों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सर्वप्रथम शहीद कैप्टन दीपक सिंह की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इन फैसलों पर लगी मुहर

गैरसैंण में होने वाले मानसून सत्र में अनपुरक बजट को कैबिनेट ने किया पास।

लगभग 5600 करोड़ का अनुपूरक बजट कैबिनेट ने किया मंजूर।

चीनी मिल में 68 मृतक आश्रित के पदों पर मिलेगी नौकरी।

मृतक आश्रितों के पद पर लगी रोक को कैबिनेट ने हटाया।

चीनी मिल में ही 123 सीजन कर्मचारियों के मृतक आश्रितों पदों को भरने को लेकर अगली कैबिनेट में होगा फ़ैसला।

दैनिक वेतन भोगी,संविदा कर्मचारियों के नियमतिकरण के फैसले पर चर्चा।

5 साल की जगह 10 साल की सेवा माना जाएगा नियमितीकरण का मानक।

नियमितकरण के लिए नियमावली बनाई जाएगी।

गृह मंत्रालय भारत सरकार, आपदा प्रबन्धन प्रभाग के पत्र दिनांक 14.08.2024 द्वारा एन०डी०आर०एफ० तथा एस०डी०आर०फ० की दरों का पुननिर्धारण किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस हेतु प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का विशेष आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।

राज्य में नीति नियोजन से सम्बंधित संस्थान ‘स्टेट इंस्टिट्यूट फ़ॉर एम्पोवेरिंग एंड ट्रांस्फोर्मिंग उत्तराखंड (सेतु)’ के नाम को परिवर्तित कर भारत सरकार में गठित आयोग की तर्ज पर ‘स्टेट इंस्टिट्यूट फ़ॉर एम्पोवेरिंग एंड ट्रांस्फोर्मिंग उत्तराखंड (सेतु) आयोग’ करने को स्वीकृति।

उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क, ख और ग) सेवा संशोधन नियमावली 2024 को प्रख्यापित करने को स्वीकृति।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित 236 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित 236 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रथम चरण की काउंसलिंग में 473 सहायक अध्यापकों का चयन किया गया है, शेष अभ्यर्थियों को संबंधित जनपदों से नियुक्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब स्थिति वाले स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए, इसके लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी दी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते यह उनका सौभाग्य है कि जिन शिक्षकों के ऊपर राज्य के नौनिहालों के भविष्य का निर्माण करने की बड़ी जिम्मेदारी है, उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की समाज में अहम भूमिका होती है। बच्चों के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। अच्छी शिक्षा से एक बच्चा देश और समाज के लिए अनमोल धरोहर साबित होता है। बेहतर शिक्षा जीवन का सबसे मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार हो रहे है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित शिक्षक जिन स्कूलों में जायेंगे उनकी ऑनरशिप लेंगे और नवाचार के कार्य करेंगे। नये शिक्षकों के आने से स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई आशाएं जगेगीं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग और डिजिटल शिक्षा, शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जीवन का लक्ष्य तय और दिशा स्पष्ट होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग है। बच्चों को उनकी प्रतिभाओं के आधार पर तैयार करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सेवायोजित किया गया है। गैर सरकारी क्षेत्रों में भी रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रारंभिग शिक्षा में 2906 पदों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया गतिमान है। इसके तहत पहले चरण में 473 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति मिली है। अब स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी अच्छी हो गई है। जिन स्कूलों में दस से कम छात्र हैं, वहां एक शिक्षक रहेगा, जहां 10 से ज्यादा छात्र हैं वहां दो, जहां 40 से ज्यादा छात्र हैं वहां 3, जहां 70 से ज्यादा छात्र हैं वहां पर 4 एवं जहां 100 से ज्यादा छात्र हैं वहां 5 शिक्षक दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां एक शिक्षक है और अगर वह अवकाश पर जाता है तो नजदीकी विद्यालय जहां दो शिक्षक हैं, वहां से एक को उक्त विद्यालय में भेजा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में कक्षा 1 से 12 तक त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार स्थानांतरण नीति के अंतर्गत लगभग 6 हजार से ज्यादा शिक्षकों के स्थानांतरण हुए। स्थानांतरण में काउंसलिंग व्यवस्था का असर यह रहा कि जिनका ट्रांसफर हुआ वे तो खुश हैं, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ वो भी खुश हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री एवं सम्पूर्ण कैबिनेट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों की शीघ्र पदोन्नति के लिए भी सरकार कोई न कोई रास्ता निकालने जा रही है। गेस्ट फैकल्टी कि मांगों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि उनको अपना जनपद मिल जाए। इनकी वेतन वृद्धि से जुड़ी मांग पर भी विचार किया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा श्री रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरू, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक विद्यालयी शिक्षा श्री अजय कुमार नौडियाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने बांधा रक्षा सूत्र, दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में महिलाओं को मिला आर्थिक लाभ आशा नौटियाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने बांधा रक्षा सूत्र, दी शुभकामनाएं

देहरादून ।।16जुलाई 2024 मुख्यमंत्री सरकारी आवास पर उत्तराखंड सशक्त बहना योजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कृषि मंत्री गणेश जोशी के साथ में भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल में हिस्सा लिया ।


इस मौके पर आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर रखी बंधी उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं और दीर्घायु स्वस्थ रहने की बधाई दी।


मुख्यमंत्री की कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं को लाभ मिल रहा है।10 माह में स्वयं सहायता समूहों ने योजना के माध्यम से किया ₹318.98 लाख का कारोबार किया हैं प्रदेश के 95 ब्लॉकों में की जा रही उत्पादों की बिक्री की जा रही है । भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि योजना से करीब 37 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है।उनका कहना है कि पिछले साल रक्षाबंधन पर 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का लक्ष्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध करना था। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं आर्थिक तौर पर मजबूत हो रही है और उनकीआर्थिक की स्थिति निरंतर बेहतर हो रही है।उनका कहना है कि प्रदेश के 95 ब्लॉकों में कुल 1428 स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ₹318.98 लाख का कारोबार किया गया। जल्द ही प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में भी स्टॉल लगाए जाएंगे।भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की बहनों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने की लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है ना सिर्फ योजनाओं का संचालन हो रहा है बल्कि सरकारी नौकरियों के लिए 33 फ़ीसदी का आरक्षण भी उन्हें दिया गया है इसी तरह से पंचायत में भी आरक्षण दिया गया है और महिलाओं को शिक्षा स्वास्थ्य के साथ कई सेक्टर में प्राथमिकताएं दी जा रही है ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की नारी शक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है महिला सशक्तिकरण उत्तराखंड में चरितार्थ हो रहा है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए योजनाओं का संचालन कर रहे हैं जिसकी वजह से प्रदेश की सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहाहै

आज के कार्यक्रम में गीता रावत प्रदेश महामंत्री, रुचि भट्ट , मोहनी पोखरियाल रश्मि रस्तोगी प्रदेश उपाध्यक्ष, कमली भट्ट ,पूनम बटोला , रीता चमोली प्रदेश मंत्री ,प्रदेश मीडिया प्रभारी नेहा शर्मा कार्यालय सचिव शकुंतला देवलाल प्रदेश आईटी प्रभारी प्रिंस रावत, प्रदेश कोषाध्यक्ष वंदना ठाकुर, जिला अध्यक्ष अर्चना बागड़ी के साथ इंदिरा आर्य कविता शाह कृष्णा तोमर प्रतिभा चौहान सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी रंजना चतुर्वेदी आईटी सह प्रभारी अंजलि नैथानी के साथ अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

रुद्रप्रयाग में भरतीय सैनिकों द्वारा धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस,एनसीसी के छात्रों ने भी किया रोड मार्च में प्रतिभाग*

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रुद्रप्रयाग।78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एनसीसी के छात्रों और 6 ग्रेनेडियर्स के सैनिकों ने रुद्रप्रयाग में तिरंगा रोड मार्च में भाग लिया। इस दौरान देशभक्ति की भावना को बढ़ाते हुए उन्होंने तिरंगे के साथ मार्च किया। साथ ही बलिदानों का सम्मान भी किया।
जोशिला सिक्स्थ राष्ट्र के वीर जवानों को याद करते हुए वीरता पुरस्कार विजेता नायब सूबेदार विपिन लाल ने अपने संबोधन में कहा कि गर्व और वीरता का प्रदर्शन कर गोटिंग और गेल्डुंग में राजसी तिरंगा फहराकर विविधता, एकता और भाईचारे का प्रतिनिधित्व करता है।
इस अवसर पर उनके द्वारा एक प्रेरक व्याख्यान अनूप नेगी पब्लिक स्कूल, रुद्रप्रयाग में *हर घर तिरंगा* अभियान के तहत आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में जोश भरना, उनकी क्षमता को उजागर करना और भविष्य में चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम राष्ट्र की शक्ति, लचीलापन और समृद्ध इतिहास का प्रतीक है, जो गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य को श्रद्धांजलि देता है।
व्याख्यान में स्कूली बच्चों ने *अपने अंदर की आग को प्रज्वलित करें, अपने डर को चुनौती दें और सीमाओं से परे जाएं* विषय पर विचार व्यक्त किए। जिसमें 100 स्कूली बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके साथ ही छठी बटालियन के वीर ग्रेनेडियर्स ने एक व्यापक स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान की अगुवाई की। जिसमें अटूट समर्पण और जुनून के साथ *स्वच्छ हरियाली और स्वस्थ्य गृह* के लिए एक पहल की शुरुआत की गई, इसमें 12 व 13 अगस्त को रुद्रप्रयाग में ईएसएम, आश्रितों और स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया गया था। वहीं *स्वतंत्रता दिवस* के उपलक्ष्य में स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान व *हर घर तिरंगा अभियान* भी चलाया गया।
सैनिकों ने सार्वजनिक स्थानों को बदलते हुए पौधे लगाए तथा सामुदायिक गौरव को बढ़ावा देते हुए समाज के लिए शानदार उदाहरण पेश किया।
*हर घर तिरंगा* के तहत 6 ग्रेनेडियर्स ने रुद्रप्रयाग मिल स्टेशन और आस-पास के इलाकों में स्वच्छता और सफाई अभियान चलाया। जिसमें ईएसएम आश्रित और स्कूली बच्चे शामिल थे, सामुदायिक प्रबंधन और सतत विकास के माध्यम से एक स्वस्थ और खुशहाल समाज के लिए स्वच्छ पृथ्वी और *’हम सब मिलकर कर सकते हैं* को लेकर भी विचार व्यक्त किए गए।

केदारनाथ पैदल मार्ग हुआ दुरुस्त, तीर्थ यात्रियों ने जताया मुख्यमंत्री धामी का आभार।

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*15 दिन बाद पैदल आवाजाही कर केदारनाथ धाम पहुंचे यूपी, गुजरात और हरियाणा के तीर्थ यात्री,*

*31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग त्रासदी के कारण हो गया था बंद,*

*260 मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद बनाया गया पैदल मार्ग,*

*आपदा से 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था 19 किलोमीटर पैदल मार्ग,*

केदारनाथ पैदल मार्ग को मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद दुरुस्त कर लिया गया गया, जिससे 15 दिन बाद पैदल चलकर यूपी, गुजरात और हरियाणा से कुछ तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। 260 मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद पैदल मार्ग को बनाया गया है। वहीं प्रशासन से मिल रहे सहयोग पर केदारनाथ धाम पहुंच रहे तीर्थ यात्रियों ने आभार जताया है।

बता दें कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई त्रासदी के कारण जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद सबसे पहली प्राथमिकता के तहत पैदल मार्ग से तीर्थ यात्राओं को सुरक्षित निकाला गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और डीएम सौरभ गहरवार के नेतृत्व में चले रेस्क्यू अभियान में हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता को हेली सेवा के साथ पैदल आवाजाही से उनकी जान को बचाया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग को तेजी के साथ दुरुस्त करने की चुनौती थी। इस चुनौती को भी जिला प्रशासन ने पार पा लिया है।

आपदा से 19 किलोमीटर पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। तेजी से काम होने के चलते अब पैदल मार्ग के एक-दो जगहों पर ही परेशानी बनी है, जहाँ पर सुरक्षा जवान तीर्थ यात्रियों को रास्ता पार करवा रहे हैं। ऐसे में पैदल चलकर धाम पहुंच रहे देश के विभिन्न राज्यों के भक्तों में भी ख़ुशी देखने को मिल रही है। केदारनाथ धाम पहुंचे तीर्थ यात्रियों ने कहा कि पैदल मार्ग दुरुस्त हो गया है, लेकिन एक-दो स्थानों पर अभी भी दिक्कत है। जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग की ओर से अच्छी व्यवस्थाएं मिल रही हैं।


अब तक 10 लाख 93 हजार 632 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इन दिनों 150 से 200 के करीब तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। हेली सेवाओं के साथ ही पैदल चलकर भी बाबा के भक्त धाम पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैदल मार्ग के डेंजर वाली जगहों पर सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं, जो भक्तों को सुरक्षित यात्रा करवा रहे हैं।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द पैदल मार्ग को और अधिक दुरुस्त किया जाए, जिससे ज्यादा संख्या में भक्त बाबा केदारनाथ के धाम पहुंच सके। पैदल मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में लोनिवि गुप्तकाशी के मजदूर मार्ग का ट्रीटमेंट करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग – गौरीकुण्ड राजमार्ग को भी दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। यहां भी जल्द ही वाहनों की आवाजाही आई शुरू हो जाएगी। एनएच विभाग की मशीने और मजदूर रात दिन राजमार्ग को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।