उत्तराखंड- उत्तराखंड में मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आज 11 अगस्त रविवार को राज्य के चमोली और बागेश्वर जिले में गरज- चमक के साथ भारी से भारी बारिश की संभावना है इन दोनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून , चंपावत , पिथौरागढ़ , उत्तरकाशी और पौड़ी जिले में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी है जबकि अल्मोड़ा , नैनीताल ,टिहरी , रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक आज पहाड़ से लेकर मैदान तक आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे वहीं अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ इलाकों में वर्षा के तीव्र दौर को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने से परहेज करने की हिदायत भी दी गयी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है जबकि शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पंतनगर का अधिकतम तापमान 32.2 और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 20.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा।



लेकिन क्षेत्र में लगातार मुसलादार बारिश होने से बंद हो गई है तिलवाडा घनसाली मोटर मार्ग एक दर्जन से अधिक स्थानों पर चट्टान ,मलवा,व पेड गिरने से बंद पड़ी हुई है जिससे सिलगढ़,बांगर,लस्या, व टिहरी जाने वालों को घण्टो इंतजार करना पड़ सकता है।तिलवाडा sorakhal मोटर मार्ग पर भी कही स्थानों पर पहाड़ी टूटने से सड़क बंद पड़ी हुई है रविवार होने से आज आफ़िशो व स्कूली बच्चों को कुछ राहत मिली है नही तो सड़को के खुलने के इंतजार में इन्हें भी घण्टो का इंतजार करना पड़ता है ।मानूसन को देखते हुए लोकनिर्माण विभाग,राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग,PMGSY के द्वारा सभी सड़को पर जेसीबी मशीने तैनात की हुई है ।



जानकारी के अनुसार जखोली ब्लॉक के ललूड़ी गांव निवासी 50 वर्षीय रैजा देवी पत्नी पूर्व सैनिक कीर्ति लाल शनिवार सुबह 8 बजे कमलेक तौक के जंगल में घास लेने गई हुई थी। इस बीच झाड़ी में घात लगाकर बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया जिससे उनके हाथ व कमर में गंभीर चोटें आई है। रैजा देवी ने बताया कि गुलदार को सामने देखरकर अचानक हमले से वह घबरा गई। वह चिल्लाने लगी। तभी साथ में घास लेने गई अन्य महिलाएं शोर-शराबा करते हुए मौके पर पहुंची जिससे उनकी जान बच सकी। गुलदार शोर मचाने पर भाग गया।








पुलिस ने महिला शिक्षकों को भी नही बक्सा और इसमें नेहा रावत का हाथ फेक्चर हो गया।अतिथि शिक्षक अपने आंदोलन को शांति प्रिय ठंग से सरकार को अपनी मांगो के प्रति जगाना चाहती है लेकिन आंदोलनकारी शिक्षकों पर अपना बल प्रयोग करती जा रही ।एक ओर सरकार रोजगार देने का जगह जगह ढिंढोरा पीटती रहती है वही आये दिन सरकार के खिलाफ देहरादून की सड़कों पर आंदोलन देखने को मिलते है ।शिक्षामंत्री अपने स्वागत सम्मान समारोह करने में व्यस्त होते दिखाई दे रहे है लेकिन सड़को पर 9 वर्षो की सेवा कर रहे शिक्षकों की जायज मांग को अनसुना कर अपने कार्यक्रमो में व्यस्त दिखाई देते है ।





