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Sunday, March 15, 2026


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जनपद पौड़ी में आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शूटर तैनात।

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पौड़ी । उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है और वन्यजीवों के हमले इंसानों की जान ले रहे हैं। ताजा मामला पौड़ी जनपद के खिर्सू विकासखंड के कोटी गांव का है, जहां गुलदार के हमले में 62 वर्षीय गिन्नी देवी की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

वन विभाग ने कार्रवाई तेज करते हुए दो विशेषज्ञ शूटरों को मौके पर बुलाया है। शूटर अरविंद कुमार शनिवार को ही गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर रणनीति बना चुके हैं, जबकि दूसरा शूटर रविवार को पहुंचेगा। दोनों की संयुक्त टीम गुलदार को ढूंढने और मार गिराने के अभियान का नेतृत्व करेगी। डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए गांव में 8-8 कर्मचारियों की दो विशेष टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

गुलदार की गतिविधियों की निगरानी के लिए जंगल और आसपास के इलाकों में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। जिन स्थाKनों पर उसकी आवाजाही की पुष्टि हो रही है, वहां शूटरों के लिए मचान तैयार किए जा रहे हैं। विभाग ग्रामीणों के संपर्क में बना हुआ है और उन्हें सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। घटना के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी कोटी गांव पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही गुलदार के आतंक से राहत मिलेगी। मंत्री ने वन अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश भी दिए। वहीं विभाग ने लोगों को समूह में रहने, बच्चों को अकेला न छोड़ने और किसी भी संदिग्ध हरकत की तत्काल सूचना देने की अपील की है।

15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुलाई 26 तक दी बड़ी राहत।

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देहरादून-।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने पुराने (15 वर्ष से अधिक) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस बढ़ोतरी को फिलहाल रोक दिया है। परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

अधिसूचना के मुताबिक, भारत सरकार द्वारा पुराने वाहनों की फिटनेस फीस में किए गए संशोधन को 01 जुलाई 2026 तक स्थगित कर दिया गया है। इस अवधि में फिटनेस फीस पुरानी दरों पर ही ली जाएगी। इसके बाद, बढ़ी हुई फीस ही लागू होगी।सरकार के इस निर्णय से राज्य के हजारों वाहन मालिकों को सीधी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री से अध्यक्ष संघर्ष समिति बार एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारियों ने भेंट कर सौंपा ,विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन।

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मुख्यमंत्री ने दिया बार एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन*

*अधिवक्ताओं की समस्याओं के सामधान के लिये अधिवक्ताओं एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की समिति की जाएगी गठित*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से अध्यक्ष संघर्ष समिति बार एसोसिएशन श्री प्रेमचंद शर्मा एवं अध्यक्ष बार एसोसिएशन देहरादून श्री मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने नए जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं हेतु आवंटित भूमि पर तथा पुराने जिला जजी परिसर की भूमि अधिवक्ताओं के पक्ष में आबंटित करने व दोनों स्थानों पर सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के चैंबरों के निर्माण कराए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आपसी वार्तालाप एवं विचार-विमर्श से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा राज्य आंदोलन के वे स्वयं साक्षी रहे हैं, इसमें अधिवक्ताओं का भी योगदान रहा है। हम सबको राज्य के वित्तीय संसाधनों पर भी ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन और अधिवक्ताओं की समिति गठित की जाए, इसमें किसी आर्किटेक्ट को भी शामिल कर कोई सर्वमान्य हल निकल जाने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं समस्याओं के समाधान से संबंधित बिंदुओं को कैबिनेट में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए राज्य सरकार भी आर्थिक सहयोग करेगी उन्होंने अधिवक्ताओं से सांसदों एवं विधायक गणों से भी सहयोग की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं भी पहल करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सभी पदाधिकारी संतुष्ट नजर आए तथा मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के साथ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजबीर सिंह बिष्ट, मनमोहन लाम्बा, चन्द्रशेखर तिवारी, राजीव शर्मा, राजेश कुमार आर्य, अनुज शर्मा, अनिल पंडित, रंजन सोलंकी, व भानू प्रताप सिसोदिया उपस्थित थे।

पर्यटन विकास को नई दिशा—मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण।

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*स्थानीय आजीविका बढ़ाने हेतु स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर जोर*

मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेन्द्र सिंह रावत द्वारा आज जनपद के विभिन्न पर्यटन स्थलों एवं पर्यटन विभाग की परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उनका उद्देश्य इन परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, स्थानीय समुदाय की आय में वृद्धि, तथा पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना रहा।

*गुलाबराय में म्यूज़ियम एवं कैफ़े संचालन का निर्देश*

गुलाबराय में पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित म्यूज़ियम एवं उसके प्रथम तल पर निर्मित बहुउद्देशीय हॉल का निरीक्षण करते हुए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से कैफ़े संचालन प्रारम्भ किया जाए। इससे जहाँ आगंतुकों को स्थानीय उत्पादों का स्वाद मिलेगा, वहीं स्थानीय समूहों को आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

*जीएमवीएन परिसर में आउटलेट एवं ट्राउट फिश सेल काउंटर*

गढ़वाल मंडल विकास निगम, रुद्रप्रयाग के परिसर में निर्मित लकड़ी के भवन का निरीक्षण कर उन्होंने निर्देशित किया कि यहां स्थानीय उत्पादों का आउटलेट तथा ट्राउट फिश सेल काउंटर स्थापित किया जाए।
यह संचालन स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पहाड़ी उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा और महिला समूह आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।

*जवाड़ी बाइपास टूरिस्ट व्यू पॉइंट पर पेय–खाद्य सुविधा*

मुख्य विकास अधिकारी ने जवाड़ी बाइपास स्थित पर्यटन विभाग के टूरिस्ट व्यू पॉइंट का निरीक्षण कर जिला परियोजना प्रबंधक—ग्रामोत्थान रुद्रप्रयाग को निर्देश दिया कि यात्रा सीजन में यहां आने वाले यात्रियों के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थों की सुविधा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।
यह स्थान यात्रियों के लिए एक आकर्षक ठहराव स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

*दुर्गाधार गेस्ट हाउस का निरीक्षण*

इसके उपरांत दुर्गाधार में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित गेस्ट हाउस का विस्तृत निरीक्षण किया गया। सीडीओ द्वारा उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता को परखा गया और निर्देशित किया गया कि गेस्ट हाउस के संचालन हेतु स्थानीय सक्षम स्वयं सहायता समूह को चयनित कर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि इसे पेशेवर और पर्यटक–हितैषी रूप में संचालित किया जा सके।

 

मतदान के केंद्र विद्यालयों में 20 नवंबर को रहेगा अवकाश ,विकासखंड अगस्त्यमुनि के पांच जबकि जखोली के 22 विद्यालयों को बनाया गया है मतदान केंद्र।

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जनपद के अंतर्गत ऐसे समस्त विद्यालयों में 20 नवंबर को अवकाश रहेगा जिनको उप निर्वाचन हेतु मतदान केंद्र बनाया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश के बाद विकासखंड अगस्त्यमुनि में 05 जबकि जखोली के कुल 22 विद्यालयों में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराए जाने हेतु अवकाश घोषित किया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार त्रिस्तरीय उप निर्वाचन कार्यक्रम अधिसूचित किया गया है। उप निर्वाचन मतदान के दृष्टिगत जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विकास खंड अगस्त्यमुनि के पांच विद्यालय राप्रावि आगर, बीना, कोदिमा, भौंसाल एवं राइवि कंडारा में अवकाश रहेगा। इसी तरह विकास खंड जखोली में स्थापित किए गए मतदान केंद्र राप्रावि उच्छना, उरोली, कपणियां, कोटी, खलियांण, गोर्ती, घरड़ा, जखोली, त्यूंखर आदि सहित 13 अन्य विद्यालयों में भी अवकाश घोषित किया गया है।

 

स्व. साहित्यकार श्री शैलेश मटियानी को “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025”* मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र राकेश मटियानी को सौंपा सम्मान।

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देहरादून

।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय समारोह में प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार स्वर्गीय श्री शैलेश मटियानी को प्रदत्त “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार–2025” उनके पुत्र राकेश मटियानी को प्रदान किया।

यह सम्मान स्व. श्री मटियानी की साहित्यिक उपलब्धियों, हिन्दी कहानी जगत में उनके अमूल्य योगदान तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त पहचान दिलाने के लिए दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि शैलेश मटियानी केवल एक साहित्यकार नहीं, बल्कि संवेदनाओं के कुशल शिल्पी थे।

आधुनिक हिन्दी कहानी आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा, संघर्ष, और जीवन-सत्य को जिस प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की पंक्ति में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के उन महान प्रतिभाओं के योगदान को हमेशा सम्मान देती है, जिन्होंने अपनी लेखनी, कर्म और रचनात्मकता से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है।

स्व. श्री मटियानी के “बोरीवली से बोरीबन्दर”, “मुठभेड़”, “अधागिनी”, “चील” सहित अनेक कथा-कृतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।

उन्होंने कहा कि मरणोपरांत यह सम्मान स्वर्गीय श्री मटियानी के परिवार को सौंपना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र का सम्मान करते हुए कहा कि साहित्यकारों का सम्मान समाज और प्रदेश दोनों को समृद्ध करता है।

स्व. श्री शैलेश मटियानी के पुत्र ने उत्तराखण्ड सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समूचे प्रदेश के साहित्य प्रेमियों और मटियानी जी के प्रशंसकों के लिए गौरव का क्षण है|

कार्यक्रम में सचिव विनोद कुमार सुमन सहित वरिष्ठ अधिकारी, साहित्यकार तथा परिवारजन उपस्थित रहे।

जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा क्रांतिकारी सुधार।

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रुद्रप्रयाग।। जनपद रुद्रप्रयाग में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे,वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नई सीटी स्कैन मशीन से गंभीर रोगों के निदान में तेजी आएगी और मरीजों को अब दूरस्थ शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री भरत सिंह चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा
की अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की स्थापना से न केवल जनपद के हजारों लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को नई दिशा भी देगी। राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। आने वाले समय में हम और भी आधुनिक सुविधाएँ जनपद में लाने का प्रयास जारी रखेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्राथमिक से लेकर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि प्रत्येक मरीज को समय पर सही उपचार मिल सके।

हाईकोर्ट ने राशन घोटाला मामले में सरकार से पूछा_ आपूर्ति कमिश्नर ने कैसे माफ कर दिया..?

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नैनीताल ।।उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2021 में हुए 99 कुंतल से अधिक अनाज को बिना वितरण और रखरखाव के सड़ने रखने पर डी.एम.के आदेश पर दोषियों से रिकवरी के आदेश को जिलापूर्ति कमिश्नर की माफी संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। खंडपीठ ने रिकवरी की फाइल संरक्षित करने के साथ राज्य सरकार से सवाल किया है कि खाद्य आपूर्ति कमिश्नर के पास ये अधिकार है कि वह इसे मॉफ कर सके ?

मामले के अनुसार, हरिद्वार निवासी अभिजीत ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2021 में सस्ता गल्ला के अंतर्गत बांटा जाने वाला 99 कुंतल से अधिक अनाज रख रखाव के अभाव में सड़ गलकर खराब हो गया। इसकी जांच के बाद यू.एस.नगर के जिलाधिकारी ने दोषियों से रिकवरी करने के आदेश दिए। इस एदेश को खाद्य आपूर्ति कमिश्नर ने माफ कर दिया। याचिका में न्यायालय से सस्ता गल्ला राशन में हुए घोटाले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की प्रार्थना की गई है।

भालू ने धारकुडी गांव की 7 महिलाओं को किया घायल ,वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर।

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रूद्रप्रयाग।। शुक्रवार की सुबह 9 बजे धारकुडी गांव की महिलाओं पर भालू द्वारा हमला किया गया। भालू द्वारा किए गए इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा 6 अन्य महिलाएं साधारण रुप से घायल हुयी हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएस पुंडीर ने बताया कि घटना ग्राम सभा धारकुडी से लगभग एक किमी दूर आरक्षित वन के बधाणी वीट में हुयी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार हेतु रणधार स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। उक्त घटना में एक महिला कीडी देवी पत्नी प्रेम सिंह, उम्र -55 को उपचार हेतु हायर सेन्टर रेफर किया गया जबकि अन्य महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया। बताया कि घटना के बाद मौके पर वन क्षेत्राधिकारी उत्तरी जखोली सहित वन विभाग की पूरी टीम को तैनात कर दिया गया हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को सावधानी बरतने हेतु जागरूक किया गया है।
उन्होंने बताया कि उक्त घटना में घायल हुई महिलाओं के नाम निम्नवत् है-
सीमा देवी पत्नी सूरज सिंह, उम्र-27, वर्ष।
अनु देवी पत्नी धनवीर सिंह, उम्र-26, वर्ष।
कीडी देवी पत्नी प्रेम सिंह, उम्र- 55 वर्ष। गंभीर घायल।
सोना देवी पत्नी दीपक सिंह, उम्र-39, वर्ष।,
सुनीता देवी पत्नी प्रकाश सिंह, उम्र-,33 वर्ष।
पिंकी देवी, उम्र 32, वर्ष।
फूल देवी पत्नी महावीर सिंह, उम्र-35 वर्ष।

उत्तराखंड को आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का वैश्विक केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य”-मुख्यमंत्री

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आयुर्वेद केवल चिकित्सा नहीं, हमारे जीवन दर्शन का आधार है”*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नैनीताल जिले के भुजियाघाट स्थित काया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन PGICON-2025 का शुभारंभ किया। पाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, हल्द्वानी द्वारा WHO कोलेबोरेटिंग सेंटर फॉर इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर, JPNATC, एम्स नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि निरोगी और संतुलित जीवन का दर्शन है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने स्वास्थ्य को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन की अवस्था बताया था, और यही आयुर्वेद का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद से आयुर्वेद को नई वैश्विक पहचान मिली है। उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में राज्य को Global Centre of Ayurveda and Wellness के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही हैउन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदैव से योग, औषधियों और जड़ी-बूटियों की भूमि रही है। यहां की पर्वतीय वनस्पतियों ने आयुर्वेद को मजबूत आधार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य राज्य को वेलनेस टूरिज़्म और प्राकृतिक चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके लिए आयुर्वेदिक कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और योग ग्रामों को सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि राज्य में दो इकोनामिक स्प्रिच्वल जोन एक गढ़वाल मंडल में और एक कुमाऊँ मंडल में स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से योग, आयुर्वेद, ध्यान, आध्यात्मिक पर्यटन और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य को आध्यात्मिक और वेलनेस अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के रूप में विकसित करेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे।

सांसद श्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेद और आयुष के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं, जिससे यह चिकित्सा प्रणाली न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारा दायित्व है।

विधायक श्री बंशीधर भगत ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति और ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि उत्तराखंड जैसी औषधीय संपदा से परिपूर्ण भूमि में ऐसे सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं, जो युवाओं और शोधकर्ताओं को आयुर्वेद के अध्ययन और अनुसंधान के लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल श्रीमती सरिता आर्या, विधायक भीमताल श्री राम सिंह कैड़ा, मंडी परिषद अध्यक्ष श्री अनिल कपूर (डब्बू), दर्जा राज्य मंत्री श्री शंकर कोरंगा, श्री नवीन वर्मा, आयुक्त कुमाऊँ श्री दीपक रावत, आईजी कुमाऊँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी नैनीताल श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल श्री मंजूनाथ टी.सी. सहित पाल ग्रुप के प्रतिनिधि अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।