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Saturday, March 28, 2026


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केदारनाथ धाम में कल से हेली सेवा के माध्यम से शुरू होगी यात्रा,हेली के टिकटों पर 25 प्रतिशत छूट देगी राज्य सरकार।

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*रेस्क्यू अभियान पूरा, जल्द पैदल यात्रा दोबारा शुरू करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर लिया अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा*

*हैली सेवाओं के माध्यम से यात्रा को हरी झंडी, प्रति टिकट 25 फीसदी छूट देगी राज्य सरकार*

*मौसम ठीक होते ही हैली कंपनियों को यात्रा शुरू करवाने के निर्देश*

*मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों, रेस्क्यू हुए लोगों, तीर्थ पुरोहितों सहित जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात*

*अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सभी विभागों से ली क्षति की जानकारी, जिलाधिकारी को दिए क्षति का आंकलन करने के निर्देश*

*रामपुर जीएमवीएन में स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री बोले हर यात्री और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता*

*यात्रा को दोबारा शुरू करने में स्थानीय लोगों का सहयोग लेने के दिए निर्देश*

*मुख्यमंत्री ने प्रभावितों की सारी समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन*

केदारघाटी में अतिवृष्टि के चलते हुए नुकसान, रेस्क्यू एव बचाव कार्यों, यात्रा को दोबारा शुरू करने को चल रही तैयारियों की समीक्षा करने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अतिवृष्टि को लेकर संबंधित आधिकारी कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। इससे पहले उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को पुनः संचालित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा बुधवार से हैली के माध्यम से पुनः संचालित हो जाएगी। हैली सेवा के माध्यम से केदारनाथ दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किराए में 25 प्रतिशत छूट देने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यात्रा मार्ग से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा करते हुए बारिश के चलते हुई क्षति की जानकारी ली। वहीं सभी विभागों को यात्रा शुरू करने के लिए उनके स्तर से किए जा रहे प्रयासों एव तैयारियों की जानकारी ली। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से 29 स्थानों पर भू-स्खलन की चपेट में आने से पैदल एव सड़क मार्ग कट हुआ है। इसके अतिरिक्त पेयजल व विद्युत की लाइनों सहित बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा । कुछ स्थानों पर दूरसंचार की सेवाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि की घटना के बाद से ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित अन्य संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों, पंडा समाज, तीर्थ पुरोहित, धार्मिक व सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठनों ने मिलकर इस आपदा में पूरे मनोयोग से अभिनव प्रयास करते हुए इस रेस्क्यू अभियान में फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने यात्रा शुरू करने के लिए किए जाने वाले कार्यों में भी स्थानीय लोगों के सुझाव एव सहायता लेने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड समय में 12 हजार से अधिक यात्री एव स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू अभियान लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके बाद सरकार व जिला प्रशासन का अतिवृष्टि से प्रभावित हुए जनजीवन व प्रभावित क्षेत्र तथा जो सड़क मार्ग भू-स्खलन की चपेट में आए हैं उन्हें दुरुस्त करने पर है। इसके साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर जीएमवीएन में स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान कठिन परिस्थितियों में प्रशासन और सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर रेस्क्यू अभियान में योगदान देने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। वहीं चौमासी प्रधान मुलायम सिंह सहित रुद्रप्रयाग प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुभाष रावत, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित राहत कार्यों में सहयोग देने वाले अन्य लोगों का विशेष धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रभावितों की सारी समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन।

केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अतिवृष्टि के बाद से ही केंद्रीय सरकार द्वारा चिनूक व एमआई हैलीकॉप्टर सहित हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा केदारघाटी में आई अतिवृष्टि के बाद राज्य सरकार द्वारा भी हर तरह से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन को तत्परता से सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जनपद प्रभारी मंत्री सहित स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधियों एवं सभी विभागीय अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि आपदा के बाद सामान्य जनजीवन के लिए सभी को आगे आकर सामूहिक योगदान देने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, सचिव आपदा विनोद सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग श्रीमती अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत चौधरी, राज्यमंत्री श्री चंडी प्रसाद भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा आशा नौटियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर पंवार, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा अशोक भदाणे, कमांडेंट एनडीआरएफ सुदेश कुमार, कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं।

 

केदारघाटी आपदा में चौमासी गांव के लोग तीर्थयात्रियों को करा रहे निःशुल्क भोजन व्यवस्था, अब तक 855 लोग पहुंचे चौमासी।

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रुद्रप्रयाग- रामबाडा़-खाम-चौमासी पैदल मार्ग से पांचवें दिन 46 यात्री व स्थानीय व्यक्ति चौमासी गाँव पहुंच गये हैं। प्रशासन व जीप टैक्सी यूनियन गुप्तकाशी व चौमासी गाँव के सभी ग्रामीणों के अथक प्रयासों से चौमासी गाँव पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय व्यक्तियों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था अभी भी जारी है। अभी तक रामबाडा़-खाम-चौमासी पैदल मार्ग से 855 तीर्थ यात्री व स्थानीय लोगों चौमासी गाँव पहुंच गये हैं।

प्रशासन के सहयोग व चौमासी गाँव के ग्रामीणों के अथक प्रयासों से चौमासी गाँव से 6 किमी दूर खाम बुग्याल के निकट देवली में टैंट लगा दिया गया है तथा गाँव के दो युवक प्रतिदिन चौमासी गाँव से पैदल मार्ग से देवली पहुंचकर रामबाडा़-खाम-चौमासी आने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को विसलरी की बोतलें, बिस्कुट व नमकीन उपलब्ध करा रहे हैं। देवली पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को विसलरी, बिस्कुट व नमकीन चौमासी के ग्रामीणों द्वारा अपने निजी संसाधनों से उपलब्ध कराये जा रहे हैं। देवली में टेन्ट लगाने का चौमासी के ग्रामीणों का मुख्य उद्देश्य रात्रि के समय रामबाडा़-खाम से देवली पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को आसरा देना है! विगत दिनों जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा व कांग्रेस सेवा दल के जिला महामंत्री दिनेश पुरोहित ने दो दिनों तक चौमासी से चार किमी आगे जाकर तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को चौमासी गाँव पहुंचाने में भरपूर मदद की गयी। वर्ष 2013 की आपदा के बाद भी कई हजारों तीर्थ यात्री व स्थानीय लोगों रामबाडा़-खाम पैदल मार्ग से चौमासी गाँव पहुंचे थे तब भी चौमासी के ग्रामीणों द्वारा तत्कालीन प्रधान सुरेन्द्र सिंह तिन्दोरी के नेतृत्व में चौमासी गाँव पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों की इसी प्रकार समर्पण भावना से सेवा की गयी थी।

आपदा के समय चौमासी के ग्रामीणों द्वारा इसी प्रकार निस्वार्थ भाव से सेवा करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित जनपद के जनप्रतिनिधियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रधान मुलायम सिंह तिन्दोरी सहित चौमासी के सभी ग्रामीणों की सेवा भाव की भूरी – भूरी प्रशंसा की है। प्रधान चौमासी मुलायम सिंह तिन्दोरी ने बताया कि अभी तक रामबाडा़ – खाम पैदल मार्ग से 855 तीर्थ यात्री व स्थानीय लोगों चौमासी गाँव पहुंच चुके हैं तथा चौमासी गाँव पहुंचने वाले हर तीर्थ यात्री व स्थानीय लोगों की ग्रामीणों द्वारा निःस्वार्थ व समर्पण भावना से सेवा की जा रही है। उन्होंने बताया कि चौमासी गाँव से 6 किमी दूर चौमासी – खाम – रामबाडा़ पैदल मार्ग पर देवली में टेन्ट लगा दिया है जिससे रात्रि के समय देवली पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को आसरा मिल सकें तथा बरसात के समय देवली में रात्रि प्रवास करने वालों को किसी प्रकार का कष्ट न हो। उन्होंने बताया कि देवली में जो टेन्ट लगा है वह प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया है तथा ग्रामीणों द्वारा स्वयं देवली तक टेन्ट पहुंचाकर लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रति दिन गाँव के दो युवा बिसलरी की बोलते, बिस्कुट व नमकीन व अन्य खाद्य सामाग्री लेकर देवली पहुंचते है तथा रामबाडा़ – खाम पैदल मार्ग से देवली पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

रेस्क्यू अभियान पूरा, केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे 65 लोगों को चिनूक से एयरलिफ्ट कर हवाई पट्टी गौचर लाया गया।

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गौचर।।वायुसेना के चिनूक हैलीकॉप्टर से सोमवार को केदारनाथ से 65 लोगों को गौचर हवाई पट्टी में लाया गया। यहां पर उनका मेडिकल चेकअप व भोजन व्यवस्था के बाद उनको गंतव्य स्थान के लिए भेज दिया गया है। पिछले बुधवार को केदारनाथ में आई आपदा से तमाम रास्ते बंद होने की वजह से वहां हजारों यात्री फंस गए थे। इनका रेस्क्यू करने के लिए वायुसेना का एक चिनूक व एक एम आई 17 हैलीकॉप्टर गौचर हवाई पट्टी में तैनात कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने का निर्णय लिया गया था। पिछले शुक्रवार को इन हेलीकाप्टरों ने गौचर हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी। तब मात्र 15 लोगों का ही रेस्क्यू किया गया था। लेकिन इसके बाद क्षेत्र का मौसम खराब होने की वजह से चिनूक हैलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया था।सोमवार को मौसम खुलते ही वायुसेना के चिनूक हैलीकॉप्टर द्वारा 10 बजे तक केदारनाथ के दो चक्करों में 65 लोगों को गौचर हवाई पट्टी में लाया गया। यहां रेस्क्यू किए गए यात्रियों का मेडिकल चेकअप करने के उपरांत उन्हें भोजन कराने के बाद गंतव्य स्थान के लिए भेज दिया गया।

केदारनाथ पैदल यात्रा को दो हफ्ते में दोबारा शुरू करने को होंगे प्रयास।

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*केदारनाथ पैदल यात्रा को दो हफ्ते में दोबारा शुरू करने को होंगे प्रयास।

*सचिव आपदा प्रबंधन विनोद सुमन, सचिव पीडब्लूडी पंकज पांडे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग दयानंद पहुंचे केदारघाटी

*प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण एव पैदल निरीक्षण

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे, सचिव आपदा विनोद सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग दयानंद ने आज सोमवार को केदारघाटी के प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण एव हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाशआउट सड़क मार्ग को पुर्नस्थापित करने के लिए प्राथमिकता से प्लानिंग तैयार कर अविलंब कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों ने पैदल यात्रा को 15 दिन में सुचारू करने के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव मांगे। इसके लिए अनिवार्य पुनर्निमाण कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर 2 से 3 दिनों के भीतर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे एव सचिव आपदा विनोद सुमन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि के कारण सोनप्रयाग से गौरीकुंड के मध्य वाशआउट सड़क में अस्थाई मार्ग निर्माण करने की कार्रवाई भी अविलंब शुरू की जाए। सड़क एव पैदल मार्गों का त्वरित गति से निर्माण करने के लिए हर साइट पर अलग ठेकेदार को काम दिया जाए। हर साइट पर एक एई और एक जेई तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के पुनर्निर्माण कार्यों में प्रैक्टिकल व टेक्निकल दोनों पक्षों का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही जितने भी कार्य प्रस्तावित हैं उनके लिए मैटीरियल की प्री पोस्टिंग हर संभव साइट कर पहले ही कर ली जाए।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड के समीप मौजूद घोड़ा पड़ाव के पास करीब 15 मीटर हिस्सा वाशआउट हो गया है, इसके अलावा जंगलचट्टी में 60 मीटर हिसा वाशआउट है। उक्त दोनों साइट्स पर कार्य करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा, इन्हें मिलाकर कुल 29 साइट्स पर कार्य किया जाना है।
इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ, गरुड़चट्टी, लिनचोली मार्ग जो इस अतिवृष्टि से प्रभावित नहीं हुआ है, उसे वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया। विभिन्न स्थानों के लिए 10 फोल्डिंग ब्रिज को चिनूक या पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंचाए जाने की भी तैयारी है।
सचिव पीडब्लूडी ने निर्देश दिए कि हर साइट पर कम से कम 10 मजदूर एव बड़ी साइट्स पर आवश्यकता के अनुसार मजदूरों को लगाया जाए। इसके साथ ही पूरे मार्ग पर 500 मजदूर लगाने के भी निर्देश दिए।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने सभी पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों से उनके प्लान भी मांगे।
वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड लिनचोली और भीमबली में पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके अलावा सोनप्रयाग के समीप 11केवी का सब स्टेशन भी खतरे की जद में आ गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने सब स्टेशन के लिए नई भूमि चिन्हित कर भूमि की गुणवत्ता एव अन्य मानकों की जांच कर नए सब स्टेशन का निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने सड़क एव पैदल मार्गों के पुनर्स्थापन, यात्रियों के रेस्क्यू एव राहत कार्यों के लिए हो रहे प्रयासों, अब तक किए जा चुके कार्यों एव केदारनाथ यात्रा शुरू करवाने के लिए की जा रही तैयारियों की पूरी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने संवेदनशील क्षेत्रों के पर सुरक्षा बलों की ओर से की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।

केदारनाथ यात्रा में घायल, बुजुर्ग एव दिव्यांगों के लिए ट्रॉली से शुरू हुआ रेस्क्यू (सेना, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के जवान निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका) ।

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घायल, बुजुर्ग एव दिव्यांगों के लिए ट्रॉली से शुरू हुआ रेस्कयू

*जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एव पुलिस अधीक्षक विशाखा लगातार कर रहे निरीक्षण*

*सेना, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के जवान निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए शासन प्रशासन लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एव पुलिस अधीक्षक विशाखा मौके से लगातार सभी कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिला प्रशासन सहित, सेना, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एव पुलिस
के जवान पूरे रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

6 ग्रेनेडियर यूनिट सीओ कर्नल हितेश वशिष्ठ के नेतृत्व में सेना रास्तों को पुनर्स्थापित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाश आउट हुए मार्ग पर पैदल पुल बनाने के लिए सेना एव अन्य सुरक्षा बल तत्परता से कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा गौरीकुंड की ओर फंसे घायल, बुजुर्ग एव दिव्यांगों को रेस्क्यू करने के लिए सेना ने एक ट्रॉली स्थापित कर दी है। रविवार को चलने में असमर्थ लोगों के अलावा कई बुजुर्ग एव घायलों को इससे रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा सेना के कुछ जवान भीमबली के समीप वाश आउट हुए रास्तों का मुआयना भी कर चुके हैं। इन रास्तों को पुनर्स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है। वहीं डॉग टीम स्निफर डॉग की मदद से सर्च अभियान भी शुरू कर चुकी है।जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को वाश आउट क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार एव पुश्तों का निर्माण जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को सभी स्थानों पर फूड पैकेट्स, पानी एव भोजन व्यवस्था निरंतर करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा कमांडेंट एनडीआरएफ सुदेश कुमार, एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा पूरे रेस्क्यू पर नजर बनाए हुए हैं।

केदारनाथ धाम व पैदल मार्ग से अब तक 9099 यात्रियों का किया गया रेस्क्यू।

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रुद्रप्रयाग- केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग में आई त्रासदी के तीसरे दिन 729 श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया गया, जबकि पैदल मार्ग से होकर 1162 श्रद्धालुओं का रेस्क्यू किया गया. इसके अलावा 117 यात्री केदारनाथ धाम से पैदल चलकर चैमासी पहुंचे. ।डीएम सौरभ गहवार ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग में घटी घटना के बाद से अब तक हेली सेवा से 2082, पैदल मार्ग से 6,546 और वैकल्पिक मार्ग चैमासी गांव 420 तीर्थयात्री पहुंच गए हैं. उन्होंने बताया कि अब तक हुए रेस्क्यू में 9099 तीर्थयात्रियों की जान को बचाया गया है।

माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने पत्र प्रेषित कर मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली से प्रभावित अतिथि शिक्षक / शिक्षिकाओं का काउन्सलिंग के माध्यम से समायोजन किऐ जाने की मांग की।

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चमोली-।माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ जनपद चमोली ने मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली को दिये गये पत्र में प्रभावित अतिथि शिक्षक / शिक्षिकाओं का काउन्सलिंग के माध्यम से समायोजन किऐ जाने की मांग की है।पत्र में कहा गया है कि माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ अपने सुरक्षित भविष्य को लेकर 02 अगस्त से प्रदेश व्यापी आन्दोलन में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आन्दोलित है ‌। जिसकी सूचना आपके कार्यालय को पूर्व में प्रेषित की गई है। वर्तमान में कई अतिथि शिक्षक एवं शिक्षिकाऐं वार्षिक स्थानांतरण 2024 से प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन अतिथि शिक्षकों को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विद्यालय आवंटन मनमाफिक तरीके से बिना काउंसलिंग तथा समायोजन सूची सार्वजनिक किये बिना गोपनीय तरीके से विद्यालय आवंटित किए जा रहे हैं जो कि न्याय संगत नहीं है।

कहा गया है कि अधिकांश प्रभावित अतिथि शिक्षक / शिक्षिकाऐं अपने सुरक्षित भविष्य को लेकर महाआन्दोन में उपस्थित होने के कारण विद्यालय आवंटन प्रक्रिया में सम्मिलित होने में तथा आवंटित विध्यालय में कार्यभार ग्रहण करने में असमर्थ हैं। लिहाजा जब तक अतिथि शिक्षकों के महाआन्दोलन का कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलता है, तब तक कोई भी समायोजन प्रक्रिया न की जाय‌। अन्यथा इस अवधि के दौरान बिना पारदर्शी काउंसलिंग प्रक्रिया के विद्यालय आवंटित किए जाते हैं तो इस अवधि की समायोजन प्रक्रिया का विरोध किया जायेगा साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना देने हेतु बाध्य होना पड़ेगा। इस संबंध की सूचना से महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा पौड़ी तथा जिला अधिकारी चमोली को भी अवगत कराया गया है।

उत्तराखंड का जवान जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार में पेट्रोलिंग के दौरान हुआ शहीद।

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दुखद खबर पेट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड का जवान शहीद, पत्नी,2 बच्चों को पीछे छोड़ गए हवलदार सते सिंह बिष्ट

उत्तराखंड: जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार में पेट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड के जवान सते सिंह बिष्ट शहीद हो गए। हवलदार सते सिंह 17वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे और कुपवाड़ा में आर्मी यूनिट के साथ जेसीओ की भूमिका में ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए।

42 साल के हवलदार सत्ये सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय गोपाल सिंह बिष्ट मूल रूप से ग्राम जुराना, चंद्रबदनी खास पट्टी टिहरी गढ़वाल के रहने वाले थे। वर्तमान में वो पिछले सात साल से अठुरवाला में रह रहे थे। शुक्रवार दोपहर सेवा के अधिकारियों द्वारा बलिदान के परिजनों को सूचना दी गई कि सत्ये सिंह बिष्ट जम्मू कश्मीर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए। आज शाम देहरादून एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर से उनके पार्थिव शरीर को लाए जाने की संभावनाएं हैं।

उनके परिवार में उनकी पत्नी संगीता (42) पुत्री स्वाति बिष्ट, महक बिष्ट और पुत्र अयान बिष्ट हैं। बलिदानी के परिवार में दो बहन और एक भाई है। अंतिम संस्कार कल ऋषिकेश में किया जाएगा।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में आज तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी।

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*मौसम अपडेट उत्तराखंड*

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में आज तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी

उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में तेज बारिश के आसार

वहीं,प्रदेश के सभी जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना

देहरादून में आंशिक रूप से छाए रहेंगे बादल

कुछ इलाकों में तेज और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना

ऐसे में भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की दी चेतावनी

केदारनाथ में आपदा की वजह से श्री केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा स्थगित।

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सीतापुर(केदारनाथ)।श्री केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा का आज दसवें दिन में कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा व वरिष्ठ कांग्रेसजन द्वारा निर्णय लिया गया की केदारनाथ मैं आयी आपदा में सहयोग कर मार्ग खुलवाने व आपदा पीड़ितो को सहयोग करेंगे। श्री केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा केदारनाथ मार्ग सुचारु होने के उपरांत पुनः सुरू होगी। जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता, नीरज तिवारी ने बताया केदारनाथ में कल्पना से भी ज़्यादा दुर्घटना हुई है आसमान में लगातार अनेकों हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में देखे जा सकते है
कई परिवार रोते बिलखते नज़र आ रहे है रेस्क्यू कर लोगो को एम्बुलेंस नियत स्थान में पहूँचा रही है सैकड़ों लोगो का अभी भी अता पता नहीं है, तिवारी ने बताया केदारनाथ जी के दर्शन करने गए सैकड़ों श्रद्धालुओं की गाड़ियां कई दिनों से होटल व पार्किंग में खड़ी है श्रद्धालुओं का लौट कर नहीं आना चिंता का विषय है, केदारनाथ पैदल मार्ग कई किलोमीटर बह चुका है
सरकार के इंतज़ाम नाकाफी है न राहत कैम्प न दवाईया रेस्क्यू युद्ध स्तर पर होना चाहिए सरकार असफल साबित हुई है।